कृत्रिम अंग - सहायक उपकरण योजना

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द्वारा प्रस्तुत Shahrukh on Thu, 17/09/2026 - 12:57
Narendra Modi PM of India
कृत्रिम अंग - सहायक उपकरण योजना
हाइलाइट
  • .पात्र दिव्यांगजनों को सहायक उपकरणों के लिए वित्तीय सहायता।
  • ₹15,000 तक के पात्र उपकरणों पर पूरी वित्तीय सहायता।
  • हाई-एंड कृत्रिम अंगों के लिए ₹30,000 तक की सब्सिडी।
  • मोटराइज्ड ट्राइसाइकिल और व्हीलचेयर के लिए ₹50,000 तक की सहायता।
  • पात्र बच्चों के लिए कॉक्लियर इम्प्लांट पर ₹7 लाख तक की सहायता।
ग्राहक देखभाल फ़ोन नंबर
  • .ARJUN/ADIP हेल्पडेस्क सेवा
    • फोन: 011-24369027
    • उत्पाद/पात्रता से जुड़ी सहायता: 9151110481
    • तकनीकी सहायता: 9151110439
योजना का अवलोकन
योजना का नामकृत्रिम अंग - सहायक उपकरण योजना
शुरुआत का वर्ष1981
लाभपात्र कॉक्लियर इम्प्लांट मामलों में ₹7 लाख तक की सहायता और ₹15,000 तक की पात्र सहायक उपकरणों पर पूरी वित्तीय सहायता
लाभार्थी40% या उससे अधिक दिव्यांगता वाले पात्र भारतीय नागरिक
नोडल एजेंसीदिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग, सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय, भारत सरकार
आवेदन का तरीकाऑनलाइन ARJUN Portal के माध्यम से तथा अधिकृत कार्यान्वयन एजेंसियों, असेसमेंट कैंप और पुनर्वास केंद्रों के माध्यम से

योजना के बारे में

कई दिव्यांगजनों के लिए सही सहायक उपकरण रोजमर्रा के काम को आसान बनाने में काफी मदद कर सकता है। इससे चलने-फिरने, सुनने, बोलने और दूसरे जरूरी कामों में सुविधा मिलती है और व्यक्ति अधिक आत्मनिर्भर बन सकता है। लेकिन कृत्रिम अंग, व्हीलचेयर, हियरिंग एड और अन्य जरूरी सहायक उपकरण खरीदना कई परिवारों के लिए महंगा पड़ सकता है। इसी जरूरत को ध्यान में रखते हुए भारत सरकार दिव्यांगजनों के लिए सहायक उपकरण खरीदने और उनकी फिटिंग में सहायता योजना यानी कृत्रिम अंग - सहायक उपकरण योजना चलाती है।

यह योजना वर्ष 1981 से लागू है। इसके तहत पात्र दिव्यांगजनों को आधुनिक और मानक सहायक उपकरण उपलब्ध कराने में वित्तीय सहायता दी जाती है। पात्रता पूरी करने वाले ₹15,000 तक की कीमत वाले सहायक उपकरणों पर पूरी सहायता मिल सकती है। वहीं ₹15,001 से ₹30,000 तक की कीमत वाले उपकरणों के लिए अधिकतम ₹15,000 तक सहायता दी जा सकती है। कुछ महंगे उपकरणों के लिए भी योजना में अलग प्रावधान हैं। पात्र बच्चों के लिए कॉक्लियर इम्प्लांट पर ₹7 लाख तक और कुछ मामलों में ₹6 लाख तक की सहायता का प्रावधान है।

कृत्रिम अंग - सहायक उपकरण योजना को दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग (DEPwD), सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय, भारत सरकार लागू करता है। योजना का लाभ पहुंचाने के लिए विभाग अधिकृत कार्यान्वयन एजेंसियों के साथ काम करता है। इनमें ALIMCO, राष्ट्रीय संस्थान, कंपोजिट रीजनल सेंटर (CRC), जिला दिव्यांग पुनर्वास केंद्र (DDRC), राज्य दिव्यांग निगम और पात्र गैर-सरकारी संगठन आदि शामिल हैं। ये एजेंसियां लाभार्थियों की पहचान करती हैं, उनकी जरूरत का आकलन करती हैं, सही उपकरण उपलब्ध कराती हैं और जरूरत पड़ने पर उसकी फिटिंग भी करती हैं।

