- मुख्यमंत्री कौशल्या योजना के तहत महिलाओं को पूरी तरह निःशुल्क और रोजगारपरक कौशल प्रशिक्षण दिया जाता है।
- सफल प्रशिक्षणार्थियों को संबंधित सेक्टर स्किल काउंसिल द्वारा NSQF के अनुरूप प्रमाण-पत्र प्रदान किया जाता है।
- प्रशिक्षित महिलाओं में से कम से कम 70% को वेतन आधारित रोजगार या स्वरोजगार से जोड़ना आवश्यक है।
- तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास एवं रोजगार विभाग हेल्पडेस्क ईमेल: [email protected]
योजना का अवलोकन | |
|---|---|
| योजना का नाम | मध्य प्रदेश मुख्यमंत्री कौशल्या योजना |
| लाभ | निःशुल्क, प्रमाणित और रोजगार से जुड़ा कौशल प्रशिक्षण |
| लाभार्थी | 15 वर्ष से अधिक आयु की महिलाएं |
| नोडल विभाग | MPSSDEGB, मध्य प्रदेश सरकार |
| सब्सक्रिप्शन | योजना की निरंतर जानकारी के लिए यहाँ सब्सक्राइब करे। |
| आवेदन का तरीका | ऑनलाइन |
योजना के बारे में
मुख्यमंत्री कौशल्या योजना (MMKY) मध्य प्रदेश सरकार की एक कौशल विकास योजना है, जिसे मध्य प्रदेश राज्य कौशल विकास एवं रोजगार सृजन बोर्ड (MPSSDEGB) द्वारा लागू किया जाता है। यह योजना विशेष रूप से महिलाओं के लिए संचालित की जाती है। राज्य सरकार इस योजना का पूरा खर्च वहन करती है और राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप रोजगारपरक कौशल प्रशिक्षण प्रदान करती है। इस योजना के माध्यम से सरकार का उद्देश्य मध्य प्रदेश की महिलाओं को व्यावहारिक और रोजगार के लिए उपयोगी कौशल प्रदान करना है, ताकि वे नौकरी प्राप्त कर सकें या अपना स्वयं का काम शुरू कर सकें।
राज्य सरकार ने महिलाओं को कार्यबल में अधिक संख्या में शामिल करने और उन क्षेत्रों में उनके लिए रोजगार के अवसर बढ़ाने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री कौशल्या योजना शुरू की, जहां महिलाओं की भागीदारी अपेक्षाकृत कम रही है। MMKY के चार प्रमुख उद्देश्य हैं- महिलाओं को वेतन आधारित रोजगार या स्वरोजगार के लिए आवश्यक कौशल प्रदान करना, गैर-पारंपरिक क्षेत्रों में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाना, उनके रोजगार के अवसरों का विस्तार करना और प्रशिक्षण के बाद महिलाओं की आय के स्तर में वृद्धि करना। इन उद्देश्यों को पूरा करने के लिए वर्ष 2017-18 से हर वर्ष 2 लाख महिलाओं को प्रशिक्षण देने का भौतिक लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
MMKY का सबसे बड़ा लाभ यह है कि प्रशिक्षण पूरी तरह निःशुल्क है, क्योंकि इसका पूरा खर्च राज्य सरकार वहन करती है। प्रशिक्षण पाठ्यक्रम ट्रेड के अनुसार सामान्यतः 15 दिन से 9 महीने तक चलते हैं और इनकी अवधि लगभग 100 से 1,200 घंटे तक हो सकती है। प्रशिक्षण पूरा होने के बाद संबंधित सेक्टर स्किल काउंसिल द्वारा NSQF के अनुरूप प्रमाण-पत्र प्रदान किया जाता है, जो भारत और विदेशों में रोजगार के लिए मान्य रहता है। योजना के तहत 14 क्षेत्रों को शामिल किया गया है, जिनमें परिधान, ब्यूटी एवं वेलनेस, IT एवं ITES, स्वास्थ्य सेवा, खाद्य प्रसंस्करण, रिटेल तथा बैंकिंग, वित्तीय सेवाएं एवं बीमा (BFSI) शामिल हैं।
