Youtube Video
हाइलाइट
- गुरुओं और शिष्यों को वित्तीय सहायता।
वेबसाइट
ग्राहक देखभाल फ़ोन नंबर
योजना का सारांश | |
|---|---|
| योजना का नाम | बिहार मुख्यमंत्री गुरु शिष्य परम्परा योजना। |
| शुरूआत का वर्ष | 2025. |
| लाभ | गुरुओं और शिष्यों को वित्तीय सहायता। |
| लाभार्थी |
|
| नोडल विभाग | कला, संस्कृति एवं युवा विभाग। |
| सब्सक्रिप्शन | यहाँ क्लिक करें योजना से जुड़े अपडेट पाने के लिए |
| आवेदन का माध्यम | ऑफलाइन आवेदन फॉर्म के माध्यम से |
योजना के बारे मे
- 01 जुलाई 2025 को बिहार सरकार की कैबिनेट ने राज्य में तीन प्रमुख कल्याणकारी योजनाओं को शुरू करने की मंजूरी दी थी।
- पहली योजना है "मुख्यमंत्री प्रतिज्ञा योजना", दूसरी है "मुख्यमंत्री कलाकार पेंशन योजना" (जो पहले ही लागू की जा चुकी है), और तीसरी, जिस पर हम यहाँ बात करेंगे वह है "मुख्यमंत्री गुरु शिष्य परम्परा योजना"।
- बिहार सरकार का मुख्यमंत्री गुरु शिष्य परम्परा योजना शुरू करने का मुख्य उद्देश्य बिहार की समृद्ध सांस्कृतिक परंपराओं की रक्षा करना और संरक्षण के लिए प्रोत्साहित करना है।
- यह योजना बिहार सरकार के कला, संस्कृति एवं युवा विभाग के द्वारा संचालित की जा रही है।
- मुख्यमंत्री गुरु शिष्य परम्परा योजना के माध्यम से दुर्लभ और घटती कला विधाओं में निपुण वरिष्ठ गुरु अपने शिष्यों को वो सारी कला सिखाएंगे और अपने अनुभव से बटोरा गया ज्ञान युवा पीढ़ी को प्रदान करेंगे।
- इस योजना के माध्यम से बिहार सरकार प्रदेश के लोक संगीत, लोक कला और पारंपरिक प्रथाओं को पुनर्जीवित करना चाहती है जो धीरे धीरे समाप्त होती जा रही हैं।
- सरकार द्वारा मुख्यमंत्री गुरु शिष्य परम्परा योजना के तहत चयनित गुरुओं और उनके शिष्यों को प्रति माह की दर से वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी।
- इस योजना में गुरुओं को 15,000/- रूपये प्रति माह, संगत कलाकारों को 7,500/- प्रति माह और प्रत्येक शिष्य के लिए 3,000/- रूपये प्रति माह निर्धारित किये गए है।
- योजना का लाभ केवल उन्ही पात्र गुरु को मिलेगा जिनकी आयु कम से कम 50 वर्ष होगी और जिन्हे किसी दुर्लभ कला विधा में न्यूनतम 10 वर्षों का अनुभव होगा।
- लाभार्थी गुरुओं को अपने अधीन वर्तमान में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे शिष्यों की सूची भी उपलब्ध करानी होगी ताकि उन शिष्यों को भी प्रति माह की वित्तीय सहायता का लाभ मिल सके।
- इस योजना के अंतर्गत पात्र कला विधाओं में लोक संगीत, लोक नृत्य, लोक वाद्यकला, शास्त्रीय कला, लोक गाथा, लोक नाटक और चित्रकला शामिल है।
- वित्तीय वर्ष 2025–26 के लिए बिहार सरकार ने इस योजना हेतु 1,11,60,000/- का बजट आवंटित किया है।
- मुख्यमंत्री गुरु शिष्य परम्परा योजना का आवेदन पत्र सांस्कृतिक कार्य निदेशालय के कार्यालय में जमा करना होगा और आवेदक किसी भी प्रकार के सहयोग के लिए जिला कला एवं संस्कृति अधिकारी से संपर्क कर सकते हैं।
योजना में लाभार्थियों को मिलने वाले लाभ
- बिहार में दुर्लभ कला के रूपों के संरक्षण और प्रोत्साहन हेतु गुरुओं और उनके शिष्यों को बिहार सरकार द्वारा मुख्यमंत्री गुरु शिष्य परम्परा योजना में आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी।
- कला सिखाने वाले गुरुओं को प्रति माह 15,000/- रूपये की सहायता दी जाएगी।
- कला सीख रहे प्रत्येक शिष्य को प्रति माह 3,000/- रूपये की सहायता दी जाएगी।
- संगत कलाकारों को प्रति माह 7,500/- रूपये की सहायता दी जाएगी।
पात्रता की शर्तें
- गुरुजन की आयु कम से कम 50 वर्ष की होनी चाहिए।
- आवेदन करने वाला गुरु बिहार का स्थायी या मूल निवासी होना चाहिए।
