- इस योजना में कृषि से जुड़े नौ प्रमुख घटक शामिल हैं।
- प्रति बूंद अधिक फसल (PDMC) घटक के तहत पात्र किसान स्वीकृत सूक्ष्म सिंचाई प्रणालियों के लिए 55% तक सहायता प्राप्त कर सकते हैं।
- इस योजना के अलग-अलग घटकों के तहत जैविक खेती और कृषि मशीनरी के लिए सहायता दी जाती है।
- पात्र कृषि स्टार्टअप को चयन प्रक्रिया और लागू दिशा-निर्देशों के अनुसार ₹25 लाख तक का अनुदान मिल सकता है।
- प्रधानमंत्री राष्ट्रीय कृषि विकास योजना (PM-RKVY)
- फोन: 011-23070964
- ईमेल: @email
- प्रधानमंत्री राष्ट्रीय कृषि विकास योजना का कृषि स्टार्टअप कार्यक्रम
- फोन: 011-23384322
योजना का अवलोकन | |
|---|---|
| योजना का नाम | प्रधानमंत्री राष्ट्रीय कृषि विकास योजना (PM-RKVY) |
| शुरू होने का वर्ष | राष्ट्रीय कृषि विकास योजना (RKVY) वर्ष 2007–08 में शुरू हुई थी। PM-RKVY को 3 अक्टूबर 2024 को मंजूरी दी गई। |
| लाभ | पात्र सूक्ष्म सिंचाई प्रणालियों के लिए 55% तक वित्तीय सहायता मिल सकती है। इसके अलावा, कृषि मशीनरी, जैविक खेती और कृषि स्टार्टअप को भी सहायता दी जाती है। लाभ योजना के अलग-अलग घटकों के अनुसार मिलते हैं। |
| लाभार्थी | योजना के संबंधित घटक के अनुसार किसान, किसान समूह, किसान उत्पादक संगठन (FPOs), स्वयं सहायता समूह (SHGs), सहकारी समितियाँ और पात्र कृषि स्टार्टअप। |
| नोडल एजेंसी | कृषि एवं किसान कल्याण विभाग, कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय |
| सदस्यता | योजना से जुड़े अपडेट पाने के लिए यहाँ क्लिक करें। |
| आवेदन का तरीका | अपने राज्य के कृषि विभाग या जिला कार्यालय के माध्यम से आवेदन करें। कृषि स्टार्टअप पात्र RKVY इनक्यूबेटर के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं। |
योजना के बारे में
भारत की अर्थव्यवस्था में कृषि का महत्वपूर्ण योगदान है और देश के लाखों किसान अपनी आजीविका के लिए इस पर निर्भर हैं। हालांकि, अनियमित बारिश, सिंचाई की पर्याप्त सुविधाओं की कमी, खेती की बढ़ती लागत और आधुनिक तकनीकों तक सीमित पहुंच जैसी चुनौतियां किसानों की उत्पादकता और आय को प्रभावित करती हैं। इन समस्याओं को दूर करने, कृषि क्षेत्र में सुधार लाने और किसानों के लिए खेती को अधिक लाभकारी व टिकाऊ बनाने के उद्देश्य से भारत सरकार ने प्रधानमंत्री राष्ट्रीय कृषि विकास योजना (PM-RKVY) शुरू की। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 3 अक्टूबर 2024 को इस योजना को मंजूरी दी थी। PM-RKVY एक ऐसी योजना है, जिसके अंतर्गत राज्यों द्वारा चुने गए अलग-अलग घटकों के माध्यम से कृषि से जुड़ी विभिन्न गतिविधियों को सहायता दी जाती है। इसका उद्देश्य खेती की उत्पादकता बढ़ाना, प्राकृतिक संसाधनों का सही उपयोग करने के लिए प्रोत्साहित करना, कृषि से जुड़े बुनियादी ढाँचे को मजबूत करना और किसानों को आधुनिक तथा टिकाऊ खेती के तरीके अपनाने में मदद करना है।
भारत सरकार ने वर्ष 2007–08 में शुरू की गई राष्ट्रीय कृषि विकास योजना (RKVY) को अक्टूबर 2024 में नए रूप में तैयार करके प्रधानमंत्री राष्ट्रीय कृषि विकास योजना (PM-RKVY) बनाया। इस योजना का संचालन कृषि एवं किसान कल्याण विभाग करता है। यह योजना राज्यों को टिकाऊ खेती को बढ़ावा देने, कृषि उत्पादकता में सुधार करने और अलग-अलग कृषि कार्यक्रमों के माध्यम से किसानों की जरूरतों को पूरा करने में मदद करती है।
