हाइलाइट
- गांव में ग्वालों की नियुक्ति और 10 हजार रूपये प्रति माह का मानदेय।
ग्राहक देखभाल फ़ोन नंबर
- ग्राम पंचायत से संपर्क करें।
योजना का अवलोकन | |
|---|---|
| योजना का नाम | राजस्थान गांव ग्वाला योजना। |
| शुरुआत का वर्ष | वर्ष 2026 |
| लाभ | गांव में ग्वाला की नियुक्ति तथा ₹10,000 प्रतिमाह मानदेय। |
| लाभार्थी | राजस्थान राज्य के निवासी। |
| सब्सक्रिप्शन | योजना की निरंतर जानकारी के लिए यहाँ सब्सक्राइब करे। |
| आवेदन का तरीका | राजस्थान गांव ग्वाला योजना आवेदन पत्र के माध्यम से। |
योजना के बारे में
- राजस्थान सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों में पशुओं की बेहतर देखभाल और पारंपरिक ग्वाला व्यवस्था को फिर से मजबूत करने के उद्देश्य से गांव ग्वाला योजना शुरू की है।
- राज्य सरकार ने फरवरी 2026 में इस योजना को लागू किया, ताकि गांव में बढ़ रही आवारा और बिना देखभाल वाली गायों की समस्या को कम किया जा सके और ग्रामीण स्तर पर रोजगार भी पैदा हो।
- इस योजना के तहत प्रत्येक गांव में एक जिम्मेदार ग्वाला नियुक्त किया जायेगा जो गांव की गायों की देखरेख करेगा।
- योजना का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि गायों को सही तरीके से चराई, सुरक्षा और दैनिक देखभाल मिल सके।
- इसके साथ-साथ सरकार पशु देखभाल करने वाले लोगों की भूमिका को औपचारिक रूप से मान्यता देकर उन्हें स्थायी आय का अवसर भी प्रदान कर रही है।
- इस योजना का संचालन और निगरानी गांव स्तर पर पंचायती राज विभाग, राजस्थान सरकार द्वारा की जाएगी।
- नियुक्त किया गया ग्वाला हर सुबह गांव के घरों से गायों को एकत्र करेगा और उन्हें दिन भर निर्धारित गोचर भूमि में चऱायेगा और शाम को सुरक्षित रूप से वापस उनके मालिकों तक पहुंचा देगा।
- सामान्य तौर पर एक गांव में लगभग 70 गायों के लिए एक ग्वाला नियुक्त किया जायेगा ताकि उनकी सही निगरानी हो सके।
- यदि किसी गांव में गायों की संख्या 70 से अधिक हो जाती है, तो विभाग आवश्यकता अनुसार अतिरिक्त ग्वाले भी नियुक्त कर सकता है।
- चयनित ग्वाले को योजना के तहत प्रतिमाह 10,000 का निश्चित मानदेय सीधे उसके बैंक खाते में दिया जायेगा।
- यह आर्थिक सहायता ग्रामीण लोगों के लिए नियमित आय का स्रोत बनेगी और उन्हें रोजगार के लिए शहरों की ओर पलायन करने की आवश्यकता भी नहीं होगी।
- इस मानदेय के भुगतान में समुदाय का सहयोग भी लिया जायेगा जिसे भामाशाह योगदान मॉडल के माध्यम से संचालित किया जाता है।
- गांव का कोई भी शारीरिक रूप से सक्षम व्यक्ति, जो पशुओं की जिम्मेदारी संभाल सकता हो, इस योजना के तहत ग्वाला बनने के लिए पात्र होगा।
- इच्छुक व्यक्ति अपने ग्राम पंचायत द्वारा आयोजित चयन प्रक्रिया के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं।
- इसके अलावा पशुपालक अपने पशुओं का बीमा मुख्यमंत्री मंगला पशु बीमा योजना के तहत भी करवा सकते हैं, जिसमें पशुधन के लिए जीवन बीमा सुविधा उपलब्ध कराई जाती है।
योजना के लाभ
- चयनित आवेदक को प्रतिमाह 10,000 का निश्चित मानदेय प्राप्त होगा।
- यह योजना ग्रामीण निवासियों के लिए स्थायी और भरोसेमंद आय का अवसर प्रदान करती है।
- चयनित व्यक्ति को गांव के ग्वाला के रूप में आधिकारिक जिम्मेदारी मिलेगी जिससे उसे समाज में सम्मान भी प्राप्त होगा।
