- विदेशों में रोजगार के लिए कौशल प्रशिक्षण, वित्तीय सहायता और प्लेसमेंट में सहयोग।
- भाषा, कौशल एवं सांस्कृतिक प्रशिक्षण के साथ ₹7,500 प्रतिमाह तक प्रशिक्षण प्रोत्साहन।
- प्रशिक्षण के लिए अधिकतम ₹1 लाख तक का ऋण तथा 75% तक ब्याज अनुदान का लाभ।
- अधिकृत एजेंसियों एवं G2G व्यवस्था के माध्यम से सुरक्षित विदेशी रोजगार और प्लेसमेंट सहायता।
- 2030 तक कुल 50000 युवाओं को लाभ देने का लक्ष्य।
- कौशल विकास एवं सेवायोजन विभाग
- टोल फ्री नंबर: 7618544555
- फोन नंबर: 0135-2728227
- ईमेल सहायता: [email protected]
योजना का अवलोकन | |
|---|---|
| योजना का नाम | उत्तराखंड मुख्यमंत्री कौशल उन्नयन एवं वैश्विक रोजगार योजना |
| लाभ |
|
| लाभार्थी | विदेशों में रोजगार के इच्छुक उत्तराखंड के युवा |
| नोडल विभाग | कौशल विकास एवं सेवायोजन विभाग, उत्तराखंड |
| सदस्यता | योजना की निरंतर जानकारी के लिए यहाँ सब्सक्राइब करे। |
| आवेदन का माध्यम | ऑनलाइन (अपणी सरकार पोर्टल के माध्यम से) |
योजना के बारे में
उत्तराखंड मुख्यमंत्री कौशल उन्नयन एवं वैश्विक रोजगार योजना (MM-KUVRY) उत्तराखंड सरकार की एक प्रमुख पहल है। इस योजना का उद्देश्य राज्य के युवाओं को कौशल विकास एवं अंतरराष्ट्रीय रोजगार सहायता के माध्यम से विदेशों में रोजगार के लिए तैयार करना है। इसके अंतर्गत पात्र अभ्यर्थियों को विदेशी नियोक्ताओं की आवश्यकताओं के अनुरूप भाषा, तकनीकी तथा सांस्कृतिक प्रशिक्षण प्रदान किया जाता है। साथ ही, प्रशिक्षण की लागत कम करने और वैश्विक रोजगार के अवसरों तक पहुंच आसान बनाने के लिए सरकार वित्तीय सहायता भी उपलब्ध कराती है। उत्तराखंड मुख्यमंत्री कौशल उन्नयन एवं वैश्विक रोजगार योजना का उद्देश्य वर्ष 2030 तक राज्य के 50,000 युवाओं को कौशल प्रशिक्षण, भाषा प्रशिक्षण, वित्तीय सहायता एवं प्लेसमेंट सहयोग के माध्यम से विदेशों में रोजगार उपलब्ध कराना है।
उत्तराखंड के 18 वर्ष या उससे अधिक आयु के पात्र स्थायी निवासी अपणी सरकार पोर्टल के माध्यम से पंजीकरण कर सकते हैं। चयनित अभ्यर्थियों को अधिकृत प्रशिक्षण साझेदारों के माध्यम से भाषा, क्षेत्र-विशिष्ट (डोमेन) एवं सांस्कृतिक प्रशिक्षण प्रदान किया जाता है। स्वीकृत प्रशिक्षण कार्यक्रम के अनुसार लाभार्थियों को अधिकतम छह माह तक प्रतिमाह ₹7,500 तक का प्रशिक्षण प्रोत्साहन मिल सकता है। पात्र अभ्यर्थी प्रशिक्षण शुल्क का 60% अथवा अधिकतम ₹1 लाख (जो भी कम हो) तक का बैंक ऋण भी प्राप्त कर सकते हैं। इसके अतिरिक्त, पात्र ऋण पर अधिकतम 75% तक ब्याज अनुदान का प्रावधान है। प्रशिक्षण एवं चयन प्रक्रिया पूरी करने के बाद अभ्यर्थियों को अधिकृत एजेंसियों तथा सरकार-से-सरकार (G2G) साझेदारी के माध्यम से विदेशों में रोजगार प्राप्त करने में सहायता प्रदान की जाती है।
