- प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना की शुरुआत 11 अक्टूबर 2025 को हुई।
- इस योजना के लिए सरकार ने हर साल ₹24,000 करोड़ का बजट निर्धारित किया है।
- यह योजना देश के 100 चयनित जिलों में लागू की गई है।
- इससे लगभग 1.7 करोड़ किसानों को लाभ मिलने की उम्मीद है।
- इस योजना का उद्देश्य कृषि उत्पादकता बढ़ाना और किसानों को खेती से जुड़ी बेहतर सुविधाएँ उपलब्ध कराना है।
- आधिकारिक पोर्टल पर फिलहाल किसी सत्यापित हेल्पलाइन नंबर की जानकारी उपलब्ध नहीं है।
योजना का अवलोकन | |
|---|---|
| योजना का नाम | प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना (PMDDKY) |
| शुरू होने का वर्ष | 2025 |
| लाभ | चुने गए 100 जिलों में कृषि उत्पादकता में सुधार करना। |
| लाभार्थी | चुने गए 100 जिलों के किसान, जिनमें कृषि से जुड़ी अन्य गतिविधियों में शामिल किसान भी हैं। |
| नोडल एजेंसी | कृषि एवं किसान कल्याण विभाग |
| अपडेट पाने के लिए सदस्यता | योजना से जुड़ी जानकारी और अपडेट पाने के लिए यहाँ सदस्यता लें। |
| आवेदन का तरीका | ऑफलाइन |
योजना के बारे में
कृषि उत्पादकता बढ़ाने के लिए केवल अच्छे बीज और मेहनत ही काफी नहीं हैं। किसानों को सिंचाई की बेहतर सुविधाओं, भंडारण की अच्छी व्यवस्था, कृषि ऋण और आधुनिक खेती के तरीकों की जानकारी की भी जरूरत होती है। कम कृषि प्रदर्शन वाले क्षेत्रों में इन समस्याओं को दूर करने के लिए भारत सरकार ने प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना (PMDDKY) की शुरुआत 11 अक्टूबर 2025 में की। यह योजना कृषि के लिए चुने गए 100 जिलों में लागू की जा रही है और इससे लगभग 1.7 करोड़ किसानों को लाभ मिलने की उम्मीद है। इस योजना के लिए हर साल ₹24,000 करोड़ का बजट रखा गया है। यह योजना छह साल तक, यानी 2025–26 से 2030–31 तक चलेगी।
इस योजना की घोषणा केंद्रीय बजट 2025–26 में की गई थी और 16 जुलाई 2025 को केंद्रीय मंत्रिमंडल ने इसे मंजूरी दी थी। इसका उद्देश्य कृषि उत्पादकता बढ़ाना, फसलों में विविधता और टिकाऊ खेती को बढ़ावा देना, सिंचाई की सुविधाओं में सुधार करना, पंचायत और ब्लॉक स्तर पर फसल कटाई के बाद भंडारण की व्यवस्था को मजबूत करना तथा कम और लंबी अवधि के कृषि ऋण तक किसानों की पहुँच बेहतर बनाना है। इस योजना में कृषि और उससे जुड़ी अन्य गतिविधियाँ भी शामिल हैं, ताकि जिले अपनी खेती और बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी जरूरतों के अनुसार काम कर सकें।
इस योजना को कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय के अंतर्गत आने वाले कृषि एवं किसान कल्याण विभाग द्वारा अन्य केंद्रीय सरकारी विभागों, राज्य सरकारों और स्थानीय संस्थाओं के सहयोग से लागू किया जाता है। अलग-अलग नई योजनाएँ शुरू करने के बजाय, प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना 11 विभागों की 36 मौजूदा केंद्रीय सरकारी योजनाओं को एक साथ जोड़ती है। इसके साथ संबंधित राज्य सरकार की योजनाओं और स्थानीय स्तर पर होने वाले सहयोग को भी शामिल किया गया है। जिला स्तर की समितियाँ स्थानीय जरूरतों के अनुसार विकास योजनाएँ तैयार करती हैं। इसमें कृषि विश्वविद्यालयों और नियुक्त अधिकारियों की मदद ली जाती है।
