बिहार मुख्यमंत्री डिजिटल लाइब्रेरी योजना

द्वारा प्रस्तुत Pradeep on Fri, 25/09/2026 - 16:23
बिहार CM
Scheme Open
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हाइलाइट
  • छात्रों को कंप्यूटर, तेज इंटरनेट और ऑनलाइन पढ़ाई की सामग्री का उपयोग करने की सुविधा।
  • सभी 243 विधानसभा क्षेत्रों में डिजिटल लाइब्रेरी केंद्र होंगे। इसके अलावा 1 राज्य स्तरीय और 1 क्षेत्रीय केंद्र भी होगा।
  • नीट, जेईई और अन्य करियर से जुड़ी परीक्षाओं की तैयारी के लिए पढ़ाई की सामग्री मिलेगी।
  • ऑनलाइन पढ़ाई की सामग्री, व्यावसायिक और तकनीकी कौशल सीखने तथा रोजगार से जुड़ी जानकारी तक पहुंच मिलेगी।
ग्राहक देखभाल फ़ोन नंबर
  • योजना के लिए सरकार ने अभी तक कोई आधिकारिक हेल्पलाइन नंबर या संपर्क विवरण जारी नहीं किया है।
योजना का अवलोकन
योजना का नामबिहार मुख्यमंत्री डिजिटल लाइब्रेरी योजना
शुरू होने का वर्ष2026
लाभ
  • कंप्यूटर और तेज इंटरनेट की सुविधा
  • ऑनलाइन पाठ्यक्रम, ई-पुस्तकें, डिजिटल पुस्तकालय और पढ़ाई से जुड़ी सामग्री
  • जेईई, नीट और अन्य करियर से जुड़ी परीक्षाओं के लिए पढ़ाई की सामग्री
  • तकनीकी, व्यावसायिक और कौशल विकास से जुड़ी सामग्री की सुविधा
  • रोजगार, नौकरी पोर्टल और करियर से जुड़ी जानकारी और संसाधनों की सुविधा
लाभार्थी
  • ऐसे छात्र जिन्हें इन क्षेत्रों से जुड़ी सामग्री चाहिए:
    • डिजिटल पढ़ाई,
    • प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी,
    • कौशल विकास,
    • रोजगार, और
    • करियर से जुड़ी जानकारी
नोडल विभागबिहार सरकार का सूचना प्रौद्योगिकी विभाग
सब्सक्रिप्शनयोजना की जानकारी पाने के लिए यहां सब्सक्राइब करें
आवेदन का तरीकाएमएमडीएलवाई डिजिटल लाइब्रेरी केंद्र प्रवेश प्रणाली के माध्यम से सुविधा का उपयोग

Bihar Mukhyamantri Digital Lbrary Scheme info

योजना के बारे में

बिहार मुख्यमंत्री डिजिटल लाइब्रेरी योजना बिहार सरकार की एक पहल है, जिसका उद्देश्य पूरे राज्य में आधुनिक डिजिटल पढ़ाई की सुविधा तैयार करना है। इस योजना के तहत छात्रों और नागरिकों को कंप्यूटर, तेज इंटरनेट, ऑनलाइन पाठ्यक्रम, ई-पुस्तकें, डिजिटल पुस्तकालय, पढ़ाई की सामग्री, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी की सामग्री, कौशल विकास से जुड़ी सामग्री और रोजगार से जुड़ी जानकारी उपलब्ध कराई जाती है। इस पहल का उद्देश्य शिक्षा, करियर की तैयारी और कौशल विकास के लिए जरूरी डिजिटल पढ़ाई की सामग्री को लोगों तक आसानी से पहुंचाना है। बिहार सरकार का सूचना प्रौद्योगिकी विभाग इस योजना का नोडल विभाग है और बेल्ट्रॉन इसे लागू करने वाली एजेंसी है।

