- पात्र पशुपालकों को ₹10,000 से ₹15,000 तक की प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाती है।
- चयनित लाभार्थियों को प्रशस्ति-पत्र भी दिया जाता है।
- स्वदेशी गायों के संरक्षण एवं दुग्ध उत्पादन बढ़ाने को प्रोत्साहन मिलता है।
- नन्द बाबा दुग्ध मिशन संपर्क नंबर: 0522-4251709
- नन्द बाबा दुग्ध मिशन ईमेल हेल्पडेस्क: [email protected]
- पशुपालन विभाग टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर: 1800 180 5141
- मोबाइल पशु चिकित्सा हेल्पलाइन नंबर: 1962
योजना का अवलोकन | |
|---|---|
| योजना का नाम | उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री प्रगतिशील पशुपालक प्रोत्साहन योजना |
| शुरू होने का वर्ष | 2023 |
| लाभ | ₹10,000 से ₹15,000 तक की प्रोत्साहन राशि। |
| लाभार्थी | उत्तर प्रदेश के पात्र व्यक्तिगत पशुपालक। |
| नोडल विभाग | उत्तर प्रदेश दुग्धशाला विकास विभाग। |
| सब्सक्रिप्शन | योजना की निरंतर जानकारी के लिए यहाँ सब्सक्राइब करे। |
| आवेदन का तरीका | ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से। |
योजना के बारे में
उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री प्रगतिशील पशुपालक प्रोत्साहन योजना राज्य सरकार द्वारा नन्द बाबा दुग्ध मिशन के अंतर्गत वर्ष 2023 में शुरू की गई एक महत्वपूर्ण योजना है। योजना के तहत गिर, साहीवाल, हरियाणा, गंगातीरी तथा थारपारकर जैसी स्वदेशी नस्ल की उच्च उत्पादकता वाली गायों का पालन करने वाले पात्र पशुपालकों को ₹10,000 से ₹15,000 तक की प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाती है। योजना का उद्देश्य राज्य में दुग्ध उत्पादन बढ़ाना, पशुपालकों की आय में वृद्धि करना, स्वदेशी गोवंश के संरक्षण को बढ़ावा देना तथा वैज्ञानिक पशुपालन को प्रोत्साहित करना है। यह योजना उत्तर प्रदेश के सभी जनपदों में लागू है और पात्र पशुपालकों को उनकी गाय की दुग्ध उत्पादकता के आधार पर आर्थिक सहायता प्रदान करती है।
मुख्यमंत्री प्रगतिशील पशुपालक प्रोत्साहन योजना के अंतर्गत केवल गिर, साहीवाल, हरियाणा, गंगातीरी एवं थारपारकर नस्ल की गायों को शामिल किया गया है। इन नस्लों के लिए सरकार द्वारा न्यूनतम दुग्ध उत्पादन मानक निर्धारित किए गए हैं। निर्धारित मानकों के अनुसार दुग्ध उत्पादन करने वाली गायों के मालिक पशुपालकों को ₹10,000 अथवा ₹15,000 की प्रोत्साहन राशि तथा प्रशस्ति-पत्र प्रदान किया जाता है। योजना का लाभ केवल प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय ब्यांत वाली पात्र गायों के लिए उपलब्ध है। किसी भी गाय के जीवनकाल में इस योजना का लाभ केवल एक बार दिया जाता है, जबकि एक पशुपालक अधिकतम दो गायों के लिए ही योजना का लाभ प्राप्त कर सकता है।
योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए आवेदक की आयु 18 वर्ष या उससे अधिक होनी चाहिए तथा वह उत्तर प्रदेश का निवासी होना चाहिए। आवेदन केवल व्यक्तिगत पशुपालक ही कर सकते हैं। गाय का माइक्रोचिप, इयर टैग अथवा अन्य मान्यता प्राप्त पहचान प्रणाली से चिन्हित होना तथा उसका बीमा होना आवश्यक है। इसके अतिरिक्त पशुपालकों को गाय के ब्यांत की तिथि से 45 दिनों के भीतर आवेदन करना अनिवार्य है। निर्धारित समय सीमा के बाद प्राप्त आवेदन योजना के लिए स्वीकार नहीं किए जा सकते हैं।
