राजस्थान किसान कलेवा योजना

द्वारा प्रस्तुत Pradeep on Mon, 26/08/2024 - 13:18
Bhajan Lal Sharma CM Rajasthan
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Rajasthan Kisan Kaleva Yojana Logo
हाइलाइट
  • किसान कलेवा योजना के माध्यम से राज्य सरकार हमाल पल्लेदार/तुलारा और किसानो को मंडी में पौष्टिक खाना रियायती दर पर उपलब्ध करवाना है।
  • लाभार्थियों को मंडी प्रांगढ़ में खाने की थाली मात्र 5 रूपए में उपलब्ध करवाई जाएगी।
ग्राहक देखभाल फ़ोन नंबर
  • राजस्थान कृषि विभाग हेल्पलाइन नंबर : - 0141-292704
  • राजस्थान कृषि विभाग ईमेल हेल्पडेस्क : - [email protected]
योजना का अवलोकन
योजना का नाम राजस्थान किसान कलेवा योजना
आरंभ वर्ष 2014
लाभ 5 रूपए में सस्ता एवं पौष्टिक भोजन उपलब्ध करवाना।
लाभार्थी हमाल पल्लेदार/तुलारा और किसान।
नोडल विभाग राजस्थान कृषि विभाग।
सब्सक्रिप्शन योजना की निरंतर जानकारी के लिए यहाँ सब्सक्राइब करे।
आवेदन का तरीका किसान कलेवा योजना के आवेदन ऑनलाइन माध्यम से स्वीकारे जाएंगे।

योजना के बारे मे

  • दूर दराज क्षेत्रों से मंडी में अपनी उपज को बेचने आने वाले किसानो के लिए राज्य सरकार द्वारा 'किसान कलेवा योजना' की शुरुआत की गई है।
  • वर्ष 2014 से राज्य में संचालित इस योजना का मुख्य उद्देश्य राज्य के किसान एवं किसान मंडी में पंजीकृत हमाल/पल्लेदार/तुलारा को पौष्टिक भोजन रियायती दर पर उपलब्ध करवाना है।
  • लाखो किसान और हमाल अभी तक इस योजना का लाभ ले चुके है।
  • सरकार द्वारा घोषित यह योजना नई नहीं है, अपितु वर्ष 2009 में संचालित 'अपणी रसोई योजना' को संसोधित करके इसे राज्य में पुनः लागु किया गया है।
  • राजस्थान किसान कलेवा योजना के द्वारा पात्र लाभार्थियों को मंडी प्रांगढ़ में ही भोजन उपलब्ध करवाया जाएगा।
  • लाभार्थियों को मिलने वाली इस भोजन की थाली का वैसे तो मूल्य 40/- रूपए है।
  • लेकिन योजना के माध्यम से राज्य सरकार और मंडी समिति द्वारा पात्र लाभार्थियों को 35/- रूपए प्रति थाली का अनुदान दिया जाएगा।
  • इसके चलते इस थाली का मूल्य लाभर्थियो को केवल 5/- रूपए प्रति थाली देय होगा।
  • किसान कलेवा योजना के अंतर्गत मिलने वाली इस थाली में मुख्यता निम्नलिखित भोजन दिया जाएगा : -
    • आठ चपाती।
    • दाल एक कटोरी।
    • सभी एक कटोरी।
    • सर्दियों के समय में गुड़ (अक्टूबर से मार्च तक)
    • गर्मियों में समय छाछ (अप्रैल से सितम्बर तक)
  • योजना का लाभ अपनी उपज बेचने मंडी आए किसानो और मंडी में पंजीकृत हमाल/पल्लेदार/तुलारा को ही प्राप्त होगा।
  • योजना का लाभ प्राप्त करने हेतू मंडी समिति द्वारा सभी लाभार्थियों को कूपन प्रदान किये जाएंगे।
  • इस कूपन के माध्यम से सभी लाभार्थी भोजन प्राप्त कर सकते है।
  • किसानो को मंडी के प्रवेश द्वारा पर वाहन का प्रवेश पत्र लेते समय यह कूपन दिया जाएगा।
  • प्रत्येक वाहन पर किसानो को अधिकतम दो कूपन दिए जाएंगे।
  • वही हमाल/पल्लेदार/तुलारा अपने कूपन मंडी समिति के कर्मचारी से अपना पंजीकरण पत्र दिखा कर प्राप्त कर सकते है।
  • किसान कलेवा योजना का लाभ राज्य की उन्ही मंडियों में प्राप्त होगा जिनकी सूची सरकार द्वारा जारी की गई है।
  • लाभार्थियों को यह कूपन केवल दिन के समय ही जारी होंगे, जिसकी वैधता पूरे 24 घंटे तक की होगी।
  • किसान कलेवा योजना के सुचारु रूप से संचालन हेतु राज्य साकार द्वारा कृषि विभाग को इसका नोडल विभाग चयनित किया गया है।
  • लाभार्थी किसान कलेवा योजना के आवेदन ऑनलाइन मध्यम से जमा कर सकते है।
  • आवेदन हेतु आवेदक के पास जनाधार नंबर और एसएसओ आईडी का होना आवश्यक है।
  • योजना को राज्य की विष्टि श्रेणी, 'अ' श्रेणी, और 'ब' श्रेणी की मंडी समितियों में ही प्राप्त होगा।

