राजस्थान मुख्यमंत्री फेलोशिप कार्यक्रम (CMFP)

द्वारा प्रस्तुत shivanibanduni… on Fri, 09/10/2026 - 10:55
Bhajan Lal Sharma CM Rajasthan
Scheme Open
Mukhyamantri Fellowship Program Rajasthan Image
हाइलाइट
  • चयनित फेलो को ₹60,000 मासिक वजीफा और ₹5,000 का अतिरिक्त भत्ता दिया जाता है।
  • इस कार्यक्रम के अंतर्गत मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) या आवंटित विभागों में कुल 50 फेलोशिप पद उपलब्ध हैं।
  • फेलोशिप की प्रारंभिक अवधि एक वर्ष है, जिसे अधिकतम दो वर्ष तक बढ़ाया जा सकता है।
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योजना का अवलोकन
योजना का नामराजस्थान मुख्यमंत्री फेलोशिप कार्यक्रम (CMFP)
लाभ₹65,000 मासिक फेलोशिप राशि एवं सरकारी कार्यों का व्यावहारिक अनुभव
लाभार्थीपात्र एवं उच्च शैक्षणिक योग्यता रखने वाले युवा अभ्यर्थी
नोडल विभागआर्थिक एवं सांख्यिकी निदेशालय, राजस्थान
सब्सक्रिप्शनयोजना की निरंतर जानकारी के लिए यहाँ सब्सक्राइब करे।
आवेदन का तरीकाराजस्थान SSO पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन

योजना के बारे में

राजस्थान मुख्यमंत्री फेलोशिप कार्यक्रम (CMFP) राजस्थान सरकार की एक फेलोशिप पहल है, जिसके माध्यम से प्रतिभाशाली और उच्च शिक्षित युवाओं को राज्य के प्रशासनिक कार्यों से जुड़ने का अवसर प्रदान किया जाता है। राज्य सरकार ने इस कार्यक्रम की शुरुआत सरकारी सेवाओं और योजनाओं के क्रियान्वयन में नवीनता एवं नवाचार को बढ़ावा देने के उद्देश्य से की है, ताकि युवा अपनी नई सोच और आधुनिक कार्यप्रणालियों के माध्यम से प्रशासनिक व्यवस्था को बेहतर बनाने में योगदान दे सकें। CMFP का प्रशासनिक विभाग आयोजना विभाग है, जबकि जयपुर स्थित आर्थिक एवं सांख्यिकी निदेशालय (DES) इसकी कार्यान्वयन एजेंसी के रूप में कार्य करता है।

सरकार ने मुख्यमंत्री फेलोशिप कार्यक्रम की शुरुआत युवाओं की ऊर्जा, प्रतिभा और विविध अनुभवों का उपयोग नीति निर्माण तथा विभागीय समन्वय में करने के उद्देश्य से की है। इसके अंतर्गत सरकारी योजनाओं में नवाचार को प्रोत्साहित किया जाता है, ताकि योजनाओं का लाभ अधिक से अधिक लोगों तक पहुँच सके। साथ ही, सरकारी कार्यक्रमों का स्वतंत्र एवं आलोचनात्मक विश्लेषण करके उनके प्रदर्शन में सुधार के लिए सुझाव प्राप्त करना भी इसका एक प्रमुख उद्देश्य है। यह कार्यक्रम युवाओं में सार्वजनिक सेवा वितरण प्रणाली के प्रति रुचि विकसित करने, लोक प्रशासन के क्षेत्र में उनके शोध एवं मूल्यांकन कौशल को बेहतर बनाने तथा संचार के नए तरीकों और मीडिया उपकरणों के माध्यम से विभिन्न हितधारकों के बीच संवाद को मजबूत करने पर भी केंद्रित है। इस प्रकार, सरकार को नई सोच और उपयोगी सुझाव मिलते हैं, जबकि फेलो को परियोजनाओं के क्रियान्वयन और सरकारी कार्यप्रणाली का प्रत्यक्ष अनुभव प्राप्त होता है।

