राष्ट्रीय गोकुल मिशन

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द्वारा प्रस्तुत Minakshi on Fri, 09/10/2026 - 13:50
केन्द्रीय सरकार CM
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राष्ट्रीय गोकुल मिशन (RGM)
हाइलाइट
  • राष्ट्रीय गोकुल मिशन की शुरुआत दिसंबर 2014 में देशी गायों और भैंसों की नस्ल सुधारने और संरक्षण के लिए की गई थी।
  • पात्र किसानों को घर पर मुफ्त कृत्रिम गर्भाधान की सुविधा मिल सकती है।
  • सेक्स-सॉर्टेड सीमन के खर्च पर 50% तक आर्थिक सहायता मिल सकती है।
  • तय IVF कार्यक्रम के तहत हर सफल गर्भावस्था पर ₹5,000 की सरकारी सहायता और पात्र कर्ज पर 3% ब्याज की छूट मिल सकती है।
ग्राहक देखभाल फ़ोन नंबर
  • राष्ट्रीय गोकुल मिशन की जानकारी के लिए भारत सरकार के पशुपालन और डेयरी विभाग से संपर्क कर सकते हैं।
योजना का अवलोकन
योजना का नामराष्ट्रीय गोकुल मिशन (RGM)
शुरुआत का साल2014
फायदेघर पर मुफ्त कृत्रिम गर्भाधान, सेक्स-सॉर्टेड सीमन के खर्च पर 50% तक सहायता, IVF से जुड़ी हर सफल गर्भावस्था पर ₹5,000 की सहायता और IVF से पैदा हुई अच्छी नस्ल की बछिया खरीदने के लिए पात्र कर्ज पर 3% ब्याज की छूट।
लाभार्थीगाय-भैंस पालने वाले किसान, पशुपालन से जुड़ी पात्र संस्थाएं और MAITRI प्रशिक्षण के लिए चुने गए ग्रामीण युवा।
संबंधित विभागपशुपालन और डेयरी विभाग (DAHD)
सब्सक्रिप्शनयोजना के अपडेट पाने के लिए यहां सदस्यता लें
आवेदन का तरीकाऑफलाइन

योजना के बारे में

गांवों में गाय-भैंस पालना लाखों परिवारों की आजीविका का एक अहम हिस्सा है। पशुओं की नस्ल को बेहतर बनाने, उनकी दूध देने की क्षमता बढ़ाने और पशुपालकों की कमाई में सुधार करने के लिए भारत सरकार ने दिसंबर 2014 में राष्ट्रीय गोकुल मिशन (RGM) शुरू किया। इस योजना का उद्देश्य देशी गायों और भैंसों की नस्लों का संरक्षण करना और पशुपालन को अधिक लाभकारी बनाना है। इसके तहत पात्र किसानों को घर पर मुफ्त कृत्रिम गर्भाधान, सेक्स-सॉर्टेड सीमन के खर्च पर 50% तक सहायता, तय कार्यक्रम के तहत IVF से जुड़ी हर सफल गर्भावस्था पर ₹5,000 की सहायता और IVF से पैदा हुई अच्छी नस्ल की बछिया खरीदने के लिए पात्र कर्ज पर 3% ब्याज की छूट मिल सकती है। ये फायदे योजना के नियमों और पात्रता पर निर्भर करते हैं।

इस योजना को भारत सरकार के मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी मंत्रालय के तहत आने वाला पशुपालन और डेयरी विभाग (DAHD) चलाता है। इसके लिए राज्य के पशुपालन विभाग, पशुधन विकास बोर्ड, दूध संघ और दूसरी मंजूर संस्थाएं मिलकर काम करती हैं। इनका मकसद पशुओं के गर्भाधान की सुविधा बेहतर करना और कृत्रिम गर्भाधान, सेक्स-सॉर्टेड सीमन और IVF जैसी तकनीकों को बढ़ावा देना है।

गाय-भैंस पालने वाले किसान अपने नजदीकी सरकारी पशु अस्पताल, मैत्री (MAITRI) कार्यकर्ता या दूध संघ से योजना की सुविधाओं के बारे में पूछ सकते हैं। सभी सुविधाओं के लिए एक ही ऑनलाइन आवेदन फॉर्म नहीं है। आवेदन या सेवा लेने से पहले पता कर लें कि आपके इलाके में सुविधा उपलब्ध है या नहीं, पशु का पंजीकरण जरूरी है या नहीं और आप उस सुविधा के लिए पात्र हैं या नहीं।

