- निःशुल्क व्यावसायिक कौशल प्रशिक्षण स्वीकृत सरकारी एवं सरकार समर्थित संस्थानों के माध्यम से।
- मुफ्त अध्ययन सामग्री एवं टूल किट प्रशिक्षण के दौरान उपलब्ध कराई जाती है।
- छात्रावास सुविधा उपलब्ध होने पर निःशुल्क आवास की सुविधा।
- ₹1,500 प्रतिमाह स्टाइपेंड यदि प्रशिक्षण संस्थान में छात्रावास उपलब्ध न हो।
- बिहार राज्य अल्पसंख्यक वित्तीय निगम लिमिटेड (BSMFC)
- फोन: 06122204975
- टोल-फ्री नंबर: 18003456123
Summary of Scheme | |
|---|---|
योजना का नाम | बिहार मुख्यमंत्री श्रमशक्ति कौशल विकास योजना |
| नोडल विभाग | अल्पसंख्यक कल्याण विभाग, बिहार सरकार |
योजना का लाभ | कौशल प्रशिक्षण, अध्ययन सामग्री, टूल किट, छात्रावास सुविधा (जहाँ उपलब्ध हो), छात्रावास उपलब्ध न होने पर ₹1,500 प्रतिमाह स्टाइपेंड, प्रशिक्षण प्रमाणपत्र, रोजगार सहायता तथा स्वरोजगार ऋण योजनाओं तक पहुँच। |
लाभार्थी | अल्पसंख्यक समुदाय से संबंधित पात्र पुरुष एवं महिलाएँ |
Subscription | |
आवेदन का माध्यम | ऑनलाइन / ऑफलाइन |
योजना के बारे में
बिहार मुख्यमंत्री श्रमशक्ति कौशल विकास योजना, अल्पसंख्यक कल्याण विभाग, बिहार सरकार द्वारा शुरू की गई एक कौशल विकास योजना है, जिसका संचालन बिहार राज्य अल्पसंख्यक वित्तीय निगम (BSMFC) के माध्यम से किया जाता है। इस योजना का उद्देश्य अल्पसंख्यक समुदाय के बेरोजगार युवाओं को प्रतिष्ठित सरकारी एवं सरकार समर्थित प्रशिक्षण संस्थानों के सहयोग से निःशुल्क व्यावसायिक कौशल प्रशिक्षण प्रदान कर उनकी रोजगार एवं स्वरोजगार की संभावनाओं को बढ़ाना है।
इस योजना के अंतर्गत पात्र लाभार्थियों को निःशुल्क प्रशिक्षण, अध्ययन सामग्री, टूल किट, छात्रावास सुविधा (जहाँ उपलब्ध हो) तथा यदि छात्रावास की सुविधा उपलब्ध नहीं है, तो ₹1,500 प्रतिमाह स्टाइपेंड प्रदान किया जाता है। प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूरा करने के बाद अभ्यर्थियों को प्रशिक्षण प्रमाणपत्र प्रदान किया जाता है तथा उन्हें रोजगार प्राप्त करने या स्वयं का व्यवसाय शुरू करने में सहायता उपलब्ध कराई जाती है।
उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए प्रशिक्षित लाभार्थी, संबंधित योजनाओं की पात्रता शर्तों के अधीन, मुख्यमंत्री अल्पसंख्यक रोजगार ऋण योजना अथवा टर्म लोन योजना के अंतर्गत वित्तीय सहायता के लिए भी आवेदन कर सकते हैं। उद्योग आधारित कौशल प्रशिक्षण को प्रशिक्षण के बाद रोजगार एवं स्वरोजगार सहायता से जोड़कर यह योजना अल्पसंख्यक युवाओं को स्थायी आजीविका प्राप्त करने तथा आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने में सहायता करती है।

योजना के लाभ
मुख्यमंत्री श्रमशक्ति योजना के अंतर्गत पात्र लाभार्थियों को निम्नलिखित लाभ प्रदान किए जाते हैं:
