छत्तीसगढ़ चरण पादुका योजना

द्वारा प्रस्तुत shivanibanduni… on Thu, 03/09/2026 - 09:46
Vishnu Deo Sai CM Chhattisgarh
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छत्तीसगढ़ चरण पादुका योजना इमेज
हाइलाइट
  • प्रत्येक पात्र तेंदूपत्ता संग्राहक परिवार के एक सदस्य को निःशुल्क चरण पादुका प्रदान की जाती है।
  • इस योजना को 29 जून 2025 को मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने दुर्ग जिले के जामगांव में पुनः शुरू किया।
  • पुनः शुरू की गई योजना के तहत 12.40 लाख से अधिक तेंदूपत्ता संग्राहकों को लाभ मिला।
ग्राहक देखभाल फ़ोन नंबर
  • छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज सहकारी संघ मर्यादित हेल्पलाइन नंबर: 0771-2513100
  • छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज सहकारी संघ मर्यादित हेल्पडेस्क ईमेल: [email protected]
योजना का अवलोकन
योजना का नामछत्तीसगढ़ चरण पादुका योजना
लाभपात्र परिवार के एक सदस्य को निःशुल्क चरण पादुका दी जाएगी
लाभार्थीपात्र तेंदूपत्ता संग्राहक परिवार
नोडल विभागछत्तीसगढ़ राज्य लघु वन उत्पाद (व्यापार एवं विकास) सहकारी संघ लिमिटेड
सब्सक्रिप्शनयोजना की निरंतर जानकारी के लिए यहाँ सब्सक्राइब करे।
आवेदन का तरीकाआवश्यक नहीं

योजना के बारे में

चरण पादुका योजना छत्तीसगढ़ सरकार की एक कल्याणकारी पहल है, जिसका उद्देश्य राज्य में तेंदूपत्ता संग्रहण से जुड़े परिवारों को सहायता प्रदान करना है। इस योजना के तहत प्रत्येक पात्र तेंदूपत्ता संग्राहक परिवार के एक सदस्य को निःशुल्क चरण पादुका (जूते या चप्पल) प्रदान की जाती है। छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज (व्यापार एवं विकास) सहकारी संघ मर्यादित (CGMFPFED) के आधिकारिक अभिलेखों के अनुसार, राज्य सरकार ने इस योजना को वर्ष 2006-07 से लागू करने का निर्णय लिया था। 

इस योजना के अंतर्गत प्रत्येक पात्र तेंदूपत्ता संग्राहक परिवार के एक सदस्य को चरण पादुका उपलब्ध कराई जाती है। योजना के क्रियान्वयन की जिम्मेदारी छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज संघ की है, जो मानक जूता निर्माण कंपनियों से राष्ट्रीय स्तर पर ई-टेंडर के माध्यम से चरण पादुका की खरीद करता है। बाद में पिछली राज्य सरकार द्वारा चरण पादुका योजना को बंद कर दिया गया था। जिसका उल्लेख, छत्तीसगढ़ बजट भाषण 2025-26 में स्पष्ट रूप से किया गया है हालाँकि, वर्तमान सरकार ने तेंदूपत्ता संग्राहकों के लिए इसे पुनः शुरू करने का निर्णय लिया। इस योजना के पुनरारंभ के लिए ₹50 करोड़ का बजट प्रावधान किया गया है। 

29 जून 2025 को मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने दुर्ग जिले के जामगांव में छत्तीसगढ़ चरण पादुका योजना का पुनः शुभारंभ किया और महिला तेंदूपत्ता संग्राहकों को चरण पादुका पहनाकर इसका वितरण किया। आधिकारिक सरकारी विज्ञप्ति के अनुसार, पुनः शुरू की गई योजना से 12.40 लाख से अधिक तेंदूपत्ता संग्राहकों को लाभ दिया गया।

