- बीसी और ओबीसी युवाओं को आर्मी, पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियो में शामिल होने के लिए निःशुल्क आवासीय प्रशिक्षण।
- युवक को 1,000 रुपये और महिलाओं को 1,100 प्रति माह का स्टाइपेंड।
योजना का अवलोकन | |
|---|---|
| योजना का नाम | मध्य प्रदेश शौर्य संकल्प प्रशिक्षण योजना 2026 |
| शुरुआत का वर्ष | मार्च 2026 |
| लाभ | सेना, पुलिस एवं सुरक्षा सेवाओं में भर्ती के लिए 45 दिनों का निःशुल्क आवासीय प्रशिक्षण। |
| लाभार्थी | राज्य के पिछड़ा वर्ग और अन्य पिछड़ा वर्ग के युवक एवं युवती |
| सब्सक्रिप्शन | योजना की निरंतर जानकारी के लिए यहाँ सब्सक्राइब करे। |
| आवेदन का तरीका | योजना के आवेदन ऑफलाइन माध्यम से स्वीकारे जाएंगे। |
योजना के बारे में
मध्य प्रदेश सरकार के पिछड़ा वर्ग तथा अल्पसंख्यक कल्याण विभाग ने 23 मार्च 2026 को अपनी मंत्रिमंडल बैठक में शौर्य संकल्प प्रशिक्षण योजना 2026 को मंजूरी दी। यह एक ऐतिहासिक कदम है जो अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) और पिछड़ा वर्ग (बीसी) के युवाओं को सशस्त्र बलों, पुलिस, होमगार्ड और अन्य सुरक्षा एजेंसियों में भर्ती के लिए आवश्यक कौशल और प्रशिक्षण प्रदान करता है।
इस योजना का नाम बहुत अर्थपूर्ण है। 'शौर्य' का अर्थ है वीरता और साहस, जो सुरक्षा बलों का मूल आधार है। 'संकल्प' का मतलब है दृढ़ निश्चय और आत्मविश्वास, जो कठिन परिस्थितियों में काम आता है। और 'प्रशिक्षण' का अर्थ है कौशल विकास और क्षमता वृद्धि। ये तीनों मिलकर प्रदेश के युवाओं को देश की सेवा में एक मजबूत और सक्षम सैनिक या पुलिस कर्मी बनाने का मार्ग प्रशस्त करते हैं।
मध्य प्रदेश में काफी प्रतिभाशाली और सक्षम युवा हैं, लेकिन उन्हें सैन्य भर्ती के लिए विशेष प्रशिक्षण नहीं मिल पाता। इसी समस्या को दूर करने के लिए यह योजना शुरू की गई है। इससे न केवल स्थानीय युवाओं को रोजगार के बेहतर अवसर मिलेंगे, बल्कि सेना और सुरक्षा बलों को भी प्रशिक्षित और योग्य जवान मिलेंगे। यह योजना राष्ट्रीय सुरक्षा और स्थानीय विकास दोनों को मजबूत करेगी।
इसी योजना के समान एक और योजना सरकार द्वारा वर्ष 2025 में शुरू की गई थी, जिसे एमपी पार्थ योजना के नाम से जाना जाता है।
शौर्य संकल्प प्रशिक्षण योजना योजना की विशेषता यह है कि यह पूरी तरह निःशुल्क है। कोई भी युवा, चाहे आर्थिक रूप से कमजोर हो, प्रशिक्षण प्राप्त कर सकता है। सरकार न केवल प्रशिक्षण देती है, बल्कि रहने-खाने और छात्रवृत्ति भी प्रदान करती है। महिलाओं को विशेष महत्व दिया गया है और योजना में 35 प्रतिशत सीटें उनके लिए आरक्षित की गई हैं।
प्रारंभिक चरण में यह योजना मध्य प्रदेश के 20 जिलों में संचालित की जा रही है, जहां 40 प्रशिक्षण केंद्र स्थापित किए गए हैं। प्रत्येक जिले में पुरुष और महिलाओं के लिए अलग-अलग प्रशिक्षण केंद्र हैं ताकि सभी को सुरक्षित और उपयुक्त वातावरण मिले। प्रदेश सरकार का महत्वाकांक्षी लक्ष्य अगले तीन वर्षों में प्रतिवर्ष 4,000 युवाओं को प्रशिक्षित करना है। भविष्य में जब इस योजना की सफलता स्पष्ट हो जाएगी, तो इसे प्रदेश के सभी जिलों में विस्तृत किया जाएगा।
यह सुनिश्चित करने के लिए कि कोई भी युवा आर्थिक कठिनाई के कारण प्रशिक्षण से वंचित न रहे, सरकार प्रशिक्षण अवधि के दौरान पुरुष प्रशिक्षुओं को 1,000 रूपये और महिला प्रशिक्षुओं को 1,100 रूपये प्रतिमाह छात्रवृत्ति भी प्रदान करेगी।