इच्छुक पशुपालक नन्द बाबा दुग्ध मिशन पोर्टल पर उपलब्ध पंजीकरण एवं लॉगिन सुविधा का उपयोग कर योजना से संबंधित सेवाओं का लाभ प्राप्त कर सकते हैं। आवेदन के दौरान आधार कार्ड, बैंक खाता विवरण, गाय की पहचान संख्या, बीमा विवरण तथा अन्य आवश्यक दस्तावेज जमा करने होते हैं। आवेदन प्राप्त होने के बाद संबंधित अधिकारियों द्वारा गाय की नस्ल, पहचान एवं दुग्ध उत्पादन क्षमता का स्थलीय सत्यापन किया जाता है। दुग्ध उत्पादन का निर्धारण लगातार दो दिनों में चार दुहानों के आधार पर किया जाता है, जिसके बाद औसत दैनिक दुग्ध उत्पादन की गणना की जाती है। जिला स्तरीय समिति की स्वीकृति के बाद पात्र पशुपालकों को प्रोत्साहन राशि सीधे उनके बैंक खाते में डीबीटी के माध्यम से भेजी जाती है।
नन्द बाबा दुग्ध मिशन के अंतर्गत मुख्यमंत्री प्रगतिशील पशुपालक प्रोत्साहन योजना के अलावा नन्दिनी कृषक समृद्धि योजना, मिनी नन्दिनी कृषक समृद्धि योजना तथा मुख्यमंत्री स्वदेशी गौ-संवर्धन योजना जैसी योजनाएं भी संचालित की जा रही हैं। इन योजनाओं का उद्देश्य स्वदेशी गोवंश का संरक्षण, डेयरी आधारित स्वरोजगार को बढ़ावा देना, ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर सृजित करना तथा राज्य के दुग्ध क्षेत्र को मजबूत बनाना है।
योजना के लाभ
- मुख्यमंत्री प्रगतिशील पशुपालक प्रोत्साहन योजना के तहत उच्च उत्पादकता वाली स्वदेशी नस्ल की गायों का पालन करने वाले पात्र पशुपालकों को प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाती है।
- गिर, साहीवाल, हरियाणा, गंगातीरी एवं थारपारकर नस्ल की गायों के लिए निर्धारित दुग्ध उत्पादन मानकों के आधार पर ₹10,000 से ₹15,000 तक की प्रोत्साहन राशि दी जाती है।
- योजना का उद्देश्य राज्य में स्वदेशी नस्ल की गायों के संरक्षण एवं संवर्धन को बढ़ावा देना है।
- पशुपालकों को गायों की नस्ल सुधार, बेहतर देखभाल, गुणवत्तापूर्ण पोषण एवं स्वास्थ्य प्रबंधन के लिए प्रोत्साहित किया जाता है।
- योजना के माध्यम से राज्य में दुग्ध उत्पादन बढ़ाने और पशुपालकों की आय में वृद्धि करने का प्रयास किया जाता है।
- पात्र लाभार्थियों को प्रोत्साहन राशि के साथ प्रशस्ति-पत्र भी प्रदान किया जाता है।
- योजना का लाभ उत्तर प्रदेश के सभी जनपदों में उपलब्ध है।
- प्रोत्साहन राशि सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में डीबीटी के माध्यम से भेजी जाती है।
पशुपालकों को दी जाने वाली प्रोत्साहन राशि
मुख्यमंत्री प्रगतिशील पशुपालक प्रोत्साहन योजना के तहत पात्र पशुपालकों को उनकी गाय की नस्ल एवं सत्यापित औसत दैनिक दुग्ध उत्पादन के आधार पर ₹10,000 से ₹15,000 तक की प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाती है।
| गाय की नस्ल | औसत दैनिक दुग्ध उत्पादन | प्रोत्साहन राशि |
|---|---|---|
| गिर | 08 से 12 किलोग्राम तक | ₹10,000 |
| गिर | 12 किलोग्राम से अधिक | ₹15,000 |
| साहीवाल | 08 से 12 किलोग्राम तक | ₹10,000 |
| साहीवाल | 12 किलोग्राम से अधिक | ₹15,000 |
| थारपारकर | 08 से 12 किलोग्राम तक | ₹10,000 |
| थारपारकर | 12 किलोग्राम से अधिक | ₹15,000 |
| हरियाणा | 07 से 10 किलोग्राम तक | ₹10,000 |
| हरियाणा | 10 किलोग्राम से अधिक | ₹15,000 |
| गंगातीरी | 07 से 08 किलोग्राम तक | ₹10,000 |
| गंगातीरी | 08 किलोग्राम से अधिक | ₹15,000 |
प्रोत्साहन राशि प्राप्त करने के लिए गाय की दुग्ध उत्पादकता का सत्यापन संबंधित समिति द्वारा किया जाता है। सत्यापन के दौरान लगातार दो दिनों में चार दुहानों के आधार पर औसत दैनिक दुग्ध उत्पादन निर्धारित किया जाता है। निर्धारित मानक पूरा होने पर पात्र पशुपालक को प्रोत्साहन राशि सीधे बैंक खाते में डीबीटी के माध्यम से प्रदान की जाती है।
