- बीपीएल परिवारों के वरिष्ठ नागरिकों, विधवाओं और दिव्यांगजनों को हर महीने पेंशन दी जाती है।
- मुख्य कमाने वाले सदस्य की मृत्यु पर परिवार को एकमुश्त आर्थिक सहायता मिलती है।
- वृद्धावस्था पेंशन से वंचित पात्र वरिष्ठ नागरिकों को मुफ्त खाद्यान्न दिया जाता है।
- सभी सहायता राशि सीधे लाभार्थी के बैंक या डाकघर खाते में भेजी जाती है।
- राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम (एनएसएपी) की संपर्क जानकारी
- राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम का ईमेल: [email protected]
योजना का अवलोकन | |
|---|---|
| योजना का नाम | प्रधानमंत्री सामाजिक सहायता योजना |
| शुरू होने का वर्ष | 1995 (वर्ष 2026 में नाम परिवर्तन) |
| लाभ |
|
| लाभार्थी | पात्र बुजुर्ग, विधवाएं, दिव्यांगजन और परिवार के मुख्य कमाने वाले सदस्य की मृत्यु से प्रभावित परिवार। |
| नोडल विभाग | भारत सरकार का ग्रामीण विकास मंत्रालय |
| सब्सक्रिप्शन | योजना की निरंतर जानकारी के लिए यहाँ सब्सक्राइब करे। |
| आवेदन का तरीका | ऑनलाइन और ऑफलाइन |
योजना के बारे में
प्रधानमंत्री सामाजिक सहायता योजना (पीएमएसएसवाई) केंद्र सरकार की एक सामाजिक सुरक्षा योजना है, जिसके तहत पूरे भारत में जरूरतमंद नागरिकों और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को आर्थिक और खाद्य सहायता दी जाती है। भारत सरकार ने राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम (एनएसएपी) का नाम बदलकर प्रधानमंत्री सामाजिक सहायता योजना कर दिया है। इस योजना का उद्देश्य पात्र वरिष्ठ नागरिकों, विधवाओं, दिव्यांगजनों और परिवार के मुख्य कमाने वाले सदस्य को खोने वाले परिवारों को सहायता देना जारी रखना है। ग्रामीण विकास मंत्रालय इस कार्यक्रम के अलग-अलग हिस्सों को राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों की सरकारों के सहयोग से लागू करता है।
प्रधानमंत्री सामाजिक सहायता योजना के तहत पात्र लाभार्थियों को सामाजिक सुरक्षा सहायता देने के लिए पांच घटक हैं। सरकार ने मुख्य कार्यक्रम के साथ-साथ इनमें से चार घटकों का नाम भी बदला है। ये चार नए नाम वाले घटक इस प्रकार हैं:
- प्रधानमंत्री वृद्धावस्था पेंशन योजना (पहले इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन योजना),
- प्रधानमंत्री विधवा पेंशन योजना (पहले इंदिरा गांधी राष्ट्रीय विधवा पेंशन योजना),
- प्रधानमंत्री दिव्यांगजन पेंशन योजना (पहले इंदिरा गांधी राष्ट्रीय दिव्यांग पेंशन योजना), और
- प्रधानमंत्री परिवार लाभ योजना (पहले राष्ट्रीय परिवार लाभ योजना)।
पांचवां घटक अन्नपूर्णा योजना है, जो अपने पुराने नाम से ही जारी रहेगी। यह योजना उन पात्र वरिष्ठ नागरिकों को खाद्यान्न सहायता देती है, जो वृद्धावस्था पेंशन के दायरे में नहीं आते।
