- बिहार की महिला उद्यमियों को अपना व्यवसाय शुरू करने में सहायता।
- पात्र नई व्यावसायिक इकाइयों की स्थापना के लिए ₹10 लाख तक की वित्तीय सहायता।
- सहायता के तहत ₹5 लाख तक की सब्सिडी/अनुदान।
- योजना के नियमों के अनुसार चुकाने योग्य ₹5 लाख तक का ब्याज-मुक्त लोन।
- उद्योग विभाग बिहार सरकार हेल्पलाइन नंबर :- 18003456214
- उद्योग विभाग बिहार सरकार हेल्पडेस्क ईमेल :- [email protected]
योजना का अवलोकन | |
|---|---|
| योजना का नाम | बिहार मुख्यमंत्री महिला उद्यमी योजना |
| शुरुआत का वर्ष | 2021 |
| लाभ | ₹10 लाख तक की वित्तीय सहायता |
| लाभार्थी | बिहार की महिला उद्यमी |
| नोडल एजेंसी | उद्योग विभाग, बिहार सरकार |
| सब्सक्रिप्शन | योजना से जुड़े अपडेट पाने के लिए यहां सब्सक्राइब करें |
| आवेदन का तरीका | ऑनलाइन |
योजना के बारे में
अपना खुद का कारोबार शुरू करना कई महिलाओं का सपना होता है। अपना व्यवसाय शुरू करके वे न केवल आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन सकती हैं, बल्कि अपने लिए रोजगार का एक स्थायी साधन भी तैयार कर सकती हैं। हालांकि, कारोबार शुरू करने के लिए शुरुआती पूंजी जुटाना और आसान शर्तों पर वित्तीय सहायता प्राप्त करना कई महिलाओं के लिए चुनौती बना रहता है। इसी जरूरत को ध्यान में रखते हुए बिहार सरकार ने वर्ष 2021 में मुख्यमंत्री महिला उद्यमी योजना शुरू की।
इस योजना के तहत पात्र महिला उद्यमियों को नया उद्योग या व्यवसाय शुरू करने के लिए प्रति इकाई ₹10 लाख तक की वित्तीय सहायता दी जाती है। इसमें परियोजना लागत का 50% यानी अधिकतम ₹5 लाख तक सब्सिडी/अनुदान के रूप में और शेष 50% यानी अधिकतम ₹5 लाख तक ब्याज-मुक्त लोन के रूप में दिया जाता है। इस तरह योजना महिलाओं को व्यवसाय शुरू करने के लिए जरूरी पूंजी जुटाने में मदद करती है और शुरुआती आर्थिक बोझ को काफी हद तक कम करती है।
मुख्यमंत्री महिला उद्यमी योजना बिहार की मुख्यमंत्री उद्यमी योजना के व्यापक ढांचे का हिस्सा है। इसका मुख्य उद्देश्य महिलाओं को अपना व्यवसाय शुरू करने के लिए प्रोत्साहित करना, राज्य में नए उद्योगों को बढ़ावा देना और रोजगार के अवसर पैदा करना है। योजना के तहत नए कारोबार की स्थापना के दौरान जमानत (Collateral) और मार्जिन मनी से जुड़ी वित्तीय परेशानियों को कम करने पर भी ध्यान दिया गया है। इसके अलावा, प्रशिक्षण और परियोजना निगरानी के लिए प्रति इकाई ₹25,000 की अतिरिक्त राशि भी निर्धारित है।
इस योजना को उद्योग विभाग, बिहार सरकार द्वारा बिहार उद्यमी पोर्टल के माध्यम से लागू किया जाता है। इस पोर्टल पर आवेदन करने, योजना की जानकारी देखने, परियोजनाओं की जानकारी, चयन से जुड़े अपडेट, प्रशिक्षण से संबंधित जानकारी और मुख्यमंत्री उद्यमी योजना से जुड़ी अन्य सुविधाएं उपलब्ध हैं। वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए पोर्टल पर महिला श्रेणी की अलग चयन सूची और प्रतीक्षा सूची भी जारी की गई थी, जिससे पता चलता है कि वर्तमान योजना व्यवस्था में महिला आवेदकों को शामिल किया गया है।
योजना के तहत चयनित महिलाएं स्वीकृत सहायता का इस्तेमाल नया और पात्र व्यवसाय शुरू करने के लिए कर सकती हैं। परियोजना की पूरी राशि अनुदान के रूप में नहीं मिलती है। सहायता का आधा हिस्सा ब्याज-मुक्त लोन और बाकी आधा हिस्सा सब्सिडी के रूप में दिया जाता है। लोन की राशि अंतिम किस्त मिलने के एक साल बाद वापस करनी होती है और इसे 84 बराबर किस्तों में चुकाना होता है। योजना के तहत बिहार औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन नीति, 2016 के अनुसार मिलने वाले लाभ भी लागू शर्तों के अधीन उपलब्ध हो सकते हैं।