इस योजना में नौ प्रमुख घटक शामिल हैं, मृदा स्वास्थ्य प्रबंधन (Soil Health Management) वर्षा आधारित क्षेत्र विकास (Rainfed Area Development) कृषि वानिकी (Agroforestry) परंपरागत कृषि विकास योजना (PKVY), फसल अवशेष प्रबंधन सहित कृषि मशीनीकरण (Agricultural Mechanization) प्रति बूंद अधिक फसल (Per Drop More Crop - PDMC) फसल विविधीकरण कार्यक्रम (Crop Diversification Programme) RKVY की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) से जुड़ा घटक कृषि स्टार्टअप के लिए एक्सेलरेटर फंड (Accelerator Fund for Agri-Startups)।
इन घटकों के माध्यम से राज्य अपनी स्थानीय जरूरतों के अनुसार कृषि संबंधी प्राथमिकताओं पर काम कर सकते हैं। इनमें मिट्टी की सेहत सुधारना, जैविक खेती को बढ़ावा देना, पानी का बेहतर उपयोग करना, कृषि मशीनरी उपलब्ध कराना, फसल अवशेषों का प्रबंधन करना, कृषि उत्पादों का मूल्य बढ़ाना और कृषि उद्यमिता को बढ़ावा देना शामिल है।
प्रधानमंत्री राष्ट्रीय कृषि विकास योजना (PM-RKVY) के तहत मिलने वाले लाभ इस बात पर निर्भर करते हैं कि आपको किस तरह की सहायता चाहिए। उदाहरण के लिए, प्रति बूंद अधिक फसल योजना के तहत पात्र छोटे और सीमांत किसानों को स्वीकृत सूक्ष्म सिंचाई प्रणालियों के लिए 55% सब्सिडी मिल सकती है, जबकि अन्य किसानों को 45% सब्सिडी मिल सकती है। यह सहायता योजना की शर्तों के अनुसार दी जाती है। परंपरागत कृषि विकास योजना (PKVY) के तहत पात्र किसानों को जैविक खेती से जुड़ी गतिविधियों के लिए तीन वर्षों में ₹31,500 प्रति हेक्टेयर की सहायता मिल सकती है। इसके अलावा, पात्र कृषि स्टार्टअप को आइडिया या प्री-सीड चरण में ₹5 लाख तक और सीड चरण में ₹25 लाख तक का अनुदान मिल सकता है। यह सहायता चयन प्रक्रिया के अधीन है।
किसान और अन्य पात्र आवेदक अपने राज्य में प्रधानमंत्री राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के अंतर्गत उपलब्ध घटकों के लिए आवेदन कर सकते हैं। अपने क्षेत्र में उपलब्ध लाभों और अपनी पात्रता की जानकारी प्राप्त करने के लिए राज्य के कृषि या बागवानी विभाग अथवा नजदीकी जिला कृषि अधिकारी से संपर्क करें। जरूरी दस्तावेज संबंधित घटक के अनुसार अलग-अलग हो सकते हैं। इनमें आधार से जुड़ी जानकारी, बैंक खाते की जानकारी और भूमि के रिकॉर्ड शामिल हो सकते हैं।
सामान्य कृषि संबंधी जानकारी के लिए आप किसान कॉल सेंटर के 1800-180-1551 नंबर पर कॉल कर सकते हैं। PM-RKVY की किसी खास सब्सिडी या आवेदन से जुड़े सवालों के लिए अपने राज्य के कृषि विभाग से संपर्क करें, क्योंकि यह नंबर विशेष रूप से प्रधानमंत्री राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के लिए जारी की गई हेल्पलाइन नहीं है।
कृषि से जुड़ी अन्य सरकारी सहायता योजनाओं के बारे में जानने के लिए किसान प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना (PMKSY) के बारे में भी पढ़ सकते हैं। यह योजना सिंचाई और जल प्रबंधन पर ध्यान देती है। इसके अलावा, कृषि मशीनीकरण पर उप-मिशन (SMAM) के तहत पात्र कृषि मशीनरी और मशीनीकरण गतिविधियों के लिए सहायता दी जाती है। सीधे आर्थिक सहायता पाने के इच्छुक किसान प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (PM-KISAN) के बारे में भी जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। इस योजना के तहत पात्र किसान परिवारों को सालाना ₹6,000 दिए जाते हैं। यह लाभ योजना की शर्तों के अनुसार मिलता है।
