खादी ग्रामोद्योग विकास योजना

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द्वारा प्रस्तुत Minakshi on Sat, 24/10/2026 - 10:48
Narendra Modi PM of India
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खादी ग्रामोद्योग विकास योजना
हाइलाइट
  • खादी ग्रामोद्योग विकास योजना (KGVY) नवंबर 2019 में शुरू की गई थी।
  • यह योजना MSME मंत्रालय के अंतर्गत KVIC द्वारा लागू की जाती है।
  • पात्र व्यक्तिगत खादी कारीगरों को कार्यशेड बनाने के लिए ₹1.20 लाख तक की सहायता मिल सकती है।
  • ग्रामोद्योग विकास योजना के तहत पात्र ग्रामीण कारीगरों और बेरोजगार युवाओं को प्रशिक्षण, मशीनरी और टूलकिट मिल सकती है।
  • आवेदन प्रक्रिया, पात्रता और जरूरी दस्तावेजों की जानकारी के लिए नजदीकी KVIC कार्यालय से संपर्क करें।
ग्राहक देखभाल फ़ोन नंबर
  • खादी और ग्रामोद्योग आयोग (KVIC)
    • टेलीफोन: (STD कोड 022) 69168912 / 69168913 / 69168914
योजना का अवलोकन
योजना का नामखादी ग्रामोद्योग विकास योजना (KGVY)
लाभव्यक्तिगत कार्यशाला (वर्कशेड) बनाने के लिए ₹1.20 लाख तक की सहायता, पात्र खादी संस्थाओं को 4% ब्याज दर पर रियायती ऋण और GVY के तहत मुफ्त कौशल प्रशिक्षण के साथ मशीनरी या टूलकिट।
लाभार्थीपात्र खादी कारीगर, कताई करने वाले कारीगर, बुनकर, ग्रामीण कारीगर और बेरोजगार युवा।
नोडल एजेंसीखादी और ग्रामोद्योग आयोग (KVIC)
सब्सक्रिप्शनयोजना से जुड़े अपडेट पाने के लिए यहाँ सदस्यता लें
आवेदन कैसे करेंKVIC के राज्य या मंडलीय कार्यालयों के माध्यम से। GVY के तहत प्रशिक्षण और टूलकिट के लिए समय-समय पर आवेदन आमंत्रित किए जाते हैं।

योजना के बारे में

खादी और ग्रामोद्योग लंबे समय से भारत के कारीगरों, पारंपरिक कामगारों और ग्रामीण परिवारों को रोजगार के अवसर देते आए हैं। इन उद्योगों को मजबूत बनाने, कारीगरों की कमाई बढ़ाने और पारंपरिक उत्पादों को बाजार में अधिक प्रतिस्पर्धी बनाने के लिए भारत सरकार ने नवंबर 2019 में खादी ग्रामोद्योग विकास योजना (KGVY) शुरू की। यह केंद्र सरकार की एक योजना है, जिसके तहत खादी क्षेत्र और ग्रामोद्योगों को एक साथ सहायता दी जाती है। इस योजना के पात्र लाभार्थियों को कई तरह की सहायता मिल सकती है। इसमें एक कारीगर को अपना कार्यशेड बनाने के लिए ₹1.20 लाख तक की सहायता, पात्र खादी संस्थाओं को प्रभावी रूप से 4% सालाना ब्याज दर पर कार्यशील पूंजी के लिए ऋण और ग्रामीण कारीगरों तथा बेरोजगार युवाओं को प्रशिक्षण के साथ मशीनरी या टूलकिट देना शामिल है।

इस योजना को भारत सरकार के सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्रालय (MSME) के अंतर्गत खादी और ग्रामोद्योग आयोग (KVIC) लागू करता है। KVIC योजना का लाभ पहुँचाने के लिए राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड (KVIBs), खादी संस्थाओं और बैंकों के साथ मिलकर काम करता है। KGVY के दो मुख्य घटक हैं: खादी विकास योजना (KVY) और ग्रामोद्योग विकास योजना (GVY)। इसके अलावा, KVIC के स्थापना संबंधी खर्चों के लिए खादी अनुदान भी दिया जाता है। योजना के दिशा-निर्देश, सूचनाएँ और अन्य आधिकारिक जानकारी KVIC की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध है।

