मध्य प्रदेश मुख्यमंत्री कृषक उद्यमी योजना

द्वारा प्रस्तुत pinky on Wed, 02/09/2026 - 10:58
मध्य प्रदेश CM
Scheme Permanently Closed
हाइलाइट
  • नया व्यवसाय शुरू करने के लिए ₹50,000 से ₹2 करोड़ तक की वित्तीय सहायता प्रदान की जाती थी।
  • पात्र लाभार्थियों को मार्जिन मनी सहायता और ब्याज सब्सिडी मिल सकती थी।
  • इस योजना के तहत खाद्य प्रसंस्करण, दुग्ध प्रसंस्करण और मिल जैसे विभिन्न कृषि-आधारित व्यवसायों को सहायता दी जाती थी।
  • इसका उद्देश्य किसानों और उनके बच्चों के बीच स्वरोजगार को बढ़ावा देना था।
योजना का अवलोकन
योजना का नाममध्य प्रदेश मुख्यमंत्री कृषक उद्यमी योजना।
आरंभ होने की तिथि2018.
लाभउद्यम स्थापित करने के लिए वित्तीय सहायता।
लाभार्थीराज्य के कृषक के पुत्र / पुत्री।
नोडल विभागसूक्ष्म लघु और मध्यम उद्यम विभाग ,मध्य प्रदेश।
आवेदन का तरीकामध्य प्रदेश मुख्यमंत्री कृषक उद्यमी योजना का ऑफलाइन आवेदन पत्र द्वारा।

योजना के बारे में

  • मध्य प्रदेश मुख्यमंत्री कृषक उद्यमी योजना यह 2018 में मध्य प्रदेश सरकार द्वारा शरू की गयी थी।
  • इस योजना का मुख्य उदेश्य राज्य के कृषक के बच्चों पुत्र /पुत्री एवं स्वयं को नया उद्यम स्तापित करने केलिए सहायता दी जायगी।
  • योजना के तहत नया उद्यम स्थापित करने के लिए राज्य सरकार के द्वारा बैंक से ऋण उपलब्ध करवाया जायगा।
  • योजना के तहत आर्थिक सहायता केवल नया उद्यम स्थापित करने के लिए दी जायगी।
  • '' सूक्ष्म लघु और मध्यम उद्यम विभाग '' इस योजना का नोडल विभाग है।
  • इस योजना के तहत राज्य में नया उद्यम स्थापित करने के लिए लाभार्थीयो को 50,000/- से 2,0000000/- रूपए तक की सहायता दी जायगी।
  • मध्य प्रदेश मुख्यमंत्री कृषक उद्यमी योजना के तहत आधारित परियोजनाओं को प्राथमिकता दी जायगी।
  • मध्य प्रदेश मुख्यमंत्री कृषक उद्यमी योजना के अंतर्गत परियोजना की पूँजी लागत का 15 % यानि अधिकतम 12,00,000/- रूपए सामन्य वर्ग को दिया जायगा।
  • योजना के तहत बी.पी.एल. वर्ग के परिवार को परियोजना लागत का 20 % अधिकतम 18,00,000/- रूपए प्रदान किया जायगा।
  • इस योजना के तहत महिला उद्यमी के लिए 6 % और पुरुष उद्यमी के लिए 5 % ब्याज अनुदान दिया जायगा।
  • लाभार्थी किसी भी राष्ट्रीयकृत बैंक / वित्तीय संस्था /सरकारी बैंक का चूककर्ता नहीं होना चाहिए।
  • इस योजना के लिए लाभार्थी की न्यूनतम आयु 18 से 45 वर्ष तक होनी चाहिए।
  • योजना के तहत लाभार्थी 10वीं कक्षा पास किया होना चाहिए।
  • इस योजना के अंतर्गत गारंटी फीस प्रचलित दर से अधिकतम 7 वर्ष तक प्रदान किया जायगा।
  • योजना के अंतर्गत कृषक के पास अपनी भूमि होनी चाहिए एवं वह किसी प्रकार का आयकर दाता नहीं होना चाहिए।
  • इस योजना के तहत कृषक के बच्चे खुद का उद्यम स्थापित कर सकते है।
  • मध्य प्रदेश मुख्यमंत्री कृषक उद्यमी योजना के तहत कृषक एवं परिवार की कोई आय सीमा निर्धारित नहीं है।
  • योजना के तहत लाभार्थी किसी अन्य स्वरोजगार योजना के अंतर्गत लाभ नहीं ले रहा हो।
  • इस योजना के तहत आवेदक के परिवार एवं उसे केवल एक बार ही सहायता प्राप्त होगी।
  • इस योजना का लाभ लेने के लिए आवेदक ऑफलाइन आवेदन पत्र के माध्यम से लाभ प्राप्त कर सकता है।
  • मध्य प्रदेश मुख्यमंत्री कृषक उद्यमी योजना का ऑफलाइन आवेदन पत्र जिला व्यापर एवं उद्योग केंद्र के कार्यालय में उपलब्ध है।

मध्य प्रदेश मुख्यमंत्री कृषक उद्यमी योजना की वर्तमान स्थिति

मध्य प्रदेश मुख्यमंत्री कृषक उद्यमी योजना एक बंद की जा चुकी योजना है। मध्य प्रदेश सरकार ने 1 अप्रैल 2020 से इस योजना को बंद कर दिया था। इसलिए आवेदक पुरानी मुख्यमंत्री कृषक उद्यमी योजना के तहत नए आवेदन जमा नहीं कर सकते और न ही नए लाभ का दावा कर सकते हैं। यह योजना पहले किसानों और उनके बेटों तथा बेटियों को बैंक वित्तपोषित परियोजनाओं के माध्यम से अपना उद्योग, सेवा या व्यवसाय स्थापित करने में सहायता देने के लिए लागू की गई थी। इसके बाद मध्य प्रदेश सरकार ने इस योजना के स्थान पर मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना शुरू की।