जो महिलाएं कारोबार या स्वरोजगार के लिए दूसरी तरह की आर्थिक मदद चाहती हैं, वे इस पोर्टल पर उपलब्ध संबंधित योजनाओं को भी देख सकती हैं। उदाहरण के लिए, बिहार मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना पात्र महिलाओं को स्वरोजगार शुरू करने के लिए वित्तीय सहायता देती है। वहीं, मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना भी पात्र आवेदकों के लिए उद्यम शुरू करने से जुड़ी एक अन्य योजना है। इन योजनाओं की पात्रता और लाभ अलग-अलग हैं, इसलिए अपनी जरूरत के अनुसार सही योजना का चुनाव करना जरूरी है।
योजना के लाभ
बिहार मुख्यमंत्री महिला उद्यमी योजना का मुख्य उद्देश्य महिलाओं को नया व्यवसाय या उद्योग शुरू करने के लिए जरूरी आर्थिक और व्यावहारिक सहायता देना है। इससे शुरुआत में आने वाला आर्थिक बोझ कम होता है और कारोबार शुरू करने में मदद मिलती है।
- पात्र महिलाओं को नया व्यवसाय या औद्योगिक इकाई शुरू करने के लिए ₹10 लाख तक की वित्तीय सहायता मिल सकती है।
- स्वीकृत परियोजना लागत का 50% तक, अधिकतम ₹5 लाख, सब्सिडी या अनुदान के रूप में दिया जाता है।
- बाकी 50% राशि, अधिकतम ₹5 लाख तक, ब्याज-मुक्त लोन के रूप में दी जाती है।
- ब्याज-मुक्त लोन को योजना के नियमों के अनुसार 84 बराबर मासिक किस्तों में चुकाना होता है।
- वित्तीय सहायता किस्तों में जारी की जाती है, ताकि व्यवसाय शुरू करने के अलग-अलग चरणों में राशि का इस्तेमाल किया जा सके।
- लाभार्थियों को व्यवसाय चलाने और मिली राशि का सही इस्तेमाल समझने के लिए प्रशिक्षण दिया जाता है।
- प्रशिक्षण और परियोजना की निगरानी के लिए योजना के तहत प्रति इकाई ₹25,000 की अलग राशि दी जाती है।
- यह योजना बिहार में महिलाओं को नया कारोबार शुरू करने और आय का साधन बनाने में मदद करती है।
मिलने वाली वास्तविक राशि स्वीकृत परियोजना, पात्रता और लागू योजना के नियमों पर निर्भर करती है। लाभार्थी को मिली राशि का इस्तेमाल केवल स्वीकृत उद्देश्य के लिए करना होता है और उपयोग तथा लोन चुकाने से जुड़े नियमों का पालन करना जरूरी है।
वित्तीय सहायता
बिहार मुख्यमंत्री महिला उद्यमी योजना के तहत पात्र महिलाओं को नया व्यवसाय या औद्योगिक इकाई शुरू करने के लिए ₹10 लाख तक की वित्तीय सहायता दी जाती है। इस सहायता में सब्सिडी और ब्याज-मुक्त लोन दोनों शामिल हैं, जिससे महिला उद्यमी को कारोबार शुरू करने के लिए कम अपनी पूंजी लगानी पड़ती है।
वित्तीय सहायता | राशि |
|---|---|
अधिकतम वित्तीय सहायता | ₹10 लाख तक |
सब्सिडी / अनुदान | परियोजना लागत का 50%, अधिकतम ₹5 लाख |
ब्याज-मुक्त लोन | परियोजना लागत का 50%, अधिकतम ₹5 लाख |
लोन चुकाने की अवधि | 84 बराबर मासिक किस्तें |
सब्सिडी वाली राशि वापस नहीं करनी होती, जबकि ब्याज-मुक्त लोन की राशि तय समय और नियमों के अनुसार वापस करनी होती है। वास्तविक सहायता स्वीकृत परियोजना लागत और लागू योजना के दिशा-निर्देशों के आधार पर तय होती है।
परियोजना के लिए मिलने वाली सहायता के अलावा, प्रशिक्षण और परियोजना की निगरानी के लिए प्रति इकाई ₹25,000 की अलग राशि भी दी जाती है, जो योजना के लागू नियमों के अनुसार है।
मुख्यमंत्री महिला उद्यमी योजना में फंड जारी होने की प्रक्रिया
