प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण

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द्वारा प्रस्तुत Minakshi on Tue, 22/09/2026 - 14:01
केन्द्रीय सरकार CM
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प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण
हाइलाइट
  • पक्का घर बनाने के लिए ₹1.20 लाख से ₹1.30 लाख तक की सहायता
  • कम से कम 25 वर्ग मीटर के घर का प्रावधान
  • शौचालय निर्माण के लिए ₹12,000 तक की सहायता
  • मनरेगा के तहत 90/95 व्यक्ति-दिवस की मजदूरी सहायता
ग्राहक देखभाल फ़ोन नंबर
  • PMAY-G / Awaas+ 2024 सहायता
    • फोन: 011-23074307 – ग्रामीण आवास प्रभाग, ग्रामीण विकास मंत्रालय
    • ईमेल: [email protected] – Awaas+ 2024 सहायता
योजना का सारांश
योजना का नामप्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण (PMAY-G)
शुरुआत का वर्ष2016
लाभघर बनाने के लिए ₹1.20 लाख से ₹1.30 लाख तक की सहायता
लाभार्थीपक्के घर से वंचित पात्र ग्रामीण परिवार
नोडल एजेंसीग्रामीण विकास मंत्रालय
Subscriptionयोजना से जुड़े अपडेट पाने के लिए सब्सक्राइब करें
आवेदन का तरीकानिर्धारित लाभार्थी पहचान और सत्यापन प्रक्रिया के माध्यम से

योजना का परिचय: एक संक्षिप्त जानकारी

कई ग्रामीण परिवारों के लिए पक्का और सुरक्षित घर बनाना आसान नहीं होता, खासकर जब निर्माण का खर्च उनकी आर्थिक क्षमता से अधिक हो। प्रधानमंत्री आवास योजना–ग्रामीण (PMAY-G) ऐसे पात्र ग्रामीण परिवारों को पक्का घर बनाने के लिए आर्थिक सहायता देती है, जो बेघर हैं या कच्चे अथवा जर्जर घर में रहते हैं। वर्तमान चरण के तहत सरकार ने वित्त वर्ष 2024-25 से 2028-29 के दौरान 2 करोड़ अतिरिक्त पक्के घर बनाने के लिए सहायता को मंजूरी दी है। पात्र लाभार्थियों को मैदानी क्षेत्रों में ₹1.20 लाख और उत्तर-पूर्वी तथा निर्धारित पहाड़ी क्षेत्रों में ₹1.30 लाख की सहायता मिलती है। योजना के तहत घर का न्यूनतम आकार 25 वर्ग मीटर रखा गया है, जिसमें स्वच्छ खाना पकाने के लिए जगह भी शामिल है।

प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण 1 अप्रैल 2016 से लागू हुई। इसे पुरानी इंदिरा आवास योजना को नए रूप में व्यवस्थित करके शुरू किया गया था। योजना को ग्रामीण विकास मंत्रालय लागू करता है और जमीन पर इसका काम राज्य सरकारों तथा केंद्र शासित प्रदेशों के प्रशासन के माध्यम से किया जाता है। वित्त वर्ष 2024-25 से 2028-29 के वर्तमान चरण के लिए योजना का कुल परिव्यय ₹3,06,137 करोड़ है, जिसमें केंद्र और राज्य दोनों के हिस्से शामिल हैं।

प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण का लाभ उन परिवारों को मिलता है जो निर्धारित आवास-वंचित और बहिष्करण मानदंडों को पूरा करते हैं। लाभार्थियों की पहचान में SECC-2011 के आधार पर तैयार स्थायी प्रतीक्षा सूची (Permanent Wait List) और Awaas+ की सूचियों का उपयोग किया गया है। ग्राम सभा और निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार सत्यापन भी किया जाता है। वर्तमान चरण में Awaas+ सूची को संशोधित बहिष्करण मानदंडों के आधार पर अपडेट करने का प्रावधान है। इन मानदंडों के तहत, उदाहरण के लिए, मोटर चालित तीन या चार पहिया वाहन, कुछ प्रकार के कृषि उपकरण, परिवार में सरकारी कर्मचारी, ₹15,000 से अधिक मासिक आय वाला सदस्य या निर्धारित सीमा से अधिक सिंचित अथवा असिंचित भूमि जैसी स्थितियां परिवार को योजना से बाहर कर सकती हैं।