कुछ मामलों में सहायक उपकरण लगाने से पहले जरूरी सुधारात्मक या सर्जिकल उपचार की जरूरत हो सकती है। ऐसी स्थिति में योजना के तहत निर्धारित सीमा तक आवश्यक सर्जिकल करेक्शन या इंटरवेंशन के लिए भी सहायता का प्रावधान है।

कृत्रिम अंग - सहायक उपकरण योजना के लिए ARJUN Portal के जरिए ऑनलाइन आवेदन और पंजीकरण की सुविधा उपलब्ध है। लाभार्थी अधिकृत कार्यान्वयन एजेंसी, असेसमेंट कैंप या पुनर्वास केंद्र के माध्यम से भी सहायता ले सकते हैं। आवेदन के बाद जरूरी दस्तावेजों की जांच की जाती है और प्रशिक्षित पुनर्वास विशेषज्ञ लाभार्थी की जरूरत के अनुसार उपयुक्त सहायक उपकरण का आकलन करते हैं।

दिव्यांगजनों से जुड़ी दूसरी योजनाओं की जानकारी के लिए आप राष्ट्रीय वयोश्री योजना भी देख सकते हैं। इस योजना के तहत पात्र वरिष्ठ नागरिकों को सहायक जीवन-यापन उपकरण उपलब्ध कराने का प्रावधान है।

कृत्रिम अंग - सहायक उपकरण योजना

योजना के लाभ

कृत्रिम अंग - सहायक उपकरण योजना के तहत सभी लाभार्थियों को एक जैसी राशि नहीं मिलती। सहायता की राशि सहायक उपकरण के प्रकार, उसकी कीमत, लाभार्थी की आय और उस उपकरण पर लागू योजना के नियमों के आधार पर तय होती है।

  • ₹15,000 तक की कीमत वाले पात्र सहायक उपकरणों पर पूरी वित्तीय सहायता मिल सकती है।
  • ₹15,001 से ₹30,000 तक की कीमत वाले पात्र उपकरणों के लिए ₹15,000 तक की सहायता दी जा सकती है।
  • ₹30,001 से अधिक कीमत वाले कुछ सूचीबद्ध महंगे सहायक उपकरणों के लिए सरकार की ओर से लागत का 50% तक सहायता दी जा सकती है। इसके लिए आय सीमा और अन्य जरूरी शर्तें लागू होती हैं। यह प्रावधान कॉक्लियर इम्प्लांट और मोटराइज्ड ट्राइसाइकिल पर लागू नहीं होता।
  • नी-बिलो, नी-अबव, एल्बो-बिलो और एल्बो-अबव जैसे हाई-एंड कृत्रिम अंगों के लिए ₹30,000 तक की सब्सिडी मिल सकती है।
  • 80% या उससे अधिक दिव्यांगता वाले पात्र व्यक्तियों को मोटराइज्ड ट्राइसाइकिल या मोटराइज्ड व्हीलचेयर के लिए ₹50,000 तक की सब्सिडी मिल सकती है। यह लाभ 16 वर्ष या उससे अधिक उम्र के पात्र व्यक्तियों को सामान्यतः पांच साल में एक बार दिया जा सकता है।
  • 1 से 5 वर्ष की उम्र के प्री-लिंगुअल हियरिंग लॉस वाले पात्र बच्चों के लिए कॉक्लियर इम्प्लांट पर ₹7 लाख तक की सहायता मिल सकती है।
  • 5 से 18 वर्ष की उम्र के एक्वायर्ड हियरिंग लॉस वाले पात्र बच्चों के लिए कॉक्लियर इम्प्लांट पर ₹6 लाख तक की सहायता मिल सकती है।
  • कॉक्लियर इम्प्लांट की सहायता में निर्धारित सीमा के अंदर इम्प्लांट, सर्जरी, थेरेपी, मैपिंग, यात्रा और प्री-इम्प्लांट असेसमेंट शामिल हो सकते हैं।
  • दिव्यांग व्यक्ति और एक एस्कॉर्ट के लिए यात्रा पर प्रति व्यक्ति ₹250 तक की सहायता मिल सकती है, जो योजना की निर्धारित शर्तों के अनुसार दी जाती है।
  • कुछ निर्धारित मामलों में ₹22,500 तक की मासिक आय वाले पात्र लाभार्थियों को बोर्डिंग और लॉजिंग के लिए ₹100 प्रतिदिन, अधिकतम 15 दिनों तक सहायता मिल सकती है।
  • योजना के तहत कृत्रिम अंग, ऑर्थोटिक उपकरण, मोबिलिटी एड्स, हियरिंग एड, लो-विजन एड्स, लर्निंग उपकरण, कम्युनिकेशन डिवाइस और अन्य स्वीकृत सहायक उपकरण उपलब्ध कराए जा सकते हैं।
  • योजना के तहत दिए गए सहायक उपकरणों के लिए कार्यान्वयन एजेंसियों को एक साल की मुफ्त मेंटेनेंस देनी होती है।