स्वीकृत वित्तीय सहायता एक साथ पूरी राशि के रूप में नहीं दी जाती। इसे अलग-अलग चरणों में जारी किया जाता है। हर किस्त पिछली राशि के इस्तेमाल, प्रशिक्षण और संबंधित अधिकारियों द्वारा जांच जैसी जरूरी प्रक्रियाओं से जुड़ी होती है।
| चरण | किस्त जारी होने की जरूरी शर्त | लाभार्थी को क्या करना होगा |
|---|---|---|
| पहली किस्त | निर्धारित प्रशिक्षण और जरूरी औपचारिकताएं पूरी करना | राशि का इस्तेमाल स्वीकृत शुरुआती परियोजना खर्चों के लिए करें और सही रिकॉर्ड रखें। |
| दूसरी किस्त | पहली किस्त का उपयोग प्रमाणपत्र जमा और स्वीकृत होना तथा लागू शर्तें पूरी करना | जरूरी बिल, चालान, फोटो और अन्य उपयोग से जुड़े दस्तावेज जमा करें। |
| तीसरी किस्त | दूसरी किस्त का उपयोग प्रमाणपत्र जमा और स्वीकृत होना | बाकी स्वीकृत परियोजना कार्य पूरे करें और जरूरी रिकॉर्ड जमा करें। |
लाभार्थी को सभी बिल, चालान, फोटो और दूसरे जरूरी दस्तावेज सुरक्षित रखने चाहिए। पिछली किस्त के उपयोग और जांच की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही अगली किस्त जारी की जाती है।
पात्रताएं
बिहार मुख्यमंत्री महिला उद्यमी योजना के लिए आवेदन करने वाली महिलाओं को योजना में तय पात्रता शर्तों को पूरा करना जरूरी है। मुख्य शर्तें इस प्रकार हैं:
- आवेदक बिहार की स्थायी निवासी होनी चाहिए।
- आवेदक महिला उद्यमी श्रेणी के तहत पात्र होनी चाहिए।
- आवेदक की उम्र सामान्यतः 18 से 50 वर्ष के बीच होनी चाहिए।
- आवेदक ने कम से कम 10+2 (इंटरमीडिएट), ITI, पॉलिटेक्निक, डिप्लोमा या इसके बराबर की योग्यता प्राप्त की होनी चाहिए।
- प्रस्तावित व्यवसाय या औद्योगिक इकाई बिहार में स्थापित की जानी चाहिए।
- आवेदक को योजना में लागू श्रेणी, निवास और अन्य दस्तावेज से जुड़ी शर्तें पूरी करनी होंगी।
- प्रस्तावित इकाई नई और पात्र होनी चाहिए। पहले से चल रही इकाइयां इस योजना के तहत कवर नहीं होती हैं।
- आवेदक को योजना में दी गई पात्र परियोजनाओं की सूची में से ही कोई परियोजना चुननी होगी।
- जिन आवेदकों ने उद्योग विभाग की किसी दूसरी उद्यमिता योजना का लाभ पहले ही लिया है, वे लागू दिशा-निर्देशों के अनुसार पात्र नहीं हो सकते हैं।
- जहां ऐसी रोक लागू है, वहां आवेदक एक साथ दो सरकारी उद्यमिता योजनाओं का लाभ नहीं ले सकता।
पात्रता, परियोजना और आवेदन से जुड़े नियम नई अधिसूचना के अनुसार बदल सकते हैं। आवेदन करने से पहले आधिकारिक बिहार उद्यमी पोर्टल पर उपलब्ध नवीनतम दिशा-निर्देश जरूर देखें।
मुख्यमंत्री महिला उद्यमी योजना के तहत पात्र परियोजनाएं
बिहार मुख्यमंत्री महिला उद्यमी योजना के तहत आवेदक बिहार उद्योग विभाग द्वारा दी गई परियोजनाओं की सूची में से व्यवसाय चुन सकती हैं। आधिकारिक MMUY परियोजना सूची में मैन्युफैक्चरिंग, फूड प्रोसेसिंग, सर्विस, हस्तशिल्प, टेक्सटाइल और अन्य व्यवसाय शामिल हैं। आवेदन करते समय परियोजना का चुनाव सोच-समझकर करना चाहिए।
- ऑयल मिल / मसाला उत्पादन
- ऑयल मिल
- शहद प्रसंस्करण
- पोहा / चूड़ा निर्माण
- जैम / जेली / सॉस निर्माण / फलों का जूस
- मखाना प्रसंस्करण
- मिनी राइस मिल
- पल्स मिल / दाल निर्माण
- कॉर्न फ्लेक्स निर्माण
- कॉर्न फ्लेक्स निर्माण / कॉर्न पफ निर्माण
- सोया उत्पाद
- आइसक्रीम निर्माण और डेयरी उत्पाद
- बेकरी उत्पाद जैसे ब्रेड, बिस्कुट, रस्क आदि
- मसाला उत्पादन
- सत्तू निर्माण
- पल्वराइजर मशीन से आटा / बेसन निर्माण
- आटा / बेसन / सत्तू / मसाला निर्माण
- होटल / रेस्टोरेंट / ढाबा
