- जननी सुरक्षा योजना की शुरुआत 12 अप्रैल 2005 को मां और नवजात बच्चे की मृत्यु दर कम करने के लिए की गई थी।
- पात्र महिलाओं को अस्पताल में प्रसव कराने पर ₹600 से ₹1,400 तक की आर्थिक सहायता मिल सकती है।
- योजना का लाभ लेने के लिए गर्भवती महिलाएं आशा कार्यकर्ता, ANM या नजदीकी सरकारी स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क कर सकती हैं।
- स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार
- फोन: 011-24013173 / 011-24013174 (ये नंबर भारत सरकार की आधिकारिक डायरेक्टरी में मंत्रालय के संपर्क नंबर के रूप में दिए गए हैं। JSY के लिए अलग हेल्पलाइन नंबर की पुष्टि नहीं हुई है।)
योजना का अवलोकन | |
|---|---|
| योजना का नाम | जननी सुरक्षा योजना (JSY) |
| शुरू होने का साल | 2005 |
| लाभ | पात्र महिलाओं को अस्पताल या स्वास्थ्य केंद्र में प्रसव कराने पर ₹600 से ₹1,400 तक की आर्थिक सहायता मिलती है। राशि राज्य की श्रेणी और ग्रामीण या शहरी क्षेत्र के आधार पर तय होती है। |
| लाभार्थी | पात्र गर्भवती महिलाएं जो सरकारी या योजना के तहत मान्यता प्राप्त निजी स्वास्थ्य केंद्र में प्रसव कराती हैं। |
| संबंधित विभाग | राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM), स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय |
| सब्सक्रिप्शन | योजना से जुड़े अपडेट पाने के लिए यहां सब्सक्राइब करें |
| आवेदन का तरीका | आशा कार्यकर्ता, ANM या नजदीकी सरकारी स्वास्थ्य केंद्र के माध्यम से ऑफलाइन आवेदन करें। |
योजना के बारे में
गर्भावस्था और बच्चे का जन्म हर महिला की जिंदगी का अहम हिस्सा होता है, लेकिन इलाज के खर्च के कारण कई परिवारों को इस दौरान परेशानी होती है। गर्भवती महिलाओं को सुरक्षित तरीके से बच्चे को जन्म देने में मदद करने के लिए भारत सरकार ने जननी सुरक्षा योजना (JSY) की शुरुआत 12 अप्रैल 2005 को की थी। यह राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के तहत चलने वाली 100% केंद्र सरकार द्वारा वित्त पोषित योजना है। इसका उद्देश्य महिलाओं को अस्पताल या स्वास्थ्य केंद्र में प्रसव कराने के लिए प्रोत्साहित करना और मां व नवजात बच्चे की मृत्यु दर को कम करना है। इस योजना के तहत पात्र महिलाओं को ₹600 से ₹1,400 तक की आर्थिक सहायता मिलती है। सहायता की राशि इस बात पर निर्भर करती है कि महिला ग्रामीण या शहरी क्षेत्र में रहती है और उसका राज्य कम प्रदर्शन वाले राज्यों (LPS) या अधिक प्रदर्शन वाले राज्यों (HPS) की श्रेणी में आता है। गरीबी रेखा से नीचे (BPL) रहने वाली पात्र महिलाओं को घर पर प्रसव कराने के लिए भी ₹500 मिल सकते हैं, लेकिन इसके लिए योजना की शर्तें पूरी करना जरूरी है। गर्भवती महिलाओं को गर्भावस्था के दौरान जांच कराने और अस्पताल में प्रसव कराने में मदद करने वाली आशा कार्यकर्ताओं को भी इस योजना के तहत प्रोत्साहन राशि दी जाती है।