इस योजना के तहत सरकारी, अर्ध-सरकारी और निजी प्रशिक्षण संस्थानों के माध्यम से प्रशिक्षण दिया जाता है। महिला आवेदक अपने आधार नंबर के माध्यम से आधिकारिक कौशल विकास पोर्टल पर पंजीकरण करती है। इसके बाद प्रत्येक पाठ्यक्रम के लिए निर्धारित शैक्षणिक योग्यता के आधार पर संस्थान ऑनलाइन मेरिट के अनुसार उम्मीदवारों का चयन करते हैं।
MMKY प्रशिक्षण को रोजगार से जोड़ती है। प्रशिक्षित महिलाओं में से कम से कम 70% को वेतन आधारित रोजगार या स्वरोजगार से जोड़ना आवश्यक है। वेतन आधारित रोजगार की स्थिति में प्रशिक्षण पूरा होने के तीन महीने के भीतर प्रशिक्षणार्थी को मध्य प्रदेश में अर्ध-कुशल श्रमिकों के लिए निर्धारित न्यूनतम मजदूरी के कम से कम बराबर आय प्राप्त करनी होती है। सरकार प्रशिक्षण प्रदाताओं को परिणाम आधारित चार किस्तों में भुगतान करती है। योजना के तहत प्रशिक्षणार्थियों को कोई स्टाइपेंड या DBT के माध्यम से नकद राशि नहीं दी जाती है।
मुख्यमंत्री कौशल्या योजना की तरह ही मध्य प्रदेश सरकार MPSSDEGB के माध्यम से युवाओं (महिला और पुरुष दोनों) के लिए मुख्यमंत्री कौशल संवर्धन योजना (MMKSY) भी संचालित कर रही है। इस योजना के तहत राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप निःशुल्क रोजगारपरक कौशल प्रशिक्षण दिया जाता है। इसके पाठ्यक्रम भी 15 दिन से 9 महीने तक चलते हैं, NSQF के अनुरूप प्रमाण-पत्र प्रदान किया जाता है और वर्ष 2017-18 से हर वर्ष 2.50 लाख युवाओं को प्रशिक्षण देने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
योजना के लाभ
मुख्यमंत्री कौशल्या योजना के तहत महिलाओं को निःशुल्क, प्रमाणित और रोजगार से जुड़ा कौशल प्रशिक्षण दिया जाता है। इसके प्रमुख लाभ इस प्रकार हैं:
- निःशुल्क प्रशिक्षण: प्रशिक्षणार्थियों से कोई शुल्क नहीं लिया जाता, क्योंकि प्रशिक्षण का पूरा खर्च राज्य सरकार वहन करती है।
- रोजगारपरक कौशल: पाठ्यक्रम महिलाओं को वेतन आधारित रोजगार या स्वरोजगार के लिए तैयार करते हैं।
- गैर-पारंपरिक क्षेत्र: महिलाएं ऑटोमोटिव, कैपिटल गुड्स, निर्माण, इलेक्ट्रॉनिक्स और सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में प्रशिक्षण प्राप्त कर सकती हैं।
- कौशल उन्नयन: जिन महिलाओं के पास पहले से कोई कौशल है, वे अपने कौशल को और बेहतर कर सकती हैं।
- अनौपचारिक कौशल का प्रमाणन: कामकाजी महिलाएं अपने अनौपचारिक कौशल का औपचारिक प्रमाणन प्राप्त कर सकती हैं।
- NSQF प्रमाण-पत्र: संबंधित सेक्टर स्किल काउंसिल द्वारा प्रमाण-पत्र जारी किया जाता है, जो भारत और विदेशों में रोजगार के लिए मान्य रहता है।
