- देशी दुधारू पशु इकाई स्थापित करने के लिए अधिकतम ₹31.25 लाख तक का सरकारी अनुदान।
- स्वीकृत डेयरी परियोजनाओं पर 50% तक अनुदान की सुविधा।
- साहीवाल, गिर, थारपारकर एवं गंगातीरी जैसी देशी नस्लों को बढ़ावा।
- 25 दुधारू पशुओं तक की डेयरी इकाई स्थापना हेतु सहायता।
- उत्तर प्रदेश नन्दिनी कृषक समृद्धि योजना हेल्पलाइन नंबर:- 0522-4251709
- पशुपालन विभाग टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर:- 1800 180 5141
- मोबाइल पशु चिकित्सा हेल्पलाइन नंबर:- 1962
योजना का अवलोकन | |
|---|---|
| योजना का नाम | उत्तर प्रदेश नन्दिनी कृषक समृद्धि योजना |
| शुरू होने का वर्ष | 2023 |
| लाभ | देशी दुधारू पशु इकाई स्थापित करने हेतु अधिकतम ₹31.25 लाख तक का अनुदान। |
| लाभार्थी | उत्तर प्रदेश के पात्र डेयरी किसान एवं पशुपालक। |
| नोडल विभाग | उत्तर प्रदेश पशुपालन विभाग |
| सब्सक्रिप्शन | योजना की निरंतर जानकारी के लिए यहाँ सब्सक्राइब करे। |
| आवेदन का तरीका | ऑनलाइन एवं ऑफलाइन आवेदन पत्र के माध्यम से। |
योजना के बारे में
उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य में पशुपालन क्षेत्र को मजबूत बनाने और देशी दुधारू पशु नस्लों को बढ़ावा देने के लिए नन्द बाबा दुग्ध मिशन के अंतर्गत उत्तर प्रदेश नन्दिनी कृषक समृद्धि योजना शुरू की है। इस योजना के तहत पात्र डेयरी किसानों और पशुपालकों को साहीवाल, गिर, थारपारकर तथा गंगातीरी जैसी उच्च दुग्ध उत्पादन क्षमता वाली देशी नस्लों की डेयरी इकाइयों की स्थापना के लिए वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है। योजना का उद्देश्य दुग्ध उत्पादन बढ़ाना, स्वरोजगार के अवसर सृजित करना तथा उत्तर प्रदेश के पशुपालकों की आय में वृद्धि करना है।
योजना के अंतर्गत लाभार्थी अधिकतम 25 देशी दुधारू गायों की डेयरी इकाई स्थापित कर सकते हैं। राज्य सरकार स्वीकृत परियोजना लागत का 50% अनुदान प्रदान करती है। 25 साहीवाल, गिर या थारपारकर गायों की इकाई के लिए परियोजना लागत ₹62.50 लाख निर्धारित की गई है, जिस पर पात्र लाभार्थी को अधिकतम ₹31.25 लाख तक का अनुदान प्राप्त हो सकता है। इसी प्रकार 20 साहीवाल, गिर या थारपारकर गायों के साथ अधिकतम 5 गंगातीरी गायों की इकाई के लिए ₹61 लाख की परियोजना लागत पर ₹30.50 लाख तक का अनुदान दिया जाता है। इसके अतिरिक्त परियोजना लागत का 35% तक बैंक ऋण के माध्यम से प्राप्त किया जा सकता है, जबकि लाभार्थी को केवल 15% राशि स्वयं वहन करनी होती है।
नन्दिनी कृषक समृद्धि योजना, उत्तर प्रदेश सरकार के नन्द बाबा दुग्ध मिशन का एक महत्वपूर्ण घटक है। इस मिशन के अंतर्गत मुख्यमंत्री प्रगतिशील पशुपालक प्रोत्साहन योजना, मुख्यमंत्री स्वदेशी गो संवर्धन योजना तथा मिनी नन्दिनी कृषक समृद्धि योजना जैसी अन्य योजनाएं भी संचालित की जा रही हैं। इन सभी योजनाओं का उद्देश्य वैज्ञानिक डेयरी खेती को बढ़ावा देना, देशी पशु नस्लों का संरक्षण करना तथा ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार और आय के नए अवसर उपलब्ध कराना है।