खादी विकास योजना (KVY) के तहत पात्र खादी कारीगरों को आर्थिक प्रोत्साहन और कार्यशेड बनाने के लिए सहायता मिल सकती है। पात्र खादी संस्थाओं को सालाना 4% ब्याज दर पर बैंक ऋण की सुविधा भी मिल सकती है। 1 अप्रैल 2025 से कताई की मजदूरी बढ़ाकर ₹15 प्रति हैंक कर दी गई और बुनाई की मजदूरी में 20% की बढ़ोतरी की गई।

ग्रामोद्योग विकास योजना (GVY) के तहत 18 से 55 वर्ष की आयु के पात्र ग्रामीण कारीगरों और बेरोजगार युवाओं को कौशल प्रशिक्षण दिया जा सकता है। उन्हें मिट्टी के बर्तन बनाने, मधुमक्खी पालन, सिलाई, अगरबत्ती बनाने, चमड़े का काम, प्लंबिंग और बिजली से जुड़े कामों के लिए मशीनें या टूलकिट भी मिल सकती हैं। लागू नियमों के अनुसार SC/ST वर्ग के लोगों, महिलाओं और गरीबी रेखा से नीचे (BPL) रहने वाले परिवारों को प्राथमिकता दी जा सकती है।

आवेदन करने के लिए अपने नजदीकी KVIC राज्य या मंडलीय कार्यालय से संपर्क करें और पता करें कि आवेदन स्वीकार किए जा रहे हैं या नहीं। खादी कारीगर प्रोत्साहन राशि या कार्यशेड के लिए अपने संबंधित खादी संस्थान या KVIB से संपर्क कर सकते हैं। आवेदन की तारीखें, जरूरी दस्तावेज और लाभार्थी का कोई अंशदान संबंधित कार्यक्रम पर निर्भर करता है। उपलब्ध जानकारी की समीक्षा में GVY के लिए पूरे देश में लागू कोई एक समान आवेदन अवधि या सभी लाभार्थियों के लिए एक जैसी राष्ट्रीय दस्तावेज सूची नहीं मिली।

सहायता के लिए KVIC की आधिकारिक वेबसाइट और उसके संपर्क पेज पर जाकर संबंधित कार्यालय की जानकारी प्राप्त करें। योजना से जुड़ी शोध-सामग्री में दिए गए संपर्क विवरण के अनुसार, आप खादी निदेशालय से 022-26714325 और विपणन निदेशालय से 022-26716680 पर भी संपर्क कर सकते हैं। कार्यालय जाने या दस्तावेज जमा करने से पहले KVIC से इन नंबरों की वर्तमान स्थिति की पुष्टि कर लें।

यदि आप अपना छोटा व्यवसाय शुरू करना चाहते हैं, तो पात्रता के अनुसार प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (PMEGP) भी उपयोगी हो सकता है। वहीं, प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना के तहत निर्धारित पारंपरिक व्यवसायों में काम करने वाले पात्र कारीगरों को कौशल प्रशिक्षण, टूलकिट सहायता और ऋण की सुविधा दी जाती है।

खादी ग्रामोद्योग विकास योजना के मुख्य घटक

खादी ग्रामोद्योग विकास योजना के तहत खादी उत्पादन और ग्रामीण ग्रामोद्योगों को एक केंद्र प्रायोजित ढाँचे के अंतर्गत सहायता दी जाती है। इसके तीन मुख्य घटक हैं: खादी विकास योजना (KVY), ग्रामोद्योग विकास योजना (GVY) और खादी अनुदान। इन तीनों घटकों का उद्देश्य अलग-अलग जरूरतों को पूरा करना है।

