हाइलाइट
- इस योजना के तहत 2 से 4 दुधारू मवेशियों और 15 से 20 दुधारू मवेशियो के डेयरी स्थापित करने के लिए बिहार सरकार के द्वारा निम्नलिखित अनुदान दिया जाता है :-
- अत्यंत पिछड़ा वर्ग , अनुसूचित जाती तथा अनुसूचित जनजाति के लिए 75 % तक का अनुदान दिया जाता है।
- अन्य सभी वर्गो को 50 % तक का अनुदान दिया जाता है।
- 15 से 20 दुधारू मवेशियों की स्थापना के लिए सभी वर्गो को 40 % का अनुदान की व्यवस्था की गयी है।
- बिहार सरकार द्वारा 2 से 4 दुधारु मवेसियों के डेयरी स्थापना के लिए निम्नलिखित राशि दिया गया है:-
दुधारु मवेसियों की संख्या वर्ग के प्रकार अनुदान की संख्या बैंक द्वारा दी गयी ऋण की राशि कुल अनुदान 2 दुधारु मवेशी अत्यंत पिछड़ा वर्ग ,
अनुसूचित जाती
अनुसूचित जनजाति(75%)123000/- कुल परियोजना लागत का 40% 1,64,000/- अन्य सभी वर्गो (50%) 82,000/- कुल परियोजना लागत का 20% 4 दुधारु मवेशी अत्यंत पिछड़ा वर्ग ,
अनुसूचित जाती
अनुसूचित जनजाति(75%)27,7800/- कुल परियोजना लागत का 40% 3,70,400/- अन्य सभी वर्गो (50%) 185,200/- कुल परियोजना लागत का 20% - 15 से 20 दुधारु मवेसियों के डेयरी स्थापना के लिए सरकार द्वारा निम्नलिखित अनुदान दिया गया है:-
दुधारु मवेसियों की संख्या सभी वर्गो(40%) बैंक द्वारा दी गयी ऋण की राशि कुल अनुदान 15 दुधारु मवेशी 583,600/- कुल परियोजना लागत का 50% 14,59,000/- 20 दुधारु मवेशी 768,800/- कुल परियोजना लागत का 50% 19,22,000/-
ग्राहक देखभाल फ़ोन नंबर
- बिहार समग्र गव्य विकास योजना का हेल्पलाइन नंबर:- 0612-2202556
- पशु एवं मत्स्य संसाधन विभाग का हेल्पलाइन नंबर:- 0612-2233333
- बिहार समग्र गव्य विकास योजना ई-मेल: [email protected]
सूचना विवरणिका
|
योजना का अवलोकन
|
|
|---|---|
| योजना का नाम | बिहार समग्र गव्य विकास योजना। |
| आरंभ होने का वर्ष | 2023. |
| लाभ | डेयरी फार्म स्थापित करने के लिए अनुदान प्राप्त करना। |
| लाभार्थी |
|
| नोडल विभाग | पशु एवं मत्स्य संसाधन विभाग। |
| आवेदन का तरीका | बिहार समग्र गव्य विकास योजना का ऑनलाइन आवेदन पत्र। |
योजना के बारे में
- समग्र गव्य विकास योजना की स्थापना 2023 में बिहार सरकार के द्वारा की गई है।
- समग्र गव्य विकास योजना के तहत राज्य के सभी वर्गो के लोगो का विकास करना है।
- इस योजना का मुख्य उदेश्य राज्य के बेरोजगार युवा, महिलाएं और कृषक को दुधारू मवेशियों के डेयरी फार्म की स्थापना करने के लिए सरकार के द्वारा सहायता प्रदान की जाती है।
- 'पशु एवं मत्स्य संसाधन विभाग' इस योजना का नोडल विभाग है।
- इस योजनाके तहत राज्य के निम्नलिखित वर्गो के लोगो को रोजगार दिए जायगे :-
- कृषक।
- पशुपालक।
- बेरोजगार युवक और महिलाये।
- लघु कृषक।
- यह योजना केवल बिहार के ग्रामीण क्षेत्रों के लोगो के विकास के लिए है।
- इस योजना के तहत सरकार के द्वारा पशुपालन के लिए अनुदान दिए जाते है।
- समग्र गव्य विकास योजना के तहत सरकार की और से आवेदकों को उनकी जाती वर्ग के अनुसार ही अनुदान दिया जाता ह
- इस योजना के तहत 2 से 4 दुधारू मवेशियों और 15 से 20 दुधारू मवेशियो के डेयरी स्थापित करने के लिए बिहार सरकार के द्वारा निम्नलिखित अनुदान दिया जाता है :-