यह योजना केवल प्रशिक्षण तक सीमित नहीं है। इसका उद्देश्य युवाओं में राष्ट्रप्रेम, अनुशासन और कर्तव्य बोध का विकास करना भी है। 45 दिन की इस अवधि में युवा न केवल शारीरिक और बौद्धिक प्रशिक्षण पाते हैं, बल्कि एक सैनिक की मानसिकता और दायित्व बोध भी विकसित करते हैं। यह उन्हें भविष्य में सैन्य या पुलिस सेवा में सफल होने के लिए तैयार करता है।
योजना के लाभ
- सेना, पुलिस, होम गार्ड और अन्य सुरक्षा बलों में भर्ती की तैयारी हेतु 45 दिन का निःशुल्क आवासीय प्रशिक्षण
- अगले तीन वर्षों तक प्रतिवर्ष 4,000 युवाओं को प्रशिक्षण दिया जाएगा।
- 35 प्रतिशत सीटें महिला आवेदकों के लिए आरक्षित हैं।
- प्रशिक्षण अवधि के दौरान पुरुष प्रशिक्षुओं को 1,000 रूपये और महिला प्रशिक्षुओं को 1,100 रूपये प्रतिमाह छात्रवृत्ति।
- प्रशिक्षण प्रदेश के 20 जिलों में 40 प्रशिक्षण केंद्र
- प्रशिक्षण अवधि के दौरान सभी प्रशिक्षुओं को निःशुल्क आवास और भोजन की सुविधा।
पात्रताएं
- मध्य प्रदेश का स्थायी निवासी होना अनिवार्य
- ओबीसी/बीसी श्रेणी से संबंधित (नॉन-क्रीमिलेयर)
- न्यूनतम 12वीं पास
- पुरुषों की न्यूनतम ऊंचाई 168 सेमी, महिलाओं की 155 सेमी
- सैन्य भर्ती के लिए आवश्यक शारीरिक मापदंड को पूरा करना जरूरी
- फ्लैट फुट, नॉक-नी या अन्य शारीरिक विकार नहीं होने चाहिए
- दृष्टि, जबड़े और सामान्य स्वास्थ्य संतोषजनक होना चाहिए
- सैन्य भर्ती के लिए निर्धारित आयु सीमा के अंदर होना चाहिए
आवश्यक दस्तावेज
- आधार कार्ड
- जाति प्रमाण पत्र (ओबीसी/बीसी)
- नॉन-क्रीमिलेयर प्रमाण पत्र
- मूल निवास प्रमाण पत्र
- 12वीं का अंकतालिका
- पासपोर्ट साइज फोटो
- बैंक खाता की जानकारी
प्रशिक्षण की विवरण
प्रशिक्षण अवधि 45 दिन की होती है, जो पूरी तरह आवासीय होता है। प्रशिक्षण में दो भाग होते हैं - सैद्धांतिक और व्यावहारिक। सैद्धांतिक प्रशिक्षण में सामान्य ज्ञान, तर्कशक्ति, गणित, कंप्यूटर और अंग्रेजी दी जाती है, जो प्रतिदिन 4 घंटे होता है।
व्यावहारिक प्रशिक्षण में दौड़ना, ऊंची कूद, लंबी कूद, गोला फेंक, भाला फेंक जैसी सैन्य गतिविधियां शामिल हैं। यह प्रशिक्षण प्रतिदिन सुबह और शाम 3-3 घंटे होता है। विशेषज्ञ प्रशिक्षकों के निर्देशन में यह प्रशिक्षण दिया जाता है।
योजना में शामिल जिले
प्रारंभ में मध्य प्रदेश के 20 जिलों में यह योजना संचालित की जा रही है। इनमें भोपाल, इंदौर, उज्जैन, सागर, जबलपुर, ग्वालियर, शहडोल, रीवा, नर्मदापुरम, मुरैना, रायसेन, खंडवा, मंदसौर, टीकमगढ़, छिंदवाड़ा, गुना, अनूपपुर, सतना, बैतूल और भिंड शामिल हैं।
प्रत्येक जिले में पुरुष और महिलाओं के लिए अलग-अलग प्रशिक्षण केंद्र हैं। कुल 40 प्रशिक्षण केंद्र हैं जहां प्रति केंद्र 100 अभ्यर्थियों को प्रशिक्षण दिया जाएगा।
लाभ लेने की प्रक्रिया
- मध्य प्रदेश शौर्य संकल्प प्रशिक्षण योजना के आवेदन पत्र आप ऑफलाइन माध्यम से जमा कर सकते है।
- शौर्य संकल्प प्रशिक्षण योजना आवेदन पत्र www.bcwelfare.mp.gov.in से डाउनलोड करें या अपने जिले के सहायक संचालक कार्यालय (पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण) से प्राप्त करें।
- आवेदन पत्र को पूरी तरह सावधानीपूर्वक भरें और सभी जानकारी सही और स्पष्ट लिखें।
- आधार कार्ड, जाति प्रमाण पत्र, नॉन-क्रीमिलेयर प्रमाण पत्र, मूल निवास प्रमाण पत्र, 12वीं अंकतालिका और पासपोर्ट साइज फोटो की स्व-सत्यापित प्रतियां संलग्न करें।
- पूरी तरह भरे हुए आवेदन पत्र को सभी दस्तावेजों के साथ अपने जिले के सहायक संचालक कार्यालय में जमा करें। आप किसी भी समर्थित जिले में आवेदन कर सकते हैं।
