बिहार मुख्यमंत्री निःशक्तजन विवाह प्रोत्साहन अनुदान योजना

द्वारा प्रस्तुत vidhika on Sat, 25/07/2026 - 17:13
Samrat Chaudhary CM Bihar
Scheme Open
 बिहार मुख्यमंत्री निःशक्तजन विवाह प्रोत्साहन अनुदान योजना
हाइलाइट
  • बिहार सरकार द्वारा दिव्यांग व्यक्तियों के विवाह को प्रोत्साहित करने के लिए संचालित योजना।
  • पात्रता के अनुसार ₹1 लाख, ₹2 लाख या ₹3 लाख तक का विवाह प्रोत्साहन अनुदान।
  • पति या पत्नी में से किसी एक की कम से कम 40% दिव्यांगता होने पर लाभ का प्रावधान।
  • यदि पति-पत्नी दोनों 40% या अधिक दिव्यांग हैं तो ₹2 लाख तक का अनुदान।
  • यदि दोनों दिव्यांग होने के साथ विवाह अंतरजातीय भी है तो ₹3 लाख तक का अनुदान।  
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योजना का सारांश
योजना का नामबिहार मुख्यमंत्री निःशक्तजन विवाह प्रोत्साहन अनुदान योजना
नोडल विभागसमाज कल्याण विभाग, बिहार सरकार
लाभपात्रता के अनुसार ₹1,00,000, ₹2,00,000 अथवा ₹3,00,000 का प्रोत्साहन अनुदान
लाभार्थीयोजना की निर्धारित पात्रता शर्तों को पूरा करने वाले दिव्यांग व्यक्ति
सब्सक्रिप्शनयोजना से जुड़ी अपडेट प्राप्त करने के लिए यहाँ सब्सक्राइब करें .
आवेदन का माध्यमऑफलाइन आवेदन एवं विभागीय ऑनलाइन प्रक्रिया (E-Suvidha Portal)

योजना के बारे में

क्या आप जानते हैं कि बिहार सरकार दिव्यांग व्यक्तियों के विवाह को प्रोत्साहित करने के लिए ₹1 लाख से लेकर ₹3 लाख तक का अनुदान प्रदान करती है? यदि विवाह में पति या पत्नी में से कोई एक 40% या उससे अधिक दिव्यांग है, तो पात्रता के अनुसार इस योजना का लाभ प्राप्त किया जा सकता है। वहीं यदि पति और पत्नी दोनों दिव्यांग हैं, तो अधिक सहायता का प्रावधान है। इतना ही नहीं, यदि दोनों दिव्यांग होने के साथ-साथ उनका विवाह अंतरजातीय भी है, तो सरकार योजना के अंतर्गत ₹3 लाख तक की प्रोत्साहन राशि प्रदान करती है।

मुख्यमंत्री निःशक्तजन विवाह प्रोत्साहन अनुदान योजना बिहार सरकार की एक महत्वपूर्ण सामाजिक सुरक्षा योजना है, जिसका उद्देश्य केवल विवाह के समय आर्थिक सहायता देना नहीं, बल्कि दिव्यांग व्यक्तियों को सम्मानजनक और आत्मनिर्भर वैवाहिक जीवन की शुरुआत करने में सहयोग देना भी है। योजना के तहत महिला की न्यूनतम आयु 18 वर्ष तथा पुरुष की न्यूनतम आयु 21 वर्ष निर्धारित की गई है। साथ ही, लाभ प्राप्त करने के लिए संबंधित व्यक्ति की दिव्यांगता कम से कम 40 प्रतिशत होना आवश्यक है।

इस योजना की एक विशेष बात यह है कि सरकार अनुदान राशि सीधे खर्च करने के लिए नकद नहीं देती। स्वीकृत राशि लाभार्थी के नाम पर 3 वर्ष की अवधि के लिए फिक्स्ड डिपॉजिट (Fixed Deposit) के रूप में जमा की जाती है। तीन वर्ष पूरे होने पर लाभार्थी को मूलधन के साथ उस पर अर्जित ब्याज भी प्राप्त होता है। इस व्यवस्था का उद्देश्य विवाह के तुरंत बाद ही नहीं, बल्कि आगे के जीवन के लिए भी आर्थिक सुरक्षा सुनिश्चित करना है।