  1. खादी विकास योजना (KVY): यह घटक खादी क्षेत्र को सहायता देता है। इसमें सूती, ऊनी, रेशमी और पॉलीवस्त्र खादी शामिल हैं। इसके तहत कारीगरों को प्रोत्साहन राशि, रियायती ऋण, कार्यशेड बनाने, बुनियादी सुविधाओं में सुधार, बिक्री केंद्रों के नवीनीकरण, उत्पादों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने और मार्केटिंग के लिए सहायता दी जाती है।
  2. ग्रामोद्योग विकास योजना (GVY): इस घटक का उद्देश्य ग्रामीण उद्योगों को बढ़ावा देना है। इसके तहत ग्रामीण कारीगरों और पात्र बेरोजगार युवाओं को कौशल प्रशिक्षण, मशीनरी, टूलकिट, तकनीकी सुधार और अन्य जरूरी सहायता दी जाती है। इसके अंतर्गत उद्योगों के छह क्षेत्र शामिल हैं: कृषि आधारित और खाद्य प्रसंस्करण उद्योग, खनिज आधारित उद्योग, स्वास्थ्य एवं सौंदर्य प्रसाधन, हस्तनिर्मित कागज और चमड़ा उद्योग, ग्रामीण इंजीनियरिंग एवं नई तकनीक और सेवा उद्योग।
  3. खादी अनुदान: इस घटक के तहत KVIC के अधिकारियों और कर्मचारियों के स्थापना संबंधी खर्चों को पूरा करने के लिए सहायता दी जाती है, ताकि आयोग योजना के अंतर्गत अपनी जिम्मेदारियाँ पूरी कर सके।

इन घटकों का उद्देश्य कारीगरों की आजीविका में सुधार करना, ग्रामीण उद्योगों को मजबूत बनाना, उत्पादन और बिक्री बढ़ाना तथा पारंपरिक उत्पादों को बाजार में प्रतिस्पर्धा करने योग्य बनाना है। मिलने वाली सहायता संबंधित घटक और उसके दिशा-निर्देशों पर निर्भर करती है।

योजना के लाभ

खादी ग्रामोद्योग विकास योजना (KGVY) के तहत खादी कारीगरों, ग्रामीण कामगारों और पात्र संस्थाओं को आर्थिक सहायता, बेहतर कार्य सुविधाएँ, कौशल प्रशिक्षण और काम के उपकरण उपलब्ध कराने में मदद की जाती है। योजना के मुख्य लाभ इस प्रकार हैं:

  • पात्र व्यक्तिगत खादी कारीगर को योजना की शर्तों और निर्धारित लागत सीमा के अनुसार कार्यशेड बनाने के लिए ₹1.20 लाख तक की सहायता मिल सकती है।
  • 5 से 15 कारीगरों के पात्र समूह को सामूहिक कार्यशेड बनाने के लिए प्रति कारीगर ₹80,000 तक की सहायता मिल सकती है। इसके लिए संबंधित नियमों और शर्तों को पूरा करना जरूरी है।
  • पात्र खादी संस्थाओं को ISEC योजना के तहत कार्यशील पूंजी के लिए प्रभावी रूप से 4% सालाना ब्याज दर पर ऋण मिल सकता है।
  • खादी कारीगरों को मार्केट डेवलपमेंट असिस्टेंस (MDA/MMDA) व्यवस्था के तहत आर्थिक प्रोत्साहन मिल सकता है। सामान्यतः सूती, ऊनी और पॉलीवस्त्र खादी के लिए कारीगरों का हिस्सा 35% और रेशमी खादी के लिए 30% होता है।
  • 1 अप्रैल 2025 से घोषित मजदूरी संशोधन के तहत कताई की मजदूरी बढ़ाकर ₹15 प्रति हैंक कर दी गई और बुनाई की मजदूरी में 20% की बढ़ोतरी की गई।
  • पात्र ग्रामीण कारीगरों और बेरोजगार युवाओं को मिट्टी के बर्तन बनाने, मधुमक्खी पालन, सिलाई, अगरबत्ती बनाने, चमड़े का काम, प्लंबिंग और बिजली से जुड़े कामों के लिए कौशल प्रशिक्षण तथा मशीनरी या टूलकिट मिल सकती है।
  • हनी मिशन के तहत पात्र लाभार्थियों को मधुमक्खी पालन का प्रशिक्षण और मधुमक्खी के बक्से तथा संबंधित उपकरण जैसी सहायता मिल सकती है।
  • कुम्हार सशक्तिकरण कार्यक्रम के तहत पात्र कुम्हारों को उत्पादन क्षमता बढ़ाने के लिए इलेक्ट्रिक पॉटरी व्हील (बिजली से चलने वाला चाक) और प्रशिक्षण मिल सकता है।
  • कमजोर स्थिति में चल रही पात्र खादी संस्थाओं को संबंधित घटक के तहत ₹15 लाख तक की सहायता मिल सकती है।
  • पात्र खादी बिक्री केंद्रों को संबंधित श्रेणी और वित्तीय शर्तों के अनुसार नवीनीकरण के लिए ₹25 लाख तक की सहायता मिल सकती है।
  • यह योजना उत्पादों की गुणवत्ता सुधारने, खादी मार्क प्रमाणन, प्रदर्शनियों, मार्केटिंग और अन्य गतिविधियों को बढ़ावा देती है, ताकि खादी और ग्रामोद्योग के उत्पाद अधिक ग्राहकों तक पहुँच सकें।
  • यह योजना ग्रामीण समुदायों के लिए आजीविका के बेहतर अवसरों को भी बढ़ावा देती है और पात्र कारीगरों को प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना (PMJJBY) तथा प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना (PMSBY) जैसी सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से जोड़ने में मदद करती है।