मिलने वाली सहायता उपकरण के प्रकार और लाभार्थी की पात्रता के अनुसार अलग-अलग हो सकती है। विभाग समय-समय पर विशेषज्ञ समितियों की सिफारिश के आधार पर पात्र सहायक उपकरणों की सूची में बदलाव भी कर सकता है।

कृत्रिम अंग - सहायक उपकरण योजना के तहत वित्तीय सहायता

कृत्रिम अंग - सहायक उपकरण योजना में मिलने वाली सहायता लाभार्थी की आय और जरूरत के अनुसार तय होती है। मुख्य वित्तीय सहायता को आसान भाषा में इस तरह समझा जा सकता है:

सहायता का प्रकार

राशि / सहायता

सामान्य सहायक उपकरण
उपकरण की पात्रता, स्वीकृत कीमत और योजना की निर्धारित सीमा के अनुसार सहायता।
₹22,500 तक मासिक आय
पात्र लागत की 100% तक सहायता, योजना की निर्धारित सीमा के अनुसार।
₹22,501 से ₹30,000 तक मासिक आय
पात्र लागत की 50% तक सहायता, योजना की निर्धारित सीमा के अनुसार।
हाई-एंड कृत्रिम अंग
निर्धारित कृत्रिम अंगों के लिए ₹30,000 तक की सब्सिडी।
मोटराइज्ड ट्राइसाइकिल या व्हीलचेयर
निर्धारित शर्तें पूरी करने वाले पात्र लाभार्थियों के लिए ₹50,000 तक की सब्सिडी।
पात्र बच्चों के लिए कॉक्लियर इम्प्लांट
प्री-लिंगुअल हियरिंग लॉस के लिए ₹7 लाख तक और एक्वायर्ड हियरिंग लॉस के लिए ₹6 लाख तक।
सर्जिकल करेक्शन
स्पीच और हियरिंग इम्पेयरमेंट के लिए ₹1,500 तक, विजुअल इम्पेयरमेंट के लिए ₹3,000 तक और ऑर्थोपेडिक इम्पेयरमेंट के लिए ₹15,000 तक।
यात्रा सहायता
लाभार्थी और एक एस्कॉर्ट के लिए प्रति व्यक्ति ₹250 तक, योजना की शर्तों के अनुसार।
बोर्डिंग और लॉजिंग
₹22,500 तक की मासिक आय वाले पात्र लाभार्थियों के लिए ₹100 प्रतिदिन, अधिकतम 15 दिनों तक।
मेंटेनेंस
योजना के तहत दिए गए सहायक उपकरण के लिए एक साल की मुफ्त मेंटेनेंस।

वास्तविक सहायता उपकरण के प्रकार, उसकी स्वीकृत कीमत और कृत्रिम अंग - सहायक उपकरण योजना के लागू नियमों के आधार पर तय होती है। आधिकारिक डिवाइस लिस्ट में दी गई अधिकतम कीमत को लाभार्थी को मिलने वाली सीधे नकद सहायता न समझें। ये कीमतें मुख्य रूप से उपकरणों की खरीद के लिए निर्धारित सीमा को दर्शाती हैं।

