- गरीब ग्रामीण महिलाओं को स्वयं सहायता समूहों (SHGs) से जोड़कर वित्तीय समावेशन और स्वरोजगार को बढ़ावा दिया जाता है।
- योजना में पात्र SHG को ₹15,000 की रिवॉल्विंग फंड राशि और ₹50,000 से ₹60,000 तक का सामुदायिक निवेश कोष मिलता है।
- आजीविका संबंधी गतिविधियों के लिए स्वयं सहायता समूह ₹50,000 से ₹3 लाख तक का बैंक ऋण प्राप्त कर सकते हैं।
- छत्तीसगढ़ बिहान योजना हेल्पलाइन नंबर: 0771-2512395
- छत्तीसगढ़ बिहान योजना हेल्पडेस्क ईमेल: [email protected]
योजना का अवलोकन | |
|---|---|
| योजना का नाम | छत्तीसगढ़ बिहान योजना |
| लाभ | स्वयं सहायता समूहों को वित्तीय सहायता, ऋण, कौशल प्रशिक्षण, आजीविका सहायता और बाजार तक पहुंच |
| लाभार्थी | गरीब ग्रामीण महिलाएं और उनके परिवार |
| नोडल विभाग | छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (CGSRLM) |
| सब्सक्रिप्शन | योजना की निरंतर जानकारी के लिए यहाँ सब्सक्राइब करे। |
| आवेदन का तरीका | ऑफलाइन |
योजना के बारे में
छत्तीसगढ़ बिहान योजना राज्य की ग्रामीण आजीविका संवर्धन पहल है, जिसे आधिकारिक तौर पर छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (Chhattisgarh State Rural Livelihoods Mission – CGSRLM) के नाम से जाना जाता है। इस योजना के तहत गरीब और वंचित ग्रामीण महिलाओं को स्वयं सहायता समूहों (Self-Help Groups – SHGs) में संगठित किया जाता है। इन समूहों के माध्यम से महिलाओं को बचत, ऋण, कौशल प्रशिक्षण और स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराकर स्थायी आय अर्जित करने में सहायता दी जाती है।
भारत सरकार के ग्रामीण विकास मंत्रालय ने ग्रामीण गरीबी को दूर करने के उद्देश्य से जून 2011 में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (NRLM) की शुरुआत की थी। इसी क्रम में, 1 जून 2011 को छत्तीसगढ़ के पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग ने मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में इस मिशन को राज्य में संचालित करने के लिए छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका संवर्धन समिति की स्थापना की। राज्य में इस मिशन को 'बिहान' नाम दिया गया, जिसका अर्थ 'सवेरा' या 'नई सुबह' है। यह नाम ग्रामीण परिवारों के जीवन में नई शुरुआत और बेहतर भविष्य की उम्मीद को दर्शाता है।
बिहान योजना का उद्देश्य सामुदायिक संस्थाओं के माध्यम से गरीब ग्रामीण परिवारों की सामाजिक और आर्थिक स्थिति में सुधार करना है। इसके अंतर्गत प्रत्येक गरीब और वंचित ग्रामीण परिवार की कम से कम एक महिला को स्वयं सहायता समूह से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है। इसके साथ ही ग्राम संगठन (VO), संकुल स्तरीय संघ (CLF), ब्लॉक स्तरीय संघ (BLF) और जिला स्तरीय संघ जैसी संस्थाओं को विकसित किया जाता है। इन संस्थाओं के माध्यम से महिलाओं को प्रशिक्षण, कौशल विकास, वित्तीय सेवाएं, बाजार तक पहुंच और आवश्यक बुनियादी सुविधाओं से संबंधित सहायता दी जाती है। मिशन का लक्ष्य अन्य सरकारी योजनाओं के साथ समन्वय और बिहान से जुड़ी आजीविका गतिविधियों के माध्यम से प्रत्येक गरीब ग्रामीण परिवार की वार्षिक आय को ₹1 लाख से अधिक करने में सहायता करना है।