ध्यान दें: योजना के लाभ पात्रता, संबंधित घटक के दिशा-निर्देशों, मंजूरी और उपलब्ध धनराशि पर निर्भर करते हैं। प्रशिक्षण की अवधि, टूलकिट का प्रकार और लाभार्थी को किसी तरह का अंशदान देना होगा या नहीं, यह संबंधित कार्यक्रम और स्थानीय सूचना के अनुसार अलग-अलग हो सकता है।

पात्रताएं

खादी ग्रामोद्योग विकास योजना (KGVY) के तहत खादी विकास योजना (KVY) और ग्रामोद्योग विकास योजना (GVY) के माध्यम से अलग-अलग लोगों और संस्थाओं को सहायता दी जाती है। पात्रता की शर्तें इस बात पर निर्भर करती हैं कि आप किस तरह की सहायता लेना चाहते हैं।

  • ग्रामोद्योग विकास योजना के तहत प्रशिक्षण और टूलकिट के लिए आवेदन करने वाले लोगों की आयु सामान्यतः 18 से 55 वर्ष के बीच होनी चाहिए।
  • ग्रामीण क्षेत्रों के बेरोजगार युवा और पारंपरिक कारीगर, जो पात्र ग्रामोद्योग से जुड़े हैं या उसमें काम शुरू करना चाहते हैं, आवेदन आमंत्रित किए जाने पर आवेदन कर सकते हैं।
  • आवेदकों को संबंधित प्रशिक्षण कार्यक्रम की शर्तें और चयन प्रक्रिया पूरी करनी होगी।
  • संबंधित दिशा-निर्देशों के अनुसार SC/ST वर्ग के पात्र लोगों, महिलाओं, गरीबी रेखा से नीचे (BPL) रहने वाले परिवारों और अन्य निर्धारित प्राथमिकता वाले समूहों को प्राथमिकता दी जा सकती है।
  • KVY के तहत सहायता लेने वाले खादी कारीगरों को सामान्यतः किसी पात्र खादी संस्था या खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड (KVIB) से जुड़ा होना चाहिए।
  • योजना का लाभ लेने वाली खादी संस्थाओं को KVIC या संबंधित KVIB की पंजीकरण, प्रमाणन और मंजूरी से जुड़ी शर्तें पूरी करनी होंगी।
  • कार्यशेड बनाने के लिए सहायता लेने वाले कारीगर ने सामान्यतः एक साल में कम से कम 100 दिन काम किया होना चाहिए। साथ ही, जमीन के मालिकाना हक या जमीन आवंटन से जुड़ी निर्धारित शर्तें भी पूरी करनी होंगी।
  • जिन आवेदकों को पहले इसी तरह की सहायता मिल चुकी है, वे कुछ लाभों के लिए पात्र नहीं हो सकते हैं। यह बात खासकर कार्यशेड बनाने की सहायता पर लागू हो सकती है। आवेदन करने से पहले संबंधित योजना के दिशा-निर्देश जरूर जाँच लें।
  • आवेदकों को पहचान प्रमाण और अपने नजदीकी KVIC राज्य या मंडलीय कार्यालय द्वारा माँगे गए अन्य दस्तावेज तैयार रखने चाहिए। लाभ के प्रकार और आवेदक की श्रेणी के अनुसार अतिरिक्त दस्तावेज भी माँगे जा सकते हैं।