- इस योजना के माध्यम से स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और शहरों की ओर पलायन कम करने में मदद मिलेगी।
- गांव की गायों को चराने और उनकी देखभाल करने का कार्य पूरे वर्ष चलता है, जिससे नियमित रोजगार मिलेगा।
- भामाशाह योगदान मॉडल के माध्यम से मासिक भुगतान को निरंतर बनाए रखने में सहयोग भी मिलेगा।
पात्रताएं
- आवेदक राजस्थान राज्य का स्थायी निवासी होना चाहिए।
- आवेदक उसी गांव का निवासी होना चाहिए जहाँ ग्वाला नियुक्त किया जाएगा।
- आवेदक शारीरिक रूप से स्वस्थ और पूरे दिन पशुओं की देखभाल करने में सक्षम होना चाहिए।
- आवेदक को हर सुबह गांव के घरों से गायों को इकट्ठा कर शाम को सुरक्षित वापस पहुँचाने की जिम्मेदारी निभानी होगी।
- आवेदक लगभग 70 गायों का प्रबंधन करने में सक्षम होना चाहिए।
- यदि किसी गांव में गायों की संख्या अधिक होती है तो पंचायत आवश्यकता अनुसार अतिरिक्त ग्वाले नियुक्त कर सकती है।
- आवेदक को गोचर भूमि पर गायों की सुरक्षा और उचित चराई की पूरी जिम्मेदारी लेनी होगी।
आवश्यक दस्तावेज
- राजस्थान का निवास प्रमाण पत्र या अन्य कोई वैध पता प्रमाण।
- भामाशाह कार्ड या जन आधार कार्ड।
- बैंक खाते का विवरण।
- संपर्क के लिए मोबाइल नंबर।
- पासपोर्ट आकार का फोटो।
लाभ लेने की प्रक्रिया
- जो इच्छुक उम्मीदवार गांव ग्वाला योजना के तहत कार्य करना चाहते हैं, उन्हें ऑफलाइन प्रक्रिया के माध्यम से आवेदन करना होगा।
- सबसे पहले अपने नजदीकी ग्राम पंचायत कार्यालय जाएँ और वहाँ से गांव ग्वाला योजना का आवेदन फॉर्म प्राप्त करें।
- यह आवेदन फॉर्म पंचायत कार्यालय से निःशुल्क उपलब्ध कराया जाता है।
- यदि फॉर्म भरने में किसी प्रकार की सहायता की आवश्यकता हो तो पंचायत अधिकारी मार्गदर्शन भी प्रदान करते हैं।
- इसके बाद फॉर्म में मांगी गई सभी जानकारी सावधानीपूर्वक भरें।
- आवेदन फॉर्म के साथ आवश्यक दस्तावेजों की स्वप्रमाणित प्रतियां संलग्न करें।
- सभी दस्तावेज लगाने के बाद पूरा आवेदन फॉर्म उसी ग्राम पंचायत कार्यालय में जमा कर दें।
- पंचायत अधिकारी आपके आवेदन और दस्तावेजों की जांच करेंगे तथा पात्रता का सत्यापन करेंगे।
- सत्यापन के आधार पर उपयुक्त उम्मीदवारों को गांव के ग्वाला के रूप में चयनित किया जाएगा।
- इसके बाद पंचायत आपके आवेदन को अंतिम जांच और स्वीकृति के लिए संबंधित विभाग को भेजेगी।
- विभाग से स्वीकृति मिलने के बाद चयनित व्यक्ति को आधिकारिक रूप से गांव की गायों को चराने और उनकी देखभाल करने की जिम्मेदारी दी जाएगी।
- चयन के बाद राजस्थान सरकार द्वारा 10,000 का मासिक मानदेय सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में भेजा जाएगा।
महत्वपूर्ण लिंक
संपर्क करने का विवरण
- योजना से संबंधित अधिक जानकारी या सहायता के लिए इच्छुक व्यक्ति अपनी ग्राम पंचायत से संपर्क कर सकते हैं।
अगर योजनाओं के बारे में आपका कोई सवाल है, तो उसे योजना के फोरम में सबमिट करें और जवाब पाएँ:
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यह फोरम निम्न कामों के लिए एक बेहतरीन जगह है:
- सवाल पूछें: अगर आपके मन में योजना से जुड़ा कोई सवाल है या आप इस विषय के किसी पहलू के बारे में और जानकारी चाहते हैं।
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