इस योजना को स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के तहत राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) चलाता है। मान्यता प्राप्त सामाजिक स्वास्थ्य कार्यकर्ता यानी आशा (ASHA) गर्भवती महिलाओं को गर्भावस्था के दौरान जांच के लिए पंजीकरण कराने, जरूरत पड़ने पर दूसरे स्वास्थ्य केंद्र में भेजने, आने-जाने के लिए वाहन की व्यवस्था करने और प्रसव के बाद देखभाल में मदद करती हैं। आर्थिक सहायता पाने की पात्रता राज्य की श्रेणी और प्रसव के लिए चुने गए स्वास्थ्य केंद्र पर निर्भर करती है। कम प्रदर्शन वाले राज्यों (LPS) में मान्यता प्राप्त सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों पर प्रसव कराने वाली सभी गर्भवती महिलाएं सहायता के लिए पात्र हो सकती हैं। वहीं, अधिक प्रदर्शन वाले राज्यों (HPS) में आमतौर पर गरीबी रेखा से नीचे (BPL) रहने वाले परिवारों, अनुसूचित जाति (SC) या अनुसूचित जनजाति (ST) से संबंधित महिलाओं को योजना के नियमों के अनुसार सहायता मिलती है। निजी अस्पताल में प्रसव कराने पर सहायता तभी मिल सकती है, जब अस्पताल योजना के तहत मान्यता प्राप्त हो और महिला पात्रता की शर्तें पूरी करती हो।
इस योजना का लाभ लेने के लिए गर्भवती महिलाएं अपनी आशा कार्यकर्ता, सहायक नर्स दाई (ANM) या नजदीकी सरकारी स्वास्थ्य केंद्र के माध्यम से गर्भावस्था का पंजीकरण करा सकती हैं। उन्हें अपना JSY कार्ड या मां और बच्चे की सुरक्षा से जुड़ा कार्ड (MCP कार्ड), बैंक खाते की जानकारी और अन्य जरूरी दस्तावेज तैयार रखने चाहिए। आर्थिक सहायता तय भुगतान प्रक्रिया के जरिए दी जाती है। कई मामलों में पैसा सीधे बैंक खाते में भेजा जाता है, जिसे प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) कहा जाता है। पात्रता, पंजीकरण या पैसे मिलने में देरी से जुड़ी किसी भी परेशानी के लिए महिलाएं अपनी आशा कार्यकर्ता, ANM, स्वास्थ्य केंद्र के चिकित्सा अधिकारी या जिला स्वास्थ्य कार्यालय से संपर्क कर सकती हैं।
गर्भावस्था के दौरान अतिरिक्त स्वास्थ्य सेवाओं की जरूरत वाली महिलाएं प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान (PMSMA) का भी लाभ ले सकती हैं। इस कार्यक्रम के तहत गर्भवती महिलाओं की मुफ्त स्वास्थ्य जांच की जाती है। इससे ऐसी गर्भावस्थाओं की पहचान करने में मदद मिलती है जिनमें ज्यादा खतरा हो सकता है, ताकि महिलाओं को समय पर जरूरी इलाज मिल सके।
योजना के लाभ
जननी सुरक्षा योजना (JSY) पात्र गर्भवती महिलाओं को आर्थिक सहायता और आशा कार्यकर्ताओं की मदद देकर सुरक्षित प्रसव की सुविधा पाने में मदद करती है। योजना के मुख्य लाभ इस प्रकार हैं:
- अस्पताल या स्वास्थ्य केंद्र में प्रसव कराने वाली पात्र महिलाओं को ₹600 से ₹1,400 तक की आर्थिक सहायता मिलती है। राशि राज्य की श्रेणी और महिला के ग्रामीण या शहरी क्षेत्र में रहने के आधार पर तय होती है।
- कम प्रदर्शन वाले राज्यों (LPS) में पात्र गर्भवती महिलाओं को ग्रामीण क्षेत्र में ₹1,400 और शहरी क्षेत्र में ₹1,000 मिल सकते हैं।
