- इस कार्यक्रम के तहत पात्र छात्राओं को सैनिटरी नैपकिन खरीदने में सहायता के लिए प्रतिवर्ष ₹300 मिलते हैं।
- वित्त वर्ष 2025-26 के लिए, योजना में कक्षा 7 से 12 तक की पात्र छात्राओं को शामिल किया गया था।
- यह सहायता बिहार के शिक्षा विभाग के माध्यम से डीबीटी द्वारा सीधे हस्तांतरित की जाती है।
- बिहार शिक्षा विभाग टोल फ्री हेल्पलाइन नंबर: 14417, 18003454417
योजना का अवलोकन | |
|---|---|
| योजना का नाम | बिहार मुख्यमंत्री किशोरी स्वास्थ्य कार्यक्रम योजना |
| लाभ | सैनिटरी नैपकिन हेतु ₹300 वार्षिक सहायता |
| लाभार्थी | कक्षा 7–12 की पात्र छात्राएं |
| नोडल विभाग | बिहार शिक्षा विभाग |
| सब्सक्रिप्शन | योजना की निरंतर जानकारी के लिए यहाँ सब्सक्राइब करे। |
| आवेदन का तरीका | आवश्यक नहीं |
योजना के बारे में
बिहार सरकार के शिक्षा विभाग द्वारा संचालित मुख्यमंत्री किशोरी स्वास्थ्य कार्यक्रम किशोरियों के स्वास्थ्य और स्वच्छता से जुड़ी आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए चलाया जा रहा एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम है। इसका प्रमुख उद्देश्य किशोरियों को माहवारी के दौरान आवश्यक स्वच्छता सामग्री उपलब्ध कराने में आर्थिक सहयोग देना और उन्हें बेहतर माहवारी स्वच्छता प्रबंधन के लिए प्रोत्साहित करना है। किशोरावस्था में माहवारी शुरू होने के बाद स्वच्छता संबंधी आवश्यकताओं को पूरा करना छात्राओं के स्वास्थ्य और दैनिक जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा बन जाता है। इसी आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए कार्यक्रम के तहत पात्र छात्राओं को सैनिटरी नैपकिन खरीदने के लिए वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है, जिससे उन्हें माहवारी के दौरान आवश्यक स्वच्छता सामग्री प्राप्त करने में आर्थिक सहायता मिल सके।
मुख्यमंत्री किशोरी स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत प्रत्येक पात्र छात्रा को प्रति वर्ष ₹300 की वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है। यह राशि मासिक आधार पर नहीं, बल्कि वार्षिक सहायता के रूप में दी जाती है। बिहार सरकार के डीबीटी रिकॉर्ड में यह योजना "Mukhyamantri Kishori Swasthya Karyakram (Sanitary Napkin Yojna)" के नाम से शिक्षा विभाग के अंतर्गत दर्ज है। सहायता राशि का भुगतान DBT माध्यम से किए जाने का उद्देश्य पात्र छात्राओं तक योजना का लाभ सीधे पहुंचाना है, ताकि भुगतान प्रक्रिया में पारदर्शिता बनी रहे और लाभार्थियों को निर्धारित सहायता प्राप्त हो सके।
इस कार्यक्रम के तहत सरकारी विद्यालयों तथा सहायता प्राप्त अनुदानित विद्यालयों, जिनमें अल्पसंख्यक सहायता प्राप्त संस्थान भी शामिल हैं, में अध्ययनरत कक्षा 7वीं से 12वीं तक की पात्र छात्राओं को लाभ दिया जाता है। योजना की पात्रता और भुगतान से संबंधित शर्तें विभाग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार लागू होती हैं। विशेष रूप से छात्राओं की उपस्थिति से जुड़ी शर्तें संबंधित वित्तीय वर्ष में जारी आधिकारिक निर्णयों के आधार पर निर्धारित की जा सकती हैं। इसलिए योजना का लाभ लेने वाली छात्राओं के लिए विद्यालय में निर्धारित उपस्थिति संबंधी नियमों का पालन करना महत्वपूर्ण है। पात्रता पूरी होने पर सहायता राशि DBT के माध्यम से छात्रा के खाते में भेजी जाती है।
मुख्यमंत्री किशोरी स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत सरकार का मुख्य लक्ष्य केवल सैनिटरी नैपकिन खरीदने के लिए आर्थिक सहायता देना ही नहीं है, बल्कि किशोरियों में माहवारी स्वास्थ्य, व्यक्तिगत स्वच्छता और सुरक्षित माहवारी प्रबंधन के प्रति जागरूकता को बढ़ावा देना भी है। किशोरावस्था में माहवारी से संबंधित सही जानकारी का अभाव कई बार छात्राओं के स्वास्थ्य, दैनिक गतिविधियों और विद्यालय में नियमित उपस्थिति को प्रभावित कर सकता है। ऐसे में स्वच्छता सामग्री की उपलब्धता के साथ-साथ माहवारी से जुड़े स्वास्थ्य संबंधी सही व्यवहार और जागरूकता को बढ़ावा देना भी आवश्यक है।