पात्रताएं

कृत्रिम अंग - सहायक उपकरण योजना का लाभ लेने के लिए आवेदक को दिव्यांगता, पहचान, आय और पहले मिली सहायता से जुड़ी निर्धारित शर्तों को पूरा करना जरूरी है।

  • आवेदक भारत का नागरिक होना चाहिए।
  • कृत्रिम अंग - सहायक उपकरण योजना की सामान्य पात्रता के लिए कोई निश्चित आयु सीमा निर्धारित नहीं है।
  • आवेदक के पास सरकार द्वारा जारी UDID Card होना चाहिए। अगर UDID Card नहीं है, तो UDID Enrolment Number के साथ कम से कम 40% दिव्यांगता वाला दिव्यांगता प्रमाण पत्र होना चाहिए।
  • अन्य निर्धारित दस्तावेजों के साथ आधार नंबर या आधार Enrolment ID भी आवश्यक है।
  • आवेदक की सभी स्रोतों से मिलने वाली मासिक आय ₹30,000 से अधिक नहीं होनी चाहिए।
  • अगर लाभार्थी किसी पर निर्भर है, तो उसके माता-पिता या अभिभावक की मासिक आय ₹30,000 से अधिक नहीं होनी चाहिए।
  • आवेदक को पिछले तीन वर्षों के दौरान उसी उद्देश्य के लिए किसी अन्य स्रोत से सहायता नहीं मिली होनी चाहिए।
  • 12 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के लिए उसी उद्देश्य से दोबारा सहायता लेने के बीच कम से कम एक वर्ष का अंतर होना चाहिए।
  • आय साबित करने के लिए संबंधित राजस्व अधिकारी द्वारा जारी आय प्रमाण पत्र दिया जा सकता है। योजना के दिशा-निर्देशों में BPL कार्ड, MGNREGA कार्ड या दिव्यांगता पेंशन कार्ड जैसे कुछ अन्य दस्तावेजों को भी मान्यता दी गई है। कुछ परिस्थितियों में कार्यान्वयन एजेंसी के माध्यम से नोटरीकृत शपथ पत्र भी स्वीकार किया जा सकता है।
  • कुछ विशेष उपकरणों के लिए अलग पात्रता शर्तें लागू होती हैं। उदाहरण के लिए, मोटराइज्ड ट्राइसाइकिल और मोटराइज्ड व्हीलचेयर के लिए आम तौर पर 80% या उससे अधिक दिव्यांगता और 16 वर्ष या उससे अधिक आयु की शर्त लागू होती है। यह सहायता सामान्यतः पांच साल में एक बार दी जा सकती है।

कृत्रिम अंग - सहायक उपकरण योजना के तहत सामान्य पात्रता के लिए 40% दिव्यांगता का मानक लागू है। हालांकि, अलग-अलग उपकरणों के लिए अतिरिक्त शर्तें हो सकती हैं। इसलिए केवल सामान्य पात्रता पूरी करने से हर प्रकार के सहायक उपकरण की मंजूरी अपने आप नहीं मिलती।

आवश्यक दस्तावेज

कृत्रिम अंग - सहायक उपकरण योजना के लिए जरूरी पहचान, दिव्यांगता और आय से जुड़े दस्तावेज पहले से तैयार रखने से आवेदन और असेसमेंट की प्रक्रिया आसान हो सकती है। जिस सहायक उपकरण की जरूरत है, उसके अनुसार अधिकृत कार्यान्वयन एजेंसी कुछ अतिरिक्त दस्तावेज भी मांग सकती है।

  • जरूरत के अनुसार आधार कार्ड या आधार Enrolment ID।
  • UDID Card या UDID Enrolment Number।
  • निर्धारित प्रतिशत की दिव्यांगता दर्शाने वाला दिव्यांगता प्रमाण पत्र।
  • सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी आय प्रमाण पत्र।
  • जहां दिशा-निर्देशों के तहत स्वीकार किया जाता हो, वहां BPL कार्ड, MGNREGA कार्ड या दिव्यांगता पेंशन कार्ड जैसे वैकल्पिक आय दस्तावेज।
  • निर्भर आवेदक के लिए माता-पिता या अभिभावक का आवश्यक आय प्रमाण।
  • कार्यांवयन एजेंसी द्वारा मांगे जाने पर हाल की पासपोर्ट साइज फोटो।
  • दिव्यांगता और मांगे गए सहायक उपकरण से संबंधित मेडिकल या असेसमेंट दस्तावेज।
  • विशेष सहायक उपकरणों के लिए असेसमेंट के दौरान अतिरिक्त मेडिकल, कार्यात्मक या शैक्षणिक दस्तावेज भी मांगे जा सकते हैं।