- अधिक प्रदर्शन वाले राज्यों (HPS) में पात्र गर्भवती महिलाओं को ग्रामीण क्षेत्र में ₹700 और शहरी क्षेत्र में ₹600 मिल सकते हैं।
- गरीबी रेखा से नीचे (BPL) रहने वाली पात्र महिलाओं को घर पर प्रसव कराने के लिए ₹500 मिल सकते हैं। इसके लिए योजना की शर्तें पूरी करना जरूरी है।
- आशा कार्यकर्ताओं को गर्भवती महिलाओं का पंजीकरण कराने, गर्भावस्था के दौरान जांच में मदद करने और अस्पताल में प्रसव कराने में सहायता देने के लिए प्रोत्साहन राशि मिलती है।
- यह योजना महिलाओं को सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों या योजना के तहत मान्यता प्राप्त निजी अस्पतालों में प्रसव कराने के लिए प्रोत्साहित करती है, जहां उन्हें प्रसव के दौरान चिकित्सा सुविधा मिल सकती है।
- आशा कार्यकर्ता गर्भवती महिलाओं के लिए वाहन की व्यवस्था करने, उन्हें सही स्वास्थ्य केंद्र तक पहुंचाने और प्रसव के बाद देखभाल में मदद करती हैं।
- योजना के प्रकाशित दिशानिर्देशों के अनुसार, अस्पताल में प्रसव कराने के लिए पात्र महिलाओं को मां की उम्र या बच्चों की संख्या की परवाह किए बिना आर्थिक सहायता मिल सकती है। इसके लिए लागू नियमों का पालन करना जरूरी है।
- यह योजना आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की उन परेशानियों को कम करने में मदद करती है, जिनके कारण वे अस्पताल में प्रसव कराने से पीछे हट सकते हैं।
जननी सुरक्षा योजना के तहत आर्थिक सहायता
जननी सुरक्षा योजना (JSY) के तहत पात्र गर्भवती महिलाओं को आर्थिक सहायता दी जाती है, ताकि वे अस्पताल या स्वास्थ्य केंद्र में प्रसव करा सकें और बच्चे के जन्म पर होने वाला खर्च कुछ कम हो सके। सहायता की राशि इस बात पर निर्भर करती है कि महिला ग्रामीण या शहरी क्षेत्र में रहती है और उसका राज्य कम प्रदर्शन वाले राज्यों (LPS) या अधिक प्रदर्शन वाले राज्यों (HPS) की श्रेणी में आता है।
योजना के प्रकाशित राष्ट्रीय दिशानिर्देशों के अनुसार, अस्पताल में प्रसव कराने पर मिलने वाली आर्थिक सहायता इस प्रकार है:
राज्य की श्रेणी | मां को सहायता (ग्रामीण) | आशा कार्यकर्ता को प्रोत्साहन राशि (ग्रामीण) | मां को सहायता (शहरी) | आशा कार्यकर्ता को प्रोत्साहन राशि (शहरी) |
|---|---|---|---|---|
| कम प्रदर्शन वाले राज्य (LPS) | ₹1,400 | ₹600 | ₹1,000 | ₹400 |
| अधिक प्रदर्शन वाले राज्य (HPS) | ₹700 | ₹600 | ₹600 | ₹400 |
मां को मिलने वाली आर्थिक सहायता और आशा कार्यकर्ता को मिलने वाली प्रोत्साहन राशि अलग-अलग होती हैं। आशा कार्यकर्ता को मिलने वाली राशि गर्भावस्था की जांच और अस्पताल में प्रसव कराने में उनकी मदद के लिए दी जाती है। यह पैसा मां को मिलने वाली सहायता में शामिल नहीं होता।