इस योजना का संचालन उत्तराखंड सरकार के कौशल विकास एवं सेवायोजन विभाग द्वारा किया जाता है। इसका उद्देश्य राज्य के युवाओं के लिए वैश्विक स्तर पर कुशल कार्यबल तैयार करना तथा विदेशों में रोजगार के अवसर बढ़ाना है। अभ्यर्थियों को विदेश में रोजगार प्राप्त करने से पहले और बाद में मार्गदर्शन प्रदान करने के लिए एक ओवरसीज प्लेसमेंट सेल एवं हेल्पडेस्क भी स्थापित किया गया है। योजना के प्रभावी एवं पारदर्शी क्रियान्वयन के लिए सरकार ने अधिकृत प्रशिक्षण एवं प्लेसमेंट एजेंसियों की जिम्मेदारियां निर्धारित की हैं, जिनमें प्लेसमेंट सुनिश्चित करना तथा अभ्यर्थियों के हितों की सुरक्षा करना शामिल है।
इस योजना के अतिरिक्त उत्तराखंड सरकार रोजगार एवं स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए कई अन्य योजनाएं भी संचालित कर रही है। पात्र उद्यमी नया उद्योग स्थापित करने के लिए वीर चन्द्र सिंह गढ़वाली वीर उद्यमी योजना के अंतर्गत वित्तीय सहायता प्राप्त कर सकते हैं। वहीं, महिलाएं स्वरोजगार शुरू करने के लिए एकल महिला स्वरोजगार योजना का लाभ भी उठा सकती हैं।
पात्र एवं इच्छुक अभ्यर्थी अपणी सरकार पोर्टल के माध्यम से मुख्यमंत्री कौशल उन्नयन एवं वैश्विक रोजगार योजना के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। इस योजना के लिए वर्षभर आवेदन स्वीकार किए जाते हैं। पंजीकरण एवं आवेदन जमा करने के बाद अभ्यर्थियों की स्क्रीनिंग की जाती है, जिसके बाद उन्हें भाषा, क्षेत्र-विशिष्ट (डोमेन) तथा सांस्कृतिक प्रशिक्षण प्रदान किया जाता है। प्रशिक्षण एवं चयन प्रक्रिया सफलतापूर्वक पूर्ण करने वाले अभ्यर्थियों को अधिकृत एजेंसियों तथा सरकार-से-सरकार (G2G) साझेदारी के माध्यम से विदेशों में रोजगार प्राप्त करने में सहायता दी जाती है।
योजना के लाभ
- विदेशों में नौकरी के लिए भाषा, तकनीकी और सांस्कृतिक प्रशिक्षण दिया जाता है।
- प्रशिक्षण शुल्क का 20% तक मासिक प्रोत्साहन अधिकतम 6 महीने तक दिया जाता है।
- ऑफलाइन गैर-अंग्रेजी भाषा प्रशिक्षण करने वाले पात्र अभ्यर्थियों को प्रतिमाह अधिकतम ₹7,500 तक का प्रोत्साहन मिलता है।
- ऑफलाइन अंग्रेजी भाषा प्रशिक्षण करने वाले पात्र अभ्यर्थियों को प्रतिमाह अधिकतम ₹3,000 तक का प्रोत्साहन मिलता है।
- ऑनलाइन अंग्रेजी भाषा प्रशिक्षण करने वाले पात्र अभ्यर्थियों को प्रतिमाह अधिकतम ₹2,000 तक का प्रोत्साहन मिलता है।
- प्रशिक्षण के लिए शुल्क का 60% या अधिकतम ₹1 लाख (जो भी कम हो) तक का बैंक ऋण उपलब्ध कराया जाता है।
- पात्र शिक्षा या कौशल प्रशिक्षण ऋण पर अधिकतम 75% तक ब्याज अनुदान दिया जाता है।
- अधिकृत एजेंसियों और सरकार-से-सरकार (G2G) व्यवस्था के माध्यम से विदेशों में रोजगार दिलाने में सहायता की जाती है।