दस्तावेजों की अंतिम सूची कार्यान्वयन एजेंसी और आवश्यक सहायक उपकरण के अनुसार अलग हो सकती है। आवेदन या सहायता के लिए केंद्र पर जाते समय आधार, आय प्रमाण पत्र और उपलब्ध होने पर UDID Card साथ रखना उपयोगी है।

आवेदन प्रक्रिया

कृत्रिम अंग - सहायक उपकरण योजना के लिए आवेदन की प्रक्रिया ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन के साथ-साथ व्यक्तिगत असेसमेंट पर भी आधारित है। असेसमेंट का उद्देश्य सिर्फ दस्तावेजों की जांच करना नहीं है, बल्कि यह पता लगाना भी है कि लाभार्थी के लिए कौन-सा सहायक उपकरण सही रहेगा।

ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया

  • सबसे पहले ARJUN Portal पर जाएं। यह ADIP और सहायक उपकरणों से जुड़ी ऑनलाइन सेवाओं के लिए आधिकारिक डिजिटल प्लेटफॉर्म है।
  • ARJUN Portal के होम पेज पर दिए गए लाभार्थी पंजीकरण विकल्प पर क्लिक करके आवेदन शुरू करें।
  • आवेदन करते समय आधार विवरण, UDID जानकारी या Enrolment Number, दिव्यांगता प्रमाण पत्र और आय से जुड़े दस्तावेज अपने पास रखें।
  • रजिस्ट्रेशन के बाद उपलब्ध Centre Finder की मदद से नजदीकी अधिकृत कार्यान्वयन एजेंसी या केंद्र की जानकारी प्राप्त करें।
  • केंद्र पर आपके दस्तावेजों की जांच की जाती है और पुनर्वास विशेषज्ञ आपकी जरूरत के अनुसार फिजिकल या फंक्शनल असेसमेंट करते हैं।
  • असेसमेंट के आधार पर जरूरी सहायक उपकरण का प्रकार, आकार, स्पेसिफिकेशन और जरूरत पड़ने पर उसकी फिटिंग तय की जाती है।
  • लाभार्थी और निर्धारित उपकरण योजना के अनुसार पात्र पाए जाने पर कार्यान्वयन एजेंसी आगे की प्रक्रिया पूरी करके उपकरण की व्यवस्था करती है।
  • इसके बाद उपकरण लाभार्थी को फिट करके या वितरित करके दिया जाता है। कुछ उपकरणों के मामले में फिटिंग, ट्रेनिंग या पुनर्वास सहायता भी प्रक्रिया का हिस्सा हो सकती है।
  • अगर पहले से मिले उपकरण की मरम्मत या सर्विसिंग की जरूरत है, तो लागू होने पर ARJUN Portal के माध्यम से नजदीकी AASRA या ALIMCO अधिकृत सेवा एवं मरम्मत एजेंसी की जानकारी ली जा सकती है।
  • जो लाभार्थी व्यक्तिगत सहायता चाहते हैं, वे असेसमेंट और वितरण कैंप के साथ-साथ National Institutes, CRCs, ALIMCO, DDRCs और अन्य अधिकृत कार्यान्वयन एजेंसियों के माध्यम से भी सहायता प्राप्त कर सकते हैं।

कृत्रिम अंग - सहायक उपकरण योजना में लाभार्थियों की पहचान जिला स्तर के कैंप, कार्यान्वयन एजेंसियों के मुख्यालय या क्षेत्रीय केंद्रों और ऑनलाइन माध्यमों से की जा सकती है। योजना के दिशा-निर्देशों के अनुसार, पोर्टल के माध्यम से पंजीकृत पात्र लाभार्थियों को निर्धारित प्रक्रिया और पात्रता पूरी होने के बाद रजिस्ट्रेशन की तारीख से छह महीने के भीतर सहायक उपकरण उपलब्ध कराया जाना है।