गरीबी रेखा से नीचे (BPL) रहने वाली पात्र महिलाओं को घर पर प्रसव कराने के लिए ₹500 मिल सकते हैं। इसके लिए योजना की शर्तें पूरी करना जरूरी है। अस्पताल में प्रसव कराने के मामले में, योजना के प्रकाशित दिशानिर्देशों के अनुसार मां की उम्र या बच्चों की संख्या के आधार पर सहायता से वंचित नहीं किया जाता, लेकिन लागू नियमों का पालन करना जरूरी है। पात्रता की पुष्टि के लिए महिलाएं अपनी आशा कार्यकर्ता, ANM या जिला स्वास्थ्य कार्यालय से संपर्क कर सकती हैं।
पात्रताएं
जननी सुरक्षा योजना (JSY) का लाभ उन गर्भवती महिलाओं को मिल सकता है जो अपने राज्य और प्रसव के लिए चुने गए स्वास्थ्य केंद्र से जुड़े नियमों को पूरा करती हैं। मुख्य शर्तें इस प्रकार हैं:
- कम प्रदर्शन वाले राज्यों (LPS) में मान्यता प्राप्त सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों पर प्रसव कराने वाली सभी गर्भवती महिलाएं आर्थिक सहायता के लिए पात्र हो सकती हैं।
- अधिक प्रदर्शन वाले राज्यों (HPS) में गरीबी रेखा से नीचे (BPL) रहने वाले परिवारों, अनुसूचित जाति (SC) या अनुसूचित जनजाति (ST) से संबंधित महिलाएं मान्यता प्राप्त सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों पर प्रसव कराने के लिए सहायता पा सकती हैं।
- मान्यता प्राप्त निजी अस्पतालों में प्रसव कराने वाली महिलाओं को सहायता मिल सकती है, अगर वे BPL, SC या ST श्रेणी से संबंधित हों और योजना की शर्तें पूरी करती हों।
- घर पर प्रसव कराने वाली BPL परिवारों की पात्र महिलाओं को ₹500 मिल सकते हैं। इसके लिए लागू शर्तें पूरी करना जरूरी है।
- मान्यता प्राप्त निजी अस्पताल में प्रसव कराने वाली पात्र महिलाओं को अन्य दस्तावेजों के साथ BPL कार्ड या SC/ST प्रमाणपत्र भी देना पड़ सकता है।
- योजना का लाभ लेने के लिए गर्भवती महिलाओं को अपनी आशा कार्यकर्ता, सहायक नर्स दाई (ANM) या नजदीकी सरकारी स्वास्थ्य केंद्र के माध्यम से पंजीकरण कराना चाहिए।
- योजना के प्रकाशित दिशानिर्देशों के अनुसार, अस्पताल में प्रसव कराने के लिए पात्र महिलाओं को मां की उम्र या बच्चों की संख्या की परवाह किए बिना सहायता मिल सकती है। इसके लिए लागू नियमों का पालन करना जरूरी है।
कम प्रदर्शन वाले राज्यों (LPS) में उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, बिहार, झारखंड, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, असम, राजस्थान, ओडिशा और जम्मू-कश्मीर शामिल हैं। योजना के प्रकाशित ढांचे के अनुसार, बाकी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को अधिक प्रदर्शन वाले राज्यों (HPS) की श्रेणी में रखा गया है।
प्रसव से पहले महिलाएं अपनी पात्रता और जरूरी दस्तावेजों की जानकारी आशा कार्यकर्ता, ANM या जिला स्वास्थ्य कार्यालय से जरूर ले लें।
आवश्यक दस्तावेज
जननी सुरक्षा योजना (JSY) का लाभ लेने के लिए गर्भवती महिलाओं को पंजीकरण और जांच के समय जरूरी दस्तावेज तैयार रखने चाहिए। दस्तावेजों की जरूरत राज्य और प्रसव के लिए चुने गए स्वास्थ्य केंद्र के अनुसार अलग-अलग हो सकती है। आमतौर पर इन दस्तावेजों की जरूरत पड़ सकती है:
- JSY कार्ड, जो गर्भावस्था के पंजीकरण के समय ANM या स्वास्थ्य केंद्र से मिलता है।
