- DDU-GKY की शुरुआत वर्ष 2014 में हुई थी। इसके तहत ग्रामीण गरीब युवाओं को रोजगार के लिए जरूरी कौशल का मुफ्त प्रशिक्षण दिया जाता है।
- पात्र महिलाओं और कुछ विशेष समूहों के लिए आयु सीमा 45 वर्ष तक
- प्रशिक्षण के साथ काउंसलिंग और प्लेसमेंट सहायता।
- DDU-GKY 2.0 में कम से कम 70% प्लेसमेंट परिणाम का प्रावधान।
- हेल्पडेस्क ईमेल: [email protected]
योजना का अवलोकन | |
|---|---|
| योजना का नाम | दीन दयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल्य योजना (DDU-GKY) |
| शुरुआत का वर्ष | 2014 |
| लाभ | मुफ्त कौशल प्रशिक्षण के साथ प्लेसमेंट सहायता और नौकरी मिलने के बाद सहायता |
| लाभार्थी | 15 से 35 वर्ष की उम्र के ग्रामीण गरीब युवा |
| नोडल एजेंसी | ग्रामीण विकास मंत्रालय |
| सब्सक्रिप्शन | योजना से जुड़े अपडेट पाने के लिए यहां सब्सक्राइब करें |
| आवेदन का तरीका | कौशल पंजी और संबंधित प्रशिक्षण केंद्रों के माध्यम से ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन |
योजना के बारे में
ग्रामीण इलाकों में रहने वाले युवाओं के लिए सही कौशल सीखना, नौकरी के बेहतर अवसर पाने और अपनी आमदनी बढ़ाने में मदद कर सकता है। इसी जरूरत को ध्यान में रखते हुए भारत सरकार ने दीन दयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल्य योजना (DDU-GKY) शुरू की। 2014 में शुरू हुई यह योजना ग्रामीण गरीब युवाओं को रोजगार के लिए जरूरी कौशल सिखाने के साथ उन्हें नौकरी पाने में भी मदद करती है। मंजूर किए गए कोर्स के अनुसार युवाओं को मुफ्त प्रशिक्षण, काउंसलिंग, प्लेसमेंट सहायता और नौकरी मिलने के बाद जरूरी सहयोग दिया जाता है। मौजूदा DDU-GKY 2.0 में रोजगार पर और ज्यादा ध्यान दिया गया है। इसके तहत कम से कम 70% प्लेसमेंट परिणाम का प्रावधान है, जिसमें कम से कम 50% रोजगार वेतन वाली नौकरी के रूप में होना चाहिए।
दीन दयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल्य योजना को ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा दीन दयाल अंत्योदय योजना – राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (DAY-NRLM) के तहत लागू किया जाता है। इस योजना में मुख्य रूप से 15 से 35 वर्ष की उम्र के ग्रामीण युवा शामिल होते हैं। पात्र महिलाओं और कुछ निर्धारित कमजोर एवं विशेष समूहों के लिए ऊपरी आयु सीमा 45 वर्ष तक हो सकती है। प्रशिक्षण मंजूर किए गए प्रोजेक्ट इम्प्लीमेंटिंग एजेंसियों के माध्यम से दिया जाता है। इसमें हेल्थकेयर, निर्माण, रिटेल, लॉजिस्टिक्स, IT-ITES, पर्यटन और हॉस्पिटैलिटी जैसे कई क्षेत्रों में अलग-अलग जॉब रोल शामिल हैं।
DDU-GKY 2.0 में लंबे समय तक रोजगार पर ज्यादा ध्यान दिया गया है। मौजूदा व्यवस्था में प्लेसमेंट के परिणाम को कम से कम 6 महीने के रोजगार से जोड़ा गया है और नौकरी मिलने के बाद रोजगार की स्थिति पर नजर रखने और सहायता देने का प्रावधान है। योजना के तहत पात्र उम्मीदवारों को काउंसलिंग, दूसरे स्थान पर नौकरी के लिए जाने में सहायता, शिकायत से जुड़ी सहायता और जरूरत के अनुसार आगे की स्किल बढ़ाने या दोबारा स्किल सीखने के अवसर भी मिल सकते हैं।
