- उत्तराखण्ड ईजा बोई शगुन योजना के अंतर्गत लाभार्थी को निम्नलिखित लाभ प्रदान किए जाएगे:-
- लाभार्थी महिला को 2,000/-रुपए की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी ।
- प्रसव होने के बाद सरकारी अस्पताल में 48 घण्टे तक रुकने पर प्रसूता महिला को राशि दी जाएगी ।
- उत्तराखण्ड चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग हेल्पलाइन नंबर :- 013-52608763.
- उत्तराखण्ड चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग हेल्पडेस्क ईमेल:[email protected].
योजना का अवलोकन | |
|---|---|
| योजना का नाम | उत्तराखण्ड ईजा बोई शगुन योजना। |
| लाभ | 2,000/- रुपए की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी । |
| लाभार्थी | राज्य की प्रसूता महिला । |
| नोडल विभाग | चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग, उत्तराखण्ड । |
| आवेदन का तरीका | सरकारी अस्पताल में प्रसव होने पर चिकित्सालय द्वारा लाभ दिया जाएगा। |
योजना के बारे में
गर्भावस्था और प्रसव के दौरान माता एवं नवजात शिशु को विशेष स्वास्थ्य देखभाल की आवश्यकता होती है। हालांकि, आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की कई महिलाएं समय पर स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ नहीं ले पातीं, जिससे माता और शिशु दोनों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। मातृ एवं शिशु मृत्यु दर को कम करने तथा सुरक्षित संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने के लिए उत्तराखण्ड सरकार द्वारा विभिन्न स्वास्थ्य सेवाएं और कल्याणकारी योजनाएं संचालित की जा रही हैं।
राज्य सरकार गर्भवती महिलाओं को अस्पताल तक पहुंचाने के लिए 108 एम्बुलेंस सेवा तथा प्रसव के बाद घर वापस पहुंचाने के लिए 102 वाहन सेवा उपलब्ध करा रही है। इसके अलावा, सरकारी अस्पतालों में गर्भवती महिलाओं को निःशुल्क पंजीकरण, स्वास्थ्य जांच, दवाइयां, भोजन तथा अन्य आवश्यक सुविधाएं भी प्रदान की जाती हैं।
इन्हीं प्रयासों को आगे बढ़ाते हुए उत्तराखण्ड सरकार ने "उत्तराखण्ड ईजा बोई शगुन योजना" शुरू की है। इस योजना का उद्देश्य महिलाओं को सरकारी अस्पतालों में प्रसव के लिए प्रोत्साहित करना तथा माता एवं शिशु के सुरक्षित स्वास्थ्य को बढ़ावा देना है।
योजना के तहत उत्तराखण्ड की पात्र प्रसूता महिलाओं को सरकारी अस्पताल में प्रसव कराने और प्रसव के बाद कम से कम 48 घंटे तक अस्पताल में रुकने पर ₹2,000 की प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाती है। यह राशि सीधे लाभार्थी महिला के बैंक खाते में हस्तांतरित की जाती है।
यह योजना चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग, उत्तराखण्ड द्वारा संचालित की जा रही है। योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए प्रसूता महिला को अपना आधार कार्ड और बैंक खाते की जानकारी अस्पताल में उपलब्ध करानी होती है। पात्रता की पुष्टि होने के बाद प्रोत्साहन राशि सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में जमा कर दी जाती है।
इस प्रकार, उत्तराखण्ड ईजा बोई शगुन योजना सुरक्षित मातृत्व को बढ़ावा देने, संस्थागत प्रसव को प्रोत्साहित करने तथा माता और नवजात शिशु के बेहतर स्वास्थ्य सुनिश्चित करने की दिशा में राज्य सरकार की एक महत्वपूर्ण पहल है।
योजना के लाभ
- उत्तराखण्ड ईजा बोई शगुन योजना के अंतर्गत लाभार्थी को निम्नलिखित लाभ प्रदान किए जाएगे:-
- लाभार्थी महिला को 2,000/-रुपए की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी ।
- प्रसव होने के बाद सरकारी अस्पताल में 48 घण्टे तक रुकने पर प्रसूता महिला को राशि दी जाएगी ।
पात्रताएं
- महिला उत्तराखण्ड की मूल निवासी होनी चाहिए ।
- महिला ने प्रसव सरकारी अस्पताल में किया होना चाहिए ।
- सरकारी अस्पताल में प्रसव होने के बाद 48 घण्टे तक प्रसूता महिला रुकी होनी चाहिए ।
आवश्यक दस्तावेज
- उत्तराखण्ड ईजा बोई शगुन योजना का लाभ लेने के लिए निम्नलिखित दस्तावेज आवश्यक है :-
- उत्तराखण्ड में निवास का प्रमाण/ स्थाई प्रमाण (अगर संबंधित हो)।