प्रधानमंत्री सामाजिक सहायता योजना के तहत पात्र वरिष्ठ नागरिकों को हर महीने वृद्धावस्था पेंशन और पात्र विधवाओं को हर महीने विधवा पेंशन मिल सकती है। दिव्यांगता पेंशन के तहत पात्र दिव्यांगजनों को आर्थिक सहायता दी जाती है। वहीं, परिवार लाभ योजना के तहत परिवार के मुख्य कमाने वाले सदस्य की मृत्यु होने पर पात्र परिवारों को एकमुश्त आर्थिक सहायता मिलती है। इस कार्यक्रम में अन्नपूर्णा योजना भी शामिल है, जिसके तहत वृद्धावस्था पेंशन योजना का लाभ नहीं लेने वाले पात्र वरिष्ठ नागरिकों को लागू नियमों के अनुसार हर महीने 10 किलोग्राम अनाज दिया जाता है।
इस योजना के तहत मिलने वाली सहायता राशि अलग-अलग हिस्सों और लाभार्थियों की श्रेणी के अनुसार तय होती है। पुरानी योजना के दिशा-निर्देशों में दी गई पेंशन दरों के अनुसार, 60–79 वर्ष की आयु के लाभार्थियों को हर महीने ₹200 और 80 वर्ष या उससे अधिक आयु के लाभार्थियों को हर महीने ₹500 की वृद्धावस्था पेंशन मिलती है। विधवा पेंशन के तहत 79 वर्ष तक की आयु की लाभार्थियों को हर महीने ₹300 और 80 वर्ष या उससे अधिक आयु की लाभार्थियों को हर महीने ₹500 मिलते हैं। परिवार लाभ योजना के तहत पात्र शोकग्रस्त परिवारों को एकमुश्त ₹20,000 की आर्थिक सहायता दी जाती है। 14 अक्टूबर 2026 को केंद्रीय मंत्रिमंडल ने दिव्यांगता पेंशन की संशोधित दरों को मंजूरी दी। इसके तहत 0–79 वर्ष की आयु के लाभार्थियों को हर महीने ₹375 और 80 वर्ष या उससे अधिक आयु के लाभार्थियों को हर महीने ₹625 मिलेंगे। संशोधित नियमों के तहत निर्धारित दिव्यांगता की न्यूनतम सीमा 80% से घटाकर 40% कर दी गई है और न्यूनतम आयु की शर्त भी हटा दी गई है। इन बदलावों को लागू करने और पात्रता की शर्तों की जानकारी के लिए लाभार्थियों को नवीनतम आधिकारिक दिशा-निर्देश देखने चाहिए।
केंद्रीय मंत्रिमंडल ने राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम को नए नाम के तहत 2026–27 से 2030–31 तक जारी रखने की मंजूरी दी है। इसके लिए कुल ₹53,428 करोड़ का बजट तय किया गया है और सभी 36 राज्यों तथा केंद्र शासित प्रदेशों में लगभग 3.20 करोड़ लाभार्थियों को शामिल करने का अनुमान है। पात्र आवेदक आवेदन प्रक्रिया और जरूरी दस्तावेजों की जानकारी के लिए अपनी ग्राम पंचायत, नगर पालिका या अन्य निर्धारित स्थानीय कार्यालय से संपर्क कर सकते हैं। मंत्रिमंडल की मंजूरी के 3 महीने के भीतर संशोधित विस्तृत दिशा-निर्देश जारी होने की उम्मीद है। इसलिए आवेदन करने से पहले संबंधित राज्य या केंद्र शासित प्रदेश के अधिकारियों से नवीनतम नियमों, आवेदन प्रक्रिया और लागू सहायता राशि की पुष्टि कर लें।

योजना के घटक
प्रधानमंत्री सामाजिक सहायता योजना में 5 उप-योजनाएं शामिल हैं। अक्टूबर 2026 में मंत्रिमंडल के फैसले के तहत इनमें से 4 योजनाओं के नाम बदले गए। अन्नपूर्णा योजना का नाम बदलने की सूची में उल्लेख नहीं था, इसलिए यह अपने पुराने नाम से ही जारी है।