पात्रताएं
- मुख्यमंत्री प्रगतिशील पशुपालक प्रोत्साहन योजना के तहत आवेदन करने के लिए आवेदक उत्तर प्रदेश का निवासी होना चाहिए।
- आवेदक की आयु 18 वर्ष या उससे अधिक होनी चाहिए।
- यह योजना केवल व्यक्तिगत लाभार्थियों के लिए है। किसी समूह, फर्म, संस्था अथवा संगठन को आवेदन करने की अनुमति नहीं है।
- योजना का लाभ केवल उच्च उत्पादकता वाली स्वदेशी नस्ल की गायों जैसे गिर, साहीवाल, हरियाणा, गंगातीरी एवं थारपारकर के लिए उपलब्ध है।
- गाय के ब्यांत की तिथि से 45 दिनों के भीतर आवेदन करना अनिवार्य है।
- योजना के तहत केवल प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय ब्यांत वाली गायों के लिए ही प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाती है।
- एक गाय के लिए उसके जीवनकाल में केवल एक बार ही प्रोत्साहन राशि का लाभ दिया जाएगा।
- एक पशुपालक अधिकतम दो गायों के लिए ही इस योजना का लाभ प्राप्त कर सकता है।
- गाय की पहचान माइक्रोचिप, इयर टैग अथवा किसी अन्य मान्यता प्राप्त पहचान प्रणाली से होना आवश्यक है।
- गाय का क्रियाशील बीमा होना चाहिए।
आवश्यक दस्तावेज
मुख्यमंत्री प्रगतिशील पशुपालक प्रोत्साहन योजना के तहत आवेदन करने के लिए निम्नलिखित दस्तावेज आवश्यक हैं :-
- पशुपालक के आधार कार्ड की छायाप्रति।
- गाय की पहचान हेतु माइक्रोचिप, इयर टैग अथवा किसी मान्यता प्राप्त पहचान प्रणाली का प्रमाण-पत्र एवं पहचान संख्या।
- गाय के क्रियाशील बीमा का विवरण।
- पशुपालक के बैंक पासबुक की छायाप्रति अथवा कैंसिल चेक।
- गाय के साथ पशुपालक का पूर्ण फोटोग्राफ।
- नोटरीकृत शपथ-पत्र, जिसमें यह घोषित किया गया हो कि संबंधित गाय को उसके जीवनकाल में पहले कभी इस योजना का लाभ प्राप्त नहीं हुआ है तथा गाय प्रथम, द्वितीय अथवा तृतीय ब्यांत की है।
आवेदन प्रक्रिया
- सबसे पहले नन्द बाबा दुग्ध मिशन पोर्टल पर जाएं।
- यदि आप नए उपयोगकर्ता हैं तो "पंजीकरण करें" विकल्प पर क्लिक करके अपना पंजीकरण करें।
- पंजीकरण के दौरान आवश्यक जानकारी जैसे नाम, मोबाइल नंबर, ई-मेल आईडी तथा अन्य विवरण दर्ज करें।
- पंजीकरण पूर्ण होने के बाद प्राप्त यूजर आईडी एवं पासवर्ड की सहायता से पोर्टल में लॉगिन करें।
- लॉगिन करने के बाद मुख्यमंत्री प्रगतिशील पशुपालक प्रोत्साहन योजना के लिए आवेदन विकल्प का चयन करें।
- आवेदन पत्र में मांगी गई सभी जानकारी सही-सही भरें।
- आवश्यक दस्तावेजों की स्कैन कॉपी अपलोड करें।
- सभी जानकारी की जांच करने के बाद आवेदन पत्र ऑनलाइन जमा करें।
- आवेदन जमा होने के बाद प्राप्त आवेदन संख्या को भविष्य के लिए सुरक्षित रखें।
- आवेदन के सत्यापन एवं स्वीकृति के बाद पात्र लाभार्थियों को प्रोत्साहन राशि डीबीटी के माध्यम से बैंक खाते में हस्तांतरित की जाएगी।
महत्वपूर्ण बिंदु
- मुख्यमंत्री प्रगतिशील पशुपालक प्रोत्साहन योजना का लाभ केवल गिर, साहीवाल, हरियाणा, गंगातीरी एवं थारपारकर नस्ल की पात्र स्वदेशी गायों के लिए उपलब्ध है।
- योजना के तहत प्रोत्साहन राशि गाय की खरीद पर नहीं, बल्कि निर्धारित दुग्ध उत्पादन मानक प्राप्त करने पर प्रदान की जाती है।
- किसी भी गाय के जीवनकाल में इस योजना का लाभ केवल एक बार ही प्राप्त किया जा सकता है।
- एक पशुपालक अधिकतम दो गायों के लिए ही योजना का लाभ प्राप्त कर सकता है।
- योजना का लाभ केवल प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय ब्यांत वाली गायों के लिए उपलब्ध है।