- आवेदन कार्यालय समय (सुबह 9 बजे से शाम 6 बजे तक) के दौरान जमा किए जाते हैं। आवेदन जमा करते समय रसीद प्राप्त करें।
- जिला स्तरीय चयन समिति 12वीं के अंकों के आधार पर अभ्यर्थियों का चयन करती है। समान अंकों में अधिक आयु वाले को वरीयता दी जाती है।
- चयनित अभ्यर्थियों को एसएमएस और ईमेल के माध्यम से सूचित किया जाता है।
- आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह ऑफलाइन और निःशुल्क है। कोई शुल्क नहीं है।
- योजना के आवेदन पत्र अंतिम तिथि यानी 11 मई 2026 (शाम 6 बजे) से पहले अवश्य जमा कर दें।
आवेदन से संबंधित महत्वपूर्ण बातें:
- आवेदन पत्र पूरी तरह साफ-सुथरे और स्पष्ट हिंदी या अंग्रेजी में भरें।
- सभी दस्तावेजों की फोटोकॉपी मूल के साथ लाकर मिलान करवाएं, फिर उन पर हस्ताक्षर करें।
- जाति प्रमाण पत्र और नॉन-क्रीमिलेयर प्रमाण पत्र सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी होने चाहिए।
- आवेदन जमा करते समय पेन (ballpoint pen) से हस्ताक्षर करें, पेंसिल से नहीं।
- अपना एक वर्तमान मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी दें जिससे आपसे संपर्क किया जा सके।
- गलत या अधूरे आवेदन को खारिज कर दिया जाता है, इसलिए बहुत सावधानी से भरें।
- आवेदन जमा करने के बाद आप अपने जिले के कार्यालय में भी आवेदन की स्थिति के बारे में पूछ सकते हैं।
- यदि आप 20 समर्थित जिलों में से किसी भी जिले में आवेदन करते हैं, तो आप किसी भी जिले के प्रशिक्षण केंद्र में प्रशिक्षण प्राप्त कर सकते हैं।
- देरी से आवेदन स्वीकार नहीं किए जाते, इसलिए निर्धारित तिथि से पहले आवेदन जमा कर दें।
- आवेदन शुल्क बिल्कुल नहीं है - यह पूरी तरह निःशुल्क है।
महत्वपूर्ण लिंक
- एमपी शौर्य संकल्प प्रशिक्षण योजना आवेदन फॉर्म।
- एमपी शौर्य संकल्प प्रशिक्षण योजना दिशानिर्देश (पिछड़ा वर्ग)
- एमपी शौर्य संकल्प प्रशिक्षण योजना दिशानिर्देश (अन्य पिछड़ा वर्ग)
- शौर्य संकल्प प्रशिक्षण योजना विवरण।
- एमपी पिछड़ा वर्ग तथा अल्पसंख्यक कल्याण विभाग।
संपर्क करने का विवरण
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
शौर्य संकल्प प्रशिक्षण योजना मध्यप्रदेश सरकार द्वारा वर्ष 2026 में शुरू की गई एक योजना है, जिसका उद्देश्य ओबीसी युवाओं को सेना, पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियो में निःशुल्क आवासीय प्रशिक्षण प्रदान करना है।
मध्यप्रदेश के स्थायी निवासी ओबीसी (अन्य पिछड़ा वर्ग) के ऐसे युवा एवं युवतियाँ, जो सुरक्षा बलों में भर्ती के लिए निर्धारित आयु और शैक्षणिक योग्यता की बुनियादी शर्तें पूरी करते हों।
नहीं। प्रशिक्षण का सम्पूर्ण खर्च मध्यप्रदेश सरकार वहन करती है। प्रशिक्षणार्थियों को कोई शुल्क नहीं देना होता। इसके अतिरिक्त, प्रशिक्षण अवधि के दौरान युवको को प्रतिमाह 1,000 रूपये अथवा युवतियों को 1,100 रूपये की छात्रवृत्ति भी प्रदान की जाती है।
यह योजना ओबीसी युवाओं को भारतीय सेना, राज्य पुलिस, होम गार्ड तथा अन्य सुरक्षा एवं रक्षा एजेंसियों में भर्ती के लिए प्रशिक्षित करती है।
शौर्य संकल्प प्रशिक्षण योजना के अंतर्गत सरकार का लक्ष्य प्रतिवर्ष 4,000 ओबीसी युवाओं को प्रशिक्षित करना है।
शौर्य संकल्प प्रशिक्षण योजना के आवेदन पत्र आप ऑफलाइन माध्यम से जमा कर सकते है।
नहीं आवेदन जमा करने का किसी भी प्रकार का शुल्क छात्रों से नहीं लिया जाएगा।
योजना के आवेदन जमा करने की अंतिम तिथि 11 मई 2026 निर्धारित है।
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