- CNC राउटर के साथ बढ़ईगीरी और लकड़ी के फर्नीचर की वर्कशॉप
- बढ़ईगीरी और लकड़ी के फर्नीचर की वर्कशॉप / बी बॉक्स निर्माण
- स्टील फर्नीचर, अलमारी, बॉक्स / ट्रंक / रैक निर्माण
- कृषि उपकरण / गेट ग्रिल निर्माण / वेल्डिंग / अस्पताल बेड / ट्रॉली / हल्के वाणिज्यिक वाहन बॉडी / रोलिंग शटर निर्माण इकाइयां
- कील / कांटी निर्माण
- निर्माण कार्य के लिए लोहे की रिंग
- रोलिंग शटर निर्माण
- हल्के वाणिज्यिक वाहन की बॉडी निर्माण
- कूलर निर्माण, पंखा और हीटर असेंबलिंग
- LED बल्ब निर्माण
- इलेक्ट्रिक स्विच / सॉकेट / इलेक्ट्रिक स्विच बोर्ड निर्माण
- इलेक्ट्रिक वाहन असेंबलिंग यूनिट
- पशु आहार निर्माण
- पोल्ट्री फीड
- पशु आहार / पोल्ट्री फीड निर्माण
- स्क्वायर मशीन के बिना नोटबुक / कॉपी / फाइल / फोल्डर निर्माण
- एज स्क्वायर मशीन के साथ नोटबुक / कॉपी / फाइल / फोल्डर निर्माण
- ड्राई क्लीनिंग
- सैनिटरी नैपकिन / डिस्पोजेबल डायपर निर्माण
- डिटर्जेंट पाउडर निर्माण
- प्लास्टिक सामान / बॉक्स / बोतल निर्माण
- सीमेंट जाली, दरवाजे, खिड़कियां आदि / पेवर ब्लॉक और टाइल निर्माण
- पेवर ब्लॉक और टाइल निर्माण
- फ्लाई ऐश ईंट
- फ्लाई ऐश ईंट / R.C.C. स्पन ह्यूम पाइप
- पावरलूम यूनिट
- मेडिकल डायग्नोस्टिक सेंटर
- साइबर कैफे / IT बिजनेस सेंटर
- ऑटो / बाइक गैराज
- पेपर बैग निर्माण
- पेपर प्लेट निर्माण
- फ्लेक्स प्रिंटिंग
- जूट आधारित उत्पाद निर्माण
- लेदर और रेक्सिन उत्पाद निर्माण
- स्पोर्ट्स शूज / PVC फुटवियर निर्माण
- स्पोर्ट्स शूज निर्माण
- रेडीमेड गारमेंट्स: निटिंग / होजरी
- केला फाइबर यूनिट
- बांस की वस्तुएं / केन फर्नीचर निर्माण इकाई
- एग्रीकल्चर ड्रोन ऐज ए सर्विस
- मधुबनी पेंटिंग यूनिट
- मेटल क्राफ्ट यूनिट
- सिक्की क्राफ्ट यूनिट
- बांस क्राफ्ट यूनिट
- स्टोन क्राफ्ट यूनिट
- कढ़ाई / जरदोजी यूनिट
- गुड़िया निर्माण
- लाख क्राफ्ट यूनिट
- सिरेमिक यूनिट
- सी शेल क्राफ्ट यूनिट
- बावन बूटी यूनिट
- सिल्वर फिश / सिल्वर ज्वेलरी यूनिट
- कालीन बुनाई यूनिट
- फैब्रिक डाइंग यूनिट
- फैब्रिक प्रिंटिंग यूनिट
- फैब्रिक फिनिशिंग और कैलेंडरिंग यूनिट
नोट: परियोजनाओं की यह सूची आधिकारिक बिहार उद्यमी पोर्टल पर प्रकाशित परियोजना विवरण पर आधारित है। आवेदन करने से पहले पोर्टल पर उपलब्ध नवीनतम परियोजना सूची जरूर देखें, क्योंकि विभाग समय-समय पर परियोजनाओं या उनकी शर्तों में बदलाव कर सकता है।
आवश्यक दस्तावेज
बिहार मुख्यमंत्री महिला उद्यमी योजना के लिए आवेदन करते समय आवेदक को जरूरी दस्तावेज पहले से तैयार रखने चाहिए। दस्तावेज साफ और योजना के नियमों के अनुसार मान्य होने चाहिए।
- आवेदक की जन्मतिथि दिखाने वाला मैट्रिक या 10वीं का प्रमाणपत्र।
- इंटरमीडिएट/10+2, ITI, पॉलिटेक्निक, डिप्लोमा या लागू शैक्षणिक योग्यता का प्रमाणपत्र।
- बिहार का स्थायी निवास प्रमाणपत्र।
- जहां लागू हो, जाति प्रमाणपत्र।
- आधार कार्ड या निर्धारित पहचान पत्र।
- आवेदक की हाल की लाइव फोटो।
- आवेदक के हस्ताक्षर।
- आवेदन और वित्तीय सहायता के लिए जरूरी बैंक खाते की जानकारी।
- यदि चुनी गई परियोजना के लिए जरूरी हो, तो प्रशिक्षण या कार्य अनुभव प्रमाणपत्र।
- नवीनतम आवेदन दिशा-निर्देशों में मांगा गया कोई अन्य दस्तावेज।
आवेदन जमा करने से पहले आधिकारिक बिहार उद्यमी पोर्टल पर दस्तावेजों की नवीनतम सूची जरूर जांच लें, क्योंकि किसी खास परियोजना या आवेदन चक्र में अतिरिक्त दस्तावेज मांगे जा सकते हैं।
आवेदन प्रक्रिया
