- बेटी के जन्म से स्नातक तक विभिन्न चरणों में चरणबद्ध आर्थिक सहायता का लाभ मिलता है।
- जन्म, आधार पंजीकरण और पूर्ण टीकाकरण के बाद शुरुआती वर्षों में कुल ₹5,000 तक की सहायता दी जाती है।
- योजना के तहत मैट्रिक, इंटरमीडिएट और स्नातक उत्तीर्ण करने पर अलग-अलग प्रोत्साहन राशि का प्रावधान है।
- महिला विकास निगम, बिहार हेल्पलाइन नंबर :-
- 0612-2506068
- 0612-2506078
- महिला विकास निगम, बिहार हेल्पलाइन ईमेल :-
योजना का अवलोकन | |
|---|---|
| योजना का नाम | बिहार मुख्यमंत्री कन्या उत्थान योजना |
| शुरू होने का वर्ष | वर्ष 2018 |
| लाभ | जन्म से स्नातक तक आर्थिक सहायता |
| लाभार्थी | बिहार की बालिकाएं (अधिकतम दो) |
| नोडल विभाग | महिला विकास निगम, बिहार |
| सब्सक्रिप्शन | योजना की निरंतर जानकारी के लिए यहाँ सब्सक्राइब करे। |
| आवेदन का तरीका | ऑफलाइन एवं ऑनलाइन |
योजना के बारे में
बिहार मुख्यमंत्री कन्या उत्थान योजना बिहार सरकार की सबसे बड़ी बालिका कल्याणकारी योजनाओं में से एक है, जिसमें बेटी को जन्म के दिन से लेकर स्नातक पूरा करने तक हर पड़ाव पर सहारा देती है। सरकार इस योजना में पूरी राशि एक साथ नहीं देती, बल्कि बेटी के बड़े होने के साथ-साथ चरणबद्ध तरीके से सहायता जारी करती है। इसी वजह से परिवार को बेटी के जन्म पर, उसके टीकाकरण के समय, स्कूल के वर्षों में और फिर बोर्ड तथा विश्वविद्यालय की परीक्षा पास करने पर लगातार आर्थिक मदद मिलती रहती है। यही बात इस योजना को एक सामान्य छात्रवृत्ति से अलग बनाती है।
बिहार सरकार इस योजना को एक स्पष्ट सामाजिक उद्देश्य के साथ चलाती है। योजना कन्या भ्रूण हत्या रोकने, बेटी के जन्म को प्रोत्साहित करने, जन्म निबंधन कराने, दो वर्ष तक की बालिकाओं का सम्पूर्ण टीकाकरण कराने, राज्य के लिंगानुपात में सुधार लाने, बालिका शिशु मृत्यु दर घटाने, बालिका शिक्षा को बढ़ावा देने, बाल विवाह पर अंकुश लगाने, कुल प्रजनन दर कम करने और बालिकाओं को आत्मनिर्भर बनाकर समाज की मुख्यधारा में लाने का काम करती है। इस योजना के अंतर्गत बेटी के जन्म पर माता के बैंक खाते में रु. 2,000 की राशि दी जाती है। बेटी के एक वर्ष पूरा करने और आधार पंजीकरण हो जाने के बाद उसी खाते में रु. 1,000 की राशि और भेजी जाती है। इसके बाद बेटी के दो वर्ष की आयु पर सम्पूर्ण टीकाकरण पूरा होने पर परिवार को रु. 2,000 की राशि और मिलती है। इस चरण के बाद बेटी को योजना के शिक्षा से जुड़े लाभ मिलते रहते हैं, जो कॉलेज स्तर तक जारी रहते हैं।