- मां और बच्चे की सुरक्षा से जुड़ा कार्ड (MCP कार्ड), जिसमें गर्भावस्था और मां के स्वास्थ्य से जुड़ी जानकारी होती है।
- आधार कार्ड या राज्य के नियमों के अनुसार स्वीकार किया जाने वाला कोई अन्य पहचान पत्र।
- आर्थिक सहायता सीधे बैंक खाते में पाने के लिए बैंक पासबुक या बैंक खाते की जानकारी, जहां यह लागू हो।
- पात्रता साबित करने के लिए जरूरत पड़ने पर गरीबी रेखा से नीचे (BPL) होने का कार्ड।
- जहां जरूरी हो, अनुसूचित जाति (SC) या अनुसूचित जनजाति (ST) का प्रमाणपत्र। इसकी जरूरत खासकर अधिक प्रदर्शन वाले राज्यों में या मान्यता प्राप्त निजी अस्पताल में प्रसव कराने वाली पात्र महिलाओं को पड़ सकती है।
- मान्यता प्राप्त निजी अस्पताल की जरूरत के अनुसार आशा कार्यकर्ता, ANM या चिकित्सा अधिकारी की रेफरल पर्ची।
- राज्य के नियमों के अनुसार जरूरत पड़ने पर उम्र का प्रमाण।
प्रसव से पहले अपनी आशा कार्यकर्ता, ANM या नजदीकी सरकारी स्वास्थ्य केंद्र से पूछ लें कि आपको कौन-कौन से दस्तावेज देने होंगे। सभी जरूरी दस्तावेज पहले से तैयार रखने से पंजीकरण और भुगतान में देरी होने की संभावना कम हो सकती है।
आवेदन प्रक्रिया
जननी सुरक्षा योजना (JSY) का लाभ लेने के लिए गर्भवती महिलाओं को अपना पंजीकरण कराना होता है और स्थानीय स्वास्थ्य कार्यकर्ता की मदद से कुछ आसान कदम पूरे करने होते हैं। आवेदन की प्रक्रिया मुख्य रूप से ऑफलाइन है। इसके लिए आप आशा कार्यकर्ता, ANM या नजदीकी सरकारी स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क कर सकती हैं।
- गर्भावस्था की पुष्टि होने के बाद अपनी आशा कार्यकर्ता, ANM या नजदीकी सरकारी स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करें।
- अपनी गर्भावस्था का पंजीकरण कराएं और यह सुनिश्चित करें कि आपकी जानकारी स्वास्थ्य रिकॉर्ड में दर्ज हो गई है।
- स्वास्थ्य कार्यकर्ता या स्वास्थ्य केंद्र से अपना जननी सुरक्षा योजना कार्ड और मां व बच्चे की सुरक्षा से जुड़ा MCP कार्ड लें।
- बैंक खाते की जानकारी, पहचान पत्र और जरूरत पड़ने पर BPL कार्ड या SC/ST प्रमाणपत्र सहित सभी जरूरी दस्तावेज तैयार रखें।
- गर्भावस्था के दौरान नियमित स्वास्थ्य जांच कराएं और आशा कार्यकर्ता से प्रसव के लिए सही स्वास्थ्य केंद्र के बारे में जानकारी लें।
- प्रसव के लिए किसी पात्र सरकारी स्वास्थ्य केंद्र या, अगर आप इसके लिए पात्र हैं, तो योजना के तहत मान्यता प्राप्त निजी अस्पताल को चुनें।
- बच्चे के जन्म के बाद आर्थिक सहायता पाने के लिए जरूरी बची हुई औपचारिकताएं पूरी करें। लागू भुगतान प्रक्रिया के अनुसार पैसा आमतौर पर आपके बैंक खाते में भेजा जाता है।
- अगर पैसा मिलने में देरी हो या पंजीकरण में परेशानी आए, तो मदद के लिए अपनी आशा कार्यकर्ता, ANM या स्वास्थ्य केंद्र के चिकित्सा अधिकारी से संपर्क करें।
अगर जननी सुरक्षा योजना का पैसा मिलने में देरी हो या लाभ न मिले तो क्या करें?