CMFP-2025 के दिशा-निर्देशों के अनुसार, राज्य सरकार इस कार्यक्रम के अंतर्गत 50 फेलो नियुक्त करती है। इन फेलो को मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) या मुख्यमंत्री कार्यालय द्वारा आवंटित विभागों में तैनात किया जाता है। प्रत्येक फेलो को ₹60,000 प्रतिमाह वजीफा और कनेक्टिविटी तथा आवागमन संबंधी सहायता के लिए ₹5,000 प्रतिमाह अतिरिक्त भत्ता दिया जाता है। इस प्रकार, कुल मासिक भुगतान ₹65,000 होता है। फेलोशिप की प्रारंभिक अवधि एक वर्ष है, जिसे छह-छह महीने के अंतराल पर अधिकतम एक अतिरिक्त वर्ष तक बढ़ाया जा सकता है। इसकी कुल अवधि दो वर्ष से अधिक नहीं हो सकती। फेलो को प्रत्येक कैलेंडर वर्ष में 12 दिन का अवकाश भी मिलता है। फेलोशिप सफलतापूर्वक पूरी करने और अंतिम रिपोर्ट स्वीकृत होने के बाद आयोजना विभाग द्वारा फेलोशिप पूर्णता प्रमाणपत्र प्रदान किया जाता है।

इस कार्यक्रम के अंतर्गत फेलो मुख्यमंत्री कार्यालय या उस विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव (ACS), प्रमुख शासन सचिव अथवा शासन सचिव को रिपोर्ट करते हैं, जहाँ उनकी तैनाती की गई है। वे सौंपे गए कार्यों को पूरा करते हैं और मासिक प्रगति रिपोर्ट (Monthly Progress Report – MPR) प्रस्तुत करते हैं। उपस्थिति और मासिक प्रगति रिपोर्ट के आधार पर आर्थिक एवं सांख्यिकी निदेशालय महीने की समाप्ति के 15 दिनों के भीतर वजीफा जारी करता है। पात्रता के लिए अभ्यर्थी की आयु 1 जनवरी 2026 को 28 वर्ष से अधिक नहीं होनी चाहिए। साथ ही, उसके पास न्यूनतम 65% अंकों या 10 में से 7 CGPA के साथ स्नातकोत्तर डिग्री होनी चाहिए अथवा इंजीनियरिंग, मेडिकल, चार्टर्ड अकाउंटेंसी (CA), कंपनी सेक्रेटरी (CS) या विधि जैसे किसी व्यावसायिक पाठ्यक्रम में स्नातक की डिग्री होनी चाहिए। यह एक पूर्णकालिक फेलोशिप है, सरकारी नौकरी नहीं, और इससे अस्थायी या स्थायी सरकारी रोजगार की कोई गारंटी नहीं मिलती।

राजस्थान मुख्यमंत्री फेलोशिप कार्यक्रम के अतिरिक्त, राजस्थान सरकार मुख्यमंत्री युवा संबल योजना भी संचालित करती है। इस योजना के अंतर्गत पात्र पुरुष स्नातकों को ₹4,000 प्रतिमाह और महिला, ट्रांसजेंडर तथा दिव्यांग स्नातकों को ₹4,500 प्रतिमाह बेरोजगारी भत्ता प्रदान किया जाता है। यह भत्ता अधिकतम दो वर्ष तक दिया जाता है। इसके लिए रोजगार कार्यालय में पंजीकरण, परिवार की वार्षिक आय ₹2 लाख से कम होना तथा अन्य निर्धारित पात्रता शर्तें पूरी करना आवश्यक है। इस योजना की विस्तृत जानकारी संबंधित लिंक पर देखी जा सकती है।

मुख्यमंत्री फेलोशिप कार्यक्रम के लाभ

राजस्थान मुख्यमंत्री फेलोशिप कार्यक्रम (CMFP) के अंतर्गत चयनित फेलो को निम्नलिखित लाभ एवं सुविधाएँ प्रदान की जाती हैं।