वर्तमान चरण में अतिरिक्त संभावित पात्र ग्रामीण परिवारों की पहचान के लिए Awaas+ 2024 मोबाइल एप्लिकेशन के माध्यम से सेल्फ-सर्वे और असिस्टेड-सर्वे किया गया था। सेल्फ-सर्वे में आधार आधारित e-KYC और फेस ऑथेंटिकेशन का इस्तेमाल किया गया, जबकि असिस्टेड-सर्वे पहले से पंजीकृत सर्वेयरों द्वारा संबंधित ग्राम पंचायतों में किया गया। Awaas+ 2024 सर्वे अब पूरा हो चुका है, यदि आपने सर्वे में भाग नहीं लिया है, तो आगे की प्रक्रिया की जानकारी के लिए अपने ग्राम पंचायत या संबंधित ग्रामीण विकास विभाग से संपर्क करें।

प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण (PMAY-G) के तहत मिलने वाली आवास सहायता को अन्य सरकारी योजनाओं के साथ जोड़ा जाता है। पात्र लाभार्थियों को लागू व्यवस्था के तहत शौचालय निर्माण के लिए ₹12,000 की सहायता मिल सकती है। इसके अलावा MGNREGS के तहत 90/95 दिनों के अकुशल मजदूरी रोजगार के लिए सहायता मिल सकती है, जैसा लागू हो। पेयजल, LPG और बिजली जैसी बुनियादी सुविधाओं के लिए भी संबंधित सरकारी योजनाओं के तहत सहायता मिल सकती है, लेकिन यह उन योजनाओं की पात्रता और नियमों पर निर्भर करती है।

लाभार्थी पहचान या सर्वे से जुड़ी सहायता के लिए अपने ग्राम पंचायत या संबंधित राज्य/केंद्र शासित प्रदेश के ग्रामीण विकास विभाग से संपर्क कर सकते हैं। योजना की जानकारी और संबंधित सेवाओं के लिए PMAY-G का आधिकारिक पोर्टल देखा जा सकता है। शहरी क्षेत्रों के पात्र परिवार प्रधानमंत्री आवास योजना–शहरी के बारे में जानकारी ले सकते हैं। वहीं, स्वच्छता से जुड़ी सहायता के लिए स्वच्छ भारत मिशन की जानकारी देखी जा सकती है। इन योजनाओं से जुड़ी जानकारी GovtSchemes.in पर भी देखी जा सकती है।

प्रधानमंत्री आवास योजना–ग्रामीण

योजना के लाभ

प्रधानमंत्री आवास योजना–ग्रामीण (PMAY-G) का उद्देश्य पात्र ग्रामीण परिवारों को पक्का घर बनाने के लिए आर्थिक सहायता देना है। योजना के मुख्य लाभ इस प्रकार हैं:

  • मैदानी क्षेत्रों में पात्र लाभार्थियों को घर बनाने के लिए ₹1.20 लाख की सहायता मिलती है।
  • उत्तर-पूर्वी क्षेत्र और निर्धारित पहाड़ी क्षेत्रों में ₹1.30 लाख की सहायता मिलती है।
  • घर का न्यूनतम क्षेत्रफल 25 वर्ग मीटर होना चाहिए, जिसमें स्वच्छ खाना पकाने की जगह भी शामिल है।
  • पात्र लाभार्थियों को स्वच्छ भारत मिशन–ग्रामीण के साथ अभिसरण के माध्यम से शौचालय निर्माण के लिए ₹12,000 की सहायता मिल सकती है।
  • MGNREGS के तहत लागू नियमों के अनुसार 90/95 दिनों के अकुशल मजदूरी रोजगार का समर्थन मिल सकता है।
  • पेयजल, बिजली और LPG जैसी बुनियादी सुविधाओं के लिए संबंधित सरकारी योजनाओं के तहत सहायता मिल सकती है।
  • घर के निर्माण और भुगतान की निगरानी के लिए PMAY-G में जियो-टैग्ड फोटो, डिजिटल मॉनिटरिंग और आधार आधारित भुगतान जैसी व्यवस्थाओं का उपयोग किया जाता है।
  • वर्तमान चरण में वित्त वर्ष 2024-25 से 2028-29 के दौरान 2 करोड़ अतिरिक्त ग्रामीण घरों के लिए सहायता को मंजूरी दी गई है।