- अत्यंत पिछड़ा वर्ग , अनुसूचित जाती तथा अनुसूचित जनजाति के लिए 75 % तक का अनुदान दिया जाता है।
- अन्य सभी वर्गो को 50 % तक का अनुदान दिया जाता है।
- 15 से 20 दुधारू मवेशियों की स्थापना के लिए सभी वर्गो को 40 % का अनुदान की व्यवस्था की गयी है।
- इस योजना के तहत राज्य के युवक /युवतिया तथा कृषक आदि डेयरी स्थापना करके अपना स्व-रोजगार शरू कर सकते है।
- इस योजना से राज्य के बहुत से क्षेत्रों में लाभ प्राप्त हुआ है।
- इस योजना के तहत 04 दुधारू मवेशियों के डेयरी स्तापना के लिए आवेदक के पास 5 कठठा तथा 15 से 20 दुधारू मवेशियों के डेयरी स्तापना के लिए आवेदक के पास 10 कठठा अपनी जमीन या पट्टे की की होनी चाहिए ताकि वे हरे चारे का उत्पादन कर सके।
योजना के लाभ
- इस योजना के तहत 2 से 4 दुधारू मवेशियों और 15 से 20 दुधारू मवेशियो के डेयरी स्थापित करने के लिए बिहार सरकार के द्वारा निम्नलिखित अनुदान दिया जाता है :-
- अत्यंत पिछड़ा वर्ग , अनुसूचित जाती तथा अनुसूचित जनजाति के लिए 75 % तक का अनुदान दिया जाता है।
- अन्य सभी वर्गो को 50 % तक का अनुदान दिया जाता है।
- 15 से 20 दुधारू मवेशियों की स्थापना के लिए सभी वर्गो को 40 % का अनुदान की व्यवस्था की गयी है।
- बिहार सरकार द्वारा 2 से 4 दुधारु मवेसियों के डेयरी स्थापना के लिए निम्नलिखित राशि दिया गया है:-
दुधारु मवेसियों की संख्या वर्ग के प्रकार अनुदान की संख्या बैंक द्वारा दी गयी ऋण की राशि कुल अनुदान 2 दुधारु मवेशी अत्यंत पिछड़ा वर्ग ,
अनुसूचित जाती
अनुसूचित जनजाति(75%)123000/- कुल परियोजना लागत का 40% 1,64,000/- अन्य सभी वर्गो (50%) 82,000/- कुल परियोजना लागत का 20% 4 दुधारु मवेशी अत्यंत पिछड़ा वर्ग ,
अनुसूचित जाती
अनुसूचित जनजाति(75%)27,7800/- कुल परियोजना लागत का 40% 3,70,400/- अन्य सभी वर्गो (50%) 185,200/- कुल परियोजना लागत का 20% - 15 से 20 दुधारु मवेसियों के डेयरी स्थापना के लिए सरकार द्वारा निम्नलिखित अनुदान दिया गया है:-
दुधारु मवेसियों की संख्या सभी वर्गो(40%) बैंक द्वारा दी गयी ऋण की राशि कुल अनुदान 15 दुधारु मवेशी 583,600/- कुल परियोजना लागत का 50% 14,59,000/- 20 दुधारु मवेशी 768,800/- कुल परियोजना लागत का 50% 19,22,000/-
पात्रताएं
- आवेदक बिहार राज्य का निवासी होना चाहिए।
- आवेदक की आयु 18 वर्ष से अधिक होनी चाहिए।
- आवेदक को दुधारू पशुओ के बारे में जानकारी होनी चाहिए।
- इस योजना के अंतर्गत आने वाले पात्र लोग निम्लिखित है :-
- कृषक।
- लघु कृषक।
- सीमांत कृषक।
- गरीबी रेखा से निचे बसर करने वाले कृषक।
- शिक्षित बेरोजगार।
- बेरोजगार युवक और महिलाये।
- आवेदक के परिवार में कोई भी सदस्य सरकारी नौकरी में नहीं होना चाहिए।
- परिवार का कोई भी सदस्य आयकर दाता नहीं होना चाहिए।
- लाभार्थी व्यक्ति की आयु 55 वर्ष से अधिक नहीं होना चाहिए।
आवश्यक दस्तावेज
- निवास प्रमाण पत्र।
- आधार कार्ड।
- पासपोर्ट साइज फोटो।
- मोबाइल नंबर।
- बैंक खाते की जानकारी।
- बैंक का शपथ पत्र।
ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया
- लाभार्थी बिहार समग्र गव्य विकास योजना का ऑनलाइन आवेदन पत्र के माध्यम से आवेदन कर सकता है।