  • मासिक वजीफा: ₹60,000 प्रतिमाह।
  • अतिरिक्त भत्ता: कनेक्टिविटी, आवागमन तथा अन्य संबंधित आवश्यकताओं के लिए ₹5,000 प्रतिमाह।
  • कुल मासिक भुगतान: दिशा-निर्देशों में निर्धारित शर्तों के अधीन ₹65,000।
  • भुगतान की समय-सीमा: उपस्थिति और मासिक प्रगति रिपोर्ट के आधार पर महीने की समाप्ति के 15 दिनों के भीतर आर्थिक एवं सांख्यिकी निदेशालय द्वारा भुगतान किया जाता है।
  • कर कटौती: नियमों के अनुसार निदेशालय द्वारा स्रोत पर आयकर (TDS) काटा जाता है और TDS प्रमाणपत्र जारी किया जाता है।
  • फेलोशिप की अवधि: एक वर्ष, जिसे छह-छह महीने के अंतराल पर अधिकतम एक अतिरिक्त वर्ष तक बढ़ाया जा सकता है।
  • सरकारी कार्यों का अनुभव: मुख्यमंत्री कार्यालय या राज्य सरकार के किसी विभाग में नीति निर्माण, कार्यक्रम क्रियान्वयन और लोक प्रशासन से संबंधित कार्यों का प्रत्यक्ष अनुभव मिलता है।
  • अभिमुखीकरण कार्यक्रम: चयन के बाद राज्य स्तर पर एक सप्ताह का अभिमुखीकरण (Orientation) कार्यक्रम आयोजित किया जाता है।
  • अवकाश: प्रत्येक कैलेंडर वर्ष में 12 दिन का अवकाश।
  • फेलोशिप पूर्णता प्रमाणपत्र: फेलोशिप सफलतापूर्वक पूरी करने और अंतिम रिपोर्ट स्वीकृत होने के बाद आयोजना विभाग द्वारा प्रमाणपत्र दिया जाता है।
  • अनुभव प्रमाणपत्र: कम-से-कम छह महीने की फेलोशिप पूरी करने वाले फेलो अनुभव प्रमाणपत्र प्राप्त करने के पात्र होते हैं।

फेलोशिप में शामिल नहीं होने वाली सुविधाएँ

अभ्यर्थियों को फेलोशिप की निम्नलिखित सीमाओं और शर्तों की जानकारी भी होनी चाहिए।

  • CMFP सरकारी नौकरी नहीं है और इससे अस्थायी या स्थायी रोजगार की गारंटी नहीं मिलती।
  • फेलोशिप के दौरान या इसके पूरा होने के बाद फेलो को मुख्यमंत्री कार्यालय, आर्थिक एवं सांख्यिकी निदेशालय या किसी अन्य विभाग का कर्मचारी नहीं माना जाता।
  • साक्षात्कार में शामिल होने या फेलोशिप के दौरान यात्रा भत्ता (TA) अथवा दैनिक भत्ता (DA) नहीं दिया जाता।
  • चिकित्सा बीमा, चिकित्सा खर्च की प्रतिपूर्ति या राजस्थान गवर्नमेंट हेल्थ स्कीम (RGHS) का लाभ उपलब्ध नहीं है। दुर्घटना या बीमारी से संबंधित खर्चों की जिम्मेदारी भी विभाग की नहीं होगी।
  • कार्यालय समय के बाद या शनिवार, रविवार तथा सरकारी अवकाश के दिनों में कार्य करने के लिए अतिरिक्त भुगतान नहीं किया जाता।
  • यदि कोई फेलो पहले महीने के भीतर फेलोशिप छोड़ देता है, तो उसे वजीफा नहीं दिया जाता।

फेलो की भूमिकाएँ एवं जिम्मेदारियाँ

फेलोशिप की अवधि के दौरान प्रत्येक फेलो को निम्नलिखित जिम्मेदारियों का निर्वहन करना होता है।

  • मुख्यमंत्री कार्यालय या संबंधित विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव, प्रमुख शासन सचिव अथवा शासन सचिव द्वारा सौंपे गए कार्यों को पूरा करना।
  • मुख्यमंत्री कार्यालय अथवा आर्थिक एवं सांख्यिकी निदेशालय को मासिक प्रगति रिपोर्ट (MPR) प्रस्तुत करना।
  • अपने लिए लैपटॉप और डेटा कार्ड अथवा इंटरनेट सुविधा की व्यवस्था स्वयं करना।
  • मुख्यमंत्री कार्यालय या संबंधित विभागाध्यक्ष द्वारा निर्धारित अन्य कार्यों और उद्देश्यों पर काम करना।
  • फेलोशिप की अंतिम तिमाही के दौरान सुझावों और आवश्यक संशोधनों को शामिल करते हुए अंतिम परियोजना रिपोर्ट प्रस्तुत करना।
  • कार्यालय की उपस्थिति संबंधी नियमों और नियमित कार्य समय का पालन करना।