प्रधानमंत्री राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के अंतर्गत आने वाले घटक
PM-RKVY अलग-अलग कृषि कार्यक्रमों को एक ही योजना के अंतर्गत लाती है, ताकि राज्य अपने क्षेत्रों की खेती से जुड़ी जरूरतों पर ध्यान दे सकें। इसमें कृषि विकास के अलग-अलग क्षेत्रों से जुड़े निम्नलिखित नौ घटक शामिल हैं।
- मृदा स्वास्थ्य प्रबंधन (Soil Health Management) – यह घटक मिट्टी की बेहतर देखभाल और पोषक तत्वों के संतुलित उपयोग को बढ़ावा देता है। इससे मिट्टी की उर्वरता बनाए रखने और कृषि उत्पादकता में सुधार करने में मदद मिलती है।
- वर्षा आधारित क्षेत्र विकास (Rainfed Area Development) – यह घटक उन क्षेत्रों में एकीकृत खेती को बढ़ावा देता है, जहाँ खेती मुख्य रूप से बारिश पर निर्भर करती है। इसका उद्देश्य किसानों की आय बढ़ाना, प्राकृतिक संसाधनों का सही उपयोग करना और खेती से जुड़े जोखिमों को कम करना है।
- कृषि वानिकी (Agroforestry) – इसके तहत फसलों और खेती की दूसरी गतिविधियों के साथ पेड़ लगाने को प्रोत्साहित किया जाता है। इससे जमीन का टिकाऊ उपयोग करने और किसानों के लिए आय के अलग-अलग स्रोत विकसित करने में मदद मिलती है।
- परंपरागत कृषि विकास योजना (PKVY) – इस घटक के तहत जैविक खेती को बढ़ावा दिया जाता है। इसमें जैविक सामग्री, प्रमाणन, प्रशिक्षण, विपणन और किसान समूहों को सहायता दी जाती है।
- फसल अवशेष प्रबंधन सहित कृषि मशीनीकरण (Agricultural Mechanization) – इसके तहत पात्र किसानों और संगठनों को कृषि मशीनरी उपलब्ध कराने, मशीन किराये पर देने की सुविधाएँ स्थापित करने और उपयुक्त उपकरणों की मदद से फसल अवशेषों का प्रबंधन करने में सहायता मिलती है।
- प्रति बूंद अधिक फसल (Per Drop More Crop - PDMC) – यह घटक पानी का बेहतर उपयोग करने और फसल उत्पादन में सुधार करने के लिए ड्रिप और स्प्रिंकलर सिंचाई को बढ़ावा देता है।
- फसल विविधीकरण कार्यक्रम (Crop Diversification Programme) – इसके तहत किसानों को पारंपरिक फसल पद्धतियों से आगे बढ़कर अपने क्षेत्र की परिस्थितियों और कृषि संबंधी जरूरतों के अनुसार दूसरी उपयुक्त फसलें उगाने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है।
- RKVY DPR घटक – यह घटक विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) के माध्यम से तैयार की गई पात्र कृषि परियोजनाओं को सहायता देता है। इसके लिए राज्य की प्राथमिकताओं और मंजूरी से जुड़ी शर्तों को पूरा करना जरूरी है।
- कृषि स्टार्टअप के लिए एक्सेलरेटर फंड (Accelerator Fund for Agri-Startups) – इसके तहत ऐसे पात्र कृषि स्टार्टअप को सहायता दी जाती है, जो खेती की तकनीक, फसल कटाई के बाद के प्रबंधन, खाद्य प्रसंस्करण और कृषि आपूर्ति व्यवस्था जैसे क्षेत्रों में नए समाधान विकसित कर रहे हैं।
