प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्यम उन्नयन योजना

द्वारा प्रस्तुत Pradeep on Mon, 28/09/2026 - 18:05
केन्द्रीय सरकार CM
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हाइलाइट
  • प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्यम उन्नयन योजना के तहत मौजूदा सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्यम को निम्नलिखित लाभ प्रदान किये जाएगे:-
    • योजना के तहत व्यक्तिगत सूक्ष्म उद्यम और किसान उत्पादक संगठन/स्वयं सहायता समूह/सहकारिता को आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी।
    • स्थापित या स्थापित करने के लिए प्रस्तावित इकाइयों को क्रेडिट लिंक्ड सब्सिडी।
    • मार्केटिंग और ब्रांड निर्माण में सहायता मिलेगी।
    • स्वयं सहायता समूह प्रति सदस्य 40,000/- रुपये की प्रारंभिक पूँजी ले सकता है और छोटे उपकरणों के लिए 4 लाख रुपये तक ले सकता है।
ग्राहक देखभाल फ़ोन नंबर
  • प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्यम उन्नयन योजना हेल्पलाइन नंबर:- 9254997101, 9254997102, 9254997103, 9254997104, 9254997105
  • प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्यम उन्नयन योजना हेल्पडेस्क नंबर:- [email protected]
योजना का अवलोकन
योजना का नाम प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्यम उन्नयन योजना।
आरम्भ वर्ष 2020
लाभ योजना के तहत व्यक्तिगत सूक्ष्म उद्यम और किसान उत्पादक संगठन/स्वयं सहायता समूह/सहकारिता को आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी।
लाभार्थी व्यक्तिगत सूक्ष्म उद्यम और किसान उत्पादक संगठन/स्वयं सहायता समूह/सहकारिता।
नोडल मंत्रालय खाद्य प्रसंस्करण उद्यम उद्योग मंत्रालय।
आवेदन का तरीका लाभार्थी योजना के ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते है।

योजना के बारे में

  • भारत में लगभग 25 लाख असंगठित खाद्य प्रसंस्करण उद्यम है जो कम से कम 74% रोजगार प्रदान कर रहे है।
  • लगभग 66% उद्यम ग्रामीण इलाको में स्थित है और ज़्यदातर अति लघु उद्योग की श्रेणी में आते है।
  • इन उद्योग के कारण ग्रामीण लोगो का जीवन यापन आसान हो गया है।
  • इसके कारण ग्रामीण लोगो का शहरी क्षेत्रों में प्रवास कम हो गया। इसके कारण ग्रामीण लोगो का शहरी क्षेत्रों में प्रवास कम हो गया।
  • सरकार ने देखा की ऐसे उद्यम काफी परेशानियों का सामना कर रहे है जैसे आधारभूत संरचना, नए उपकरणों की स्थापना, विपणन, और वित्तीय सहायता प्राप्त करने में।
  • उनकी इन्ही परेशानियों को दूर करने के लिए भारत सरकार ने वर्ष 2020 में 'प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्यम उन्नयन योजना' की शुरुवात की।
  • यह योजना खाद्य प्रसंस्करण उद्यम उद्योग मंत्रालय द्वारा शुरू की गयी थी।
  • इस योजना को "पीएमएफएमई योजना" के नाम से भी जाना जाता है।
  • योजना के तहत सरकार निम्नलिखित लाभ प्रदान करेगी:-
    • वित्तीय सहायता।
    • उन्हें ब्रांड सहायता प्रदान करना।
    • विपणन में सहायता।
    • स्थापित उद्यमों के बुनियादी ढांचे में सुधार लाने में मदद करना।
    • स्वयं सहायता समूह के प्रत्येक सदस्य को 40,000 रुपये की प्रारंभिक पूंजी मिलेगी।
    • खाद्य प्रसंस्करण उद्यम के लिए सहायता।
    • क्षमता निर्माण एवं अनुसंधान।
  • योजना के सफल कार्यान्वयन के लिए सरकार ने 2020-21 से 2024-25 तक के लिए 10,000 करोड़ रुपये परिव्यय किये।
  • योजना के तहत व्यक्तिगत सूक्ष्म उद्यम और किसान उत्पादक संगठन/स्वयं सहायता समूह/सहकारिता को आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी।
  • इस योजना के तहत सभी पात्र लाभार्थी प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्यम उन्नयन योजना के ऑनलाइन पोर्टल से आवेदन कर सकते है।
  • योजना के तहत अब तक 238757 आवेदन प्राप्त हो चुके है जिनमे से 80343 आवेदन को स्वीकृत कर लिया गया और 61305 आवेदकों को ऋृण राशि वितरित कर दी गयी है।

