- राजस्थान में 10 से 45 वर्ष की पात्र महिलाओं और लड़कियों को मुफ्त सैनिटरी पैड।
- महिला अधिकारिता निदेशालय, राजस्थान सरकार
- फोन: 0141-2716451
- ईमेल: [email protected]
योजना का अवलोकन | |
|---|---|
| योजना का नाम | राजस्थान कालीबाई भील उड़ान योजना |
| शुरुआत का वर्ष | 2021 |
| लाभ | मुफ्त सैनिटरी पैड |
| लाभार्थी | राजस्थान की 10 से 45 साल की महिलाएं और लड़कियां |
| नोडल विभाग | महिला अधिकारिता निदेशालय, महिला एवं बाल विकास विभाग, राजस्थान |
| आवेदन का तरीका | निर्धारित वितरण केंद्रों और संस्थानों के माध्यम से |
योजना के बारे में
मासिक धर्म के दौरान साफ-सफाई रखना और सुरक्षित सैनिटरी पैड का इस्तेमाल करना महिलाओं और किशोरियों के स्वास्थ्य के लिए बहुत जरूरी है। लेकिन कई परिवारों के लिए हर महीने सैनिटरी पैड खरीदना आसान नहीं होता। इसी बात को ध्यान में रखते हुए राजस्थान सरकार कालीबाई भील उड़ान योजना चला रही है। इस योजना के तहत 10 से 45 साल की पात्र महिलाओं और लड़कियों को मुफ्त सैनिटरी पैड दिए जाते हैं।
यह योजना पहले आई.एम. शक्ति उड़ान योजना के नाम से 19 दिसंबर 2021 को शुरू की गई थी। इसका उद्देश्य महिलाओं और किशोरियों को मासिक धर्म के दौरान स्वच्छता बनाए रखने के लिए जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराना और सुरक्षित सैनिटरी उत्पादों के इस्तेमाल को बढ़ावा देना है। वित्त वर्ष 2026-27 में राजस्थान सरकार ने करीब 1.22 करोड़ महिलाओं और किशोरियों को लाभ पहुंचाने और 29.28 करोड़ सैनिटरी पैड पैकेट बांटने का लक्ष्य रखा है।
इस योजना को महिला अधिकारिता निदेशालय, महिला एवं बाल विकास विभाग, राजस्थान सरकार लागू करता है। सैनिटरी पैड की खरीद राजस्थान मेडिकल सर्विसेज कॉरपोरेशन और राजीविका के माध्यम से की जाती है। इसके बाद इन्हें राज्य के अलग-अलग निर्धारित वितरण केंद्रों तक पहुंचाया जाता है। सैनिटरी पैड के वितरण का रिकॉर्ड रखने और उसकी निगरानी के लिए सरकार RajSIMS सिस्टम का इस्तेमाल कर रही है।
कालीबाई भील उड़ान योजना का मुख्य उद्देश्य महिलाओं और किशोरियों को सुरक्षित सैनिटरी उत्पादों के इस्तेमाल के लिए प्रोत्साहित करना और मासिक धर्म से जुड़ी स्वच्छता के बारे में जागरूकता बढ़ाना है। इससे सैनिटरी पैड खरीदने का खर्च भी कम होता है। सरकारी रिकॉर्ड के अनुसार, उड़ान योजना के तहत हर महीने 12 सैनिटरी पैड दिए जाते हैं।
राजस्थान में रहने वाली 10 से 45 साल की महिलाएं और लड़कियां इस योजना के दायरे में आती हैं। अभी उपलब्ध आधिकारिक जानकारी में किसी खास आय सीमा या जाति वर्ग को अनिवार्य नहीं बताया गया है। इसलिए योजना का लाभ केवल SC, ST, OBC या आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग तक सीमित नहीं है।
इस योजना का लाभ लेने के लिए छात्रवृत्ति या आर्थिक सहायता वाली योजनाओं की तरह अलग से ऑनलाइन आवेदन करने की जरूरत नहीं होती। पात्र महिलाओं और लड़कियों को सरकारी स्कूल, कॉलेज, आंगनवाड़ी केंद्र और अन्य निर्धारित संस्थानों के माध्यम से मुफ्त सैनिटरी पैड दिए जाते हैं। लाभार्थियों और वितरण से जुड़ी जानकारी RajSIMS में डिजिटल तरीके से दर्ज की जाती है।
योजना से जुड़ी जानकारी या किसी तरह की सहायता के लिए लाभार्थी महिला अधिकारिता निदेशालय से 0141-2716451 पर संपर्क कर सकते हैं। महिलाओं से जुड़ी सहायता के लिए राजस्थान की महिला हेल्पलाइन 181 पर भी संपर्क किया जा सकता है।
