- दिव्यांग विद्यार्थियों को शिक्षा जारी रखने के लिए आवश्यक सहायक उपकरण उपलब्ध कराए जाते हैं।
- योजना के अंतर्गत लैपटॉप और मोटराइज्ड ट्राइसाइकिल निःशुल्क प्रदान की जाती है।
- लाभ विद्यार्थी की दिव्यांगता की श्रेणी और प्रवेश स्तर के अनुसार दिया जाता है।
- मध्य प्रदेश निदेशालय, सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग हेल्पलाइन नंबर :-0755-2556916.
- मध्य प्रदेश निदेशालय, सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग हेल्पडेस्क ईमेल :[email protected].
योजना का सारांश | |
|---|---|
| योजना का नाम | मध्य प्रदेश मुख्यमंत्री दिव्यांग शिक्षा प्रोत्साहन योजना |
| शुरू की गई | 20 June 2013 |
| नोडल विभाग | सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग, मध्य प्रदेश |
| लाभ | निःशुल्क लैपटॉप एवं मोटराइज्ड ट्राइसाइकिल |
| लाभार्थी | मध्य प्रदेश के दिव्यांग बच्चे |
| सब्सक्रिप्शन | योजना से जुड़ी अपडेट प्राप्त करने के लिए यहाँ सब्सक्राइब करें . |
| आवेदन का माध्यम | ऑनलाइन एवं ऑफलाइन |
योजना के बारे में
दिव्यांग विद्यार्थियों के लिए शिक्षा प्राप्त करना केवल स्कूल या कॉलेज में प्रवेश लेने तक सीमित नहीं होता, बल्कि पढ़ाई जारी रखने के लिए उन्हें कई अतिरिक्त चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। आर्थिक स्थिति कमजोर होने, सहायक उपकरणों की कमी, शैक्षणिक संस्थानों तक पहुंचने में कठिनाई और आधुनिक तकनीकी संसाधनों के अभाव के कारण अनेक विद्यार्थी अपनी पढ़ाई बीच में ही छोड़ देते हैं। इन समस्याओं को ध्यान में रखते हुए मध्य प्रदेश सरकार ने मुख्यमंत्री दिव्यांग शिक्षा प्रोत्साहन योजना शुरू की है।
इस योजना का उद्देश्य दिव्यांग विद्यार्थियों को केवल आर्थिक सहायता देना नहीं, बल्कि उन्हें शिक्षा के लिए आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराकर आत्मनिर्भर बनाना है। योजना के अंतर्गत पात्र विद्यार्थियों को उनकी दिव्यांगता की श्रेणी के अनुसार लैपटॉप अथवा मोटराइज्ड ट्राइसाइकिल (Motorized Tricycle) प्रदान की जाती है, जिससे वे डिजिटल शिक्षा से जुड़ सकें, अपनी पढ़ाई सुचारु रूप से जारी रख सकें तथा विद्यालय, महाविद्यालय या पॉलीटेक्निक संस्थानों तक आसानी से पहुंच सकें।
यह योजना विशेष रूप से दृष्टिबाधित, श्रवण बाधित, बौद्धिक दिव्यांग तथा अस्थिबाधित विद्यार्थियों के लिए बनाई गई है। पात्रता निर्धारित शैक्षणिक योग्यता, दिव्यांगता के प्रकार तथा अन्य निर्धारित शर्तों के आधार पर तय की जाती है। योजना का संचालन सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग, मध्य प्रदेश शासन द्वारा किया जाता है। बाद में सरकार ने योजना में संशोधन करते हुए अभिभावकों की वार्षिक आय सीमा की शर्त भी समाप्त कर दी, जिससे अधिक से अधिक पात्र दिव्यांग विद्यार्थी इसका लाभ प्राप्त कर सकें।

योजना के लाभ
योजना के अंतर्गत विद्यार्थियों को उनकी दिव्यांगता की श्रेणी और शैक्षणिक स्तर के अनुसार अलग-अलग प्रकार की सहायता प्रदान की जाती है, अधिकतम सहायता राशि प्रति हितग्राही ₹50,000/- तक सीमित है। पात्र विद्यार्थियों को निम्नलिखित लाभ दिए जाते हैं-
दिव्यांगता की श्रेणी | सहायता | कब प्रदान की जाती है |
बौद्धिक दिव्यांगता(Intellectual Disability) | लैपटॉप | कक्षा 10 में प्रथम प्रवेश तथा स्नातक/पॉलीटेक्निक में प्रथम प्रवेश पर (एक-एक बार) |
दृष्टिबाधित (Visual Impairment) | लैपटॉप | कक्षा 10 में प्रथम प्रवेश तथा स्नातक/पॉलीटेक्निक में प्रथम प्रवेश पर (एक-एक बार) |
