- पात्र प्रथम बार कर्मचारियों को ₹15,000 तक की सहायता।
- नए कर्मचारियों की भर्ती पर नियोक्ताओं को ₹3,000 प्रतिमाह तक का प्रोत्साहन।
योजना का अवलोकन | |
|---|---|
| योजना का नाम | प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना। |
| आरंभ वर्ष | 01-08-2025 |
| लाभार्थी | प्रथम बार नौकरी करने वाले कर्मचारी और नियोक्ता। |
| लाभ | कर्मचारी और नियोक्ताओं को वित्तीय प्रोत्साहन। |
| पोर्टल | आधिकारिक पोर्टल |
| नोडल विभाग | श्रम एवं रोजगार मंत्रालय। |
| सब्सक्रिप्शन | योजना की निरंतर जानकारी के लिए यहाँ सब्सक्राइब करे। |
| आवेदन का तरीका | आवेदन पत्र द्वारा। |
योजना के बारे मे
प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना केंद्र सरकार द्वारा शुरू की गई एक महत्वपूर्ण रोजगार प्रोत्साहन योजना है। इस योजना का उद्देश्य देश में नए रोजगार के अवसर बढ़ाना और अधिक लोगों को संगठित क्षेत्र की नौकरियों से जोड़ना है। योजना के तहत पहली बार नौकरी करने वाले पात्र कर्मचारियों को ₹15,000 तक की वित्तीय सहायता दी जाती है। वहीं, अतिरिक्त कर्मचारियों की भर्ती करने वाले नियोक्ताओं (Employers) को प्रति कर्मचारी प्रति माह ₹3,000 तक का प्रोत्साहन दिया जाता है। इससे युवाओं को रोजगार प्राप्त करने में मदद मिलेगी और उद्योगों को नए रोजगार सृजित करने के लिए प्रोत्साहन मिलेगा।
इस योजना का लाभ मुख्य रूप से उन लोगों को मिलेगा जो पहली बार संगठित क्षेत्र में नौकरी शुरू कर रहे हैं और कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) में पंजीकृत हैं। ₹1 लाख तक मासिक वेतन प्राप्त करने वाले पात्र कर्मचारी निर्धारित सेवा अवधि पूरी करने के बाद योजना का लाभ प्राप्त कर सकते हैं। इसके अलावा, नए कर्मचारियों की भर्ती करने वाले उद्योग, कंपनियां और अन्य संस्थान भी सरकारी प्रोत्साहन राशि प्राप्त करने के पात्र हो सकते हैं।
प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना का संचालन श्रम एवं रोजगार मंत्रालय द्वारा ईपीएफओ के माध्यम से किया जा रहा है। योजना का लाभ 1 अगस्त 2025 से 31 जुलाई 2027 के बीच सृजित पात्र रोजगारों पर उपलब्ध होगा। योजना के तहत पात्र कर्मचारियों और नियोक्ताओं को लाभ उनकी आधार और पैन से जुड़े बैंक खातों में सीधे जमा किया जाएगा।
योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए कर्मचारियों को किसी पात्र ईपीएफओ -पंजीकृत संस्थान में नौकरी करनी होगी तथा निर्धारित शर्तों को पूरा करना होगा। वहीं, नियोक्ता योजना से संबंधित जानकारी, दिशा-निर्देश और पात्रता विवरण प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना पोर्टल पर देख सकते हैं। ₹99,446 करोड़ के कुल बजट के साथ शुरू की गई इस योजना का लक्ष्य 3.5 करोड़ से अधिक रोजगार अवसरों को बढ़ावा देना है, जिससे लाखों लोगों को सामाजिक सुरक्षा और औपचारिक रोजगार का लाभ मिल सकेगा।

PM-VBRY में ₹2,400 करोड़ का वितरण
प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी 19 जून 2026 को नई दिल्ली स्थित विज्ञान भवन में आयोजित कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना (PM-VBRY) के तहत लगभग ₹2,400 करोड़ की प्रोत्साहन राशि जारी करेंगे। यह वितरण योजना के क्रियान्वयन में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है। अब तक इस योजना के माध्यम से देशभर में लगभग 15 लाख लोगों को रोजगार से जोड़ने में सहायता मिली है।