योजना की नई जानकारी और नियमों के लिए ऊपर दिए गए आधिकारिक DAHD लिंक पर जाएं। आप अपने राज्य के पशुपालन विभाग या पशुधन विकास बोर्ड से भी संपर्क कर सकते हैं।

पशुपालन से जुड़ी दूसरी योजनाओं में राष्ट्रीय पशुधन मिशन भी शामिल है। इसके तहत पात्र लोगों को पशुपालन और चारा उत्पादन से जुड़े काम शुरू करने के लिए सहायता मिल सकती है। वहीं, राष्ट्रीय पशुधन बीमा योजना के तहत पात्र और बीमित पशुओं की मौत होने पर बीमा सुरक्षा मिल सकती है। इन योजनाओं के फायदे राष्ट्रीय गोकुल मिशन से अलग हैं।

योजना के लाभ

राष्ट्रीय गोकुल मिशन से गाय-भैंस पालने वाले किसानों को पशुओं की नस्ल सुधारने, बेहतर प्रजनन सेवाएं पाने और दूध उत्पादन बढ़ाने में मदद मिलती है। इसके मुख्य फायदे ये हैं:

  • जिन इलाकों में राष्ट्रीय कृत्रिम गर्भाधान कार्यक्रम लागू है, वहां किसानों को घर पर मुफ्त कृत्रिम गर्भाधान की सुविधा मिल सकती है।
  • योजना के नियमों के अनुसार सेक्स-सॉर्टेड सीमन के खर्च पर 50% तक आर्थिक सहायता मिल सकती है।
  • तय IVF कार्यक्रम के तहत हर सफल गर्भावस्था पर ₹5,000 की सरकारी सहायता मिल सकती है।
  • IVF से पैदा हुई अच्छी नस्ल की बछिया खरीदने के लिए पात्र कर्ज पर 3% ब्याज की छूट मिल सकती है।
  • बेहतर प्रजनन सेवाओं से देसी गाय-भैंस की नस्ल सुधारने और दूध उत्पादन बढ़ाने में मदद मिलती है।
  • सेक्स-सॉर्टेड सीमन तकनीक से मादा बछिया पैदा होने की संभावना बढ़ सकती है, जिससे डेयरी का काम बढ़ाने में मदद मिलती है।
  • पात्र ग्रामीण युवाओं को MAITRI के तहत पशुओं का कृत्रिम गर्भाधान करने का प्रशिक्षण मिल सकता है।
  • योजना के तहत पशुओं की नस्ल और दूध उत्पादन से जुड़ी जानकारी जुटाने और बेहतर नस्ल के पशु तैयार करने के लिए भी काम किया जाता है।

इन सुविधाओं का लाभ योजना के नियमों, आपके इलाके में उपलब्ध सेवाओं और पात्रता पर निर्भर करता है। जानकारी के लिए नजदीकी सरकारी पशु अस्पताल, MAITRI कार्यकर्ता या राज्य के पशुपालन विभाग से संपर्क करें।

राष्ट्रीय गोकुल मिशन के तहत आर्थिक सहायता

राष्ट्रीय गोकुल मिशन के तहत देसी गाय-भैंस की नस्ल सुधारने, दूध उत्पादन बढ़ाने और पशुओं के प्रजनन से जुड़ी सुविधाएं बेहतर करने के लिए आर्थिक सहायता दी जाती है। सहायता कितनी मिलेगी, यह काम और लाभार्थी के हिसाब से तय होता है।

योजना के तहत मिलने वाली मुख्य आर्थिक सहायता इस प्रकार है:

काम

कितनी सहायता मिलती है?

किसे मिल सकती है?

