- परिवार के मुख्य कमाने वाले सदस्य की मृत्यु पर परिवार को एक बार में ₹20,000 की आर्थिक सहायता दी जाती है।
- मृत्यु चाहे स्वाभाविक हो या दुर्घटना में हुई हो, दोनों ही स्थितियों में यह सहायता मिलती है।
- सिर्फ कमाने वाला सदस्य ही नहीं, बल्कि घर संभालने वाली महिला को भी परिवार की "मुख्य कमाने वाली" माना जाता है।
- यह सहायता मासिक पेंशन की तरह नहीं, बल्कि एक ही बार में, परिवार के नए मुखिया को सीधे दी जाती है।
- राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम (एनएसएपी) के संपर्क विवरण
- राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम का ईमेल: [email protected]
योजना का अवलोकन | |
|---|---|
| योजना का नाम | प्रधानमंत्री परिवार लाभ योजना |
| शुरू होने का वर्ष | 1995 (2026 में नाम बदला गया) |
| लाभ | परिवार के मुख्य कमाने वाले सदस्य की मृत्यु होने पर पात्र शोकग्रस्त परिवारों को एकमुश्त ₹20,000 की आर्थिक सहायता। |
| लाभार्थी | ऐसे बीपीएल परिवार, जिनके मुख्य कमाने वाले सदस्य (18 से 60 वर्ष) की मृत्यु हो चुकी हो। |
| नोडल विभाग | ग्रामीण विकास मंत्रालय, भारत सरकार |
| सब्सक्रिप्शन | योजना की निरंतर जानकारी के लिए यहाँ सब्सक्राइब करें। |
| आवेदन का तरीका | ऑनलाइन और ऑफलाइन |
योजना के बारे में
प्रधानमंत्री परिवार लाभ योजना केंद्र सरकार की एक कल्याणकारी योजना है, जिसके तहत गरीबी रेखा से नीचे (बीपीएल) जीवन यापन करने वाले पात्र परिवारों को उनके मुख्य कमाने वाले सदस्य की मृत्यु होने पर एकमुश्त ₹20,000 की आर्थिक सहायता दी जाती है। इस योजना का उद्देश्य शोकाकुल परिवारों को आर्थिक सहारा देना और घर की आय में बड़ा योगदान देने वाले सदस्य को खोने के बाद उनकी तात्कालिक जरूरतों को पूरा करने में मदद करना है।
इस योजना का लाभ उन पात्र परिवारों को मिलता है, जिनमें मृतक मुख्य कमाने वाले सदस्य की मृत्यु के समय उम्र 18 वर्ष से अधिक और 60 वर्ष से कम थी। यह सहायता मासिक पेंशन के बजाय एकमुश्त राशि के रूप में दी जाती है। पुरुष और महिला, दोनों ही मुख्य कमाने वाले सदस्य के रूप में पात्र हो सकते हैं, और मौजूदा दिशा-निर्देशों के अनुसार पात्र मामलों में घर संभालने वाली महिला (गृहिणी) को भी मुख्य कमाने वाला सदस्य माना जाता है।
पहले राष्ट्रीय परिवार लाभ योजना (एनएफबीएस) के नाम से जानी जाने वाली इस योजना का नाम भारत सरकार ने 14 अक्टूबर 2026 को बदलकर प्रधानमंत्री परिवार लाभ योजना कर दिया। सरकार ने इसे मौजूदा स्वरूप में वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक जारी रखने की भी मंजूरी दी।
प्रधानमंत्री परिवार लाभ योजना, राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम (एनएसएपी) का एक घटक है, जिसका नाम बदलकर प्रधानमंत्री सामाजिक सहायता योजना कर दिया गया है। सरकार ने इसके अन्य घटकों के नाम भी इस प्रकार बदले हैं:
- प्रधानमंत्री वृद्धावस्था पेंशन योजना (पहले इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन योजना),
- प्रधानमंत्री विधवा पेंशन योजना (पहले इंदिरा गांधी राष्ट्रीय विधवा पेंशन योजना),
- प्रधानमंत्री दिव्यांगजन पेंशन योजना (पहले इंदिरा गांधी राष्ट्रीय विकलांगता पेंशन योजना)
इस कार्यक्रम के सभी घटक मिलकर पात्र व्यक्तियों और परिवारों को वृद्धावस्था, विधवा और दिव्यांगता पेंशन, परिवार लाभ सहायता और अन्नपूर्णा योजना के जरिए सामाजिक सहायता प्रदान करते हैं।
पात्र परिवारों को योजना की निर्धारित शर्तें पूरी करनी होंगी, जिनमें बीपीएल परिवार होने की शर्त और मृतक मुख्य कमाने वाले सदस्य से जुड़ी उम्र संबंधी शर्त शामिल है। आवेदकों को मृतक व्यक्ति और सहायता का दावा करने वाले परिवार के सदस्य का विवरण, संबंधित राज्य प्राधिकरण द्वारा मांगे गए सहायक दस्तावेजों के साथ देना होता है। आवेदन और सत्यापन की प्रक्रिया राज्य के अनुसार अलग-अलग हो सकती है।
पात्र आवेदक अपना प्रधानमंत्री परिवार लाभ योजना आवेदन उमंग (UMANG) पोर्टल/ऐप के जरिए ऑनलाइन, या अपने नजदीकी ग्राम पंचायत अथवा नगर पालिका के जरिए ऑफलाइन जमा कर सकते हैं। उत्तर प्रदेश सहित कुछ राज्य आवेदन के लिए अपना अलग ऑनलाइन पोर्टल भी उपलब्ध कराते हैं। आवेदन जमा करने के बाद, संबंधित अधिकारी विवरण की जांच करते हैं और ₹20,000 की एकमुश्त आर्थिक सहायता के लिए पात्रता तय करते हैं।
योजना के लाभ
यह योजना अपने मुख्य कमाने वाले सदस्य को खो चुके पात्र परिवारों को एकमुश्त आर्थिक सहायता प्रदान करती है।
- पात्र शोकाकुल परिवारों को ₹20,000 की एकमुश्त सहायता राशि दी जाती है।
- यह योजना मुख्य कमाने वाले सदस्य की स्वाभाविक या किसी अन्य कारण से हुई मृत्यु, दोनों ही स्थितियों को कवर करती है।
- पुरुष और महिला दोनों, जिसमें घर संभालने वाली महिला (गृहिणी) भी शामिल है, मुख्य कमाने वाले सदस्य के रूप में पात्र हो सकते हैं।
- यह सहायता मुख्य कमाने वाले सदस्य को खोने के बाद परिवार को सहारा देने का काम करती है।
पात्रताएं
प्रधानमंत्री परिवार लाभ योजना के तहत आर्थिक सहायता प्राप्त करने के लिए आवेदकों को राष्ट्रीय परिवार लाभ योजना के मौजूदा दिशा-निर्देशों के अनुसार निम्नलिखित पात्रता शर्तें पूरी करनी होंगी।
- शोकाकुल परिवार गरीबी रेखा से नीचे (बीपीएल) श्रेणी से संबंधित होना चाहिए।
- मृतक मुख्य कमाने वाले सदस्य की मृत्यु के समय उम्र 18 वर्ष से अधिक और 60 वर्ष से कम होनी चाहिए।
- मृतक व्यक्ति परिवार का मुख्य कमाने वाला सदस्य होना चाहिए, जिसकी आय परिवार की कुल आय में अहम योगदान देती हो।
- परिवार के पुरुष और महिला, दोनों ही सदस्य मुख्य कमाने वाले सदस्य के रूप में पात्र हो सकते हैं। मौजूदा दिशा-निर्देशों के अनुसार घर संभालने वाली महिला (गृहिणी) को भी मुख्य कमाने वाला सदस्य माना जा सकता है।