शिक्षा के व्यापक संदर्भ में बिहार सरकार की विभिन्न बालिका-केंद्रित योजनाएं छात्राओं और बालिकाओं को अलग-अलग शैक्षणिक चरणों में सहायता प्रदान करती हैं। मुख्यमंत्री किशोरी स्वास्थ्य कार्यक्रम जहां विद्यालय स्तर पर किशोरियों की माहवारी स्वच्छता और स्वास्थ्य संबंधी जरूरतों पर केंद्रित है, वहीं उच्च शिक्षा के स्तर पर बिहार मुख्यमंत्री बालिका स्नातक प्रोत्साहन योजना बालिकाओं को स्नातक शिक्षा पूरी करने के बाद प्रोत्साहन देने से जुड़ी है। इसी प्रकार उच्चतर अकादमिक शिक्षा और शोध के क्षेत्र में बिहार मुख्यमंत्री बालिका पीएचडी फेलोशिप योजना जैसी पहल बालिकाओं को शोध के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए सहायता प्रदान करने से संबंधित है। ये योजनाएं बालिकाओं की शिक्षा और विकास के अलग-अलग चरणों में सहायता उपलब्ध कराने वाली सरकारी पहलों के रूप में एक-दूसरे से व्यापक रूप से जुड़ी हुई हैं।

योजना की प्रमुख विशेषताएँ एवं लाभ
मुख्यमंत्री किशोरी स्वास्थ्य कार्यक्रम की प्रमुख विशेषताएँ एवं लाभ निम्नलिखित हैं:
- वार्षिक वित्तीय सहायता: कक्षा 7वीं से 12वीं तक की पात्र छात्राओं के लिए सैनिटरी नैपकिन हेतु ₹300 प्रति वर्ष की सहायता का प्रावधान है।
- सीधा DBT भुगतान: योजना आधिकारिक DBT प्रणाली में पंजीकृत है और भुगतान Cash/DBT माध्यम से किया जाता है।
- सैनिटरी नैपकिन खरीद: राशि सैनिटरी नैपकिन के उपयोग के लिए उपलब्ध कराई जाती है।
- शिक्षा विभाग के अंतर्गत योजना: बिहार सरकार के DBT रिकॉर्ड में योजना शिक्षा विभाग के अंतर्गत दर्ज है।
- सहायता प्राप्त विद्यालय भी शामिल: वित्तीय वर्ष 2025–26 के लिए सरकारी तथा गैर-सरकारी सहायता प्राप्त अनुदानित विद्यालयों, अल्पसंख्यक सहायता प्राप्त संस्थानों सहित, को मंत्रिपरिषद के निर्णय में शामिल किया गया था।
- माहवारी स्वास्थ्य पर जोर: योजना में माहवारी स्वास्थ्य एवं प्रबंधन से संबंधित जानकारी तथा सैनिटरी नैपकिन के उपयोग को शामिल किया गया है।
पात्रताएं
मुख्यमंत्री किशोरी स्वास्थ्य कार्यक्रम योजना के लिए निम्नलिखित बालिकाएं पात्र होंगी :-
- बालिका बिहार राज्य की मूल निवासी हो।
- सरकारी तथा गैर-सरकारी सहायता प्राप्त अनुदानित विद्यालयों की सातवीं से बारहवीं कक्षा में पढ़ने वाली बालिकाएं।
लाभ लेने के लिए आवश्यक दस्तावेज
मुख्यमंत्री किशोरी स्वास्थ्य कार्यक्रम योजना का लाभ लेने के लिए निम्नलिखित दस्तावेज़ होना अनिवार्य है :-
- आधार कार्ड।
- मूल निवास प्रमाण पत्र।
- बैंक पासबुक की प्रथम पेज की प्रति।
आवेदन प्रक्रिया
मुख्यमंत्री किशोरी स्वास्थ्य कार्यक्रम योजना बालिकाओं की सूची विद्यालय के माध्यम से तैयार की जाती है, जिसके लिए आवेदन प्रक्रिया निम्नलिखित चरणों में पूरी की जाती है।
विद्यालय के माध्यम से प्रक्रिया
- छात्रा अपने सरकारी विद्यालय में कक्षा 7 से 12 तक नियमित रूप से नामांकित होनी चाहिए।
- विद्यालय द्वारा माँगे जाने पर आधार कार्ड और बैंक पासबुक की प्रति कार्यालय में जमा करें।
- विद्यालय पात्र छात्राओं की सूची तैयार करता है और उसमें बैंक खाता विवरण दर्ज करता है।
- यह सूची विद्यालय द्वारा प्रखंड/जिला शिक्षा कार्यालय को भेजी जाती है।
- विभागीय स्तर पर सत्यापन के बाद स्वीकृति दी जाती है।
- स्वीकृति के बाद 300 रुपये की राशि डीबीटी के माध्यम से छात्रा के बैंक खाते में भेज दी जाती है।
छात्रा और अभिभावक किन बातों का ध्यान रखें
- विद्यालय से यह पुष्टि करें कि वर्तमान सत्र में योजना के लिए कौन-सी पात्रता और उपस्थिति शर्त लागू है।
- बैंक खाते से संबंधित जानकारी विद्यालय द्वारा मांगे जाने पर सही विवरण उपलब्ध कराएँ।
- बैंक खाते में राशि प्राप्त होने के बाद पासबुक या बैंकिंग माध्यम से लेन-देन की पुष्टि करें।
- किसी भी नए दस्तावेज या विवरण की मांग होने पर संबंधित विद्यालय से उसके आधिकारिक उद्देश्य की जानकारी लें।
- योजना के नाम पर किसी अनधिकृत व्यक्ति को भुगतान न करें और किसी गैर-सरकारी वेबसाइट की जानकारी को अंतिम मानने से पहले शिक्षा विभाग या बिहार सरकार के आधिकारिक स्रोत से पुष्टि करें।
किशोरी स्वास्थ्य योजना का पैसा कैसे चेक करें?