सेक्स-सॉर्टेड सीमन

खर्च का 50% तक, योजना के नियमों के अनुसार

मंजूर प्रजनन सेवाओं का लाभ लेने वाले पात्र किसान

IVF

हर सफल गर्भावस्था पर भारत सरकार की ओर से ₹5,000

मंजूर IVF कार्यक्रम का लाभ लेने वाले पात्र किसान

कर्ज के ब्याज में छूट

पात्र कर्ज पर 3% ब्याज की छूट

IVF से पैदा हुई अच्छी नस्ल की बछिया खरीदने वाले पात्र लाभार्थी

बछिया पालन केंद्र

केंद्र बनाने की लागत का 35% एक बार की सहायता

मंजूर केंद्र बनाने वाली पात्र संस्थाएं

IVF के तहत एक सफल गर्भावस्था पर कुल खर्च लगभग ₹21,000 बताया गया है, जिसमें सरकार की ओर से ₹5,000 की सहायता दी जाती है। बाकी खर्च कितना होगा, इसकी जानकारी संबंधित संस्था से लें।

योजना के तहत पशुओं के प्रजनन से जुड़ी सुविधाएं और केंद्र बनाने के लिए भी सहायता दी जाती है। हर तरह की आर्थिक सहायता सीधे किसान को नहीं मिलती। यह योजना के नियमों पर निर्भर करता है।

नियमों और अलग-अलग सुविधाओं की जानकारी के लिए राष्ट्रीय गोकुल मिशन की आधिकारिक वेबसाइट देखें।

पात्रताएं

राष्ट्रीय गोकुल मिशन का लाभ लेने के लिए जरूरी शर्तें इस बात पर निर्भर करती हैं कि आप कौन-सी सुविधा लेना चाहते हैं। कृत्रिम गर्भाधान, आर्थिक सहायता और MAITRI प्रशिक्षण के लिए अलग-अलग नियम हो सकते हैं।

  • गाय-भैंस पालने वाले किसान सरकारी पशु अस्पताल या योजना से जुड़ी संस्थाओं के जरिए उपलब्ध प्रजनन सेवाएं ले सकते हैं।
  • कृत्रिम गर्भाधान के लिए पशु के कान में टैग लगा होना और भारत पशुधन पोर्टल पर उसका पंजीकरण जरूरी हो सकता है।
  • सेक्स-सॉर्टेड सीमन पर सहायता लेने के लिए योजना की शर्तें पूरी करनी होंगी।
  • ब्याज में छूट केवल IVF से पैदा हुई अच्छी नस्ल की बछिया खरीदने के लिए लिए गए पात्र कर्ज पर मिलती है।
  • MAITRI प्रशिक्षण के लिए आम तौर पर आवेदक की उम्र कम से कम 18 साल और पढ़ाई 12वीं पास होनी चाहिए। अंतिम चयन संबंधित राज्य की एजेंसी करती है।
  • योजना के तहत आर्थिक सहायता लेने वाली संस्थाओं को संबंधित काम और मंजूरी से जुड़ी शर्तें पूरी करनी होंगी।

आवश्यक दस्तावेज

राष्ट्रीय गोकुल मिशन के तहत कौन-से दस्तावेज चाहिए, यह इस बात पर निर्भर करता है कि आप किस सुविधा का लाभ लेना चाहते हैं। सभी सुविधाओं के लिए एक ही आवेदन फॉर्म नहीं है। इसलिए पहले संबंधित विभाग या संस्था से पूछ लें कि कौन-से कागजात जरूरी हैं।

  • आधार कार्ड या पहचान पत्र, अगर मांगा जाए।
  • पशु के कान में लगे टैग का नंबर और भारत पशुधन पोर्टल पर पंजीकरण की जानकारी, जहां जरूरी हो।
  • पशु की नस्ल, उम्र, दूध देने और गर्भाधान से जुड़ी जानकारी, अगर मांगी जाए।
  • जहां जरूरी हो, सहायता पाने के लिए बैंक खाते की जानकारी।
  • अच्छी नस्ल की IVF से पैदा हुई बछिया खरीदने के लिए ब्याज में छूट मांगने पर कर्ज की मंजूरी और खरीद से जुड़े कागजात।
  • राज्य के पशुपालन विभाग, दूध संघ, पशु अस्पताल या दूसरी संबंधित संस्था की ओर से मांगे गए अन्य दस्तावेज।