पात्रता की शर्तें और चयन की प्रक्रिया योजना के अलग-अलग घटकों तथा प्रशिक्षण कार्यक्रमों के अनुसार बदल सकती हैं। आवेदन करने से पहले KVIC के आधिकारिक कार्यालय से संपर्क करें और नवीनतम सूचना जाँच लें।

आवश्यक दस्तावेज

यदि आप खादी ग्रामोद्योग विकास योजना (KGVY) के तहत सहायता के लिए आवेदन करना चाहते हैं, तो आपको अपनी पहचान, आयु, पते और पात्रता की पुष्टि करने के लिए कुछ दस्तावेज जमा करने पड़ सकते हैं। जरूरी दस्तावेज इस बात पर निर्भर करेंगे कि आप ग्रामोद्योग विकास योजना (GVY) के तहत प्रशिक्षण और टूलकिट के लिए आवेदन कर रहे हैं या खादी विकास योजना (KVY) के तहत सहायता लेना चाहते हैं।

  • संबंधित KVIC राज्य या मंडलीय कार्यालय द्वारा निर्धारित आवेदन फॉर्म।
  • आधार कार्ड या जरूरत के अनुसार स्वीकार किया जाने वाला कोई अन्य पहचान प्रमाण।
  • पते का प्रमाण।
  • आयु का प्रमाण।
  • हाल ही की दो पासपोर्ट आकार की तस्वीरें, यदि आवेदन फॉर्म में माँगी गई हों।
  • जहाँ जरूरी हो, वहाँ शैक्षणिक योग्यता और काम के अनुभव से जुड़ी जानकारी।
  • यदि आप किसी पात्र आरक्षित या प्राथमिकता वाली श्रेणी के तहत आवेदन कर रहे हैं और सूचना में इसकी माँग की गई है, तो जाति प्रमाण पत्र।
  • यदि आप BPL स्थिति के आधार पर लाभ या प्राथमिकता लेना चाहते हैं, तो BPL प्रमाण पत्र या स्वीकार किया जाने वाला अन्य प्रमाण।
  • जहाँ जरूरी हो, प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (DBT) के लिए आधार से जुड़े बैंक खाते या डाकघर खाते का विवरण।
  • कार्यशेड बनाने की सहायता के लिए जमीन के मालिकाना हक, आवंटन या जमीन से जुड़े अन्य स्वीकार्य दस्तावेज।
  • योजना के पात्र लाभों के लिए आवेदन करने वाली संस्थाओं के पंजीकरण, खादी प्रमाण पत्र, खादी मार्क प्रमाण पत्र और अन्य संबंधित मंजूरी के दस्तावेज।

यह दस्तावेजों की एक सामान्य सूची है। KGVY के हर लाभ के लिए ये सभी दस्तावेज अनिवार्य नहीं हैं। GVY के सभी आवेदनों के लिए एक समान राष्ट्रीय दस्तावेज सूची अभी संबंधित प्राधिकरण द्वारा जारी नहीं की गई है। आवेदन करने से पहले अपने नजदीकी KVIC कार्यालय से संपर्क करें और नवीनतम सूचना के अनुसार जरूरी दस्तावेजों की पुष्टि कर लें।

ग्रामोद्योग विकास योजना के तहत उपलब्ध प्रशिक्षण और टूलकिट के प्रकार

ग्रामोद्योग विकास योजना (GVY) के तहत पात्र ग्रामीण कारीगरों और बेरोजगार युवाओं को व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जा सकता है। कार्यक्रम के अनुसार उन्हें मशीनरी या टूलकिट भी मिल सकती है, ताकि वे अपने कौशल में सुधार कर सकें और कमाई करने वाला काम शुरू कर सकें। उपलब्ध प्रशिक्षण के विकल्प KVIC द्वारा चलाए जा रहे कार्यक्रमों और जारी की गई सूचनाओं पर निर्भर करते हैं।