| पुराना नाम | नया नाम (14 अक्टूबर 2026 से) | योजना के तहत मिलने वाला लाभ |
|---|---|---|
| इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन योजना (IGNOAPS) | प्रधानमंत्री वृद्धावस्था पेंशन योजना | गरीबी रेखा से नीचे रहने वाले वरिष्ठ नागरिकों को हर महीने पेंशन |
| इंदिरा गांधी राष्ट्रीय विधवा पेंशन योजना (IGNWPS) | प्रधानमंत्री विधवा पेंशन योजना | गरीबी रेखा से नीचे रहने वाली विधवाओं को हर महीने पेंशन |
| इंदिरा गांधी राष्ट्रीय दिव्यांगता पेंशन योजना (IGNDPS) | प्रधानमंत्री दिव्यांगजन पेंशन योजना | गरीबी रेखा से नीचे रहने वाले दिव्यांगजनों को हर महीने पेंशन (अक्टूबर 2026 में पात्रता में बदलाव किए गए) |
| राष्ट्रीय परिवार लाभ योजना (NFBS) | प्रधानमंत्री परिवार लाभ योजना | परिवार के मुख्य कमाने वाले सदस्य की मृत्यु होने पर गरीबी रेखा से नीचे रहने वाले परिवार को एकमुश्त आर्थिक सहायता |
| अन्नपूर्णा योजना | नाम नहीं बदला गया (अन्नपूर्णा योजना के नाम से जारी) | वृद्धावस्था पेंशन का लाभ नहीं लेने वाले पात्र बुजुर्गों को हर महीने अनाज |

योजना के लाभ
प्रधानमंत्री सामाजिक सहायता योजना के तहत भारत भर के गरीबी रेखा से नीचे (बीपीएल) रहने वाले जरूरतमंद परिवारों को हर महीने पेंशन, एकमुश्त आर्थिक सहायता और मुफ्त अनाज दिया जाता है।
- गरीबी रेखा से नीचे रहने वाले परिवारों के बुजुर्गों, विधवाओं और दिव्यांगजनों को हर महीने नियमित पेंशन दी जाती है।
- परिवार के मुख्य कमाने वाले सदस्य की मृत्यु होने पर गरीबी रेखा से नीचे रहने वाले परिवार को एकमुश्त आर्थिक सहायता दी जाती है।
- वृद्धावस्था पेंशन का लाभ नहीं लेने वाले पात्र बुजुर्गों को हर महीने मुफ्त अनाज दिया जाता है।
- दिसंबर 2014 से लागू प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) के तहत पेंशन और सहायता की सभी राशि सीधे लाभार्थी के बैंक या डाकघर के खाते में भेजी जाती है।
- बैंक या डाकघर के खाते में राशि भेजना संभव न होने पर ही नकद या मनीऑर्डर के माध्यम से भुगतान किया जाता है।
- राज्य और केंद्र शासित प्रदेश केंद्र सरकार से मिलने वाली सहायता के अलावा अपनी ओर से भी अतिरिक्त राशि दे सकते हैं। इसलिए कई लाभार्थियों को केवल केंद्र सरकार से मिलने वाली राशि की तुलना में कुल मिलाकर अधिक सहायता मिलती है।
योजना के प्रत्येक घटक के तहत मिलने वाली सहायता राशि
प्रधानमंत्री सामाजिक सहायता योजना के तहत मिलने वाली आर्थिक सहायता की राशि अलग-अलग उप-योजनाओं के अनुसार तय की गई है। इसका विवरण नीचे दिया गया है।
| योजना का घटक | आर्थिक सहायता |
|---|---|
| प्रधानमंत्री वृद्धावस्था पेंशन योजना (वृद्धावस्था पेंशन) |
|
