- पारंपरिक व्यवसायों में कारीगरों और श्रमिकों को मुफ्त, अल्पकालिक कौशल प्रशिक्षण देती है।
- प्रशिक्षण के दौरान ₹400 प्रतिदिन का स्टाइपेंड प्रदान करती है।
- सफल प्रशिक्षुओं को सिलाई मशीन जैसी निःशुल्क टूलकिट, प्रमाण पत्र और पहचान पत्र देती है।
- ओपन नेटवर्क फॉर डिजिटल कॉमर्स (ONDC) से जुड़े ई-कैटलॉग के ज़रिए प्रशिक्षित कारीगरों को अपने उत्पाद ऑनलाइन बेचने में मदद करती है।
- दिल्ली खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड का फोन नंबर: 011-20837093
- दिल्ली खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड का ईमेल: [email protected]
योजना का अवलोकन | |
|---|---|
| योजना का नाम | दिल्ली खादी कौशल विकास योजना (डीकेकेवीवाई) |
| शुरू होने का वर्ष | 2026 |
| लाभ |
|
| लाभार्थी | दिल्ली के पात्र निवासी, जिनमें कारीगर, श्रमिक, स्कूल और कॉलेज छोड़ चुके विद्यार्थी तथा व्यक्तिगत उद्यमी शामिल हैं। |
| नोडल विभाग | दिल्ली खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड (डीकेवीआईबी) |
| सब्सक्रिप्शन | योजना की निरंतर जानकारी के लिए यहाँ सब्सक्राइब करें। |
| आवेदन का तरीका | डीकेवीआईबी की वेबसाइट के माध्यम से ऑनलाइन। |
योजना के बारे में
दिल्ली खादी कौशल विकास योजना एक कौशल विकास पहल है, जिसे दिल्ली खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड (डीकेवीआईबी) ने दिल्ली के कारीगरों, श्रमिकों और अपना व्यवसाय शुरू करने के इच्छुक लोगों के कौशल, काम करने की क्षमता और रोजगार के अवसरों को बढ़ाने के लिए शुरू किया है। दिल्ली सरकार ने 29 मार्च 2026 को इस योजना की अधिसूचना जारी की थी और 30 मार्च 2026 को राजपत्र में प्रकाशित होने के साथ यह लागू हो गई। इस योजना का उद्देश्य मौजूदा कौशल को मान्यता देकर, प्रशिक्षण देकर और प्रतिभागियों की क्षमताओं को राष्ट्रीय कौशल मानकों के अनुरूप बनाकर खादी एवं ग्रामोद्योग को मजबूत करना है।
इस योजना का लाभ दिल्ली के पात्र निवासियों को देने का लक्ष्य है। इनमें कारीगर, श्रमिक, स्कूल या कॉलेज बीच में छोड़ चुके विद्यार्थी, व्यक्तिगत उद्यमी और खादी एवं ग्रामोद्योग में अवसर तलाशने वाले लोग शामिल हैं। अधिसूचित श्रेणियों के आवेदक निर्धारित शर्तें पूरी करने पर इसमें भाग ले सकते हैं। दिल्ली खादी कौशल विकास योजना के लिए पात्र होने के लिए आवेदक का कम से कम 5 वर्षों से दिल्ली में रहना और उसके पास आधार कार्ड होना जरूरी है। इसके साथ ही, आवेदक को चुने गए प्रशिक्षण कार्यक्रम की शर्तें पूरी करनी होंगी और योजना में भाग लेने के लिए तैयार होना चाहिए।
दिल्ली खादी कौशल विकास योजना के तहत कई क्षेत्रों में प्रशिक्षण देने की व्यवस्था है। इनमें स्वरोजगार के लिए सिलाई, पैटर्न बनाना, फैशन के कपड़े तैयार करना, बिक्री संबंधी कार्य, दस्तावेजीकरण, सूचना प्रौद्योगिकी सहायता केंद्र में मदद और प्रशिक्षण से जुड़े भ्रमण शामिल हैं। अब तक डीकेवीआईबी ने केवल सिलाई के काम में नियमित प्रशिक्षण शुरू किया है। इसमें पहले से सिलाई का व्यावहारिक अनुभव रखने वाले लोगों के लिए पूर्व कौशल की मान्यता (आरपीएल) के अवसर भी शामिल हैं। डीकेवीआईबी ने कहा है कि खादी एवं ग्रामोद्योग के व्यापक विकास को बढ़ावा देने के लिए समय के साथ इस योजना का विस्तार अन्य कामों और पारंपरिक व्यवसायों तक किया जाएगा।
