डॉ. अम्बेडकर चिकित्सा सहायता योजना

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द्वारा प्रस्तुत Minakshi on Sat, 26/09/2026 - 15:40
केन्द्रीय सरकार CM
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डॉ. अम्बेडकर चिकित्सा सहायता योजना
हाइलाइट
  • पात्र SC और ST मरीजों के लिए चिकित्सा सहायता।
  • गंभीर और जानलेवा बीमारियों के इलाज के लिए आर्थिक सहायता।
  • अधिकतम ₹3.5 लाख तक की सहायता।
  • हृदय, किडनी, कैंसर, मस्तिष्क और रीढ़ की सर्जरी शामिल।
ग्राहक देखभाल फ़ोन नंबर
  • डॉ. अम्बेडकर फाउंडेशन
योजना का अवलोकन
योजना का नामडॉ. अम्बेडकर चिकित्सा सहायता योजना
लाभपात्र गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए ₹3.5 लाख तक की चिकित्सा सहायता
लाभार्थीगंभीर या जानलेवा बीमारियों के इलाज की जरूरत वाले पात्र SC और ST मरीज
नोडल एजेंसीडॉ. अम्बेडकर फाउंडेशन
सब्सक्रिप्शनयोजना से जुड़े अपडेट पाने के लिए यहां सब्सक्राइब करें
आवेदन का तरीकानिर्धारित आवेदन पत्र या निर्धारित प्रारूप में सादे कागज के माध्यम से ऑफलाइन

योजना के बारे में

गंभीर बीमारी के इलाज के लिए बड़ी सर्जरी या विशेष चिकित्सा की जरूरत पड़ने पर परिवार पर इलाज का खर्च काफी बढ़ सकता है। खासकर किडनी की सर्जरी, डायलिसिस, अंग प्रत्यारोपण, कैंसर का इलाज, हृदय की सर्जरी या मस्तिष्क की सर्जरी जैसे इलाज में काफी खर्च हो सकता है। ऐसे गंभीर या जानलेवा रोगों के इलाज की जरूरत वाले पात्र अनुसूचित जाति (SC) और अनुसूचित जनजाति (ST) के मरीजों को डॉ. अम्बेडकर चिकित्सा सहायता योजना के तहत आर्थिक सहायता दी जाती है। योजना के तहत इलाज के प्रकार और लागू सहायता सीमा के अनुसार पात्र मरीजों को ₹3.5 लाख तक की सहायता मिल सकती है। स्वीकृत राशि मरीज को सीधे देने के बजाय संबंधित अस्पताल को जारी की जाती है।

यह योजना सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय, भारत सरकार के अंतर्गत डॉ. अम्बेडकर फाउंडेशन द्वारा लागू की जाती है। फाउंडेशन गंभीर बीमारियों के तय इलाज के लिए सहायता देता है। इसमें किडनी, हृदय, लिवर, कैंसर और मस्तिष्क से जुड़ी बीमारियों के साथ-साथ अंग प्रत्यारोपण, रीढ़ की सर्जरी और योजना के तहत आने वाली अन्य जानलेवा बीमारियां शामिल हैं। आवेदन करने वाले लोगों के लिए फाउंडेशन की आधिकारिक वेबसाइट पर योजना के दिशानिर्देश, आवेदन से जुड़ी जानकारी और संपर्क विवरण भी दिए गए हैं।

पात्रता आवेदक के SC या ST वर्ग से होने, परिवार की आय, मरीज की बीमारी और जरूरी इलाज पर निर्भर करती है। क्योंकि फाउंडेशन की वेबसाइट पर पुराने और 2026 में संशोधित योजना से जुड़े दस्तावेज दोनों उपलब्ध हैं, इसलिए आवेदन करने से पहले नवीनतम दिशानिर्देश जरूर जांचने चाहिए। इलाज किसी मान्यता प्राप्त अस्पताल में कराया जाना चाहिए और आवेदन तय सर्जरी की तारीख से कम से कम 15 दिन पहले फाउंडेशन तक पहुंच जाना चाहिए।

इस योजना के लिए आवेदन प्रक्रिया ऑफलाइन है। आवेदक को निर्धारित आवेदन पत्र या अनुमति वाले सादे कागज के प्रारूप में आवेदन करना होता है। इसके साथ जरूरी चिकित्सा अनुमान, आय प्रमाण पत्र, SC/ST प्रमाण पत्र और पहचान प्रमाण जमा करना होता है। आवेदन स्वीकृत होने पर सहायता राशि सीधे संबंधित अस्पताल को दी जाती है। आवेदन से जुड़ी मदद के लिए आवेदक डॉ. अम्बेडकर फाउंडेशन की चिकित्सा सहायता योजना हेल्पलाइन (011-2335 7625 और 011-2335 0576) पर संपर्क कर सकते हैं।