किसी परिवार को मिलने वाले लाभ और अन्य योजनाओं से मिलने वाली सहायता उसकी पात्रता तथा संबंधित योजना के लागू नियमों पर निर्भर करती है।

पात्रता की शर्तें

प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण (PMAY-G) उन ग्रामीण परिवारों के लिए है जिन्हें पक्का घर बनाने के लिए सहायता की जरूरत है। पात्रता आवास की स्थिति, सर्वे के आंकड़ों और निर्धारित सत्यापन प्रक्रिया के आधार पर तय की जाती है। मुख्य शर्तें इस प्रकार हैं:

  • परिवार ग्रामीण क्षेत्र में रहने वाला होना चाहिए।
  • परिवार बेघर हो या कच्ची अथवा जर्जर स्थिति वाले घर में रहता हो, जैसा कि प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण (PMAY-G) के लागू मानदंडों में निर्धारित है।
  • पक्की छत या पक्की दीवार वाले घर और दो से अधिक कमरों वाले परिवार आवास-वंचित श्रेणी की जांच में बाहर किए जाते हैं।
  • परिवार किसी भी लागू स्वचालित बहिष्करण मानदंड के अंतर्गत नहीं आना चाहिए।
  • यदि परिवार के किसी सदस्य के पास मोटर चालित तीन या चार पहिया वाहन है, तो परिवार बाहर हो जाता है।
  • यदि परिवार के किसी सदस्य के पास निर्धारित श्रेणी का मशीनीकृत कृषि उपकरण है, तो परिवार बाहर हो जाता है।
  • यदि परिवार के किसी सदस्य के पास ₹50,000 या उससे अधिक की क्रेडिट लिमिट वाला किसान क्रेडिट कार्ड है, तो परिवार बाहर हो जाता है।
  • यदि परिवार का कोई सदस्य सरकारी कर्मचारी है, तो परिवार बाहर हो जाता है।
  • यदि परिवार का कोई गैर-कृषि व्यवसाय सरकार के पास पंजीकृत है, तो परिवार बाहर हो जाता है।
  • यदि परिवार का कोई सदस्य प्रति माह ₹15,000 से अधिक कमाता है, तो परिवार बाहर हो जाता है।
  • यदि परिवार का कोई सदस्य आयकर या प्रोफेशनल टैक्स देता है, तो परिवार बाहर हो जाता है।
  • यदि परिवार के पास 2.5 एकड़ या उससे अधिक सिंचित भूमि या 5 एकड़ या उससे अधिक असिंचित भूमि है, तो परिवार बाहर हो जाता है।
  • परिवार को निर्धारित सर्वे, सत्यापन और लाभार्थी चयन प्रक्रिया पूरी करनी होती है।

प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण (PMAY-G) की लागू सूची या Awaas+ सर्वे में पहचाने गए परिवारों की भी सहायता मंजूर होने से पहले निर्धारित सत्यापन प्रक्रिया से गुजरना होता है।

प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण (PMAY-G) में लाभार्थियों का चयन कैसे होता है?

प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण (PMAY-G) सामान्य ऑनलाइन आवेदन वाली योजना की तरह काम नहीं करती, जिसमें कोई भी व्यक्ति फॉर्म भरकर सीधे लाभ प्राप्त कर सके। पात्र ग्रामीण परिवारों की पहचान सरकारी आवास सूचियों और सर्वे के माध्यम से की जाती है। इसके बाद पात्रता की जांच और सत्यापन होता है।

  • SECC-2011 के आधार पर तैयार Permanent Wait List में शामिल पात्र परिवारों पर PMAY-G के तहत विचार किया जाता है।
  • Awaas+ की सूचियों का उपयोग उन अन्य पात्र ग्रामीण परिवारों की पहचान के लिए किया गया है जो पहले की सूची में शामिल नहीं थे।
  • वर्तमान चरण में अतिरिक्त परिवारों की पहचान के लिए Awaas+ 2024 के तहत सेल्फ-सर्वे और असिस्टेड-सर्वे किया गया।
  • सर्वे में परिवार, मौजूदा घर और पात्रता जांच के लिए जरूरी अन्य जानकारी दर्ज की गई।
  • परिवार की जानकारी PMAY-G के पात्रता और स्वचालित बहिष्करण मानदंडों से मिलाई जाती है।
  • पात्र परिवारों का निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार सत्यापन किया जाता है, जिसमें ग्राम सभा का सत्यापन भी शामिल है।
  • सत्यापन और मंजूरी के बाद चयनित परिवार को लाभार्थी सूची में शामिल किया जा सकता है और उपलब्ध लक्ष्य के अनुसार घर मंजूर किया जा सकता है।