योजना के लिए आवेदन निर्धारित प्रपत्र के माध्यम से किया जाता है, जबकि आवेदन का पंजीकरण, सत्यापन, स्वीकृति और भुगतान की प्रक्रिया बिहार सरकार के ई-सुविधा (E-Suvidha) पोर्टल के माध्यम से संचालित की जाती है। पात्र आवेदकों के दस्तावेज़ों की जांच के बाद सक्षम प्राधिकारी द्वारा आवेदन स्वीकृत किया जाता है और उसके पश्चात निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार अनुदान की राशि स्वीकृत की जाती है।

योजना का उद्देश्य

बिहार सरकार द्वारा संचालित मुख्यमंत्री निःशक्तजन विवाह प्रोत्साहन अनुदान योजना का मुख्य उद्देश्य दिव्यांग व्यक्तियों को विवाह के लिए प्रोत्साहित करना तथा उन्हें आर्थिक सहयोग प्रदान करके सम्मानजनक वैवाहिक जीवन की शुरुआत करने में सहायता करना है। योजना के माध्यम से सरकार सामाजिक समावेशन को बढ़ावा देने के साथ-साथ दिव्यांग व्यक्तियों के प्रति समाज में सकारात्मक सोच विकसित करने का भी प्रयास करती है।

इस योजना के प्रमुख उद्देश्य निम्नलिखित हैं-

  • 40% या उससे अधिक दिव्यांगता वाले पात्र महिला एवं पुरुषों को विवाह के लिए आर्थिक सहायता प्रदान करना।
  • दिव्यांग व्यक्तियों के विवाह को प्रोत्साहित कर उन्हें सम्मानजनक एवं सुरक्षित वैवाहिक जीवन की शुरुआत करने में सहयोग देना।
  • दिव्यांग व्यक्तियों के सामाजिक एवं आर्थिक सशक्तिकरण को बढ़ावा देना। ऐसे विवाहों को प्रोत्साहित करना जिनमें पति या पत्नी में से कोई एक या दोनों दिव्यांग हों।
  • पात्र मामलों में दिव्यांग व्यक्तियों के अंतरजातीय विवाह को भी प्रोत्साहन प्रदान करना।
  • अनुदान राशि को 3 वर्ष की फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) के रूप में सुरक्षित रखकर लाभार्थी को भविष्य के लिए आर्थिक सुरक्षा उपलब्ध कराना।
  • दिव्यांग व्यक्तियों को समाज की मुख्यधारा में सम्मानपूर्वक शामिल करने तथा उनके प्रति सकारात्मक सामाजिक वातावरण विकसित करना।

योजना के लाभ

योजना के अंतर्गत पात्र लाभार्थियों को उनकी पात्रता के अनुसार विवाह प्रोत्साहन अनुदान प्रदान किया जाता है। सहायता राशि सीधे नकद भुगतान के रूप में नहीं दी जाती, बल्कि लाभार्थी के नाम पर 3 वर्ष की अवधि के लिए फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) के रूप में जमा की जाती है। निर्धारित अवधि पूरी होने के बाद लाभार्थी को मूलधन के साथ अर्जित ब्याज भी प्राप्त होता है।

पात्रता
अनुदान राशि
पति या पत्नी में से कोई एक 40% या उससे अधिक दिव्यांग हो
₹1,00,000
पति एवं पत्नी दोनों 40% या उससे अधिक दिव्यांग हों
₹2,00,000
पति एवं पत्नी दोनों 40% या उससे अधिक दिव्यांग हों तथा विवाह अंतरजातीय हो
₹3,00,000

पात्रताएँ

  • आवेदक बिहार राज्य का स्थायी निवासी होना चाहिए।
  • विवाह के समय महिला की न्यूनतम आयु 18 वर्ष तथा पुरुष की न्यूनतम आयु 21 वर्ष होनी चाहिए।
  • आवेदक अथवा उसके जीवनसाथी की दिव्यांगता कम से कम 40% होनी चाहिए, जिसे सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी
  • दिव्यांगता प्रमाण-पत्र से प्रमाणित किया गया हो।
  • योजना के अंतर्गत निम्नलिखित श्रेणियों के विवाह पात्र होंगे—
  • पति या पत्नी में से कोई एक 40% या उससे अधिक दिव्यांग हो।
  • पति एवं पत्नी दोनों 40% या उससे अधिक दिव्यांग हों।
  • पति एवं पत्नी दोनों 40% या उससे अधिक दिव्यांग हों तथा उनका विवाह अंतरजातीय हो।
  • योजना के अंतर्गत आवेदन निर्धारित आवेदन पत्र के माध्यम से किया जाना आवश्यक है।
  • आवेदन के साथ निर्धारित दस्तावेज एवं प्रमाण-पत्र संलग्न करना अनिवार्य होगा।
  • आवेदन में दी गई सभी जानकारी सही एवं सत्य होनी चाहिए। यदि किसी भी स्तर पर जानकारी गलत या भ्रामक पाई जाती है, तो स्वीकृत अनुदान राशि की वसूली की जा सकती है।

