- वृद्धाश्रम सहारा योजना शत-प्रतिशत राज्य स्कीम है और इसका वित्तीय प्रावधान राज्य योजना मद से किया जाता है।
- पात्र वृद्धजनों को वृद्धाश्रम में आवासन, भोजन, वस्त्र, चिकित्सा और मनोरंजन जैसी सुविधाएँ उपलब्ध कराई जाती हैं।
- शारीरिक रूप से सक्षम वृद्धजनों के लिए रोजगारोन्मुखी प्रशिक्षण की व्यवस्था का प्रावधान है।
- बिहार समाज कल्याण विभाग सम्पर्क विवरण।
- बिहार सामाजिक सुरक्षा निदेशालय हेल्पलाइन नंबर : 0612-2280373
- बिहार सामाजिक सुरक्षा निदेशालय हेल्पडेस्क ईमेल :[email protected]
योजना का अवलोकन | |
|---|---|
| योजना का नाम | बिहार वृद्धाश्रम सहारा योजना |
| लाभ | निःशुल्क आश्रय और आवश्यक सुविधाएँ |
| लाभार्थी | निराश्रित एवं निर्धन वृद्धजन |
| नोडल विभाग | बिहार समाज कल्याण विभाग |
| सब्सक्रिप्शन | योजना की निरंतर जानकारी के लिए यहाँ सब्सक्राइब करे। |
| आवेदन का तरीका | ऑफलाइन |
योजना के बारे में
बिहार सरकार के समाज कल्याण विभाग के अंतर्गत संचालित वृद्धाश्रम सहारा योजना का उद्देश्य निराश्रित एवं निर्धन वृद्धजनों को सुरक्षित आश्रय, आवश्यक देखभाल और बुनियादी सुविधाएँ उपलब्ध कराना है। इस योजना के तहत वृद्धाश्रम "सहारा" के निर्माण एवं संचालन का प्रावधान किया गया है, जहाँ पात्र वृद्धजनों को निःशुल्क आवासन की सुविधा उपलब्ध कराने के साथ उनके दैनिक जीवन की आवश्यकताओं का ध्यान रखने की व्यवस्था की गई है। योजना के तहत वृद्धाश्रम में रहने वाले वृद्धजनों को भोजन, वस्त्र और चिकित्सकीय सुविधाएँ उपलब्ध कराने का प्रावधान है, ताकि आर्थिक या सामाजिक रूप से असहाय वृद्धजनों को सुरक्षित वातावरण में आवश्यक सहायता मिल सके।
वृद्धाश्रम सहारा योजना के अंतर्गत वृद्धाश्रम में केवल रहने की व्यवस्था तक सीमित सुविधाएँ नहीं रखी गई हैं, बल्कि वृद्धजनों की शारीरिक और सामाजिक जरूरतों को ध्यान में रखते हुए मनोरंजन की सुविधा भी शामिल की गई है। इसके अलावा, जो वृद्धजन शारीरिक रूप से सक्षम हैं, उनके लिए रोजगारोन्मुखी प्रशिक्षण की व्यवस्था का प्रावधान किया गया है। इसका लक्ष्य सक्षम वृद्धजनों को उनकी क्षमता के अनुसार उपयोगी गतिविधियों से जोड़ना है। इस प्रकार, योजना की व्यवस्था वृद्धजनों को आश्रय देने के साथ-साथ उनके स्वास्थ्य, दैनिक आवश्यकताओं और सामाजिक जीवन से जुड़ी जरूरतों को ध्यान में रखती है।
इस योजना की पात्रता मुख्य रूप से 60 वर्ष या उससे अधिक आयु के निराश्रित एवं निर्धन वृद्धजनों से संबंधित है। आर्थिक स्थिति के संबंध में दस्तावेज में BPL परिवार अथवा ₹60,000 से कम आय का प्रावधान दिया गया है। वृद्धाश्रम सहारा योजना शत-प्रतिशत राज्य योजना के रूप में संचालित की गई है और इसके अंतर्गत सहायता का स्वरूप वृद्धाश्रम में उपलब्ध कराई जाने वाली सुविधाओं के रूप में है। यह किसी निश्चित मासिक पेंशन या नकद सहायता की योजना नहीं है। इसलिए इसे बिहार की वृद्धावस्था पेंशन अथवा अन्य सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं से अलग समझना आवश्यक है।
बिहार वृद्धाश्रम सहारा योजना के उपलब्ध आधिकारिक प्रावधानों के अनुसार, आवेदन सादे कागज पर जिला सामाजिक सुरक्षा कोषांग में प्रस्तुत करने की व्यवस्था है, जिसके बाद निर्धारित समिति द्वारा आवेदन पर विचार किया जाता है। हालांकि आश्रय की उपलब्धता से संबंधित जानकारी संबंधित जिला स्तर से भी प्राप्त की जा सकती है।