अगर आप जननी सुरक्षा योजना (JSY) के लिए पात्र हैं, लेकिन आपको अभी तक पैसा नहीं मिला है, तो परेशान न हों। आप संबंधित स्वास्थ्य अधिकारियों से संपर्क करके देरी का कारण जान सकती हैं और आगे की प्रक्रिया में मदद ले सकती हैं।
- सबसे पहले अपनी आशा कार्यकर्ता या ANM से संपर्क करें। वे यह जांचने में मदद कर सकती हैं कि आपकी गर्भावस्था का पंजीकरण और JSY से जुड़ी जानकारी सही तरीके से दर्ज हुई है या नहीं।
- उस स्वास्थ्य केंद्र के चिकित्सा अधिकारी से मिलें या संपर्क करें, जहां आपने पंजीकरण कराया था या प्रसव हुआ था। पूछें कि आपके दस्तावेजों की जांच पूरी हुई है या नहीं और भुगतान की प्रक्रिया आगे बढ़ी है या नहीं।
- अपने बैंक खाते की जानकारी जांचें। सुनिश्चित करें कि आपने खाते की सही जानकारी दी है। अगर भुगतान आधार से जुड़ा है, तो बैंक या स्वास्थ्य कार्यकर्ता से पूछें कि आधार लिंक होने या बैंक खाते में कोई परेशानी तो नहीं है।
- अपना JSY कार्ड, MCP कार्ड, प्रसव से जुड़े रिकॉर्ड और बैंक पासबुक तैयार रखें। इन दस्तावेजों की मदद से अधिकारी आपकी जानकारी खोज सकते हैं और भुगतान की स्थिति जांच सकते हैं।
- अगर समस्या हल नहीं होती है, तो जिला स्वास्थ्य कार्यालय या JSY की शिकायत से जुड़ी संबंधित व्यवस्था से संपर्क करें। साफ-साफ बताएं कि भुगतान में देरी हो रही है, रिकॉर्ड नहीं मिल रहा है या आपकी पात्रता पर सवाल उठाया गया है।
- अगर फिर भी मदद नहीं मिलती है, तो आप केंद्रीकृत जन शिकायत निवारण एवं निगरानी प्रणाली (CPGRAMS) के माध्यम से शिकायत दर्ज कर सकती हैं। शिकायत के साथ जरूरी जानकारी और दस्तावेज दें। शिकायत का नंबर अपने पास रखें, ताकि बाद में उसकी स्थिति पता कर सकें।
पैसा मिलने में देरी होने का मतलब यह जरूरी नहीं है कि आप योजना के लिए पात्र नहीं हैं। देरी अधूरे दस्तावेजों, गलत बैंक खाते की जानकारी या जांच की प्रक्रिया पूरी न होने के कारण भी हो सकती है। संबंधित स्वास्थ्य अधिकारी से कारण पूछें और समस्या को हल करने के लिए उनकी मदद लें।
JSY, JSSK और PMMVY में क्या अंतर है?
