- 90 दिनों की मजदूरी के बराबर मातृत्व सहायता प्रदान की जाती है,
- पहले दो बच्चों के जन्म तक पात्र पंजीकृत निर्माण श्रमिक महिला इस योजना का लाभ ले सकती है।
- जन्म के एक वर्ष के भीतर ऑनलाइन आवेदन और कम से कम एक वर्ष की बोर्ड सदस्यता आवश्यक है।
- बिहार बीओसीडब्ल्यू कल्याण बोर्ड टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर: 18002965656
- बिहार बीओसीडब्ल्यू कल्याण बोर्ड हेल्पडेस्क ईमेल: [email protected]
योजना का अवलोकन | |
|---|---|
| योजना का नाम | बिहार निर्माण श्रमिक मातृत्व लाभ सहायता योजना |
| लाभ | 90 दिन न्यूनतम मजदूरी राशि |
| लाभार्थी | पंजीकृत महिला निर्माण श्रमिक |
| नोडल विभाग | बिहार भवन निर्माण कल्याण बोर्ड (BOCW) |
| सब्सक्रिप्शन | योजना की निरंतर जानकारी के लिए यहाँ सब्सक्राइब करे। |
| आवेदन का तरीका | ऑनलाइन |
योजना के बारे में
बिहार सरकार के श्रम संसाधन एवं प्रवासी श्रमिक कल्याण विभाग के अंतर्गत कार्यरत बिहार भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड राज्य के पंजीकृत निर्माण श्रमिकों के कल्याण के लिए विभिन्न योजनाओं का संचालन करता है। इन्हीं योजनाओं में बिहार निर्माण श्रमिक मातृत्व लाभ सहायता योजना भी शामिल है। इस योजना के माध्यम से बोर्ड में पंजीकृत पात्र महिला निर्माण श्रमिकों को बच्चे के जन्म के समय आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने का प्रावधान है। निर्माण क्षेत्र में कार्य करने वाली महिलाओं के लिए प्रसव के दौरान आय में कमी और परिवार पर आने वाले अतिरिक्त खर्च को देखते हुए यह सहायता आर्थिक सहयोग के रूप में महत्वपूर्ण है।
बिहार निर्माण श्रमिक मातृत्व लाभ सहायता योजना का मुख्य उद्देश्य प्रसव के समय पात्र पंजीकृत महिला निर्माण श्रमिक को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराना है, ताकि बच्चे के जन्म के दौरान परिवार पर पड़ने वाले आर्थिक बोझ को कुछ हद तक कम किया जा सके। इस योजना की एक महत्वपूर्ण विशेषता यह है कि बोर्ड द्वारा दी जाने वाली मातृत्व सहायता को स्वास्थ्य विभाग, समाज कल्याण विभाग तथा अन्य विभागों से मिलने वाले संबंधित सरकारी लाभों के अतिरिक्त उपलब्ध कराया जाता है। यानी, यदि कोई पात्र महिला किसी अन्य सरकारी योजना के तहत मिलने वाले लाभ की हकदार है, तो केवल उस लाभ को प्राप्त करने के कारण वह इस योजना की सहायता से वंचित नहीं होती, बशर्ते वह इस योजना की निर्धारित पात्रता शर्तों को भी पूरा करती हो।
योजना के अंतर्गत दी जाने वाली सहायता की राशि किसी एक निश्चित रुपये की रकम के रूप में निर्धारित नहीं है। बोर्ड के प्रावधान के अनुसार, प्रसव की तिथि पर राज्य में अकुशल श्रमिकों के लिए लागू न्यूनतम मजदूरी दर के आधार पर 90 दिनों की मजदूरी के बराबर राशि मातृत्व लाभ के रूप में दी जाती है। इसलिए किसी लाभार्थी को मिलने वाली वास्तविक सहायता राशि उस समय लागू अकुशल श्रमिक की न्यूनतम मजदूरी दर पर निर्भर करेगी, जिस तारीख को प्रसव हुआ है। निर्माण श्रमिक मातृत्व लाभ सहायता योजना का लाभ केवल पहले दो बच्चों के जन्म तक सीमित है। इस प्रकार तीसरे या उसके बाद के बच्चे के जन्म के मामले में इस योजना के अंतर्गत मातृत्व लाभ का प्रावधान लागू नहीं होता।