इस योजना के तहत पात्र प्रतिभागियों को प्रशिक्षण के दौरान भोजन, कौशल का आकलन, प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूरा करने पर प्रमाणपत्र और पहचान पत्र जैसे लाभ दिए जाते हैं। पूर्व कौशल की मान्यता (आरपीएल) से जुड़ी पात्र गतिविधियों में भाग लेने वाले लोगों को सिलाई मशीन की टूलकिट भी मिल सकती है। यह योजना डिजिटल साक्षरता, उत्पाद विकास, ब्रांडिंग, बाजार से जुड़ने और व्यापार मेलों में भाग लेने को भी बढ़ावा देती है। जहां लागू हो, वहां डीकेवीआईबी ई-कैटलॉग तैयार करने में मदद करेगा और प्रशिक्षित प्रतिभागियों के उत्पादों को डिजिटल वाणिज्य के लिए खुले नेटवर्क (ओएनडीसी) के माध्यम से प्रदर्शित करने में सहायता देगा, ताकि वे अधिक ग्राहकों तक पहुंच सकें और कमाई के बेहतर अवसर पा सकें।
दिल्ली खादी कौशल विकास योजना के तहत प्रशिक्षण 12 दिनों का होगा और प्रतिभागियों को हर दिन 8 घंटे प्रशिक्षण लेना होगा। बताया गया है कि प्रशिक्षण अवधि के दौरान प्रत्येक प्रतिभागी को हर दिन ₹400 का स्टाइपेंड और एक बार का भोजन मिलता है। इस तरह, लागू प्रशिक्षण और भुगतान संबंधी शर्तों के अनुसार, प्रतिभागियों को 12 दिनों में कुल ₹4,800 का स्टाइपेंड मिल सकता है।
पात्र आवेदक दिल्ली खादी कौशल विकास योजना के लिए इसकी आधिकारिक डीकेवीआईबी वेबसाइट के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। ई-श्रम पोर्टल या साझा सेवा केंद्र के माध्यम से पहले से पंजीकृत आवेदकों को भी निर्धारित पंजीकरण प्रक्रिया के तहत शामिल किया जा सकता है। आवेदन जमा करने के बाद आवेदकों को चयन संबंधी नई जानकारी और उन्हें दिए गए प्रशिक्षण केंद्र के विवरण के लिए डीकेवीआईबी की वेबसाइट देखते रहना चाहिए। इसके साथ ही, डीकेवीआईबी दिल्ली मुख्यमंत्री स्वावलंबन रोजगार योजना भी चलाता है। यह कारीगरों और उद्यमियों के लिए एक अलग ऋण योजना है, जो अपना व्यवसाय शुरू करना या उसका विस्तार करना चाहते हैं। दिल्ली खादी कौशल विकास योजना का प्रशिक्षण पूरा करने के बाद स्वरोजगार शुरू करने के इच्छुक लोगों के लिए यह अगला उपयोगी कदम हो सकता है।
योजना के लाभ
दिल्ली खादी कौशल विकास योजना का उद्देश्य कारीगरों और श्रमिकों के कौशल को बेहतर बनाना, रोजगार के अवसर पैदा करना और दिल्ली में खादी एवं ग्रामोद्योग को मजबूत करना है। इस योजना के तहत पात्र प्रतिभागियों को निम्नलिखित लाभ मिल सकते हैं।
- पात्र आवेदकों के लिए कौशल विकास और कौशल बढ़ाने का प्रशिक्षण।
- सिलाई के काम के लिए अधिकतम 12 दिनों (96 घंटे) का प्रशिक्षण। अन्य कामों के लिए प्रशिक्षण की अवधि स्वीकृत प्रशिक्षण कार्यक्रम के अनुसार अलग-अलग हो सकती है।
- लागू प्रशिक्षण अवधि के दौरान हर दिन ₹400 का स्टाइपेंड।
- प्रशिक्षण के दौरान एक बार निःशुल्क भोजन।
- प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों के लिए भोजन की व्यवस्था।