बिहार मुख्यमंत्री महिला उद्यमी योजना के लिए आवेदन ऑनलाइन बिहार उद्यमी पोर्टल के माध्यम से किया जाता है। इसमें पहले पंजीकरण करना होता है, फिर व्यक्तिगत और शैक्षणिक जानकारी भरनी होती है, पात्र परियोजना चुननी होती है और जरूरी दस्तावेज अपलोड करने होते हैं। आवेदन में दी गई जानकारी आगे जांच और चयन के दौरान इस्तेमाल की जाती है, इसलिए फॉर्म जमा करने से पहले हर जानकारी ध्यान से जांचना जरूरी है।
- चरण 1 - बिहार उद्यमी पोर्टल खोलें
- सबसे पहले बिहार उद्यमी पोर्टल खोलें, जहां मुख्यमंत्री उद्यमी योजना के लिए आवेदन किया जाता है।
- होमपेज पर मौजूदा आवेदन से जुड़ी नवीनतम सूचना या आवेदन सेक्शन देखें।
- आवेदन शुरू करने से पहले यह जरूर जांच लें कि योजना के लिए आवेदन की विंडो खुली है।
- चरण 2 - पंजीकरण पूरा करें
- मुख्यमंत्री महिला उद्यमी योजना के लिए उपलब्ध सही पंजीकरण विकल्प चुनें और मांगी गई शुरुआती जानकारी भरें।
- अपना चालू मोबाइल नंबर दर्ज करें और उस पर आए OTP से मोबाइल नंबर सत्यापित करें।
- पंजीकरण पूरा करने के बाद मिले लॉगिन विवरण से आवेदन फॉर्म में आगे बढ़ें।
- चरण 3 - व्यक्तिगत जानकारी भरें
- आवेदन फॉर्म में अपना नाम, जन्मतिथि, पिता या माता का नाम, लिंग और मांगी गई अन्य व्यक्तिगत जानकारी दर्ज करें।
- अपना स्थायी पता भरें और जहां जरूरी हो वहां सही जिला, प्रखंड, थाना और अन्य स्थान संबंधी जानकारी चुनें।
- यह सुनिश्चित करें कि दी गई जानकारी आपके दस्तावेजों से मेल खाती हो, ताकि दस्तावेज सत्यापन के समय परेशानी न हो।
- चरण 4 - शैक्षणिक जानकारी भरें
- अपनी मैट्रिक/10वीं और लागू उच्चतम शैक्षणिक योग्यता की जानकारी भरें।
- बोर्ड या संस्थान का नाम, रोल नंबर, पास होने का वर्ष और फॉर्म में मांगी गई अन्य जानकारी दर्ज करें।
- जानकारी भरते समय अपने मूल शैक्षणिक प्रमाणपत्र पास रखें, ताकि विवरण सही तरीके से दर्ज किया जा सके।
- चरण 5 - परियोजना चुनें
- परियोजना वाले सेक्शन में जाएं और योजना के तहत उपलब्ध पात्र व्यवसाय या उद्योगों की सूची देखें।
- जिस परियोजना को शुरू करना चाहते हैं उसे चुनें और प्रस्तावित इकाई से जुड़ी जरूरी जानकारी भरें।
- परियोजना का चुनाव सोच-समझकर करें, क्योंकि चुनी गई परियोजना पर योजना की पात्रता और कार्यान्वयन की शर्तें लागू होंगी।
- चरण 6 - जरूरी दस्तावेज अपलोड करें
- आवेदन फॉर्म में मांगे गए शैक्षणिक, निवास और अन्य जरूरी दस्तावेज अपलोड करें।
- निर्धारित फॉर्मेट और साइज के अनुसार अपनी फोटो और हस्ताक्षर अपलोड करें।
- यदि चुनी गई परियोजना के लिए कोई अतिरिक्त प्रमाणपत्र जरूरी है, तो उसे भी संबंधित दस्तावेजों के साथ अपलोड करें।
- चरण 7 - आवेदन की दोबारा जांच करें
- अंतिम सबमिशन से पहले व्यक्तिगत जानकारी, शैक्षणिक विवरण, पता, परियोजना का चुनाव और अपलोड किए गए दस्तावेज ध्यान से जांचें।
- अगर कोई गलती दिखाई देती है, तो फॉर्म उपलब्ध होने तक उसे ठीक कर लें।
- खास तौर पर नाम, जन्मतिथि, शैक्षणिक योग्यता और परियोजना से जुड़ी जानकारी को ध्यान से जांचें, क्योंकि गलत जानकारी से आवेदन की जांच में परेशानी हो सकती है।
- चरण 8 - आवेदन जमा करें
- सभी जानकारी सही होने के बाद आवेदन को पोर्टल के माध्यम से अंतिम रूप से जमा करें।
- सफलतापूर्वक आवेदन जमा होने के बाद मिलने वाला आवेदन नंबर या रेफरेंस नंबर सुरक्षित रखें।
- जमा किए गए आवेदन और अपलोड किए गए दस्तावेजों की एक कॉपी अपने पास जरूर रखें।
- चरण 9 - आवेदन जमा करने के बाद अपडेट देखते रहें