- रोजगार एवं स्वरोजगार की संभावनाओं को बढ़ाने के लिए स्वीकृत ट्रेडों में निःशुल्क व्यावसायिक कौशल प्रशिक्षण प्रदान किया जाता है।
- प्रशिक्षण मान्यता प्राप्त सरकारी, अर्द्ध-सरकारी तथा स्वीकृत निजी प्रशिक्षण संस्थानों के माध्यम से उपलब्ध कराया जाता है।
- प्रशिक्षण अवधि के दौरान निःशुल्क अध्ययन सामग्री उपलब्ध कराई जाती है।
- लाभार्थियों को व्यावहारिक प्रशिक्षण के लिए आवश्यक टूल किट भी निःशुल्क प्रदान की जाती है।
- जहाँ प्रशिक्षण संस्थान में छात्रावास की सुविधा उपलब्ध होती है, वहाँ आवासीय छात्रावास की सुविधा प्रदान की जाती है।
- यदि छात्रावास की सुविधा उपलब्ध नहीं होती है, तो प्रशिक्षुओं को प्रशिक्षण अवधि के दौरान प्रशिक्षण संबंधी खर्चों में सहायता हेतु ₹1,500 प्रतिमाह स्टाइपेंड दिया जाता है।
- प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूरा करने पर प्रशिक्षण पूर्णता प्रमाणपत्र प्रदान किया जाता है, जिससे रोजगार प्राप्त करने की संभावनाएँ बढ़ती हैं।
- योजना के माध्यम से लाभार्थियों को प्रशिक्षण के दौरान प्राप्त कौशल के आधार पर विभिन्न क्षेत्रों में रोजगार प्राप्त करने में सहायता मिलती है।
- जो लाभार्थी प्रशिक्षण पूरा करने के बाद स्वयं का व्यवसाय शुरू करना चाहते हैं, वे बिहार राज्य अल्पसंख्यक वित्तीय निगम की मुख्यमंत्री अल्पसंख्यक रोजगार ऋण योजना अथवा टर्म लोन योजना के अंतर्गत वित्तीय सहायता के लिए आवेदन कर सकते हैं।
- यह योजना कौशल विकास के साथ-साथ स्वरोजगार के लिए वित्तीय सहायता तक पहुँच उपलब्ध कराकर स्थायी आजीविका को बढ़ावा देती है।
पात्रताएँ
योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए आवेदक को निम्नलिखित पात्रता शर्तों को पूरा करना होगा:
- आवेदक बिहार का स्थायी निवासी होना चाहिए।
- आवेदक अधिसूचित अल्पसंख्यक समुदाय, अर्थात् मुस्लिम, सिख, ईसाई, बौद्ध, जैन अथवा पारसी समुदाय से संबंधित होना चाहिए।
- पुरुष एवं महिला, दोनों आवेदन करने के पात्र हैं।
- आवेदन के समय आवेदक की आयु 18 वर्ष से 45 वर्ष के बीच होनी चाहिए।
- सभी स्रोतों से परिवार की वार्षिक आय ₹4.50 लाख से अधिक नहीं होनी चाहिए।
- चयनित प्रशिक्षण पाठ्यक्रम के लिए यदि न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता निर्धारित है, तो आवेदक के पास वह योग्यता होनी चाहिए।
- आवेदक को आवंटित प्रशिक्षण संस्थान में पूरा प्रशिक्षण कार्यक्रम पूरा करने के लिए इच्छुक होना चाहिए।
- योजना के प्रावधानों के अनुसार प्राथमिकता प्रदान की जाती है तथा 30% सीटें महिलाओं के लिए और 3% सीटें दिव्यांग व्यक्तियों के लिए आरक्षित हैं।