कालीबाई भील उड़ान योजना को पहले इंदिरा महिला शक्ति उड़ान योजना के नाम से जाना जाता था। इस योजना का उद्देश्य राजस्थान की महिलाओं और किशोरियों को मुफ्त सैनिटरी पैड उपलब्ध कराकर मासिक धर्म के दौरान साफ-सफाई और स्वच्छता को बढ़ावा देना है।
राजस्थान की महिलाओं और परिवारों के लिए राजस्थान लाडो प्रोत्साहन योजना भी उपयोगी हो सकती है। इस योजना के तहत पात्र बालिकाओं को जीवन के अलग-अलग चरणों में कुल ₹1.50 लाख तक की आर्थिक सहायता दी जाती है। वहीं, जो महिलाएं कौशल विकास करना चाहती हैं, वे राजस्थान नारी शक्ति प्रशिक्षण एवं कौशल संवर्धन योजना के बारे में भी जानकारी ले सकती हैं। इस योजना के तहत पात्र महिलाओं और लड़कियों को कंप्यूटर, वित्तीय और संचार से जुड़े कौशल का मुफ्त प्रशिक्षण दिया जाता है।
योजना के लाभ
कालीबाई भील उड़ान योजना का उद्देश्य महिलाओं और लड़कियों को मासिक धर्म के दौरान जरूरी सैनिटरी उत्पाद आसानी से उपलब्ध कराना है। योजना के मुख्य लाभ इस प्रकार हैं:
- 10 से 45 साल की पात्र महिलाओं और लड़कियों को मुफ्त सैनिटरी पैड दिए जाते हैं।
- सरकारी रिकॉर्ड के अनुसार, उड़ान योजना के तहत हर महीने 12 सैनिटरी पैड दिए जाते हैं।
- सैनिटरी पैड सरकारी स्कूल, कॉलेज, आंगनवाड़ी केंद्र और अन्य निर्धारित संस्थानों के माध्यम से बांटे जाते हैं।
- इससे हर महीने सैनिटरी पैड खरीदने का खर्च कम होता है।
- योजना के तहत मासिक धर्म की स्वच्छता और सुरक्षित तरीके से सैनिटरी उत्पाद इस्तेमाल करने की जानकारी भी दी जाती है।
- वित्त वर्ष 2026-27 में करीब 1.22 करोड़ महिलाओं और किशोरियों को लाभ देने और 29.28 करोड़ सैनिटरी पैड पैकेट बांटने का लक्ष्य रखा गया है।
पात्रताएं
कालीबाई भील उड़ान योजना राजस्थान की महिलाओं और लड़कियों को मासिक धर्म के दौरान जरूरी स्वच्छता सामग्री उपलब्ध कराने के लिए है। इसकी मुख्य पात्रता इस प्रकार है:
- लाभार्थी लड़की या महिला होनी चाहिए।
- उम्र 10 से 45 साल के बीच होनी चाहिए।
- लाभार्थी राजस्थान की निवासी होनी चाहिए।
- पात्र लाभार्थियों को निर्धारित सरकारी केंद्रों और संस्थानों से सैनिटरी पैड दिए जाते हैं।
- अभी उपलब्ध आधिकारिक जानकारी में कोई आय सीमा तय नहीं की गई है।
- किसी खास जाति वर्ग को पात्रता की अनिवार्य शर्त नहीं बताया गया है।
- पात्र लाभार्थियों को सैनिटरी पैड मुफ्त दिए जाते हैं।
आवश्यक दस्तावेज
यह योजना मुख्य रूप से सरकारी स्कूल, कॉलेज, आंगनवाड़ी केंद्र और अन्य सरकारी संस्थानों के जरिए लागू की जाती है। उपलब्ध आधिकारिक जानकारी में सभी लाभार्थियों के लिए अलग से जमा किए जाने वाले दस्तावेजों की कोई निश्चित सूची नहीं दी गई है।
- लाभार्थी की पहचान और डिजिटल रिकॉर्ड के लिए जन आधार की जानकारी का इस्तेमाल किया जा सकता है।
- संबंधित वितरण केंद्र या संस्था पर लाभार्थी की जानकारी का सत्यापन किया जा सकता है।
- अगर किसी अतिरिक्त दस्तावेज या जानकारी की जरूरत होगी, तो संबंधित संस्था या वितरण केंद्र इसकी जानकारी देगा।
लाभार्थियों को सैनिटरी पैड लेने जाने से पहले अपने संबंधित स्कूल, कॉलेज, आंगनवाड़ी केंद्र या निर्धारित वितरण केंद्र से जरूरी सत्यापन प्रक्रिया के बारे में जानकारी ले लेनी चाहिए।
आवेदन प्रक्रिया
कालीबाई भील उड़ान योजना में छात्रवृत्ति या आर्थिक सहायता वाली योजनाओं की तरह सामान्य ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया नहीं है। पात्र लाभार्थियों को निर्धारित सरकारी संस्थानों के माध्यम से सैनिटरी पैड दिए जाते हैं। इसकी प्रक्रिया इस तरह समझ सकते हैं:
- सबसे पहले अपने क्षेत्र के सरकारी स्कूल, कॉलेज, आंगनवाड़ी केंद्र या निर्धारित वितरण केंद्र की जानकारी लें।
- संबंधित संस्था से कालीबाई भील उड़ान योजना के तहत सैनिटरी पैड मिलने की जानकारी लें।
- पहचान और रिकॉर्ड के लिए मांगी गई लाभार्थी की जानकारी संबंधित कर्मचारी को दें।
- सैनिटरी पैड बांटने की जानकारी RajSIMS सिस्टम में दर्ज की जाती है।
- सत्यापन और रिकॉर्ड दर्ज होने के बाद पात्र लाभार्थी को निर्धारित केंद्र से मुफ्त सैनिटरी पैड दिए जाते हैं।
- अगर संबंधित केंद्र पर सैनिटरी पैड उपलब्ध नहीं हैं या वितरण में कोई परेशानी है, तो संबंधित संस्था या महिला अधिकारिता निदेशालय से संपर्क करें।
इस लाभ को लेने के लिए RajSIMS पोर्टल पर अलग से ऑनलाइन आवेदन फॉर्म भरने की जरूरत नहीं है। RajSIMS का इस्तेमाल मुख्य रूप से लाभार्थियों का रिकॉर्ड, स्टॉक और सैनिटरी पैड के वितरण को मैनेज और मॉनिटर करने के लिए किया जाता है।
संबंधित लिंक
योजना की जानकारी, लागू नियमों और नए अपडेट को देखने के लिए राजस्थान सरकार के संबंधित आधिकारिक पोर्टल देखे जा सकते हैं।
संपर्क जानकारी
योजना की पात्रता, सैनिटरी पैड के वितरण या अन्य जानकारी के लिए महिला अधिकारिता निदेशालय से संपर्क किया जा सकता है। यही विभाग कालीबाई भील उड़ान योजना का नोडल विभाग है।
महिला अधिकारिता निदेशालय, राजस्थान सरकार
- फोन: 0141-2716451
- ईमेल: [email protected]
- पता: महिला अधिकारिता निदेशालय, महिला एवं बाल विकास विभाग, राजस्थान सरकार, जयपुर, राजस्थान
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
कालीबाई भील उड़ान योजना राजस्थान सरकार की योजना है। इसके तहत पात्र महिलाओं और लड़कियों को मुफ्त सैनिटरी पैड दिए जाते हैं।
राजस्थान में रहने वाली 10 से 45 वर्ष की पात्र महिलाओं और लड़कियों को इस योजना का लाभ मिलता है।
पात्र लाभार्थियों को मुफ्त सैनिटरी पैड दिए जाते हैं। सरकारी रिकॉर्ड के अनुसार, उड़ान योजना के तहत हर महीने 12 सैनिटरी पैड दिए जाते हैं।
उपलब्ध आधिकारिक जानकारी के अनुसार, योजना के लिए कोई विशेष आय सीमा तय नहीं की गई है।
नहीं। उपलब्ध जानकारी में किसी खास जाति वर्ग को पात्रता की अनिवार्य शर्त नहीं बताया गया है।
नहीं। इस योजना में अलग से ऑनलाइन आवेदन करने की जरूरत नहीं होती। सैनिटरी पैड निर्धारित सरकारी संस्थानों और वितरण केंद्रों के माध्यम से दिए जाते हैं।
सैनिटरी पैड सरकारी स्कूल, कॉलेज, आंगनवाड़ी केंद्र और अन्य निर्धारित संस्थानों के माध्यम से दिए जाते हैं।
नहीं। RajSIMS पर अलग से आवेदन फॉर्म भरने की जरूरत नहीं है। इसका इस्तेमाल लाभार्थियों के रिकॉर्ड, स्टॉक और वितरण की जानकारी को मैनेज और मॉनिटर करने के लिए किया जाता है।
उपलब्ध आधिकारिक जानकारी में सभी लाभार्थियों के लिए जरूरी दस्तावेजों की कोई निश्चित सूची नहीं दी गई है। पहचान और रिकॉर्ड के लिए जन आधार की जानकारी का इस्तेमाल किया जा सकता है।
लाभार्थी महिला अधिकारिता निदेशालय से 0141-2716451 पर संपर्क कर सकते हैं। महिलाओं से जुड़ी सहायता के लिए राजस्थान महिला हेल्पलाइन 181 पर भी संपर्क किया जा सकता है।
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| जाति | लाभार्थी व्यक्ति का प्रकार | सरकार |
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