- आवेदन करने के बाद बिहार उद्यमी पोर्टल पर आवेदन की स्थिति, जांच से जुड़े अपडेट और आगे के निर्देश नियमित रूप से देखते रहें।
- अगर आपका चयन होता है, तो दस्तावेज सत्यापन, प्रशिक्षण और आगे की जरूरी प्रक्रिया के लिए विभाग द्वारा दिए गए निर्देशों का पालन करें।
- अपना रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर चालू रखें, ताकि OTP और योजना से जुड़े जरूरी संदेश समय पर मिल सकें।
मुख्यमंत्री महिला उद्यमी योजना में प्रशिक्षण की प्रक्रिया
बिहार मुख्यमंत्री महिला उद्यमी योजना में प्रशिक्षण एक जरूरी हिस्सा है, क्योंकि वित्तीय सहायता की किस्त जारी होने से इसका संबंध है। चयनित लाभार्थियों को लागू किस्त मिलने से पहले योजना के तहत निर्धारित प्रशिक्षण में शामिल होना होता है।
- पहली किस्त जारी होने से पहले लाभार्थी को 6 दिन का निर्धारित प्रशिक्षण पूरा करना होता है।
- निर्धारित प्रशिक्षण में शामिल होने के लिए दो मौके दिए जाते हैं।
- अगर लाभार्थी दोनों मौकों पर प्रशिक्षण में शामिल नहीं होती है, तो उसका चयन रद्द किया जा सकता है।
- दूसरी किस्त जारी होने से पहले एक और 6 दिन का प्रशिक्षण पूरा करना होता है।
- दूसरे प्रशिक्षण के लिए भी दो मौके दिए जाते हैं। दोनों मौकों पर प्रशिक्षण में शामिल न होने पर अगली किस्त रोकी जा सकती है।
- लाभार्थी को उद्यमी पोर्टल के माध्यम से बताई गई प्रशिक्षण की तारीख और समय के अनुसार प्रशिक्षण पूरा करना चाहिए।
लोन चुकाने की प्रक्रिया
योजना के तहत मिलने वाला लोन ब्याज-मुक्त होता है, लेकिन इसे लाभार्थी को वापस करना पड़ता है। वित्तीय सहायता में मिलने वाली सब्सिडी और लोन के नियम अलग-अलग हैं।
लोन चुकाने की जानकारी | विवरण |
|---|---|
लोन की राशि | ₹5 लाख तक |
ब्याज | ब्याज-मुक्त |
चुकाने की अवधि | 84 बराबर मासिक किस्तें |
मोराटोरियम | अंतिम किस्त मिलने के 1 साल बाद |
चुकाने का तरीका | निर्धारित ऑनलाइन भुगतान सुविधा के माध्यम से |
अंतिम किस्त मिलने के बाद निर्धारित एक साल की मोराटोरियम अवधि पूरी होने पर लोन की किस्त शुरू होती है। लाभार्थी को हर महीने समय पर भुगतान करना चाहिए। लोन नहीं चुकाने या वित्तीय सहायता का गलत इस्तेमाल करने पर लागू नियमों के अनुसार राशि की वसूली की जा सकती है।
आवेदन के बाद की प्रक्रिया
ऑनलाइन आवेदन जमा करना पूरी प्रक्रिया का आखिरी चरण नहीं है। आवेदन के बाद सत्यापन, चयन, प्रशिक्षण, परियोजना शुरू करने और राशि के इस्तेमाल से जुड़ी कुछ और प्रक्रियाएं पूरी करनी पड़ सकती हैं।
- भविष्य में आवेदन की स्थिति देखने के लिए आवेदन या रेफरेंस नंबर सुरक्षित रखें।
- जमा किए गए आवेदन की संबंधित अधिकारियों द्वारा जांच की जाती है और पात्र आवेदन निर्धारित चयन प्रक्रिया में आगे बढ़ते हैं।
- चयनित आवेदकों को प्रशिक्षण और अन्य जरूरी प्रक्रियाओं से जुड़े अगले चरणों की जानकारी दी जाती है।
- लाभार्थी को संबंधित किस्त जारी होने से पहले निर्धारित प्रशिक्षण पूरा करना होता है।
- किस्त मिलने के बाद लाभार्थी को इकाई स्थापित करनी होती है और राशि का इस्तेमाल केवल स्वीकृत उद्देश्य के लिए करना होता है।
- परियोजना शुरू करते समय बिल, चालान, फोटो और अन्य जरूरी प्रमाण सुरक्षित रखें, ताकि उपयोग प्रमाणपत्र जमा करते समय परेशानी न हो।
- निर्धारित पोर्टल के माध्यम से उपयोग प्रमाणपत्र अपलोड किया जाता है और संबंधित अधिकारी इसकी जांच करते हैं।