इस योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए केवल निर्माण श्रमिक होना पर्याप्त नहीं है, बल्कि बोर्ड की निर्धारित पात्रता शर्तों को पूरा करना भी आवश्यक है। आवेदक का बिहार भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड में विधिवत पंजीकरण होना चाहिए और उसकी बोर्ड सदस्यता कम से कम एक वर्ष पुरानी होनी चाहिए। योजना में आवेदन की समय-सीमा भी महत्वपूर्ण है। उपलब्ध योजना संबंधी निर्देशों के अनुसार, लाभ प्राप्त करने के लिए बच्चे के जन्म की तारीख से एक वर्ष के भीतर ऑनलाइन आवेदन करना अनिवार्य है। इसलिए पात्र महिला निर्माण श्रमिकों को जन्म से संबंधित आवश्यक दस्तावेज तैयार रखते हुए निर्धारित अवधि के भीतर आवेदन करना चाहिए।
वर्तमान BOCW पोर्टल पर निर्माण श्रमिकों से संबंधित विभिन्न सेवाओं, योजनाओं और सूचनाओं को उपलब्ध कराया गया है। श्रमिक इस पोर्टल के माध्यम से अपने पंजीकरण, Login और विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं से संबंधित जानकारी प्राप्त कर सकते हैं तथा बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट पर ऑनलाइन आवेदन भी कर सकते हैं। इसके अतिरिक्त बीओसीडब्ल्यू बोर्ड निर्माण श्रमिकों के लिए बिहार निर्माण श्रमिक साइकिल योजना भी चला रहा है, जिसमें पंजीकृत श्रमिकों को साइकिल खरीदने हेतु ₹3,500 तक की वित्तीय सहायता दी जाती है। इसी प्रकार बिहार निर्माण श्रमिक पेंशन योजना के तहत 60 वर्ष की आयु पूर्ण करने वाले पात्र श्रमिकों को ₹1,000 प्रति माह पेंशन उपलब्ध कराई जाती है।
योजना के लाभ
यह योजना बच्चे के जन्म पर पंजीकृत निर्माण श्रमिक को सीधी आर्थिक मदद देती है। योजना में बोर्ड द्वारा तय लाभ इस प्रकार हैं:
- सहायता राशि: प्रसव की तिथि पर लागू राज्य की अकुशल श्रमिक न्यूनतम मजदूरी के अनुसार 90 दिनों की मजदूरी के बराबर राशि दी जाएगी।
- कितनी बार: केवल पहले दो बच्चों के जन्म पर ही यह लाभ मिलता है।
- अतिरिक्त लाभ: यह राशि स्वास्थ्य विभाग, समाज कल्याण विभाग और अन्य विभागों से मिलने वाले लाभ के अलावा मिलती है।
पात्रताएं
मातृत्व लाभ के लिए आवेदन करने से पहले श्रमिक को बोर्ड की पात्रता शर्तें पूरी करनी होंगी। तय पात्रता इस प्रकार है:
- आवेदक बिहार भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड में विधिवत पंजीकृत निर्माण श्रमिक हो।
- आवेदक बिहार का मूल निवासी होनी चाहिए।
- बोर्ड में आवेदक की सदस्यता कम से कम 1 वर्ष पुरानी हो।
- लाभ केवल पहले दो बच्चों के जन्म पर मिलेगा।
- बच्चे के जन्म के एक वर्ष के भीतर ऑनलाइन आवेदन जमा करना अनिवार्य है।
कौन पात्र नहीं है
बोर्ड की शर्तों के अनुसार निम्नलिखित स्थितियों में योजना का लाभ नहीं मिलेगा:
- जो श्रमिक बोर्ड में विधिवत पंजीकृत नहीं हैं।
- जिन श्रमिकों की सदस्यता 1 वर्ष से कम पुरानी है।
- तीसरे या उसके बाद के बच्चे के जन्म पर।
- बच्चे के जन्म के एक वर्ष बाद किए गए आवेदन पर।