- यदि इन श्रेणियों में पात्र अभ्यर्थी उपलब्ध नहीं होते हैं, तो रिक्त सीटें अन्य पात्र अल्पसंख्यक आवेदकों को आवंटित की जा सकती हैं।
प्रशिक्षण का विवरण
मुख्यमंत्री श्रमशक्ति योजना के अंतर्गत पात्र लाभार्थियों को बिहार राज्य अल्पसंख्यक वित्तीय निगम द्वारा चयनित सरकारी, अर्द्ध-सरकारी तथा स्वीकृत निजी प्रशिक्षण संस्थानों के माध्यम से व्यावसायिक कौशल प्रशिक्षण प्रदान किया जाता है। यह प्रशिक्षण लाभार्थियों को व्यावहारिक कौशल प्रदान करने के उद्देश्य से तैयार किया गया है, ताकि वे रोजगार प्राप्त कर सकें अथवा स्वयं का व्यवसाय स्थापित कर सकें।
योजना के अंतर्गत प्रशिक्षण की प्रमुख विशेषताएँ निम्नलिखित हैं:
- प्रशिक्षण योजना के अंतर्गत सूचीबद्ध सरकारी, अर्द्ध-सरकारी तथा स्वीकृत निजी प्रशिक्षण संस्थानों के माध्यम से आयोजित किया जाता है।
- प्रशिक्षण की अवधि चयनित ट्रेड के अनुसार निर्धारित होती है तथा अधिकतम दो वर्ष तक हो सकती है।
- लाभार्थियों को उनके पाठ्यक्रम के लिए आवश्यक अध्ययन सामग्री निःशुल्क उपलब्ध कराई जाती है।
- व्यावहारिक प्रशिक्षण के लिए आवश्यक टूल किट प्रशिक्षुओं को निःशुल्क प्रदान की जाती है।
- जहाँ प्रशिक्षण संस्थान में छात्रावास की सुविधा उपलब्ध होती है, वहाँ छात्रावास की सुविधा प्रदान की जाती है।
- यदि छात्रावास की सुविधा उपलब्ध नहीं होती है, तो प्रशिक्षण अवधि के दौरान प्रशिक्षुओं को ₹1,500 प्रतिमाह स्टाइपेंड प्रदान किया जाता है।
- प्रशिक्षण कार्यक्रम सफलतापूर्वक पूरा करने के बाद संबंधित प्रशिक्षण संस्थान द्वारा प्रशिक्षण पूर्णता प्रमाणपत्र प्रदान किया जाता है।
- प्रशिक्षण के दौरान अर्जित कौशल के आधार पर लाभार्थी रोजगार प्राप्त कर सकते हैं अथवा स्वरोजगार शुरू कर सकते हैं।
प्रशिक्षण संस्थान एवं पाठ्यक्रम
मुख्यमंत्री श्रमशक्ति कौशल विकास योजना के अंतर्गत प्रशिक्षण प्रतिष्ठित सरकारी एवं सरकार समर्थित प्रशिक्षण संस्थानों के माध्यम से प्रदान किया जाता है। उपलब्ध पाठ्यक्रम प्रशिक्षण संस्थान एवं प्रशिक्षण केंद्र के अनुसार अलग-अलग हो सकते हैं।
प्रशिक्षण संस्थान | स्थान | उपलब्ध पाठ्यक्रम |
Centre for Development of Advanced Computing (C-DAC) | गया | पीजी डिप्लोमा इन एडवांस्ड कंप्यूटिंग, नेटवर्क सिक्योरिटी में सर्टिफिकेट कोर्स, वेब प्रोग्रामिंग |
National Institute of Electronics & Information Technology (NIELIT) | पटना | वेब प्रोग्रामिंग, कंप्यूटर एप्लीकेशन एवं फाइनेंशियल अकाउंटिंग, आईटी / कंप्यूटर नेटवर्किंग |
Central Institute of Petrochemicals Engineering & Technology (CIPET) | हाजीपुर | प्लास्टिक प्रोसेसिंग, इंजेक्शन मोल्डिंग, प्लास्टिक्स एक्सट्रूज़न, टूल रूम |
MSME Tool Room | पटना | सीएनसी लेथ, सीएनसी प्रोग्रामिंग, CAD/CAM, निरीक्षण एवं गुणवत्ता नियंत्रण |