कन्या उत्थान योजना एक अम्ब्रेला योजना है, जिसके अंतर्गत सात उप-योजनाएँ चलती हैं और मिलकर बेटी को जन्म से डिग्री तक कवर करती हैं। मुख्यमंत्री कन्या सुरक्षा योजना जन्म के चरण को संभालती है, सम्पूर्ण टीकाकरण योजना दो वर्ष पर सम्पूर्ण टीकाकरण को, मुख्यमंत्री बालिका पोशाक योजना स्कूल पोशाक को और मुख्यमंत्री किशोरी स्वास्थ्य कार्यक्रम किशोरी बालिकाओं के स्वास्थ्य एवं स्वच्छता को। इसके आगे मुख्यमंत्री बालिका/बालक प्रोत्साहन योजना मैट्रिक उत्तीर्ण करने पर, मुख्यमंत्री बालिका इंटरमीडिएट प्रोत्साहन योजना इंटर उत्तीर्ण करने पर और मुख्यमंत्री बालिका स्नातक प्रोत्साहन योजना स्नातक उत्तीर्ण करने पर प्रोत्साहन राशि देती है। इसी वजह से बेटी को हर अगले पड़ाव पर एक ही योजना से लाभ मिलता रहता है, और यही बात इसे एक बार मिलने वाली छात्रवृत्ति से अलग करती है।
यह योजना बिहार में रहने वाले परिवारों की बेटियों के लिए है, और इसमें कहीं भी पारिवारिक आय की शर्त नहीं लगती। बेटी का जन्म निबंधन कराया होना अनिवार्य है, और एक परिवार अपनी दो बेटियों के लिए बाल अवस्था वाला लाभ ले सकता है। कन्या उत्थान योजना के तहत पूरी राशि डी.बी.टी. के माध्यम से सीधे बैंक खाते में पहुँचती है, इसलिए इसमें बिचौलियों की समस्या नहीं होती।
इस योजना के दोनों हिस्सों में आवेदन ऑनलाइन होता है। 0 से 2 वर्ष आयु वर्ग के लाभ के लिए परिवार आई.सी.डी.एस. पोर्टल पर आवेदन करता है, और आवेदन तभी मान्य होता है जब आवेदक दोबारा लॉगिन करके उसे फाइनलाइज़ करे। वहीं शिक्षा संबंधी प्रोत्साहन के लिए शिक्षा विभाग के मेधासॉफ्ट पोर्टल पर "मुख्यमंत्री कन्या उत्थान योजना" नाम विशेष रूप से +2 स्तर के लिंक के लिए इस्तेमाल होता है। जहाँ हर बोर्ड और विश्वविद्यालय परिणाम के बाद नई रजिस्ट्रेशन विंडो खुलती है।
पोशाक योजना और किशोरी स्वास्थ्य कार्यक्रम के लिए छात्रा को कोई अलग सार्वजनिक ऑनलाइन फॉर्म नहीं भरना पड़ता; ये लाभ विद्यालय के माध्यम से डी.बी.टी. से मिलते हैं। इस प्रकार एक बेटी को जीवन के विभिन्न चरणों में अलग-अलग आवेदनों की आवश्यकता होती है। आधिकारिक पोर्टल पर बैंक खाता आधार-सीडेड होना अनिवार्य है, अन्यथा भुगतान नहीं होगा। साथ ही फॉर्म में भरा गया हर विवरण बोर्ड की मार्कशीट से हूबहू मिलना चाहिए, वरना आवेदन सत्यापन में अटक जाता है।
योजना के लाभ
कन्या उत्थान योजना बेटी के जीवन के अलग-अलग पड़ावों पर राशि देती है, और हर पड़ाव को एक अलग विभाग संभालता है। योजना के तहत मिलने वाले लाभ निम्नलिखित हैं।
- जन्म पर: माता के बैंक खाते में रु. 2,000।