योजना के अंतर्गत मिलने वाले लाभ

  • किसान कलेवा योजना के माध्यम से राज्य सरकार हमाल पल्लेदार/तुलारा और किसानो को मंडी में पौष्टिक खाना रियायती दर पर उपलब्ध करवाना है।
  • लाभार्थियों को मंडी प्रांगढ़ में खाने की थाली मात्र 5 रूपए में उपलब्ध करवाई जाएगी।
  • योजना के अंतर्गत मिलने वाली थाली में निम्नलिखित भोजन उपलब्ध करवाया जाएगा : -
    • आठ चपाती।
    • एक कटोरी दाल।
    • एक कटोरी सब्जी।
    • गुड़ (अक्टूबर से मार्च)
    • छाछ (अप्रैल से सितम्बर)

पात्रता

  • राजस्थान किसान कलेवा योजना का लाभ केवल उन्ही लाभार्थियों को प्राप्त होगा जो योजना के अंतर्गत जारी निम्नलिखित पात्रता के अंदर आते है : -
    • मंदिर में कृषि उपज बेचने आने वाले किसान।
    • मंडी प्रांगढ़ में पंजीकृत सभी हमाल/पल्लेदार/तुलारा।
    • कृषक मंडी में काम करने वाले अन्य व्यक्ति।

लाभ लेने के लिए आवश्यक दस्तावेज

  • राजस्थान किसान कलेवा योजना के लिए आवेदन करते समय आवेदक को निम्नलिखित दस्तावेजों की आवश्यकता होगी : -
    • जनाधार कार्ड।
    • मोबाइल नंबर।
    • एसएसओ आईडी।
    • पहचान पत्र।
    • मंडी पंजीकरण संख्या।