पात्रताएं

मुख्यमंत्री फेलोशिप कार्यक्रम के लिए आवेदन करने से पहले अभ्यर्थी को निम्नलिखित सभी पात्रता शर्तें पूरी करनी होंगी।

  • 1 जनवरी 2026 को अभ्यर्थी की आयु 28 वर्ष से अधिक नहीं होनी चाहिए। अर्थात अभ्यर्थी का जन्म 1 जनवरी 1998 से पहले नहीं हुआ होना चाहिए।
  • अभ्यर्थी के पास न्यूनतम 65% अंकों या 10 में से 7 CGPA के साथ स्नातकोत्तर डिग्री होनी चाहिए। इसके विकल्प के रूप में इंजीनियरिंग, मेडिकल, चार्टर्ड अकाउंटेंसी (CA), कंपनी सेक्रेटरी (CS) या विधि जैसे व्यावसायिक पाठ्यक्रम में स्नातक की डिग्री भी स्वीकार्य है।
  • हिंदी और अंग्रेजी पढ़ने, बोलने, लिखने तथा समझने का अच्छा ज्ञान होना चाहिए।
  • अभ्यर्थी में उत्कृष्ट संवाद क्षमता, प्रस्तुतीकरण कौशल, पारस्परिक व्यवहार और अन्य सॉफ्ट स्किल्स होनी चाहिए।
  • अभ्यार्थी को सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी (ICT), MS Office के Word, Excel और PowerPoint तथा AI टूल्स का अच्छा ज्ञान होना चाहिए।
  • अभ्यार्थी को फेलोशिप के दौरान पूर्णकालिक रूप से कार्य करना होगा और किसी अन्य एजेंसी से पारिश्रमिक प्राप्त नहीं किया जा सकता।

आवश्यक दस्तावेज

ग्रुप डिस्कशन और व्यक्तिगत साक्षात्कार के समय अभ्यर्थियों को निम्नलिखित दस्तावेज प्रमाण के रूप में प्रस्तुत करने होंगे।

  • आयु प्रमाणपत्र या आयु का अन्य मान्य प्रमाण
  • शैक्षणिक योग्यता का प्रमाण
  • जहाँ लागू हो, वहाँ कार्य अनुभव का प्रमाण
  • चयनित फेलो को कार्यभार ग्रहण करते समय हस्ताक्षरित अंडरटेकिंग (परिशिष्ट-A) प्रस्तुत करनी होगी

आवेदन प्रक्रिया

CMFP के लिए आवेदन राजस्थान SSO पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन किया जाता है। आवेदन करने के लिए निम्नलिखित चरणों का पालन करें।

  • राजस्थान SSO पोर्टल पर जाएँ।
  • अपनी SSO ID और पासवर्ड की सहायता से लॉगिन करें।
  • Citizen Apps (G2C) अनुभाग में जाकर मुख्यमंत्री फेलोशिप कार्यक्रम का विकल्प चुनें।
  • ऑनलाइन आवेदन फॉर्म में सभी आवश्यक विवरण सही-सही भरें।
  • अंतिम रूप से आवेदन जमा करने से पहले सभी जानकारियों की सावधानीपूर्वक जाँच कर लें।
  • निर्धारित अंतिम तिथि के भीतर आवेदन फॉर्म जमा कर दें।

कैंपस प्लेसमेंट के माध्यम से चयन

  • फेलो का चयन विश्वविद्यालयों और शैक्षणिक संस्थानों के माध्यम से कैंपस प्लेसमेंट प्रक्रिया द्वारा किया जाता है।
  • कार्यक्रम कार्यान्वयन समिति (Program Implementation Committee – PIC) कैंपस प्लेसमेंट के लिए विश्वविद्यालयों और शैक्षणिक संस्थानों का चयन करती है।
  • कैंपस चयन की प्रक्रिया और उसके संचालन का तरीका PIC द्वारा निर्धारित किया जाता है।
  • साक्षात्कार बोर्ड का गठन किस प्रकार किया जाएगा, इसका निर्णय भी PIC करती है।
  • दिशा-निर्देशों में ग्रुप डिस्कशन (GD) और व्यक्तिगत साक्षात्कार (PI) के लिए बोर्ड गठित करने का प्रावधान है।
  • अभ्यर्थियों का मूल्यांकन उनकी पात्रता से संबंधित दस्तावेजों, ग्रुप डिस्कशन और साक्षात्कार के आधार पर किया जाता है।