जो पाठक शिक्षा और सामाजिक सशक्तिकरण से जुड़ी अन्य सरकारी सहायता योजनाओं की जानकारी चाहते हैं, वे GovtSchemes.in पर उपलब्ध योजनाएं भी देख सकते हैं। उदाहरण के लिए, उत्तराखंड के पात्र छात्र शिक्षा से जुड़ी आर्थिक सहायता के लिए उत्तराखंड डॉ. भीमराव अम्बेडकर संस्कृत छात्रवृत्ति योजना देख सकते हैं।

योजना के लाभ

डॉ. अम्बेडकर चिकित्सा सहायता योजना पात्र SC और ST मरीजों को गंभीर और जानलेवा बीमारियों के इलाज का खर्च संभालने में मदद करती है। मिलने वाली सहायता इलाज के प्रकार और उसके लिए तय अधिकतम सीमा के अनुसार दी जाती है।

  • पात्र मरीजों को इलाज के लिए ₹3.5 लाख तक की आर्थिक सहायता मिल सकती है।
  • किडनी, हृदय, लिवर, कैंसर और मस्तिष्क से जुड़ी गंभीर बीमारियों के लिए सहायता उपलब्ध है।
  • योजना में किडनी की सर्जरी, डायलिसिस, कैंसर की सर्जरी, कीमोथेरेपी, रेडियोथेरेपी, हृदय की सर्जरी और मस्तिष्क की सर्जरी जैसे प्रमुख इलाज शामिल हैं।
  • निर्धारित शर्तों के अनुसार किडनी और अन्य अंगों के प्रत्यारोपण के लिए भी आर्थिक सहायता दी जाती है।
  • योजना के तहत आने वाली रीढ़ की सर्जरी और अन्य जानलेवा बीमारियों के इलाज के लिए भी चिकित्सा सहायता मिल सकती है।
  • स्वीकृत सहायता राशि मरीज को देने के बजाय सीधे संबंधित अस्पताल को जारी की जाती है।
  • सहायता इलाज की अनुमानित लागत के 100% तक हो सकती है, लेकिन संबंधित इलाज के लिए तय अधिकतम सीमा लागू होगी।
  • यह योजना महंगी सर्जरी या विशेष इलाज कराने वाले पात्र कम आय वाले SC और ST परिवारों पर पड़ने वाले आर्थिक बोझ को कम करने में मदद कर सकती है।

अधिकतम सहायता इलाज के प्रकार के अनुसार अलग-अलग होती है। संशोधित 2026 प्रावधानों के तहत बताई गई अधिकतम सहायता सीमाएं इस प्रकार हैं:

इलाज
अधिकतम सहायता
किडनी की सर्जरी / डायलिसिस
₹3.5 लाख तक
किडनी / अंग प्रत्यारोपण
₹3.5 लाख तक
कैंसर की सर्जरी / कीमोथेरेपी / रेडियोथेरेपी
₹2.5 लाख तक
मस्तिष्क की सर्जरी
₹2 लाख तक
हृदय की सर्जरी
₹1.5 लाख तक
रीढ़ की सर्जरी
₹1.5 लाख तक
अन्य जानलेवा बीमारियां
₹2 लाख तक

नोट: डॉ. अम्बेडकर फाउंडेशन की वेबसाइट पर पुराने योजना दस्तावेजों में पहले की सहायता सीमाएं भी दी गई हैं। आवेदन करने से पहले लागू 2026 दिशानिर्देश जरूर जांचें।

योजना के तहत मान्यता प्राप्त अस्पताल

चिकित्सा सहायता केवल उन्हीं अस्पतालों में इलाज के लिए उपलब्ध है जो योजना के तहत तय मान्यता प्राप्त या पात्र श्रेणी में आते हैं। इसलिए सहायता पर निर्भर रहने से पहले आवेदकों को अस्पताल की पात्रता की पुष्टि कर लेनी चाहिए।

  • अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS), नई दिल्ली और अन्य राज्यों में स्थित AIIMS।
  • योजना के अनुसार लागू CGHS से मान्यता प्राप्त अस्पताल।
  • राज्य सरकार के मेडिकल कॉलेज और उनसे जुड़े अस्पताल।
  • जिला मुख्यालयों और बड़े शहरों में स्थित सरकारी अस्पताल, जहां जरूरी इलाज की सुविधाएं उपलब्ध हों।
  • केंद्र या राज्य सरकार द्वारा पूरी तरह वित्त पोषित अस्पताल।
  • योजना के तहत विशेष रूप से मान्यता प्राप्त या शामिल अन्य अस्पताल।

योजना के दिशानिर्देशों में कुछ विशेष अस्पतालों का भी उल्लेख किया गया है, जिनमें SGPGI, लखनऊ, टाटा मेमोरियल अस्पताल, मुंबई और निजाम्स इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज, हैदराबाद सहित अन्य अस्पताल शामिल हैं।

अस्पतालों की सूची और उनकी पात्रता में बदलाव हो सकता है। इसलिए आवेदन जमा करने से पहले आवेदकों को डॉ. अम्बेडकर फाउंडेशन से संबंधित अस्पताल की वर्तमान स्थिति की पुष्टि कर लेनी चाहिए।

पात्रताएं

डॉ. अम्बेडकर चिकित्सा सहायता योजना के लिए आवेदन करने से पहले आवेदकों को सामाजिक, आय और चिकित्सा से जुड़ी तय शर्तों को पूरा करना जरूरी है। मुख्य पात्रता शर्तें इस प्रकार हैं:

  • आवेदक अनुसूचित जाति (SC) या अनुसूचित जनजाति (ST) समुदाय से होना चाहिए।
  • परिवार की सालाना आय नवीनतम योजना दिशानिर्देशों में तय सीमा के अंदर होनी चाहिए। रिपोर्ट की गई 2026 संशोधित व्यवस्था के अनुसार यह सीमा ₹5 लाख प्रति वर्ष तक है।
  • मरीज को योजना के तहत आने वाली किसी गंभीर या जानलेवा बीमारी के लिए सर्जरी या विशेष इलाज की जरूरत होनी चाहिए।
  • इलाज योजना के तहत मान्यता प्राप्त या पात्र अस्पताल में कराया जाना चाहिए।
  • आवेदन डॉ. अम्बेडकर फाउंडेशन तक तय सर्जरी या इलाज की तारीख से कम से कम 15 दिन पहले पहुंचना चाहिए।
  • आवेदन में जरूरी चिकित्सा, आय, जाति और पहचान से जुड़े दस्तावेज शामिल होने चाहिए।
  • फाउंडेशन और अन्य स्रोतों से मिलने वाली कुल आर्थिक सहायता इलाज की कुल अनुमानित लागत से अधिक नहीं होनी चाहिए।
  • योजना के तहत आमतौर पर पहले से तय इलाज के लिए सहायता दी जाती है। पहले ही किए जा चुके इलाज का खर्च सामान्य रूप से वापस नहीं किया जाता।

आवेदन करने से पहले आवेदकों को डॉ. अम्बेडकर फाउंडेशन के नवीनतम दिशानिर्देश जरूर जांचने चाहिए, क्योंकि आय सीमा, इलाज से जुड़ी शर्तों और अन्य आवश्यकताओं में समय-समय पर बदलाव हो सकता है।

आवश्यक दस्तावेज

डॉ. अम्बेडकर मेडिकल सहायता योजना के तहत आवेदन करने के लिए आवेदक को अपनी पात्रता, इलाज से जुड़ी जानकारी और आर्थिक सहायता की जरूरत को साबित करने के लिए कुछ जरूरी दस्तावेज जमा करने होते हैं। आवेदन करने से पहले निम्नलिखित दस्तावेज तैयार रखें:

  • निर्धारित आवेदन पत्र या निर्धारित प्रारूप में सादे कागज पर किया गया आवेदन।
  • हाल की पासपोर्ट साइज फोटो।
  • संबंधित अस्पताल के मेडिकल सुपरिंटेंडेंट द्वारा जारी और हस्ताक्षरित इलाज की अनुमानित लागत का मूल प्रमाण पत्र, जिसमें सर्जरी या इलाज की प्रस्तावित तारीख दी गई हो।
  • परिवार की वार्षिक आय दर्शाने वाला स्व-प्रमाणित आय प्रमाण पत्र।
  • स्व-प्रमाणित SC/ST जाति प्रमाण पत्र।
  • राशन कार्ड या आधार कार्ड की प्रति।
  • अंग प्रत्यारोपण के मामले में डोनर की जानकारी और मरीज के साथ डोनर के संबंध का प्रमाण।
  • ऐसा प्रमाण पत्र जिसमें यह पुष्टि हो कि फाउंडेशन और अन्य स्रोतों से मिलने वाली कुल आर्थिक सहायता इलाज की अनुमानित लागत से अधिक नहीं है।
  • स्वीकृत चिकित्सा सहायता की राशि ट्रांसफर करने के लिए संबंधित अस्पताल के बैंक खाते की जानकारी।