| प्रधानमंत्री विधवा पेंशन योजना (विधवा पेंशन) |
|
| प्रधानमंत्री दिव्यांगजन पेंशन योजना (दिव्यांग पेंशन) |
|
| प्रधानमंत्री परिवार लाभ योजना (परिवार को आर्थिक सहायता) | परिवार के मुख्य कमाने वाले सदस्य की मृत्यु होने पर पात्र शोकाकुल परिवार को एकमुश्त ₹20,000 की आर्थिक सहायता। |
| अन्नपूर्णा योजना | पात्र लाभार्थियों को हर महीने 10 किलो गेहूं या चावल मुफ्त दिया जाता है। |
ध्यान दें: प्रधानमंत्री दिव्यांगजन पेंशन योजना के तहत संशोधित सहायता राशि को केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 14 अक्टूबर 2026 को मंजूरी दी थी। इसे लागू करने के लिए ग्रामीण विकास मंत्रालय को विस्तृत दिशा-निर्देश जारी करने होंगे। ये दिशा-निर्देश मंजूरी मिलने के 3 महीने के भीतर जारी होने की उम्मीद है।
पात्रताएं
प्रधानमंत्री सामाजिक सहायता योजना के प्रत्येक घटक के लिए पात्रता की शर्तें अलग-अलग हैं। आवेदन करने से पहले लाभार्थियों को अपने लिए लागू पात्रता की शर्तों की जांच करनी चाहिए।
- आवेदक का परिवार संबंधित राज्य या केंद्र शासित प्रदेश द्वारा गरीबी रेखा से नीचे (बीपीएल) श्रेणी में शामिल होना चाहिए।
- प्रधानमंत्री वृद्धावस्था पेंशन योजना:
- आवेदक की आयु 60 वर्ष या उससे अधिक होनी चाहिए।
- आवेदक गरीबी रेखा से नीचे रहने वाले परिवार से होना चाहिए।
- प्रधानमंत्री विधवा पेंशन योजना:
- आवेदक विधवा होनी चाहिए और उसकी आयु 40 वर्ष या उससे अधिक होनी चाहिए।
- आवेदक गरीबी रेखा से नीचे रहने वाले परिवार से होनी चाहिए।
- प्रधानमंत्री दिव्यांगजन पेंशन योजना:
- आवेदक में कम से कम 40% की निर्धारित दिव्यांगता होनी चाहिए। पहले यह सीमा 80% थी।
- अब न्यूनतम आयु की कोई शर्त नहीं है और जन्म से ही पात्रता लागू होती है। पहले न्यूनतम आयु 18 वर्ष थी।
- पात्रता की इन संशोधित शर्तों को लागू करने के लिए मंत्रालय द्वारा औपचारिक दिशा-निर्देश जारी किए जाने बाकी हैं।
- प्रधानमंत्री परिवार लाभ योजना:
- परिवार के मुख्य कमाने वाले सदस्य की मृत्यु के समय उसकी आयु 18 वर्ष से अधिक और 60 वर्ष से कम होनी चाहिए।
- परिवार गरीबी रेखा से नीचे की श्रेणी में होना चाहिए।
- इस योजना के लिए घर के कामकाज में लगे व्यक्ति को भी परिवार का मुख्य कमाने वाला सदस्य माना जाता है।
- अन्नपूर्णा योजना:
- आवेदक बुजुर्ग होना चाहिए और वृद्धावस्था पेंशन पाने की अन्य शर्तों को पूरा करना चाहिए।
- आवेदक को वर्तमान में वृद्धावस्था पेंशन नहीं मिल रही होनी चाहिए।
- प्राथमिकता वाली श्रेणियां:
- कुष्ठ रोग, एचआईवी/एड्स, कैंसर या टीबी से प्रभावित व्यक्ति।
- बंधुआ मजदूर, ट्रांसजेंडर व्यक्ति और हाथ से मैला उठाने वाले श्रमिक।
- लाभार्थियों की पहचान की प्रक्रिया सक्रिय रूप से की जानी चाहिए। पात्रता साबित करने की पूरी जिम्मेदारी केवल लाभार्थी की नहीं है। ग्राम पंचायतों और नगरपालिकाओं से अपेक्षा की जाती है कि वे पात्र परिवारों तक स्वयं पहुंचें।