यह योजना उत्तर प्रदेश के अनुभवी डेयरी किसानों और पशुपालकों के लिए उपलब्ध है। आवेदन करने वाले व्यक्ति के पास डेयरी इकाई स्थापना और चारा उत्पादन के लिए आवश्यक भूमि होनी चाहिए तथा उसके पास गाय या भैंस पालन का कम से कम 3 वर्ष का अनुभव होना चाहिए, जिसे संबंधित मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी द्वारा प्रमाणित किया गया हो। योजना में पात्र महिला आवेदकों को प्राथमिकता दी जाती है। हालांकि, जो लाभार्थी पहले से कामधेनु योजना, मिनी कामधेनु योजना या माइक्रो कामधेनु योजना का लाभ प्राप्त कर चुके हैं, वे इस योजना के लिए पात्र नहीं होंगे।
पात्र आवेदक नन्द बाबा दुग्ध मिशन के अंतर्गत पशुपालन विभाग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार आवेदन कर सकते हैं। आवेदन ऑनलाइन या ऑफलाइन माध्यम से स्वीकार किए जा सकते हैं तथा सभी आवेदनों का विभाग द्वारा सत्यापन किया जाता है। यदि प्राप्त आवेदनों की संख्या निर्धारित लक्ष्य से अधिक होती है, तो लाभार्थियों का चयन ई-लॉटरी प्रक्रिया के माध्यम से किया जा सकता है। यह योजना उत्तर प्रदेश में वैज्ञानिक डेयरी प्रबंधन को बढ़ावा देने, देशी दुधारू पशु नस्लों के संरक्षण तथा ग्रामीण परिवारों के लिए स्थायी आजीविका के अवसर सृजित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
योजना के लाभ
- योजना के अंतर्गत स्वदेशी दुधारू गायों पर आधारित डेयरी यूनिट स्थापित करने के लिए सरकारी अनुदान प्रदान किया जाता है।
- साहीवाल, गिर, थारपारकर एवं गंगातीरी जैसी स्वदेशी गोवंश नस्लों के संरक्षण एवं संवर्धन को बढ़ावा मिलता है।
- पशुपालकों को आधुनिक एवं वैज्ञानिक डेयरी यूनिट स्थापित करने में सहायता मिलती है।
- दुग्ध उत्पादन बढ़ाने तथा डेयरी क्षेत्र की उत्पादकता में सुधार करने में मदद मिलती है।
- पशुपालन एवं डेयरी क्षेत्र में स्वरोजगार के नए अवसर सृजित होते हैं।
- पशुपालकों की आय बढ़ाने एवं उनकी आर्थिक स्थिति को मजबूत बनाने में सहायता मिलती है।
योजना के अंतर्गत वित्तीय सहायता
- योजना के अंतर्गत लाभार्थी साहीवाल, गिर, थारपारकर अथवा इन नस्लों के साथ अधिकतम 5 गंगातीरी गायों सहित 25 देशी दुधारू गायों की डेयरी इकाई स्थापित कर सकते हैं।
- पात्र डेयरी इकाइयों की स्थापना के लिए राज्य सरकार स्वीकृत परियोजना लागत का 50% अनुदान प्रदान करती है।
- 25 साहीवाल, गिर या थारपारकर गायों की डेयरी इकाई के लिए परियोजना लागत ₹62.50 लाख निर्धारित है, जिस पर लाभार्थी को अधिकतम ₹31.25 लाख तक का अनुदान प्राप्त हो सकता है।
- 20 साहीवाल, गिर या थारपारकर गायों के साथ अधिकतम 5 गंगातीरी गायों की डेयरी इकाई के लिए परियोजना लागत ₹61 लाख निर्धारित है, जिस पर अधिकतम ₹30.50 लाख तक का अनुदान दिया जाता है।
- परियोजना लागत का 35% तक बैंक ऋण के माध्यम से प्राप्त किया जा सकता है, जबकि लाभार्थी को केवल 15% राशि स्वयं वहन करनी होती है।
- योजना के अंतर्गत स्वीकृत अनुदान राशि को डेयरी इकाई की स्थापना की प्रगति के आधार पर तीन चरणों में जारी किया जाता है।
- प्रथम चरण में स्वीकृत अनुदान का 50% भाग, द्वितीय चरण में पशुओं की खरीद के बाद 25% भाग तथा अंतिम चरण में शेष 25% अनुदान निर्धारित शर्तों की पूर्ति के बाद जारी किया जाता है।
पात्रताएं
उत्तर प्रदेश नन्दिनी कृषक समृद्धि योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए आवेदक को निम्नलिखित पात्रता शर्तों को पूरा करना होगा:-
- आवेदक उत्तर प्रदेश का स्थायी निवासी होना चाहिए।