पात्र युवा आधिकारिक कौशल पंजी पोर्टल के माध्यम से रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं और संबंधित प्रशिक्षण केंद्रों में उपलब्ध प्रशिक्षण के विकल्प देख सकते हैं। रजिस्ट्रेशन, प्रशिक्षण या प्लेसमेंट से जुड़े सवालों के लिए उम्मीदवार अपने नजदीकी DDU-GKY प्रशिक्षण केंद्र या संबंधित राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन से संपर्क कर सकते हैं।
जो लोग कौशल विकास के दूसरे अवसर देखना चाहते हैं, वे GovtSchemes.in पर उपलब्ध रेल कौशल विकास योजना के बारे में भी जानकारी ले सकते हैं।
योजना के लाभ
दीन दयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल्य योजना पात्र ग्रामीण युवाओं को रोजगार के लिए जरूरी कौशल सीखने और नौकरी पाने व उसे बनाए रखने में सहायता करती है। इसके मुख्य लाभ इस प्रकार हैं:
- पात्र युवाओं को दीन दयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल्य योजना के तहत उपलब्ध कोर्स में मुफ्त कौशल प्रशिक्षण दिया जाता है।
- सफल प्रशिक्षण और असेसमेंट के बाद योजना के तहत प्लेसमेंट सहायता दी जाती है।
- दीन दयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल्य योजना 2.0 के तहत लागू करने वाली एजेंसियों के लिए कम से कम 70% प्लेसमेंट परिणाम का प्रावधान है।
- प्लेसमेंट परिणाम का कम से कम 50% वेतन वाली नौकरी के रूप में होना चाहिए।
- प्लेसमेंट परिणाम का अधिकतम 20% अनुमत स्वरोजगार या गिग रोजगार के माध्यम से हो सकता है।
- मौजूदा व्यवस्था के तहत रोजगार के परिणाम को कम से कम 6 महीने की अवधि से जोड़ा गया है।
- उम्मीदवारों को नौकरी मिलने के बाद सहायता और रोजगार की स्थिति पर नजर रखने की सुविधा मिलती है, ताकि वे रोजगार में बने रह सकें।
- प्रशिक्षण में करियर काउंसलिंग और मार्गदर्शन शामिल होता है, जिससे उम्मीदवार अपने लिए सही जॉब रोल चुन सकें।
- जो उम्मीदवार नौकरी के लिए किसी दूसरे स्थान पर जाते हैं, उन्हें पात्रता के अनुसार माइग्रेशन सहायता मिल सकती है।
- योजना के तहत करियर में आगे बढ़ने के लिए अपस्किलिंग और री-स्किलिंग के अवसर मिल सकते हैं।
- उम्मीदवार योजना के तहत तय किए गए माध्यमों से शिकायत से जुड़ी सहायता प्राप्त कर सकते हैं।
- प्रशिक्षण हेल्थकेयर, निर्माण, रिटेल, लॉजिस्टिक्स, IT-ITES, पर्यटन और हॉस्पिटैलिटी सहित कई क्षेत्रों में उपलब्ध है।
उपलब्ध प्रशिक्षण कोर्स, जॉब रोल और रोजगार से जुड़ी सहायता संबंधित मंजूर किए गए दीन दयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल्य योजना प्रोजेक्ट, प्रशिक्षण केंद्र और लागू योजना दिशानिर्देशों पर निर्भर करती है।
दीन दयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल्य योजना 2.0 कैसे काम करती है?