योजना के तहत बिहार सरकार 60 सीटों वाला 1 राज्य स्तरीय एमएमडीएलवाई, 50 सीटों वाला 1 क्षेत्रीय स्तर का एमएमडीएलवाई और 10-10 सीटों वाले 243 विधानसभा क्षेत्र स्तर के एमएमडीएलवाई केंद्र स्थापित करने की योजना बना रही है। इन केंद्रों पर लोग डिजिटल पढ़ाई की सामग्री और ऑनलाइन पढ़ाई के मंचों का आसानी से उपयोग कर सकेंगे। आधिकारिक एमएमडीएलवाई पोर्टल पर ऑनलाइन शिक्षा, तकनीकी और व्यावसायिक पढ़ाई, रोजगार के अवसर और करियर विकास से जुड़ी सामग्री भी उपलब्ध है।

बिहार मुख्यमंत्री डिजिटल लाइब्रेरी योजना जेईई, नीट और अन्य करियर से जुड़ी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले छात्रों को भी जरूरी पढ़ाई की सामग्री उपलब्ध कराती है। उपयोगकर्ता एमएमडीएलवाई प्रणाली से जुड़े मंचों और सेवाओं के माध्यम से ऑनलाइन पाठ्यक्रम, डिजिटल पुस्तकालय, कौशल विकास की सामग्री, नौकरी पोर्टल और रोजगार से जुड़ी सुविधाओं का उपयोग कर सकते हैं। इससे डिजिटल लाइब्रेरी केवल पढ़ाई के लिए ही नहीं, बल्कि कौशल विकास और करियर की योजना बनाने के लिए भी उपयोगी बनती है।

एमएमडीएलवाई डिजिटल लाइब्रेरी केंद्र में उपलब्ध सुविधाओं का उपयोग करने के लिए अब उपयोगकर्ता प्रबंधन प्रणाली उपलब्ध है। आधिकारिक उपयोगकर्ता पुस्तिका के अनुसार, उपयोगकर्ता अपनी यूजर आईडी और पासवर्ड से प्रवेश करते हैं और सफलतापूर्वक प्रवेश करने के बाद अपने डैशबोर्ड का उपयोग कर सकते हैं। छात्रों को इस प्रणाली का उपयोग करने के लिए एक मशीन भी दी जाती है। प्रवेश करने के बाद उपयोगकर्ता पढ़ाई की सामग्री के लिंक देख सकते हैं और उपलब्ध सामग्री के लिए हिंदी या अंग्रेजी भाषा चुन सकते हैं। यह प्रणाली उपयोग के समय का भी प्रबंधन करती है और अधिक समय की जरूरत होने पर उपयोगकर्ता संबंधित तकनीशियन या पर्यवेक्षक की मंजूरी के आधार पर समय बढ़ाने का अनुरोध कर सकते हैं।

बिहार मुख्यमंत्री डिजिटल लाइब्रेरी योजना के तहत सीधे नकद राशि या छात्रवृत्ति नहीं दी जाती है। इसके बजाय, डिजिटल लाइब्रेरी केंद्रों के माध्यम से डिजिटल पढ़ाई की सुविधाएं और ऑनलाइन सामग्री उपलब्ध कराई जाती है। एमएमडीएलवाई के साथ बिहार के छात्र और युवा मुख्यमंत्री विद्यार्थी प्रोत्साहन योजना, बिहार स्टूडेंट्स क्रेडिट कार्ड योजना और मुख्यमंत्री फेलोशिप योजना जैसी अन्य शिक्षा और छात्र-केंद्रित योजनाओं की जानकारी भी देख सकते हैं।

Bihar Mukhyamantri Digital Library Scheme

योजना के लाभ

बिहार मुख्यमंत्री डिजिटल लाइब्रेरी योजना के तहत डिजिटल पढ़ाई की सुविधाओं के साथ शिक्षा, प्रतियोगी परीक्षाओं, कौशल विकास, रोजगार और करियर से जुड़ी कई तरह की सामग्री उपलब्ध कराई जाती है। डिजिटल लाइब्रेरी केंद्रों में कंप्यूटर और इंटरनेट की सुविधा के माध्यम से उपयोगकर्ता इन संसाधनों का उपयोग कर सकते हैं।