  • मधुमक्खी पालन: हनी मिशन के तहत प्रशिक्षण और मधुमक्खी के बक्से तथा संबंधित उपकरण जैसी सहायता।
  • मिट्टी के बर्तन बनाना: कुम्हार सशक्तिकरण कार्यक्रम के तहत प्रशिक्षण और बिजली से चलने वाले चाक उपलब्ध कराना।
  • अगरबत्ती बनाना: पात्र अगरबत्ती निर्माण कार्य के लिए प्रशिक्षण और मशीनरी।
  • सिलाई: सिलाई से जुड़े पात्र कामों के लिए प्रशिक्षण और सिलाई मशीनें।
  • चमड़े और जूते-चप्पलों का काम: चमड़े की मरम्मत और इससे जुड़े अन्य कामों के लिए प्रशिक्षण और औजार।
  • लकड़ी के बचे हुए टुकड़ों से सामान बनाना और बढ़ईगीरी: लकड़ी और बेकार लकड़ी से उपयोगी उत्पाद बनाने के लिए प्रशिक्षण और उपकरण।
  • कृषि आधारित और खाद्य प्रसंस्करण: ग्रामीण क्षेत्रों में पात्र खाद्य प्रसंस्करण से जुड़े कामों के लिए कौशल विकास और सहायता।
  • रेशा निकालना और हस्तनिर्मित उत्पाद बनाना: रेशे से जुड़े कामों और हाथ से उत्पाद बनाने के लिए प्रशिक्षण और उपकरण।
  • इलेक्ट्रीशियन और प्लंबिंग सेवाएँ: मरम्मत और रखरखाव से जुड़े पात्र कामों के लिए व्यावहारिक प्रशिक्षण और टूलकिट।
  • अन्य ग्रामीण सेवाएँ: संबंधित कार्यक्रम के अनुसार एयर कंडीशनर की मरम्मत, मोबाइल की मरम्मत और सिलाई मशीन चलाने जैसे कामों का प्रशिक्षण भी उपलब्ध हो सकता है।

प्रशिक्षण की अवधि और टूलकिट में शामिल उपकरणों का विवरण काम के प्रकार के अनुसार अलग-अलग होता है। उदाहरण के लिए, अगस्त 2024 में KVIC के एक राज्य कार्यालय द्वारा जारी सूचना में 10 से 20 दिनों तक चलने वाले प्रशिक्षण कार्यक्रमों और अलग-अलग कीमत की मशीनरी का उल्लेख था। उस सूचना में लाभार्थियों के अंशदान की शर्तें भी दी गई थीं। इसलिए उस कार्यक्रम की अंशदान दरों को पूरे देश में लागू नहीं मानना चाहिए।

वर्तमान में किन प्रशिक्षण कार्यक्रमों के लिए आवेदन स्वीकार किए जा रहे हैं, यह जानने के लिए GVY प्रशिक्षण पेज देखें और संबंधित KVIC राज्य या मंडलीय कार्यालय से संपर्क करें। प्रशिक्षण की उपलब्धता, चयन के नियम, जरूरी दस्तावेज और लाभार्थी के किसी भी अंशदान की पुष्टि नवीनतम सूचना से करें।

आवेदन प्रक्रिया

खादी ग्रामोद्योग विकास योजना (KGVY) में आवेदन करने की प्रक्रिया इस बात पर निर्भर करती है कि आप किस तरह की सहायता चाहते हैं। खादी कारीगर आमतौर पर अपनी संबंधित खादी संस्था या खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड (KVIB) के माध्यम से आवेदन करते हैं। वहीं, ग्रामोद्योग विकास योजना (GVY) के तहत प्रशिक्षण और टूलकिट लेने के इच्छुक लोगों को अपने स्थानीय KVIC कार्यालय द्वारा जारी आवेदन संबंधी सूचना के अनुसार प्रक्रिया पूरी करनी चाहिए।