- पात्र महिला आवेदकों को प्राथमिकता दी जाएगी।
- आवेदन के लिए आधार कार्ड अथवा अन्य वैध पहचान दस्तावेज होना आवश्यक है।
- आवेदक के पास गाय या भैंस पालन का कम से कम 3 वर्ष का अनुभव होना चाहिए, जिसका प्रमाण पत्र संबंधित मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी द्वारा जारी किया गया हो।
- डेयरी इकाई स्थापित करने के लिए आवेदक के पास न्यूनतम 0.5 एकड़ भूमि होनी चाहिए।
- पशुओं के चारे की व्यवस्था हेतु आवेदक के पास कम से कम 1.5 एकड़ भूमि होनी चाहिए। यह भूमि स्वयं की, सह-स्वामित्व वाली अथवा न्यूनतम 7 वर्ष की पंजीकृत लीज पर ली गई हो सकती है।
- प्रस्तावित डेयरी इकाई की भूमि जलभराव मुक्त तथा पशुपालन गतिविधियों के लिए उपयुक्त होनी चाहिए।
- कामधेनु योजना, मिनी कामधेनु योजना अथवा माइक्रो कामधेनु योजना का लाभ प्राप्त कर चुके व्यक्ति इस योजना के लिए पात्र नहीं होंगे।
- योजना के अंतर्गत खरीदे गए पशुओं का ईयर टैगिंग एवं बीमा करवाना अनिवार्य होगा।
आवश्यक दस्तावेज
उत्तर प्रदेश नन्दिनी कृषक समृद्धि योजना के लिए आवेदन करते समय आवेदकों को निम्नलिखित दस्तावेज प्रस्तुत करने पड़ सकते हैं:-
- आधार कार्ड या अन्य वैध पहचान पत्र।
- उत्तर प्रदेश का निवास (डोमिसाइल) प्रमाण पत्र।
- पासपोर्ट आकार का नवीनतम फोटो।
- मोबाइल नंबर।
- बैंक पासबुक की प्रति अथवा बैंक खाते का विवरण।
- मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी द्वारा जारी कम से कम 3 वर्ष के गाय या भैंस पालन अनुभव का प्रमाण पत्र।
- डेयरी इकाई स्थापना एवं चारा उत्पादन हेतु भूमि स्वामित्व, सह-स्वामित्व अथवा पंजीकृत पट्टे (लीज) से संबंधित दस्तावेज।
- विभाग द्वारा मांगे जाने पर परियोजना से संबंधित अन्य आवश्यक दस्तावेज।
आवेदन प्रक्रिया
उत्तर प्रदेश नन्दिनी कृषक समृद्धि योजना के अंतर्गत पात्र पशुपालक एवं डेयरी किसान नन्द बाबा दुग्ध मिशन के दिशा-निर्देशों के अनुसार आवेदन कर सकते हैं। योजना के लिए आवेदन ऑनलाइन अथवा ऑफलाइन माध्यम से स्वीकार किए जा सकते हैं। आवेदन करने से पहले आवेदकों को यह सुनिश्चित कर लेना चाहिए कि वे योजना की सभी पात्रता शर्तों को पूरा करते हैं तथा उनके पास आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध हैं। आवेदन प्राप्त होने के बाद संबंधित विभाग द्वारा पात्रता एवं दस्तावेजों का सत्यापन किया जाता है। यदि किसी जनपद में निर्धारित लक्ष्य से अधिक आवेदन प्राप्त होते हैं, तो लाभार्थियों का चयन ई-लॉटरी प्रक्रिया के माध्यम से किया जा सकता है।
ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया
- नन्द बाबा दुग्ध मिशन पोर्टल पर जाएं।
- होम पेज पर उपलब्ध "पंजीकरण करें" विकल्प पर क्लिक करें।
- अपना आधार नंबर तथा आधार से लिंक मोबाइल नंबर दर्ज करें।
- मोबाइल नंबर पर प्राप्त ओटीपी के माध्यम से सत्यापन प्रक्रिया पूरी करें।
- पंजीकरण पूर्ण होने के बाद अपने मोबाइल नंबर एवं यूजरनेम की सहायता से पोर्टल पर लॉगिन करें।
- उत्तर प्रदेश नन्दिनी कृषक समृद्धि योजना का ऑनलाइन आवेदन पत्र भरें।
- आवेदन पत्र में मांगी गई सभी जानकारी दर्ज करें तथा आवश्यक दस्तावेज अपलोड करें।
- आवेदन पत्र को ऑनलाइन जमा करें और उसका प्रिंटआउट सुरक्षित रखें।