- जांच और मंजूरी की प्रक्रिया पूरी होने के बाद योजना के नियमों के अनुसार अगली किस्त जारी की जाती है।
- परियोजना की पूरी सहायता जारी होने तक अगली किस्तों के लिए उपयोग और सत्यापन की प्रक्रिया इसी तरह चलती है।
- परियोजना पूरी होने के बाद भी लाभार्थी को इकाई चलाने और ब्याज-मुक्त लोन की राशि तय समय में वापस करने की जिम्मेदारी रहती है।
लाभार्थी को अपना रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर चालू रखना चाहिए और आधिकारिक पोर्टल पर संदेश, नोटिस, प्रशिक्षण की तारीख, सत्यापन से जुड़ी जरूरतों और किस्त से जुड़े अपडेट नियमित रूप से देखते रहना चाहिए।
नियम और शर्तें
बिहार मुख्यमंत्री महिला उद्यमी योजना के लिए आवेदन करने से पहले इन जरूरी शर्तों को समझना चाहिए:
- यह योजना नई और पात्र व्यावसायिक इकाइयां स्थापित करने के लिए है। पहले से चल रहे व्यवसाय या इकाइयां इस योजना के तहत कवर नहीं होती हैं।
- प्रस्तावित इकाई आवेदक के गृह जिले में स्थापित की जानी चाहिए।
- योजना की सहायता से वही परियोजना स्थापित की जा सकती है, जिसे आवेदन में स्वीकृत किया गया है। आवेदन जमा होने के बाद चुनी गई परियोजना बदली नहीं जा सकती।
- योजना के तहत पात्र मैन्युफैक्चरिंग और सर्विस सेक्टर की परियोजनाएं शामिल हैं। ट्रेडिंग या केवल व्यावसायिक गतिविधियां पात्र नहीं हैं।
- लाभार्थियों को योजना के अनुसार निर्धारित प्रशिक्षण में शामिल होना जरूरी है।
- हर किस्त का उपयोग प्रमाणपत्र जरूरी दस्तावेजों के साथ निर्धारित 90 दिनों की अवधि में जमा करना होता है।
- ₹10,000 से अधिक का भुगतान निर्धारित बैंकिंग या ऑनलाइन भुगतान माध्यम से करना होता है। ₹10,000 से अधिक का नकद भुगतान स्वीकार नहीं किया जाता।
- पिछली किस्त का उपयोग जांचकर संबंधित अधिकारियों से मंजूर होने के बाद ही अगली किस्त जारी की जाती है।
- राशि का गलत इस्तेमाल, स्वीकृत इकाई स्थापित न करना या वित्तीय गड़बड़ी होने पर लागू सरकारी नियमों के अनुसार सहायता राशि वापस ली जा सकती है।
- ब्याज-मुक्त लोन की राशि तय अवधि के अंदर वापस करनी होती है।
आवेदन करने से पहले आधिकारिक बिहार उद्यमी पोर्टल पर उपलब्ध नवीनतम दिशा-निर्देश और निर्देश जरूर पढ़ें, क्योंकि लागू नियम आवेदन चक्र और योजना के दिशा-निर्देशों के अनुसार अलग हो सकते हैं।
महत्वपूर्ण लिंक
- बिहार मुख्यमंत्री उद्यमी योजना का आधिकारिक पोर्टल
- मुख्यमंत्री उद्यमी योजना दिशा-निर्देश 2025-26
- मुख्यमंत्री महिला उद्यमी योजना संकल्प / योजना प्रस्ताव
- उद्यमी पोर्टल यूजर मैनुअल
- पात्र परियोजनाओं के मॉडल DPR
संपर्क जानकारी
- उद्योग विभाग, बिहार सरकार
- फोन: 18003456214
- ईमेल: [email protected]
- पता: उद्योग निदेशालय, उद्योग विभाग, बिहार सरकार, पटना, बिहार
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
मुख्यमंत्री महिला उद्यमी योजना बिहार सरकार की योजना है, जिसके तहत पात्र महिलाओं को नया व्यवसाय या उद्योग शुरू करने के लिए वित्तीय सहायता दी जाती है।
पात्र महिला उद्यमियों को प्रति इकाई ₹10 लाख तक की वित्तीय सहायता मिलती है।
कुल सहायता में अधिकतम ₹5 लाख तक सब्सिडी/अनुदान और अधिकतम ₹5 लाख तक ब्याज-मुक्त लोन शामिल है।
हाँ, योजना के तहत मिलने वाला लोन ब्याज-मुक्त होता है। हालांकि, लोन की राशि लाभार्थी को निर्धारित नियमों के अनुसार वापस करनी होती है।
ब्याज-मुक्त लोन को 84 समान मासिक किस्तों में चुकाना होता है। अंतिम किस्त मिलने के बाद निर्धारित 1 वर्ष की मोरेटोरियम अवधि के बाद repayment शुरू होता है।