  • सबसे पहले, अपनी जरूरत के अनुसार लाभ चुनें: यदि आप खादी कारीगर हैं और कार्यशेड बनाने की सहायता या कारीगर प्रोत्साहन राशि चाहते हैं, तो उस खादी संस्था से संपर्क करें जिससे आप जुड़े हैं। यदि आप किसी ग्रामोद्योग से जुड़े काम के लिए प्रशिक्षण या टूलकिट चाहते हैं, तो अपने नजदीकी KVIC राज्य या मंडलीय कार्यालय द्वारा जारी GVY आवेदन सूचनाएँ देखें।
  • नवीनतम सूचना देखें: KVIC की आधिकारिक वेबसाइट खोलें और योजना से जुड़ी नवीनतम घोषणाएँ तथा जरूरी जानकारी देखें। प्रशिक्षण से संबंधित जानकारी के लिए GVY प्रशिक्षण पेज भी देख सकते हैं। आवेदन की उपलब्धता राज्य और कार्यक्रम के अनुसार अलग-अलग हो सकती है।
  • आवेदन फॉर्म प्राप्त करें: यदि आवेदन खुले हैं, तो निर्धारित फॉर्म प्राप्त करें और सूचना को ध्यान से पढ़ें। उसमें दिए गए निर्देशों के अनुसार अपनी व्यक्तिगत जानकारी भरें, प्रशिक्षण या काम का विकल्प चुनें, जरूरी तस्वीरें लगाएँ और संबंधित दस्तावेज संलग्न करें।
  • आवेदन जमा करें: भरा हुआ आवेदन फॉर्म सूचना में बताए गए KVIC राज्य या मंडलीय कार्यालय में अंतिम तारीख से पहले जमा करें। आवेदन जमा करने के लिए उसी कार्यालय द्वारा बताई गई प्रक्रिया अपनाएँ, क्योंकि GVY के व्यक्तिगत लाभार्थियों के लिए पूरे देश में लागू एक समान ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया की जानकारी नहीं मिली है।
  • चयन प्रक्रिया पूरी होने का इंतजार करें: संबंधित कार्यालय आपके आवेदन की जाँच करेगा और चयन प्रक्रिया पूरी करेगा। यदि GVY के तहत आपका चयन होता है, तो आपको निर्धारित प्रशिक्षण में भाग लेना पड़ सकता है। कार्यक्रम के अनुसार यह प्रशिक्षण आमतौर पर लगभग 10 से 20 दिनों का हो सकता है।
  • प्रशिक्षण और टूलकिट प्राप्त करें: जरूरी प्रक्रिया सफलतापूर्वक पूरी करने के बाद पात्र लाभार्थियों को प्रशिक्षण प्रमाण पत्र और मंजूर की गई मशीनरी या टूलकिट मिल सकती है। लाभार्थी को कोई अंशदान देना होगा या उपकरणों के रखरखाव से जुड़ा कोई लिखित आश्वासन देना होगा, यह संबंधित कार्यक्रम की सूचना पर निर्भर करेगा।
  • KVY के लाभों के लिए संपर्क करें: यदि आप कार्यशेड बनाने की सहायता या KVY के किसी अन्य लाभ के लिए आवेदन करना चाहते हैं, तो अपनी संबंधित खादी संस्था या KVIB से आवेदन प्रक्रिया, जरूरी दस्तावेज और मंजूरी के चरणों की जानकारी लें। इन लाभों के आवेदन सामान्यतः संबंधित संस्था के माध्यम से आगे बढ़ाए जाते हैं, न कि किसी सीधे व्यक्तिगत ऑनलाइन आवेदन के जरिए।

महत्वपूर्ण: अक्टूबर 2026 तक समीक्षा की गई आधिकारिक जानकारी में GVY के लिए पूरे भारत में लागू कोई एक समान आवेदन अवधि नहीं मिली। फॉर्म भरने या जमा करने से पहले अपने नजदीकी KVIC कार्यालय से संपर्क करें। यह भी पता कर लें कि आवेदन स्वीकार किए जा रहे हैं या नहीं, कौन-कौन से दस्तावेज चाहिए और लाभार्थी को कोई अंशदान देना होगा या नहीं।

महत्वपूर्ण लिंक

संपर्क जानकारी

खादी ग्रामोद्योग विकास योजना (KGVY) से संबंधित सवालों के लिए आवेदक खादी और ग्रामोद्योग आयोग (KVIC) से संपर्क कर सकते हैं। यह आयोग भारत सरकार के सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्रालय के अंतर्गत काम करता है।

खादी और ग्रामोद्योग आयोग (KVIC)