- पहले से सीखे गए कौशल और पारंपरिक काम के अनुभव को मान्यता।
- प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूरा करने पर मुख्यमंत्री का प्रमाणपत्र और पहचान पत्र।
- लागू नियमों के अनुसार, पूर्व कौशल की मान्यता (आरपीएल) के तहत सिलाई मशीन की निःशुल्क टूलकिट।
- कारीगरों और श्रमिकों को अपने उत्पादों का ऑनलाइन प्रचार करने और बेचने में मदद के लिए डिजिटल साक्षरता का प्रशिक्षण।
- ब्रांड के प्रचार, बाजार से जुड़ने, गुणवत्ता प्रमाणन की जानकारी और व्यापार मेलों में भाग लेने के माध्यम से विपणन में सहायता।
- उत्पादों को प्रदर्शित करने और डिजिटल वाणिज्य के लिए खुले नेटवर्क (ओएनडीसी) पर सूचीबद्ध कराने में मदद के लिए ई-कॉमर्स कैटलॉग तैयार करने की सुविधा।
- रोजगार के अवसर बढ़ाने के लिए कौशल का आकलन और कौशल प्रमाणपत्र।
- वेतन आधारित रोजगार और स्वरोजगार के अवसर पाने में सहायता।
- बैंकिंग सुविधाओं और वित्तीय समावेशन के बारे में जागरूकता कार्यक्रम।
- काम की उत्पादकता बढ़ाने और छोटे स्तर के खादी एवं ग्रामोद्योग व्यवसायों को मजबूत करने के अवसर।
पात्रताएं
दिल्ली खादी कौशल विकास योजना के लिए आवेदन करने हेतु आवेदकों को निम्नलिखित पात्रता शर्तें पूरी करनी होंगी।
- आवेदक कम से कम 5 वर्षों से दिल्ली में रह रहा हो।
- आवेदक के पास आधार कार्ड होना चाहिए।
- आवेदक निम्नलिखित में से किसी भी श्रेणी का हो सकता है:
- सामान्य वर्ग
- अनुसूचित जाति (एससी)
- अनुसूचित जनजाति (एसटी)
- अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी)
- अल्पसंख्यक समुदाय
- महिलाएं
- आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस)
- दिव्यांग व्यक्ति (पीडब्ल्यूडी)
- आवेदक को चुने गए अल्पकालिक प्रशिक्षण या पूर्व कौशल की मान्यता (आरपीएल) कार्यक्रम के लिए राष्ट्रीय कौशल विकास निगम (एनएसडीसी) और कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय (एमएसडीई) द्वारा निर्धारित शैक्षणिक योग्यता संबंधी शर्तें पूरी करनी होंगी।
- आवेदक को योजना के तहत प्रशिक्षण कार्यक्रम में भाग लेने के लिए तैयार होना चाहिए।
- आधिकारिक अधिसूचना में दिए गए निर्देशों के अनुसार, जहां लागू हो, आवेदकों को जाति, दिव्यांगता या आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस) से संबंधित शर्तों के लिए स्व-प्रमाणन देना होगा।
आवश्यक दस्तावेज
दिल्ली खादी कौशल विकास योजना का आवेदन फॉर्म भरने से पहले आवेदकों को निम्नलिखित दस्तावेज और जानकारी तैयार रखनी चाहिए।
- हाल ही में खिंचवाई गई तस्वीर
- आधार कार्ड
- दिल्ली में निवास का प्रमाण
- पिछले 5 वर्षों से दिल्ली में रहने का स्व-प्रमाण पत्र
- पैन कार्ड
- ई-श्रम पहचान पत्र, यदि ई-श्रम पोर्टल पर पंजीकरण कराया है
- बैंक पासबुक के पहले पृष्ठ की प्रति या रद्द किए गए चेक की प्रति
- शैक्षणिक योग्यता का विवरण
- बैंक खाते का विवरण
प्रवेश के समय सत्यापन के लिए आवेदकों को अपने आधार कार्ड की स्व-प्रमाणित छायाप्रति और मूल आधार कार्ड साथ लाना होगा।
प्रशिक्षण पाठ्यक्रम
