- बिहार शताब्दी कुष्ठ कल्याण योजना के तहत ₹1,500 प्रति माह की आर्थिक सहायता दी जाती है।
- योजना दृश्य विकृति ग्रेड-II (Visible Deformities Grade-II) वाले कुष्ठ रोगियों के लिए है।
- बिहार ई-सुविधा पोर्टल का हेल्पलाइन नंबर :-18003456262
- बिहार ई-सुविधा पोर्टल का ई-मेल :- [email protected]
- समाज कल्याण विभाग ,बिहार का ई-मेल :-
योजना का अवलोकन | |
|---|---|
| योजना का नाम | बिहार शताब्दी कुष्ठ कल्याण योजना |
| लाभ | हर महीने ₹1,500 की आर्थिक सहायता |
| लाभार्थी | दृश्य विकृति ग्रेड-II (Visible Deformities Grade-II) वाले कुष्ठ रोगी |
| नोडल एजेंसी | समाज कल्याण विभाग, बिहार सरकार |
| सब्सक्रिप्शन | योजना से जुड़े अपडेट पाने के लिए यहां सब्सक्राइब करें |
| आवेदन का तरीका | संबंधित प्रखंड कार्यालय के RTPS काउंटर पर निर्धारित फॉर्म के जरिए ऑफलाइन आवेदन |
योजना के बारे में
कुष्ठ रोग से प्रभावित लोगों के लिए आर्थिक मदद काफी जरूरी हो सकती है, खासकर तब जब शरीर पर दिखाई देने वाली विकृति के कारण उनके लिए रोजी-रोटी कमाना मुश्किल हो जाता है। बिहार शताब्दी कुष्ठ कल्याण योजना बिहार सरकार की एक कल्याणकारी योजना है, जिसके तहत दृश्य विकृति ग्रेड-II (Visible Deformities Grade-II) वाले पात्र कुष्ठ रोगियों को नियमित आर्थिक सहायता दी जाती है। इस योजना के तहत पात्र लाभार्थियों को हर महीने ₹1,500 दिए जाते हैं, ताकि वे अपने खाने-पीने और रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा कर सकें। इस योजना की पूरी राशि बिहार सरकार देती है और इसका संचालन समाज कल्याण विभाग, बिहार सरकार के सामाजिक सुरक्षा निदेशालय के माध्यम से किया जाता है।
यह योजना उन लोगों पर ध्यान देती है जिनके कुष्ठ रोग के कारण शरीर पर ग्रेड-II की दिखाई देने वाली विकृति हो गई है। योजना का उद्देश्य सिर्फ आर्थिक मदद देना ही नहीं है। आधिकारिक दिशानिर्देशों के अनुसार, यह सहायता उन कुष्ठ रोगियों के लिए भी है जो खुद कमाने में सक्षम नहीं हैं और जिन्हें दूसरों पर निर्भर रहना पड़ता है। इसका एक उद्देश्य उन्हें भीख मांगने पर निर्भर होने से बचाना और उन्हें सम्मान के साथ जीवन जीने में मदद करना है।
आधिकारिक दिशानिर्देशों के अनुसार, इस योजना के तहत हर पात्र कुष्ठ रोगी को ₹1,500 प्रति माह की सहायता दी जाती है। आवेदन करने के लिए निर्धारित फॉर्म को संबंधित प्रखंड कार्यालय के RTPS काउंटर पर जमा करना होता है। आवेदन और लाभार्थी के विवरण की आगे जांच और प्रक्रिया सामाजिक सुरक्षा व्यवस्था और e-Suvidha सिस्टम के जरिए की जाती है। जरूरी मंजूरी और प्रक्रिया पूरी होने के बाद सहायता राशि DBT के जरिए बैंक खाते में भेजी जाती है।
योजना में लाभार्थियों की निगरानी और शिकायतों के समाधान की भी व्यवस्था है। प्रखंड स्तर पर प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO) की निगरानी की भूमिका होती है। अगर किसी लाभार्थी को योजना से जुड़ी कोई समस्या या शिकायत है, तो वह संबंधित प्रखंड कार्यालय से संपर्क कर सकता है। जरूरत पड़ने पर शिकायत को अनुमंडल, जिला सामाजिक सुरक्षा सेल और सामाजिक सुरक्षा निदेशालय के स्तर तक आगे बढ़ाया जा सकता है।