श्रवण बाधित (Hearing Impairment) | लैपटॉप | कक्षा 10 में प्रथम प्रवेश तथा स्नातक/पॉलीटेक्निक में प्रथम प्रवेश पर (एक-एक बार) |
दोनों हाथों से गंभीर रूप से अस्थिबाधित विद्यार्थी | लैपटॉप | निर्धारित पात्रता पूरी होने पर |
दोनों पैरों से चलने में असमर्थ अस्थिबाधित विद्यार्थी | मोटराइज्ड ट्राइसाइकिल | कक्षा 10 या स्नातक में प्रथम प्रवेश के समय |
पात्रताएँ
योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए आवेदक को निम्नलिखित पात्रता शर्तें पूरी करनी होंगी-
- आवेदक मध्य प्रदेश का मूल निवासी होना चाहिए।
- आवेदक निर्धारित दिव्यांगता श्रेणियों में से किसी एक श्रेणी का होना चाहिए।
- दिव्यांगता का वैध प्रमाण-पत्र (UDID/दिव्यांग प्रमाण-पत्र) होना आवश्यक है।
- दृष्टिबाधित, श्रवण बाधित एवं बौद्धिक दिव्यांग विद्यार्थियों ने पिछली कक्षा में कम से कम 50% अंक प्राप्त किए हों।
- अस्थिबाधित (Locomotor Disability) विद्यार्थियों ने पिछली कक्षा में कम से कम 60% अंक प्राप्त किए हों।
- विद्यार्थी ने कक्षा 10, स्नातक या पॉलीटेक्निक में प्रथम बार नियमित प्रवेश लिया हो (लाभ की श्रेणी के अनुसार)।
- अस्थिबाधित विद्यार्थियों के लिए दोनों पैरों से चलने में असमर्थता तथा अन्य निर्धारित दिव्यांगता श्रेणियों के लिए कम से कम 40% दिव्यांगता होना आवश्यक है।
- आवेदक का नाम SPARSH पोर्टल पर पंजीकृत होना चाहिए।
- संशोधित आदेश के अनुसार अभिभावकों की वार्षिक आय सीमा लागू नहीं है।
आवश्यक दस्तावेज
योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए आवेदन के समय निम्नलिखित दस्तावेजों की आवश्यकता हो सकती है-
- समग्र आईडी
- आधार कार्ड
- UDID (Unique Disability ID) कार्ड या वैध दिव्यांगता प्रमाण-पत्र
- मध्य प्रदेश का मूल निवासी प्रमाण-पत्र (यदि आवश्यक हो)
- पिछली कक्षा की अंकसूची
- वर्तमान शैक्षणिक संस्थान में प्रवेश प्रमाण-पत्र / प्रवेश रसीद
- विद्यालय, महाविद्यालय या पॉलीटेक्निक का प्रमाण-पत्र (यदि आवश्यक हो)
- पासपोर्ट साइज फोटो
- मोबाइल नंबर
- ईमेल आईडी (यदि उपलब्ध हो)
आवेदन करने की प्रक्रिया
ऑनलाइन
यदि आपने पहले SPARSH पोर्टल पर दिव्यांग पंजीकरण नहीं कराया है, तो योजना के लिए आवेदन करने से पहले नीचे दिए गए चरणों का पालन करें।
- चरण 1: सबसे पहले SPARSH पोर्टल की आधिकारिक वेबसाइट खोलें।
- चरण 2: होम पेज पर "दिव्यांग रजिस्ट्रेशन" विकल्प पर क्लिक करें।
- चरण 3: नीचे स्क्रॉल करके "दिव्यांग पोर्टल पर पंजीकरण करें" विकल्प चुनें।
- चरण 4: जिस व्यक्ति का पंजीकरण करना है उसकी समग्र सदस्य आईडी दर्ज करें।
- चरण 5: अब "आवेदन पंजीयन हेतु ऑनलाइन आवेदन करें" विकल्प पर क्लिक करें।
- चरण 6: स्क्रीन पर दिखाई गई सदस्य की जानकारी जैसे नाम, पिता/माता/पति का नाम एवं अन्य विवरण ध्यानपूर्वक जांच लें।
- चरण 7: अब अपना UDID (Unique Disability ID) कार्ड नंबर दर्ज करें।
- चरण 8: "पंजीकरण करें" पर क्लिक करें। इसके बाद UDID कार्ड में उपलब्ध दिव्यांगता संबंधी जानकारी स्क्रीन पर दिखाई देगी। सभी विवरणों का मिलान कर लें।
- चरण 9: घोषणा (Declaration) के सामने दिए गए चेक बॉक्स पर टिक करें।
- चरण 10: अंत में "पंजीयन करें" बटन पर क्लिक करें। सफलतापूर्वक सबमिट होने के बाद आपका SPARSH पोर्टल पर दिव्यांग पंजीकरण पूरा हो जाएगा।
नोट: योजना का ऑनलाइन आवेदन करने से पहले SPARSH पोर्टल पर दिव्यांग पंजीकरण होना आवश्यक है।
मुख्यमंत्री दिव्यांग शिक्षा प्रोत्साहन योजना के लिए ऑनलाइन आवेदन कैसे करें?