आवश्यक दस्तावेज
प्रधानमंत्री सामाजिक सहायता योजना के लिए आवेदन करते समय आवेदकों को नीचे दिए गए दस्तावेजों की जरूरत हो सकती है। जरूरी दस्तावेज इस बात पर निर्भर करते हैं कि आवेदक किस प्रकार की सहायता के लिए आवेदन कर रहा है।
- आधार कार्ड, मतदाता पहचान पत्र या राशन कार्ड।
- आयु के प्रमाण के लिए जन्म प्रमाण पत्र या स्कूल प्रमाण पत्र।
- गरीबी रेखा से नीचे रहने वाले परिवार का विवरण, जिसमें जरूरत के अनुसार परिवार पहचान संख्या और सदस्य पहचान संख्या शामिल हो।
- बैंक या डाकघर के खाते का विवरण।
- दिव्यांग पेंशन के लिए आवेदन करने वाले आवेदकों का दिव्यांगता प्रमाण पत्र।
- विधवा पेंशन के लिए आवेदन करने वाली महिलाओं के पति का मृत्यु प्रमाण पत्र या विधवा होने का प्रमाण पत्र।
- परिवार को आर्थिक सहायता के लिए आवेदन करने पर परिवार के मुख्य कमाने वाले मृत सदस्य का मृत्यु प्रमाण पत्र।
- आवेदन पत्र में मांगे जाने पर हाल की तस्वीर।
ध्यान दें: दस्तावेजों की जरूरत राज्य या केंद्र शासित प्रदेश के अनुसार अलग-अलग हो सकती है। आवेदन करने से पहले आवेदकों को संबंधित विभाग या अधिकारी से दस्तावेजों की अंतिम सूची की पुष्टि कर लेनी चाहिए।
आवेदन प्रक्रिया
आवेदक प्रधानमंत्री सामाजिक सहायता योजना के लिए ऑनलाइन, उमंग ऐप या पोर्टल के माध्यम से और ऑफलाइन, अपनी स्थानीय ग्राम पंचायत या नगरपालिका के जरिए आवेदन कर सकते हैं। आवेदन की प्रक्रिया और ऑनलाइन आवेदन की सुविधा प्रत्येक उप-योजना और राज्य के अनुसार अलग-अलग हो सकती है।
ऑनलाइन आवेदन करें (उमंग ऐप/पोर्टल के माध्यम से)
- अपने मोबाइल फोन में उमंग ऐप डाउनलोड करें या अपने ब्राउज़र में उमंग पोर्टल खोलें।
- अपने मोबाइल नंबर और ओटीपी का उपयोग करके पंजीकरण करें या लॉग इन करें।
- खोजने वाले बॉक्स में "एनएसएपी" या संबंधित पेंशन योजना का नाम लिखें, जैसे वृद्धावस्था पेंशन, विधवा पेंशन या दिव्यांग पेंशन।
- खोज के परिणामों में अपने राज्य या केंद्र शासित प्रदेश के लिए उपलब्ध संबंधित सेवा चुनें।
- आवेदन पत्र खोलने के लिए "ऑनलाइन आवेदन करें" पर क्लिक करें।
- अपना व्यक्तिगत विवरण, गरीबी रेखा से नीचे रहने वाले परिवार की जानकारी, आधार संख्या और बैंक या डाकघर के खाते का विवरण भरें।
- जिस उप-योजना के लिए आवेदन कर रहे हैं, उसके अनुसार जरूरी दस्तावेज अपलोड करें।
- आवेदन पत्र जमा करें और आवेदन की स्थिति जानने के लिए आवेदन संख्या या संदर्भ संख्या लिखकर रख लें।
ऑफलाइन आवेदन करें
- अपने क्षेत्र के ग्राम पंचायत कार्यालय (ग्रामीण क्षेत्रों में) या नगरपालिका/वार्ड कार्यालय (शहरी क्षेत्रों में) जाएं।