अगर आप बिहार की दूसरी कल्याणकारी योजनाओं के बारे में भी जानना चाहते हैं, तो बिहार राज्य दिव्यांग पेंशन योजना की जानकारी भी देख सकते हैं। इस योजना के तहत पात्र दिव्यांगजनों को मिलने वाली आर्थिक सहायता के बारे में जानकारी दी गई है।

योजना के लाभ
बिहार शताब्दी कुष्ठ कल्याण योजना के तहत दृश्य विकृति ग्रेड-II वाले पात्र कुष्ठ रोगियों को हर महीने आर्थिक मदद दी जाती है। इस सहायता का उद्देश्य लाभार्थियों को खाने-पीने और रोजमर्रा की जरूरी जरूरतों को पूरा करने में मदद करना है।
- पात्र कुष्ठ रोगियों को हर महीने ₹1,500 की आर्थिक सहायता मिलती है।
- इस योजना का लाभ दृश्य विकृति ग्रेड-II (Visible Deformities Grade-II) वाले लाभार्थियों को दिया जाता है।
- मासिक सहायता से लाभार्थी अपने खाने-पीने और रोजमर्रा के खर्चों को पूरा करने में मदद पा सकते हैं।
- इस योजना की 100% राशि बिहार सरकार देती है। लाभार्थी को इस सहायता के लिए अपनी ओर से कोई राशि नहीं देनी होती है।
- जरूरी मंजूरी और प्रक्रिया पूरी होने के बाद सहायता राशि DBT के जरिए लाभार्थी के बैंक खाते में भेजी जाती है।
आसान भाषा में कहें तो इस योजना का मुख्य लाभ पात्र ग्रेड-II कुष्ठ रोगियों को हर महीने ₹1,500 की आर्थिक सहायता देना है, ताकि उन्हें अपनी रोजमर्रा की जरूरी जरूरतों को पूरा करने में कुछ आर्थिक सहारा मिल सके।
पात्रताएं
बिहार शताब्दी कुष्ठ कल्याण योजना उन कुष्ठ रोगियों के लिए है जिनके शरीर पर बीमारी के कारण दिखाई देने वाली विकृति हो गई है। आधिकारिक योजना दिशानिर्देशों के अनुसार, पात्रता के लिए मुख्य शर्तें इस प्रकार हैं:
- आवेदक कुष्ठ रोगी होना चाहिए और उसमें दृश्य विकृति ग्रेड-II (Visible Deformities Grade-II) होनी चाहिए।
- ग्रेड-II का मतलब कुष्ठ रोग के कारण शरीर पर दिखाई देने वाली विकृति से है, जिसे संबंधित चिकित्सा/दिव्यांगता ग्रेडिंग के तहत माना जाता है।
- योजना का लाभ लेने के लिए आवेदक को निर्धारित आवेदन प्रक्रिया पूरी करनी होगी।
आधिकारिक योजना दिशानिर्देशों में अलग से कोई उम्र सीमा, आय सीमा या BPL की अनिवार्यता पात्रता शर्त के रूप में नहीं बताई गई है। इसलिए, जब तक सरकार की ओर से कोई नया नोटिफिकेशन जारी न हो, इन शर्तों को अनिवार्य नहीं माना जाना चाहिए।
आवश्यक दस्तावेज
आवेदन करने से पहले आवेदक को जरूरी दस्तावेज और जानकारी तैयार रखनी चाहिए। आधिकारिक योजना दिशानिर्देशों में निर्धारित आवेदन फॉर्म जमा करने की बात कही गई है। वहीं, e-Suvidha प्रक्रिया में लाभार्थी की पहचान, बैंक खाते और अन्य जरूरी दस्तावेजों की जानकारी का इस्तेमाल पंजीकरण और भुगतान के लिए किया जाता है।
- योजना के लिए निर्धारित आवेदन फॉर्म