किसी खास घटक की उपलब्धता और उसके तहत मिलने वाली सहायता लागू दिशा-निर्देशों, राज्य की योजनाओं और मंजूरी पर निर्भर करती है। उदाहरण के लिए, प्रति बूंद अधिक फसल (PDMC) और परंपरागत कृषि विकास योजना (PKVY) के लिए अलग-अलग नियम हैं। वहीं, कृषि स्टार्टअप के लिए वित्तीय सहायता निर्धारित चयन प्रक्रिया के अनुसार दी जाती है।
योजना के लाभ
प्रधानमंत्री राष्ट्रीय कृषि विकास योजना (PM-RKVY) राज्य स्तर की जरूरतों के अनुसार चुने गए अलग-अलग कृषि कार्यक्रमों के माध्यम से किसानों की सहायता करती है। इसके मुख्य लाभ निम्नलिखित हैं:
- यह किसानों को टिकाऊ खेती के तरीके अपनाने में मदद करती है, जिससे कृषि उत्पादकता बढ़ती है और लंबे समय तक मिट्टी तथा प्राकृतिक संसाधनों की सेहत बनी रहती है।
- प्रति बूंद अधिक फसल घटक के तहत ड्रिप और स्प्रिंकलर जैसी सूक्ष्म सिंचाई प्रणालियों के लिए वित्तीय सहायता दी जाती है। इससे पानी का बेहतर उपयोग करने और फसल की पैदावार बढ़ाने में मदद मिलती है।
- परंपरागत कृषि विकास योजना (PKVY) के तहत जैविक खेती को बढ़ावा दिया जाता है। इसमें जैविक सामग्री, प्रमाणन, प्रशिक्षण, विपणन और ब्रांडिंग के लिए सहायता शामिल है।
- कृषि मशीनीकरण घटक के तहत पात्र किसानों को स्वीकृत कृषि मशीनरी और उपकरण खरीदने के लिए सब्सिडी दी जाती है।
- यह कस्टम हायरिंग सेंटर (Custom Hiring Centres) और फार्म मशीनरी बैंक (Farm Machinery Banks) स्थापित करने में मदद करती है। इससे किसान आधुनिक कृषि उपकरण खरीदने के बजाय उन्हें किराये पर लेकर इस्तेमाल कर सकते हैं।
- यह फसल अवशेषों के प्रबंधन के लिए विशेष मशीनों के उपयोग को बढ़ावा देती है। इससे कृषि कचरे का उपयोगी संसाधन के रूप में इस्तेमाल करने और पराली जलाने की जरूरत कम करने में मदद मिलती है।
- यह पानी के बेहतर प्रबंधन और सटीक सिंचाई के तरीकों को बढ़ावा देती है, ताकि उपलब्ध पानी का अधिकतम उपयोग किया जा सके।
- यह कृषि वानिकी, वर्षा आधारित क्षेत्रों के विकास, मिट्टी की सेहत में सुधार और फसल विविधीकरण को बढ़ावा देती है। इन गतिविधियों को स्थानीय जलवायु और कृषि संबंधी जरूरतों के अनुसार लागू किया जाता है।
- यह पात्र कृषि स्टार्टअप को आइडिया या प्री-सीड चरण में ₹5 लाख तक और सीड चरण में ₹25 लाख तक का अनुदान देकर कृषि क्षेत्र में नए विचारों और तकनीकों को बढ़ावा देती है। इसके लिए निर्धारित चयन और इनक्यूबेशन प्रक्रिया को पूरा करना जरूरी है।
- यह राज्य सरकारों को अपनी कृषि संबंधी प्राथमिकताओं के अनुसार सबसे उपयुक्त घटकों का चयन करने और उनके लिए धन आवंटित करने की सुविधा देती है।
- यह कृषि मूल्य श्रृंखला में कृषि उत्पादों का मूल्य बढ़ाने, उद्यमिता और नई तकनीकों को बढ़ावा देती है। इससे किसानों और कृषि उद्यमियों के लिए आय के नए अवसर पैदा होते हैं।
प्रधानमंत्री राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के तहत वित्तीय सहायता
प्रधानमंत्री राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के तहत हर किसान को एक निश्चित राशि की सब्सिडी नहीं दी जाती। वित्तीय सहायता चुने गए घटक, आवेदक की श्रेणी, स्वीकृत गतिविधि और संबंधित राज्य के दिशा-निर्देशों पर निर्भर करती है। नीचे दी गई तालिका में कुछ प्रमुख घटकों के तहत मिलने वाली सहायता की दरों और सीमाओं की जानकारी दी गई है।