- एक वर्ष पूरा होने पर: आधार पंजीकरण के बाद उसी खाते में रु. 1,000।
- दो वर्ष पर सम्पूर्ण टीकाकरण पर: डी.बी.टी. के माध्यम से रु. 2,000।
- स्कूल के वर्षों में: स्कूल पोशाक तथा किशोरी बालिकाओं की स्वास्थ्य एवं स्वच्छता संबंधी सहायता।
- मैट्रिक, इंटर और स्नातक के बाद: प्रोत्साहन राशि, जो सीधे छात्रा के अपने बैंक खाते में जाती है।
- भुगतान का माध्यम: पूरी राशि सीधे बैंक खाते में पहुँचती है, किसी भी चरण पर कोई बिचौलिया नहीं रहता।
- कोई आय सीमा नहीं: योजना में पारिवारिक आय की कोई शर्त नहीं है।
पात्रताएं
पात्रता इस बात पर निर्भर करती है कि लाभ किस चरण का लिया जा रहा है। नीचे दी गई शर्तें बाल अवस्था के लाभ और शिक्षा स्तर के प्रोत्साहन दोनों को कवर करती हैं।
- लाभ बिहार में रहने वाले परिवारों की बेटियों को मिलता है।
- बेटी का जन्म निबंधन विधिवत कराया गया हो।
- एक परिवार अपनी दो बेटियों के लिए बाल अवस्था वाला लाभ ले सकता है।
- पहली किस्त रु. 2,000 की 0 से 1 वर्ष आयु वर्ग की बेटी के लिए और दूसरी किस्त रु. 1,000 की 1 से 2 वर्ष आयु वर्ग के लिए होती है।
- टीकाकरण वाले लाभ के लिए बेटी का दो वर्ष की आयु तक सम्पूर्ण टीकाकरण पूरा होना चाहिए।
- बाल अवस्था के लाभ के लिए बैंक खाता माता के नाम से और बिहार स्थित बैंक में होना चाहिए। माता के न रहने पर पिता का आधार और बैंक खाता लिया जाते हैं।
- शिक्षा स्तर के प्रोत्साहन के लिए छात्रा ने संबंधित परीक्षा उत्तीर्ण की हो और उसके अपने नाम का आधार-सीडेड बैंक खाता हो।
- किसी भी चरण पर पारिवारिक आय की सीमा लागू नहीं होती।
आवश्यक दस्तावेज
ऑनलाइन फॉर्म में कुछ ही विवरण और अपलोड माँगे जाते हैं, लेकिन सारे विवरण आपस में हूबहू मिलने चाहिए। दोनों चरणों की आवश्यकताएँ अलग हैं, इसलिए अपनी स्थिति के अनुसार सूची देखें।
0 से 2 वर्ष आयु वर्ग के लिए
आई.सी.डी.एस. का ऑनलाइन फॉर्म माता का विवरण और दो अपलोड निर्धारित आकार तथा फॉर्मेट में माँगता है।
- आधार कार्ड
- निवास प्रमाण पत्र
- बालिका का जन्म प्रमाण पत्र
- राशन कार्ड
- बी.पी.एल. प्रमाण पत्र
- चालू मोबाइल नंबर
- टीकाकरण कार्ड
- माता के साथ बच्ची का फोटो
- माता/पिता का पहचान पत्र
छात्राओं के लिए
मेधासॉफ्ट का फॉर्म बोर्ड या विश्वविद्यालय के रिकॉर्ड पर चलता है, इसलिए फॉर्म भरते समय मार्कशीट पास रखें।
- उत्तीर्ण परीक्षा की मार्कशीट या प्रमाण पत्र
- उसी परीक्षा का रजिस्ट्रेशन नंबर और रोल नंबर
- छात्रा का आधार नंबर
- छात्रा के अपने नाम का बैंक पासबुक
- चालू मोबाइल नंबर और ईमेल आई.डी.
आवेदन कैसे करें?