दिल्ली खादी कौशल विकास योजना के तहत कारीगरों, श्रमिकों और अन्य पात्र आवेदकों को कौशल विकास और अपने मौजूदा कौशल को बेहतर बनाने के अवसर दिए जाते हैं। आधिकारिक राजपत्र अधिसूचना के अनुसार, इस योजना में निम्नलिखित प्रशिक्षण क्षेत्र और कार्य भूमिकाएं शामिल हैं।
- जानकारी और अनुभव प्राप्त करने के लिए भ्रमण
- कौशल में सुधार और पूर्व कौशल की मान्यता (आरपीएल), जिसमें सिलाई मशीन की टूलकिट का वितरण भी शामिल है
- व्यापारिक वस्तुओं के प्रबंधन से संबंधित कार्य
- दस्तावेज़ तैयार करने और संभालने का कार्य
- सूचना प्रौद्योगिकी सहायता केंद्र में सहायक
- स्व-रोजगार दर्जी
- पैटर्न मास्टर
- फैशन के कपड़ों का उत्पादन (खादी और हथकरघा के वस्त्र)
- दिल्ली खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड (डीकेवीआईबी) के अंतर्गत अन्य कार्य भूमिकाएं, जिन्हें खादी और ग्रामोद्योग को फिर से बढ़ावा देने के लिए आवश्यक माना जाएगा।
इन प्रशिक्षण कार्यक्रमों का उद्देश्य लोगों के मौजूदा कौशल को बेहतर बनाना, उनके कौशल को औपचारिक मान्यता दिलाना और उन्हें वेतन वाली नौकरी या स्वरोजगार के अवसर प्राप्त करने में मदद करना है।
आवेदन प्रक्रिया
पात्र आवेदक दिल्ली खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड (डीकेवीआईबी) की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से दिल्ली खादी कौशल विकास योजना के लिए आवेदन कर सकते हैं। आवेदन सफलतापूर्वक जमा करने के लिए आवेदकों को ऑनलाइन आवेदन फॉर्म भरना होगा, अधिकृत प्रशिक्षण केंद्र चुनना होगा और आवश्यक दस्तावेज अपलोड करने होंगे।
- दिल्ली खादी कौशल विकास योजना के लिए आवेदन जमा करने हेतु दिल्ली खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड के पोर्टल पर जाएं।
- मुख्य पृष्ठ या सूचनाएं अनुभाग में दिल्ली खादी कौशल विकास योजना (डीकेकेवीवाई) के आवेदन लिंक को खोजें।

- योजना का गूगल फॉर्म खोलने के लिए "अभी आवेदन करें" विकल्प पर क्लिक करें।

- सभी आवश्यक जानकारी ध्यान से भरें। आवेदन फॉर्म में लगभग 30 फ़ील्ड हैं।

- फॉर्म में दी गई सूची में से किसी अधिकृत प्रशिक्षण केंद्र का चयन करें।
- अपनी तस्वीर और दिल्ली में निवास के प्रमाण सहित सभी आवश्यक दस्तावेज अपलोड करें।
- फॉर्म में भरी गई जानकारी की जांच करें और पूरा आवेदन जमा करें।
- भविष्य में आवेदन की स्थिति जानने और संदर्भ के लिए आवेदन से जुड़ी जानकारी सुरक्षित रखें।
- अपने चयन की स्थिति और आवंटित प्रशिक्षण केंद्र का नाम, पता तथा प्रशिक्षण कार्यक्रम जानने के लिए डीकेवीआईबी की वेबसाइट नियमित रूप से देखें।
अधिकृत प्रशिक्षण केंद्र
- एटीडीसी एंड्रयूज गंज केंद्र, भूतल, गृह कल्याण केंद्र भवन, सामुदायिक केंद्र, एंड्रयूज गंज एक्सटेंशन, दक्षिण दिल्ली-49
- एटीडीसी आर.के. पुरम केंद्र, प्रेरणा डिजाइन केंद्र, गृह कल्याण केंद्र, सेक्टर-4, आर.के. पुरम, नई दिल्ली-22
- एटीडीसी ओखला केंद्र, ए-223, ओखला औद्योगिक क्षेत्र, ओखला फेज-1, दिल्ली-20
- एटीडीसी जहांगीरपुरी केंद्र, पी5 एम9, के ब्लॉक, आईटीआई रोड, जहांगीरपुरी, दिल्ली-33