यह दस्तावेजों की सामान्य सूची है। हर सुविधा के लिए सभी कागजात जरूरी नहीं हैं। आवेदन करने से पहले नजदीकी सरकारी पशु अस्पताल, MAITRI कार्यकर्ता या राज्य के पशुपालन विभाग से पूछ लें।

आवेदन प्रक्रिया

राष्ट्रीय गोकुल मिशन का लाभ लेने के लिए किसान अपने नजदीकी पशु अस्पताल या योजना से जुड़ी संस्था से संपर्क कर सकते हैं। आवेदन का तरीका इस बात पर निर्भर करता है कि आप कौन-सी सुविधा चाहते हैं। योजना के सभी लाभों के लिए एक ही ऑनलाइन फॉर्म नहीं है।

  • पहला कदम: अपने नजदीकी सरकारी पशु अस्पताल जाएं, MAITRI कार्यकर्ता से बात करें या दूध संघ से संपर्क करें। वहां पूछें कि आपके इलाके में कौन-सी सुविधाएं मिल रही हैं।
  • दूसरा कदम: अगर मुफ्त कृत्रिम गर्भाधान कराना है, तो पशु अस्पताल से पूछें कि आपके इलाके में यह सुविधा है या नहीं और आपका पशु इसके लिए पात्र है या नहीं।
  • तीसरा कदम: जरूरत पड़ने पर पशु के कान में लगे टैग का नंबर और भारत पशुधन पोर्टल पर पंजीकरण की जानकारी तैयार रखें। पंजीकरण में पशु अस्पताल का कर्मचारी आपकी मदद कर सकता है।
  • चौथा कदम: सेक्स-सॉर्टेड सीमन का लाभ लेना है तो अधिकृत कर्मचारी या दूध संघ से इसकी कीमत, मिलने वाली सहायता और जरूरी शर्तें पूछें।
  • पांचवां कदम: IVF से जुड़ी सहायता या IVF से पैदा हुई अच्छी नस्ल की बछिया खरीदने के लिए पात्र कर्ज पर ब्याज में छूट चाहिए तो राज्य के पशुधन विकास बोर्ड, दूध संघ या संबंधित संस्था से संपर्क करें। पशु खरीदने या कर्ज लेने से पहले नियमों की पूरी जानकारी ले लें।
  • छठा कदम: मांगे गए दस्तावेज जमा करें और संबंधित अधिकारी के बताए तरीके से आगे की प्रक्रिया पूरी करें।

ध्यान दें: राष्ट्रीय गोकुल मिशन के सभी लाभों के लिए एक ही आवेदन फॉर्म नहीं है। प्रक्रिया और पात्रता इस बात पर निर्भर करती है कि आप कौन-सी सुविधा लेना चाहते हैं और उसे कौन-सी संस्था चला रही है।

योजना के नियमों और नई जानकारी के लिए पशुपालन और डेयरी विभाग की आधिकारिक वेबसाइट देखें। अपने इलाके में उपलब्ध सुविधाओं के बारे में जानने के लिए राज्य के पशुपालन विभाग या नजदीकी पशु अस्पताल से संपर्क करें।

राष्ट्रीय गोकुल मिशन के तहत (ग्रामीण भारत में बहुउद्देशीय कृत्रिम गर्भाधान तकनीशियन) प्रशिक्षण

राष्ट्रीय गोकुल मिशन के तहत ग्रामीण इलाकों में पशुओं का कृत्रिम गर्भाधान करने वाले कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षण दिया जाता है। इन्हें MAITRI कहा जाता है। ये कार्यकर्ता खासकर गांवों में गाय-भैंस पालने वाले किसानों को गर्भाधान की सुविधा लेने में मदद करते हैं।

मैत्री प्रशिक्षण के लिए पात्रता

योजना के दिशा-निर्देशों के अनुसार, आम तौर पर ये शर्तें होती हैं:

  • आवेदक आम तौर पर ग्रामीण क्षेत्र का बेरोजगार युवा होना चाहिए।
  • कम से कम 12वीं पास होना चाहिए।
  • उम्र कम से कम 18 साल होनी चाहिए।
  • चयन संबंधित राज्य की एजेंसी करती है और उसके नियम लागू होते हैं।
  • दीनदयाल अंत्योदय योजना–राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (DAY-NRLM) से जुड़ी पात्र पशु सखियों पर भी विचार किया जा सकता है।