- संबंधित उप-योजना, जैसे वृद्धावस्था पेंशन, विधवा पेंशन, दिव्यांग पेंशन या परिवार लाभ योजना का आवेदन पत्र प्राप्त करें। यदि आपके राज्य की वेबसाइट पर स्थानीय भाषा में आवेदन पत्र उपलब्ध है, तो उसे डाउनलोड भी कर सकते हैं।
- अपना व्यक्तिगत विवरण, गरीबी रेखा से नीचे रहने वाले परिवार की जानकारी, आधार संख्या और बैंक या डाकघर के खाते का विवरण भरें।
- जिस उप-योजना के लिए आवेदन कर रहे हैं, उसके अनुसार जरूरी दस्तावेज आवेदन पत्र के साथ लगाएं।
- भरा हुआ आवेदन पत्र ग्राम पंचायत या नगरपालिका कार्यालय में निर्धारित आवेदन प्राप्त करने वाले अधिकारी के पास जमा करें।
- निर्धारित सत्यापन अधिकारी आपके आवेदन और पात्रता की जांच करता है। आमतौर पर यह जांच आवेदन जमा करने के 2 सप्ताह के भीतर की जाती है।
- सत्यापन अधिकारी की सिफारिश के साथ आपके आवेदन पर ग्राम सभा या वार्ड सभा में चर्चा की जाती है।
- आपका आवेदन मंजूर होने पर निर्धारित स्वीकृति अधिकारी स्वीकृति आदेश जारी करता है। यह प्रक्रिया आवेदन जमा करने के 60 दिनों के भीतर पूरी की जानी चाहिए।
- स्वीकृति मिलने पर आपको पेंशन योजनाओं के लिए पेंशन पासबुक दी जाती है, जिसमें स्वीकृति का विवरण और भुगतान का रिकॉर्ड दर्ज होता है।
- आपकी पेंशन या सहायता राशि हर महीने बैंक या डाकघर के खाते में भेजी जाती है। पेंशन योजनाओं में राशि हर महीने मिलती है, जबकि परिवार लाभ योजना के तहत एकमुश्त भुगतान किया जाता है।
ऑनलाइन और ऑफलाइन, दोनों तरह के आवेदनों का सत्यापन और आगे की प्रक्रिया अंततः एनएसएपी-एमआईएस प्रणाली के माध्यम से पूरी की जाती है। यदि आपका आवेदन अस्वीकार हो जाता है, तो आप राज्य सरकार द्वारा निर्धारित अपीलीय अधिकारी के पास पहली अपील कर सकते हैं। इसके बाद समीक्षा अधिकारी के पास दूसरी अपील यानी पुनर्विचार के लिए आवेदन कर सकते हैं।
महत्वपूर्ण लिंक
- राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम (एनएसएपी) का आधिकारिक पोर्टल
- उमंग पोर्टल
- एनएसएपी के दिशा-निर्देश
- योजना का नाम बदलने से संबंधित मंत्रिमंडल की प्रेस विज्ञप्ति
- एनएसएपी आवेदन की स्थिति जांचें
- एनएसएपी पेंशन भुगतान की स्थिति जांचें
- उमंग मोबाइल ऐप डाउनलोड करें (एंड्रॉइड)
- उमंग मोबाइल ऐप डाउनलोड करें (आईओएस)
- एनएसएपी से संबंधित शिकायत दर्ज करें
संपर्क जानकारी
- राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम (एनएसएपी) की संपर्क जानकारी
- राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम का ईमेल: [email protected]
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
प्रधानमंत्री सामाजिक सहायता योजना, राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम (एनएसएपी) का नया नाम है। इसके तहत पात्र बुजुर्गों, विधवाओं, दिव्यांगजनों और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को पेंशन, परिवार के लिए आर्थिक सहायता और अनाज के रूप में मदद दी जाती है।