बिहार की पात्र महिला निवासी, जो योजना की आयु, शैक्षणिक योग्यता, परियोजना और अन्य निर्धारित शर्तों को पूरा करती हैं, आवेदन कर सकती हैं।
नहीं। योजना के तहत नया पात्र व्यवसाय या औद्योगिक इकाई स्थापित करना जरूरी है। पहले से चल रही इकाइयां इस सहायता के लिए पात्र नहीं हैं।
इस योजना के लिए आवेदन ऑनलाइन बिहार उद्यमी पोर्टल के माध्यम से किया जाता है। आवेदक को पंजीकरण करने के बाद व्यक्तिगत और शैक्षणिक जानकारी भरनी होती है, पात्र परियोजना चुननी होती है और जरूरी दस्तावेज अपलोड करने होते हैं।
हाँ। चयनित लाभार्थियों के लिए निर्धारित प्रशिक्षण पूरा करना जरूरी है। पहली और दूसरी किस्त जारी होने से पहले निर्धारित प्रशिक्षण से जुड़ी शर्तें लागू होती हैं।
अगली किस्त पिछली राशि के निर्धारित उपयोग, उपयोगिता प्रमाण-पत्र, जरूरी दस्तावेज और संबंधित अधिकारियों द्वारा सत्यापन एवं स्वीकृति पूरी होने के बाद जारी की जाती है।
अगर योजनाओं के बारे में आपका कोई सवाल है, तो उसे योजना के फोरम में सबमिट करें और जवाब पाएँ:
बेझिझक लिंक पर क्लिक करें और चर्चा में शामिल हों!
यह फोरम निम्न कामों के लिए एक बेहतरीन जगह है:
- सवाल पूछें: अगर आपके मन में योजना से जुड़ा कोई सवाल है या आप इस विषय के किसी पहलू के बारे में और जानकारी चाहते हैं।
- योजना से जुडी अपनी बातें साझा करें: अपनी जानकारी और अनुभव शेयर करें।
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| जाति | लाभार्थी व्यक्ति का प्रकार | योजना का प्रकार | सरकार |
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टिप्पणियाँ
Tel mil
Tel mil ka
Paper palant
Sir me lon leke papar plant ka kam karna chahta hu
Business
Mere ghar ki halat thik nhi hai business krne ke liea soch rhi hu pr paisa nhi hai plz help me
business
Sir mai unmarid hu mera koe dekhne wala nhi h khud ka business krna chahti hu please sir help me
Govt scheme in Bihar cm
Sir I most humbly and respectfully please confirm cm govt sceame in bihar
Aanta chakky
Aanta chakky ke liye chahiye
Regarding loan against saatu and atta mills
Respected sir almost I submit all paper documents in P.N.B. Dalmianagar within 4 months. But nothing response any
Lone khud ka business ke liye
सर मैं
स्नातक की हु पर मेरे पास कोई अच्छा जॉब भी नही
मैं खुद का बिजनेस के लिए लोन लेना चाहती हू ताकि अपने घर और बच्चो को अच्छे से चला सकू
महंगाई के वजह से दो घर परिवार चलाना बहुत ही मुश्किल है हम माध्यमिक वर्ग के लोगो के लिए
ब्यूटी पार्लर एवं महिला के कपड़ों की स्टिचिंग के लिए कर्ज आवेदन
आदरणीय CM साहब,
मैं स्नातक उत्तीर्ण ४० वर्षीय महिला हूं और आर्थिक रूप से कमजोर होने के कारण अपने सपनों का व्यापार ब्यूटी पार्लर एवं महिला के कपड़ों की सिलाई (प्रोडक्शन) करने में सक्षम नहीं हूं ।
कृपया महिला उद्यमी योजना के अंतर्गत मेरे कर्ज और अनुदान की राशि स्वीकृत कर कृतार्थ करें ।
कृतज्ञ भाव सहित
ज्योति बंदना
A.r
Mujhe silai or singar dukan kholna h mere ko lone chahiy h mai bahut majbur hu
Beauty parlour aur singar ka dukaan
Main ek housewife hun mere husband private job karte Hain Meri arthik sthiti theek nahin hai isliye mujhe Apne Yojana antargat sahayata Karen
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