योजना के लाभ

  • प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्यम उन्नयन योजना के तहत मौजूदा सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्यम को निम्नलिखित लाभ प्रदान किये जाएगे:-
    • योजना के तहत व्यक्तिगत सूक्ष्म उद्यम और किसान उत्पादक संगठन/स्वयं सहायता समूह/सहकारिता को आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी।
    • व्यक्तिगत सूक्ष्म उद्यम/किसान उत्पादक संगठन/स्वयं सहायता समूह/सहकारिता को योजना के तहत ब्रांडिंग और विपणन समर्थन के लिए 50% अनुदान दिया जाएगा।
    • स्वयं सहायता समूह प्रति सदस्य 40,000/- रुपये की प्रारंभिक पूँजी ले सकता है और छोटे उपकरणों के लिए 4 लाख रुपये तक ले सकता है।
    • व्यक्तिगत सूक्ष्म उद्यम/किसान उत्पादक संगठन/स्वयं सहायता समूह/सहकारिता के स्थापित या प्रस्तावित समूह अपने आधारिक संरचना के लिए पात्र परियोजना लागत का 35% (अधिकतम 3 करोड़) क्रेडिट लिंक्ड सब्सिडी का लाभ ले सकते है।

पात्रता

  • प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्यम उन्नयन योजना के तहत सभी व्यक्तिगत सूक्ष्म उद्यम/किसान उत्पादक संगठन/स्वयं सहायता समूह आवेदन कर सकते है।
  • योजना के अंतर्गत आवेदन के लिए आवेदक के पास पहले से ही खाद्य प्रसंस्करण उद्यम मौजूद होना चाहिए।
  • आवेदन हेतु प्रत्येक लाभार्थी के लिए अलग-अलग पात्रता मानदंड हैं जिनका विवरण इस प्रकार है:-
    लाभार्थी पात्रता
    व्यक्तिगत सूक्ष्म उद्यम
    • आवेदक के पास मौजूदा संचालित खाद्य प्रसंस्करण उद्यम हो।
    • निवेश और टर्नओवर 1 करोड़ और 5 करोड़ से अधिक नहीं होना चाहिए।
    • आवेदक की आयु 18 वर्ष से अधिक होनी चाहिए।
    • आवेदक की न्यूनतम शिक्षा 8वीं कक्षा तक पूरी होनी चाहिए।
    • योजना के तहत आवेदन हेतु एक परिवार में से केवल एक ही सदस्य पात्र होगा।
    सहकारी/किसान उत्पादक संगठन
    • आवेदक एक जिला एक उत्पाद (ओडीओपी) उपज के प्रसंस्करण में शामिल होना चाहिए।
    • कम से कम 1 करोड़ टर्नओवर होना चाहिए।
    • प्रस्तावित परियोजना लागत वर्तमान टर्नओवर से अधिक नहीं होनी चाहिए।
    • प्रोडक्ट डीलिंग में न्यूनतम 3 वर्ष का अनुभव होना चाहिए।
    • परियोजना लागत और मार्जिन मनी की 10% कार्यशील पूंजी प्राप्त करने के लिए संबंधित राज्य सरकार से पर्याप्त आंतरिक संसाधन या मंजूरी होनी चाहिए।
    स्वयं सहायता समूह
    • सरकार से अनुदान प्राप्त करने के लिए परियोजना लागत का 10% और कार्यशील पूंजी के लिए 20% मार्जिन मनी होना चाहिए।
    • एक जिला एक उत्पाद (ओडीओपी) उपज के प्रसंस्करण में कम से कम 3 वर्ष का अनुभव होना चाहिए।