चरण पादुका योजना की पात्रता सीधे तेंदूपत्ता संग्रहण के प्रदर्शन से जुड़ी है। आधिकारिक पोर्टल के अनुसार, वही परिवार इस योजना के पात्र हैं, जिन्होंने पिछले दो वर्षों में से कम से कम किसी एक वर्ष में न्यूनतम 500 गड्डी तेंदूपत्ता का संग्रहण किया हो। इस शर्त का उद्देश्य नियमित रूप से तेंदूपत्ता संग्रहण करने वाले वास्तविक संग्राहक परिवारों तक योजना का लाभ पहुंचाना है।

योजना पिछले वर्षों में भी संघ द्वारा संचालित कल्याणकारी कार्यक्रमों का हिस्सा रही है। आधिकारिक वितरण रिकॉर्ड के अनुसार, वर्ष 2006-07 से 2017-18 तक लगातार चरण पादुका का वितरण दर्ज है। इसके बाद वर्ष 2024-25 में 12.40 लाख जोड़ी चरण पादुका के वितरण का रिकॉर्ड उपलब्ध है। संघ द्वारा वर्ष 2026 के लिए चरण पादुका वितरण से संबंधित एक अलग आधिकारिक सूचना भी जारी की गई है, जिसमें तेंदूपत्ता संग्राहक परिवार के एक पुरुष सदस्य को चरण पादुका प्रदान करने का उल्लेख किया गया है।

योजना के लाभ

चरण पादुका योजना के तहत पात्र तेंदूपत्ता संग्राहक परिवारों को निम्नलिखित लाभ प्रदान किए जाते हैं:

  • प्रत्येक पात्र तेंदूपत्ता संग्राहक परिवार के एक सदस्य को निःशुल्क चरण पादुका प्रदान की जाती है।
  • वर्ष 2026 के लिए संघ की सूचना के अनुसार, चरण पादुका का वितरण एक पुरुष सदस्य को किया जाना है।
  • मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने 29 जून 2025 को दुर्ग जिले के जामगांव में योजना का पुनः शुभारंभ किया और महिला तेंदूपत्ता संग्राहकों को चरण पादुका पहनाकर वितरण किया।
  • पुनः शुरू की गई योजना से 12.40 लाख से अधिक तेंदूपत्ता संग्राहकों को लाभ मिलने की जानकारी सरकारी विज्ञप्ति में दी गई है।
  • वर्ष 2024-25 में 12.40 लाख जोड़ी महिलाओं के जूते, ₹321.44 प्रति जोड़ी की दर से वितरित किए गए। इसके लिए संघ को राज्य सरकार से ₹40 करोड़ प्राप्त हुए थे।
  • राज्य सरकार द्वारा तेंदूपत्ता ₹5,500 प्रति मानक बोरा की पारिश्रमिक दर पर खरीदा जाता है।

पात्रताएं

चरण पादुका योजना का लाभ लेने के लिए परिवार को निम्नलिखित पात्रता शर्तें पूरी करनी होती हैं:

  • आवेदक का परिवार छत्तीसगढ़ का तेंदूपत्ता संग्राहक परिवार होना चाहिए और वह प्राथमिक वनोपज सहकारी समिति से जुड़ा होना चाहिए।
  • परिवार ने पिछले दो वर्षों में से कम से कम किसी एक वर्ष में न्यूनतम 500 गड्डी तेंदूपत्ता का संग्रहण किया होना चाहिए।
  • प्रत्येक पात्र परिवार के केवल एक सदस्य को चरण पादुका प्रदान की जाती है।
  • लाभार्थी सदस्य उसी श्रेणी से संबंधित होना चाहिए, जिसे उस वर्ष के लिए अधिसूचित किया गया है।
  • वर्ष 2026 के लिए संघ की सूचना में तेंदूपत्ता संग्राहक परिवार के केवल एक पुरुष सदस्य को चरण पादुका दी जाएगी।

आवश्यक दस्तावेज

चरण पादुका योजना के तहत संग्राहक से अलग से कोई दस्तावेज जमा करने की आवश्यकता नहीं है। लाभार्थी की पात्रता संबंधित प्राथमिक वनोपज सहकारी समितियों द्वारा रखे गए तेंदूपत्ता संग्रहण रिकॉर्ड के आधार पर तय की जाती है।