- कुष्ठ रोग के कारण हुई ग्रेड-II दृश्य विकृति से जुड़ी जानकारी या प्रमाण, जैसा कि सत्यापन के समय जरूरी हो
- आधार या UID की जानकारी
- DBT के जरिए सहायता राशि पाने के लिए बैंक खाते की जानकारी
- बैंक खाते का IFSC कोड
- मोबाइल नंबर
- लाभार्थी के पंजीकरण या मंजूरी के लिए जरूरी अन्य दस्तावेज, जहां लागू हो
दस्तावेजों की सही सूची वर्तमान प्रक्रिया के अनुसार अलग हो सकती है। इसलिए आवेदन जमा करने से पहले संबंधित प्रखंड के RTPS काउंटर से जरूरी दस्तावेजों की जानकारी जरूर ले लें।
आवेदन कैसे करें
बिहार शताब्दी कुष्ठ कल्याण योजना के लिए आवेदन की प्रक्रिया प्रखंड स्तर से शुरू होती है। आधिकारिक योजना दिशानिर्देशों के अनुसार, निर्धारित आवेदन फॉर्म संबंधित प्रखंड कार्यालय के RTPS काउंटर पर जमा करना होता है। इसलिए आवेदक को योजना के लिए ऑफलाइन आवेदन प्रक्रिया का पालन करना चाहिए।
- सबसे पहले संबंधित प्रखंड कार्यालय के RTPS काउंटर पर जाएं और बिहार शताब्दी कुष्ठ कल्याण योजना का निर्धारित आवेदन फॉर्म मांगें।
- आवेदन फॉर्म में लाभार्थी की सही व्यक्तिगत, मोबाइल और बैंक खाते से जुड़ी जानकारी भरें।
- पात्रता की जांच के लिए जरूरी दस्तावेज और जानकारी, खासकर ग्रेड-II दृश्य विकृति से संबंधित जानकारी, फॉर्म के साथ लगाएं।
- भरा हुआ आवेदन फॉर्म और जरूरी दस्तावेज उसी RTPS काउंटर पर जमा करें।
- आवेदन जमा करने के बाद अगर कोई रसीद या पावती दी जाती है, तो उसे संभालकर रखें। यह आगे आवेदन की जानकारी लेने में काम आ सकती है।
- आवेदन जमा होने के बाद लाभार्थी की जानकारी की जरूरी जांच और सत्यापन किया जाता है। इसके बाद लाभार्थी का रिकॉर्ड बिहार समाज कल्याण विभाग के e-Suvidha सिस्टम में आगे की प्रक्रिया के लिए लिया जाता है।
- लाभार्थी की मंजूरी और भुगतान की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ₹1,500 की मासिक सहायता DBT के जरिए बैंक खाते में भेजी जाती है।
भुगतान की स्थिति कैसे चेक करें
लाभार्थी बिहार शताब्दी कुष्ठ कल्याण योजना की भुगतान स्थिति बिहार के e-Suvidha पोर्टल पर उपलब्ध BSKKY सुविधा के जरिए ऑनलाइन चेक कर सकते हैं। इसके लिए पोर्टल पर मांगी गई जानकारी दर्ज करके भुगतान की स्थिति देखी जा सकती है।
- सबसे पहले बिहार e-Suvidha पोर्टल के आधिकारिक BSKKY Beneficiary Payment Status पेज पर जाएं।
- दिए गए विकल्पों में से अपना जिला चुनें।
- इसके बाद संबंधित प्रखंड चुनें।
- पेज पर मांगी गई जानकारी के अनुसार Beneficiary ID या Account Number दर्ज करें।
- जानकारी जमा करें और स्क्रीन पर दिखाई देने वाली Payment Status देखें।
अगर भुगतान की जानकारी दिखाई नहीं दे रही है या लाभार्थी के रिकॉर्ड में कोई समस्या है, तो सत्यापन के लिए संबंधित प्रखंड कार्यालय या जिला सामाजिक सुरक्षा सेल से संपर्क करें।
महत्वपूर्ण लिंक
- बिहार सरकार का समाज कल्याण विभाग
- बिहार ई-सुविधा पोर्टल
- बिहार शताब्दी कुष्ठ कल्याण योजना ई-सुविधा यूजर मैनुअल