भारत सरकार गर्भावस्था और बच्चे के जन्म के बाद महिलाओं की मदद के लिए अलग-अलग योजनाएं चलाती है। जननी सुरक्षा योजना (JSY), जननी शिशु सुरक्षा कार्यक्रम (JSSK) और प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना (PMMVY) तीनों का उद्देश्य मां को सहायता देना है, लेकिन इन योजनाओं में मिलने वाले लाभ अलग-अलग हैं।
जानकारी | जननी सुरक्षा योजना (JSY) | जननी शिशु सुरक्षा कार्यक्रम (JSSK) | प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना (PMMVY) |
|---|---|---|---|
| मुख्य उद्देश्य | गर्भवती महिलाओं को अस्पताल या स्वास्थ्य केंद्र में प्रसव कराने के लिए प्रोत्साहित करना। | महिलाओं को सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों में प्रसव से जुड़ी मुफ्त सेवाएं उपलब्ध कराना। | पात्र गर्भवती महिलाओं और माताओं को आर्थिक सहायता देना। |
| लाभ का प्रकार | नकद आर्थिक सहायता। | मुफ्त स्वास्थ्य सेवाएं। | किस्तों में मिलने वाली मातृत्व सहायता। |
| आर्थिक लाभ | पात्र महिलाओं को अस्पताल में प्रसव कराने पर ₹600 से ₹1,400 तक की सहायता, जो राज्य की श्रेणी और क्षेत्र पर निर्भर करती है। | सीधे नकद पैसे नहीं मिलते। योजना के तहत पात्र स्वास्थ्य सेवाएं मुफ्त दी जाती हैं। | पहले बच्चे के लिए ₹5,000 और पात्र दूसरे बच्चे के लड़की होने पर ₹6,000, योजना के नियमों के अनुसार। |
| अन्य लाभ | आशा कार्यकर्ता पंजीकरण, प्रसव की व्यवस्था और प्रसव के बाद देखभाल में मदद करती हैं। | योजना के तहत मुफ्त प्रसव, सिजेरियन ऑपरेशन, दवाएं, जांच, खून, भोजन और आने-जाने की सुविधा मिल सकती है। | पात्र महिलाओं को गर्भावस्था और मातृत्व से जुड़ी जरूरतों को पूरा करने के लिए आर्थिक सहायता मिलती है। |
| संबंधित मंत्रालय | स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय। | स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय। | महिला एवं बाल विकास मंत्रालय। |
आसान शब्दों में समझें: JSY के तहत पात्र महिलाओं को अस्पताल में प्रसव कराने के लिए आर्थिक सहायता मिलती है। JSSK के तहत सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों में प्रसव से जुड़ी कुछ स्वास्थ्य सेवाएं मुफ्त मिलती हैं। वहीं, PMMVY के तहत पात्र महिलाओं को मातृत्व के लिए आर्थिक सहायता दी जाती है। हर योजना के अपने नियम हैं, इसलिए आवेदन करने से पहले अपनी पात्रता जरूर जांच लें।
महत्वपूर्ण लिंक
- स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार
- राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) की आधिकारिक वेबसाइट
- जननी सुरक्षा योजना के दिशानिर्देश और FAQs
- राष्ट्रीय पोर्टल पर जननी सुरक्षा योजना की जानकारी
- जननी पोर्टल, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय
- प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान (PMSMA) पोर्टल
- केंद्रीकृत जन शिकायत निवारण एवं निगरानी प्रणाली (CPGRAMS)
संपर्क जानकारी
जननी सुरक्षा योजना (JSY) से जुड़ी मदद के लिए लाभार्थियों को सबसे पहले अपनी आशा कार्यकर्ता, सहायक नर्स दाई (ANM) या नजदीकी सरकारी स्वास्थ्य केंद्र के चिकित्सा अधिकारी से संपर्क करना चाहिए। अधिक जानकारी के लिए वे नीचे दिए गए आधिकारिक संपर्क विवरण के जरिए स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय से भी संपर्क कर सकती हैं।
विभाग: स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार
- फोन: 011-24013173 / 011-24013174 (ये नंबर भारत सरकार की आधिकारिक डायरेक्टरी में मंत्रालय के संपर्क नंबर के रूप में दिए गए हैं। JSY के लिए अलग हेल्पलाइन नंबर की पुष्टि नहीं हुई है।)
- पता: स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, कमरा नंबर 11068, बी-विंग, कर्तव्य भवन-1, नई दिल्ली - 110001।
पैसा मिलने में देरी, पात्रता या पंजीकरण से जुड़ी परेशानी होने पर लाभार्थियों को पहले जिला स्वास्थ्य कार्यालय या JSY की शिकायत से जुड़ी संबंधित व्यवस्था से संपर्क करना चाहिए। अगर समस्या हल नहीं होती है, तो वे CPGRAMS पोर्टल के जरिए भी शिकायत दर्ज कर सकती हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