Indo Danish Tool Room (IDTR) | औरंगाबाद | लाइट मोटर व्हीकल (LMV), लर्नर / कमर्शियल ड्राइविंग |
Bihar Skill Development Mission (BSDM) | विभिन्न केंद्र | अनआर्म्ड सिक्योरिटी गार्ड, सिलाई मशीन ऑपरेटर, असिस्टेंट इलेक्ट्रीशियन, डीटीपी, प्लम्बिंग, कंप्यूटर ऑपरेटर, ब्यूटी थेरेपिस्ट |
वित्तीय सहायता
मुख्यमंत्री श्रमशक्ति योजना के अंतर्गत बिहार सरकार पात्र लाभार्थियों को व्यावसायिक कौशल प्रशिक्षण की पूरी लागत वहन करती है। निःशुल्क प्रशिक्षण के अतिरिक्त, आवश्यकता होने पर प्रशिक्षणार्थियों को वित्तीय सहायता भी प्रदान की जाती है।
योजना के अंतर्गत उपलब्ध वित्तीय सहायता निम्नलिखित है:
- चयनित लाभार्थियों से किसी प्रकार का प्रशिक्षण शुल्क नहीं लिया जाता है।
- जिन प्रशिक्षण संस्थानों में छात्रावास की सुविधा उपलब्ध नहीं है, वहाँ अध्ययन करने वाले प्रशिक्षुओं को प्रशिक्षण अवधि के दौरान ₹1,500 प्रतिमाह स्टाइपेंड प्रदान किया जाता है।
- प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूरा करने के बाद जो लाभार्थी स्वयं का व्यवसाय शुरू करना चाहते हैं, वे संबंधित योजनाओं की पात्रता शर्तों के अधीन बिहार राज्य अल्पसंख्यक वित्तीय निगम की मुख्यमंत्री अल्पसंख्यक रोजगार ऋण योजना अथवा टर्म लोन योजना के अंतर्गत अलग से वित्तीय सहायता के लिए आवेदन कर सकते हैं।
नोट: मुख्यमंत्री श्रमशक्ति योजना के अंतर्गत स्वयं व्यवसाय शुरू करने के लिए ऋण प्रदान नहीं किया जाता है। यह योजना केवल प्रशिक्षण प्राप्त लाभार्थियों को प्रशिक्षण पूरा होने के बाद स्वरोजगार हेतु बिहार राज्य अल्पसंख्यक वित्तीय निगम की ऋण योजनाओं से जोड़ती है।
आवश्यक दस्तावेज
आवेदक को निर्धारित आवेदन पत्र के साथ निम्नलिखित दस्तावेजों की स्वप्रमाणित (Self-Attested) प्रतियाँ संलग्न करनी होंगी:
- शैक्षणिक योग्यता प्रमाणपत्र (जहाँ लागू हो)।
- आय प्रमाणपत्र।
- आधार कार्ड अथवा कोई अन्य वैध पहचान प्रमाण।
- बिहार का निवास (डोमिसाइल) प्रमाणपत्र।
- हाल ही के चार पासपोर्ट आकार के रंगीन फोटो।
- मोबाइल नंबर।
- रद्द (Cancelled) चेक अथवा बैंक पासबुक के प्रथम पृष्ठ की प्रति, जिसमें IFSC कोड स्पष्ट रूप से अंकित हो।
नोट: आवश्यकता होने पर जिला अल्पसंख्यक कल्याण पदाधिकारी अथवा जिला स्तरीय चयन समिति सत्यापन के दौरान अतिरिक्त दस्तावेज भी माँग सकती है।
आवेदन प्रक्रिया
आधिकारिक विज्ञापन के अनुसार, राज्य प्रायोजित मुख्यमंत्री श्रमशक्ति कौशल विकास योजना के अंतर्गत आवेदन ऑनलाइन एवं ऑफलाइन, दोनों माध्यमों से स्वीकार किए जाते हैं।
ऑनलाइन
- स्टेप 1: बिहार राज्य अल्पसंख्यक वित्तीय निगम (BSMFC) की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएँ।