- एटीडीसी उत्तम नगर केंद्र, बी-9, दूसरी मंजिल, किरण गार्डन, मटियाला रोड, नवादा, उत्तम नगर, दिल्ली-59
- एटीडीसी मोलरबंद केंद्र, प्लॉट नंबर 2, दूसरी मंजिल, स्कूल रोड, मोलरबंद, दिल्ली-44
- एटीडीसी ओखला फेज-1 केंद्र, डी-114, पॉकेट डी, ओखला फेज-1, दिल्ली-20
- एटीडीसी मदनपुर खादर केंद्र, मकान नंबर 1, जेजे कॉलोनी, मदनपुर खादर, नई दिल्ली-76
- एटीडीसी मीठापुर केंद्र, 4ए, पहली मंजिल, मुख्य मीठापुर चौक, अग्रवाल स्वीट्स के पास, मीठापुर, नई दिल्ली-44
- एटीडीसी कड़कड़डूमा केंद्र, ए7, मंगलम मार्ग, संस्थागत क्षेत्र, कड़कड़डूमा, दिल्ली-92, रेलवे आरक्षण कार्यालय के पास
- वज़ीर कौशल विकास केंद्र, मुख्य शिव हंसा चौक, आया नगर, एमसीडी पार्क के पास, दिल्ली-47
- वज़ीर कौशल विकास केंद्र, मकान नंबर 466, अस्थल कॉलोनी, शौकी नहर गांव के पास, बवाना, दिल्ली-39
- वज़ीर कौशल विकास केंद्र, ए-25, बृज पुरी, मुख्य वजीराबाद रोड, मेट्रो पिलर नंबर 63, दिल्ली-94
- वज़ीर कौशल विकास केंद्र, खसरा नंबर 86/4, आनंदपुर धाम, कराला गांव, दिल्ली-81
- वज़ीर कौशल विकास केंद्र, 34/18, देवली रोड, पंजाब नेशनल बैंक के पास, खानपुर गांव, खानपुर, नई दिल्ली-80
- वज़ीर कौशल विकास केंद्र, मकान नंबर सी-26, पुराना प्लॉट नंबर 118/15/1, महावीर एन्क्लेव भाग-3, पॉवेल हाउस के पास, पश्चिमी दिल्ली-59
- वज़ीर कौशल विकास केंद्र, प्लॉट नंबर 2, गोविंदम पैलेस, लखपत कॉलोनी भाग-1, मीठापुर एक्सटेंशन, नई दिल्ली-44
- वज़ीर कौशल विकास केंद्र, माजरी कराला, खसरा नंबर 99, मुख्य कंझावला रोड, रोहिणी सेक्टर-22 के पास, नई दिल्ली-81
- वज़ीर कौशल विकास केंद्र, नरेंद्र नाथ मेमोरियल ट्रस्ट, चौपाल, श्याम नगर, पैसिफिक मॉल के पास, सुभाष नगर, नई दिल्ली-18
- वज़ीर कौशल विकास केंद्र, एफ ब्लॉक, रघुबीर नगर, जींस मार्केट, गुरु गोबिंद सिंह अस्पताल के पास, दिल्ली-27
महत्वपूर्ण लिंक
- दिल्ली खादी कौशल विकास योजना का आवेदन फॉर्म
- दिल्ली खादी कौशल विकास योजना की राजपत्र अधिसूचना
- दिल्ली खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड का पोर्टल
संपर्क जानकारी
- दिल्ली खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड का फोन नंबर: 011-20837093
- दिल्ली खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड का ईमेल: [email protected]
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
दिल्ली खादी कौशल विकास योजना (डीकेकेवीवाई) दिल्ली सरकार की एक योजना है, जिसके तहत पात्र निवासियों को कौशल विकास, मौजूदा कौशल को बेहतर बनाने और उनके कौशल को मान्यता दिलाने के अवसर दिए जाते हैं। इसका उद्देश्य रोजगार के अवसर बढ़ाना और खादी एवं ग्रामोद्योग को मजबूत बनाना है।
वे आवेदक आवेदन कर सकते हैं जो कम से कम 5 वर्षों से दिल्ली में रह रहे हैं, जिनके पास आधार कार्ड है और जो चुने गए प्रशिक्षण कार्यक्रम की पात्रता शर्तें पूरी करते हैं। इस योजना में कारीगर, श्रमिक, स्कूल और कॉलेज छोड़ चुके विद्यार्थी, व्यक्तिगत उद्यमी तथा विभिन्न सामाजिक श्रेणियों के पात्र आवेदक शामिल हैं।