- रोजगार से जुड़ाव: प्रशिक्षित महिलाओं में से कम से कम 70% को वेतन आधारित रोजगार या स्वरोजगार से जोड़ना आवश्यक है।
- न्यूनतम मजदूरी की शर्त: वेतन आधारित रोजगार में प्रशिक्षणार्थी को प्रशिक्षण पूरा होने के तीन महीने के भीतर मध्य प्रदेश में अर्ध-कुशल श्रमिकों के लिए निर्धारित न्यूनतम मजदूरी के कम से कम बराबर आय प्राप्त करनी होती है।
- स्वरोजगार सहायता: इच्छुक प्रशिक्षणार्थियों को स्वरोजगार के लिए विशेष प्रशिक्षण दिया जाता है और प्रशिक्षण प्रदाता स्वरोजगार योजनाओं के तहत उनके आवेदन जमा करते हैं।
- आवासीय प्रशिक्षण: नक्सल प्रभावित क्षेत्रों की महिलाओं को आवासीय प्रशिक्षण की सुविधा मिल सकती है।
नोट: 70% प्लेसमेंट की शर्त पूरे प्रशिक्षण कार्यक्रम पर लागू होती है। यह प्रत्येक व्यक्तिगत प्रशिक्षणार्थी को नौकरी मिलने की गारंटी नहीं देती।
लक्षित समूह
मुख्यमंत्री कौशल्या योजना में महिलाओं के निम्नलिखित समूहों पर विशेष ध्यान दिया जाता है:
- वे महिलाएं जिन्होंने औपचारिक शिक्षा व्यवस्था छोड़ दी है।
- महिलाएं जो नौकरी या स्वरोजगार के लिए अपना कौशल विकसित करना चाहती हैं।
- महिलाएं जो अपने मौजूदा कौशल को और बेहतर करना चाहती हैं।
- कामकाजी महिलाएं जो अपने अनौपचारिक कौशल का प्रमाणन कराना चाहती हैं।
- नक्सल प्रभावित क्षेत्रों की महिलाएं, जिन्हें आवासीय प्रशिक्षण दिया जाता है।
पात्रताएं
मुख्यमंत्री कौशल्या योजना में नामांकन के लिए महिलाओं को योजना के तहत निर्धारित निम्नलिखित मूल पात्रता शर्तों को पूरा करना आवश्यक है:
- केवल महिलाएं ही आवेदन करने के लिए पात्र हैं।
- आवेदक की आयु कम से कम 15 वर्ष होनी चाहिए।
- आवेदक को चयनित NSQF पाठ्यक्रम के लिए भारत सरकार द्वारा निर्धारित न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता पूरी करनी चाहिए।
- पंजीकरण के लिए आवेदक के पास वैध आधार नंबर होना चाहिए।
आवश्यक दस्तावेज
मुख्यमंत्री कौशल्या योजना (MMKY) के लिए आवेदन करने के इच्छुक और पात्र उम्मीदवारों को निम्नलिखित दस्तावेज तैयार रखने चाहिए:
- आधार कार्ड
- शैक्षणिक योग्यता प्रमाण-पत्र
- निवास प्रमाण-पत्र
- आय प्रमाण-पत्र
- जाति प्रमाण-पत्र (केवल आरक्षित वर्ग के आवेदकों के लिए)
- दिव्यांगता प्रमाण-पत्र (केवल दिव्यांग आवेदकों के लिए)
आवेदन प्रक्रिया
महिलाएं MMKY के लिए केवल मध्य प्रदेश कौशल विकास पोर्टल पर ऑनलाइन पंजीकरण के माध्यम से आवेदन कर सकती हैं। हालांकि, संबंधित प्राधिकरण ने वर्ष 2026 के लिए कोई नया आवेदन विंडो आधिकारिक रूप से जारी नहीं किया है। आधिकारिक पंजीकरण संबंधी परिपत्र जारी होने या आवेदन विंडो सक्रिय होने के बाद उम्मीदवार नीचे दी गई प्रक्रिया के अनुसार आवेदन कर सकती हैं। नीचे दिए गए चरण MMKY के पंजीकरण और चयन प्रक्रिया को समझाते हैं।
कौशल विकास पोर्टल पर ऑनलाइन पंजीकरण प्रक्रिया
- सबसे पहले आधिकारिक कौशल विकास पोर्टल पर जाएं।
