- पात्र विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के लिए ₹4 लाख तक के शिक्षा ऋण की सुविधा।
- अब 2 लाख तक ऋण सरकार द्वारा जबकि 2 से 4 लाख तक का ऋण बैंक द्वारा।
- पीएम विद्यालक्ष्मी के तहत छात्रों को 10 लाख तक के ऋण की भी सुविधा।
- योजना के तहत बिहार के अंदर या बाहर स्थित मान्यता प्राप्त संस्थानों में 42 सामान्य, व्यावसायिक और तकनीकी पाठ्यक्रम शामिल हैं।
- बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना हेल्पलाइन नंबर :- 18003456444.
योजना का अवलोकन | |
|---|---|
| योजना का नाम | बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना |
| लाभ |
|
| लाभार्थी | मान्यता प्राप्त उच्च शिक्षा पाठ्यक्रमों में पढ़ाई करने वाले पात्र विद्यार्थी |
| संबंधित विभाग | बिहार सरकार का शिक्षा विभाग |
| सदस्यता | योजना की निरंतर जानकारी के लिए यहाँ सब्सक्राइब करे। |
| आवेदन का माध्यम | बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना के आधिकारिक पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन |
योजना के बारे में
बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना की शुरुआत 2 अक्टूबर 2016 को विद्यार्थियों को आर्थिक परेशानी के बिना उच्च शिक्षा जारी रखने में सहायता देने के लिए की गई थी। इस योजना के तहत पात्र विद्यार्थियों को सामान्य, व्यावसायिक और तकनीकी पाठ्यक्रमों के लिए शिक्षा ऋण दिया जाता है। इसमें शिक्षण शुल्क, संस्थान से जुड़े अन्य खर्च, रहने का खर्च और पढ़ाई की सामग्री जैसे खर्च शामिल हैं। योजना के लागू प्रावधानों के अनुसार पात्र विद्यार्थियों को ₹4 लाख तक का शिक्षा ऋण मिल सकता है।
यह योजना बिहार के स्थायी निवासी और निर्धारित शिक्षा, आयु, प्रवेश तथा पाठ्यक्रम संबंधी शर्तों को पूरा करने वाले पात्र विद्यार्थियों के लिए है। विद्यार्थी बिहार के अंदर या बिहार के बाहर स्थित मान्यता प्राप्त संस्थानों में उच्च शिक्षा के पाठ्यक्रम कर सकते हैं, जो लागू नियमों के अधीन होंगे। झारखंड, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल के कुछ निर्धारित सीमावर्ती क्षेत्रों से जुड़ी विशेष शर्तों को पूरा करने वाले विद्यार्थी भी इस योजना के अंतर्गत आते हैं।
बिहार सरकार ने बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना को वर्ष 2026 से 2031 तक अगले पांच वर्षों के लिए बढ़ा दिया है। इस अवधि के लिए सरकार ने योजना को लागू करने की नई व्यवस्था शुरू की है, ताकि पात्र विद्यार्थियों को शिक्षा के लिए आर्थिक सहायता मिलती रहे।
वर्ष 2026 से 2031 की नई व्यवस्था के तहत ₹2 लाख तक के शिक्षा ऋण का प्रबंधन बिहार राज्य शिक्षा वित्त निगम के माध्यम से किया जाएगा। ₹2 लाख से ₹4 लाख तक के ऋण के लिए निर्धारित वाणिज्यिक बैंकों के माध्यम से शिक्षा ऋण देने की व्यवस्था की गई है। वहीं, पात्र विद्यार्थी प्रधानमंत्री विद्यालक्ष्मी योजना के तहत लागू शर्तों के अनुसार ₹10 लाख तक का ऋण प्राप्त कर सकते हैं। इसलिए ₹2 लाख की राशि को योजना के तहत मिलने वाली नई अधिकतम ऋण सीमा नहीं माना जाना चाहिए।