बिहान योजना के अंतर्गत प्रत्येक लाभार्थी को एक निश्चित राशि सीधे नकद लाभ के रूप में नहीं दी जाती। इसके बजाय, स्वयं सहायता समूहों और उनके संघों को सामुदायिक निधि तथा वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई जाती है। इसकी प्रक्रिया में सामाजिक-आर्थिक एवं जाति जनगणना (SECC) 2011 में सूचीबद्ध गरीब परिवारों की महिलाएं सामान्यतः 10 से 15 सदस्यों के समूह बनाती हैं। समूह की सदस्य नियमित बचत करती हैं, आपस में ऋण देती हैं और समय पर ऋण चुकाने का प्रयास करती हैं। प्रशिक्षित सामुदायिक संसाधन व्यक्ति (CRPs) नए समूह बनाने और निष्क्रिय समूहों को फिर से सक्रिय करने में सहायता करते हैं। समय के साथ ये समूह ग्राम संगठनों और संकुल स्तरीय संघों से जुड़ते हैं, जो निधियों के प्रबंधन, आजीविका गतिविधियों और बैंक ऋण से जुड़ने में सहयोग करते हैं।
बिहान योजना छत्तीसगढ़ के ग्रामीण क्षेत्रों में सक्रिय रूप से संचालित है। मिशन के माध्यम से स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं को छोटे विनिर्माण व्यवसायों और सेवा-आधारित उद्यमों सहित विभिन्न आजीविका गतिविधियां शुरू करने और उनका विस्तार करने में सहायता मिलती है। योजना से जुड़ने के लिए कोई निश्चित वार्षिक आवेदन की अंतिम तिथि निर्धारित नहीं है। ग्रामीण महिलाएं अपने गांव में सामुदायिक संसाधन व्यक्ति या बिहान के संबंधित अधिकारियों की सहायता से किसी मौजूदा स्वयं सहायता समूह में शामिल हो सकती हैं अथवा नया समूह बना सकती हैं।
बिहान योजना के अंतर्गत कृषि और पशुपालन से जुड़ी आजीविका गतिविधियों को भी बढ़ावा दिया जाता है। इसके अतिरिक्त, यह मिशन स्टार्ट-अप विलेज एंटरप्रेन्योरशिप प्रोग्राम (SVEP), दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल्य योजना (DDU-GKY), ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थानों (RSETI) के प्रशिक्षण, प्रोजेक्ट LIFE-MGNREGA और 'बिहान बाजार' जैसे विपणन प्रयासों से भी जुड़ा है। कृषि मित्र, पशु सखी और कृषि उपकरण बैंक जैसी पहलों के माध्यम से ग्रामीण परिवारों को आजीविका के अवसर उपलब्ध कराने में सहायता की जाती है।
बिहान योजना के साथ-साथ छत्तीसगढ़ सरकार महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत और आत्मनिर्भर बनाने के लिए अन्य योजनाएं भी संचालित करती है। महतारी वंदन योजना के अंतर्गत पात्र विवाहित महिलाओं को आर्थिक सहायता के रूप में प्रतिमाह ₹1,000 सीधे उनके बैंक खातों में दिए जाते हैं। वहीं, मुख्यमंत्री सक्षम सुरक्षा योजना के अंतर्गत पात्र महिलाओं को छोटे व्यवसाय शुरू करने के लिए ₹2 लाख तक का कम ब्याज वाला ऋण उपलब्ध कराने का प्रावधान है। योजना से संबंधित सम्पूर्ण जानकारी आप यहाँ से जान सकते हैं।
योजना के लाभ