केवल Awaas+ 2024 सेल्फ-सर्वे में शामिल होने से PMAY-G के तहत घर मिलना तय नहीं होता। परिवार को सभी पात्रता शर्तें पूरी करनी होती हैं और निर्धारित सत्यापन प्रक्रिया पूरी करनी होती है।

आवश्यक जानकारी और दस्तावेज

प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण (PMAY-G) में लाभार्थी की पहचान सर्वे, परिवार की जानकारी और निर्धारित सत्यापन प्रक्रिया के आधार पर होती है। राज्य या केंद्र शासित प्रदेश तथा सत्यापन के चरण के अनुसार, परिवार से निम्न जानकारी या दस्तावेज मांगे अथवा सत्यापित किए जा सकते हैं:

  • पहचान सत्यापन और e-KYC के लिए परिवार के सदस्यों की आधार जानकारी
  • स्वीकृत सहायता प्राप्त करने के लिए बैंक खाते की जानकारी
  • जहां आवश्यक हो, पहचान और संपर्क के लिए मोबाइल नंबर
  • PMAY-G या Awaas+ सर्वे में मांगी जाने वाली परिवार और घरेलू जानकारी
  • सर्वे के दौरान दर्ज किए गए मौजूदा घर की स्थिति से जुड़ी जानकारी।
  • जहां लागू हो, मौजूदा घर और प्रस्तावित निर्माण स्थल की फोटो तथा जियो-टैग्ड जानकारी

राज्य या केंद्र शासित प्रदेश की प्रक्रिया के अनुसार सत्यापन के दौरान अतिरिक्त दस्तावेज या जानकारी मांगी जा सकती है। लाभार्थियों को सर्वे के दौरान सही जानकारी देनी चाहिए, ताकि आगे सत्यापन में परेशानी न हो।

आवेदन कैसे करें?

PMAY-G में ऐसा कोई सामान्य ऑनलाइन आवेदन फॉर्म नहीं है जिसे भरने के बाद सीधे आवास सहायता मिल जाए। लाभार्थियों की पहचान निर्धारित PMAY-G सूचियों और सर्वे के माध्यम से की जाती है। इसके बाद पात्रता की जांच और सत्यापन होता है। वर्तमान चरण के लिए अतिरिक्त संभावित पात्र ग्रामीण परिवारों की पहचान करने के लिए Awaas+ 2024 में सेल्फ-सर्वे और असिस्टेड-सर्वे की सुविधा का उपयोग किया गया था।

  • परिवारों की पहचान लागू PMAY-G लाभार्थी डेटाबेस से की जाती है, जिसमें SECC-2011 आधारित Permanent Wait List और अपडेट की गई Awaas+ जानकारी शामिल है।
  • वित्त वर्ष 2024-25 से 2028-29 के चरण के लिए अतिरिक्त संभावित पात्र ग्रामीण परिवारों की पहचान हेतु Awaas+ 2024 सर्वे किया गया।
  • सर्वे के दौरान परिवार की जानकारी, आधार आधारित e-KYC, मौजूदा घर की स्थिति और अन्य जरूरी जानकारी दर्ज की गई।
  • प्राप्त जानकारी को PMAY-G की लागू पात्रता और स्वचालित बहिष्करण शर्तों से जांचा जाता है।
  • पहचाने गए परिवारों का ग्राम सभा सत्यापन और अन्य लागू जांच सहित निर्धारित सत्यापन प्रक्रिया के तहत परीक्षण किया जाता है।
  • सत्यापन और चयन के बाद पात्र परिवार को PMAY-G लाभार्थी डेटाबेस में शामिल किया जा सकता है और उपलब्ध लक्ष्य के अनुसार घर मंजूर किया जा सकता है।
  • घर मंजूर होने के बाद निर्माण की प्रगति के अनुसार स्वीकृत सहायता निर्धारित भुगतान प्रणाली के माध्यम से लाभार्थी को दी जाती है।