इस योजना का एक प्रमुख लाभ यह है कि विद्यार्थियों को केवल शिक्षण शुल्क के लिए ही नहीं, बल्कि अन्य आवश्यक खर्चों के लिए भी आर्थिक सहायता मिल सकती है। छात्रावास में न रहने वाले पात्र विद्यार्थियों को रहने के खर्च के लिए निर्धारित सहायता मिल सकती है। इसके अलावा, किताबों और पढ़ाई की सामग्री के लिए हर वर्ष ₹10,000 दिए जाते हैं। लागू ऋण व्यवस्था के अनुसार ₹2 लाख तक के ऋण को निर्धारित रोक अवधि के बाद अधिकतम 7 वर्षों में और ₹2 लाख से अधिक के ऋण को अधिकतम 10 वर्षों में चुकाया जा सकता है। योजना के तहत पात्र ऋण लेने वालों को ब्याज और ऋण चुकाने से जुड़े लाभ भी मिलते हैं।
इस योजना में उच्च शिक्षा के कई पाठ्यक्रम शामिल हैं, जिनमें सामान्य स्नातक पाठ्यक्रम, इंजीनियरिंग, चिकित्सा, प्रबंधन, कानून तथा अन्य व्यावसायिक और तकनीकी पाठ्यक्रम शामिल हैं। इससे पात्र विद्यार्थियों को अपनी पढ़ाई का पूरा खर्च एक साथ जुटाने की आवश्यकता नहीं होती और वे उच्च शिक्षा जारी रख सकते हैं।
योजना के लाभ
- उच्च शिक्षा के लिए पात्र विद्यार्थियों को ₹4 लाख तक का शिक्षा ऋण दिया जाता है।
- वर्ष 2026 से 2031 की व्यवस्था के तहत ₹2 लाख तक के ऋण का प्रबंधन बिहार राज्य शिक्षा वित्त निगम के माध्यम से किया जाएगा।
- ₹2 लाख से अधिक के ऋण के लिए निर्धारित वाणिज्यिक बैंकों के माध्यम से लागू प्रधानमंत्री उच्चतर शिक्षा ऋण योजना और प्रधानमंत्री विद्यालक्ष्मी योजना के प्रावधानों के अनुसार ऋण दिया जाएगा।
- प्रधानमंत्री विद्यालक्ष्मी योजना के तहत पात्र विद्यार्थी ₹10 लाख तक का शिक्षा ऋण प्राप्त कर सकते हैं।
- 42 पात्र सामान्य, व्यावसायिक और तकनीकी पाठ्यक्रमों के लिए ऋण सहायता दी जाती है।
- पात्र विद्यार्थियों को बिहार के अंदर या बिहार के बाहर स्थित मान्यता प्राप्त संस्थानों में उच्च शिक्षा के पाठ्यक्रम करने की सुविधा मिलती है।
- शिक्षण शुल्क, संस्थान से जुड़े खर्च, रहने का खर्च, किताबों और पढ़ाई की सामग्री जैसे खर्चों के लिए सहायता मिलती है।
- ब्याज और ऋण चुकाने से जुड़े लाभ मिलते हैं। पिछली व्यवस्था के अनुसार ऋण पर 4% वार्षिक ब्याज दर लागू थी।
- पिछली व्यवस्था के अनुसार पात्र महिलाओं, दिव्यांगजनों और किन्नर लाभार्थियों के लिए 1% ब्याज की व्यवस्था थी।
- पुराने या बकाया ऋण वाले पात्र लाभार्थी एक बार में तय राशि का भुगतान करके ऋण का निपटारा कर सकते हैं।
आर्थिक सहायता
| आर्थिक सहायता | विवरण |
|---|---|
| ₹2 लाख तक का शिक्षा ऋण | वर्ष 2026 से 2031 की व्यवस्था के तहत ₹2 लाख तक के शिक्षा ऋण का प्रबंधन बिहार राज्य शिक्षा वित्त निगम के माध्यम से किया जाएगा। |
| ₹2 लाख से अधिक और ₹4 लाख तक का शिक्षा ऋण | ₹2 लाख से ₹4 लाख तक का शिक्षा ऋण लागू व्यवस्था के अनुसार निर्धारित वाणिज्यिक बैंकों के माध्यम से दिया जाएगा। |
| प्रधानमंत्री विद्यालक्ष्मी योजना के तहत ऋण | पात्र विद्यार्थी लागू शर्तों के अनुसार प्रधानमंत्री विद्यालक्ष्मी योजना के तहत ₹10 लाख तक का शिक्षा ऋण प्राप्त कर सकते हैं। |
| शिक्षण और संस्थान का शुल्क | ऋण से पात्र शिक्षण शुल्क और शिक्षण संस्थान को दिए जाने वाले अन्य स्वीकृत शुल्क का भुगतान किया जा सकता है। |
| रहने का खर्च | शिक्षण संस्थान के छात्रावास के बाहर रहने वाले विद्यार्थियों को हर वर्ष रहने के खर्च के लिए निम्नलिखित सहायता मिल सकती है:
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| किताबें और पढ़ाई की सामग्री | किताबों तथा पढ़ने और पढ़ाई की अन्य सामग्री के लिए ₹10,000 प्रति वर्ष दिए जाते हैं। |
ब्याज और ऋण चुकाने की व्यवस्था
बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना के तहत पात्र ऋण लेने वालों को ब्याज में सहायता और ऋण चुकाने की व्यवस्थित सुविधा दी जाती है। लागू शर्तों के अनुसार योजना में ब्याज में छूट और कुछ राहत का भी प्रावधान है।