योजना में आवेदन के दो अलग ऑनलाइन रास्ते हैं, और परिवार को कौन-सा रास्ता अपनाना है यह बेटी की उम्र पर निर्भर करता है। 0 से 2 वर्ष वाला लाभ आई.सी.डी.एस. पोर्टल से मिलता है, जबकि शिक्षा से जुड़ा प्रोत्साहन मेधासॉफ्ट पोर्टल से। वही प्रक्रिया अपनाएँ जो आपके लाभ से मेल खाती हो।
आई.सी.डी.एस. पोर्टल से आवेदन (0 से 2 वर्ष आयु वर्ग)
यह प्रक्रिया जन्म पर और एक वर्ष पूरा होने पर मिलने वाले लाभ के लिए है। इसमें अंतिम चरण सबसे महत्वपूर्ण है, क्योंकि जो आवेदन फाइनलाइज़ नहीं होता उसे जमा ही नहीं माना जाता।
- सबसे पहले आई.सी.डी.एस. पोर्टल खोलें।
- होम पेज पर कन्या उत्थान योजना के अंतर्गत नए आवेदन वाले विकल्प पर क्लिक करें, जिससे आवेदन फॉर्म खुलेगा।
- वित्तीय वर्ष चुनें और 0 से 1 वर्ष या 1 से 2 वर्ष आयु वर्ग वाली योजना का चयन करें।
- माता का आधार नंबर, आधार पर अंकित नाम, जन्म तिथि और मोबाइल नंबर हूबहू वैसे ही दर्ज करें जैसे आधार कार्ड पर हैं।
- कन्या शिशु का नाम और पिता का नाम अंग्रेजी तथा हिंदी दोनों में भरें।
- जिला, परियोजना, क्षेत्र का प्रकार, पंचायत, गाँव, वार्ड और आंगनबाड़ी केंद्र कोड का चयन करें।
- श्रेणी का चयन करें और बैंक खाता संख्या, आई.एफ.एस.सी. कोड तथा बैंक का नाम भरें।
- बैंक खाते में दर्ज माता का नाम अलग से भरें, यह खाते के रिकॉर्ड से मेल खाना चाहिए।
- जन्म प्रमाण पत्र और माता के साथ बच्ची का फोटो अपलोड करें।
- फॉर्म सबमिट करें और पोर्टल द्वारा बनाए गए लॉगिन विवरण सुरक्षित रख लें।
- अब उन्हीं विवरणों से पोर्टल पर दोबारा लॉगिन करें और फाइनलाइज़ वाले विकल्प पर क्लिक करें।
- फाइनलाइज़ किए गए आवेदन का प्रिंट भविष्य के लिए सुरक्षित रख लें।
मेधासॉफ्ट पोर्टल से आवेदन (छात्राओं के लिए)
यह प्रक्रिया मैट्रिक, इंटरमीडिएट और स्नातक उत्तीर्ण करने के बाद मिलने वाले प्रोत्साहन के लिए है। विभाग परिणाम आने के बाद रजिस्ट्रेशन विंडो खोलता है, इसलिए उसी अवधि में आवेदन कर लें।
- सबसे पहले मेधासॉफ्ट पोर्टल खोलें, जिससे आप मुख्यमंत्री कन्या उत्थान योजना पोर्टल पर पहुँच जाएँगे।
- अब पोर्टल पर नीचे दिए गए Students Click Here To Apply के लिंक पर क्लिक करें।
- रजिस्ट्रेशन शुरू करने से पहले सभी दिशा-निर्देश ध्यान से पढ़ लें।
- सभी आवश्यक घोषणा वाले बॉक्स पर टिक लगाएँ और Continue बटन पर क्लिक करें।
- पंजीकरण के लिए रजिस्ट्रेशन नंबर, जन्म तिथि और मोबाइल नंबर दर्ज करें।
- मोबाइल पर आए ओ.टी.पी. या वेरिफिकेशन कोड डालकर Proceed करें।
- अब आवेदन फॉर्म में जिला, विद्यालय या कॉलेज का नाम, विद्यार्थी का नाम, पिता और माता का नाम, कुल प्राप्तांक, श्रेणी, डिवीजन, रोल नंबर, वैवाहिक स्थिति, ईमेल, लिंग और आधार संख्या आदि जानकारी सही से भरें।
- Terms and Conditions स्वीकार करें और Validate and Preview बटन पर क्लिक करें।