जननी सुरक्षा योजना भारत सरकार की एक योजना है, जिसे 12 अप्रैल 2005 को शुरू किया गया था। इसका उद्देश्य गर्भवती महिलाओं को अस्पताल में प्रसव कराने के लिए प्रोत्साहित करना और मां व नवजात बच्चे की मृत्यु दर को कम करना है।
इस योजना के तहत पात्र महिलाओं को अस्पताल में प्रसव कराने पर ₹600 से ₹1,400 तक की आर्थिक सहायता मिल सकती है। राशि राज्य की श्रेणी और महिला के ग्रामीण या शहरी क्षेत्र में रहने के आधार पर तय होती है।
कम प्रदर्शन वाले राज्यों (LPS) में मान्यता प्राप्त सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों पर प्रसव कराने वाली सभी गर्भवती महिलाएं पात्र हो सकती हैं। अधिक प्रदर्शन वाले राज्यों (HPS) में आमतौर पर BPL, अनुसूचित जाति (SC) या अनुसूचित जनजाति (ST) से संबंधित महिलाओं को योजना के नियमों के अनुसार सहायता मिलती है।
हां, गरीबी रेखा से नीचे (BPL) रहने वाली पात्र महिलाओं को घर पर प्रसव कराने के लिए ₹500 मिल सकते हैं। इसके लिए योजना की लागू शर्तें पूरी करना जरूरी है।
गर्भवती महिलाएं अपनी आशा कार्यकर्ता, सहायक नर्स दाई (ANM) या नजदीकी सरकारी स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करके गर्भावस्था का पंजीकरण करा सकती हैं और आवेदन की प्रक्रिया की जानकारी ले सकती हैं।
आमतौर पर JSY कार्ड, मां और बच्चे की सुरक्षा से जुड़ा MCP कार्ड, पहचान पत्र, बैंक खाते की जानकारी और जरूरत पड़ने पर BPL कार्ड या SC/ST प्रमाणपत्र मांगे जा सकते हैं। दस्तावेजों की जरूरत राज्य और स्वास्थ्य केंद्र के अनुसार अलग-अलग हो सकती है।
हां, आशा कार्यकर्ताओं को गर्भवती महिलाओं के पंजीकरण, गर्भावस्था की जांच और अस्पताल में प्रसव कराने में मदद करने के लिए प्रोत्साहन राशि दी जाती है।
हां, लेकिन अस्पताल का योजना के तहत मान्यता प्राप्त होना जरूरी है। साथ ही, महिला को योजना की पात्रता संबंधी शर्तें पूरी करनी होती हैं।
यह योजना स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के तहत राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) द्वारा चलाई जाती है।
JSY के तहत पात्र महिलाओं को अस्पताल में प्रसव कराने के लिए आर्थिक सहायता मिलती है। वहीं, JSSK के तहत सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों में पात्र महिलाओं और नवजात बच्चों को योजना के नियमों के अनुसार कुछ स्वास्थ्य सेवाएं मुफ्त मिलती हैं।
अगर योजनाओं के बारे में आपका कोई सवाल है, तो उसे योजना के फोरम में सबमिट करें और जवाब पाएँ:
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यह फोरम निम्न कामों के लिए एक बेहतरीन जगह है:
- सवाल पूछें: अगर आपके मन में योजना से जुड़ा कोई सवाल है या आप इस विषय के किसी पहलू के बारे में और जानकारी चाहते हैं।
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| जाति | लाभार्थी व्यक्ति का प्रकार | योजना का प्रकार | सरकार |
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टिप्पणियाँ
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Delivery ke Baad bhi pesa…
Janani Suraksha yojana
Need to apply for janani Suraksha yojana
Pregnancy
Janani Suraksha Yojana mein form fillup kar rahe hain kyunki ham lower state ke Hain mujhe madad chahie
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Need to apply for this scheme
Asha playing very vital role…
koi help ni ki asha ne…
Dikhawa hai sirf bahut…
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sarkari hospital me bhi ab…
beti hone pr bhi kuch milta…
private me to bahut kharcha…
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Dtftf
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Dilivary hone ke baad paise mil sakte hai kya
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