- विदेश में नौकरी मिलने के बाद भी ओवरसीज प्लेसमेंट हेल्पडेस्क के माध्यम से सहायता और शिकायत निवारण की सुविधा उपलब्ध रहती है।
- अभ्यर्थियों के हितों की सुरक्षा के लिए अधिकृत प्रशिक्षण और प्लेसमेंट एजेंसियों की जिम्मेदारियां तय की गई हैं।
योजना के अंतर्गत प्रशिक्षण क्षेत्र
मुख्यमंत्री कौशल उन्नयन एवं वैश्विक रोजगार योजना के अंतर्गत पात्र अभ्यर्थियों को विदेशी नियोक्ताओं की आवश्यकताओं के अनुरूप भाषा, क्षेत्र-विशिष्ट (डोमेन) एवं सांस्कृतिक प्रशिक्षण प्रदान किया जाता है। अंतरराष्ट्रीय मांग के अनुसार सरकार समय-समय पर नए प्रशिक्षण क्षेत्रों को भी शामिल कर सकती है। योजना के प्रमुख प्रशिक्षण क्षेत्र निम्नलिखित हैं:
- नर्सिंग
- केयरगिवर एवं वृद्ध देखभाल सेवाएं
- हॉस्पिटैलिटी एवं पर्यटन
- विनिर्माण (मैन्युफैक्चरिंग)
- निर्माण (कंस्ट्रक्शन)
- अंग्रेजी भाषा प्रशिक्षण
- गैर-अंग्रेजी विदेशी भाषा प्रशिक्षण (जैसे जापानी एवं जर्मन)
- सांस्कृतिक अभिमुखीकरण एवं कार्यस्थल आचार-व्यवहार प्रशिक्षण
- विदेशों में रोजगार की मांग के अनुसार सरकार द्वारा अनुमोदित अन्य प्रशिक्षण क्षेत्र
योजना के अंतर्गत शामिल देश
मुख्यमंत्री कौशल उन्नयन एवं वैश्विक रोजगार योजना के माध्यम से पात्र अभ्यर्थियों को उन देशों में रोजगार के लिए तैयार किया जाता है, जहां कुशल मानव संसाधन की अधिक मांग है। आधिकारिक नीति दस्तावेज के अनुसार योजना के अंतर्गत निम्नलिखित देशों में रोजगार के अवसर उपलब्ध हो सकते हैं:
- जापान
- यूनाइटेड किंगडम (यूके)
- संयुक्त अरब अमीरात (यूएई)
- सऊदी अरब
- जर्मनी
- कनाडा
- ऑस्ट्रेलिया
- संयुक्त राज्य अमेरिका (यूएसए)
- सिंगापुर
नोट: विदेशों में रोजगार के अवसर अंतरराष्ट्रीय मांग, नियोक्ताओं की आवश्यकताओं तथा सरकार-से-सरकार (G2G) या अन्य अनुमोदित भर्ती व्यवस्थाओं के अनुसार समय-समय पर बदल सकते हैं।
पात्रताएं
- आवेदक उत्तराखंड का स्थायी निवासी (मूल निवास प्रमाण पत्र धारक) होना चाहिए।
- आवेदक की आयु कम से कम 18 वर्ष होनी चाहिए।
- आवेदक के पास चयनित विदेशी नौकरी के लिए निर्धारित न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता, तकनीकी योग्यता, कौशल अथवा कार्य अनुभव होना चाहिए।
नोट: शैक्षणिक योग्यता, तकनीकी कौशल, कार्य अनुभव, भाषा दक्षता तथा अन्य पात्रता शर्तें संबंधित विदेशी नियोक्ता, नौकरी के प्रकार एवं गंतव्य देश के अनुसार अलग-अलग हो सकती हैं।
आवश्यक दस्तावेज
मुख्यमंत्री कौशल उन्नयन एवं वैश्विक रोजगार योजना के लिए पंजीकरण करते समय आवेदकों को निम्नलिखित दस्तावेज तैयार रखने चाहिए। गंतव्य देश, नियोक्ता अथवा प्रशिक्षण कार्यक्रम के अनुसार अतिरिक्त दस्तावेजों की आवश्यकता भी हो सकती है।
- आधार कार्ड
- उत्तराखंड का मूल निवास प्रमाण पत्र
- पासपोर्ट (यदि उपलब्ध हो या विदेश में रोजगार के लिए आवश्यक हो)
- शैक्षणिक योग्यता प्रमाण पत्र