आवेदन प्रक्रिया

डॉ. अम्बेडकर चिकित्सा सहायता योजना के लिए आवेदन प्रक्रिया ऑफलाइन है। आवेदकों को पहले इलाज की अनुमानित लागत और जरूरी दस्तावेज तैयार करने चाहिए और फिर तय इलाज से पहले पूरा आवेदन डॉ. अम्बेडकर फाउंडेशन को भेजना चाहिए।

  1. सबसे पहले उस मान्यता प्राप्त अस्पताल से प्रस्तावित सर्जरी या इलाज की अनुमानित लागत लें, जहां मरीज का इलाज होना है। अनुमान पर मेडिकल सुपरिंटेंडेंट के हस्ताक्षर होने चाहिए और उसमें सर्जरी की तय तारीख भी लिखी होनी चाहिए।
  2. डॉ. अम्बेडकर चिकित्सा सहायता योजना का आवेदन प्रारूप भरें। योजना के दिशानिर्देश के अनुसार आवेदन सादे कागज पर भी किया जा सकता है, लेकिन उसमें निर्धारित प्रारूप के अनुसार सभी जरूरी जानकारी होनी चाहिए।
  3. आवेदन के साथ जरूरी स्वयं प्रमाणित दस्तावेज लगाएं। इनमें जाति प्रमाण पत्र, आय प्रमाण पत्र, आधार कार्ड या राशन कार्ड और अस्पताल की अनुमानित लागत का प्रमाण पत्र शामिल हैं।
  4. यह जरूर जांच लें कि अनुमानित लागत के प्रमाण पत्र पर मेडिकल सुपरिंटेंडेंट के हस्ताक्षर हैं और उसमें सर्जरी की तय तारीख लिखी गई है।
  5. पूरा भरा हुआ आवेदन और सभी जरूरी दस्तावेज एक साथ रखें और उन्हें डाक से भेजें या डॉ. अम्बेडकर फाउंडेशन में हाथों-हाथ जमा करें।
  6. यह सुनिश्चित करें कि आवेदन फाउंडेशन तक तय सर्जरी की तारीख से कम से कम 15 दिन पहले पहुंच जाए।
  7. इसके बाद फाउंडेशन आवेदन और दस्तावेजों की जांच करता है। यदि आवेदन स्वीकृत हो जाता है, तो पात्र चिकित्सा सहायता तय भुगतान प्रक्रिया के अनुसार सीधे संबंधित अस्पताल को दी जाती है। यह राशि मरीज के व्यक्तिगत बैंक खाते में सीधे ट्रांसफर नहीं की जाती।
  8. सहायता राशि मिलने के बाद अस्पताल को स्वीकृत राशि का उपयोग मंजूर किए गए इलाज के लिए करना होता है और उपयोग प्रमाण पत्र के साथ अंतिम बिल जमा करना होता है। सहायता राशि में बची हुई कोई भी रकम तय अवधि के भीतर फाउंडेशन को वापस करनी होती है।

महत्वपूर्ण: अभी उपलब्ध दिशानिर्देश PDF में आवेदन भेजने का पता, निदेशक, डॉ. अम्बेडकर फाउंडेशन, वेस्ट ब्लॉक-1, विंग-VII, ग्राउंड फ्लोर, आर.के. पुरम, नई दिल्ली – 110066 दिया गया है। वहीं सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय की वर्तमान डायरेक्टरी में DAF के निदेशक का पता दूसरी मंजिल, डॉ. अम्बेडकर इंटरनेशनल सेंटर, 15 जनपथ, नई दिल्ली दिया गया है। आवेदकों को आवेदन डाक से भेजने से पहले 2026 के नवीनतम निर्देशों में दिए गए पते की जांच जरूर करनी चाहिए।

चिकित्सा सहायता कैसे जारी की जाती है?