Awaas+ 2024 का सर्वे पूरा हो चुका है। इसलिए जिन परिवारों का सर्वे नहीं हुआ है, वे अपने ग्राम पंचायत या संबंधित राज्य/केंद्र शासित प्रदेश के ग्रामीण विकास विभाग से संपर्क करके पता कर सकते हैं कि उनके क्षेत्र में आगे किसी सर्वे या लाभार्थी पहचान प्रक्रिया की सुविधा उपलब्ध है या नहीं।

प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण (PMAY-G) का स्टेटस कैसे चेक करें?

लाभार्थी PMAY-G की आधिकारिक व्यवस्था के माध्यम से अपने घर से जुड़ी उपलब्ध जानकारी देख सकते हैं। इसमें घर की स्वीकृति, निर्माण की प्रगति और भुगतान से जुड़ी जानकारी शामिल हो सकती है।

  • PMAY-G के आधिकारिक पोर्टल पर जाएं।
  • उपलब्ध लाभार्थी या रिपोर्टिंग सेवाओं में जाकर संबंधित PMAY-G रिकॉर्ड खोजें।
  • घर की स्वीकृति, निर्माण की प्रगति और किस्त से जुड़ी उपलब्ध जानकारी देखें।
  • यदि जानकारी दिखाई नहीं दे रही है या गलत लगती है, तो संबंधित ग्राम पंचायत या राज्य/केंद्र शासित प्रदेश के ग्रामीण विकास विभाग से संपर्क करें।

ऑनलाइन जानकारी PMAY-G सिस्टम में अपलोड किए गए रिकॉर्ड पर आधारित होती है। इसलिए स्थानीय स्तर पर हुए किसी अपडेट को ऑनलाइन दिखाई देने में कुछ समय लग सकता है।

प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण (PMAY-G) में घर बनाने और किस्त मिलने की प्रक्रिया

परिवार का चयन होने और घर मंजूर होने के बाद निर्माण की प्रगति के अनुसार आर्थिक सहायता अलग-अलग चरणों में जारी की जाती है।

  • घर मंजूर होने के बाद लागू राज्य या केंद्र शासित प्रदेश की प्रक्रिया के अनुसार पहली किस्त जारी की जाती है।
  • घर के निर्माण के अलग-अलग चरणों पर आगे की किस्तें जारी की जाती हैं।
  • निर्माण की प्रगति को जियो-टैग्ड फोटो और PMAY-G की अन्य निगरानी व्यवस्थाओं के माध्यम से दर्ज किया जाता है।
  • स्वीकृत सहायता निर्धारित भुगतान प्रणाली के माध्यम से सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में भेजी जाती है।
  • लाभार्थी को PMAY-G के निर्धारित मानकों के अनुसार घर का निर्माण पूरा करना होता है।

किस्तों की संख्या और उन्हें जारी करने का समय संबंधित राज्य या केंद्र शासित प्रदेश की लागू प्रक्रिया के अनुसार अलग हो सकता है।

प्रधानमंत्री आवास योजना–ग्रामीण और प्रधानमंत्री आवास योजना–शहरी में अंतर

दोनों योजनाओं का उद्देश्य पात्र परिवारों को आवास सहायता देना है, लेकिन इनका क्षेत्र अलग है। PMAY-G ग्रामीण क्षेत्रों के पात्र परिवारों के लिए है, जबकि PMAY-U शहरी क्षेत्रों के पात्र परिवारों के लिए है।

विवरण

PMAY-G

PMAY-U

पूरा नाम
प्रधानमंत्री आवास योजना–ग्रामीण
प्रधानमंत्री आवास योजना–शहरी
क्षेत्र
ग्रामीण क्षेत्र
शहरी क्षेत्र
मुख्य उद्देश्य
पात्र ग्रामीण परिवारों को आवास सहायता
पात्र शहरी परिवारों को आवास सहायता
नोडल मंत्रालय
ग्रामीण विकास मंत्रालय
आवास और शहरी कार्य मंत्रालय
चयन प्रक्रिया
PMAY-G सूचियां, Awaas+ सर्वे और निर्धारित सत्यापन
लागू PMAY-U पात्रता और चयन प्रक्रिया के अनुसार