PM-VBRY के तहत पहली बार नौकरी करने वाले पात्र कर्मचारियों को ₹15,000 तक की वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है। वहीं, अतिरिक्त रोजगार सृजित करने वाले नियोक्ताओं को भी निर्धारित शर्तों के अनुसार मासिक प्रोत्साहन राशि दी जाती है। इस अवसर को विशेष बनाने के लिए देशभर में लगभग 200 स्थानों पर क्षेत्रीय कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जहां नियोक्ता नए चयनित कर्मचारियों को नियुक्ति पत्र भी वितरित करेंगे।
केंद्र सरकार का लक्ष्य इस योजना के माध्यम से 3.5 करोड़ से अधिक रोजगार अवसरों को बढ़ावा देना है। साथ ही, अधिक से अधिक श्रमिकों को औपचारिक रोजगार और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से जोड़कर उनके आर्थिक सशक्तिकरण को बढ़ावा देना भी योजना का प्रमुख उद्देश्य है।
कर्मचारियों (Employees) के लिए योजना के लाभ
- इस योजना के तहत केंद्र सरकार नव-नियुक्त कर्मचारियों को वित्तीय सहायता प्रदान करती है।
- एक माह के EPF वेतन के बराबर या अधिकतम ₹15,000/- की प्रोत्साहन राशि दो चरणों में दी जाती है।
- पहली किस्त तब मिलती है जब कर्मचारी 6 महीने की निरंतर सेवा पूरी कर लेता है।
- दूसरी किस्त 12 महीने की सेवा पूरी होने और वित्तीय साक्षरता पाठ्यक्रम (Financial Literacy Course) को सफलतापूर्वक पूरा करने के बाद दी जाती है।
- यह लाभ केवल उन्हीं कर्मचारियों को मिलेगा जिनका मासिक वेतन ₹1,00,000/- से कम है।
नियोक्ताओं (Employers) के लिए योजना के लाभ
- नए रोजगार अवसर सृजित करने के लिए केंद्र सरकार नियोक्ताओं को वित्तीय प्रोत्साहन देती है।
- कर्मचारी के वेतन के आधार पर नियोक्ताओं को ₹1,000/- से ₹3,000/- प्रति माह तक की प्रोत्साहन राशि मिल सकती है।
- उत्पादन (मैन्युफैक्चरिंग) क्षेत्र के नियोक्ताओं को यह लाभ अधिकतम 4 वर्षों तक मिलेगा।
- अन्य सभी क्षेत्रों के नियोक्ता इस योजना का लाभ 2 वर्षों तक प्राप्त कर सकते हैं।
- प्रोत्साहन राशि कर्मचारी के EPF वेतन के अनुसार तय की जाती है:
- ₹10,000/- तक वेतन वालों के लिए – वेतन का 10% या अधिकतम ₹1,000/- प्रति माह।
- ₹10,001 से ₹20,000/- वेतन वालों के लिए – ₹2,000/- प्रति माह प्रोत्साहन।
- ₹20,001 से ₹1,00,000/- वेतन वालों के लिए – ₹2,000/- प्रति माह प्रोत्साहन।
कर्मचारियों (Employees) के लिए पात्रता शर्तें
- यह योजना केवल उन व्यक्तियों के लिए है जो पहली बार औपचारिक रोजगार में आ रहे हैं।
- कर्मचारी का पंजीकरण कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) के साथ होना अनिवार्य है।
- पहली बार नौकरी करने वाले कर्मचारी का मासिक वेतन ₹1,00,000/- से कम होना चाहिए।
- कर्मचारी को एक ही नियोक्ता के साथ कम से कम 6 महीने की सेवा पूरी करनी अनिवार्य है।
नियोक्ताओं (Employers) के लिए पात्रता शर्तें
- प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना का लाभ सभी क्षेत्रों के नियोक्ताओं के लिए उपलब्ध है।
- जिन कंपनियों में 50 से कम कर्मचारी हैं, उन्हें हर वर्ष कम से कम 2 नए कर्मचारियों की नियुक्ति करनी होगी।
- 50 से अधिक कर्मचारियों वाली संस्थाओं को हर वर्ष कम से कम 5 नए लोगों को नौकरी पर रखना होगा।
- नए नियुक्त कर्मचारियों को न्यूनतम 6 महीने की सेवा अवधि पूरी करनी अनिवार्य है।