आवश्यक दस्तावेज

  • प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्यम उन्नयन योजना के अंतर्गत आवेदन करते समय आवेदक के पास निम्नलिखित दस्तावेज होने आवयशक है:-
    • आधार कार्ड।
    • पैन कार्ड।
    • उपयोगिता बिल।
    • उद्यम पंजीकरण प्रमाणपत्र।
    • व्यवसाय पंजीकरण प्रमाण पत्र।
    • जीएसटीआईएन पंजीकरण प्रमाणपत्र।
    • अंतिम वित्तीय वर्ष का जीएसटी रिटर्न विवरण।
    • बैंक विवरण।
    • शैक्षणिक विवरण।
    • ऋण विवरण (यदि कोई हो)।
    • व्यावसायिक साझेदारी समझौता (यदि कोई हो)।
    • लेखापरीक्षित बैलेंस शीट।
    • मौजूदा यूनिट की फोटो।

आवेदन की प्रक्रिया

  • प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्यम उन्नयन योजना के अंतर्गत आवेदन के लिए आवेदक ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से आवेदन कर सकते है।
  • आवेदन करने के लिए सबसे पहले आवेदक को पोर्टल पर पंजीकरण करना होगा।
  • जो लोग पहले से पोर्टल पर पंजीकृत है वे सभी लॉगिन करके आगे की प्रक्रिया को पूर्ण कर सकते है।
  • पंजीकरण करने के लिए 'नए पंजीकरण' पर क्लिक करके सभी पूछे गए विवरण भर कर पंजीकरण पूरा करे।
  • पंजीकरण पूर्ण होने के बाद आवेदक को लॉगिन विवरण मिल जाएगा।
  • आवेदन को आगे की प्रक्रिया पूर्ण करने के लिए पोर्टल पर लॉगिन करना होगा।
  • लॉगिन करने के पश्चात आवेदक को योजना के प्रकार का चयन करना होगा।
  • उसके बाद आवेदन पत्र में पूछे गए आवयशक विवरण भर कर और सभी दस्तावेज अपलोड करके आवेदन पत्र को जमा कर दे।
  • आवेदन पत्र जमा करते ही आवेदक के पंजीकृत ईमेल आईडी पर पुष्टि संदेश भेजा जायगा।
  • यदि आवेदक अपने आवेदन की स्तिथि जानना चाहते है तो वे आधिकारिक वेबसाइट पर "ट्रैक एप्लीकेशन" पर क्लिक करके और 'उपयोगकर्ता आईडी' या फिर 'आवेदन संख्या' के माध्यम से जान सकते है।

महत्वपूर्ण लिंक

सम्पर्क करने का विवरण

  • प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्यम उन्नयन योजना हेल्पलाइन नंबर:- 9254997101, 9254997102, 9254997103, 9254997104, 9254997105
  • प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्यम उन्नयन योजना हेल्पडेस्क नंबर:- [email protected]
  • कार्यालय का पता:- पंचशील भवन, अगस्त क्रांति मार्ग
    खेलगांव, नई दिल्ली-110049

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

The Pradhan Mantri Formalisation of Micro Food Processing Enterprises (PMFME) Scheme is a Government of India scheme that supports the formalisation, upgradation and growth of eligible micro food-processing enterprises.
 

The PMFME Scheme was launched on 29 June 2020 under the Aatmanirbhar Bharat Abhiyan.
 

Eligible individual food-processing units can receive a 35% credit-linked capital subsidy on the eligible project cost, up to ₹10 lakh per unit.
 

The beneficiary generally needs to contribute at least 10% of the eligible project cost. The remaining amount is generally financed through a bank loan.
 

Yes. Eligible SHG members already engaged in food processing can receive ₹40,000 per member as seed capital, subject to the applicable scheme limits and conditions.
 

Eligible FPOs and producer cooperatives can receive 35% credit-linked financial assistance for eligible capital investment. Assistance of up to ₹50,000 is also available for preparation of the Detailed Project Report, subject to the applicable component guidelines.
 

The One District One Product (ODOP) approach focuses on food products that are important to particular districts. New units are generally supported for the identified ODOP product of the district.
 

Yes. Eligible existing food-processing enterprises can seek support for upgradation and improvement of their operations, subject to the applicable scheme conditions.
 

No. Individual applicants can apply through the official PMFME portal, while SHGs, FPOs, cooperatives and other group components follow the applicable State Nodal Agency or prescribed application process.
 

Applicants can seek handholding support from District Resource Persons (DRPs) for project preparation, application-related assistance, bank linkage and applicable formalisation requirements such as FSSAI, Udyam and GST.

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