DDU-GKY 2.0 ग्रामीण युवाओं को स्थानीय स्तर पर रोजगार की मांग के आधार पर कौशल प्रशिक्षण और रोजगार के अवसरों से जोड़ती है। इसकी प्रक्रिया आसान तरीके से इस तरह समझी जा सकती है:
- रजिस्ट्रेशन: पात्र युवा कौशल पंजी या किसी संबंधित प्रशिक्षण केंद्र के माध्यम से रजिस्ट्रेशन करते हैं।
- काउंसलिंग: उम्मीदवारों को उनकी रुचि और उपलब्ध अवसरों के अनुसार सही कोर्स और जॉब रोल चुनने के लिए मार्गदर्शन दिया जाता है।
- कौशल प्रशिक्षण: उम्मीदवार किसी मंजूर किए गए जॉब रोल में प्रशिक्षण पूरा करते हैं।
- असेसमेंट: उम्मीदवार संबंधित कोर्स के अनुसार असेसमेंट और प्रमाणन प्रक्रिया पूरी करते हैं।
- प्लेसमेंट: प्रशिक्षण पूरा करने वाले उम्मीदवारों को उपयुक्त रोजगार के अवसरों से जोड़ने में सहायता दी जाती है।
- नौकरी मिलने के बाद सहायता: रोजगार शुरू करने के बाद उम्मीदवारों को जरूरत के अनुसार रोजगार की स्थिति पर नजर रखने, काउंसलिंग और अन्य सहायता मिल सकती है।
DDU-GKY 2.0 का मुख्य ध्यान उम्मीदवारों को प्रशिक्षण से लंबे समय तक रोजगार तक पहुंचाने पर है। इसके तहत रोजगार के परिणाम को कम से कम 6 महीने की रोजगार अवधि से जोड़ा गया है।
दीन दयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल्य योजना के तहत प्रशिक्षण कोर्स और जॉब रोल
दीन दयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल्य योजना में अलग-अलग क्षेत्रों में रोजगार से जुड़े प्रशिक्षण दिए जाते हैं। कोर्स और जॉब रोल का चुनाव स्थानीय रोजगार की मांग और नियोक्ताओं की जरूरत के अनुसार किया जाता है। प्रशिक्षण से जुड़ी मुख्य जानकारी इस प्रकार है:
प्रशिक्षण की जानकारी | विवरण |
|---|---|
प्रशिक्षण का आधार | कोर्स का चुनाव स्थानीय रोजगार की मांग और नियोक्ताओं की जरूरत के आधार पर किया जाता है। |
मुख्य क्षेत्र | कृषि, परिधान, ऑटोमोटिव, ब्यूटी और वेलनेस, निर्माण, इलेक्ट्रॉनिक्स, हेल्थकेयर, IT-ITES, लॉजिस्टिक्स, रिटेल, टेलीकॉम, टेक्सटाइल, पर्यटन और हॉस्पिटैलिटी सहित अन्य क्षेत्र। |
वर्तमान क्षेत्र कवरेज | 36 क्षेत्र, जिनमें ग्रीन जॉब्स और मीडिया एवं एंटरटेनमेंट भी शामिल हैं। |
जॉब रोल | जॉब रोल का चुनाव बाजार की मांग और संबंधित क्षेत्र में उपलब्ध रोजगार के अवसरों के अनुसार किया जाता है। |
प्रशिक्षण की अवधि | मंजूर किए गए कोर्स के अनुसार 3 से 12 महीने। |
कोर्स की उपलब्धता | कोर्स और जॉब रोल राज्य, मंजूर किए गए प्रोजेक्ट और प्रशिक्षण केंद्र के अनुसार अलग-अलग हो सकते हैं। |
दीन दयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल्य योजना के विशेष कार्यक्रम
नियमित दीन दयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल्य योजना के साथ सरकार ने ग्रामीण युवाओं के कुछ खास क्षेत्रों और समूहों के लिए विशेष कार्यक्रम भी शुरू किए हैं।
- रोशनी: दीन दयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल्य योजना का यह विशेष कार्यक्रम 9 राज्यों के 27 वामपंथी उग्रवाद (LWE) प्रभावित क्षेत्रों में लागू है। इसमें अनिवार्य रूप से आवासीय प्रशिक्षण दिया जाता है और 40% कवरेज महिलाओं के लिए रखा गया है।
- हिमायत: यह कार्यक्रम जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के सभी पात्र युवाओं को कवर करता है और इसके लिए 100% केंद्रीय फंडिंग दी जाती है।
इन कार्यक्रमों को संबंधित क्षेत्रों और लक्षित समूहों की रोजगार और कौशल विकास से जुड़ी खास जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है।
पात्रताएं