वृद्धाश्रम सहारा योजना मुख्य रूप से निराश्रित एवं निर्धन वृद्धजनों को आवास, भोजन, वस्त्र, चिकित्सा एवं देखभाल जैसी सुविधाएँ प्रदान करती है। इसके पूरक के रूप में समाज कल्याण विभाग की अन्य सामाजिक सुरक्षा योजनाएँ भी सक्रिय हैं, जिनके लाभ एवं पात्रता अलग-अलग हैं। इनमें बिहार राज्य नि:शक्तता पेंशन योजना (40% या अधिक दिव्यांगता वाले व्यक्तियों के लिए मासिक पेंशन), मुख्यमंत्री वृद्धजन पेंशन योजना (60 वर्ष या उससे अधिक आयु के सभी आय वर्ग के वृद्धजनों को मासिक पेंशन) तथा बिहार शताब्दी एड्स पीड़ित कल्याण योजना (18 वर्ष या उससे अधिक आयु के एड्स पीड़ितों को मासिक सहायता) शामिल हैं। ये योजनाएँ आर्थिक सहायता पर केंद्रित हैं, जबकि वृद्धाश्रम सहारा आश्रय एवं देखभाल पर आधारित है।

योजना के लाभ
बिहार वृद्धाश्रम सहारा योजना के अंतर्गत पात्र लाभार्थी को निम्नलिखित लाभ प्रदान किए जाते हैं।
- योजना के तहत पात्र निराश्रित एवं निर्धन वृद्धजनों को निःशुल्क रहने और आश्रय की सुविधा उपलब्ध कराई जाती है।
- वृद्धजनों को आश्रय स्थल पर भोजन की सुविधा प्रदान की जाती है।
- योजना के अंतर्गत रहने वाले वृद्धजनों के लिए वस्त्र की व्यवस्था की जाती है।
- वृद्धजनों को आवश्यकतानुसार चिकित्सकीय सुविधाएँ और स्वास्थ्य देखभाल उपलब्ध कराने का प्रावधान है।
- आश्रय स्थल में रहने वाले वृद्धजनों के लिए मनोरंजन की सुविधाएँ उपलब्ध कराई जाती हैं।
- वृद्धजनों को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से रोजगारोन्मुखी प्रशिक्षण उपलब्ध कराने का प्रावधान है।
- योजना के अंतर्गत वृद्धजन की योग्यता अनुसार अगरबत्ती बनना/ मोमबत्ती बनना/ हस्तशिल्प कार्य जैसे सिलाई,चटाई बुनना/ उपला बनना/ आदि में प्रशिक्षण दिया जाएगा।
- वृद्धाश्रम सहारा योजना योजना का उद्देश्य निराश्रित एवं निर्धन वृद्धजनों को सुरक्षित वातावरण और आवश्यक देखभाल उपलब्ध कराकर उनके जीवन स्तर में सुधार करना है।
पात्रताएं
योजना में आवेदन के लिए आवेदक को इसकी निर्धारित पात्रताओं को पूरा करना आवश्यक है।
- आवेदक बिहार का मूल निवासी होना चाहिए।
- आवेदक की आयु 60 वर्ष या उससे अधिक होनी चाहिए।
- आवेदक की वार्षिक आय 60,000/-रुपए प्रति वर्ष से अधिक नहीं होनी चाहिए।
- आवेदक जो बी.पी.एल परिवार के अंतर्गत आते है वह भी योजना के लिए पात्र है।
- योजना के अंतर्गत निम्नलिखित वृद्धजन पात्र होंगे :-
- बिलकुल निराश्रित हो।
- आय या आजीविका का कोई साधन ना हो।
- परिवार का कोई उत्तराधिकारी/ रिश्तेदार नहीं हो।
आवश्यक दस्तावेज
बिहार वृद्धाश्रम सहारा योजना का लाभ लेने के लिए निम्नलिखित दस्तावेज होने आवश्यक है :-
- बिहार में निवास का प्रमाण/ स्थाई प्रमाण पत्र
- आधार कार्ड
- आयु प्रमाण पत्र
- आय प्रमाण प
- बी.पी.एल प्रमाण पत्र। (अगर संबंधित हो)
- आवेदक की पासपोर्ट साइज फोटो
- मोबाइल नंबर
आवेदन प्रक्रिया
वृद्धाश्रम सहारा योजना में आवेदन की प्रक्रिया सरल और ऑफलाइन रखी गई है, ताकि कोई भी जरूरतमंद बुजुर्ग बिना तकनीकी झंझट के योजना से जुड़ सके। आवेदन की प्रक्रिया इन चरणों में पूरी होती है:
- आवेदक सादे कागज पर आवेदन पत्र के माध्यम से जिला सामाजिक सुरक्षा प्रकोष्ठ में आवेदन कर सकते हैं।
- आवेदन जिला सामाजिक सुरक्षा प्रकोष्ठ में जमा होने के पश्चात आधिकारिक प्रावधान के अनुसार जिला पदाधिकारी की अध्यक्षता में गठित समिति के समक्ष रखा जाता है।
- यही समिति पात्र वृद्धजनों को वृद्धाश्रम में स्थान देने की स्वीकृति देती है।
- अनुमोदन के बाद पात्र वृद्धजन को उपलब्ध वृद्धाश्रम में आवासन दिया जा सकता है और योजना के अंतर्गत निर्धारित सुविधाएँ उपलब्ध कराई जाती हैं।
शिकायत निवारण प्रक्रिया
वृद्धाश्रम (सहारा) के आधिकारिक योजना दस्तावेज में शिकायत निवारण का भी उल्लेख है। इसके अनुसार:
- अनुमंडल स्तर: लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी के कार्यालय में शिकायत/अपील की जा सकती है।
- जिला स्तर: जिला लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी के कार्यालय में शिकायत की जा सकती है।
- जिला स्तर पर अन्य माध्यम: जिला पदाधिकारी के कार्यालय में भी शिकायत दर्ज करने का प्रावधान है।
- राज्य स्तर: निदेशक, सामाजिक सुरक्षा निदेशालय तथा समाज कल्याण विभाग के संबंधित उच्च अधिकारियों के कार्यालय में शिकायत दर्ज की जा सकती है।
वृद्धाश्रम
योजना के अंतर्गत पात्र लाभार्थी निम्लिखित वृद्धाश्र में सुविधा प्राप्त कर सकते है।
| जिले का नाम | वृद्धाश्रम का नाम | मोबाइल नंबर | पता |
|---|---|---|---|
| पूर्णियाँ | मिली एजुकेशन एंड वेलफेयर सोसाइटी | 9431478629. | मिली एजुकेशन एंड वेलफेयर सोसाइटी नेवालाल चौक , शिव मंदिर के समने, जिला पूर्णियाँ |
| पटना | सर्वगीन विकास समिति मंगलम बिहार | 9334397067. 8292705636. | सर्वगीन विकास समिति मंगलम बिहार निकट टाटा मोटर वर्कशॉप,आरा गार्डन, बेली रोड, पटना 800014 |
| गया | इकोभिक इन्भारमेंट कन्सल्टेन्सी विकास सेन्टर | 9431021070. | इकोभिक इन्भारमेंट कन्सल्टेन्सी विकास सेन्टर मगध कॉलोनी,रोड नं० -5, जिला गया। |
| भागलपुर | उमंग बाल विकास | उमंग बाल विकास , बसंतपुर, गोराड़ी रोड, थाना- लोदीपुर, जिला भागलपुर। | |
| रोहतास | नर्मदा वृद्धाश्रम "सहारा" | 7992260252. | नर्मदा वृद्धाश्रम "सहारा" , खेरी, बभनगामा,सासाराम। |
| पश्चिम चम्पारण | दारोगा प्रसाद राय महिला प्रशिक्षण एवं आद्योगिक केंद्र | दारोगा प्रसाद राय महिला प्रशिक्षण एवं आद्योगिक केंद्र कोइरी टोल,मोहर्रम चौक, (BSNL कार्यालय के समने पूरब) |
महत्वपूर्ण लिंक
संपर्क जानकारी
- बिहार समाज कल्याण विभाग सम्पर्क विवरण।
- बिहार सामाजिक सुरक्षा निदेशालय हेल्पलाइन नंबर :-0612-2280373
- बिहार सामाजिक सुरक्षा निदेशालय हेल्पडेस्क ईमेल :[email protected]
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
यह बिहार सरकार के समाज कल्याण विभाग से संबंधित योजना है, जिसके तहत निराश्रित एवं निर्धन वृद्धजनों के लिए वृद्धाश्रमों में आवश्यक सुविधाएँ उपलब्ध कराने का प्रावधान है।
60 वर्ष या उससे अधिक आयु के ऐसे वृद्धजन, जो BPL परिवार से हों या जिनकी आय ₹60,000 से कम हो, योजना के लिए पात्र हो सकते हैं।
आवासन, भोजन, वस्त्र, चिकित्सा, मनोरंजन और सक्षम वृद्धजनों के लिए रोजगारोन्मुखी प्रशिक्षण जैसी सुविधाओं का प्रावधान है।
योजना के अंतर्गत उपलब्ध सुविधाएँ पूरी तरह निःशुल्क होती है।
आवेदन सादे कागज पर संबंधित जिला सामाजिक सुरक्षा कोषांग में किया जाता है।
जिला पदाधिकारी की अध्यक्षता में गठित समिति आवेदन पर निर्णय करती है।
योजना विवरण में आवेदन की किसी निश्चित अंतिम तिथि का उल्लेख नहीं है। वर्तमान आवेदन व्यवस्था के लिए जिला सामाजिक सुरक्षा कोषांग से जानकारी लेना उचित है।
शिकायत अनुमंडल स्तर पर लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी, जिला स्तर पर जिला लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी तथा संबंधित राज्य स्तरीय सामाजिक सुरक्षा अधिकारियों के समक्ष की जा सकती है।
योजना से संबंधित विभाग समाज कल्याण विभाग, बिहार सरकार है।
आधिकारिक स्रोतों में केवल आवास, भोजन, वस्त्र, चिकित्सा आदि सुविधाओं का उल्लेख है; नकद DBT सत्यापित नहीं है।
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| जाति | लाभार्थी व्यक्ति का प्रकार | सरकार |
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