घटक | वित्तीय सहायता | उद्देश्य |
|---|---|---|
| प्रति बूंद अधिक फसल (PDMC) | छोटे और सीमांत किसानों के लिए निर्धारित लागत का 55% तथा अन्य किसानों के लिए 45%। | ड्रिप और स्प्रिंकलर सिंचाई सहित पात्र सूक्ष्म सिंचाई प्रणालियाँ स्थापित करना। |
| परंपरागत कृषि विकास योजना (PKVY) | तीन वर्षों में ₹31,500 प्रति हेक्टेयर। इसमें खेत के अंदर और बाहर इस्तेमाल होने वाली पात्र जैविक सामग्री के लिए प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) के माध्यम से ₹15,000 प्रति हेक्टेयर शामिल हैं। | जैविक खेती, जैविक सामग्री, प्रमाणन, प्रशिक्षण, विपणन और संबंधित गतिविधियों को सहायता देना। |
| कृषि मशीनीकरण पर उप-मिशन (SMAM) | लाभार्थी की श्रेणी और लागू दिशा-निर्देशों के अनुसार मशीन की निर्धारित लागत का सामान्यतः 40% से 50% तक। | पात्र कृषि मशीनरी और उपकरण खरीदने में सहायता देना। |
| कस्टम हायरिंग सेंटर (SMAM) | लागू दिशा-निर्देशों के अनुसार ₹250 लाख तक की लागत वाली पात्र परियोजनाओं के लिए स्वीकृत परियोजना लागत का 40%। | ऐसी सुविधाएँ स्थापित करना, जहाँ किसान कृषि मशीनें खरीदने के बजाय किराये पर ले सकें। |
| फार्म मशीनरी बैंक (SMAM) | निर्धारित सीमा के भीतर पात्र परियोजनाओं की स्वीकृत लागत का सामान्यतः 80% तक। पूर्वोत्तर राज्यों में पात्र परियोजनाओं के लिए यह दर 95% तक हो सकती है। | ऐसे मशीनरी बैंक स्थापित करना, जहाँ किसानों को कृषि उपकरण किराये पर उपलब्ध कराए जा सकें। |
| फसल अवशेष प्रबंधन (CRM) | पात्र व्यक्तिगत किसानों की मशीनरी के लिए 50% सहायता और निर्धारित संगठनों द्वारा स्थापित पात्र कस्टम हायरिंग सेंटर के लिए 80% सहायता, लागू दिशा-निर्देशों के अनुसार। | फसल अवशेषों का प्रबंधन करना और पराली जलाने की जरूरत कम करना। |
| कृषि स्टार्टअप के लिए एक्सेलरेटर फंड | आइडिया या प्री-सीड चरण में ₹5 लाख तक और सीड चरण में ₹25 लाख तक। | निर्धारित इनक्यूबेटर और चयन प्रक्रिया के माध्यम से पात्र कृषि स्टार्टअप को सहायता देना। |
पात्रताएं
प्रधानमंत्री राष्ट्रीय कृषि विकास योजना (PM-RKVY) के लिए पात्रता इस बात पर निर्भर करती है कि आवेदक किस तरह की कृषि सहायता प्राप्त करना चाहता है। इस योजना में अलग-अलग घटक शामिल हैं, इसलिए आवेदकों को अपने राज्य और संबंधित घटक के लिए निर्धारित शर्तों को पूरा करना होगा।
- किसान सिंचाई, कृषि मशीनरी, जैविक खेती, मिट्टी की सेहत और PM-RKVY के अंतर्गत आने वाली अन्य गतिविधियों से जुड़े पात्र लाभों के लिए आवेदन कर सकते हैं।
- लागू दिशा-निर्देशों के अनुसार छोटे और सीमांत किसानों को कुछ घटकों के तहत विशेष सब्सिडी या अतिरिक्त सहायता मिल सकती है।
- महिला किसानों और अनुसूचित जाति (SC) तथा अनुसूचित जनजाति (ST) जैसे पात्र वर्गों के किसानों को उन घटकों के तहत लाभ मिल सकता है, जिनमें इन समूहों के लिए विशेष सहायता का प्रावधान है।
- किसान उत्पादक संगठन (FPOs), स्वयं सहायता समूह (SHGs), सहकारी समितियाँ, पंचायतें और ग्रामीण उद्यमी कस्टम हायरिंग सेंटर या फार्म मशीनरी बैंक स्थापित करने जैसी चुनिंदा गतिविधियों के लिए पात्र हो सकते हैं।
- कृषि स्टार्टअप आवेदन खुले होने पर पात्र RKVY कृषि व्यवसाय इनक्यूबेटर के माध्यम से सहायता के लिए आवेदन कर सकते हैं। इसके लिए निर्धारित चयन संबंधी शर्तों को पूरा करना जरूरी है।