दीन दयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल्य योजना ऐसे ग्रामीण युवाओं के लिए है, जो गरीब परिवारों से आते हैं और कौशल सीखकर रोजगार के बेहतर अवसर पाना चाहते हैं। इसकी मुख्य पात्रता शर्तें इस प्रकार हैं:
- आवेदक ग्रामीण क्षेत्र का निवासी होना चाहिए।
- आवेदक को लागू दीन दयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल्य योजना की पहचान प्रक्रिया के अनुसार गरीब या पात्र ग्रामीण परिवार से होना चाहिए।
- आमतौर पर आयु सीमा 15 से 35 वर्ष है।
- पात्र महिलाओं और निर्धारित कमजोर एवं विशेष समूहों के लिए ऊपरी आयु सीमा 45 वर्ष तक हो सकती है।
- पात्र विशेष समूहों में दिव्यांगजन, विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूह (PVTGs), ट्रांसजेंडर व्यक्ति, पुनर्वासित बंधुआ मजदूर, मानव तस्करी के पीड़ित और कुछ अन्य कमजोर समूह शामिल हो सकते हैं।
- आवेदक को चुने गए दीन दयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल्य योजना प्रशिक्षण कार्यक्रम की लागू पात्रता शर्तों को पूरा करना होगा।
- प्रशिक्षण और जॉब रोल की उपलब्धता आवेदक के क्षेत्र में चल रहे मंजूर किए गए प्रोजेक्ट और कोर्स पर निर्भर करती है।
आवेदकों को रजिस्ट्रेशन से पहले आधिकारिक कौशल पंजी पोर्टल या नजदीकी दीन दयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल्य योजना प्रशिक्षण केंद्र से अपनी पात्रता और उपलब्ध कोर्स की जानकारी जरूर लेनी चाहिए।
आवश्यक दस्तावेज
दीन दयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल्य योजना में रजिस्ट्रेशन के दौरान आवेदक को अपनी पहचान, पता, उम्र और पात्रता की जानकारी साबित करने के लिए कुछ सामान्य दस्तावेज देने पड़ सकते हैं। आमतौर पर जरूरी दस्तावेजों में शामिल हैं:
- आधार कार्ड या कोई अन्य वैध पहचान प्रमाण
- उम्र या जन्मतिथि का प्रमाण
- निवास प्रमाण
- हाल की पासपोर्ट साइज फोटो
- बैंक खाते की जानकारी
- ग्रामीण परिवार या लागू लाभार्थी श्रेणी का प्रमाण, जहां जरूरी हो
- जाति प्रमाण पत्र, यदि लागू हो
- दिव्यांगता प्रमाण पत्र, यदि लागू हो
- चुने गए प्रशिक्षण कार्यक्रम के लिए जरूरी अन्य दस्तावेज या रजिस्ट्रेशन के दौरान मांगे गए दस्तावेज
जरूरी दस्तावेज आवेदक की श्रेणी, चुने गए कोर्स और लागू दीन दयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल्य योजना दिशानिर्देशों के अनुसार अलग-अलग हो सकते हैं। आवेदकों को दस्तावेजों की सही जानकारी के लिए नजदीकी प्रशिक्षण केंद्र या आधिकारिक कौशल पंजी पोर्टल से पुष्टि करनी चाहिए।
आवेदन प्रक्रिया
दीन दयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल्य योजना के लिए शुरुआत करना आसान है। उम्मीदवार कौशल पंजी के माध्यम से अपनी जानकारी रजिस्टर कर सकते हैं और इसके बाद अपनी जगह और पात्रता के अनुसार उपलब्ध प्रशिक्षण विकल्पों से जुड़ सकते हैं।
- सबसे पहले आधिकारिक कौशल पंजी पोर्टल खोलें। यह DDU-GKY उम्मीदवारों के रजिस्ट्रेशन के लिए इस्तेमाल होने वाला ऑनलाइन प्लेटफॉर्म है।
- पोर्टल पर उम्मीदवार रजिस्ट्रेशन का विकल्प चुनें और रजिस्ट्रेशन शुरू करने के लिए मांगी गई व्यक्तिगत जानकारी दर्ज करें।
- अपनी उम्र, पता, शिक्षा और लागू अन्य पात्रता से जुड़ी जानकारी दर्ज करें।
- रजिस्ट्रेशन की जानकारी जमा करें और पोर्टल पर बताई गई जरूरी वेरिफिकेशन प्रक्रिया पूरी करें।
- रजिस्ट्रेशन के बाद उम्मीदवार संबंधित दीन दयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल्य योजना प्रशिक्षण केंद्र से काउंसलिंग, उपयुक्त कोर्स और उपलब्ध बैच की जानकारी ले सकते हैं।
- अपनी रुचि, पात्रता और मंजूर किए गए दीन दयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल्य योजना प्रोजेक्ट में उपलब्ध जॉब रोल के आधार पर उपयुक्त प्रशिक्षण कोर्स चुनें।