बिहान योजना के अंतर्गत स्वयं सहायता समूहों और उनके संघों को वित्तीय सहायता दी जाती है। ये संस्थाएं जरूरत के अनुसार अपने सदस्यों को आजीविका संबंधी गतिविधियों के लिए ऋण और अन्य सहायता उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। योजना के प्रमुख लाभ निम्नलिखित हैं।
- रिवॉल्विंग फंड (RF): कम से कम तीन महीने पुराने और पंचसूत्र का पालन करने वाले स्वयं सहायता समूहों को ₹15,000 की सहायता दी जाती है।
- सामुदायिक निवेश कोष (CIF): कम से कम पांच महीने पुराने पात्र स्वयं सहायता समूहों को माइक्रो क्रेडिट प्लान (MCP) के आधार पर ₹50,000 से ₹60,000 तक की सहायता मिलती है। इसके लिए MCP मास्टर ट्रेनरों की मदद से योजना तैयार की जाती है।
- बैंक ऋण: कम से कम छह महीने पुराने और पंचसूत्र का पालन करने वाले स्वयं सहायता समूह ₹50,000 से ₹3 लाख तक का बैंक ऋण प्राप्त कर सकते हैं।
- संवेदनशीलता न्यूनीकरण निधि (VRF): अत्यंत गरीब और कमजोर परिवारों की सहायता के लिए ग्राम संगठनों को ₹1.50 लाख तक की राशि उपलब्ध कराई जाती है।
- स्टार्ट-अप फंड: प्रत्येक ग्राम संगठन को ₹35,000 और प्रत्येक संकुल स्तरीय संघ को ₹2 लाख की सहायता दी जाती है।
- सामुदायिक उद्यम निधि (CEF): स्टार्ट-अप विलेज एंटरप्रेन्योरशिप प्रोग्राम (SVEP) के अंतर्गत ग्रामीण उद्यमियों को व्यवसाय योजना स्वीकृत होने के बाद प्रारंभिक वित्तीय सहायता ऋण के रूप में और बैंक ऋण से जुड़ने में सहायता दी जाती है।
पात्रताएं
बिहान योजना मुख्य रूप से छत्तीसगढ़ के गरीब और वंचित ग्रामीण परिवारों की महिलाओं को स्वयं सहायता समूहों से जोड़ने पर केंद्रित है। योजना से संबंधित प्रमुख पात्रता शर्तें निम्नलिखित हैं।
- आवेदिका छत्तीसगढ़ के किसी गरीब या वंचित ग्रामीण परिवार की महिला होनी चाहिए।
- योजना के अंतर्गत सामाजिक-आर्थिक एवं जाति जनगणना (SECC) 2011 में सूचीबद्ध गरीब परिवारों की महिलाओं को स्वयं सहायता समूहों में संगठित किया जाता है।
- एक स्वयं सहायता समूह में सामान्यतः 10 से 15 महिला सदस्य हो सकती हैं।
- विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूहों (PVTGs), दिव्यांग व्यक्तियों, महिला मुखिया वाले परिवारों (विधवा, परित्यक्ता या तलाकशुदा महिलाओं के परिवार), भूमिहीन परिवारों, अनुसूचित जाति (SC) और अनुसूचित जनजाति (ST) के परिवारों तथा सर्वेक्षण में छूट गए परिवारों को प्राथमिकता दी जाती है।
- वित्तीय सहायता प्राप्त करने के लिए समूह को पंचसूत्र का पालन करना चाहिए। इसमें नियमित बैठकें करना, नियमित बचत करना, समूह के सदस्यों को नियमित आंतरिक ऋण देना, ऋण का समय पर भुगतान करना और उचित अभिलेख बनाए रखना शामिल है।
आवश्यक दस्तावेज
गांव में नया स्वयं सहायता समूह बनाने या किसी महिला को मौजूदा समूह में शामिल करने की प्रक्रिया के दौरान सामुदायिक संसाधन व्यक्ति (CRP) या बिहान के कर्मचारी कुछ दस्तावेज मांग सकते हैं। सामान्यतः आवश्यक दस्तावेज निम्नलिखित हो सकते हैं।
- आधार कार्ड (पहचान सत्यापन के लिए)
- बैंक पासबुक या बैंक खाते का विवरण
- निवास प्रमाण पत्र (यदि आवश्यक हो)
- पासपोर्ट आकार की फोटो
- राशन कार्ड या SECC से संबंधित जानकारी (कुछ मामलों में)
आवेदन कैसे करें?