  • डिजिटल लाइब्रेरी केंद्रों में डिजिटल पढ़ाई के लिए कंप्यूटर और तेज इंटरनेट की सुविधा मिलेगी।
  • उपयोगकर्ता ऑनलाइन पाठ्यक्रम की सामग्री, ई-पुस्तकें, डिजिटल पुस्तकालय और पढ़ाई से जुड़ी अन्य सामग्री देख सकते हैं।
  • केंद्रों पर नीट, जेईई और अन्य करियर से जुड़ी परीक्षाओं की तैयारी के लिए पढ़ाई की सामग्री उपलब्ध होगी।
  • उपयोगकर्ता ऑनलाइन मंचों के माध्यम से रोजगार, तकनीकी और व्यावसायिक पढ़ाई से जुड़ी सामग्री का उपयोग कर सकते हैं।
  • एमएमडीएलवाई प्रणाली के माध्यम से जिला रोजगार कार्यालयों, नौकरी पोर्टल और करियर से जुड़ी अन्य सुविधाओं तक पहुंच मिलती है।
  • उपयोगकर्ता डैशबोर्ड के माध्यम से उपलब्ध पढ़ाई की सामग्री के लिंक देख सकते हैं और हिंदी या अंग्रेजी में उपलब्ध सामग्री का उपयोग कर सकते हैं।
  • उपयोगकर्ताओं की मदद करने और मशीन आवंटन का प्रबंधन करने के लिए डिजिटल लाइब्रेरी केंद्रों पर प्रशिक्षित पर्यवेक्षक और तकनीशियन तैनात किए जाते हैं।
  • उपयोगकर्ता का तय समय खत्म होने से पहले उसे सूचना दी जाती है और वह प्रणाली के माध्यम से अतिरिक्त समय के लिए अनुरोध कर सकता है।
    • सत्र खत्म होने से 15 मिनट पहले सूचना दिखाई देती है और उपयोगकर्ता संबंधित तकनीशियन या पर्यवेक्षक की मंजूरी के आधार पर अधिकतम 60 मिनट के अतिरिक्त समय का अनुरोध कर सकता है।
  • बिहार में डिजिटल पढ़ाई की सुविधाओं तक पहुंच बढ़ाने के लिए योजना के तहत 1 राज्य स्तरीय, 1 क्षेत्रीय स्तर और 243 विधानसभा क्षेत्र स्तर के डिजिटल लाइब्रेरी केंद्रों का नेटवर्क तैयार किया गया है।
    • राज्य स्तरीय केंद्र में 60 सीटें, क्षेत्रीय स्तर के केंद्र में 50 सीटें और प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र स्तर के केंद्र में 10 सीटें हैं।

डिजिटल लाइब्रेरी केंद्र कहां स्थापित किए जाएंगे?

  • 60 सीटों वाला 1 राज्य स्तरीय डिजिटल लाइब्रेरी केंद्र स्थापित किया जाएगा। फरवरी 2026 में पटना के बिस्कोमान भवन में राज्य स्तरीय डिजिटल लाइब्रेरी के शुरू होने की जानकारी दी गई थी।
  • 50 सीटों वाला 1 क्षेत्रीय डिजिटल लाइब्रेरी केंद्र स्थापित किया जाएगा।
  • बिहार के सभी 243 विधानसभा क्षेत्रों में 10-10 सीटों वाला 1 डिजिटल लाइब्रेरी केंद्र स्थापित किया जाएगा।
  • केंद्र स्थापित करने के लिए सबसे पहले प्रखंड संसाधन केंद्र को प्राथमिकता दी जाएगी।
  • अगर किसी क्षेत्र में प्रखंड संसाधन केंद्र उपलब्ध नहीं है, तो डिजिटल लाइब्रेरी केंद्र इन स्थानों पर स्थापित किया जा सकता है:
    • पंचायत भवन
    • प्रखंड कार्यालय परिसर
    • नगर परिषद या नगर पंचायत भवन
    • विकास भवन
    • सामुदायिक पुस्तकालय
    • सरकारी विद्यालय या महाविद्यालय परिसर