आवश्यक दस्तावेज

योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए आवेदन पत्र के साथ निम्नलिखित दस्तावेज संलग्न करना आवश्यक होगा—

  • विधिवत भरा हुआ आवेदन पत्र (दो प्रतियों में)।
  • आवेदक एवं जीवनसाथी का संयुक्त पासपोर्ट आकार का फोटो।
  • आवेदक का दिव्यांगता प्रमाण-पत्र (यदि लागू हो)।
  • जीवनसाथी का दिव्यांगता प्रमाण-पत्र (यदि लागू हो)।
  • विवाह प्रमाण-पत्र अथवा विवाह से संबंधित प्रमाण।
  • आवेदक का आधार कार्ड।
  • स्थायी निवास प्रमाण-पत्र।
  • आयु प्रमाण-पत्र (जिससे महिला की आयु 18 वर्ष तथा पुरुष की आयु 21 वर्ष या उससे अधिक होना प्रमाणित हो)।
  • बैंक खाते का विवरण।
  • मोबाइल नंबर एवं ई-मेल आईडी (यदि उपलब्ध हो)।
  • अंतरजातीय विवाह का प्रमाण-पत्र (केवल उन मामलों में जहाँ इस आधार पर लाभ का दावा किया गया हो)।
  • विभाग द्वारा समय-समय पर मांगे जाने वाले अन्य आवश्यक दस्तावेज।

आवेदन प्रक्रिया

मुख्यमंत्री निःशक्तजन विवाह प्रोत्साहन अनुदान योजना के लिए आवेदन की प्रक्रिया बिहार सरकार के ई-सुविधा (E-Suvidha) पोर्टल के माध्यम से संचालित की जाती है। आवेदन भरने, लाभार्थी का पंजीकरण, दस्तावेज़ों का सत्यापन, स्वीकृति तथा भुगतान की पूरी प्रक्रिया पोर्टल पर उपलब्ध विभिन्न मॉड्यूल के माध्यम से पूरी की जाती है। आवेदन करने के लिए नीचे दिए गए चरणों का पालन करें—

  • Step 1: E-Suvidha Portal पर जाएँ
    • सबसे पहले E-Suvidha Portal पर जाएँ।
    • यदि आपका यूजर आईडी पहले से बना हुआ है, तो User ID और Password दर्ज करके लॉगिन करें।
    • यदि पहली बार आवेदन कर रहे हैं, तो New Registration विकल्प पर क्लिक करें।
  • Step 2: New Registration करें।
    • New Registration पेज पर आवश्यक जानकारी भरकर अपना पंजीकरण पूरा करें।
    • पंजीकरण सफल होने के बाद प्राप्त यूजर आईडी एवं पासवर्ड की सहायता से पोर्टल में लॉगिन करें।
  • Step 3: Beneficiary Entry करें
    • लॉगिन करने के बाद Beneficiary Entry पेज पर जाएँ।
    • ड्रॉप-डाउन सूची से मुख्यमंत्री निःशक्तजन विवाह प्रोत्साहन अनुदान योजना का चयन करें।
    • लाभार्थी से संबंधित सभी आवश्यक विवरण दर्ज करें।
    • आवश्यक दस्तावेज़ अपलोड करें।
    • सभी जानकारी की जांच करने के बाद आवेदन सुरक्षित (Save) करें।
  • Step 4: आवेदन का सत्यापन एवं स्वीकृति
    • आवेदन जमा होने के बाद संबंधित अधिकारी Approval Detail पेज पर योजना का चयन करेंगे।
    • Block, Area Type एवं Panchayat का चयन करेंगे।
    • Search बटन पर क्लिक करके आवेदन देखेंगे।
    • View बटन के माध्यम से दस्तावेज़ों का अवलोकन करेंगे।
    • Accept या Reject का चयन करेंगे।
    • आवश्यकता होने पर Update बटन से लाभार्थी का विवरण संशोधित करेंगे।
  • Step 5: Lock for Payment प्रक्रिया
    • स्वीकृत आवेदन के बाद Lock for Payment मॉड्यूल में योजना, Block, Area Type एवं Panchayat का चयन किया जाता है।
    • Search बटन पर क्लिक करके आवेदन खोजा जाता है।
    • View बटन से दस्तावेज़ देखे जाते हैं।
    • आवश्यकता अनुसार Accept/Reject का चयन किया जाता है।
    • आवश्यक होने पर Update विकल्प का उपयोग किया जाता है।
    • इसके बाद आवेदन भुगतान प्रक्रिया के लिए लॉक किया जाता है।
  • Step 6: Beneficiary Report देखें
    • आवेदन की रिपोर्ट देखने के लिए Report बटन पर क्लिक करें तथा ड्रॉप-डाउन सूची से आवश्यक विकल्प का चयन करें।
  • Step 7: Beneficiary Details देखें
    • यदि लाभार्थी का विवरण देखना हो, तो Beneficiary Details पेज पर जाएँ।
    • यहाँ योजना, Block तथा Accept/Reject विकल्प का चयन करके Search बटन पर क्लिक करें।
    • इसके बाद लाभार्थी का विवरण स्क्रीन पर प्रदर्शित हो जाएगा।