प्रशिक्षण की अवधि और खर्च

मैत्री का प्रशिक्षण आम तौर पर तीन महीने का होता है, जिसमें करीब 90 कामकाजी दिन शामिल होते हैं। इस दौरान उम्मीदवारों को पशुओं का कृत्रिम गर्भाधान करने और प्रजनन से जुड़ी सेवाएं देने की जानकारी दी जाती है।

प्रशिक्षण का खर्च

अनुमानित रकम

प्रशिक्षण फीस
₹20,000
छात्रावास का खर्च
₹3,000
अन्य खर्च
₹2,000
खाने का खर्च
₹6,000
कुल अनुमानित खर्च
₹31,000

दिशा-निर्देशों में प्रशिक्षण के लिए जरूरी उपकरणों की कीमत लगभग ₹50,000 बताई गई है। इसमें कृत्रिम गर्भाधान के उपकरण और सीमन को संभालने व ले जाने के लिए इस्तेमाल होने वाले खास कंटेनर शामिल हैं।

मैत्री प्रशिक्षण के फायदे

  • गांवों में पशुओं का कृत्रिम गर्भाधान करने के लिए प्रशिक्षित लोग तैयार होते हैं।
  • गाय-भैंस पालने वाले किसानों को गर्भाधान की सुविधा आसानी से मिल सकती है।
  • ग्रामीण युवाओं को पशुओं से जुड़ी सेवाएं देने का अवसर मिल सकता है।
  • देसी गाय-भैंस की नस्ल सुधारने और दूध उत्पादन बढ़ाने में मदद मिलती है।

प्रशिक्षण के मौके राज्य की जरूरत और चयन प्रक्रिया पर निर्भर करते हैं। इच्छुक उम्मीदवार अपने राज्य के पशुपालन विभाग या पशुधन विकास बोर्ड से जानकारी लें।

अधिक जानकारी के लिए राष्ट्रीय गोकुल मिशन के संशोधित दिशा-निर्देश देखें।

राष्ट्रीय गोकुल मिशन के बंद हो चुके घटक

राष्ट्रीय गोकुल मिशन के कुछ पुराने घटकों में अब नए आवेदन नहीं लिए जा रहे हैं। इनमें ब्रीड मल्टिप्लिकेशन फार्म और गोकुल ग्राम शामिल हैं।

1. ब्रीड मल्टिप्लिकेशन फार्म (BMF)

इस घटक के तहत अच्छी नस्ल के पशु तैयार करने वाले पात्र फार्म बनाने के लिए परियोजना लागत का 50% तक, अधिकतम ₹2 करोड़ की सहायता दी जाती थी। 125 फार्म का लक्ष्य पूरा होने के बाद आवेदन पोर्टल बंद कर दिया गया। नए आवेदक आवेदन करने से पहले विभाग से ताजा जानकारी जरूर लें।

2. गोकुल ग्राम

गोकुल ग्राम देसी गाय-भैंस की नस्लों को बचाने और उनमें सुधार करने के लिए बनाए गए थे। पुराने कार्यक्रम के तहत कुल 16 गोकुल ग्रामों को सहायता दी गई थी। 2021–2026 की संशोधित योजना में इस घटक को बंद कर दिया गया था।

जरूरी सूचना: इन पुराने घटकों के बंद होने का मतलब यह नहीं है कि पूरी राष्ट्रीय गोकुल मिशन योजना बंद हो गई है। कृत्रिम गर्भाधान, सेक्स-सॉर्टेड सीमन और IVF से जुड़ी दूसरी मंजूर सुविधाएं मौजूदा नियमों के अनुसार मिल सकती हैं।

महत्वपूर्ण लिंक

संपर्क जानकारी

राष्ट्रीय गोकुल मिशन की जानकारी के लिए भारत सरकार के पशुपालन और डेयरी विभाग से संपर्क कर सकते हैं।

  • फोन: 011-23384960 (राष्ट्रीय गोकुल मिशन के संयुक्त आयुक्त)
  • ईमेल: [email protected]
  • कार्यालय: कमरा नंबर 346, कृषि भवन, नई दिल्ली – 110001