चुने गए जिलों में खेती करने वाले किसान और कृषि से जुड़ी पात्र गतिविधियों में शामिल लोग इस कार्यक्रम के अंतर्गत आने वाली मौजूदा योजनाओं के माध्यम से लाभ उठा सकते हैं। हालाँकि, पात्रता की शर्तें उस विशेष योजना पर निर्भर करती हैं जिसके माध्यम से सहायता दी जा रही है। PMDDKY के तहत हर किसान को अलग से कोई निश्चित नकद राशि नहीं दी जाती है और इसके लिए कोई अलग आवेदन फॉर्म भी नहीं है। किसान अपने क्षेत्र में उपलब्ध सुविधाओं और योजनाओं की जानकारी लेने के लिए जिला कृषि कार्यालय, ब्लॉक स्तर के कृषि कार्यालय या नजदीकी कृषि विज्ञान केंद्र (KVK) से संपर्क कर सकते हैं। खेती से जुड़ी सामान्य जानकारी के लिए किसान कॉल सेंटर के नंबर 1800-180-1551 पर भी कॉल कर सकते हैं।
किसान GovtSchemes.in पर अन्य उपयोगी योजनाओं की जानकारी भी देख सकते हैं। प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना (PMKSY) का उद्देश्य सिंचाई की पहुँच बढ़ाना और पानी के बेहतर उपयोग को बढ़ावा देना है। वहीं, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (PM-KISAN) के तहत पात्र किसान परिवारों को सालाना ₹6,000 की आर्थिक सहायता तीन किस्तों में दी जाती है। इन दोनों योजनाओं की पात्रता की शर्तें और आवेदन की प्रक्रिया अलग-अलग हैं।

योजना के लाभ
प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना का उद्देश्य खेती की स्थिति में सुधार करना और चुने गए 100 जिलों के किसानों के सामने आने वाली प्रमुख समस्याओं को दूर करना है। मौजूदा सरकारी योजनाओं को एक साथ जोड़कर यह योजना निम्नलिखित लाभों पर ध्यान देती है:
- खेती के बेहतर तरीकों, तकनीक और कृषि संबंधी मार्गदर्शन के माध्यम से किसानों को कृषि उत्पादकता बढ़ाने में मदद करती है।
- लंबे समय तक कृषि विकास को बढ़ावा देने के लिए फसलों में विविधता और टिकाऊ खेती के तरीकों को प्रोत्साहित करती है।
- फसल कटाई के बाद होने वाले नुकसान को कम करने के लिए पंचायत और ब्लॉक स्तर पर भंडारण सुविधाओं के विकास को बढ़ावा देती है।
- सिंचाई सुविधाओं में सुधार को बढ़ावा देती है, ताकि किसान पानी का अधिक कुशलता से उपयोग कर सकें और अपनी फसलों की बेहतर देखभाल कर सकें।
- पात्र किसानों के लिए कम और लंबी अवधि के कृषि ऋण तक पहुँच बेहतर बनाती है।
- स्थानीय जरूरतों के अनुसार कृषि और उससे जुड़ी गतिविधियों, जैसे बागवानी, मत्स्य पालन और पशुपालन, को सहायता देती है।
- किसानों को बेहतर और समन्वित सहायता देने के लिए 11 विभागों की 36 मौजूदा केंद्रीय सरकारी योजनाओं को संबंधित राज्य योजनाओं के साथ जोड़ती है।
- यह योजना चुने गए 100 जिलों पर ध्यान देती है और इसकी अवधि के दौरान लगभग 1.7 करोड़ किसानों को लाभ मिलने की उम्मीद है।
PMDDKY के तहत हर किसान को अलग से कोई निश्चित नकद राशि नहीं दी जाती है। किसी किसान को मिलने वाले लाभ उस संबंधित मौजूदा योजना और उसकी पात्रता की शर्तों पर निर्भर करते हैं।
पात्रताएं
प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना उन जिलों पर ध्यान देती है जहाँ कृषि उत्पादकता, फसल सघनता और कृषि ऋण तक पहुँच में सुधार की जरूरत है। चुने गए 100 जिलों के किसान मौजूदा सरकारी योजनाओं के माध्यम से लाभ उठा सकते हैं, बशर्ते वे निम्नलिखित शर्तों को पूरा करते हों:
- चुने गए 100 जिलों में से किसी एक जिले में खेती करने वाले किसान सहायता पाने के पात्र हो सकते हैं।
- फसल उत्पादन और बागवानी, मत्स्य पालन तथा पशुपालन जैसी पात्र गतिविधियों में शामिल किसान संबंधित योजनाओं के माध्यम से लाभ उठा सकते हैं।
- आवेदकों को उस विशेष सरकारी योजना की पात्रता की शर्तें पूरी करनी होंगी जिसके माध्यम से वे सहायता प्राप्त करना चाहते हैं।
- योजना और मिलने वाले लाभ के आधार पर जरूरी दस्तावेजों में आधार कार्ड, भूमि रिकॉर्ड और बैंक खाते की जानकारी शामिल हो सकती है।
- योजना के मुख्य आधिकारिक दिशा-निर्देशों में PMDDKY के लिए अलग से कोई आयु सीमा, आय सीमा या व्यक्तिगत पंजीकरण की शर्त नहीं बताई गई है।
किसान यह पता करने के लिए जिला कृषि कार्यालय या नजदीकी कृषि विज्ञान केंद्र (KVK) से संपर्क कर सकते हैं कि उनका जिला योजना में शामिल है या नहीं और वहाँ कौन-कौन से लाभ उपलब्ध हैं। आधिकारिक जानकारी के लिए PMDDKY की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएँ।
प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना के तहत चुने गए 100 जिलों की सूची
भारत सरकार ने प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना (PMDDKY) के तहत कृषि विकास पर विशेष ध्यान देने के लिए 100 जिलों का चयन किया है। इन जिलों का चयन कम कृषि उत्पादकता, कम फसल सघनता और कृषि ऋण के कम वितरण जैसे मानकों को ध्यान में रखकर किया गया है। जिलों के चयन में प्रत्येक राज्य की कुल फसल क्षेत्र में हिस्सेदारी और कृषि कार्यों में इस्तेमाल होने वाली भूमि जोतों की संख्या को भी ध्यान में रखा गया है।
नीचे राज्यों के अनुसार दी गई सूची भारत सरकार के उस आधिकारिक दस्तावेज में दी गई है, जिसमें PMDDKY के तहत चुने गए 100 जिलों और उनके केंद्रीय नोडल अधिकारियों की जानकारी शामिल है।
राज्य/केंद्र शासित प्रदेश | चुने गए जिले |
|---|---|
आंध्र प्रदेश | अल्लूरी सीताराम राजू, श्री सत्य साईं, अनंतपुर (अनंतपुरमु), अन्नमय्या |
अरुणाचल प्रदेश | अंजॉ |
असम | श्रीभूमि (करीमगंज), चराइदेव, दीमा हसाओ |
बिहार | गया, नवादा, बांका, मधुबनी, दरभंगा, सिवान, किशनगंज |
छत्तीसगढ़ | दंतेवाड़ा, कोरबा, जशपुर |
गोवा | दक्षिण गोवा |
गुजरात | दाहोद, कच्छ, छोटा उदयपुर, पंचमहल |
हरियाणा | नूंह |
हिमाचल प्रदेश | बिलासपुर |
जम्मू और कश्मीर | बारामूला, किश्तवाड़ |
झारखंड | सिमडेगा, पश्चिमी सिंहभूम |
कर्नाटक | तुमकुरु, चित्रदुर्ग, कोप्पल, गडग, हावेरी, चिक्कबल्लापुर |
केरल | कोझिकोड, कासरगोड, कन्नूर |
मध्य प्रदेश | उमरिया, अनूपपुर, डिंडोरी, अलीराजपुर, शहडोल, सीधी, निवाड़ी, टीकमगढ़ |
महाराष्ट्र | गडचिरोली, पालघर, यवतमाल, धुले, रायगढ़, चंद्रपुर, छत्रपति संभाजीनगर (औरंगाबाद), नांदेड़, बीड |
मणिपुर | तमेंगलॉन्ग |
मेघालय | पश्चिम जयंतिया हिल्स |
मिजोरम | ममित |
नागालैंड | मोन |
ओडिशा | कंधमाल, मलकानगिरी, नुआपाड़ा, सुंदरगढ़ |
पंजाब | फाजिल्का |
राजस्थान | जैसलमेर, बाड़मेर, पाली, नागौर, जोधपुर, बीकानेर, चूरू, जालौर |
सिक्किम | गेजिंग |
तमिलनाडु | रामनाथपुरम, विरुधुनगर, शिवगंगा, तूतीकोरिन |
तेलंगाना | नारायणपेट, जोगुलाम्बा गडवाल, जंगांव, नागरकुरनूल |
त्रिपुरा | उत्तर त्रिपुरा |