- यह योजना स्वाभाविक या किसी अन्य कारण से हुई मृत्यु, दोनों ही स्थितियों को कवर करती है।
- स्थानीय जांच के बाद परिवार के मुखिया के रूप में पहचाने गए जीवित सदस्य को यह आर्थिक सहायता दी जाएगी।
- परिवार में पति/पत्नी, नाबालिग बच्चे, अविवाहित बेटियां और आश्रित माता-पिता शामिल हो सकते हैं। यदि किसी अविवाहित वयस्क की मृत्यु होती है, तो परिवार में उसके नाबालिग भाई-बहन और आश्रित माता-पिता शामिल हो सकते हैं।
आवश्यक दस्तावेज
प्रधानमंत्री परिवार लाभ योजना के तहत आवेदकों को परिवार के मुख्य कमाने वाले सदस्य की मृत्यु और शोकग्रस्त परिवार की पात्रता साबित करने के लिए जरूरी जानकारी और दस्तावेज देने होंगे। जरूरी दस्तावेजों की सूची राज्य सरकार की आवेदन प्रक्रिया के अनुसार अलग-अलग हो सकती है।
- मृतक मुख्य कमाने वाले सदस्य का मृत्यु प्रमाणपत्र
- गरीबी रेखा से नीचे (बीपीएल) का प्रमाणपत्र या बीपीएल परिवार होने का मान्य प्रमाण
- आवेदक का पहचान प्रमाण
- आवेदक के पते का प्रमाण
- मृतक मुख्य कमाने वाले सदस्य की आयु का प्रमाण
- मृतक मुख्य कमाने वाले सदस्य का विवरण
- आवेदक की व्यक्तिगत और परिवार से जुड़ी जानकारी
- बीपीएल परिवार की पहचान से जुड़ी जानकारी, जिसमें जरूरत के अनुसार परिवार पहचान संख्या और सदस्य पहचान संख्या शामिल हैं
- यदि संबंधित विभाग मांगे, तो बैंक या डाकघर के खाते का विवरण
- आवेदक के हस्ताक्षर या अंगूठे के निशान वाला भरा हुआ आवेदन फॉर्म
आवेदन प्रक्रिया
आप प्रधानमंत्री परिवार लाभ योजना के लिए ऑनलाइन और ऑफलाइन, दोनों तरीकों से आवेदन कर सकते हैं। आवेदन करने का पारंपरिक तरीका ऑफलाइन है, जिसमें राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम के दिशा-निर्देशों के अनुसार अपनी ग्राम पंचायत या नगर पालिका के माध्यम से आवेदन जमा किया जाता है और मंजूरी की प्रक्रिया पूरी की जाती है। इसके अलावा, आप केंद्र सरकार के उमंग पोर्टल या ऐप के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। उत्तर प्रदेश जैसे कुछ राज्य अपने अलग ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से भी आवेदन की सुविधा देते हैं।
ऑफलाइन आवेदन प्रक्रिया
- आवेदन प्रक्रिया की जानकारी लेने के लिए अपनी ग्राम पंचायत, खंड कार्यालय, नगर पालिका या अन्य निर्धारित स्थानीय कार्यालय में जाएं।
- संबंधित कार्यालय से प्रधानमंत्री परिवार लाभ योजना का आवेदन फॉर्म प्राप्त करें, यदि यह उपलब्ध हो।
- फॉर्म में मृतक मुख्य कमाने वाले सदस्य का विवरण, मृत्यु के समय उसकी आयु, परिवार का पता, गरीबी रेखा से नीचे (बीपीएल) होने की जानकारी और आर्थिक सहायता प्राप्त करने वाले परिवार के सदस्य का विवरण भरें।
- राज्य के संबंधित विभाग की जरूरत के अनुसार मृतक की आयु का प्रमाण, बीपीएल प्रमाणपत्र या राशन कार्ड का विवरण और आवेदक का पहचान एवं पते का प्रमाण जैसे जरूरी दस्तावेज संलग्न करें।