- अब माँगे गए आवश्यक दस्तावेज अपलोड करें। दस्तावेज स्पष्ट और निर्धारित आकार में होने चाहिए।
- कैप्चा कोड दर्ज करके Register या Submit बटन पर क्लिक करें, सफल होने पर पंजीकरण पूरा हो जाएगा।
- भविष्य के लिए आवेदन की कॉपी सेव या प्रिंट कर लें।
सहायता कहाँ से लें
जो आवेदक खुद फॉर्म नहीं भर पाते, वे कुछ जगहों से मदद ले सकते हैं। सही जगह इस बात पर निर्भर करती है कि लाभ किस चरण का है।
- नजदीकी आंगनबाड़ी केंद्र, जहाँ आंगनबाड़ी सेविका 0 से 2 वर्ष वाली ऑनलाइन प्रविष्टि में परिवारों की मदद करती हैं।
- प्रखंड का बाल विकास परियोजना कार्यालय, केंद्र पर की गई प्रविष्टि से जुड़े सवालों के लिए।
- प्रखंड या पंचायत का कॉमन सर्विस सेंटर, दोनों में से किसी भी ऑनलाइन फॉर्म में मदद के लिए।
- विद्यालय या कॉलेज का कार्यालय, छात्राओं के प्रोत्साहन से जुड़े सवालों के लिए।
- शिक्षा विभाग का डी.बी.टी. कोषांग, मेधासॉफ्ट पोर्टल पर चल रही किसी भी योजना से जुड़ी जानकारी के लिए।
आवेदन अटकने के मुख्य कारण
ज्यादातर आवेदन पात्रता की वजह से नहीं, बल्कि विवरण की छोटी गलती की वजह से अटकते हैं। नीचे दी गई हर गलती से आसानी से बचा जा सकता है।
- आवेदन सबमिट तो हुआ, पर आई.सी.डी.एस. पोर्टल पर लॉगिन करके फाइनलाइज़ नहीं किया गया।
- बैंक खाते का नाम आधार या मार्कशीट के नाम से मेल नहीं खाता।
- बैंक खाता बंद या निष्क्रिय है, या उसमें आधार सीड नहीं है।
- दर्ज किया गया आई.एफ.एस.सी. कोड किसी दूसरी शाखा का है।
- बेटी के जन्म का निबंधन नहीं कराया गया है।
- अपलोड किया गया जन्म प्रमाण पत्र या फोटो निर्धारित आकार से बड़ा या अस्पष्ट है।
- रजिस्ट्रेशन विंडो बंद होने के बाद फॉर्म भरा गया।
उप योजनाओं का संक्षिप्त विवरण
मुख्यमंत्री कन्या सुरक्षा योजना
- मुख्यमंत्री कन्या सुरक्षा योजना बिहार सरकार द्वारा राज्य की बालिकाओं के लिए एक महत्वपूर्ण योजना है।
- बिहार सरकार द्वारा वर्ष 2018 में मुख्यमंत्री कन्या सुरक्षा योजना की शुरुआत की गयी थी।
- कन्या भ्रूण हत्या को रोकने, लिंग अनुपात में वृद्धि लाने, जन्म निबंधन तथा बालिका जन्म को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री कन्या सुरक्षा योजना चलायी जा रही है।
- मुख्यमंत्री कन्या सुरक्षा योजना में आवेदन करने वाले कन्याओं को निम्नलिखित आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी:-
- कन्या शिशु के जन्म पर माता/पिता/अभिभावक के बैंक खाते में 2000 रुपये।
- कन्या शिशु की आयु एक वर्ष पुरे होने और आधार पंजीकरण कराये जाने पर 1000 रुपए।
- मुख्यमंत्री कन्या सुरक्षा योजना के लिए निम्नलिखित व्यक्ति पात्र होंगे :-
- आवेदक बिहार का निवासी होना चाहिए।
- बालिका का जन्म 22 नवंबर 2007 के बाद होना चाहिए।
- पात्र बालिकाएं मुख्यमंत्री कन्या सुरक्षा योजना का लाभ निम्नलिखित तरीके से आवेदन करके ले सकते है :-
- ऑफलाइन आवेदन पत्र द्वारा।