ब्याज दर और सहायता
- शिक्षा ऋण पर 4% वार्षिक ब्याज दर लागू है।
- महिलाओं, दिव्यांगजनों और किन्नर लाभार्थियों के लिए 1% ब्याज दर का प्रावधान है।
- योजना की शर्तों के अनुसार पढ़ाई की अवधि और लागू रोक अवधि के दौरान ब्याज में सहायता दी जाती है।
- समय पर ऋण चुकाने वाले पात्र लाभार्थियों को ब्याज पर 30% की छूट का प्रावधान।
- महिलाओं, दिव्यांगजनों और किन्नर लाभार्थियों को लागू शर्तों के अनुसार ब्याज पर अतिरिक्त 10% की छूट का प्रावधान।
ऋण चुकाने की अवधि
- ₹2 लाख तक के ऋण को अधिकतम 84 मासिक किस्तों यानी 7 वर्षों में चुकाया जा सकता है।
- ₹2 लाख से अधिक के ऋण को अधिकतम 120 मासिक किस्तों यानी 10 वर्षों में चुकाया जा सकता है।
- ऋण चुकाने की अवधि लागू रोक अवधि समाप्त होने के बाद शुरू होती है।
बेरोजगारी की स्थिति में राहत
यदि ऋण लेने वाला व्यक्ति बेरोजगार रहता है या उसके पास स्वरोजगार अथवा किसी अन्य स्रोत से आय नहीं है, तो लागू शर्तों के अनुसार ऋण की वसूली कुछ समय के लिए रोकी जा सकती है। इसके लिए ऋण लेने वाले को निर्धारित अवधि में जिला निबंधन एवं परामर्श केंद्र में आवश्यक शपथ पत्र जमा करना होगा।
मृत्यु की स्थिति में ऋण माफी
यदि ऋण लेने वाले व्यक्ति की मृत्यु पढ़ाई की अवधि, रोक अवधि या ऋण चुकाने की अवधि के दौरान हो जाती है, तो लागू योजना प्रावधानों के अनुसार बकाया ऋण राशि माफ की जा सकती है।
पात्रताएं
- आवेदक बिहार का स्थायी निवासी होना चाहिए।
- आवेदक ने 12वीं कक्षा उत्तीर्ण की हो। पॉलिटेक्निक पाठ्यक्रमों के लिए 10वीं कक्षा उत्तीर्ण होना आवश्यक है।
- बिहार के निवासी ऐसे विद्यार्थी भी आवेदन कर सकते हैं, जिन्होंने झारखंड, उत्तर प्रदेश या पश्चिम बंगाल के निर्धारित सीमावर्ती क्षेत्रों से 10वीं या 12वीं कक्षा उत्तीर्ण की है।
- आवेदक भारत में किसी मान्यता प्राप्त उच्च शिक्षा संस्थान में प्रवेश ले चुका हो या प्रवेश के लिए चयनित हुआ हो।
- आवेदन की तारीख को आवेदक की आयु 25 वर्ष से अधिक नहीं होनी चाहिए। स्नातक की डिग्री आवश्यक वाले पात्र स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों के लिए अधिकतम आयु सीमा 30 वर्ष है।
- पाठ्यक्रम योजना के तहत शामिल पाठ्यक्रमों की सूची में होना चाहिए।
- जिस विद्यार्थी के पास किसी विशेष स्तर की पहले से डिग्री है, वह उसी स्तर पर किसी दूसरे विषय में दूसरी डिग्री के लिए ऋण नहीं ले सकता है।
- यह रोक पात्र तकनीकी और प्रबंधन पाठ्यक्रमों जैसे एमबीए और एमसीए पर लागू नहीं होती है।
- वर्ष 2026 से 2031 की व्यवस्था के तहत प्रधानमंत्री उच्चतर शिक्षा ऋण योजना या प्रधानमंत्री विद्यालक्ष्मी योजना के अंतर्गत आने वाले विद्यार्थियों को इन्हीं योजनाओं के माध्यम से लाभ मिलेगा। अन्य पात्र विद्यार्थियों को बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना के तहत सहायता मिलती रहेगी।
- विद्यार्थी के स्वीकृत पाठ्यक्रम में पढ़ाई जारी रखने तक ही ऋण की आगे की किस्तें जारी की जाएंगी। पाठ्यक्रम बीच में छोड़ने के बाद आगे की कोई किस्त नहीं दी जाएगी।
- आवेदक को किसी अन्य स्रोत से कोई सरकारी भत्ता, छात्रवृत्ति, शिक्षा ऋण या इसी तरह की अन्य आर्थिक सहायता नहीं मिल रही होनी चाहिए।
आवश्यक दस्तावेज
- आवेदक और सह-आवेदक का आधार कार्ड।