- बिहार समग्र गव्य विकास योजना का ऑनलाइन आवेदन पत्र गव्य विकास निर्देशालय पोर्टल में उपलब्ध है।
- लभरती को सबसे पहले अपना पंजीकरण करना होगा।
- पंजीकरण करने के लिए निम्नलिखित विवरण भरना होगा:-
- आवेदक का नाम।
- आधार कार्ड ।
- मोबइल नंबर।
- अपना पता।
- पंजीकरण करने के बाद आवेदक को मोबइल पर आये हुए यूजर आईडी और पासवर्ड से लॉगिन करना होगा।
- लॉगिन करने के बाद योजना में पूछी गयी सभी जानकारी को ठीक से भरना होगा तथा आवशयक दस्तावेज पोर्टल में अपलोड करने होंगे।
- आवेदन पत्र और दस्तावेजों को एक बार फिर से जाँच ले और समिट बटन पर क्लिक करे।
- गव्य विकास योजना के अधिकारियो के द्वारा इस आवेदन पत्र को सत्यापित किया जायगा।
- इसके बाद योजना से प्राप्त होने वाला लाभ उठा सकते है।
योजना की विशेषताएँ
- राज्य में दुग्ध उत्पाद में वृद्धि होगी।
- इसके अंतर्गत राज्य के देसी गयो दुग्ध देने वाले पशुओ की जनसख्याँ में भी वृद्धि होगी।
- राज्य का दुग्ध उत्पादन के क्षेत्रों में वृद्धि होगी।
- राज्य के बेरोजगार लोगो को रोजगार प्राप्त करवाना है।
- राज्य के सभी शिक्षित लोग जो बेरोजगार है उन्हें रोजगार के लिए प्रेरित करना है।
- इस योजना के तहत राज्य में बेरोजगारी को कम किया जा सकता है।
- समग्र गव्य विकास योजना के तहत सरकार की और से आवेदकों को उनकी जाती वर्ग के अनुसार ही अनुदान दिया जाता है।
- इस योजना का क्रियान्वयन राज्य के सभी जिलों में ग्रामीण क्षेत्रों में ही किया जायगा।
महत्वपूर्ण लिंक
- बिहार समग्र गव्य विकास योजना का ऑनलाइन आवेदन पत्र।
- बिहार समग्र गव्य विकास योजना का पंजीकरण।
- बिहार समग्र गव्य विकास योजना का लॉगिन।
- बिहार समग्र गव्य विकास निर्देशालय पोर्टल।
- पशु एवं मत्स्य संसाधन विभाग बिहार का पोर्टल।
- बिहार गव्य विकास योजना का दिशानिर्देश।
संपर्क करने का विवरण
- बिहार समग्र गव्य विकास योजना का हेल्पलाइन नंबर:- 0612-2202556
- पशु एवं मत्स्य संसाधन विभाग का हेल्पलाइन नंबर:- 0612-2233333
- बिहार समग्र गव्य विकास योजना ई-मेल: [email protected]
- तीसरी मंजिल, विकास भवन (नया सचिवालय), बेली रोड,
पटना 800015
अगर योजनाओं के बारे में आपका कोई सवाल है, तो उसे योजना के फोरम में सबमिट करें और जवाब पाएँ:
बेझिझक लिंक पर क्लिक करें और चर्चा में शामिल हों!
यह फोरम निम्न कामों के लिए एक बेहतरीन जगह है:
- सवाल पूछें: अगर आपके मन में योजना से जुड़ा कोई सवाल है या आप इस विषय के किसी पहलू के बारे में और जानकारी चाहते हैं।
- योजना से जुडी अपनी बातें साझा करें: अपनी जानकारी और अनुभव शेयर करें।
- दूसरों से जुड़ें: कम्युनिटी से जुड़ें और दूसरों से सीखें।
हम आपको इस फ़ोरम में सक्रिय रूप से भाग लेने और इस बेहतरीन रिसोर्स का पूरा फ़ायदा उठाने के लिए प्रोत्साहित करते है।
| जाति | सरकार |
|---|---|
Stay Updated
×
टिप्पणियाँ
Samgya gavya yojna
Mere ko pashu palan suru karna hai
Please help me
Goby
Pasupalan
Pashupalan yojna 1026
Sir i want to know when gavya pasupalan yojna form filing start in 2026 year
Pasupalan
Me pasupalan karna chahatha hu
नई टिप्पणी जोड़ें