उत्तर प्रदेश | श्रावस्ती, सोनभद्र, चित्रकूट, उन्नाव, महोबा, हमीरपुर, बांदा, जालौन, झांसी, प्रयागराज, प्रतापगढ़, ललितपुर |
उत्तराखंड | अल्मोड़ा, चमोली |
पश्चिम बंगाल | पुरुलिया, दार्जिलिंग, अलीपुरद्वार, झाड़ग्राम |
ध्यान दें: जिलों के नाम आधिकारिक सूची के अनुसार दिए गए हैं। कुछ नामों की वर्तनी या वैकल्पिक नाम अन्य सरकारी रिकॉर्ड में अलग हो सकते हैं। किसानों को अपने स्थानीय कृषि विभाग से जिले में योजना लागू होने से जुड़ी नवीनतम जानकारी की पुष्टि करनी चाहिए।
आवश्यक दस्तावेज
प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना के लिए अलग से आवेदन प्रक्रिया या दस्तावेजों की कोई विशेष सूची नहीं है। इस योजना के लाभ मौजूदा सरकारी योजनाओं के माध्यम से दिए जाते हैं, इसलिए जरूरी दस्तावेज उस विशेष योजना और किसान द्वारा माँगी जाने वाली सहायता पर निर्भर करते हैं। आमतौर पर निम्नलिखित दस्तावेजों की जरूरत हो सकती है:
- आधार कार्ड या पहचान का कोई अन्य मान्य दस्तावेज।
- जहाँ लागू हो, वहाँ भूमि रिकॉर्ड या कृषि भूमि के स्वामित्व का प्रमाण।
- पात्र आर्थिक सहायता प्राप्त करने के लिए बैंक खाते की जानकारी।
- यदि संबंधित योजना में जरूरी हो, तो निवास या पते का प्रमाण।
- जिस विशेष योजना के लिए किसान आवेदन कर रहा है, उसके तहत माँगे गए अन्य दस्तावेज।
आवेदन करने से पहले किसानों को अपने जिला कृषि कार्यालय, ब्लॉक स्तर के कृषि कार्यालय या नजदीकी कृषि विज्ञान केंद्र (KVK) से दस्तावेजों की सही जानकारी लेनी चाहिए। जरूरी दस्तावेज संबंधित योजना और मिलने वाले लाभ के अनुसार अलग-अलग हो सकते हैं।
आवेदन प्रक्रिया
किसानों को प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना (PMDDKY) के लिए अलग से आवेदन जमा करने की जरूरत नहीं है। इस योजना के तहत चुने गए 100 जिलों में कृषि संबंधी जरूरतों को पूरा करने के लिए मौजूदा सरकारी योजनाओं को एक साथ जोड़ा गया है। यदि आप इन जिलों में से किसी एक में किसान हैं, तो उपलब्ध लाभों की जानकारी पाने के लिए नीचे दिए गए चरणों का पालन करें:
- योजना की आधिकारिक जानकारी वाले पेज पर जाकर पता करें कि आपका जिला प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना (PMDDKY) में शामिल है या नहीं। इस पेज पर योजना के दायरे और इसे लागू करने की प्रक्रिया की जानकारी दी गई है।
- अपने जिले में योजना के अंतर्गत उपलब्ध कृषि सहायता कार्यक्रमों की जानकारी लेने के लिए जिला कृषि कार्यालय या ब्लॉक स्तर के कृषि कार्यालय से संपर्क करें।
- संबंधित अधिकारियों को बताएँ, कि आपको किस तरह की सहायता चाहिए, जैसे सिंचाई की सुविधा, फसलों में विविधता, भंडारण की व्यवस्था, कृषि ऋण या खेती से जुड़ी अन्य गतिविधियों के लिए सहायता।
- संबंधित अधिकारी से पूछें कि आपकी जरूरत किस मौजूदा सरकारी योजना के अंतर्गत आती है और क्या आप उसकी पात्रता की शर्तें पूरी करते हैं।
- विभाग की सलाह के अनुसार आवेदन फॉर्म प्राप्त करें या संबंधित योजना के आधिकारिक आवेदन पोर्टल का उपयोग करें। PMDDKY के लिए किसानों का अलग पंजीकरण फॉर्म नहीं है।
- जरूरी दस्तावेज जमा करें और संबंधित योजना की निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार आवेदन करें। यदि आवेदन की रसीद या संदर्भ संख्या दी जाती है, तो उसे सुरक्षित रखें ताकि आप अपने आवेदन की स्थिति के बारे में जानकारी ले सकें।