पात्रताएं

बिहार मुख्यमंत्री डिजिटल लाइब्रेरी योजना छात्रों और नागरिकों को डिजिटल पढ़ाई, शिक्षा, प्रतियोगी परीक्षाओं, कौशल विकास, रोजगार और करियर से जुड़ी सामग्री तक पहुंच देने के लिए शुरू की गई है। आधिकारिक एमएमडीएलवाई पोर्टल पर डिजिटल लाइब्रेरी की सुविधाओं का उपयोग करने के लिए अभी अलग से उम्र, आय, जाति या शैक्षणिक योग्यता की कोई शर्त नहीं बताई गई है।

  • छात्र डिजिटल लाइब्रेरी की सुविधाओं और उपलब्ध पढ़ाई की सामग्री का उपयोग कर सकते हैं।
  • प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले छात्र जेईई, नीट और अन्य करियर से जुड़ी परीक्षाओं के लिए उपलब्ध पढ़ाई की सामग्री का उपयोग कर सकते हैं।
  • कौशल विकास, तकनीकी, व्यावसायिक पढ़ाई, रोजगार और करियर से जुड़ी सामग्री की जरूरत वाले उपयोगकर्ता उपलब्ध सुविधाओं का उपयोग कर सकते हैं।
  • एमएमडीएलवाई उपयोगकर्ता प्रबंधन प्रणाली का उपयोग करने के लिए वैध प्रवेश जानकारी होना जरूरी है।
  • डिजिटल लाइब्रेरी प्रणाली का उपयोग करने के लिए छात्रों को एक मशीन दी जानी चाहिए।

उपयोगकर्ता के पंजीकरण, सदस्यता और सुविधाओं के उपयोग की सटीक शर्तें संबंधित डिजिटल लाइब्रेरी केंद्र के संचालन से जुड़े दिशा-निर्देशों के अनुसार अलग हो सकती हैं। उपयोगकर्ताओं को आधिकारिक एमएमडीएलवाई प्रणाली में दिए गए निर्देशों का पालन करना चाहिए।

आवश्यक दस्तावेज

बिहार मुख्यमंत्री डिजिटल लाइब्रेरी योजना के तहत डिजिटल लाइब्रेरी केंद्र में पंजीकरण के लिए कौन से दस्तावेज जरूरी हैं, यह सवाल अक्सर पूछा जाता है। जरूरी दस्तावेजों को लेकर अभी की स्थिति नीचे दी गई है।

  • इस योजना के लिए जरूरी दस्तावेजों की कोई आधिकारिक सूची अभी जारी नहीं की गई है।
  • आधिकारिक एमएमडीएलवाई उपयोगकर्ता दस्तावेजों में डिजिटल लाइब्रेरी केंद्र की सुविधा लेने के लिए किसी दस्तावेज की अनिवार्यता नहीं बताई गई है।
  • पंजीकरण के बाद उपयोगकर्ता को केवल जारी की गई यूजर आईडी और पासवर्ड तथा केंद्र पर उसे दी गई मशीन की जरूरत होती है।
  • संबंधित विभाग ने अभी तक यह जानकारी आधिकारिक रूप से जारी नहीं की है। नई जानकारी के लिए आधिकारिक एमएमडीएलवाई पोर्टल देखें।

पंजीकरण प्रक्रिया

कई छात्र बिहार मुख्यमंत्री डिजिटल लाइब्रेरी योजना के लिए ऑनलाइन पंजीकरण करने का तरीका जानना चाहते हैं। डिजिटल लाइब्रेरी केंद्र की सुविधा के लिए उपयोगकर्ता को दी गई यूजर आईडी और पासवर्ड का उपयोग करना होता है, लेकिन बिहार सरकार ने अभी तक यह पंजीकरण प्रक्रिया जारी नहीं की है कि उपयोगकर्ता को ये प्रवेश जानकारी कैसे मिलेगी।