चयन प्रक्रिया एवं मेरिट सूची

चयन बोर्ड अभ्यर्थियों का मूल्यांकन करके अंतिम चयन सूची तैयार करता है। इसकी प्रमुख बातें निम्नलिखित हैं।

  • अभ्यर्थियों के व्यक्तित्व, दृष्टिकोण, संचार कौशल, विषय संबंधी ज्ञान और अन्य व्यक्तिगत गुणों का मूल्यांकन किया जाता है।
  • चयन पात्रता संबंधी दस्तावेजों, ग्रुप डिस्कशन और साक्षात्कार के आधार पर किया जाता है।
  • वास्तविक आवश्यकता की 1.5 गुना संख्या के बराबर अभ्यर्थियों की संयुक्त मेरिट सूची तैयार कर उन्हें सफल घोषित किया जाता है।
  • प्रतीक्षा सूची में 25 अभ्यर्थियों को रखा जाता है। यह प्रतीक्षा सूची छह महीने बाद स्वतः समाप्त हो जाती है।

कार्यभार ग्रहण करना एवं तैनाती

चयनित अभ्यर्थियों को चयन के बाद निम्नलिखित प्रक्रियाओं से गुजरना होता है।

  • प्रत्येक फेलो की तैनाती कहाँ की जाएगी, इसका निर्णय मुख्यमंत्री कार्यालय करता है।
  • फेलोशिप स्वीकृत होने के एक महीने के भीतर चयनित अभ्यर्थी को कार्यभार ग्रहण करना होता है।
  • कार्यभार ग्रहण करते समय फेलो को आयोजना विभाग अथवा आर्थिक एवं सांख्यिकी निदेशालय में अंडरटेकिंग (परिशिष्ट-A) जमा करनी होती है।
  • फेलो को राज्य स्तर पर आयोजित एक सप्ताह के अभिमुखीकरण कार्यक्रम में भाग लेना होता है।
  • मुख्यमंत्री कार्यालय या संबंधित विभाग फेलो की वार्षिक कार्ययोजना, अपेक्षित कार्य परिणामों और कार्यों की समय-सीमा को अंतिम रूप देता है।

फेलोशिप की अवधि, विस्तार एवं अवकाश के नियम

दिशा-निर्देशों में फेलोशिप की अवधि बढ़ाने और अवकाश लेने के लिए स्पष्ट नियम निर्धारित किए गए हैं।

  • प्रारंभिक अवधि: फेलोशिप स्वीकृत होने की तारीख से एक वर्ष।
  • अवधि में विस्तार: मुख्यमंत्री कार्यालय या विभागाध्यक्ष छह-छह महीने के अंतराल पर अधिकतम एक अतिरिक्त वर्ष के विस्तार की सिफारिश कर सकते हैं।
  • अधिकतम अवधि: फेलोशिप की कुल अवधि दो वर्ष से अधिक नहीं हो सकती। इसमें कोई अपवाद नहीं है।
  • अवकाश: प्रत्येक कैलेंडर वर्ष में 12 दिन का अवकाश मिलता है। यह प्रत्येक पूर्ण किए गए महीने के आधार पर आनुपातिक रूप से अर्जित होता है।
  • अवकाश अर्जित करने की शर्त: किसी महीने का अवकाश तभी अर्जित होगा, जब फेलो उस महीने के कम-से-कम पहले 20 दिन पूरे करता है।
  • अवकाश आगे नहीं बढ़ेगा: वर्ष के अंत तक उपयोग नहीं किया गया अवकाश समाप्त हो जाता है।
  • आधा दिन का अवकाश: आधे दिन का अवकाश लेने की अनुमति नहीं है।
  • वजीफे में कटौती: अर्जित अवकाश से अधिक या बिना अर्जित अवकाश के छुट्टी लेने पर वजीफे से कटौती की जाती है।