- नए उम्मीदवार का प्रोफाइल पंजीकृत करने के विकल्प पर क्लिक करें।
- प्रोफाइल फॉर्म को सावधानीपूर्वक भरें और उसे सबमिट करें।
- आपके पंजीकृत मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी पर यूजरनेम और पासवर्ड प्राप्त होगा।
- इन विवरणों का उपयोग करके पोर्टल पर लॉगिन करें।
- अपने मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी का सत्यापन करें।
- अपने पंजीकृत मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी पर प्राप्त OTP दर्ज करें।
- अपना आधार नंबर दर्ज करके आधार प्रमाणीकरण पूरा करें।
- शेष विवरण भरें और अपना पंजीकरण पूरा करें।
- भविष्य में संदर्भ के लिए पंजीकरण रसीद डाउनलोड या प्रिंट कर लें।
चयन और प्रवेश प्रक्रिया
पंजीकरण के बाद चयन और प्रशिक्षण की प्रक्रिया निम्नलिखित क्रम में होती है:
- पाठ्यक्रम का चयन करें और उसके लिए निर्धारित न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता की जांच करें।
- प्रत्येक पाठ्यक्रम के लिए निर्धारित योग्यता के आधार पर संस्थान ऑनलाइन मेरिट के अनुसार उम्मीदवारों का चयन करता है।
- चयनित उम्मीदवार आवंटित प्रशिक्षण केंद्र पर रिपोर्ट करें।
- प्रवेश के समय आधार कार्ड, वोटर आईडी, जाति प्रमाण-पत्र और शैक्षणिक प्रमाण-पत्र की फोटोकॉपी जमा करें।
- पाठ्यक्रम की पूरी अवधि के प्रशिक्षण बैच में भाग लें।
- पाठ्यक्रम के अंत में आयोजित मूल्यांकन में शामिल हों।
- मूल्यांकन में सफल होने के बाद संबंधित सेक्टर स्किल काउंसिल से NSQF के अनुरूप प्रमाण-पत्र प्राप्त करें।
प्रशिक्षण क्षेत्र और लक्ष्य
मुख्यमंत्री कौशल्या योजना के तहत निम्नलिखित क्षेत्रों में प्रशिक्षण के प्रस्तावित लक्ष्य निर्धारित किए गए हैं:
| क्रमांक | क्षेत्र | लक्ष्य |
|---|---|---|
| 1 | परिधान, मेड-अप्स एवं होम फर्निशिंग | 40,000 |
| 2 | ऑटोमोटिव | 5,000 |
| 3 | ब्यूटी एवं वेलनेस | 20,000 |
| 4 | कैपिटल गुड्स | 3,000 |
| 5 | निर्माण | 500 |
| 6 | घरेलू कामगार | 39,000 |
| 7 | इलेक्ट्रॉनिक्स एवं हार्डवेयर | 5,000 |
| 8 | खाद्य प्रसंस्करण | 25,000 |
| 9 | स्वास्थ्य सेवा | 5,000 |
| 10 | IT एवं ITES | 30,500 |
| 11 | रिटेल (सेवा क्षेत्र) | 5,000 |
| 12 | सुरक्षा | 10,000 |
| 13 | पर्यटन एवं हॉस्पिटैलिटी | 2,000 |
| 14 | बैंकिंग, वित्तीय सेवाएं एवं बीमा (BFSI) | 10,000 |
योजना के तहत प्रशिक्षण संस्थान
MMKY के तहत तीन प्रकार के संस्थान प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित कर सकते हैं:
- सरकारी संस्थान
- आईटीआई
- कौशल विकास केंद्र
- पॉलिटेक्निक
- इंजीनियरिंग कॉलेज
- कृषि इंजीनियरिंग कॉलेज
- उच्च शिक्षा विभाग के कॉलेज
- अर्ध-सरकारी संस्थान: CRISP, IGTR, NIFT, ATDC और भारत संचार निगम लिमिटेड जैसे प्रशिक्षण प्रदाता।
- निजी संस्थान: सेक्टर स्किल काउंसिल से संबद्ध अनुभवी निजी प्रशिक्षण प्रदाता।