  • टेलीफोन: (STD कोड 022) 69168912 / 69168913 / 69168914
  • पता: "ग्रामोदय", 3, इरला रोड, विले पार्ले (पश्चिम), मुंबई, पिन कोड – 400056, महाराष्ट्र, भारत।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

खादी ग्रामोद्योग विकास योजना (KGVY) भारत सरकार की एक योजना है, जिसे नवंबर 2019 में शुरू किया गया था। इसका उद्देश्य खादी और ग्रामीण उद्योगों को बढ़ावा देना, कारीगरों की कमाई बढ़ाना और ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर पैदा करना है।
 

इस योजना को सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्रालय (MSME), भारत सरकार के अंतर्गत खादी और ग्रामोद्योग आयोग (KVIC) लागू करता है।
 

इस योजना के तहत पात्र व्यक्तिगत खादी कारीगरों को कार्यशेड बनाने के लिए ₹1.20 लाख तक की सहायता, पात्र समूहों को सामूहिक कार्यशेड के लिए प्रति कारीगर ₹80,000 तक की सहायता और पात्र खादी संस्थाओं को 4% प्रभावी सालाना ब्याज दर पर ऋण मिल सकता है। इसके अलावा, पात्र ग्रामीण कारीगरों और बेरोजगार युवाओं को कौशल प्रशिक्षण, मशीनरी और टूलकिट भी मिल सकती है।
 

पात्र खादी कारीगर, कताई करने वाले कारीगर, बुनकर, ग्रामीण कारीगर और बेरोजगार युवा योजना के संबंधित घटक के तहत सहायता के लिए आवेदन कर सकते हैं। पात्रता इस बात पर निर्भर करती है कि आवेदक किस तरह का लाभ लेना चाहता है।
 

ग्रामोद्योग विकास योजना (GVY) के तहत प्रशिक्षण और टूलकिट के लिए आवेदन करने वाले लोगों की आयु सामान्यतः 18 से 55 वर्ष के बीच होनी चाहिए। इसके अलावा, उन्हें संबंधित प्रशिक्षण कार्यक्रम की शर्तें भी पूरी करनी होंगी।
 

हाँ, संबंधित दिशा-निर्देशों के अनुसार पात्र महिलाओं, SC/ST वर्ग के लोगों, गरीबी रेखा से नीचे (BPL) रहने वाले परिवारों और अन्य निर्धारित प्राथमिकता वाले समूहों को प्राथमिकता दी जा सकती है।
 

आवेदन के लिए पहचान प्रमाण, पते का प्रमाण, आयु प्रमाण, पासपोर्ट आकार की तस्वीरें और आवेदन फॉर्म की जरूरत हो सकती है। पात्रता के अनुसार जाति प्रमाण पत्र, BPL प्रमाण पत्र, बैंक खाते का विवरण या जमीन से जुड़े दस्तावेज भी माँगे जा सकते हैं। सही दस्तावेजों की सूची संबंधित KVIC कार्यालय से प्राप्त करें।
 

GVY के तहत मधुमक्खी पालन, मिट्टी के बर्तन बनाना, सिलाई, अगरबत्ती बनाना, चमड़े का काम, बढ़ईगीरी, खाद्य प्रसंस्करण, इलेक्ट्रीशियन और प्लंबिंग जैसे कामों के लिए प्रशिक्षण मिल सकता है। कार्यक्रम के अनुसार मशीनरी या टूलकिट भी दी जा सकती है।
 

आवेदन करने के लिए अपने नजदीकी KVIC राज्य या मंडलीय कार्यालय से संपर्क करें। खादी कारीगर कार्यशेड या अन्य KVY लाभों के लिए अपनी संबंधित खादी संस्था या KVIB से संपर्क कर सकते हैं। GVY के तहत प्रशिक्षण और टूलकिट के लिए आवेदन की सूचना देखकर निर्धारित फॉर्म और जरूरी दस्तावेज जमा करें।
 

योजना की जानकारी के लिए KVIC की आधिकारिक वेबसाइट देखें। GVY प्रशिक्षण से जुड़ी जानकारी GVY प्रशिक्षण पेज पर भी उपलब्ध है। आप KVIC से 022-69168912, 022-69168913 या 022-69168914 पर संपर्क कर सकते हैं।
 

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