पंजीकरण को लेकर वर्तमान स्थिति

  1. आधिकारिक एमएमडीएलवाई पोर्टल पर आम लोगों के लिए खुद से पंजीकरण करने का कोई आवेदन पत्र अभी जारी नहीं किया गया है।
  2. आधिकारिक उपयोगकर्ता दस्तावेजों में प्रवेश करने के बाद की प्रक्रिया बताई गई है, लेकिन नए उपयोगकर्ता का पंजीकरण कैसे होगा, इसकी जानकारी नहीं दी गई है।
  3. ऐसा लगता है कि यूजर आईडी और पासवर्ड केंद्र के माध्यम से बनाए और दिए जाते हैं, क्योंकि मशीन देने और उपयोगकर्ता प्रबंधन का काम केंद्र के पर्यवेक्षक और तकनीशियन संभालते हैं।
  4. छात्रों को अपने विधानसभा क्षेत्र में डिजिटल लाइब्रेरी केंद्र शुरू होने के बाद वहां जाकर पंजीकरण के बारे में जानकारी लेनी चाहिए।
  5. संबंधित विभाग ने अभी तक आधिकारिक पंजीकरण प्रक्रिया जारी नहीं की है। प्रक्रिया जारी होते ही इस भाग को अपडेट किया जाएगा।

लाभ कैसे लें?

एमएमडीएलवाई डिजिटल लाइब्रेरी केंद्र की सुविधा उपयोगकर्ता प्रबंधन प्रणाली के माध्यम से दी जाती है। जिन उपयोगकर्ताओं के पास मान्य यूजर आईडी और पासवर्ड हैं, वे दिए गए सिस्टम के माध्यम से उपलब्ध डिजिटल पढ़ाई की सामग्री का उपयोग कर सकते हैं।

  • बिहार मुख्यमंत्री डिजिटल लाइब्रेरी योजना के आधिकारिक पोर्टल mmdly.bihar.gov.in पर जाएं।
  • डिजिटल लाइब्रेरी केंद्र की सुविधा का उपयोग करने के लिए दी गई यूजर आईडी और पासवर्ड का उपयोग करें।
  • प्रवेश से जुड़ी जानकारी दर्ज करें और "LOGIN" बटन पर क्लिक करें।
  • सफलतापूर्वक प्रवेश करने के बाद उपयोगकर्ता का डैशबोर्ड खुल जाएगा।
  • डैशबोर्ड पर उपलब्ध पढ़ाई की सामग्री के लिंक देखें और उपलब्ध सामग्री का उपयोग करें।
  • उपलब्ध सामग्री देखने के लिए भाषा के विकल्प में हिंदी या अंग्रेजी चुन सकते हैं।
  • डिजिटल लाइब्रेरी प्रणाली का उपयोग करने के लिए छात्रों को दी गई मशीन का उपयोग करना होगा।
  • सत्र पूरा होने के बाद सिस्टम से सुरक्षित रूप से बाहर निकलने के लिए "Logout" विकल्प पर क्लिक करें।

अगर पढ़ाई का सत्र पूरा करने के लिए अतिरिक्त समय की जरूरत है, तो सत्र समाप्त होने की सूचना दिखाई देने पर उपयोगकर्ता समय बढ़ाने का अनुरोध कर सकता है। यह अनुरोध संबंधित तकनीशियन या पर्यवेक्षक की मंजूरी के बाद ही स्वीकार किया जाएगा।

डिजिटल लाइब्रेरी केंद्र कैसे काम करता है?

डिजिटल लाइब्रेरी केंद्र की सुविधा यूजर आईडी, पासवर्ड और तय सत्र के आधार पर मिलती है। यहां कोई भी व्यक्ति बिना पंजीकरण के आकर अपनी इच्छा से पढ़ाई की सामग्री नहीं देख सकता। बिहार सरकार द्वारा जारी आधिकारिक डिजिटल लाइब्रेरी केंद्र उपयोगकर्ता दस्तावेजों के अनुसार, उपयोगकर्ता के लिए प्रणाली इस तरह काम करती है:

  • हर उपयोगकर्ता को केंद्र पर प्रवेश करने के लिए यूजर आईडी और पासवर्ड दिया जाता है।
  • यूजर आईडी उपयोगकर्ता के विधानसभा क्षेत्र से जुड़ी होती है और डैशबोर्ड पर विधानसभा क्षेत्र और जिले की जानकारी दिखाई देती है।
  • प्रवेश करने से पहले उपयोगकर्ता को एक मशीन दी जानी जरूरी है। अगर कोई मशीन नहीं दी गई है, तो प्रणाली प्रवेश रोक देती है और उपयोगकर्ता को पर्यवेक्षक या व्यवस्थापक से संपर्क करने के लिए कहती है।
  • हर सत्र एक तय समय के लिए चलता है। डैशबोर्ड पर सत्र के शुरू होने और खत्म होने का समय दिखाई देता है।
  • सत्र खत्म होने से 15 मिनट पहले एक सूचना दिखाई देती है।
  • इस सूचना के माध्यम से उपयोगकर्ता अधिकतम 60 मिनट तक अतिरिक्त समय देने का अनुरोध कर सकता है।
  • अतिरिक्त समय मिलने से पहले तकनीशियन या पर्यवेक्षक को अनुरोध मंजूर करना होता है।
  • अगर उपयोगकर्ता को अतिरिक्त समय नहीं चाहिए, तो वह मौजूदा सत्र को जारी रख सकता है।
  • उपयोगकर्ता अपने खाते के भाग में प्रवेश से जुड़ी जानकारी और अतिरिक्त समय के अनुरोध देख सकते हैं।
  • उपयोगकर्ता खुद अपना पासवर्ड बदल सकते हैं और काम पूरा होने के बाद सुरक्षित रूप से बाहर निकलना जरूरी है।

महत्वपूर्ण लिंक

संपर्क जानकारी

  • बिहार मुख्यमंत्री डिजिटल लाइब्रेरी योजना के लिए सरकार ने अभी तक कोई आधिकारिक सहायता नंबर या संपर्क जानकारी जारी नहीं की है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बिहार मुख्यमंत्री डिजिटल लाइब्रेरी योजना बिहार सरकार की एक पहल है, जिसका उद्देश्य पूरे राज्य में आधुनिक डिजिटल पढ़ाई की सुविधा उपलब्ध कराना है। इसके तहत डिजिटल लाइब्रेरी केंद्रों के माध्यम से कंप्यूटर, तेज इंटरनेट, ऑनलाइन पाठ्यक्रम, ई-पुस्तकें, डिजिटल पुस्तकालय, प्रतियोगी परीक्षाओं की पढ़ाई की सामग्री, कौशल विकास से जुड़ी सामग्री और रोजगार व करियर से जुड़ी जानकारी उपलब्ध कराई जाती है।

यह योजना बिहार के विद्यार्थियों और युवाओं के लिए शुरू की गई है, विशेष रूप से प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले विद्यार्थियों के लिए। योजना की विस्तृत पात्रता शर्तें बिहार सरकार द्वारा अलग से जारी की जाएंगी।

डिजिटल लाइब्रेरी केंद्रों पर कंप्यूटर, उच्च गति का इंटरनेट, ऑनलाइन अध्ययन सामग्री, ई-शिक्षण संसाधन, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए अध्ययन सामग्री तथा रोजगार संबंधी जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी।

योजना के तहत जेईई, नीट, क्लैट तथा अन्य प्रवेश और भर्ती परीक्षाओं की तैयारी के लिए अध्ययन सामग्री उपलब्ध कराई जाएगी।

बिहार के सभी 243 विधानसभा क्षेत्रों में एक-एक डिजिटल लाइब्रेरी केंद्र स्थापित किया जाएगा। इसके अलावा पटना के बिस्कोमान भवन में एक राज्य स्तरीय मॉडल डिजिटल लाइब्रेरी भी स्थापित की जाएगी।