- कौशल प्रशिक्षण अथवा कार्य अनुभव प्रमाण पत्र (यदि लागू हो)
- हाल ही का पासपोर्ट आकार का फोटो
- सक्रिय मोबाइल नंबर
- ईमेल आईडी
- बैंक खाते का विवरण
- अधिकृत प्रशिक्षण/प्लेसमेंट एजेंसी अथवा गंतव्य देश द्वारा मांगे गए अन्य आवश्यक दस्तावेज
आवेदन प्रक्रिया
पात्र अभ्यर्थी नीचे दिए गए चरणों का पालन करके मुख्यमंत्री कौशल उन्नयन एवं वैश्विक रोजगार योजना के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं:
- अपणी सरकार पोर्टल पर जाएं।
- यदि आप नए उपयोगकर्ता हैं, तो आवश्यक जानकारी भरकर पंजीकरण करें। पहले से पंजीकृत अभ्यर्थी अपनी उपयोगकर्ता आईडी एवं कूटशब्द (पासवर्ड) की सहायता से प्रवेश करें।
- प्रवेश करने के बाद अपने खाते के मुख्य पृष्ठ पर जाएं और उपलब्ध सेवाओं के विकल्प का चयन करें।
- कौशल विकास एवं सेवायोजन विभाग के अंतर्गत विदेशी रोजगार पंजीकरण सेवा का चयन करें।
- आवेदन पत्र में मांगी गई व्यक्तिगत, शैक्षणिक एवं संपर्क संबंधी जानकारी दर्ज करें।
- अपनी योग्यता एवं रुचि के अनुसार पसंदीदा विदेशी रोजगार क्षेत्र अथवा नौकरी श्रेणी का चयन करें।
- आवश्यक दस्तावेज अपलोड कर आवेदन पत्र जमा कर दें।
नोट: विदेश में अंतिम नियुक्ति संबंधित नियोक्ता एवं गंतव्य देश द्वारा निर्धारित पात्रता, पासपोर्ट, वीज़ा, चिकित्सीय फिटनेस तथा अन्य आव्रजन आवश्यकताओं को पूरा करने पर निर्भर करेगी।
चयन प्रक्रिया
आवेदन जमा करने के बाद पात्र अभ्यर्थियों का चयन निम्नलिखित प्रक्रिया के अनुसार किया जाता है:
- संबंधित विभाग अथवा अधिकृत एजेंसी द्वारा आवेदन एवं प्रस्तुत दस्तावेजों का सत्यापन किया जाता है।
- पात्र अभ्यर्थियों को प्रारंभिक जांच (स्क्रीनिंग) के लिए चयनित किया जाता है।
- शॉर्टलिस्ट किए गए अभ्यर्थियों को निर्धारित भाषा, क्षेत्र-विशिष्ट (डोमेन) एवं सांस्कृतिक प्रशिक्षण कार्यक्रम में शामिल किया जाता है।
- अभ्यर्थियों को निर्धारित प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूरा करना होता है तथा भाषा एवं कौशल मूल्यांकन में सफल होना होता है।
- योग्य अभ्यर्थियों को विदेशी नियोक्ता अथवा अधिकृत प्लेसमेंट एजेंसी द्वारा आयोजित साक्षात्कार अथवा अन्य चयन प्रक्रियाओं में भाग लेना होता है।
- चयनित अभ्यर्थियों को आवश्यकता अनुसार पासपोर्ट, वीज़ा, चिकित्सीय फिटनेस तथा अन्य आव्रजन संबंधी औपचारिकताएं पूरी करनी होती हैं।
- सभी निर्धारित शर्तें पूरी होने के बाद अभ्यर्थियों को अधिकृत भर्ती एजेंसियों अथवा सरकार-से-सरकार (G2G) व्यवस्था के माध्यम से विदेश में रोजगार प्राप्त करने में सहायता प्रदान की जाती है।
नोट: विदेश में अंतिम नियुक्ति संबंधित नियोक्ता द्वारा निर्धारित पात्रता तथा गंतव्य देश के आव्रजन नियमों एवं अन्य आवश्यकताओं को पूरा करने पर निर्भर करेगी।
महत्वपूर्ण लिंक