- कृषि विभाग, विश्वविद्यालय और अन्य पात्र संस्थान संबंधित घटक के तहत स्वीकृत कृषि परियोजनाओं के लिए सहायता प्राप्त कर सकते हैं।
- आवेदकों को राज्य की आवेदन प्रक्रिया का पालन करना होगा और जहाँ लागू हो, वहाँ भूमि, परियोजना प्रस्ताव, लाभार्थी श्रेणी या उपकरणों से जुड़ी शर्तों को पूरा करना होगा।
- संबंधित घटक और राज्य के नियमों के अनुसार आवेदकों को आधार की जानकारी, बैंक खाते की जानकारी, भूमि के रिकॉर्ड या जाति प्रमाण पत्र जैसे दस्तावेज देने पड़ सकते हैं।
- PM-RKVY के सभी घटकों के लिए उम्र, आय या दस्तावेजों की कोई एक समान सीमा निर्धारित नहीं है। आवेदन करने से पहले संबंधित राज्य के कृषि या बागवानी विभाग से सटीक शर्तों की जानकारी प्राप्त करें।
आवश्यक दस्तावेज
प्रधानमंत्री राष्ट्रीय कृषि विकास योजना (PM-RKVY) के लिए आवेदन करते समय जरूरी दस्तावेज संबंधित घटक और उस राज्य पर निर्भर करते हैं, जहाँ से आप आवेदन कर रहे हैं। जरूरत के अनुसार आवेदकों से निम्नलिखित दस्तावेज माँगे जा सकते हैं:
- आधार कार्ड या अन्य मान्य पहचान पत्र।
- पात्र वित्तीय सहायता प्राप्त करने के लिए बैंक खाते की जानकारी।
- जरूरत पड़ने पर जमीन के स्वामित्व के रिकॉर्ड या जमीन से जुड़े अन्य मान्य दस्तावेज।
- किसी विशेष श्रेणी के लाभ के लिए आवेदन करने पर अनुसूचित जाति (SC) या अनुसूचित जनजाति (ST) का प्रमाण पत्र।
- यदि आवेदन पोर्टल पर माँगा जाए, तो पासपोर्ट आकार की फोटो और सही संपर्क विवरण।
- राज्य की जरूरत के अनुसार किसान पंजीकरण की जानकारी या किसान होने की पुष्टि करने वाले अन्य दस्तावेज।
- जहाँ लागू हो, वहाँ कृषि मशीनरी या सिंचाई उपकरणों का कोटेशन, बिल या उनसे जुड़ी जानकारी।
- संबंधित घटकों के तहत आवेदन करने वाले पात्र संगठनों, FPOs या कृषि स्टार्टअप के लिए परियोजना प्रस्ताव, पंजीकरण प्रमाण पत्र और व्यवसाय से जुड़े अन्य जरूरी दस्तावेज।
यह केवल सामान्य जानकारी के लिए दी गई दस्तावेजों की सूची है। यह पूरी योजना के लिए आधिकारिक और एक समान दस्तावेज सूची नहीं है। आवेदन करने से पहले संबंधित राज्य के कृषि या बागवानी विभाग से संपर्क करें या राज्य के संबंधित पोर्टल पर जाकर यह पुष्टि करें कि आपके चुने गए घटक के लिए कौन-से दस्तावेज जरूरी हैं।
आवेदन प्रक्रिया
प्रधानमंत्री राष्ट्रीय कृषि विकास योजना (PM-RKVY) के लिए आवेदन करने की प्रक्रिया उस योजना से अलग है, जिसमें पंजीकरण के लिए एक ही केंद्रीय फॉर्म होता है। आवेदन की प्रक्रिया इस बात पर निर्भर करती है कि आपको किस तरह की कृषि सहायता चाहिए और आपका राज्य किन नियमों का पालन करता है। संबंधित लाभ की जानकारी प्राप्त करने और आवेदन करने के लिए नीचे दिए गए चरणों का पालन करें।
- सबसे पहले अपने राज्य के कृषि या बागवानी विभाग, जिला कृषि अधिकारी या ब्लॉक स्तर के कृषि कार्यालय से संपर्क करें। उनसे पता करें कि आपके क्षेत्र में PM-RKVY के कौन-से घटक उपलब्ध हैं। आप मौजूदा योजना संबंधी सूचनाओं के लिए अपने राज्य के कृषि विभाग की आधिकारिक वेबसाइट भी देख सकते हैं।