- आवेदक को किसी दुर्लभ कला में न्यूनतम 10 वर्षों का अनुभव अनिवार्य है।
- आवेदक गुरु को निम्नलिखित में से किसी एक कला विधा में अनुभव होना चाहिए :-
- लोक संगीत।
- लोक नृत्य।
- लोककथा।
- लोक नाटक।
- चित्रकला।
- शास्त्रीय कला/ शैली।
- लोक वाद्ययंत्र।
- गुरु के पास शिष्यों को कला शिक्षा देने हेतु उपयुक्त स्थान या प्रशिक्षण केंद्र होना आवश्यक है।
लाभ लेने के लिए आवश्यक दस्तावेज
- बिहार का निवास प्रमाण पत्र या कोई भी निवास का प्रमाण।
- कोई भी एक वैध पहचान पत्र, जैसे :-
- मतदाता पहचान पत्र।
- आधार कार्ड।
- पैन कार्ड।
- हाल ही के दो पासपोर्ट आकार के रंगीन फ़ोटोग्राफ।
- मोबाइल नंबर।
- वर्तमान शिष्यों की सूची।
- ईमेल पता (यदि उपलब्ध हो)।
- कला में अनुभव का प्रमाण।
- प्राप्त पुरस्कारों का विवरण (यदि हो)।
- राष्ट्रीय या अंतरराष्ट्रीय प्रस्तुतियों से संबंधित जानकारी (यदि लागू हो)।
- बैंक खाते का विवरण।
आवेदन करने की प्रक्रिया
- पात्र गुरुजन बिहार सरकार की मुख्यमंत्री गुरु शिष्य परम्परा योजना में ऑफलाइन आवेदन पत्र के माध्यम से अपना आवेदन जमा कर सकते हैं।
- मुख्यमंत्री गुरु शिष्य परम्परा योजना का आवेदन पत्र बिहार सरकार के आधिकारिक पोर्टल से डाउनलोड किया जा सकता है या कला, संस्कृति एवं युवा विभाग के जिला कार्यालय से भी निःशुल्क प्राप्त किया जा सकता है।
- लाभार्थी आवेदकों को आवेदन पत्र सावधानीपूर्वक बिना गलती किये भरना होगा और सभी आवश्यक दस्तावेजों को आवेदन पत्र के साथ संलग्न करने होंगे।
- वर्तमान में आवेदक गुरुजन के साथ जो भी शिष्य प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे उन शिष्यों का विवरण आवेदन पत्र में भरना अनिवार्य है।
- मुख्यमंत्री गुरु शिष्य परम्परा योजना का आवेदन पत्र जमा करने के लिए आवेदक के पास दो माध्यम उपलब्ध हैं।
- पहला यह की भरे हुए फॉर्म को सांस्कृतिक कार्य निदेशालय या कला, संस्कृति एवं युवा विभाग के कार्यालय में स्पीड पोस्ट या रजिस्टर्ड पोस्ट के माध्यम से भेजा दिया जाए।
- वहीँ आवेदक सीधे ऊपर बताए गए किसी भी कार्यालय में आवश्यक दस्तावेजों के साथ मुख्यमंत्री गुरु शिष्य परम्परा योजना के आवेदन पत्र को जमा कर सकते हैं।
- आवेदन पत्र जमा हो जाने के बाद विभागीय अधिकारियों द्वारा समस्त विवरणों की जांच की जाएगी।
- सत्यापन हो जाने के बाद पात्र गुरुओं और उनके शिष्यों की एक सूची तैयार कर प्रकाशित की जाएगी।
- चयनित आवेदकों को बिहार सरकार की मुख्यमंत्री गुरु शिष्य परम्परा योजना के अंतर्गत प्रति माह की वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी।
- योजना से संबंधित किसी भी सहायता या प्रश्न के लिए लाभार्थी गुरु या शिष्य कला एवं संस्कृति विभाग के जिला अधिकारी से संपर्क कर सकते हैं।
- मुख्यमंत्री गुरु शिष्य परंपरा योजना के लिए आवेदन करने की अंतिम तिथि 31 अगस्त 2025 थी।
योजना के महत्वपूर्ण लिंक
संपर्क कैसे करे
अगर योजनाओं के बारे में आपका कोई सवाल है, तो उसे योजना के फोरम में सबमिट करें और जवाब पाएँ:
बेझिझक लिंक पर क्लिक करें और चर्चा में शामिल हों!
यह फोरम निम्न कामों के लिए एक बेहतरीन जगह है:
- सवाल पूछें: अगर आपके मन में योजना से जुड़ा कोई सवाल है या आप इस विषय के किसी पहलू के बारे में और जानकारी चाहते हैं।
- योजना से जुडी अपनी बातें साझा करें: अपनी जानकारी और अनुभव शेयर करें।
- दूसरों से जुड़ें: कम्युनिटी से जुड़ें और दूसरों से सीखें।
हम आपको इस फ़ोरम में सक्रिय रूप से भाग लेने और इस बेहतरीन रिसोर्स का पूरा फ़ायदा उठाने के लिए प्रोत्साहित करते है।
| सरकार |
|---|
Stay Updated
×
टिप्पणियाँ
Sangit
Song gana
नई टिप्पणी जोड़ें