आवश्यक दस्तावेज़
बिहार निर्माण श्रमिक मातृत्व लाभ सहायता योजना का लाभ लेने के लिए आवेदन करते समय निम्नलिखित दस्तावेज होने आवश्यक है :-
- बिहार में निवास का प्रमाण/ स्थाई प्रमाण पत्र
- बच्चे का जन्म प्रमाण पत्र या अस्पताल द्वारा जारी प्रसव प्रमाण पत्र
- सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी पहले टीकाकरण का प्रमाण पत्र
- आवेदक की पासपोर्ट साइज फोटो
आवेदन प्रक्रिया
मातृत्व लाभ के लिए बोर्ड में पंजीकरण और कम से कम 1 वर्ष की सदस्यता ज़रूरी है। जो श्रमिक अभी पंजीकृत नहीं हैं, वे पहले पंजीकरण कराएँ। योजना में आवेदन की प्रक्रिया निम्नलिखित चरणों में पूरी की जाती है।
- बोर्ड के आधिकारिक पोर्टल पर जाएँ।
- यदि आप पंजीकृत नहीं हैं तो मेन्यू में Register पर जाकर Worker विकल्प चुनें।
- पोर्टल पर दिए गए निर्देशों के अनुसार पंजीकरण पूरा करें।
- पंजीकरण पूरा होने के बाद मेन्यू में Login पर Worker विकल्प चुनें और लॉगिन करें।
- Schemes सेक्शन में जाकर बिहार निर्माण श्रमिक मातृत्व लाभ सहायता योजना चुनें।
- योजना की पात्रता, लाभ और आवश्यक दस्तावेज़ों की जानकारी पढ़ें।
- आवेदन फॉर्म भरें और बच्चे का जन्म प्रमाण पत्र या अस्पताल का प्रसव प्रमाण पत्र अपलोड करें।
- आखिर में फॉर्म की जांच करके आवेदन सबमिट कर दें।
- इस तरह आपकी आवेदन प्रक्रिया पूरी हो जाएगी।
महत्वपूर्ण लिंक
- बिहार भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड पोर्टल
- बिहार निर्माण श्रमिक मातृत्व लाभ सहायता योजना डिटेल
- बिहार निर्माण श्रमिक मातृत्व लाभ सहायता योजना दिशानिर्देश
संपर्क जानकारी
- बिहार बीओसीडब्ल्यू कल्याण बोर्ड टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर: 18002965656
- बिहार बीओसीडब्ल्यू कल्याण बोर्ड हेल्पडेस्क ईमेल: [email protected]
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
यह बिहार भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड की योजना है, जिसमें पंजीकृत निर्माण श्रमिक को बच्चे के जन्म पर 90 दिनों की न्यूनतम मजदूरी के बराबर आर्थिक सहायता मिलती है।
प्रसव की तिथि पर लागू राज्य की अकुशल श्रमिक न्यूनतम मजदूरी के अनुसार 90 दिनों की मजदूरी के बराबर राशि मिलती है।
योजना का लाभ केवल पहले दो बच्चों के जन्म पर मिलता है।
बोर्ड में कम से कम 1 वर्ष की सदस्यता ज़रूरी है।
बच्चे के जन्म के एक वर्ष के भीतर आवेदन करना अनिवार्य है।
हाँ, बोर्ड के अनुसार यह सहायता स्वास्थ्य विभाग, समाज कल्याण विभाग और अन्य विभागों से मिलने वाले लाभ के अतिरिक्त मिलती है।
आवेदन बोर्ड के आधिकारिक पोर्टल bocwboard.bihar.gov.in पर वर्कर लॉगिन करके ऑनलाइन करना होता है।
नहीं, योजना का लाभ केवल बोर्ड में विधिवत पंजीकृत श्रमिकों को मिलता है।
स्वीकृत राशि पोर्टल के माध्यम से श्रमिक के आधार से जुड़े (Aadhaar Seeded) बैंक खाते में भेजी जाती है।
हाँ, बोर्ड के अनुसार योजना का लाभ लेने के लिए आवेदन के दौरान श्रमिक का बायोमेट्रिक सत्यापन अनिवार्य है।
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