हां, डीकेकेवीवाई के आवेदन फॉर्म में बताया गया है कि योजना के तहत प्रशिक्षण पूरी तरह निःशुल्क है।
प्रशिक्षण की अवधि 12 दिन बताई गई है, जिसमें प्रतिदिन 8 घंटे प्रशिक्षण दिया जाता है। आवेदकों को अपने चुने गए पाठ्यक्रम की निर्धारित समय-सारणी की पुष्टि संबंधित प्रशिक्षण केंद्र से करनी चाहिए।
12 दिनों के प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान प्रत्येक प्रतिभागी को प्रतिदिन ₹400 का स्टाइपेंड मिलेगा।
हां, डीकेकेवीवाई के आवेदन फॉर्म में बताया गया है कि प्रशिक्षण अवधि के दौरान एक बार भोजन दिया जाएगा। इसमें भोजन के लिए अलग से किसी नकद राशि का उल्लेख नहीं है।
इस योजना में जानकारी और अनुभव प्राप्त करने के लिए भ्रमण, कौशल में सुधार और पूर्व कौशल की मान्यता (आरपीएल), व्यापारिक वस्तुओं के प्रबंधन, दस्तावेज तैयार करने, सूचना प्रौद्योगिकी सहायता केंद्र में सहायक के कार्य, स्वरोजगार दर्जी, कपड़ों के नमूने तैयार करने और खादी एवं हथकरघा के वस्त्रों के उत्पादन से जुड़े प्रशिक्षण शामिल हैं।
आवेदक डीकेवीआईबी की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से योजना के लिए ऑनलाइन आवेदन जमा कर सकते हैं।
हां, ई-श्रम पोर्टल या साझा सेवा केंद्र के माध्यम से पंजीकृत आवेदकों को भी निर्धारित पंजीकरण प्रक्रिया के तहत योजना के लाभार्थियों में शामिल किया जा सकता है।
नहीं। यह योजना प्रशिक्षित उम्मीदवारों को वेतन वाली नौकरी या स्वरोजगार के अवसरों से जोड़ने और डिजिटल वाणिज्य के लिए खुले नेटवर्क (ओएनडीसी) के माध्यम से बाजार तक पहुंच बनाने में मदद करती है। हालांकि, यह नौकरी मिलने की गारंटी नहीं देती है।
मंत्रिमंडल की मंजूरी के समय सरकार के बयानों में कहा गया था कि प्रत्येक परिवार का केवल 1 सदस्य ही पात्र होगा। हालांकि, अंतिम राजपत्र अधिसूचना में इस शर्त का भी उल्लेख नहीं है। इसलिए, आवेदन करने से पहले आवेदकों को डीकेवीआईबी से वर्तमान नियम की पुष्टि करनी चाहिए।
डीकेवीआईबी की पंजीकरण प्रक्रिया में ई-श्रम पोर्टल, साझा सेवा केंद्र या डीकेवीआईबी की वेबसाइट के माध्यम से सीधे पंजीकरण करने का विकल्प दिया गया है। हालांकि, डीकेवीआईबी ने यह स्पष्ट नहीं किया है कि वेबसाइट पर सीधे आवेदन करने वालों के लिए ई-श्रम पंजीकरण भी अनिवार्य है या नहीं। इसलिए, आवेदन करने से पहले डीकेवीआईबी की वेबसाइट पर उपलब्ध नवीनतम दिशा-निर्देशों की जांच करें।
अगर योजनाओं के बारे में आपका कोई सवाल है, तो उसे योजना के फोरम में सबमिट करें और जवाब पाएँ:
बेझिझक लिंक पर क्लिक करें और चर्चा में शामिल हों!
यह फोरम निम्न कामों के लिए एक बेहतरीन जगह है:
- सवाल पूछें: अगर आपके मन में योजना से जुड़ा कोई सवाल है या आप इस विषय के किसी पहलू के बारे में और जानकारी चाहते हैं।
- योजना से जुडी अपनी बातें साझा करें: अपनी जानकारी और अनुभव शेयर करें।
- दूसरों से जुड़ें: कम्युनिटी से जुड़ें और दूसरों से सीखें।
हम आपको इस फ़ोरम में सक्रिय रूप से भाग लेने और इस बेहतरीन रिसोर्स का पूरा फ़ायदा उठाने के लिए प्रोत्साहित करते है।
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