- गाय का माइक्रोचिप, इयर टैग अथवा किसी अन्य मान्यता प्राप्त पहचान प्रणाली से चिन्हित होना अनिवार्य है।
- गाय का बीमा सक्रिय होना चाहिए। बीमा विवरण आवेदन के साथ प्रस्तुत करना आवश्यक है।
- पशुपालक को गाय के ब्यांत की तिथि से 45 दिनों के भीतर आवेदन करना होगा।
- आवेदन के साथ नोटरीकृत शपथ-पत्र जमा करना आवश्यक है, जिसमें यह घोषणा की जाती है कि संबंधित गाय के लिए पहले कभी इस योजना का लाभ प्राप्त नहीं किया गया है।
- दुग्ध उत्पादन का निर्धारण लगातार दो दिनों में चार दुहानों (सुबह एवं शाम) के आधार पर किया जाता है। इसी सत्यापन के आधार पर प्रोत्साहन राशि की पात्रता तय की जाती है।
- प्रोत्साहन राशि सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में डीबीटी के माध्यम से हस्तांतरित की जाती है। इसलिए बैंक खाते का आधार एवं अन्य आवश्यक विवरणों से अद्यतन होना महत्वपूर्ण है।
- आवेदन पत्र में दी गई गलत जानकारी अथवा सत्यापन के दौरान गलत तथ्य पाए जाने पर आवेदन निरस्त किया जा सकता है।
महत्वपूर्ण पत्र
महत्वपूर्ण लिंक
- उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री प्रगतिशील पशुपालक प्रोत्साहन योजना का दिशानिर्देश।
- उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री प्रगतिशील पशुपालक प्रोत्साहन योजना दिशानिर्देश।
- उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री प्रगतिशील पशुपालक प्रोत्साहन योजना ऑनलाइन पंजीकरण।
- उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री प्रगतिशील पशुपालक प्रोत्साहन योजना आवेदक लॉगिन।
संपर्क जानकारी
- नन्द बाबा दुग्ध मिशन संपर्क नंबर: 0522-4251709
- नन्द बाबा दुग्ध मिशन ईमेल हेल्पडेस्क: [email protected]
- पशुपालन विभाग टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर: 1800 180 5141
- मोबाइल पशु चिकित्सा हेल्पलाइन नंबर: 1962
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
यह नन्द बाबा दुग्ध मिशन के अंतर्गत संचालित एक योजना है, जिसके तहत पात्र पशुपालकों को स्वदेशी नस्ल की उच्च उत्पादकता वाली गायों के लिए ₹10,000 से ₹15,000 तक की प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाती है।
योजना के तहत गिर, साहीवाल, हरियाणा, गंगातीरी तथा थारपारकर नस्ल की गायों को शामिल किया गया है।
गाय की नस्ल और सत्यापित दुग्ध उत्पादन के आधार पर ₹10,000 या ₹15,000 तक की प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाती है।
हां, एक पशुपालक अधिकतम दो गायों के लिए योजना का लाभ प्राप्त कर सकता है।
नहीं, किसी भी गाय के जीवनकाल में इस योजना का लाभ केवल एक बार ही दिया जाता है।
योजना का लाभ केवल प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय ब्यांत वाली पात्र गायों के लिए उपलब्ध है।
पशुपालक को गाय के ब्यांत की तिथि से 45 दिनों के भीतर आवेदन करना अनिवार्य है।
हां, योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए गाय का क्रियाशील (Valid) बीमा होना आवश्यक है।
हां, गाय का माइक्रोचिप, इयर टैग अथवा अन्य मान्यता प्राप्त पहचान प्रणाली से चिन्हित होना अनिवार्य है।
इच्छुक पशुपालक नन्द बाबा दुग्ध मिशन पोर्टल पर उपलब्ध पंजीकरण एवं लॉगिन सुविधा का उपयोग कर योजना से संबंधित सेवाओं का लाभ प्राप्त कर सकते हैं।
हां, संबंधित समिति द्वारा गाय की दुग्ध उत्पादकता का स्थलीय सत्यापन किया जाता है। सत्यापन के आधार पर ही प्रोत्साहन राशि की पात्रता तय की जाती है।
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