अधिकृत कार्यान्वयन एजेंसियों, असेसमेंट कैंप और पुनर्वास केंद्रों के माध्यम से

जो लोग ऑनलाइन आवेदन नहीं करना चाहते या जिन्हें व्यक्तिगत सहायता की जरूरत है, वे अधिकृत ADIP कार्यान्वयन एजेंसी, असेसमेंट कैंप या पुनर्वास केंद्र से संपर्क कर सकते हैं। यहां लाभार्थी की दिव्यांगता और जरूरत का आकलन करके उपयुक्त सहायक उपकरण तय किया जाता है।

लाभार्थी को जरूरी दस्तावेज जमा करने होते हैं और निर्धारित असेसमेंट प्रक्रिया पूरी करनी होती है। पात्र पाए जाने पर रजिस्ट्रेशन किया जाता है और कार्यान्वयन एजेंसी आवश्यक सहायक उपकरण की व्यवस्था करती है। जरूरत के अनुसार उपकरण की फिटिंग भी की जाती है।

ऑफलाइन/सहायता से आवेदन की प्रक्रिया

  1. नजदीकी अधिकृत ADIP कार्यान्वयन एजेंसी, पुनर्वास केंद्र या असेसमेंट कैंप पर जाएं।
  2. दिव्यांगता प्रमाण पत्र, आय प्रमाण, आधार और अन्य जरूरी दस्तावेज जमा करें।
  3. उपयुक्त सहायक उपकरण तय करने के लिए आवश्यक असेसमेंट करवाएं।
  4. पात्र पाए जाने पर योजना के तहत रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया पूरी करें।
  5. कार्यांवयन एजेंसी आवश्यक सहायक उपकरण की व्यवस्था करती है और जरूरत पड़ने पर उसकी फिटिंग भी करती है।
  6. पात्र लाभार्थी को रजिस्ट्रेशन की तारीख से छह महीने के भीतर सहायक उपकरण उपलब्ध कराया जाना है, जैसा कि योजना के दिशा-निर्देशों में निर्धारित है।

महत्वपूर्ण लिंक

संपर्क जानकारी

कृत्रिम अंग - सहायक उपकरण योजना में रजिस्ट्रेशन, पात्रता, सहायक उपकरणों से जुड़ी जानकारी या तकनीकी सहायता के लिए लाभार्थी विभाग द्वारा उपलब्ध कराई गई ARJUN/ADIP हेल्पडेस्क सेवाओं का उपयोग कर सकते हैं।

  • फोन: 011-24369027
  • उत्पाद/पात्रता से जुड़ी सहायता: 9151110481
  • तकनीकी सहायता: 9151110439
  • ALIMCO टोल-फ्री: 1800 180 5129
  • ईमेल: [email protected]
  • विभाग: दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग, सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय, भारत सरकार
  • पता: बी-I ब्लॉक, अंत्योदय भवन, सीजीओ कॉम्प्लेक्स, लोधी रोड, नई दिल्ली – 110003

आवेदन से जुड़ी व्यावहारिक मदद के लिए लाभार्थी नजदीकी अधिकृत कार्यान्वयन एजेंसी, National Institute, Composite Regional Centre (CRC), District Disability Rehabilitation Centre (DDRC) या ALIMCO Centre से भी संपर्क कर सकते हैं। सही सेवा केंद्र की जानकारी प्राप्त करने के लिए ARJUN Portal उपयोगी माध्यम है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कृत्रिम अंग - सहायक उपकरण योजना के तहत पात्र दिव्यांगजनों को कृत्रिम अंग, व्हीलचेयर, हियरिंग एड और अन्य सहायक उपकरण उपलब्ध कराने के लिए वित्तीय सहायता दी जाती है।
 

भारत के ऐसे पात्र नागरिक लाभ ले सकते हैं जिनकी दिव्यांगता 40% या उससे अधिक है और जो योजना की आय तथा अन्य निर्धारित शर्तें पूरी करते हैं।
 

₹15,000 तक के पात्र सहायक उपकरणों पर पूरी सहायता मिल सकती है। ₹15,001 से ₹30,000 तक के उपकरणों के लिए ₹15,000 तक सहायता का प्रावधान है।
 