- मुख्यमंत्री कन्या सुरक्षा योजना आवेदन पत्र बाल विकास परियोजना के आंगनबाड़ी केंद्र से प्राप्त होगा।
सम्पूर्ण टीकाकरण योजना
- सम्पूर्ण टीकाकरण योजना बिहार सरकार द्वारा राज्य की बालिकाओं के लिए एक महत्वपूर्ण योजना है।
- योजना के अंतर्गत राज्य की बालिकाओं को सम्पूर्ण टीकाकरण हेतु आर्थिक सहयता प्रदान की जाती है।
- राज्य सरकार दो साल तक की बच्चियां जिन्होंने संपूर्ण टीकाकरण कराया है उन्हें दो हजार रुपए की प्रोत्साहन राशि देगी।
- सम्पूर्ण टीकाकरण योजना के लिए निम्नलिखित बालिकाएं पात्र होंगी :-
- बालिका बिहार राज्य की मूल निवासी हो।
- कन्या की आयु 2 वर्ष से पूर्ण हो।
- पात्र बालिकाएं बिहार सम्पूर्ण टीकाकरण योजना का लाभ निम्नलिखित तरीके से आवेदन करके ले सकते है :-
- ऑफलाइन आवेदन पत्र द्वारा।
- सम्पूर्ण टीकाकरण योजना आवेदन पत्र अपने नजदीकी अस्पताल की एएनएम के पास से प्राप्त करे।
मुख्यमंत्री बालिका पोशाक योजना
- बिहार सरकार द्वारा वर्ष 2018 में मुख्यमंत्री बालिका पोशाक योजना की शुरुआत की गयी थी।
- योजना के अंतर्गत सरकारी विद्यालयों में पढ़ने वाली कक्षा पहली से बारहवीं तक की बालिकाओं को पोशाक हेतु आर्थिक सहयता प्रदान की जाती है।
- यह योजना के अंतर्गत सरकारी विद्यालयों में पढ़ने वाली बालिकाओं को पोशाक हेतु निमिन्लिखित आर्थिक सहयता प्रदान की जाती है :-
- पहली एवं दूसरी कक्षा में पड़ने वाली बालिकाओं को प्रति वर्ष 600 रुपए।
- तीसरी से पांचवी कक्षा में पढ़ने वाली बालिकाओं को प्रति वर्ष 700 रुपए।
- छठी से आठवीं कक्षा में पढ़ने वाली बालिकाओं को प्रति वर्ष 1000 रुपए।
- नौवीं से बारहवीं कक्षा में पढ़ने वाली बालिकाओं को प्रति वर्ष 1500 रुपए।
- इस योजना के अंतर्गत निम्नलिखित बालिकाएं लाभ लेने हेतु पात्र होंगी :-
- बालिका बिहार राज्य की मूल निवासी हो।
- सरकारी विद्यालयों में पढ़ने वाली बालिकाएं।
- पात्र बालिकाएं बिहार मुख्यमंत्री बालिका पोशाक योजन में आवेदन अपने विद्यालयों में जा कर सकती है।
मुख्यमंत्री किशोरी स्वास्थ्य कार्यक्रम योजना
- मुख्यमंत्री किशोरी स्वास्थ्य कार्यक्रम योजना बिहार सरकार द्वारा राज्य की बालिकाओं के लिए एक महत्वपूर्ण योजना है।
- इस योजना के तहत बालिकाओ को राज्य सरकार द्वारा उनके खाते में हर महीने कुछ राशि का भुगतान किया जाएगा।
- जिससे कि वे सैनेटरी पैड (नैपकिन) खरीद सकें।
- योजना के अंतर्गत सरकारी विद्यालयों में पढ़ने वाली बालिकाओं को सैनिटरी नैपकीन का प्रयोग करने के लिए निमिन्लिखित आर्थिक सहयता प्रदान की जाती है :-
- बालिका के बैंक खाते में प्रति वर्ष 300 रुपए की धनराशि।
- यह राशि बालिकाओं के खातों में डीबीटी (DBT) के माध्यम से दी जा रही है।
- मुख्यमंत्री किशोरी स्वास्थ्य कार्यक्रम योजना के लिए निम्नलिखित बालिकाएं पात्र होंगी :-
- बालिका बिहार राज्य की मूल निवासी हो।