खेती से जुड़ी सामान्य जानकारी के लिए आप किसान कॉल सेंटर के नंबर 1800-180-1551 पर भी कॉल कर सकते हैं। ध्यान रखें कि PMDDKY डैशबोर्ड का उपयोग जिलों में योजना की प्रगति पर नजर रखने के लिए किया जाता है। यह किसानों के आवेदन करने का पोर्टल नहीं है।
महत्वपूर्ण लिंक
- कृषि एवं किसान कल्याण विभाग – आधिकारिक वेबसाइट
- प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना – आधिकारिक पोर्टल
- प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना (PMDDKY) की जानकारी और दिशा-निर्देश
- प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना (PMDDKY) का जिला प्रदर्शन डैशबोर्ड
- प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना (PMDDKY) के संचालन संबंधी दिशा-निर्देश (PDF)
- केंद्रीय मंत्रिमंडल की मंजूरी – आधिकारिक जानकारी
संपर्क जानकारी
प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना (PMDDKY)
- फोन: PMDDKY के आधिकारिक पोर्टल पर फिलहाल किसी सत्यापित हेल्पलाइन नंबर की जानकारी उपलब्ध नहीं है।
- ईमेल: योजना के लिए कोई सत्यापित विशेष ईमेल पता उपलब्ध नहीं है।
- पता: कृषि मंत्रालय, कृषि भवन, नई दिल्ली – 110001, भारत।
किसी विशेष कृषि लाभ से जुड़ी सहायता के लिए किसान अपने जिला कृषि कार्यालय या नजदीकी कृषि विज्ञान केंद्र (KVK) से भी संपर्क कर सकते हैं। PMDDKY के पोर्टल पर फिलहाल योजना के लिए किसी सत्यापित विशेष टेलीफोन नंबर की जानकारी उपलब्ध नहीं है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना केंद्र सरकार की योजना है, जिसका उद्देश्य कृषि उत्पादकता बढ़ाना, सिंचाई सुविधाओं में सुधार करना और किसानों को खेती के लिए बेहतर सुविधाएँ उपलब्ध कराना है।
प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना की शुरुआत 11 अक्टूबर 2025 को हुई।
इस योजना के लिए सरकार ने हर साल ₹24,000 करोड़ का बजट निर्धारित किया है।
यह योजना देश के 100 चयनित जिलों में लागू की गई है, जहाँ कृषि उत्पादकता अपेक्षाकृत कम है और खेती से जुड़ी सुविधाओं में सुधार की जरूरत है।
इस योजना से देश के लगभग 1.7 करोड़ किसानों को लाभ मिलने की उम्मीद है।
यह योजना वित्त वर्ष 2025–26 से 2030–31 तक छह वर्षों के लिए लागू की गई है।
इस योजना के तहत कृषि उत्पादकता बढ़ाने, फसल विविधीकरण को बढ़ावा देने, सिंचाई सुविधाओं में सुधार करने, फसलों के भंडारण की व्यवस्था बेहतर बनाने और किसानों को कृषि ऋण उपलब्ध कराने पर ध्यान दिया जाता है।
इस योजना के तहत मिलने वाले लाभ संबंधित सरकारी योजनाओं के नियमों और पात्रता पर निर्भर करते हैं। इसलिए किसानों को संबंधित योजना की पात्रता शर्तें पूरी करनी होंगी।
नहीं। ₹24,000 करोड़ इस योजना का वार्षिक बजट है। यह राशि सभी किसानों को सीधे नहीं दी जाती, बल्कि कृषि विकास और संबंधित योजनाओं के कार्यान्वयन पर खर्च की जाती है।
नहीं। इस योजना के लिए अलग से कोई आवेदन फॉर्म नहीं है। किसानों को इससे जुड़ी मौजूदा सरकारी योजनाओं के माध्यम से लाभ मिल सकता है।
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| जाति | लाभार्थी व्यक्ति का प्रकार | सरकार |
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