आवेदन प्रक्रिया

चरण पादुका योजना एक वितरण-आधारित योजना है और इसके लिए लाभार्थियों को अलग से आवेदन करने की आवश्यकता नहीं होती है।

  • योजना के तहत कोई अलग ऑनलाइन पंजीकरण या ऑफलाइन आवेदन फॉर्म निर्धारित नहीं है।
  • पात्र परिवारों की पहचान प्राथमिक वनोपज सहकारी समितियों के तेंदूपत्ता संग्रहण रिकॉर्ड के आधार पर की जाती है।
  • पिछले दो वर्षों में से कम से कम किसी एक वर्ष में 500 गड्डी या उससे अधिक तेंदूपत्ता संग्रहण करने वाले परिवारों की पहचान समिति के रिकॉर्ड से की जाती है।
  • पात्र परिवारों को चरण पादुका का वितरण छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज संघ तथा संबंधित प्राथमिक सहकारी समितियों के माध्यम से किया जाता है।
  • चरण पादुका का वितरण संबंधित तेंदूपत्ता संग्रहण केंद्रों (फड़) के माध्यम से भी किया जाता है।

महत्वपूर्ण लिंक

संपर्क जानकारी

  • छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज सहकारी संघ मर्यादित हेल्पलाइन नंबर: 0771-2513100
  • छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज सहकारी संघ मर्यादित हेल्पडेस्क ईमेल: [email protected]

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चरण पादुका योजना छत्तीसगढ़ सरकार की योजना है, जिसके तहत प्रत्येक पात्र तेंदूपत्ता संग्राहक परिवार के एक सदस्य को निःशुल्क जूते या चप्पल प्रदान किए जाते हैं।

वह तेंदूपत्ता संग्राहक परिवार पात्र है, जिसने पिछले दो वर्षों में से कम से कम किसी एक वर्ष में 500 गड्डी या उससे अधिक तेंदूपत्ता एकत्र किया हो।

प्रत्येक पात्र परिवार को प्रति वर्ष एक जोड़ी चरण पादुका प्रदान की जाती है।

संघ द्वारा जारी वर्ष 2026 की सूचना के अनुसार, प्रत्येक पात्र तेंदूपत्ता संग्राहक परिवार के एक पुरुष सदस्य को चरण पादुका प्रदान की जानी है।

इस योजना के लिए अलग से आवेदन करने की आवश्यकता नहीं है। पात्र परिवारों की पहचान तेंदूपत्ता संग्रहण के आधिकारिक रिकॉर्ड के आधार पर की जाती है।

चरण पादुका का वितरण छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज संघ, प्राथमिक वनोपज सहकारी समितियों और संबंधित तेंदूपत्ता संग्रहण केंद्रों (फड़) के माध्यम से किया जाता है।

इस योजना में लाभार्थियों द्वारा कोई आवेदन जमा नहीं किया जाता है, इसलिए अलग से कोई आवेदन अंतिम तिथि लागू नहीं होती।

321.44 रुपये प्रति जोड़ी की दर से 12.40 लाख जोड़ी महिलाओं के जूते, जिनकी कुल लागत 40 करोड़ रुपये है।

ऐसे परिवार जिन्होंने पिछले दोनों वर्षों में 500 गड्डी से कम तेंदूपत्ता एकत्र किया है, पात्र नहीं हैं। इसके अलावा, जिस परिवार के एक सदस्य को उस वर्ष लाभ मिल चुका है, उसके दूसरे सदस्य को अलग से चरण पादुका नहीं दी जाती है।

लाभार्थी को अलग से कोई दस्तावेज जमा नहीं करना होता है। पात्रता संबंधित समिति के तेंदूपत्ता संग्रहण रिकॉर्ड के आधार पर निर्धारित की जाती है।

29 जून 2025 को, मुख्यमंत्री विष्णु देव साई द्वारा दुर्ग जिले के जामगांव में।

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