बिहान योजना के अंतर्गत व्यक्तिगत लाभार्थियों के लिए कोई अलग ऑनलाइन आवेदन फॉर्म उपलब्ध नहीं है। योजना से जुड़ने के लिए ग्रामीण महिलाओं को गांव के स्तर पर स्वयं सहायता समूह की प्रक्रिया के माध्यम से शामिल होना होता है। इसके लिए निम्नलिखित चरण अपनाए जा सकते हैं।
- अपने गांव के बिहान सामुदायिक संसाधन व्यक्ति (CRP), किसी सक्रिय स्वयं सहायता समूह की सदस्य या ब्लॉक अथवा जिला स्तर पर बिहान के संबंधित अधिकारियों से संपर्क करें।
- किसी मौजूदा समूह में शामिल हों अथवा CRP की सहायता से गरीब ग्रामीण परिवारों की 10 से 15 महिलाओं का नया समूह बनाएं। नए गांवों में समूह बनाने और निष्क्रिय समूहों को दोबारा सक्रिय करने के लिए CRP की टीमें भी सहायता करती हैं।
- समूह के सदस्य नियमित बैठकें करें, बचत करें, जरूरतमंद सदस्यों को आंतरिक ऋण दें, ऋण का समय पर भुगतान करें और सभी आवश्यक रिकॉर्ड व्यवस्थित रखें।
- बिहान की सहायता से समूह बैंकिंग सेवाओं का लाभ लेने के लिए बैंक मित्रों और बैंक सखियों से संपर्क कर सकते हैं।
- पंचसूत्र का तीन महीने तक पालन करने के बाद पात्र स्वयं सहायता समूह को ₹15,000 का रिवॉल्विंग फंड प्राप्त हो सकता है।
- पांच महीने पुराने पात्र समूह के लिए माइक्रो क्रेडिट प्लान (MCP) तैयार करने में MCP मास्टर ट्रेनर सहायता करते हैं। निर्धारित शर्तें पूरी होने पर समूह को ₹50,000 से ₹60,000 तक का सामुदायिक निवेश कोष मिल सकता है।
- छह महीने पुराने और पंचसूत्र का पालन करने वाले पात्र समूह आजीविका संबंधी गतिविधियों के लिए ₹50,000 से ₹3 लाख तक के बैंक ऋण के लिए आवेदन कर सकते हैं।
- समूह आगे चलकर ग्राम संगठन और संकुल स्तरीय संघ से जुड़ सकता है। इससे संवेदनशीलता न्यूनीकरण निधि, आजीविका कार्यक्रमों और बाजार संबंधी सहायता तक पहुंच बनाने में मदद मिल सकती है।
महत्वपूर्ण लिंक
- छत्तीसगढ़ बिहान योजना आधिकारिक पोर्टल
- छत्तीसगढ़ सरकार के पोर्टल पर बिहान योजना डिटेल
- छत्तीसगढ़ बिहान योजना की ब्रॉउचर
संपर्क जानकारी
- छत्तीसगढ़ बिहान योजना हेल्पलाइन नंबर: 0771-2512395
- छत्तीसगढ़ बिहान योजना हेल्पडेस्क ईमेल: [email protected]
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
बिहान योजना के तहत गरीब ग्रामीण महिलाओं को स्वयं सहायता समूहों (SHGs) से जोड़कर वित्तीय सहायता, ऋण, प्रशिक्षण और स्वरोजगार के अवसर दिए जाते हैं।
छत्तीसगढ़ के गरीब और वंचित ग्रामीण परिवारों की महिलाएं, विशेषकर SECC 2011 में सूचीबद्ध परिवारों की महिलाएं, स्वयं सहायता समूह के माध्यम से योजना से जुड़ सकती हैं।
एक स्वयं सहायता समूह में 10 से 15 महिलाएं हो सकती हैं।
तीन महीने पुराने और पंचसूत्र का पालन करने वाले स्वयं सहायता समूह को ₹15,000 का रिवॉल्विंग फंड मिलता है।
छह महीने पुराने और पंचसूत्र का पालन करने वाले स्वयं सहायता समूह ₹50,000 से ₹3 लाख तक का बैंक ऋण प्राप्त कर सकते हैं।
पंचसूत्र में नियमित बैठकें करना, नियमित बचत करना, समूह के सदस्यों को आंतरिक ऋण देना, ऋण का समय पर भुगतान करना और उचित रिकॉर्ड बनाए रखना शामिल है।
नहीं। बिहान के तहत स्वयं सहायता समूहों (SHGs), ग्राम संगठनों (VOs) और संकुल स्तरीय संघों (CLFs) को निधि दी जाती है। ये संस्थाएं अपनी ऋण योजनाओं के अनुसार सदस्यों को ऋण उपलब्ध कराती हैं।
योजना से जुड़ने की कोई निश्चित अंतिम तिथि नहीं है। बिहान एक निरंतर संचालित मिशन है, इसलिए महिलाएं किसी भी समय स्वयं सहायता समूह में शामिल हो सकती हैं।
DDU-GKY प्रशिक्षण के लिए आयु सीमा 15 से 35 वर्ष है। विशेष समूहों, जैसे विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूहों (PVTGs), दिव्यांग व्यक्तियों और ट्रांसजेंडर व्यक्तियों के लिए अधिकतम आयु सीमा 45 वर्ष तक है।
नहीं। महिलाएं अपने गांव के स्वयं सहायता समूह के माध्यम से ऑफलाइन इस योजना से जुड़ सकती हैं। हालांकि, बिहान के अंतर्गत संविदा भर्ती के लिए ऑनलाइन आवेदन किया जाता है।
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