- SPARSH पोर्टल पर पंजीकरण पूरा होने के बाद पात्र विद्यार्थी योजना के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।
- चरण 1: SPARSH पोर्टल पर अपने पंजीकृत मोबाइल नंबर से लॉगिन करें।
- चरण 2: उपलब्ध योजनाओं की सूची में "मुख्यमंत्री दिव्यांग शिक्षा प्रोत्साहन योजना" का चयन करें।
- चरण 3: आवेदन फॉर्म में मांगी गई सभी व्यक्तिगत, शैक्षणिक एवं दिव्यांगता संबंधी जानकारी सावधानीपूर्वक भरें।
- चरण 4: आवश्यक दस्तावेज निर्धारित प्रारूप में अपलोड करें।
- चरण 5: सभी जानकारी की एक बार पुनः जांच करें।
- चरण 6: आवेदन सबमिट करें और भविष्य के लिए आवेदन क्रमांक या रसीद सुरक्षित रखें।
ऑफलाइन
यदि आप ऑफलाइन आवेदन करना चाहते हैं, तो निर्धारित आवेदन पत्र भरकर आवश्यक दस्तावेजों के साथ अपने क्षेत्र के संबंधित कार्यालय में जमा करें।
ग्रामीण क्षेत्र के आवेदक निम्नलिखित स्थानों पर आवेदन कर सकते हैं-
- ग्राम पंचायत
- जनपद पंचायत
- लोक सेवा केंद्र
शहरी क्षेत्र के आवेदक निम्नलिखित कार्यालयों में आवेदन जमा कर सकते हैं-
- नगर निगम
- नगर पालिका
- नगर परिषद
आवेदन जमा करने के बाद संबंधित कार्यालय से प्राप्ति रसीद (Acknowledgement Receipt) अवश्य लें। यह रसीद भविष्य में आवेदन की स्थिति जानने या किसी भी प्रकार की सहायता प्राप्त करने के लिए उपयोगी होती है।
आवेदन के बाद की प्रक्रिया एवं लाभार्थी चयन
ऑनलाइन आवेदन जमा होने के बाद संबंधित अधिकारियों द्वारा आवेदन और अपलोड किए गए दस्तावेजों का सत्यापन किया जाता है। इसके बाद पात्र विद्यार्थियों का चयन निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार किया जाता है।
चयन प्रक्रिया निम्नानुसार होती है-
- चरण 1: SPARSH पोर्टल पर प्राप्त सभी ऑनलाइन आवेदनों की जांच जिला स्तर पर की जाती है।
- चरण 2: विद्यालय स्तर के आवेदनों का सत्यापन संयुक्त/उप संचालक, सामाजिक न्याय विभाग तथा जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा किया जाता है।
- चरण 3: महाविद्यालय एवं पॉलीटेक्निक के विद्यार्थियों के आवेदनों का सत्यापन कलेक्टर द्वारा अधिकृत अधिकारी/संस्था के माध्यम से किया जाता है।
- चरण 4: पात्र आवेदकों की सूची तैयार कर कलेक्टर की स्वीकृति के लिए भेजी जाती है।
- चरण 5: कलेक्टर से अनुमोदन मिलने के बाद चयनित विद्यार्थियों को निर्धारित तिथि पर मूल दस्तावेजों के सत्यापन के लिए बुलाया जाता है।
- चरण 6: मूल दस्तावेजों का सफल सत्यापन होने के बाद विद्यार्थी को योजना का अंतिम लाभार्थी माना जाता है।
- चरण 7: इसके बाद पात्र विद्यार्थियों को उनकी पात्रता के अनुसार लैपटॉप या मोटराइज्ड ट्राइसाइकिल प्रदान की जाती है।
वित्तीय वर्ष 2026-27 हेतु समय-सारणी
गतिविधि | अंतिम तिथि |
ऑनलाइन/ऑफलाइन आवेदन प्राप्त करना | 31 अगस्त 2026 |
आवेदनों की जांच कर स्वीकृत/अस्वीकृत करना | 15 सितंबर 2026 |
जिला स्तरीय कार्यक्रम में वितरण (विश्व दिव्यांग दिवस) | 3 दिसंबर 2026 |
योजना की महत्वपूर्ण शर्तें
योजना का लाभ प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को निम्नलिखित शर्तों का पालन करना आवश्यक है-