फेलोशिप समाप्त करने के नियम

दिशा-निर्देशों के अनुसार, निम्नलिखित परिस्थितियों में सरकार फेलोशिप समाप्त कर सकती है।

  • बिना सूचना दिए लगातार सात दिनों तक अनधिकृत अनुपस्थिति रहने पर, सात कार्यदिवस का नोटिस देने के बाद फेलोशिप समाप्त की जा सकती है।
  • कदाचार, अनुचित व्यवहार या असंतोषजनक प्रदर्शन की स्थिति में बिना पूर्व सूचना के किसी भी समय फेलोशिप समाप्त की जा सकती है।
  • किसी अन्य स्रोत से पारिश्रमिक प्राप्त करने पर फेलोशिप तत्काल प्रभाव से समाप्त की जा सकती है।
  • फेलो स्वयं फेलोशिप छोड़ना चाहता है, तो उसे एक महीने का नोटिस देना होगा। साथ ही, एक महीने के भीतर त्यागपत्र और अपने कार्यों की विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करनी होगी।
  • सरकार बिना कोई कारण बताए भी किसी भी समय फेलोशिप समाप्त कर सकती है।

महत्वपूर्ण लिंक

संपर्क जानकारी

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

यह राजस्थान सरकार की फेलोशिप योजना है, जिसके तहत 50 योग्य युवाओं को नीति निर्माण और सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में सहयोग के लिए मुख्यमंत्री कार्यालय या विभिन्न विभागों में तैनात किया जाता है।

प्रत्येक फेलो को ₹60,000 प्रतिमाह वजीफा और कनेक्टिविटी तथा आवागमन संबंधी सहायता के लिए ₹5,000 प्रतिमाह अतिरिक्त भत्ता दिया जाता है। इस प्रकार, कुल मासिक राशि ₹65,000 होती है।

अभ्यर्थी के पास 65% अंकों या 7 CGPA के साथ स्नातकोत्तर डिग्री अथवा इंजीनियरिंग, मेडिकल, CA, CS या विधि में स्नातक की डिग्री होनी चाहिए।

 

फेलो का चयन विश्वविद्यालयों में कैंपस प्लेसमेंट के माध्यम से GD और साक्षात्कार द्वारा होता है। चयन प्रक्रिया PIC निर्धारित करती है।

 

नहीं। संबंधित प्राधिकरण द्वारा CMFP-2026 के लिए अभी तक कोई आधिकारिक अधिसूचना जारी नहीं की गई है।

नहीं। यह एक फेलोशिप कार्यक्रम है, सरकारी नौकरी नहीं। इसके अंतर्गत अस्थायी या स्थायी सरकारी रोजगार की कोई गारंटी नहीं दी जाती।

नहीं। CMFP एक पूर्णकालिक फेलोशिप है। इसके दौरान किसी अन्य एजेंसी से पारिश्रमिक प्राप्त करने पर फेलोशिप तत्काल प्रभाव से समाप्त की जा सकती है।

फेलो को प्रत्येक कैलेंडर वर्ष में 12 दिन का अवकाश मिलता है, जो निर्धारित नियमों के अनुसार मासिक आधार पर अर्जित होता है। वर्ष के अंत तक उपयोग नहीं किया गया अवकाश अगले वर्ष के लिए आगे नहीं बढ़ाया जाता।

हाँ। प्रत्येक फेलो के पास अपना लैपटॉप और डेटा कार्ड या इंटरनेट सुविधा होनी चाहिए। इसकी व्यवस्था फेलो को स्वयं करनी होती है।

अंतिम रिपोर्ट स्वीकृत होने और फेलोशिप पूरी करने पर आयोजना विभाग पूर्णता प्रमाणपत्र देता है। कम-से-कम छह महीने की फेलोशिप पूरी करने वाले फेलो अनुभव प्रमाणपत्र के पात्र होते हैं।

अगर योजनाओं के बारे में आपका कोई सवाल है, तो उसे योजना के फोरम में सबमिट करें और जवाब पाएँ:

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  • सवाल पूछें: अगर आपके मन में योजना से जुड़ा कोई सवाल है या आप इस विषय के किसी पहलू के बारे में और जानकारी चाहते हैं।
  • योजना से जुडी अपनी बातें साझा करें: अपनी जानकारी और अनुभव शेयर करें।
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