- सरकारी विद्यालयों की सातवीं से बारहवीं कक्षा में पढ़ने वाली बालिकाएं।
- पात्र बालिकाएं मुख्यमंत्री किशोरी स्वास्थ्य कार्यक्रम योजना में आवेदन अपने विद्यालयों में जा कर सकती है।
मुख्यमंत्री बालिका/बालक प्रोत्साहन योजना
- मुख्यमंत्री बालिका/बालक प्रोत्साहन योजना बिहार सरकार द्वारा राज्य के छात्र/छात्राओ के लिए एक महत्वपूर्ण योजना है।
- इस योजना का प्रमुख उद्देश्य राज्य के छात्र/छात्राओ को शिक्षा के लिए प्रोत्साहित करना और उन्हें समृद्ध बनाना था।
- मुख्यमंत्री बालिका/बालक प्रोत्साहन योजना में आवेदन करने वाले छात्र/छात्राओ को निम्नलिखित आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी :-
- 1 डिवीज़न से पास सभी छात्र छात्राओं को 10,000 रूपये की प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाएगी ।
- 2 डिवीज़न से पास होने वाले केवल अनुसूचित जाति और अनुसूचित जन जाति के छात्र छात्राओं को 8000 रूपये प्रदान किये जाएगी ।
- मुख्यमंत्री बालिका/बालक प्रोत्साहन योजना के लिए निम्नलिखित व्यक्ति पात्र होंगे :-
- बिहार राज्य के स्थायी निवासी होने चाहिए।
- परिवार की वार्षिक आय 1.5 लाख रूपये या उससे कम हो।
- मुख्यमंत्री बालिका/बालक प्रोत्साहन योजना का लाभ निम्नलिखित तरीके से आवेदन करके ले सकते है :-
मुख्यमंत्री बालिका इंटरमीडिएट प्रोत्साहन योजना
- मुख्यमंत्री बालिका इंटरमीडिएट प्रोत्साहन योजना बिहार सरकार द्वारा राज्य की बालिकाओं के लिए एक महत्वपूर्ण योजना है।
- बालिकाओं को उच्च शिक्षा के लिए प्रोत्साहित करने के लिए मुख्यमंत्री बालिका इंटरमीडिएट प्रोत्साहन योजना लायी गयी।
- इस योजना के तहत बालिका के इंटरमीडिएट परीक्षा उत्तीर्ण कर लेने पर बिहार सरकार द्वारा 10,000/- रूपये की प्रोत्साहन धनराशि दी जाएगी।
- योजना के अंतर्गत बिहार प्रदेश की समस्त इंटरमीडिएट उत्तीर्ण करने वाली बालिका पात्र होंगी।
- योजना का लाभ लेने के लिए बालिका को मुख्यमंत्री बालिका इंटरमीडिएट प्रोत्साहन योजना के पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन करना होगा।
मुख्यमंत्री बालिका स्नातक प्रोत्साहन योजना
- मुख्यमंत्री बालिका स्नातक प्रोत्साहन योजना बिहार सरकार द्वारा राज्य की बालिकाओं के लिए एक महत्वपूर्ण योजना है।
- बिहार सरकार द्वारा वर्ष 2018 में मुख्यमंत्री कन्या उत्थान योजना की शुरुआत की गयी थी।
- बालिकाओं को उच्च शिक्षा के लिए प्रोत्साहित करने के लिए मुख्यमंत्री बालिका स्नातक प्रोत्साहन योजना लायी गयी।
- इस योजना के तहत बालिका के स्नातक परीक्षा उत्तीर्ण कर लेने पर बिहार सरकार द्वारा 25,000/- रूपये की प्रोत्साहन धनराशि दी जाएगी।
- योजना के अंतर्गत बिहार प्रदेश की समस्त स्नातक उत्तीर्ण करने वाली बालिका पात्र होंगी।
- योजना का लाभ लेने के लिए बालिका को मुख्यमंत्री बालिका स्नातक प्रोत्साहन योजना के पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन करना होगा।