- ऑनलाइन आवेदन की हस्ताक्षरित हार्ड कॉपी एवं आवश्यक दस्तावेज संबंधित जनपद के पशुपालन विभाग कार्यालय में जमा करें।
ऑफलाइन आवेदन प्रक्रिया
- अपने जनपद के मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी कार्यालय अथवा संबंधित पशुपालन विभाग कार्यालय में जाएं।
- उत्तर प्रदेश नन्दिनी कृषक समृद्धि योजना का आवेदन पत्र प्राप्त करें।
- आवेदन पत्र में मांगी गई सभी जानकारी सावधानीपूर्वक भरें।
- आवेदन पत्र के साथ आवश्यक दस्तावेज संलग्न करें।
- पूर्ण रूप से भरे हुए आवेदन पत्र को संबंधित कार्यालय में जमा करें।
- विभाग द्वारा आवेदन एवं दस्तावेजों का सत्यापन किया जाएगा।
- पात्र पाए जाने पर लाभार्थी का चयन योजना के निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुसार किया जाएगा।
महत्वपूर्ण लिंक
- उत्तर प्रदेश नन्दिनी कृषक समृद्धि योजना ऑनलाइन पंजीकरण
- उत्तर प्रदेश नन्दिनी कृषक समृद्धि योजना आवेदक लॉगिन
- नन्द बाबा दुग्ध मिशन पोर्टल
- उत्तर प्रदेश पशुधन विकास विभाग
- उत्तर प्रदेश दुग्ध विकास विभाग
- उत्तर प्रदेश नन्दिनी कृषक समृद्धि योजना दिशा-निर्देश
संपर्क जानकारी
- उत्तर प्रदेश नन्दिनी कृषक समृद्धि योजना हेल्पलाइन नंबर:- 0522-4251709
- नन्द बाबा दुग्ध मिशन ईमेल हेल्पडेस्क:- [email protected]
- पशुपालन विभाग टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर:- 1800 180 5141
- मोबाइल पशु चिकित्सा हेल्पलाइन नंबर:- 1962
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
उत्तर प्रदेश नन्दिनी कृषक समृद्धि योजना, नन्द बाबा दुग्ध मिशन के अंतर्गत संचालित एक डेयरी विकास योजना है, जिसका उद्देश्य देशी दुधारू पशु इकाइयों की स्थापना को बढ़ावा देना और राज्य में डेयरी व्यवसाय को मजबूत बनाना है।
योजना के अंतर्गत पात्र लाभार्थियों को देशी दुधारू पशु इकाई स्थापित करने के लिए अधिकतम ₹31.25 लाख तक का अनुदान प्राप्त हो सकता है।
उत्तर प्रदेश के स्थायी निवासी, जिनके पास आवश्यक भूमि उपलब्ध है तथा गाय या भैंस पालन का कम से कम 3 वर्ष का अनुभव है, इस योजना के लिए आवेदन कर सकते हैं।
योजना के अंतर्गत साहीवाल, गिर, थारपारकर एवं गंगातीरी जैसी देशी दुधारू पशु नस्लों को शामिल किया गया है।
लाभार्थी योजना के अंतर्गत 25 देशी दुधारू पशुओं तक की डेयरी इकाई स्थापित कर सकते हैं। पशुओं की संख्या एवं नस्ल का चयन योजना के दिशा-निर्देशों के अनुसार किया जाता है।
योजना के अंतर्गत परियोजना लागत का 50% सरकारी अनुदान, 35% बैंक ऋण तथा 15% लाभार्थी अंशदान के रूप में निर्धारित किया गया है।
हाँ, योजना के अंतर्गत पात्र महिला आवेदकों को लाभार्थी चयन में प्राथमिकता प्रदान की जाती है।
नहीं। जो व्यक्ति पहले से कामधेनु योजना, मिनी कामधेनु योजना या माइक्रो कामधेनु योजना का लाभ प्राप्त कर चुके हैं, वे इस योजना के लिए पात्र नहीं हैं।
अनुदान राशि डेयरी इकाई की स्थापना की प्रगति के आधार पर तीन चरणों में जारी की जाती है। प्रथम चरण में 50%, द्वितीय चरण में 25% तथा अंतिम चरण में शेष 25% अनुदान प्रदान किया जाता है।
पात्र आवेदक नन्द बाबा दुग्ध मिशन के दिशा-निर्देशों के अनुसार ऑनलाइन अथवा ऑफलाइन आवेदन प्रक्रिया के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं।