- स्टेप 2: होमपेज पर दाईं ओर उपलब्ध "Apply for Skill Training" विकल्प पर क्लिक करें।

- स्टेप 3: इसके बाद आप मुख्यमंत्री श्रमशक्ति योजना प्रशिक्षण आवेदन फॉर्म वाले पेज पर पहुँच जाएंगे।

- स्टेप 4: आवेदन फॉर्म में माँगी गई सभी व्यक्तिगत, शैक्षणिक तथा अन्य आवश्यक जानकारी सावधानीपूर्वक भरें।
- स्टेप 5: निर्धारित प्रारूप में सभी आवश्यक दस्तावेज अपलोड करें।
- स्टेप 6: आवेदन फॉर्म में दर्ज की गई सभी जानकारियों की पुनः जाँच करें और "Submit" बटन पर क्लिक करके आवेदन प्रक्रिया पूरी करें।
नोट: आवेदन सफलतापूर्वक जमा होने के बाद भविष्य के लिए आवेदन फॉर्म की एक प्रति डाउनलोड अथवा प्रिंट करके सुरक्षित रखें।
ऑफलाइन
- स्टेप 1: अल्पसंख्यक कल्याण विभाग अथवा बिहार राज्य अल्पसंख्यक वित्तीय निगम द्वारा जारी प्रशिक्षण कार्यक्रम के आधिकारिक विज्ञापन की प्रतीक्षा करें।
- स्टेप 2: अपने जिले के जिला अल्पसंख्यक कल्याण पदाधिकारी (DMWO) अथवा जिला कल्याण पदाधिकारी (DWO) के कार्यालय से निर्धारित आवेदन पत्र प्राप्त करें।
- स्टेप 3: आवेदन पत्र में माँगी गई सभी आवश्यक जानकारी सावधानीपूर्वक भरें।
- स्टेप 4: पूर्ण रूप से भरे हुए आवेदन पत्र के साथ सभी आवश्यक दस्तावेजों की स्वप्रमाणित प्रतियाँ संलग्न करें।
- स्टेप 5: निर्धारित अंतिम तिथि के भीतर आवेदन पत्र संबंधित जिला अल्पसंख्यक कल्याण पदाधिकारी अथवा जिला कल्याण पदाधिकारी के कार्यालय में जमा करें।
- स्टेप 6: आवेदन जमा करने के बाद प्राप्त रसीद अथवा पावती को भविष्य के संदर्भ के लिए सुरक्षित रखें।
आवेदन सत्यापन एवं चयन प्रक्रिया
आवेदन जमा करने की अवधि समाप्त होने के बाद संबंधित अधिकारी निम्नलिखित प्रक्रिया के अनुसार आवेदनों की जाँच एवं चयन करते हैं:
- जिला अल्पसंख्यक कल्याण पदाधिकारी सभी प्राप्त आवेदनों की जाँच करते हैं तथा आवेदकों की पात्रता एवं प्रस्तुत दस्तावेजों का सत्यापन करते हैं।
- पात्र पाए गए आवेदनों को विचारार्थ जिला स्तरीय चयन समिति के समक्ष प्रस्तुत किया जाता है।
- समिति वार्षिक पारिवारिक आय कम होने वाले आवेदकों को प्राथमिकता देते हुए मेरिट सूची तैयार करती है। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाता है कि चयनित ट्रेड के लिए निर्धारित शैक्षणिक योग्यता एवं आयु संबंधी शर्तें पूरी हों।
- योजना के प्रावधानों के अनुसार 30% सीटें महिलाओं तथा 3% सीटें दिव्यांग व्यक्तियों के लिए आरक्षित हैं।
- यदि इन श्रेणियों में पात्र अभ्यर्थी उपलब्ध नहीं होते हैं, तो रिक्त सीटें अन्य पात्र अल्पसंख्यक आवेदकों को आवंटित की जा सकती हैं। चयनित आवेदकों को संबंधित अधिकारियों द्वारा सूचित किया जाता है तथा उन्हें प्रशिक्षण प्रारम्भ करने के लिए निर्धारित प्रशिक्षण संस्थान आवंटित किया जाता है।