- अपनी जरूरत के अनुसार संबंधित घटक की जानकारी लें। उदाहरण के लिए, प्रति बूंद अधिक फसल के तहत सूक्ष्म सिंचाई, परंपरागत कृषि विकास योजना के तहत जैविक खेती या कृषि मशीनरी खरीदने के लिए सहायता के बारे में पूछ सकते हैं। आवेदन आगे बढ़ाने से पहले पात्रता की शर्तों, सब्सिडी की दर और आवेदन की तारीखों की पुष्टि करें।
- यदि आपका राज्य ऑनलाइन आवेदन स्वीकार करता है, तो विभाग द्वारा दिए गए लिंक के माध्यम से संबंधित राज्य के कृषि या किसान लाभ पोर्टल पर जाएँ। वहाँ अपने जरूरत वाले घटक को खोजें, उसके दिशा-निर्देश पढ़ें और यदि आवेदन या पंजीकरण का विकल्प उपलब्ध हो, तो उसे चुनें। अलग-अलग राज्यों में मेनू के नाम और आवेदन की प्रक्रिया अलग हो सकती है।
- आवेदन फॉर्म में माँगी गई जानकारी भरें और जरूरी दस्तावेज अपलोड करें। घटक के अनुसार इनमें पहचान और बैंक खाते की जानकारी, भूमि के रिकॉर्ड, श्रेणी प्रमाण पत्र या उपकरणों से जुड़े दस्तावेज शामिल हो सकते हैं। फॉर्म जमा करने से पहले सभी जानकारियों की जाँच कर लें।
- यदि आपके घटक के लिए ऑनलाइन आवेदन की सुविधा उपलब्ध नहीं है, तो संबंधित कृषि कार्यालय से पूछें कि क्या आपको कागज पर आवेदन या सहायक दस्तावेज जमा करने होंगे। यदि निर्धारित फॉर्म उपलब्ध कराया गया है, तो उसी का उपयोग करें और भविष्य के लिए आवेदन की रसीद या पावती अपने पास रखें।
- आवेदन जमा करने के बाद उसकी स्थिति जानने के लिए राज्य विभाग द्वारा दिए गए निर्देशों का पालन करें। संबंधित घटक के अनुसार, सहायता मंजूर करने से पहले विभाग आपके दस्तावेजों, जमीन या प्रस्तावित गतिविधि की जाँच कर सकता है।
- यदि आप कृषि स्टार्टअप के लिए वित्तीय सहायता का आवेदन कर रहे हैं, तो RKVY कृषि स्टार्टअप कार्यक्रम की वेबसाइट और इसमें भाग लेने वाले कृषि व्यवसाय इनक्यूबेटर की वेबसाइट देखें। आवेदन केवल तभी करें, जब कोई पात्र इनक्यूबेटर आवेदन की प्रक्रिया शुरू करे। अपना प्रस्ताव और जरूरी दस्तावेज जमा करने के लिए उसके निर्देशों का पालन करें।
प्रधानमंत्री राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के सभी लाभों के लिए कोई एक राष्ट्रीय आवेदन पोर्टल या एक समान अंतिम तारीख नहीं है। आवेदन की सही प्रक्रिया और वर्तमान उपलब्धता के लिए अपने राज्य के कृषि विभाग से जानकारी प्राप्त करें। उदाहरण के लिए, उत्तराखंड कृषि विभाग का RKVY पेज योजना की जानकारी और संबंधित दिशा-निर्देशों के लिंक उपलब्ध कराता है।
महत्वपूर्ण लिंक
- कृषि एवं किसान कल्याण विभाग
- राष्ट्रीय कृषि विकास योजना (RKVY) पोर्टल
- प्रधानमंत्री राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के संचालन संबंधी दिशा-निर्देश
- केंद्रीय मंत्रिमंडल की मंजूरी और योजना की आधिकारिक जानकारी
- प्रधानमंत्री राष्ट्रीय कृषि विकास योजना का कृषि स्टार्टअप कार्यक्रम पोर्टल
संपर्क जानकारी
प्रधानमंत्री राष्ट्रीय कृषि विकास योजना (PM-RKVY)
- फोन: 011-23070964
- ईमेल: [email protected]
प्रधानमंत्री राष्ट्रीय कृषि विकास योजना का कृषि स्टार्टअप कार्यक्रम
- फोन: 011-23384322
- ईमेल: [email protected]
पात्रता, आवेदन या किसी विशेष घटक के तहत मिलने वाली सहायता से जुड़े सवालों के लिए आवेदकों को अपने संबंधित राज्य के कृषि या बागवानी विभाग अथवा जिला कृषि अधिकारी से संपर्क करना चाहिए।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