- योजना के तहत प्राप्त लैपटॉप या मोटराइज्ड ट्राइसाइकिल को बेचा या किसी अन्य व्यक्ति को हस्तांतरित नहीं किया जा सकता।
- लाभ प्राप्त करने के बाद विद्यार्थी को विभाग द्वारा निर्धारित घोषणा-पत्र (Undertaking) देना होता है।
- यदि विद्यार्थी बीच में पढ़ाई छोड़ देता है, तो विभाग निर्धारित नियमों के अनुसार उपलब्ध कराई गई सामग्री का मूल्य वापस लेने की कार्रवाई कर सकता है।
- यदि लाभार्थी की लापरवाही से लैपटॉप या मोटराइज्ड ट्राइसाइकिल क्षतिग्रस्त हो जाती है या खो जाती है, तो उसी लाभ के लिए दोबारा सहायता प्रदान नहीं की जाएगी।
- योजना का लाभ केवल निर्धारित पात्रता शर्तों को पूरा करने वाले विद्यार्थियों को ही मिलेगा।
- आवेदन में गलत या भ्रामक जानकारी पाए जाने पर आवेदन निरस्त किया जा सकता है तथा आवश्यक कार्रवाई की जा सकती है।
- अनुबंध की मूल प्रति संयुक्त/उप संचालक सामाजिक न्याय के कार्यालय में तथा एक प्रति शैक्षणिक संस्था के पास रहेगी। यदि विद्यार्थी सत्र के बीच में पढ़ाई छोड़कर अन्यत्र चला जाता है, तो टी.सी. देने से पूर्व संस्था द्वारा सामग्री के समतुल्य राशि वापस प्राप्त कर संयुक्त/उप संचालक कार्यालय में जमा करनी होगी।
महत्वपूर्ण लिंक
- सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग की आधिकारिक वेबसाइट
- SPARSH पोर्टल
- मध्य प्रदेश दिव्यांग शिक्षा प्रोत्साहन योजना दिशा-निर्देश
संपर्क विवरण
सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग, मध्य प्रदेश
- कार्यालय: संचालनालय, सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग पत्रकार कॉलोनी, लिंक रोड क्रमांक-3, भोपाल – 462016
- फोन: 07552556916
- ईमेल: [email protected]
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
यह मध्य प्रदेश सरकार की एक योजना है, जिसके तहत पात्र दिव्यांग विद्यार्थियों को उनकी दिव्यांगता के आधार पर निःशुल्क लैपटॉप या मोटराइज्ड ट्राइसाइकिल प्रदान की जाती है, ताकि वे अपनी शिक्षा आसानी से जारी रख सकें।
योजना का लाभ मध्य प्रदेश के पात्र दृष्टिबाधित, श्रवण बाधित, बौद्धिक दिव्यांग तथा अस्थिबाधित विद्यार्थियों को निर्धारित पात्रता पूरी करने पर दिया जाता है।
पात्र विद्यार्थियों को उनकी दिव्यांगता की श्रेणी के अनुसार लैपटॉप या मोटराइज्ड ट्राइसाइकिल उपलब्ध कराई जाती है।
नहीं। संशोधित प्रावधानों के अनुसार इस योजना में अभिभावकों की वार्षिक आय सीमा लागू नहीं है।
योजना के लिए आवेदन SPARSH पोर्टल के माध्यम से किया जाता है। आवेदन करने से पहले SPARSH पोर्टल पर दिव्यांग पंजीकरण आवश्यक है।
हाँ। योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए UDID (Unique Disability ID) कार्ड या वैध दिव्यांगता प्रमाण-पत्र आवश्यक है।
लाभ योजना के निर्धारित नियमों के अनुसार केवल संबंधित शैक्षणिक स्तर पर प्रथम प्रवेश के समय दिया जाता है। प्रत्येक स्तर पर सहायता केवल एक बार प्रदान की जाती है।
आवेदन और दस्तावेजों के सत्यापन के बाद पात्र विद्यार्थियों की सूची तैयार की जाती है। कलेक्टर की स्वीकृति एवं मूल दस्तावेजों के सत्यापन के बाद लाभ प्रदान किया जाता है।
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