प्रशिक्षण पूर्ण होने के बाद सहायता
प्रशिक्षण कार्यक्रम सफलतापूर्वक पूरा करने के बाद लाभार्थियों को रोजगार अथवा स्वरोजगार की दिशा में आगे बढ़ने के लिए सहायता प्रदान की जाती है। योजना के अंतर्गत प्रशिक्षण के बाद की प्रक्रिया निम्नलिखित है:
- प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूरा करने वाले लाभार्थियों को संबंधित प्रशिक्षण संस्थान द्वारा प्रशिक्षण पूर्णता प्रमाणपत्र प्रदान किया जाता है।
- प्रशिक्षण के दौरान अर्जित व्यावसायिक कौशल के आधार पर प्रशिक्षु उद्योगों, सेवा क्षेत्र अथवा अपने चयनित ट्रेड से संबंधित अन्य संस्थानों में रोजगार प्राप्त कर सकते हैं।
- जो लाभार्थी स्वयं का व्यवसाय शुरू करना चाहते हैं, वे मुख्यमंत्री अल्पसंख्यक रोजगार ऋण योजना अथवा टर्म लोन योजना के अंतर्गत अलग से वित्तीय सहायता के लिए आवेदन कर सकते हैं।
- ऋण की उपलब्धता एवं स्वीकृति संबंधित ऋण योजना की पात्रता शर्तों एवं नियमों के अधीन होगी।
महत्वपूर्ण शर्तें
मुख्यमंत्री श्रमशक्ति योजना के लिए आवेदन करने से पहले आवेदकों एवं लाभार्थियों को निम्नलिखित शर्तों का ध्यान रखना चाहिए:
- आवेदन करने से पहले आवेदक को योजना के अंतर्गत निर्धारित सभी पात्रता शर्तों को पूरा करना आवश्यक है।
- किसी प्रशिक्षण पाठ्यक्रम में प्रवेश सीटों की उपलब्धता तथा जिला स्तरीय चयन समिति द्वारा चयन पर निर्भर करेगा।
- जहाँ लागू हो, चयनित प्रशिक्षण ट्रेड के लिए निर्धारित न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता आवेदक के पास होना अनिवार्य है।
- लाभार्थियों को प्रशिक्षण कार्यक्रम में नियमित रूप से उपस्थित रहना होगा तथा प्रशिक्षण प्रमाणपत्र प्राप्त करने के लिए पाठ्यक्रम सफलतापूर्वक पूरा करना होगा।
- ₹1,500 प्रतिमाह स्टाइपेंड केवल उसी स्थिति में देय होगा, जब प्रशिक्षण संस्थान में छात्रावास की सुविधा उपलब्ध नहीं होगी।
- प्रशिक्षण पूरा करने के बाद मुख्यमंत्री अल्पसंख्यक रोजगार ऋण योजना अथवा टर्म लोन योजना के अंतर्गत आवेदन करना पूरी तरह वैकल्पिक है तथा इसके लिए अलग से आवेदन करना होगा।
- आवेदन अथवा सत्यापन प्रक्रिया के दौरान गलत जानकारी या फर्जी दस्तावेज प्रस्तुत किए जाने पर आवेदन अस्वीकार किया जा सकता है अथवा अभ्यर्थिता रद्द की जा सकती है।
महत्वपूर्ण लिंक
- बिहार राज्य अल्पसंख्यक वित्तीय निगम लिमिटेड (BSMFC) की आधिकारिक वेबसाइट।
- अल्पसंख्यक कल्याण विभाग, बिहार सरकार की आधिकारिक वेबसाइट।
- मुख्यमंत्री श्रमशक्ति कौशल विकास योजना की दिशा-निर्देश (Guidelines)।
- मुख्यमंत्री श्रमशक्ति कौशल विकास योजना का ऑनलाइन आवेदन पत्र।
संपर्क विवरण
बिहार राज्य अल्पसंख्यक वित्तीय निगम लिमिटेड (BSMFC)