ऑफलाइन आवेदन प्रक्रिया

जिन आवेदकों की ऑनलाइन पहुँच नहीं है, वे निम्न तरीके से आवेदन कर सकते हैं-

  • निर्धारित आवेदन-पत्र (विहित प्रपत्र) की दो प्रतियाँ प्राप्त करें।
  • फॉर्म में आवेदक व जीवनसाथी से संबंधित सभी जानकारी सही-सही भरें।
  • आवश्यक दस्तावेज़ (दिव्यांगता प्रमाण-पत्र, संयुक्त फोटो, आधार, आयु प्रमाण आदि) फॉर्म के साथ संलग्न करें।
  • भरा हुआ फॉर्म सहायक निदेशक, जिला सामाजिक सुरक्षा कार्यालय में जमा करें।
  • संबंधित प्रखंड विकास पदाधिकारी द्वारा आवेदन की जांच एवं अनुशंसा की जाती है, जिसके बाद जिला कार्यालय का स्टाफ जानकारी को E-Suvidha पोर्टल में दर्ज करता है।

आवेदन के बाद की प्रक्रिया

चाहे आवेदन ऑनलाइन हो या ऑफलाइन, इसके बाद की स्वीकृति प्रक्रिया विभागीय स्तर पर पोर्टल के माध्यम से ही पूरी होती है-

  • सत्यापन एवं स्वीकृति (Approval): संबंधित अधिकारी योजना, ब्लॉक, क्षेत्र प्रकार तथा पंचायत का चयन कर आवेदन खोजते हैं, दस्तावेज़ों की जांच करते हैं और Accept/Reject का निर्णय लेते हैं।
  • Lock for Payment: स्वीकृत आवेदन को भुगतान हेतु लॉक किया जाता है।
  • भुगतान: स्वीकृति के बाद अनुदान राशि लाभार्थी के नाम पर 3 वर्ष की फिक्स्ड डिपॉजिट के रूप में जमा की जाती है।
  • आवेदक Beneficiary Details पेज पर अपनी आवेदन-स्थिति (Application Status) कभी भी ट्रैक कर सकते हैं।

महत्वपूर्ण शर्तें

योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए आवेदकों को निम्नलिखित शर्तों का पालन करना आवश्यक है-

  • आवेदन में दी गई सभी जानकारी सही एवं सत्य होनी चाहिए।
  • आवेदन के साथ आवश्यक प्रमाण-पत्र एवं अन्य दस्तावेज संलग्न करना अनिवार्य है।
  • आवेदक तथा उसके जीवनसाथी की दिव्यांगता (जहाँ लागू हो) सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी दिव्यांगता प्रमाण-पत्र से प्रमाणित होनी चाहिए।
  • आवेदन की जांच के दौरान यदि कोई जानकारी गलत, असत्य या भ्रामक पाई जाती है, तो अनुदान स्वीकृत नहीं किया जा सकता।
  • यदि अनुदान प्राप्त करने के बाद यह सिद्ध होता है कि लाभार्थी ने गलत जानकारी या फर्जी दस्तावेज प्रस्तुत किए थे, तो दी गई अनुदान राशि सरकारी बकाया (राजस्व बकाया) की तरह वसूल की जा सकती है।
  • आवेदन पर प्रखंड विकास पदाधिकारी द्वारा जांच एवं अनुशंसा की जाती है। इसके बाद सक्षम स्वीकृति प्राधिकारी द्वारा अंतिम निर्णय लिया जाता है।