- बिहार शताब्दी कुष्ठ कल्याण योजना लाभार्थी भुगतान स्थिति
संपर्क जानकारी
बिहार शताब्दी कुष्ठ कल्याण योजना से जुड़ी सहायता के लिए आवेदक सबसे पहले अपने संबंधित प्रखंड कार्यालय या जिला सामाजिक सुरक्षा प्रकोष्ठ के सहायक निदेशक से संपर्क कर सकते हैं। राज्य स्तर की जानकारी के लिए समाज कल्याण विभाग के अंतर्गत सामाजिक सुरक्षा निदेशालय से संपर्क किया जा सकता है।
सामाजिक सुरक्षा निदेशालय, समाज कल्याण विभाग, बिहार सरकार
- फोन: 0612-2280373 / 0612-2280372
- ईमेल: [email protected]
- पता: समाज कल्याण विभाग, एनेक्स बिल्डिंग-4, बिहार, पटना – 800015
कार्यालय जाने से पहले समाज कल्याण विभाग के आधिकारिक संपर्क पेज पर नवीनतम जानकारी जरूर जांच लें, क्योंकि अधिकारियों के पद और संपर्क विवरण समय-समय पर बदल सकते हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
बिहार शताब्दी कुष्ठ कल्याण योजना बिहार सरकार की एक सामाजिक सुरक्षा योजना है, जिसके तहत पात्र ग्रेड-II दृश्य विकृति वाले कुष्ठ रोगियों को ₹1,500 प्रति माह आर्थिक सहायता दी जाती है।
पात्र लाभार्थियों को ₹1,500 प्रति माह की आर्थिक सहायता मिलती है।
इस योजना का लाभ Visible Deformities Grade-II वाले पात्र कुष्ठ रोगियों को दिया जाता है।
उपलब्ध आधिकारिक योजना दिशानिर्देश में अलग से कोई आय सीमा पात्रता शर्त के रूप में निर्दिष्ट नहीं है।
उपलब्ध आधिकारिक योजना दिशानिर्देश में BPL होना अलग से अनिवार्य पात्रता शर्त के रूप में निर्दिष्ट नहीं है।
आवेदक को निर्धारित आवेदन फॉर्म संबंधित प्रखंड कार्यालय के RTPS काउंटर पर जमा करना होता है। आवेदन के बाद पात्रता और लाभार्थी विवरण का सत्यापन किया जाता है।
स्वीकृत लाभार्थी को सहायता राशि DBT के माध्यम से बैंक खाते में भेजी जाती है।
आधिकारिक योजना दिशानिर्देश में आवेदन के लिए प्रखंड स्तर के RTPS काउंटर का उल्लेख है। उपलब्ध आधिकारिक सामग्री से अलग BSKKY-specific ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया की पुष्टि नहीं होती।
लाभार्थी बिहार सरकार के e-Suvidha पोर्टल पर BSKKY Beneficiary Status सुविधा के माध्यम से जिला, प्रखंड और Beneficiary ID या बैंक खाता संख्या जैसी जानकारी से भुगतान स्थिति देख सकते हैं।
यह योजना समाज कल्याण विभाग, बिहार सरकार के अंतर्गत सामाजिक सुरक्षा व्यवस्था के माध्यम से संचालित की जाती है।
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| जाति | लाभार्थी व्यक्ति का प्रकार | योजना का प्रकार | सरकार |
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टिप्पणियाँ
Need information regarding beneficiary after darth
To whom or which account the amount of kusth Kalyan yojna credited in account of the benificiary after his/her death will be returned? Whether nominee in that account will be rightful benifiary ??
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