उपलब्ध स्थान के अनुसार डिजिटल लाइब्रेरी केंद्र पंचायत भवन, प्रखंड कार्यालय परिसर, नगर परिषद या नगर पंचायत भवन, विकास भवन, सामुदायिक पुस्तकालय तथा सरकारी विद्यालय या महाविद्यालय परिसर में स्थापित किए जा सकते हैं।

नहीं। इस योजना के तहत कोई नकद सहायता, स्टाइपेंड या छात्रवृत्ति नहीं दी जाती है। योजना के तहत डिजिटल लाइब्रेरी केंद्र में कंप्यूटर, तेज इंटरनेट और डिजिटल पढ़ाई व करियर से जुड़ी सामग्री का उपयोग करने की सुविधा मिलती है।

बिहार सरकार द्वारा साझा की गई जानकारी के अनुसार डिजिटल लाइब्रेरी केंद्रों के सुबह 8:00 बजे से रात 8:00 बजे तक संचालित होने की संभावना है।

आपको डिजिटल लाइब्रेरी केंद्र जाना होगा। प्रवेश करने से पहले उपयोगकर्ता को एक मशीन दी जानी जरूरी है, इसलिए यह सुविधा केंद्र की तय सीट से जुड़ी हुई है।

प्रणाली प्रवेश रोक देगी और "Machine Not Assigned" संदेश दिखाई देगा। इसके बाद आपको पहले मशीन देने के लिए अपने पर्यवेक्षक या व्यवस्थापक से संपर्क करना होगा।

आप अधिकतम 60 मिनट के अतिरिक्त समय का अनुरोध कर सकते हैं। अतिरिक्त समय मिलने से पहले तकनीशियन या पर्यवेक्षक को आपके अनुरोध को मंजूर करना होगा।

हां। सत्र खत्म होने से 15 मिनट पहले अपने आप एक सूचना दिखाई देती है। इसमें आप अतिरिक्त समय के लिए अनुरोध कर सकते हैं या मौजूदा सत्र जारी रख सकते हैं।

नहीं। योजना के बताए गए 4 मुख्य उद्देश्यों में से 2 रोजगार से जुड़ी पढ़ाई, तकनीकी और व्यावसायिक कौशल तथा जिला रोजगार कार्यालयों और नौकरी से जुड़े पोर्टल तक पहुंच से संबंधित हैं। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी योजना का एक उद्देश्य है, लेकिन यह इसका एकमात्र उद्देश्य नहीं है।

बिहार सरकार ने शुल्क को लेकर अभी तक कोई आधिकारिक जानकारी जारी नहीं की है। योजना के लिए ₹94.50 करोड़ की राज्य राशि मंजूर की गई है और इसे छात्रों के लिए सार्वजनिक सुविधा के रूप में बताया गया है, लेकिन मुफ्त उपयोग की आधिकारिक पुष्टि अभी जारी नहीं की गई है।

आधिकारिक एमएमडीएलवाई पोर्टल पर अभी आम उपयोगकर्ताओं के लिए खुद से पंजीकरण करने की सुविधा उपलब्ध नहीं है। डिजिटल लाइब्रेरी केंद्र की सुविधा का उपयोग करने के लिए उपयोगकर्ताओं को प्रवेश से जुड़ी जानकारी दी जाती है।

अगर योजनाओं के बारे में आपका कोई सवाल है, तो उसे योजना के फोरम में सबमिट करें और जवाब पाएँ:

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यह फोरम निम्न कामों के लिए एक बेहतरीन जगह है:

  • सवाल पूछें: अगर आपके मन में योजना से जुड़ा कोई सवाल है या आप इस विषय के किसी पहलू के बारे में और जानकारी चाहते हैं।
  • योजना से जुडी अपनी बातें साझा करें: अपनी जानकारी और अनुभव शेयर करें।
  • दूसरों से जुड़ें: कम्युनिटी से जुड़ें और दूसरों से सीखें।

हम आपको इस फ़ोरम में सक्रिय रूप से भाग लेने और इस बेहतरीन रिसोर्स का पूरा फ़ायदा उठाने के लिए प्रोत्साहित करते है।

लाभार्थी व्यक्ति का प्रकार सरकार

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