राशि प्राप्त होने की पुष्टि के लिए छात्रा या संबंधित बैंक खाताधारक निम्न सामान्य माध्यमों का उपयोग कर सकता है:
- बैंक पासबुक अपडेट कराकर खाते में जमा राशि देखें।
- बैंक की उपलब्ध नेट बैंकिंग या मोबाइल बैंकिंग सुविधा से लेन-देन की जाँच करें।
- बैंक SMS अलर्ट उपलब्ध होने पर प्राप्त संदेश देखें।
- नजदीकी बैंक शाखा या बैंकिंग सेवा केंद्र से खाते में जमा राशि की जानकारी प्राप्त करें।
- यदि भुगतान की अपेक्षा होने के बावजूद राशि प्राप्त नहीं हुई है, तो पहले संबंधित विद्यालय से योजना के तहत अपनी पात्रता और भुगतान संबंधी स्थिति की जानकारी लें।
राशि न मिलने पर क्या करें?
राशि न मिलने की स्थिति में निम्न कदम उपयोगी हो सकते हैं:
- सबसे पहले विद्यालय से पूछें कि छात्रा वर्तमान योजना के लिए पात्र सूची/प्रक्रिया में शामिल है या नहीं।
- संबंधित सत्र में लागू उपस्थिति शर्त पूरी हुई है या नहीं, इसकी पुष्टि करें।
- यदि विद्यालय ने बैंक संबंधी कोई विवरण मांगा था, तो दिए गए विवरण की शुद्धता की पुष्टि करें।
- बैंक से यह जाँच करें कि संबंधित खाते में DBT राशि प्राप्त हुई है या नहीं।
- समस्या का समाधान विद्यालय स्तर पर न होने पर संबंधित प्रखंड या जिला शिक्षा कार्यालय से संपर्क करें।
- शिकायत करते समय छात्रा का विद्यालय रिकॉर्ड और भुगतान से संबंधित उपलब्ध जानकारी साथ रखें।
महत्वपूर्ण लिंक
सम्पर्क जानकारी
- बिहार शिक्षा विभाग टोल फ्री हेल्पलाइन नंबर: 14417, 18003454417
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
पात्र छात्राओं को सैनिटरी नैपकिन के लिए ₹300 प्रति वर्ष की सहायता राशि DBT के माध्यम से दी जाती है।
कक्षा 7वीं से 12वीं तक अध्ययनरत पात्र छात्राओं को योजना का लाभ दिया जाता है।
नहीं, योजना के तहत ₹300 की वार्षिक सहायता दी जाती है।
सरकारी स्कूलों के साथ गैर-सरकारी सहायता प्राप्त और अल्पसंख्यक सहायता प्राप्त संस्थानों को भी योजना में शामिल किया गया था।
शिक्षा विभाग, बिहार सरकार (विद्यालयों के माध्यम से)। यह योजना बिहार डीबीटी पोर्टल पर सूचीबद्ध है।
सबसे पहले संबंधित स्कूल से भुगतान और पात्रता की स्थिति की जानकारी लें। जरूरत पड़ने पर प्रखंड या जिला शिक्षा कार्यालय से संपर्क किया जा सकता है।
हाँ , राशि डीबीटी के माध्यम से भेजी जाती है।
नहीं, यह कार्यक्रम कक्षा 7 से 12 तक की छात्राओं के लिए है। कक्षा 6 या उससे नीचे की छात्राएँ इसके दायरे में नहीं आतीं।
सरकार सैनिटरी नैपकिन बाँटने के बजाय राशि देती है, ताकि छात्रा अपनी पसंद और जरूरत का उत्पाद खुद खरीद सके। राशि सीधे उसके बैंक खाते में जाती है।
नहीं। डीबीटी भुगतान छात्रा के अपने नाम के बैंक खाते में ही किया जाता है, इसलिए खाता छात्रा के नाम से खुलवाना जरूरी है।
आधार सीडिंग और पूरी केवाईसी वाले खाते में डीबीटी भुगतान बिना अटके पहुँचता है। खाता निष्क्रिय होने या केवाईसी अधूरी रहने पर भुगतान रुक सकता है।
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| लाभार्थी व्यक्ति का प्रकार | योजना का प्रकार | सरकार |
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