महत्वपूर्ण लिंक
- मुख्यमंत्री कन्या सुरक्षा योजना।
- सम्पूर्ण टीकाकरण योजना।
- बिहार मुख्यमंत्री बालिका पोशाक योजना।
- मुख्यमंत्री किशोरी स्वास्थ्य कार्यक्रम योजना।
- मुख्यमंत्री बालिका/बालक प्रोत्साहन योजना।
- मुख्यमंत्री बालिका इंटरमीडिएट प्रोत्साहन योजना।
- मुख्यमंत्री बालिका स्नातक प्रोत्साहन योजना।
- मुख्यमंत्री कन्या उत्थान योजना दिशानिर्देश।
- महिला विकास निगम, बिहार पोर्टल।
संपर्क जानकारी
- महिला विकास निगम, बिहार हेल्पलाइन नंबर :-
- 0612-2506068
- 0612-2506078
- महिला विकास निगम, बिहार हेल्पलाइन ईमेल :-
- महिला विकास निगम, बिहार पता :-
महिला विकास निगम, आर ब्लॉक,
दरोगा राय पथ, रोड नंबर - 2,
पटना, बिहार 800001.
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
यह बिहार सरकार की बालिका कल्याण योजना है, जो एक बेटी को जन्म से स्नातक तक सहायता देती है और राशि हर पड़ाव पर चरणबद्ध तरीके से भेजती है।
बिहार में रहने वाले परिवारों की बेटियों को। बाल अवस्था वाले लाभ के लिए बेटी का जन्म निबंधन विधिवत कराया होना अनिवार्य है।
कन्या शिशु के जन्म पर माता के बैंक खाते में रु. 2,000 की राशि भेजी जाती है।
बाल अवस्था वाला लाभ एक परिवार की दो बेटियों तक उपलब्ध है।
नहीं। योजना में पारिवारिक आय की कोई शर्त नहीं है।
नहीं। यह अम्ब्रेला योजना है, इसलिए हर चरण के लिए अलग आवेदन होता है - 0 से 2 वर्ष के लिए आई.सी.डी.एस. पोर्टल पर और छात्राओं के लिए मेधासॉफ्ट पोर्टल पर।
ऐसी स्थिति में आवेदन में पिता का आधार नंबर और उनका बैंक खाता विवरण लिए जाते हैं।
राशि डी.बी.टी. के माध्यम से सीधे बैंक खाते में जाती है, इसलिए उस खाते में आधार सीड होना अनिवार्य है।
आई.सी.डी.एस. पोर्टल icdsaangan.bihar.gov.in पर ऑनलाइन। जो परिवार खुद फॉर्म नहीं भर पाते, उनकी मदद आंगनबाड़ी सेविका करती हैं।
अगर योजनाओं के बारे में आपका कोई सवाल है, तो उसे योजना के फोरम में सबमिट करें और जवाब पाएँ:
बेझिझक लिंक पर क्लिक करें और चर्चा में शामिल हों!
यह फोरम निम्न कामों के लिए एक बेहतरीन जगह है:
- सवाल पूछें: अगर आपके मन में योजना से जुड़ा कोई सवाल है या आप इस विषय के किसी पहलू के बारे में और जानकारी चाहते हैं।
- योजना से जुडी अपनी बातें साझा करें: अपनी जानकारी और अनुभव शेयर करें।
- दूसरों से जुड़ें: कम्युनिटी से जुड़ें और दूसरों से सीखें।
हम आपको इस फ़ोरम में सक्रिय रूप से भाग लेने और इस बेहतरीन रिसोर्स का पूरा फ़ायदा उठाने के लिए प्रोत्साहित करते है।
| लाभार्थी व्यक्ति का प्रकार | योजना का प्रकार | सरकार |
|---|---|---|
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kanya utthan ki ek bhi…
kanya utthan ki ek bhi yojana ka laabh nahi mila hai
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