PM-RKVY भारत सरकार की एक योजना है, जो टिकाऊ खेती को बढ़ावा देती है, खेती की उत्पादकता में सुधार करती है और अलग-अलग कृषि घटकों के माध्यम से आधुनिक खेती के तरीकों को अपनाने में मदद करती है।
मूल राष्ट्रीय कृषि विकास योजना (RKVY) वर्ष 2007–08 में शुरू की गई थी। अक्टूबर 2024 में इसे नए रूप में तैयार करके प्रधानमंत्री राष्ट्रीय कृषि विकास योजना (PM-RKVY) बनाया गया।
किसान, किसान समूह, किसान उत्पादक संगठन (FPOs), स्वयं सहायता समूह (SHGs), सहकारी समितियां और पात्र कृषि स्टार्टअप इस योजना के अलग-अलग घटकों के तहत सहायता प्राप्त कर सकते हैं। इसके लिए लागू दिशा-निर्देशों और पात्रता शर्तों को पूरा करना जरूरी है।
इस योजना के तहत सूक्ष्म सिंचाई, जैविक खेती, कृषि मशीनरी, मिट्टी की सेहत, फसल विविधीकरण, कृषि वानिकी और पात्र कृषि स्टार्टअप को सहायता दी जाती है।
इस योजना के तहत सूक्ष्म सिंचाई, जैविक खेती, कृषि मशीनरी, मिट्टी की सेहत, फसल विविधीकरण, कृषि वानिकी और पात्र कृषि स्टार्टअप को सहायता दी जाती है।
सब्सिडी की राशि योजना के संबंधित घटक पर निर्भर करती है। प्रति बूंद अधिक फसल (Per Drop More Crop) घटक के तहत पात्र छोटे और सीमांत किसानों को स्वीकृत सूक्ष्म सिंचाई प्रणालियों के लिए 55% सहायता मिल सकती है, जबकि अन्य किसानों को 45% सहायता मिल सकती है। यह सहायता लागू शर्तों के अधीन है।
परंपरागत कृषि विकास योजना (PKVY) के तहत पात्र किसानों को तीन वर्षों में प्रति हेक्टेयर ₹31,500 की सहायता मिल सकती है। इसमें जैविक खेती के लिए जरूरी सामग्री और संबंधित गतिविधियों के लिए सहायता शामिल है। यह सहायता योजना के दिशा-निर्देशों के अनुसार दी जाती है।
हां, पात्र कृषि स्टार्टअप को आइडिया या प्री-सीड चरण में ₹5 लाख तक और सीड चरण में ₹25 लाख तक का अनुदान मिल सकता है। इसके लिए निर्धारित चयन प्रक्रिया और इनक्यूबेशन से जुड़ी शर्तों को पूरा करना जरूरी है।
किसान अपने राज्य के कृषि या बागवानी विभाग, जिला कृषि अधिकारी या संबंधित राज्य के आवेदन पोर्टल से संपर्क करके अपने क्षेत्र में उपलब्ध घटकों और आवेदन की प्रक्रिया की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
संबंधित घटक के आधार पर आवेदकों को आधार कार्ड या अन्य पहचान संबंधी जानकारी, बैंक खाते की जानकारी, भूमि के रिकॉर्ड, किसान पंजीकरण से जुड़ी जानकारी या कृषि उपकरणों से संबंधित दस्तावेज देने पड़ सकते हैं।
अगर योजनाओं के बारे में आपका कोई सवाल है, तो उसे योजना के फोरम में सबमिट करें और जवाब पाएँ:
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यह फोरम निम्न कामों के लिए एक बेहतरीन जगह है:
- सवाल पूछें: अगर आपके मन में योजना से जुड़ा कोई सवाल है या आप इस विषय के किसी पहलू के बारे में और जानकारी चाहते हैं।
- योजना से जुडी अपनी बातें साझा करें: अपनी जानकारी और अनुभव शेयर करें।
- दूसरों से जुड़ें: कम्युनिटी से जुड़ें और दूसरों से सीखें।
हम आपको इस फ़ोरम में सक्रिय रूप से भाग लेने और इस बेहतरीन रिसोर्स का पूरा फ़ायदा उठाने के लिए प्रोत्साहित करते है।
| जाति | लाभार्थी व्यक्ति का प्रकार | सरकार |
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