प्रशिक्षण के बाद रोजगार का प्रावधान
MMKY में प्रशिक्षण के बाद प्लेसमेंट और प्रशिक्षणार्थियों की निगरानी के लिए स्पष्ट प्रावधान किए गए हैं:
- प्रशिक्षित सभी महिलाओं में से कम से कम 70% को वेतन आधारित रोजगार या स्वरोजगार से जोड़ना आवश्यक है।
- वेतन आधारित रोजगार की स्थिति में प्रशिक्षणार्थी को प्रशिक्षण पूरा होने के तीन महीने के भीतर मध्य प्रदेश में अर्ध-कुशल श्रमिकों के लिए निर्धारित न्यूनतम मजदूरी के कम से कम बराबर आय प्राप्त करनी होगी।
- स्वरोजगार की स्थिति में प्रशिक्षण प्रदाता को उद्यम पंजीकरण प्रमाण-पत्र जमा करना होगा। यदि प्रशिक्षणार्थी को किसी सरकारी योजना के तहत ऋण मिलता है, तो आय के प्रमाण के रूप में प्रशिक्षण प्रदाता को ऋण स्वीकृति पत्र और बैंक खाते का विवरण जमा करना होगा।
- सरकारी संस्थानों के माध्यम से दिए गए प्रशिक्षण के लिए MPSSDEGB और रोजगार निर्माण बोर्ड प्लेसमेंट का कार्य संभालते हैं।
- MPSSDEGB और रोजगार निर्माण बोर्ड प्लेसमेंट के बाद प्रशिक्षणार्थियों की निगरानी करते हैं।
- NSDC से संबद्ध प्रशिक्षण प्रदाता तीन महीने तक प्रशिक्षित महिलाओं की निगरानी करते हैं, ताकि यह जांचा जा सके कि वे लाभकारी रोजगार में बनी हुई हैं या अपना व्यवसाय लाभ के साथ चला रही हैं।
- प्रशिक्षण प्रदाता निर्धारित अंतराल पर पोर्टल पर प्रत्येक प्रशिक्षणार्थी की स्थिति और वेतन या आय का विवरण अपडेट करते हैं।
स्वरोजगार के लिए सहायता
MMKY उन महिलाओं को भी सहायता प्रदान करती है जो अपना स्वयं का काम शुरू करना चाहती हैं:
- MPSSDEGB ने स्वरोजगार के लिए उद्यमिता विकास प्रकोष्ठ स्थापित किया है।
- चयनित या इच्छुक प्रशिक्षणार्थियों को स्वरोजगार के लिए विशेष प्रशिक्षण दिया जाता है।
- MPSSDEGB ने विभिन्न स्वरोजगार गतिविधियों के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार की हैं।
- प्रशिक्षण प्रदाता जिला स्तरीय बैंकर्स समिति की बैठकों में स्वरोजगार योजनाओं के तहत नियमित रूप से आवेदन जमा करते हैं।
प्रमाणन और NSQF
- पाठ्यक्रम पूरा करने के बाद प्रत्येक प्रशिक्षणार्थी को राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप प्रमाण-पत्र प्रदान किया जाता है।
- इस NSQF-अनुरूप प्रमाणन की जिम्मेदारी संबंधित सेक्टर स्किल काउंसिल की होती है।
- यह प्रमाण-पत्र भारत और विदेशों में रोजगार के लिए मान्य रहता है।
- राष्ट्रीय कौशल योग्यता ढांचा (NSQF) ज्ञान, कौशल और अभिरुचि के स्तर के आधार पर योग्यताओं को व्यवस्थित करता है।
- यह प्रत्येक स्तर को सीखने के परिणामों के आधार पर परिभाषित करता है, जिन्हें कोई शिक्षार्थी औपचारिक, गैर-औपचारिक या अनौपचारिक शिक्षा के माध्यम से प्राप्त कर सकता है।
- एक राष्ट्रीय स्तर के एकीकृत गुणवत्ता आश्वासन ढांचे के रूप में NSQF सामान्य शिक्षा को व्यावसायिक शिक्षा और प्रशिक्षण से जोड़ता है।
प्रशिक्षण प्रदाताओं के लिए भुगतान संरचना