- मुख्यमंत्री कौशल उन्नयन एवं वैश्विक रोजगार योजना ऑनलाइन आवेदन
- अपणी सरकार पोर्टल पर नया पंजीकरण
- अपणी सरकार पोर्टल लॉगिन
- मुख्यमंत्री कौशल उन्नयन एवं वैश्विक रोजगार योजना गाइडलाइन्स।
- इन्वेस्ट उत्तराखंड आधिकारिक पोर्टल
- कौशल विकास एवं सेवायोजन विभाग, उत्तराखंड
संपर्क जानकारी
- कौशल विकास एवं सेवायोजन विभाग
- टोल फ्री नंबर: 7618544555
- फोन नंबर: 0135-2728227
- ईमेल सहायता: [email protected]
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
यह उत्तराखंड सरकार की योजना है, जिसके तहत युवाओं को भाषा, कौशल एवं सांस्कृतिक प्रशिक्षण, वित्तीय सहायता और प्लेसमेंट सहयोग देकर विदेशों में रोजगार प्राप्त करने में मदद की जाती है।
उत्तराखंड के स्थायी निवासी, जिनकी आयु कम से कम 18 वर्ष है तथा जो संबंधित विदेशी नौकरी के लिए निर्धारित शैक्षणिक योग्यता, कौशल या अनुभव रखते हैं, वे इस योजना का लाभ ले सकते हैं।
पात्र अभ्यर्थियों को प्रशिक्षण के प्रकार के अनुसार अधिकतम ₹7,500, ₹3,000 या ₹2,000 प्रतिमाह तक का प्रशिक्षण प्रोत्साहन अधिकतम 6 माह तक दिया जाता है।
हाँ। पात्र अभ्यर्थियों को प्रशिक्षण शुल्क का 60% या अधिकतम ₹1 लाख (जो भी कम हो) तक का बैंक ऋण तथा पात्र ऋण पर 75% तक ब्याज अनुदान दिया जा सकता है।
पासपोर्ट की आवश्यकता विदेश में नियुक्ति से पहले होती है। आवेदन के समय इसकी अनिवार्यता संबंधित प्रक्रिया और आवश्यकताओं के अनुसार हो सकती है।
आवेदन अपणी सरकार (Apuni Sarkar) पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन किया जा सकता है। आवेदन के बाद पात्र अभ्यर्थियों की जांच, प्रशिक्षण और चयन प्रक्रिया पूरी की जाती है।
नहीं। अंतिम नियुक्ति संबंधित विदेशी नियोक्ता की चयन प्रक्रिया, पात्रता तथा गंतव्य देश के वीज़ा एवं आव्रजन नियमों को पूरा करने पर निर्भर करती है।
नहीं। प्रशिक्षण पूरा करने के बाद अभ्यर्थियों को भाषा एवं कौशल मूल्यांकन, साक्षात्कार तथा संबंधित देश की आवश्यक औपचारिकताएं पूरी करनी होती हैं।
हाँ। जिस देश और नौकरी के लिए भाषा प्रशिक्षण आवश्यक होगा, उस स्थिति में अभ्यर्थी को निर्धारित भाषा प्रशिक्षण एवं मूल्यांकन पूरा करना होगा।
इस योजना का लक्ष्य वर्ष 2030 तक उत्तराखंड के 50,000 युवाओं को कौशल विकास, भाषा प्रशिक्षण और प्लेसमेंट सहयोग के माध्यम से विदेशों में रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना है।
अगर योजनाओं के बारे में आपका कोई सवाल है, तो उसे योजना के फोरम में सबमिट करें और जवाब पाएँ:
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- सवाल पूछें: अगर आपके मन में योजना से जुड़ा कोई सवाल है या आप इस विषय के किसी पहलू के बारे में और जानकारी चाहते हैं।
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