- प्लेसमेंट की प्रक्रिया में जाने से पहले जरूरी प्रशिक्षण, असेसमेंट और प्रमाणन प्रक्रिया पूरी करें।
- रजिस्ट्रेशन, कोर्स चुनने या प्रशिक्षण की उपलब्धता से जुड़ी मदद के लिए नजदीकी दीन दयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल्य योजना प्रशिक्षण केंद्र या संबंधित राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन से संपर्क करें।
कौशल पंजी पर रजिस्ट्रेशन करने का मतलब यह नहीं है कि किसी खास कोर्स या नौकरी की गारंटी मिल गई है। प्रशिक्षण और प्लेसमेंट के अवसर मंजूर किए गए प्रोजेक्ट, उपलब्ध बैच, जॉब रोल और लागू DDU-GKY दिशानिर्देशों पर निर्भर करते हैं।
महत्वपूर्ण लिंक
- ग्रामीण विकास मंत्रालय की आधिकारिक वेबसाइट
- कौशल पंजी
- दीन दयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल्य योजना (DDU-GKY) दिशानिर्देश
- उम्मीदवार लॉगिन
संपर्क जानकारी
रजिस्ट्रेशन, प्रशिक्षण या दीन दयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल्य योजना से जुड़ी अन्य सहायता के लिए उम्मीदवार आधिकारिक कौशल पंजी हेल्पडेस्क या संबंधित DDU-GKY प्रशिक्षण केंद्र से संपर्क कर सकते हैं।
- हेल्पडेस्क ईमेल: [email protected]
- उम्मीदवार रजिस्ट्रेशन और लॉगिन: कौशल पंजी उम्मीदवार पोर्टल
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
दीन दयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल्य योजना (DDU-GKY) ग्रामीण गरीब युवाओं को रोजगार के लिए जरूरी कौशल सिखाने वाली भारत सरकार की योजना है।
ग्रामीण गरीब युवाओं को पात्रता के अनुसार मंजूर किए गए कोर्स में कौशल प्रशिक्षण दिया जाता है।
सामान्य रूप से 15 से 35 वर्ष की उम्र के ग्रामीण युवा पात्र होते हैं। पात्र महिलाओं और कुछ विशेष समूहों के लिए ऊपरी आयु सीमा 45 वर्ष तक हो सकती है।
हां, पात्र युवाओं को योजना के तहत मंजूर किए गए कोर्स में मुफ्त कौशल प्रशिक्षण दिया जाता है।
योजना के तहत कृषि, निर्माण, हेल्थकेयर, रिटेल, IT-ITES, पर्यटन, लॉजिस्टिक्स, ब्यूटी एंड वेलनेस सहित कई क्षेत्रों में प्रशिक्षण दिया जाता है। उपलब्ध कोर्स और जॉब रोल प्रशिक्षण केंद्र के अनुसार अलग-अलग हो सकते हैं।
नहीं, योजना हर उम्मीदवार को नौकरी की गारंटी नहीं देती। मौजूदा DDU-GKY 2.0 में प्रशिक्षण संस्थाओं के लिए कम से कम 70% प्लेसमेंट परिणाम का प्रावधान है।
कम से कम 70% प्लेसमेंट परिणाम का प्रावधान है, जिसमें कम से कम 50% रोजगार वेतन वाली नौकरी के रूप में होना चाहिए।
हां, DDU-GKY 2.0 में नौकरी में बने रहने में मदद के लिए पोस्ट-प्लेसमेंट सहायता और फॉलो-अप का प्रावधान है।
उम्मीदवार आधिकारिक Kaushal Panjee पोर्टल पर पंजीकरण कर सकते हैं और उपलब्ध प्रशिक्षण अवसरों की जानकारी ले सकते हैं।
DDU-GKY से जुड़ी पंजीकरण और अन्य जानकारी के लिए आधिकारिक Kaushal Panjee पोर्टल का उपयोग किया जा सकता है।
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| जाति | लाभार्थी व्यक्ति का प्रकार | योजना का प्रकार | सरकार |
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टिप्पणियाँ
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My cousin just graduated in MZC course, could you please tell me. Is there any course related life science in Hyderabad
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Humari place ment nhi houi 1saal se
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Hum call krte ha koi attend nhi karta koi b teacher .
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