हाँ, पात्र हाई-एंड कृत्रिम अंगों के लिए ₹30,000 तक की सब्सिडी मिल सकती है।
 

निर्धारित शर्तें पूरी करने वाले पात्र व्यक्तियों को ₹50,000 तक की सहायता मिल सकती है।
 

पात्र बच्चों को प्री-लिंगुअल हियरिंग लॉस के लिए ₹7 लाख तक और एक्वायर्ड हियरिंग लॉस के लिए ₹6 लाख तक की सहायता मिल सकती है।
 

आवेदक की सभी स्रोतों से मासिक आय ₹30,000 से अधिक नहीं होनी चाहिए। आश्रित लाभार्थी के मामले में माता-पिता या अभिभावक की आय देखी जाती है।
 

आधार या आधार Enrolment ID, UDID Card या Enrolment Number, दिव्यांगता प्रमाण पत्र और आय प्रमाण जैसे दस्तावेज जरूरी हो सकते हैं।
 

आवेदन ARJUN Portal के माध्यम से ऑनलाइन किया जा सकता है। लाभार्थी अधिकृत कार्यान्वयन एजेंसी, असेसमेंट कैंप या पुनर्वास केंद्र से भी सहायता ले सकते हैं।
 

हाँ, योजना के तहत दिए गए सहायक उपकरणों के लिए एक साल की मुफ्त मेंटेनेंस का प्रावधान है।
 

अगर योजनाओं के बारे में आपका कोई सवाल है, तो उसे योजना के फोरम में सबमिट करें और जवाब पाएँ:

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यह फोरम निम्न कामों के लिए एक बेहतरीन जगह है:

  • सवाल पूछें: अगर आपके मन में योजना से जुड़ा कोई सवाल है या आप इस विषय के किसी पहलू के बारे में और जानकारी चाहते हैं।
  • योजना से जुडी अपनी बातें साझा करें: अपनी जानकारी और अनुभव शेयर करें।
  • दूसरों से जुड़ें: कम्युनिटी से जुड़ें और दूसरों से सीखें।

हम आपको इस फ़ोरम में सक्रिय रूप से भाग लेने और इस बेहतरीन रिसोर्स का पूरा फ़ायदा उठाने के लिए प्रोत्साहित करते है।

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viklangta kitni hai ye kese…

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Wheelchair milegi?

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ricicle ki jarurat hai picle…

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5 sal se up me hai ration…

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In reply to by Nikhil kanoujiya (सत्यापित नहीं)

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आपका नाम
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Sir, maraname, nandkumar hai, muchatricyclechea

In reply to by Nikhil kanoujiya (सत्यापित नहीं)

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आपका नाम
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टिप्पणी

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[email protected]

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सेवा में,
माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी
विषय- मेरा माता- पिता( ग़रीब है) में श्रवण बाधित है दिव्यांगता को ध्यान में रखते हुए, नौकरी देने के संबंध में
महाशय,
सविनय नम्र निवेदन है कि मैं एक दिव्यांग श्रवण बाधित अतीव गरीबी में अपने ग़रीब माता-पिता का बडी कठिनाई के साथ गुजर बसर कर रहा हूँ.
श्रीमान, आज के परिदृश्य में मै दिव्यांग बेरोजगार स्थिति में कष्ट पूर्ण जीवन जीने के लिए अपने ग़रीब मात पिता के साथ अभिशापित सा हो गया हूँ.
अतः श्रीमान से नम्र निवेदन है कि आप अपने स्तर से किसी भी प्रकार का सरकारी जाँब प्रदान कराने की कृपा करें.
इसके लिए मैं सदा आभारी रहूंगा.
आपका विश्वासी
श्रवण बाधित भूली कुमार पिता पंचनानद सिह माता बेदामो देवी ग्राम देवटोला पोस्ट बभनियाव थाना जगदीशपुर जिला भोजपुर बिहार
नोट:- आवेदन की गई करववाई कराने की कृपा की जाय

Hello sir please my name is Kartik Verma tricycle registration f

आपका नाम
Kartik Verma
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Hello sir please find the 70%percent disabled for this position

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