- भरा हुआ आवेदन फॉर्म और जरूरी दस्तावेज निर्धारित कार्यालय में जमा करें। यदि आवेदन जमा करने की पावती दी जाती है, तो उसे संभालकर रखें।
- संबंधित अधिकारी लाभ की सिफारिश करने या मंजूरी देने से पहले आवेदन और परिवार से जुड़ी जानकारी की जांच करेंगे।
- आवेदन की स्थिति जानने के लिए संबंधित कार्यालय से संपर्क करें। आवेदन मंजूर होने पर ₹20,000 की आर्थिक सहायता प्राप्त करें।
ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया
- उमंग पोर्टल पर जाएं या उमंग मोबाइल ऐप डाउनलोड करें।
- अपने पंजीकृत मोबाइल नंबर और उस पर प्राप्त ओटीपी की मदद से लॉग इन करें। नए उपयोगकर्ताओं को पोर्टल पर सबसे पहले पंजीकरण करना होगा।
- उपलब्ध सेवाओं में प्रधानमंत्री सामाजिक सहायता योजना या एनएसएपी खोजें।
- खोज परिणामों में राष्ट्रीय परिवार लाभ योजना की सेवा ढूंढें और उसका विवरण खोलें।
- योजना की जानकारी पढ़ें और यदि "आवेदन करें" का विकल्प उपलब्ध हो, तो उस पर क्लिक करें।
- मृतक मुख्य कमाने वाले सदस्य और आर्थिक सहायता का दावा करने वाले व्यक्ति की जरूरी जानकारी भरें।
- पोर्टल पर मांगे गए जरूरी दस्तावेजों की स्कैन की गई प्रतियां अपलोड करें।
- आवेदन में भरी गई सभी जानकारियों की जांच करें और फॉर्म ऑनलाइन जमा करें।
- आवेदन जमा करने के बाद मिलने वाली आवेदन संख्या को संभालकर रखें। यदि आवेदन की स्थिति देखने की सुविधा उपलब्ध है, तो इस संख्या की मदद से अपने आवेदन की स्थिति जांचें।
ध्यान दें 1: यह योजना अपने पुराने नाम, राष्ट्रीय परिवार लाभ योजना (एनएफबीएस), से भी दिखाई दे सकती है। आवेदन प्रक्रिया की जानकारी प्रकाशित करने से पहले यह पुष्टि कर लें कि उमंग पोर्टल पर इस योजना के लिए आवेदन की सुविधा अभी उपलब्ध है या नहीं। यदि यह सेवा या "आवेदन करें" का विकल्प उपलब्ध नहीं है, तो आवेदन प्रक्रिया की जानकारी के लिए संबंधित राज्य या जिला कार्यालय से संपर्क करें।
ध्यान दें 2: योजना के लिए आवेदन करने से पहले जांच लें कि आपकी राज्य सरकार ने अपना अलग ऑनलाइन पोर्टल भी उपलब्ध कराया है या नहीं। उदाहरण के लिए, उत्तर प्रदेश के निवासी राष्ट्रीय पारिवारिक लाभ योजना के पोर्टल nfbs.upsdc.gov.in के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं।
महत्वपूर्ण लिंक
- प्रधानमंत्री परिवार लाभ योजना (पहले एनएफबीएस के नाम से जानी जाती थी) का आवेदन फॉर्म
- ग्रामीण विकास मंत्रालय
- राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम का पोर्टल (एनएसएपी पोर्टल)
- राष्ट्रीय परिवार लाभ योजना (एनएफबीएस) के दिशा-निर्देश
- एनएसएपी से जुड़ी शिकायत दर्ज करें
- एनएसएपी आवेदन की स्थिति जांचें
- योजना का नाम बदलने से जुड़ी मंत्रिमंडल की प्रेस विज्ञप्ति
- उमंग मोबाइल ऐप डाउनलोड करें (एंड्रॉइड)
- उमंग मोबाइल ऐप डाउनलोड करें (आईओएस)
संपर्क जानकारी
- राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम (एनएसएपी) के संपर्क विवरण
- राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम का ईमेल: [email protected]
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
प्रधानमंत्री परिवार लाभ योजना केंद्र सरकार की एक योजना है, जिसके तहत गरीबी रेखा से नीचे (बीपीएल) रहने वाले पात्र परिवारों को उनके मुख्य कमाने वाले सदस्य की मृत्यु होने पर एकमुश्त ₹20,000 की आर्थिक सहायता दी जाती है।
इस योजना को पहले राष्ट्रीय परिवार लाभ योजना (एनएफबीएस) के नाम से जाना जाता था। भारत सरकार ने 14 अक्टूबर 2026 को इसका नाम बदलकर प्रधानमंत्री परिवार लाभ योजना कर दिया।
इस योजना के तहत प्रत्येक पात्र परिवार को एकमुश्त ₹20,000 की आर्थिक सहायता दी जाती है।
गरीबी रेखा से नीचे (बीपीएल) रहने वाले पात्र परिवार आवेदन कर सकते हैं, यदि उनके मुख्य कमाने वाले सदस्य की मृत्यु 18 वर्ष की आयु पूरी करने के बाद, लेकिन 60 वर्ष की आयु पूरी होने से पहले हुई हो। आवेदक को योजना की अन्य निर्धारित शर्तें भी पूरी करनी होंगी।
हाँ। योजना के मौजूदा दिशा-निर्देशों के अनुसार, पात्रता तय करते समय घर संभालने वाली महिला को भी परिवार का मुख्य कमाने वाला सदस्य माना जा सकता है।
हाँ। योजना के मौजूदा दिशा-निर्देशों के अनुसार, पात्रता की शर्तें पूरी होने पर परिवार के मुख्य कमाने वाले सदस्य की प्राकृतिक या अन्य कारणों से हुई मृत्यु के मामले में सहायता दी जाती है।
हाँ, आवेदक उमंग पोर्टल या उसके मोबाइल ऐप के माध्यम से इस योजना के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। इसके अलावा, ऑनलाइन आवेदन करने से पहले अपने राज्य के आधिकारिक पोर्टल पर जानकारी देखें या संबंधित जिला कार्यालय से इसकी पुष्टि कर लें।
आवेदक एनएसएपी पोर्टल पर ऑनलाइन अपने आवेदन की स्थिति देख सकते हैं।
यह वही योजना है, जिसका नाम बदलकर प्रधानमंत्री परिवार लाभ योजना रखा गया है। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 14 अक्टूबर 2026 को राष्ट्रीय परिवार लाभ योजना का नाम बदलने की मंजूरी दी थी। हालांकि, योजना के तहत मिलने वाली आर्थिक सहायता की राशि, पात्रता की शर्तों और आवेदन प्रक्रिया में कोई बदलाव नहीं किया गया है।
नहीं। मंत्रिमंडल की आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है कि परिवार लाभ योजना "अपने मौजूदा स्वरूप में जारी रहेगी"। इसलिए, नए नाम के तहत भी एकमुश्त ₹20,000 की आर्थिक सहायता की राशि पहले जैसी ही रहेगी।
नहीं। इस योजना के तहत एक बार में एकमुश्त आर्थिक सहायता दी जाती है, हर महीने पेंशन नहीं मिलती। वृद्धावस्था, विधवा और दिव्यांगता पेंशन अलग-अलग योजनाओं के तहत दी जाती हैं। इन योजनाओं के नए नाम प्रधानमंत्री वृद्धावस्था पेंशन योजना, प्रधानमंत्री विधवा पेंशन योजना और प्रधानमंत्री दिव्यांगजन पेंशन योजना हैं।
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