- नियुक्त कर्मचारी का मासिक वेतन ₹1,00,000/- से अधिक नहीं होना चाहिए।
कर्मचारियों (Employees) के लिए आवश्यक दस्तावेज़
- कर्मचारी का आधार कार्ड पहचान प्रमाण के रूप में।
- आधार से लिंक किया गया सक्रिय बैंक खाता नंबर।
- पैन कार्ड से संबंधित जानकारी।
- ईपीएफओ द्वारा जारी यूनिवर्सल अकाउंट नंबर (UAN)।
- नियुक्ति पत्र या जॉइनिंग की पुष्टि से जुड़ा दस्तावेज़।
- सक्रिय मोबाइल नंबर जिससे संपर्क किया जा सके।
- व्यक्तिगत ईमेल आईडी, भविष्य की जानकारी हेतु।
- हाल ही में खिंचवाया गया पासपोर्ट साइज फोटो।
नियोक्ताओं (Employers) के लिए आवश्यक दस्तावेज़
- व्यावसायिक संस्था का वैध GST नंबर या कंपनी पंजीकरण संख्या (CIN)।
- संस्थान का स्थायी खाता संख्या (PAN)।
- उस बैंक खाते की जानकारी जो संस्था के नाम पर सक्रिय हो।
- टैक्स डिडक्शन एंड कलेक्शन अकाउंट नंबर (TAN)।
- ईसीआर (ECR) रिपोर्ट की समय पर फाइलिंग से संबंधित दस्तावेज़।
प्रोत्साहन राशि पाने के लिए कर्मचारी (Employees) कैसे आवेदन करें
- जब कोई व्यक्ति पहली बार नौकरी में शामिल होता है, तो EPFO की ओर से उसे एक यूनिवर्सल अकाउंट नंबर (UAN) दिया जाता है।
- PM विकसित भारत रोजगार योजना के तहत अधिकतम ₹15,000 तक की प्रोत्साहन राशि पाने के लिए कर्मचारी का UAN सक्रिय होना चाहिए।
- कर्मचारी का बैंक खाता उसके आधार से जुड़ा होना अनिवार्य है, तभी वह इस योजना के लाभ के लिए पात्र होगा।
- इस योजना का लाभ केवल उन्हीं कर्मचारियों को मिलेगा जो पहले से पंजीकृत नियोक्ता के साथ कार्यरत हैं।
- पहली बार काम शुरू करने वाले कर्मचारियों का EPFO में पंजीकरण कराने और UAN जनरेट कराने की जिम्मेदारी नियोक्ता की होती है।
- पंजीकरण के बाद कर्मचारी स्वतः इस योजना के तहत प्रोत्साहन राशि के लिए योग्य हो जाते हैं।
- यह आर्थिक सहायता दो चरणों में दी जाएगी – पहली किस्त 6 महीने की नौकरी पूरी होने पर, और दूसरी 12 महीने की नौकरी तथा वित्तीय साक्षरता कोर्स पूरा करने के बाद।
- दूसरी किस्त पाने के लिए कर्मचारी को 12 महीने की सेवा अवधि पूरी होने से पहले वित्तीय साक्षरता कोर्स पास करना जरूरी है।
- इस कोर्स को शुरू करने के लिए कर्मचारी को EPFO पोर्टल पर अपने UAN और पंजीकृत मोबाइल नंबर से लॉगिन करना होगा।
- लॉगिन के बाद 'My Dashboard' में जाकर 'Learning Section' पर क्लिक करें।
- यहां 'Financial Literacy for ELI Members' विकल्प को चुनकर कोर्स में नामांकन करें।
- इस कोर्स के अंतर्गत सभी वीडियो मॉड्यूल देखने होते हैं जो पोर्टल पर उपलब्ध कराए गए हैं।
- सभी मॉड्यूल पूरे करने के बाद ऑनलाइन ही एक सर्टिफिकेट जनरेट किया जाएगा।
- यह सर्टिफिकेट प्राप्त होते ही कर्मचारी योजना के तहत दूसरी किस्त पाने के लिए पात्र बन जाएगा।
प्रोत्साहन राशि पाने के लिए नियोक्ता (Employers) कैसे आवेदन करें
- प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना के तहत मासिक प्रोत्साहन पाने के लिए नियोक्ता को कोई पंजीकरण की आवश्यकता नहीं है।
- नियोक्ताओं को पैन, जीएसटीआईएन, पैन लिंकिंग की जानकारी देना अनिवार्य होगा और साथ ही मासिक ईसीआर (ECR) समय पर दाखिल करना भी जरूरी है।
- प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना का लाभ केवल 1 अगस्त 2025 के बाद की नौकरियों पर ही प्रदान किया जायेगा।
- PMVBRY नियोक्ता को निम्नलिखित विवरण भरने होंगे:
- कंपनी/ संगठन का नाम