- बैंक खाते की जानकारी ।
- आधार कार्ड ।
- महिला की पासपोर्ट साइज फोटो (अगर संबंधित हो)।
- मोबाइल नंबर ।
लाभ लेने की प्रक्रिया
- पात्र लाभार्थी महिला उत्तराखण्ड ईजा बोई शगुन योजना का लाभ सरकारी अस्पताल में प्रसव होने के बाद प्राप्त कर सकती है।
- योजना के अंतर्गत लाभ प्राप्त करने के लिए प्रसूता महिला एवं नवजात शिशु को प्रसव के उपरांत कम से कम 48 घंटे तक अस्पताल में रुकना आवश्यक है।
- 48 घंटे की निर्धारित अवधि पूर्ण होने के बाद संबंधित चिकित्सालय द्वारा लाभार्थी महिला के दस्तावेजों का सत्यापन किया जाता है।
- इसके लिए महिला से आधार कार्ड, बैंक खाते का विवरण तथा अन्य आवश्यक दस्तावेज प्राप्त किए जाते हैं।
- दस्तावेजों के सत्यापन के उपरांत अस्पताल प्रशासन द्वारा योजना के तहत देय वित्तीय सहायता राशि स्वीकृत करने की प्रक्रिया शुरू की जाती है।
- योजना के प्रावधानों के अनुसार पात्र महिला को ₹2,000 की प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाती है, जिससे प्रसव के बाद माता एवं नवजात शिशु की देखभाल से संबंधित आवश्यक खर्चों में सहायता मिल सके।
- स्वीकृत राशि सीधे लाभार्थी महिला के बैंक खाते में डीबीटी (Direct Benefit Transfer) के माध्यम से जमा की जाती है, जिससे भुगतान प्रक्रिया पारदर्शी एवं सुरक्षित बनी रहती है।
- इस प्रकार योजना संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य में सुधार लाने तथा आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की महिलाओं को प्रसव के बाद वित्तीय सहायता प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
महत्वपूर्ण लिंक
- उत्तराखण्ड चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग पोर्टल।
- उत्तराखण्ड ईजा बोई शगुन योजना दिशानिर्देश ।
संपर्क करने का विवरण
- उत्तराखण्ड चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग हेल्पलाइन नंबर :- 013-52608763.
- उत्तराखण्ड चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग हेल्पडेस्क ईमेल:[email protected].
- चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग, उत्तराखण्ड चिकित्सा,
स्वास्थ्य और परिवार कल्याण महानिदेशक स्वास्थ्य सेवा निदेशालय
ग्राम डांडा लाखोंड पी.ओ. देहरादून के
राजीव गांधी खेल मैदान के पास गुजरा
सहस्त्रधारा रोड उत्तराखंड, भारत.
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
उत्तराखण्ड ईजा बोई शगुन योजना राज्य सरकार द्वारा शुरू की गई एक प्रोत्साहन योजना है, जिसके तहत सरकारी अस्पताल में प्रसव कराने और प्रसव के बाद 48 घंटे तक अस्पताल में रुकने वाली पात्र महिलाओं को ₹2,000 की आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है।
इस योजना का लाभ उत्तराखण्ड की उन प्रसूता महिलाओं को मिलेगा जिन्होंने सरकारी अस्पताल में प्रसव कराया हो और प्रसव के बाद कम से कम 48 घंटे तक अस्पताल में रुकी हों।
योजना के अंतर्गत पात्र लाभार्थी महिला को ₹2,000 की प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाती है।
नहीं, यह योजना केवल सरकारी अस्पताल में प्रसव कराने वाली महिलाओं के लिए लागू है।
योजना का उद्देश्य सुरक्षित मातृत्व को बढ़ावा देना, संस्थागत प्रसव को प्रोत्साहित करना तथा माता एवं नवजात शिशु के स्वास्थ्य की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए प्रसव के बाद महिला को कम से कम 48 घंटे तक सरकारी अस्पताल में रुकना आवश्यक है।
आधार कार्ड, बैंक खाते की जानकारी, मोबाइल नंबर तथा अन्य आवश्यक दस्तावेज अस्पताल द्वारा मांगे जा सकते हैं।
प्रोत्साहन राशि सीधे लाभार्थी महिला के बैंक खाते में हस्तांतरित की जाती है।
इस योजना का संचालन चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग, उत्तराखण्ड द्वारा किया जाता है।
आमतौर पर पात्र महिला की जानकारी प्रसव के समय अस्पताल द्वारा ली जाती है। पात्रता की पुष्टि के बाद प्रोत्साहन राशि लाभार्थी के बैंक खाते में जमा कर दी जाती है।
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