महत्वपूर्ण लिंक

संपर्क विवरण

समाज कल्याण विभाग

  • पता: समाज कल्याण विभाग, अनुबंध भवन-4 (एनेक्स बिल्डिंग-4), बिहार (पटना) - 800015
  • संपर्क सूची
  • e-Suvidha ईमेल: [email protected]

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

यह बिहार सरकार की एक योजना है जिसके तहत पात्र दिव्यांग व्यक्तियों को विवाह के लिए ₹1 लाख से ₹3 लाख तक का प्रोत्साहन अनुदान प्रदान किया जाता है।
 

पात्रता के अनुसार ₹1,00,000, ₹2,00,000 अथवा ₹3,00,000 तक का प्रोत्साहन अनुदान मिलता है।
 

नहीं। अनुदान राशि लाभार्थी के नाम पर 3 वर्ष की Fixed Deposit (FD) के रूप में जमा की जाती है। अवधि पूरी होने पर मूलधन एवं ब्याज प्राप्त होता है।
 

बिहार के स्थायी निवासी ऐसे पात्र व्यक्तियों को जिनकी या उनके जीवनसाथी की कम से कम 40% दिव्यांगता हो तथा वे योजना की अन्य सभी पात्रता शर्तें पूरी करते हों।
 

आवेदन ऑफलाइन निर्धारित प्रपत्र के माध्यम से किया जा सकता है। आवेदन का पंजीकरण, सत्यापन, स्वीकृति और भुगतान की प्रक्रिया E-Suvidha Portal के माध्यम से संचालित होती है।
 

हाँ। यदि पति एवं पत्नी दोनों 40% या अधिक दिव्यांग हों तथा उनका विवाह अंतरजातीय हो, तो ₹3 लाख तक का अनुदान दिया जाता है।
 

आवेदन पत्र, संयुक्त फोटो, दिव्यांगता प्रमाण-पत्र, विवाह प्रमाण-पत्र, आधार कार्ड, निवास प्रमाण-पत्र, आयु प्रमाण-पत्र, बैंक विवरण तथा आवश्यक होने पर अंतरजातीय विवाह प्रमाण-पत्र सहित अन्य दस्तावेज़ जमा करने होते हैं।
 

आवेदक E-Suvidha Portal के Beneficiary Details या Report मॉड्यूल के माध्यम से अपनी आवेदन स्थिति देख सकते हैं।

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लाभार्थी व्यक्ति का प्रकार सरकार

टिप्पणियाँ

Sadi ka labh

आपका नाम
Manisha kumari
टिप्पणी

Sadi ka yojana

In reply to by Manisha gmail.com (सत्यापित नहीं)

Sar main shaadi Kar Li hun aur main viklang ghusa kar percent mu

आपका नाम
Lali kumari
टिप्पणी

Sar main shaadi Kar Li hun aur jo Sarkar Labh deti Hai viklang logon ke liye 70 percent chhut Hai sar mujhe aur Main chahti hun mujhe Labh mile ladka pure sharir Se achcha hai aur Main Apne pure ek sharir ke pure side se main viklang hun sar aapse yahi nivedan hai ki mera jo aap logon ki sahayata hoti hai aap log pura Karen main bahut majbur hun

Shadi ka labh

आपका नाम
Sonmanti kumari
टिप्पणी

Meri shadi 2015 me ho gai thi or Viklang vivah protsahn ka form 2023 me ofline ke madhyam se kiya tha abhi 2025 last hone wala hai.paisa abhi tak nahi aaya hai kya kare please help me

Shadi

आपका नाम
Khushi
टिप्पणी

Shadi krna h mai garibi hu bahut jyada

Mera shadi to ho ghye laking muje chota Mota dukan karna hie to

आपका नाम
Md altaf ansari
टिप्पणी

Mera shadi to ho ghye laking muje chota Mota dukan karna hie to

Hindi

आपका नाम
Md Afroj Akhtar
टिप्पणी

Main hun sir mera nam MD AFROJ AKHTAR hai Viklang hun sir bimar rahta hun sir berojgar hun

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