- पैन नंबर
- टीएएन नंबर
- जीएसटी नंबर
- बैंक का नाम और शाखा
- आईएफएससी कोड
- खाता संख्या
- नियोक्ताओं को 1 अगस्त 2025 या उसके बाद नियुक्त नए कर्मचारियों का डेटा देना अनिवार्य होगा।
- मासिक ईसीआर समय पर जमा करना आवश्यक है, तभी योजना का लाभ मिलता रहेगा।
- PM विकसित भारत रोजगार योजना के अंतर्गत प्रोत्साहन राशि नियोक्ता के पैन से लिंक बैंक खाते में सीधे ट्रांसफर की जाएगी।
महत्वपूर्ण लिंक
- प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना का आधिकारिक पोर्टल।
- प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना एम्प्लोयी लॉगिन।
- प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना एम्प्लायर लॉगिन।
- पीएम विकसित भारत रोजगार योजना दिशानिर्देश
- प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना की विस्तृत दिशा-निर्देश देखें।
- भारत सरकार का श्रम एवं रोजगार मंत्रालय - आधिकारिक वेबसाइट।
- कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) की आधिकारिक वेबसाइट।
सम्पर्क विवरण
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना केंद्र सरकार की एक रोजगार प्रोत्साहन योजना है। इसके तहत पहली बार नौकरी करने वाले कर्मचारियों और नए रोजगार सृजित करने वाले नियोक्ताओं को वित्तीय प्रोत्साहन दिया जाता है। योजना का उद्देश्य औपचारिक रोजगार बढ़ाना और अधिक लोगों को EPFO के माध्यम से सामाजिक सुरक्षा से जोड़ना है।
पात्र प्रथम बार कर्मचारियों को एक महीने के वेतन के बराबर प्रोत्साहन राशि दी जाती है, जिसकी अधिकतम सीमा ₹15,000 है। यह राशि निर्धारित शर्तें पूरी करने के बाद दो किस्तों में जारी की जाती है।
EPFO में पहली बार पंजीकृत कर्मचारी, जिनका मासिक वेतन ₹1 लाख तक है और जिन्होंने निर्धारित अवधि तक लगातार रोजगार किया है, वे इस प्रोत्साहन राशि के पात्र हो सकते हैं।
पात्र अतिरिक्त कर्मचारियों की भर्ती करने वाले नियोक्ताओं को कर्मचारी के वेतन वर्ग के अनुसार प्रति कर्मचारी ₹1,000 से ₹3,000 प्रतिमाह तक की प्रोत्साहन राशि दी जाती है।
यह योजना 1 अगस्त 2025 से 31 जुलाई 2027 के बीच सृजित पात्र रोजगारों पर लागू है।
नहीं। योजना के लिए कोई अलग आवेदन पत्र नहीं है। पात्र कर्मचारी EPFO पंजीकरण, UAN निर्माण, आधार प्रमाणीकरण और अन्य निर्धारित शर्तें पूरी करने के बाद स्वतः योजना के दायरे में आ जाते हैं।
नहीं। EPFO के अंतर्गत आने वाले संस्थान स्वतः योजना में शामिल माने जाते हैं। हालांकि, लाभ प्राप्त करने के लिए नियोक्ताओं को पैन, GST, बैंक खाते की जानकारी उपलब्ध करानी होगी तथा नियमित रूप से ECR दाखिल करनी होगी।
पहली किस्त लगातार 6 महीने की सेवा पूरी होने के बाद जारी की जाती है। दूसरी किस्त 12 महीने की सेवा पूरी करने और वित्तीय साक्षरता कार्यक्रम सफलतापूर्वक पूरा करने के बाद जारी की जाती है।
हाँ। विनिर्माण क्षेत्र के पात्र नियोक्ताओं को अधिकतम 4 वर्ष तक प्रोत्साहन राशि मिल सकती है, जबकि अन्य क्षेत्रों के नियोक्ताओं को यह लाभ अधिकतम 2 वर्ष तक उपलब्ध है।
कर्मचारियों की प्रोत्साहन राशि आधार से जुड़े बैंक खाते में प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) के माध्यम से भेजी जाती है। वहीं, नियोक्ताओं की प्रोत्साहन राशि उनके पैन से जुड़े बैंक खाते में जमा की जाती है।
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