योजना के तहत मिलने वाली आर्थिक सहायता मरीज को सीधे देने के बजाय अस्पताल के माध्यम से जारी की जाती है। इस प्रक्रिया में स्वीकृत सहायता को प्रस्तावित इलाज की वास्तविक लागत से जोड़ा जाता है।

  • अस्पताल प्रस्तावित सर्जरी या इलाज की अनुमानित लागत उपलब्ध कराता है।
  • अनुमानित लागत को मेडिकल सुपरिंटेंडेंट या अधिकृत अस्पताल अधिकारी द्वारा प्रमाणित किया जाना चाहिए।
  • फाउंडेशन पात्र इलाज और लागू अधिकतम सीमा के अनुसार सहायता स्वीकृत करता है।
  • स्वीकृत राशि तय भुगतान प्रक्रिया के अनुसार सीधे संबंधित अस्पताल को जारी की जाती है।
  • अस्पताल स्वीकृत राशि का उपयोग मंजूर किए गए इलाज के लिए करता है।
  • इलाज के बाद अस्पताल योजना के अनुसार उपयोग प्रमाण पत्र और अंतिम बिल जमा करता है।
  • जो भी राशि खर्च नहीं होती है, उसे तय प्रक्रिया के अनुसार फाउंडेशन को वापस करना होता है।

नोट: आवेदकों को आमतौर पर स्वीकृत चिकित्सा सहायता नकद या उनके व्यक्तिगत बैंक खाते में सीधे नहीं मिलती। स्वीकृत राशि सीधे संबंधित अस्पताल को जारी की जाती है।

महत्वपूर्ण लिंक

संपर्क जानकारी

योजना, आवेदन प्रक्रिया और जरूरी दस्तावेजों से जुड़ी जानकारी के लिए आवेदक डॉ. अम्बेडकर फाउंडेशन से सीधे संपर्क कर सकते हैं।

डॉ. अम्बेडकर फाउंडेशन

डॉ. अम्बेडकर फाउंडेशन की आधिकारिक संपर्क जानकारी में चिकित्सा सहायता योजना से जुड़े सवालों के लिए 011-2335 7625 और 011-2335 0576 नंबर दिए गए हैं। फाउंडेशन की योजनाओं से जुड़े पेज पर योजना के संपर्क के लिए [email protected] ईमेल दिया गया है, जबकि निदेशक कार्यालय का ईमेल [email protected] है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

डॉ. अम्बेडकर मेडिकल सहायता योजना गंभीर और जानलेवा बीमारियों के इलाज के लिए पात्र SC और ST मरीजों को आर्थिक सहायता प्रदान करती है।
 

पात्र मरीजों को इलाज के लिए अधिकतम ₹3.5 लाख तक की चिकित्सा सहायता मिल सकती है।
 

यह योजना गंभीर बीमारियों के इलाज की जरूरत वाले पात्र अनुसूचित जाति (SC) और अनुसूचित जनजाति (ST) के मरीजों के लिए है।
 

योजना के तहत हृदय, किडनी, कैंसर, मस्तिष्क, अंग प्रत्यारोपण, रीढ़ की सर्जरी और अन्य गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए सहायता दी जाती है।
 

सहायता अनुमानित इलाज लागत के 100% तक हो सकती है, लेकिन संबंधित बीमारी के लिए निर्धारित अधिकतम सीमा के अधीन रहती है।
 

नहीं। स्वीकृत सहायता सामान्यतः सीधे संबंधित अस्पताल को जारी की जाती है।
 

सामान्यतः इलाज पूरा होने के बाद खर्च की प्रतिपूर्ति नहीं की जाती है। इसलिए नियोजित इलाज या सर्जरी से पहले आवेदन करना जरूरी है।
 

आवेदन पत्र, फोटो, अस्पताल का अनुमानित लागत प्रमाण पत्र, आय प्रमाण पत्र, SC/ST जाति प्रमाण पत्र, राशन कार्ड या आधार कार्ड और अस्पताल के बैंक खाते की जानकारी जैसे दस्तावेज जरूरी होते हैं।
 

योजना के लिए आवेदन ऑफलाइन किया जाता है। आवेदक निर्धारित आवेदन पत्र या निर्धारित प्रारूप में सादे कागज पर आवेदन जमा कर सकता है।
 

नियोजित सर्जरी या इलाज की तारीख से कम से कम 15 दिन पहले आवेदन फाउंडेशन तक पहुंच जाना चाहिए।
 

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