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| सरकार |
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टिप्पणियाँ
मुझे भी नंदिनी योजना चालू करना है गौ साला खोलना है
कृपया सुझाव दें किस प्रकार इस योजना को शुरू कर सके
Dairy kholna h kuch salah den
Lone kaise mil sakta hai aur kitna
Bank me loan ke lie mana kr dete h
Bank me bhi gya or cmo or cdo ke yha gya per mana kr dia kha aise koi scheme nhi h or mujhe ye janna h mujhe kya krna hoga kaise apply hoga
Pashu palan yojana
Pashu palan yojana
Nandni krishak samridhi yojna hme chahiye
Iska labh lena hm chhote logo ka kadhin h kam h,hme ye kam Krna h meri government meri help kre
Pashupalan
Pashupalan hetu
Nandi yogna se judna chahta hu
Nandi yogna se kaise judu mai
नंदनी कृषक समृद्धि योजना
नंदनी कृषक समृद्धि योजना के तहत लाभ चाहिऐ
मुझे भी नंदिनी योजना चालू करना hain
मुझे भी नंदिनी योजना चालू करना है गौ साला खोलना
Gopalna chahta hun aur dairy farm kaam karna chahta hai main gao
Main Bhopal mein karna chahta hun logon Ko iske antargat rojgar Dena chahta hun aur apni bahan ko gobar compost khad milegi aur tumhara Desh nirbhak hoga sadabahar badhegi logon Ko rojgar milega aur kisi ke sath hamare desh ki samriddhi aur Kejriwal Banega
Main bhi Gopalan karna chahta hun
Main do calling karna chahta hun Apne gaon ke Garib logon Ko rojgar Dena chahta hun taki hamare Desh gaon aur jile mein samriddhi Yadav ke hamare kheton mein nahin urja mil sake hamare urvarak gaon Se milane wali avshesh Jaise gomutra Hai gobar hai aur dudh Hai ISI sabse hamen apna business chalana chahta hun government se mera anurodh Hai Meri madad Karen aur Main is Yojana ko Bhali bhag chalaunga
Krishabh mini nadni yojna
10 cow ki jo unit h unka chayan kab tak hoga saab
हमें अपने पशुपालन को बढ़ाना चाहते है अभी हमारे पास 2 गाय 2 बछड़ी
कृपया हमारे पास 2गाय 2 बछड़ी 1 भैंस है । अगर लोन मिले तो बड़ा कर ले और सुनिश्चित समय पर लोन जमा कर लेंगे हमारे पास पिता जी के नाम पर 2 बीघा से ज्यादा जमीन है
मैं विशेष हूं जय गौ माता
मैं विशेष हूं मैं सोचता था कि मैं भी गौ माता की सेवा करूंगा अच्छी नस्ल की गे पलकर उनसे दूध उत्पादन जिससे कि समाज में मिलावट के दूध जो बिक रहे हैं बाजारों में आजकल थालिया में वह काम हो प शुद्ध दूध का उत्पादन करना मेरा उद्देश्य जिससे कि बच्चे बड़े बीमार काम हो आजकल सोयाबीन का दूध पीकर है सोयाबीन का पनीर सब में मिलावट हो रही है जय गौ माता
Hello Sir Pashu palan mai…
Hello
Sir
Pashu palan mai bhi Krna chahta Hun ye kab apply hoga sir ji pls sir Ripley dejiyega 🙏🏻
डेयरी फार्म
डेयरी फार्म खोलने के लिए सहायता
गाय पालन
डेरी फार्म 25 लाख लोन
Hamen deri hone ke liye loan chahie loan ke liye kaise sampark k
Deri kholne ke liye Kaun loan De sakta hai Koi hamen to nahin de raha ha kin se baat karni hogikan se bat karni hogi
Dairy farm
Hume bhi chalu karna hai
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