- 10वीं और 12वीं कक्षा की अंकतालिका और प्रमाण पत्र। पॉलिटेक्निक पाठ्यक्रमों के लिए 10वीं कक्षा के दस्तावेज आवश्यक हैं।
- यदि लागू हो, तो छात्रवृत्ति या निःशुल्क शिक्षा से संबंधित प्रमाण पत्र।
- आवेदक की बैंक पासबुक की प्रति, जिसमें बैंक शाखा का नाम, खाता संख्या और बैंक पहचान संख्या दर्ज हो।
- प्रवेश या नामांकन प्रमाण पत्र, जिसमें पाठ्यक्रम की अवधि दी गई हो। बिहार के बाहर स्थित संस्थानों के लिए पाठ्यक्रम पुस्तिका भी मांगी जा सकती है।
- शिक्षण संस्थान द्वारा जारी पाठ्यक्रम शुल्क का विवरण।
- आवेदक और सह-आवेदक के दो पासपोर्ट आकार के फोटो।
- निवास प्रमाण पत्र या स्वीकार्य पता प्रमाण, जैसे बैंक पासबुक, बिजली का बिल, टेलीफोन का बिल, पासपोर्ट, ड्राइविंग लाइसेंस या मतदाता पहचान पत्र।
आवेदन प्रक्रिया
बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना के लिए आवेदन केवल ऑनलाइन स्वीकार किए जाते हैं। ऑनलाइन आवेदन के बाद जिला निबंधन एवं परामर्श केंद्र में दस्तावेजों के सत्यापन के लिए व्यक्तिगत रूप से जाना अनिवार्य है। इस योजना के लिए कोई ऑफलाइन आवेदन पत्र उपलब्ध नहीं है।
- आधिकारिक पोर्टल पर जाएं या आधिकारिक मोबाइल अनुप्रयोग खोलें और नए पंजीकरण के विकल्प पर क्लिक करें।
- अपना नाम, मोबाइल नंबर और ई-मेल पता दर्ज करें। इसके बाद आपके मोबाइल नंबर और ई-मेल पते पर एक बार इस्तेमाल होने वाला सत्यापन अंक भेजा जाएगा।
- सत्यापन अंक दर्ज करके व्यक्तिगत जानकारी वाले आवेदन पत्र तक पहुंचें। आवेदन पत्र में मांगी गई जानकारी भरकर जमा करें।
- योजनाओं की सूची में "बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना" चुनें और योजना से संबंधित ऑनलाइन आवेदन पत्र भरें।
- आवेदन जमा करें। इसके बाद आपको संदेश और ई-मेल के माध्यम से एक अलग पंजीकरण संख्या मिलेगी। साथ ही, आवेदन पत्र की पीडीएफ प्रति भी मिलेगी, जिसमें साथ ले जाने वाले दस्तावेजों की जानकारी होगी।
- दस्तावेज सत्यापन के लिए जिला निबंधन एवं परामर्श केंद्र से संदेश या ई-मेल के माध्यम से मिलने वाली तारीख और समय की प्रतीक्षा करें। यदि आप निर्धारित तारीख की प्रतीक्षा नहीं करना चाहते हैं, तो अपनी सुविधा के अनुसार भी केंद्र पर जा सकते हैं।
- निर्धारित दिन अपने जिले के जिला निबंधन एवं परामर्श केंद्र पर स्वयं हस्ताक्षर किए हुए आवेदन पत्र, सभी आवश्यक दस्तावेजों की स्वयं सत्यापित प्रतियां, पासपोर्ट आकार के फोटो और मूल दस्तावेज लेकर जाएं।
- केंद्र के प्रवेश द्वार पर टोकन संख्या प्राप्त करें और अपनी बारी की प्रतीक्षा करें। आपकी टोकन संख्या इलेक्ट्रॉनिक सूचना पट्ट पर प्रदर्शित की जाएगी।
- संबंधित काउंटर पर आपके आधार का सत्यापन किया जाएगा और दस्तावेजों की जांच तथा स्कैनिंग की जाएगी। मूल दस्तावेज उसी समय वापस कर दिए जाएंगे और आपको पावती रसीद दी जाएगी।
- अपनी पंजीकरण संख्या की मदद से आधिकारिक पोर्टल या राज्य स्तरीय सहायता केंद्र के माध्यम से किसी भी समय आवेदन की स्थिति देख सकते हैं।
महत्वपूर्ण लिंक
- बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना पंजीकरण
- बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना आवेदक लॉगिन
- बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना आधिकारिक पोर्टल
- बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना के अंतर्गत कॉलेजों की सूची
- बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना के अंतर्गत पाठ्यक्रमों की सूची
- बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना के संशोधित दिशानिर्देश
- बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना 2026 की सूचना
संपर्क जानकारी
- बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना सहायता नंबर: 18003456444
- बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना जिला-वार संपर्क विवरण
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
पात्र विद्यार्थियों को बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना के तहत ₹4 लाख तक का शिक्षा ऋण मिल सकता है। वर्ष 2026 से 2031 की व्यवस्था के तहत पात्र विद्यार्थी लागू शर्तों के अनुसार प्रधानमंत्री विद्यालक्ष्मी योजना के माध्यम से ₹10 लाख तक का शिक्षा ऋण भी प्राप्त कर सकते हैं।
₹2 लाख तक के ऋण का प्रबंधन बिहार राज्य शिक्षा वित्त निगम के माध्यम से किया जाएगा। ₹2 लाख से ₹4 लाख तक का ऋण लागू व्यवस्था के अनुसार निर्धारित वाणिज्यिक बैंकों के माध्यम से दिया जाएगा।
शिक्षा ऋण पर 4% वार्षिक ब्याज दर लागू है। महिलाओं, दिव्यांगजनों और किन्नर लाभार्थियों के लिए 1% वार्षिक ब्याज दर का प्रावधान है।
योजना के तहत 42 पात्र सामान्य, व्यावसायिक और तकनीकी पाठ्यक्रम शामिल हैं। इनमें इंजीनियरिंग, चिकित्सा, प्रबंधन, डिजाइन और उच्च शिक्षा के अन्य पाठ्यक्रम शामिल हैं।
हां। पात्र विद्यार्थी लागू शर्तों के अनुसार बिहार के अंदर या बिहार के बाहर स्थित मान्यता प्राप्त उच्च शिक्षा संस्थानों में पढ़ाई के लिए इस ऋण का उपयोग कर सकते हैं।
शिक्षण संस्थान के छात्रावास के बाहर रहने वाले पात्र विद्यार्थियों को श्रेणी ए के शहरों में ₹60,000, श्रेणी बी के शहरों में ₹48,000 और श्रेणी सी के शहरों तथा ग्रामीण क्षेत्रों में ₹36,000 प्रति वर्ष की सहायता मिल सकती है।
विद्यार्थियों को किताबों और पढ़ाई की अन्य सामग्री के लिए ₹10,000 प्रति वर्ष मिल सकते हैं।
₹2 लाख तक के ऋण को लागू रोक अवधि के बाद अधिकतम 7 वर्षों में चुकाया जा सकता है। ₹2 लाख से अधिक के ऋण को लागू रोक अवधि के बाद अधिकतम 10 वर्षों में चुकाया जा सकता है।
हां। यदि ऋण लेने वाले की मृत्यु पढ़ाई, रोक अवधि या ऋण चुकाने की अवधि के दौरान हो जाती है, तो लागू योजना प्रावधानों के अनुसार बकाया ऋण राशि माफ की जा सकती है।
विद्यार्थी बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना के आधिकारिक पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आवेदन जमा करने के बाद दस्तावेजों के सत्यापन के लिए संबंधित जिला निबंधन एवं परामर्श केंद्र जाना अनिवार्य है।
अगर योजनाओं के बारे में आपका कोई सवाल है, तो उसे योजना के फोरम में सबमिट करें और जवाब पाएँ:
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यह फोरम निम्न कामों के लिए एक बेहतरीन जगह है:
- सवाल पूछें: अगर आपके मन में योजना से जुड़ा कोई सवाल है या आप इस विषय के किसी पहलू के बारे में और जानकारी चाहते हैं।
- योजना से जुडी अपनी बातें साझा करें: अपनी जानकारी और अनुभव शेयर करें।
- दूसरों से जुड़ें: कम्युनिटी से जुड़ें और दूसरों से सीखें।
हम आपको इस फ़ोरम में सक्रिय रूप से भाग लेने और इस बेहतरीन रिसोर्स का पूरा फ़ायदा उठाने के लिए प्रोत्साहित करते है।
| जाति | लाभार्थी व्यक्ति का प्रकार | योजना का प्रकार | सरकार |
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