अपने पशु के लिए उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी लेने के लिए नजदीकी सरकारी पशु अस्पताल, राज्य पशुधन विकास बोर्ड या राज्य पशुपालन विभाग से भी संपर्क कर सकते हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राष्ट्रीय गोकुल मिशन भारत सरकार की योजना है, जिसे दिसंबर 2014 में शुरू किया गया था। इसका उद्देश्य देशी गायों और भैंसों की नस्लों का संरक्षण करना, उनकी नस्ल सुधारना और दूध उत्पादन बढ़ाना है।
 

यह योजना भारत सरकार के मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी मंत्रालय के तहत आने वाले पशुपालन और डेयरी विभाग (DAHD) द्वारा चलाई जाती है।
 

इस योजना के तहत गाय-भैंस पालने वाले पात्र किसान, पशुपालन से जुड़ी पात्र संस्थाएं और मैत्री (MAITRI) प्रशिक्षण के लिए चुने गए ग्रामीण युवा लाभ ले सकते हैं।
 

पात्र किसानों को घर पर मुफ्त कृत्रिम गर्भाधान, सेक्स-सॉर्टेड सीमन के खर्च पर 50% तक सहायता, IVF से जुड़ी हर सफल गर्भावस्था पर ₹5,000 की सरकारी सहायता और पात्र कर्ज पर 3% ब्याज की छूट मिल सकती है।
 

राष्ट्रीय कृत्रिम गर्भाधान कार्यक्रम के तहत आने वाले क्षेत्रों में पात्र किसानों को घर पर मुफ्त कृत्रिम गर्भाधान की सुविधा मिल सकती है। इसकी उपलब्धता और पात्रता की जानकारी नजदीकी सरकारी पशु अस्पताल से लें।
 

योजना के नियमों के अनुसार, पात्र किसानों को सेक्स-सॉर्टेड सीमन के खर्च पर 50% तक आर्थिक सहायता मिल सकती है। इससे मादा बछिया पैदा होने की संभावना बढ़ाने में मदद मिलती है।
 

तय IVF कार्यक्रम के तहत हर सफल गर्भावस्था पर भारत सरकार की ओर से ₹5,000 की सहायता मिल सकती है। यह लाभ संबंधित कार्यक्रम के नियमों और पात्रता पर निर्भर करता है।
 

इस योजना के सभी लाभों के लिए एक ही ऑनलाइन आवेदन फॉर्म नहीं है। किसान अपने नजदीकी सरकारी पशु अस्पताल, मैत्री कार्यकर्ता, दूध संघ या राज्य के पशुपालन विभाग से संपर्क करके उपलब्ध सुविधाओं और आवेदन की प्रक्रिया की जानकारी ले सकते हैं।
 

मैत्री प्रशिक्षण ग्रामीण युवाओं को पशुओं का कृत्रिम गर्भाधान करने और प्रजनन से जुड़ी सेवाएं देने के लिए तैयार करता है। इसके लिए आम तौर पर उम्मीदवार का 12वीं पास होना और कम से कम 18 वर्ष का होना जरूरी है। अंतिम चयन संबंधित राज्य की एजेंसी करती है।
 

योजना के नियमों, लाभों और नई जानकारी के लिए पशुपालन और डेयरी विभाग की आधिकारिक वेबसाइट देखें। आप अपने नजदीकी सरकारी पशु अस्पताल या राज्य के पशुपालन विभाग से भी संपर्क कर सकते हैं।
 

अगर योजनाओं के बारे में आपका कोई सवाल है, तो उसे योजना के फोरम में सबमिट करें और जवाब पाएँ:

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यह फोरम निम्न कामों के लिए एक बेहतरीन जगह है:

  • सवाल पूछें: अगर आपके मन में योजना से जुड़ा कोई सवाल है या आप इस विषय के किसी पहलू के बारे में और जानकारी चाहते हैं।
  • योजना से जुडी अपनी बातें साझा करें: अपनी जानकारी और अनुभव शेयर करें।
  • दूसरों से जुड़ें: कम्युनिटी से जुड़ें और दूसरों से सीखें।

हम आपको इस फ़ोरम में सक्रिय रूप से भाग लेने और इस बेहतरीन रिसोर्स का पूरा फ़ायदा उठाने के लिए प्रोत्साहित करते है।

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