सरल शब्दों में, परिवार का क्षेत्र यह तय करता है कि किस आवास योजना की जानकारी देखनी चाहिए—पात्र ग्रामीण परिवारों के लिए PMAY-G और पात्र शहरी परिवारों के लिए PMAY-U।

महत्वपूर्ण लिंक

संपर्क जानकारी

प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण (PMAY-G) से जुड़ी सहायता के लिए लाभार्थियों को सबसे पहले अपने ग्राम पंचायत या संबंधित राज्य/केंद्र शासित प्रदेश के ग्रामीण विकास विभाग से संपर्क करना चाहिए। Awaas+ 2024 ऐप से जुड़ी सहायता के लिए आधिकारिक संपर्क जानकारी इस प्रकार है:

PMAY-G / Awaas+ 2024 सहायता

  • फोन: 011-23074307 – ग्रामीण आवास प्रभाग, ग्रामीण विकास मंत्रालय
  • ईमेल: [email protected] – Awaas+ 2024 सहायता
  • पता: ग्रामीण आवास प्रभाग, ग्रामीण विकास विभाग, ग्रामीण विकास मंत्रालय, कृषि भवन, नई दिल्ली – 110001
  • राज्यवार संपर्क विवरण

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्रधानमंत्री आवास योजना–ग्रामीण (PMAY-G) ग्रामीण क्षेत्रों के पात्र परिवारों को पक्का घर बनाने के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करने वाली केंद्र सरकार की योजना है।
 

सामान्य मैदानी क्षेत्रों में ₹1.20 लाख और उत्तर-पूर्वी क्षेत्र तथा निर्धारित पहाड़ी क्षेत्रों में ₹1.30 लाख की आवास सहायता दी जाती है।
 

योजना के तहत घर का न्यूनतम आकार 25 वर्ग मीटर होना चाहिए, जिसमें स्वच्छ रसोई के लिए स्थान भी शामिल है।
 

पात्र लाभार्थियों को शौचालय निर्माण के लिए ₹12,000 की सहायता अन्य संबंधित योजनाओं के साथ अभिसरण के माध्यम से मिल सकती है।
 

घर निर्माण से जुड़े अकुशल श्रम के लिए पात्र लाभार्थियों को मनरेगा के तहत 90/95 व्यक्ति-दिवस की मजदूरी सहायता मिल सकती है।
 

मुख्य रूप से ऐसे ग्रामीण परिवार पात्रता के दायरे में आते हैं जो बेघर हैं या कच्ची दीवार और कच्ची छत वाले शून्य, एक या दो कमरों के घर में रहते हैं और निर्धारित बहिष्करण मानदंडों में नहीं आते।
 

PMAY-G में सामान्य योजनाओं की तरह कोई नियमित ऑनलाइन आवेदन फॉर्म भरकर सीधे लाभ नहीं मिलता। लाभार्थियों की पहचान निर्धारित सूचियों, सर्वेक्षण और सत्यापन प्रक्रिया के आधार पर की जाती है।
 

लाभार्थियों की पहचान SECC-2011 आधारित Permanent Wait List, अपडेट की गई Awaas+ 2018 सूची और अतिरिक्त पात्र ग्रामीण परिवारों की पहचान के लिए किए गए Awaas+ 2024 सर्वे के आधार पर की जाती है। इसके बाद निर्धारित पात्रता और सत्यापन प्रक्रिया पूरी की जाती है।
 

लाभार्थी PMAY-G के आधिकारिक पोर्टल पर जाकर उपलब्ध रिकॉर्ड के अनुसार अपने आवास की स्वीकृति, निर्माण की प्रगति और भुगतान से जुड़ी जानकारी देख सकते हैं।
 

PMAY-G ग्रामीण क्षेत्रों के पात्र परिवारों के लिए है, जबकि PMAY-U शहरी क्षेत्रों के पात्र परिवारों के लिए लागू होती है। दोनों योजनाओं के लिए संबंधित मंत्रालय और लाभार्थी चयन की प्रक्रिया अलग है।
 

अगर योजनाओं के बारे में आपका कोई सवाल है, तो उसे योजना के फोरम में सबमिट करें और जवाब पाएँ:

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