MMKY के तहत प्रशिक्षणार्थियों को कोई DBT राशि नहीं दी जाती है। इसके बजाय गैर-सरकारी प्रशिक्षण संस्थानों को परिणामों से जुड़ी चार किस्तों में भुगतान किया जाता है:
| किस्त | कुल लागत का हिस्सा | भुगतान जारी करने की शर्त |
|---|---|---|
| पहली | 30% | प्रशिक्षण बैच शुरू होने के बाद |
| दूसरी | 30% | प्रशिक्षण अवधि समाप्त होने के बाद, जब कम से कम 70% प्रशिक्षणार्थियों की उपस्थिति 70% या उससे अधिक हो |
| तीसरी | 20% | परीक्षा में शामिल हुए कम से कम 70% प्रशिक्षणार्थियों के प्रमाणित होने के बाद |
| चौथी | 20% | प्रमाणित प्रशिक्षणार्थियों में से कम से कम 70% के लगातार कम से कम तीन महीने तक रोजगार में रहने के बाद |
महत्वपूर्ण लिंक
- मुख्यमंत्री कौशल्या योजना का विवरण (MP Skills)
- मध्य प्रदेश स्किल्स पोर्टल
- मध्य प्रदेश राज्य कौशल विकास एवं रोजगार सृजन बोर्ड (MPSSDEGB)
संपर्क जानकारी
- तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास एवं रोजगार विभाग हेल्पडेस्क ईमेल: @email
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
मुख्यमंत्री कौशल्या योजना मध्य प्रदेश सरकार की पूर्णतः राज्य-वित्त पोषित कौशल विकास योजना है, जिसके तहत महिलाओं को निःशुल्क और रोजगारोन्मुखी, NSQF के अनुरूप कौशल प्रशिक्षण दिया जाता है।
15 वर्ष से अधिक आयु की महिलाएं, जो चयनित पाठ्यक्रम के लिए निर्धारित न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता पूरी करती हैं और जिनके पास आधार नंबर है, इस योजना के लिए आवेदन कर सकती हैं।
नहीं। यह योजना केवल महिलाओं के लिए संचालित की जाती है।
हां। आधार अनिवार्य है और डुप्लीकेट पंजीकरण को रोकने के लिए प्रणाली में आधार का उपयोग किया जाता है।
हां। प्रशिक्षण पूरी तरह निःशुल्क है और इसका पूरा खर्च राज्य सरकार द्वारा वहन किया जाता है।
प्रशिक्षण की अवधि आमतौर पर 15 दिन से 9 महीने तक होती है। यह लगभग 100 से 1,200 घंटे तक हो सकता है।
नहीं। योजना के तहत निःशुल्क प्रशिक्षण दिया जाता है। सरकार प्रशिक्षणार्थियों को सीधे राशि देने के बजाय प्रशिक्षण प्रदाताओं को भुगतान करती है।
प्रत्येक पाठ्यक्रम के लिए निर्धारित योग्यता के आधार पर संस्थानों द्वारा ऑनलाइन मेरिट के अनुसार उम्मीदवारों का चयन किया जाता है।
योजना के तहत कम से कम 70% प्रशिक्षित महिलाओं को वेतन आधारित रोजगार या स्वरोजगार से जोड़ने का प्रावधान है। हालांकि, प्रत्येक प्रशिक्षणार्थी को व्यक्तिगत रूप से नौकरी मिलने की गारंटी नहीं है।
प्रशिक्षण पूरा होने पर संबंधित सेक्टर स्किल काउंसिल द्वारा NSQF के अनुरूप प्रमाण-पत्र प्रदान किया जाएगा, जो भारत और विदेशों में रोजगार के लिए मान्य होगा।
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| लाभार्थी व्यक्ति का प्रकार | सरकार |
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