- कार्यालय का पता: हज भवन, पटना, बिहार
- फोन: 06122204975
- टोल-फ्री नंबर: 18003456123
- ईमेल: [email protected], [email protected]
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
यह बिहार सरकार की एक निःशुल्क कौशल विकास योजना है, जिसके तहत अल्पसंख्यक समुदाय के युवाओं को विभिन्न ट्रेडों में व्यावसायिक प्रशिक्षण देकर रोजगार एवं स्वरोजगार के लिए तैयार किया जाता है।
बिहार के स्थायी निवासी मुस्लिम, सिख, ईसाई, बौद्ध, जैन एवं पारसी समुदाय के 18 से 45 वर्ष आयु के पात्र पुरुष एवं महिलाएँ इस योजना के लिए आवेदन कर सकते हैं।
हाँ। चयनित लाभार्थियों को प्रशिक्षण शुल्क नहीं देना पड़ता। साथ ही अध्ययन सामग्री और टूल किट भी निःशुल्क उपलब्ध कराई जाती है।
यदि प्रशिक्षण संस्थान में छात्रावास की सुविधा उपलब्ध नहीं है, तो प्रशिक्षण अवधि के दौरान ₹1,500 प्रतिमाह स्टाइपेंड प्रदान किया जाता है।
प्रशिक्षण पूरा होने के बाद लाभार्थियों को रोजगार सहायता प्रदान की जाती है। स्वरोजगार शुरू करने के इच्छुक अभ्यर्थी मुख्यमंत्री अल्पसंख्यक रोजगार ऋण योजना या टर्म लोन योजना के अंतर्गत अलग से आवेदन कर सकते हैं।
आवेदन बिहार राज्य अल्पसंख्यक वित्तीय निगम (BSMFC) की वेबसाइट के माध्यम से ऑनलाइन या जिला अल्पसंख्यक कल्याण पदाधिकारी/जिला कल्याण पदाधिकारी कार्यालय में ऑफलाइन किया जा सकता है।
उत्तर: हाँ। प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूरा करने के बाद पात्र लाभार्थी स्वरोजगार के लिए मुख्यमंत्री अल्पसंख्यक रोजगार ऋण योजना अथवा बिहार राज्य अल्पसंख्यक वित्तीय निगम (BSMFC) की टर्म लोन योजना के अंतर्गत अलग से वित्तीय सहायता के लिए आवेदन कर सकते हैं।
योजना के अंतर्गत प्राप्त पात्र आवेदनों का सत्यापन जिला अल्पसंख्यक कल्याण पदाधिकारी द्वारा किया जाता है। इसके बाद जिला स्तरीय चयन समिति (District Level Selection Committee) योजना के दिशा-निर्देशों के अनुसार अंतिम चयन सूची तैयार करती है।
अगर योजनाओं के बारे में आपका कोई सवाल है, तो उसे योजना के फोरम में सबमिट करें और जवाब पाएँ:
बेझिझक लिंक पर क्लिक करें और चर्चा में शामिल हों!
यह फोरम निम्न कामों के लिए एक बेहतरीन जगह है:
- सवाल पूछें: अगर आपके मन में योजना से जुड़ा कोई सवाल है या आप इस विषय के किसी पहलू के बारे में और जानकारी चाहते हैं।
- योजना से जुडी अपनी बातें साझा करें: अपनी जानकारी और अनुभव शेयर करें।
- दूसरों से जुड़ें: कम्युनिटी से जुड़ें और दूसरों से सीखें।
हम आपको इस फ़ोरम में सक्रिय रूप से भाग लेने और इस बेहतरीन रिसोर्स का पूरा फ़ायदा उठाने के लिए प्रोत्साहित करते है।
| जाति | लाभार्थी व्यक्ति का प्रकार | सरकार |
|---|---|---|
नई टिप्पणी जोड़ें