आवेदन की प्रक्रिया

  • पात्र लाभार्थी राजस्थान किसान कलेवा योजना के लिए आवेदन ऑनलाइन माध्यम से कर सकते है।
  • किसान कलेवा योजना के आवेदन पत्र राज्य की कृषि विभाग की राज किसान की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध है।
  • आवेदन हेतु, वेबसाइट के मुख्य पेज से 'किसान' का चुनाव करके 'कृषि विपणन' की सूची से 'किसान कलेवा योजना' का चयन करे।
  • योजना से जुडी महत्वपूर्ण जानकारी और उसके आवेदन का लिंक आपके सामने प्रस्तुत होगा।
  • जानकारी को पढ़ने के पश्चात आवेदन का चयन करे।
  • किसान कलेवा योजना के आवेदन एसएसओ आईडी या फिर जनाधार नंबर के माध्यम से कर सकते है।
    • ऐसे आवेदक जो एसएसओ आईडी का चयन करते है वह निम्नलिखित प्रक्रिया का पालन करे : -
      • सर्वप्रथम, अपनी एस.एस.ओ आईडी से पोर्टल पर लॉगिन करे।
      • ऐसे व्यक्ति जो पोर्टल पर पंजीकृत नहीं है, पहले अपना पंजीकरण अवश्य से कर ले।
      • लॉगिन पश्चात इसके मुख्य पेज से राज किसान का चयन करे।
      • इसके बाद किसान को चुने और अपने जनाधार नंबर को दर्ज करे।
      • प्रस्तुत सूची में से किसी एक सदस्य को चुने।
      • सदस्य चुने के बाद उसकी सदस्य्ता संख्या को दर्ज करके उसकी सत्यता को पूर्ण करे।
      • सत्यता की जांच पश्चात आवेदक को अपने कुछ विवरण दर्ज करके उसे जमा कर दे।
    • ऐसे आवेदक जो जनाधार का चुनाव करते है, वह निम्नलिखित प्रक्रिया का पालन करे : -
      • अपना जनाधार नंबर दर्ज करे।
      • सूची से सदस्य का चुनाव करके उसकी सदस्य्ता संख्या दर्ज करे।
      • संख्या को ओ.टी.पी के माध्यम उसको सत्यापित करे।
      • इसके बाद अपने कुछ विवरण दर्ज करके आवेदन को जमा कर दे।

मंडियों की सूची

  • किसान कलेवा योजना का लाभ केवल निम्नलिखित श्रेणियों की मंडियों में ही प्राप्त होगा, जिनको तीन विशिष्ट श्रेणी, श्रेणी 'अ' और श्रेणी 'ब' में विभाजित किया गया है : -
    विशिष्ट श्रेणी
    श्रेणी 'अ'
    श्रेणी 'ब'
    • जयपुर (अनाज)
    • कोटा (अनाज)
    • चौमूँ।
    • भवानीमण्डी।
    • बून्दी।
    • बारां।
    • अलवर।
    • भरतपुर।
    • खैरथल।
    • हनुमानगढ़।
    • श्रीगंगानगर (अनाज)।
    • बीकानेर(अनाज)
    • जोधपुर (अनाज)
    • रामगंजमण्डी।
    • भीलवाड़ा।
    • छबड़ा।
    • गंगापुरसिटी।
    • उदयपुर (अनाज)
    • सुमेरपुर।
    • अनूपगढ़।
    • पदमपुर।
    • रावतसर।
    • श्रीमाधोपुर।
    • निवाई।
    • इटावा।
    • झलनापाटन
    • सोजतरोड।
    • बाड़मेर।
    • श्री विजयनगर।
    • सादुलशहर
    • पीलीबंगा।
    • चौमेहला।
    • खैरली।
    • सवाईमाधोपुर।
    • प्रतापगढ़।
    • मेड़तासिटी।
    • नागौर।
    • रायसिंघनगर।
    • संगरिया।
    • सीकर।
    • लालसोट।
    • श्रीकरणपुर।
    • धड़साना।
    • गोलूवाला।
    • धौलपुर।
    • हिण्डौन।
    • नगर।
    • सूरतगढ़।
    • गजसिंहपुर।
    • बयाना।
    • बिजयनगर।
    • निम्बाहेड़ा।
    • दौसा।
    • नोखा।
    • मालपुरा।
    • अजमेर (अनाज)

महत्वपूर्ण लिंक

सम्पर्क करने का विवरण

  • राजस्थान कृषि विभाग हेल्पलाइन नंबर : - 0141-292704
  • राजस्थान कृषि विभाग ईमेल हेल्पडेस्क : - [email protected]

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