योजना के लाभ

  • मध्य प्रदेश मुख्यमंत्री कृषक उद्यमी योजना के अंतर्गत निम्नलिखित लाभ दिए जायगे :-
    • मध्य प्रदेश मुख्यमंत्री कृषक उद्यमी योजना के अंतर्गत परियोजना लागत के लिए 50 हजार से 2 करोड़ रूपए तक की आर्थिक सहायता दी जायगी।
    • इस योजना का लाभ केवल राज्य के कृषक कृषक और उनके बच्चों को मिलेगा।
    • इस योजना के तहत परियोजना की पूँजीलागत के लिए निम्नलिखित मार्जिन मनी दिया जायगा :-

      परियोजना की पूँजीलागत मार्जिन मनी सहायता
      समान्य वर्ग को परियोजना लागत का।15 % (अधिकतम 12 लाख रूपए) दिया जायगा।
      बी.पी.एल. को परियोजना लागत का।20 % (अधिकतम 18 लाख रूपए )दिया जायगा।
    • योजना के तहत परियोजना की पूँजीलागत पर निम्नलिखित ब्याज अनुदान दिया जायगा :-

      ब्याज अनुदान
      पुरुष उद्यमी को परियोजना लागत पर।5% ब्याज अनुदान दिया जायगा।
      महिला उद्यमी को परियोजना लागत पर।6% ब्याज अनुदान दिया जायगा।

चलने वाली परियोजनाएं

  • मध्य प्रदेश मुख्यमंत्री कृषक उद्यमी योजना के अंतर्गत निम्नलिखित परियोजना चलाई जायगी :-
    • एग्रो प्रोसेसिंग।
    • फ़ूड प्रोसेसिंग।
    • कोल्ड स्टोरेज।
    • मिल्क प्रोसेसिंग।
    • केटल फीड।
    • दाल मिल।
    • राइस मिल।
    • ऑइल मिल।
    • फ्लोर मिल।
    • बेकरी मसाला निर्माण।
    • सीड ग्रेडिंग।
    • उद्योग और सेवा क्षेत्र से जुडी कृषि आधारित परियोजनाएँ।

पात्रताएं

  • मध्य प्रदेश मुख्यमंत्री कृषक उद्यमी योजना के लिए निम्नलिखित आवेदक पात्र होंगे :-
    • आवेदक राज्य का निवासी होना चाहिए।
    • आवेदक की आयु 18 वर्ष से 45 वर्ष तक होनी चाहिए।
    • आवेदक द्वारा न्यूनतम 10वीं कक्षा उत्तीर्ण किया होना चाहिए।
    • आवेदक आयकर दाता नहीं होना चाहिए।
    • आवेदक के पास अपनी भूमि होनी चाहिए।
    • आवेदक को योजना में आवेदन करने के लिए कोई आय सीमा निर्धारित नहीं की गयी है।
    • आवेदक किसी भी राष्ट्रीयकृत बैंक / वित्तीय संस्था /सरकारी बैंक का चूककर्ता नहीं होना चाहिए।
    • आवेदक किसी अन्य शासकीय उद्यमी एवं स्वरोजगार योजना के अंतर्गत लाभ प्राप्त नहीं कर रहा होना चाहिए।
    • आवेदक का परिवार पहले से ही उद्योग /व्यापर क्षेत्र में होकर आयकर दाता नहीं होने चाहिए।

आवश्यक दस्तावेज

  • मध्य प्रदेश मुख्यमंत्री कृषक उद्यमी योजना का लाभ लेने के लिए निम्नलिखित दस्तावेज होने अनिवार्य है :-
    • निवासी प्रमाण पत्र।
    • आधार कार्ड।
    • आय प्रमाण पत्र।
    • आवास प्रमाण पत्र।
    • बी.पी.एल. कार्ड।
    • कृषक का आधार कार्ड।
    • भूमि से जुड़े दस्तावेज।
    • 10वीं का सर्टिफिकेट।
    • बैंक खाते की जानकारी।
    • पासपोर्ट साइज फोटो।
    • मोबाईल नंबर।

ऑफलाइन आवेदन प्रक्रिया

  • लाभार्थी मध्य प्रदेश मुख्यमंत्री कृषक उद्यमी योजना के तहत आवेदक ऑफलाइन आवेदन पत्र के माध्यम से आवेदन कर सकता है।
  • मुख्यमंत्री कृषक उद्यमी योजना का ऑफलाइन आवेदन पत्र किसान कल्याण विभाग / जिला व्यापर एवं उद्योग केंद्र के कार्यालय में उपलब्ध है।
  • वहाँ से आवेदन पत्र लें और उसमे पूछे गए सभी दस्तावेजों को सलग्न करे।
  • मध्य प्रदेश मुख्यमंत्री कृषक उद्यमी योजना के आवेदन पत्र और सभी दस्तावेजों को जिला व्यापर एवं उद्योग केंद्र में जमा करे।
  • जिला व्यापर एवं उद्योग केंद्र के अधिकारी आवेदन पत्र और सभी दस्तावेजों को सत्यापित करते है।
  • जिला व्यापर एवं उद्योग केंद्र के अधिकारियो द्वारा आवेदन पत्र को मंजूरी दी जायगी।
  • उचित सत्यापित होने के बाद आवेदक को योजना का लाभ प्राप्त होने लगेगा।

महत्वपूर्ण आवेदन पत्र

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संपर्क करने का विवरण

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