इस योजना में 5 घटक हैं, जिनमें से 4 के नाम सरकार ने बदले हैं। इनके नाम प्रधानमंत्री वृद्धावस्था पेंशन योजना, प्रधानमंत्री विधवा पेंशन योजना, प्रधानमंत्री दिव्यांगजन पेंशन योजना और प्रधानमंत्री परिवार लाभ योजना हैं। पांचवां घटक अन्नपूर्णा योजना है।
योजना के तहत पात्र बुजुर्ग, विधवाएं, दिव्यांगजन और परिवार के मुख्य कमाने वाले सदस्य को खोने वाले आर्थिक रूप से कमजोर परिवार सहायता प्राप्त कर सकते हैं। इसके लिए संबंधित घटक की पात्रता शर्तों को पूरा करना जरूरी है।
योजना के पुराने दिशा-निर्देशों के अनुसार, 60–79 वर्ष की आयु के पात्र लाभार्थियों को हर महीने ₹200 और 80 वर्ष या उससे अधिक आयु के लाभार्थियों को हर महीने ₹500 मिलते हैं। किसी भी बदलाव की जानकारी के लिए आवेदकों को नवीनतम आधिकारिक दिशा-निर्देश देखने चाहिए।
योजना के पुराने दिशा-निर्देशों के अनुसार, पात्र विधवाओं को 79 वर्ष की आयु तक हर महीने ₹300 और 80 वर्ष की आयु से हर महीने ₹500 मिलते हैं। आवेदकों को नवीनतम आधिकारिक नियमों के अनुसार लागू सहायता राशि की पुष्टि करनी चाहिए।
केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 14 अक्टूबर 2026 को 0–79 वर्ष की आयु के पात्र लाभार्थियों के लिए हर महीने ₹375 और 80 वर्ष या उससे अधिक आयु के लाभार्थियों के लिए हर महीने ₹625 की संशोधित पेंशन राशि को मंजूरी दी। इसे लागू करने के लिए ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए जाने जरूरी हैं।
योजना के पुराने प्रावधानों के अनुसार, परिवार के मुख्य कमाने वाले सदस्य की मृत्यु होने पर पात्र परिवार को एकमुश्त ₹20,000 की आर्थिक सहायता मिल सकती है। इसके लिए लागू पात्रता शर्तों को पूरा करना जरूरी है।
अन्नपूर्णा योजना के तहत वृद्धावस्था पेंशन का लाभ नहीं लेने वाले पात्र बुजुर्गों को लागू नियमों के अनुसार हर महीने 10 किलो अनाज मुफ्त दिया जाता है।
यह एक नई योजना नहीं, बल्कि पुराने राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम (एनएसएपी) का नया नाम है। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 14 अक्टूबर 2026 को इसका नाम बदलकर प्रधानमंत्री सामाजिक सहायता योजना कर दिया। इसके तहत पहले की तरह ही योजना के घटक, वित्तीय सहायता का तरीका और उप-योजनाएं जारी हैं।
मंत्रालय ने अभी तक इस बारे में कोई स्पष्ट जानकारी जारी नहीं की है। आमतौर पर, जिन लाभार्थियों की पेंशन पहले से मंजूर है, उन्हें दोबारा आवेदन किए बिना पेंशन मिलती रहती है। हालांकि, इसकी आधिकारिक पुष्टि विस्तृत दिशा-निर्देश जारी होने के बाद ही होगी। ये दिशा-निर्देश जनवरी 2027 के मध्य तक जारी होने की उम्मीद है।
अभी तक इस योजना के लिए किसी नए विशेष पोर्टल की घोषणा नहीं की गई है। योजना का संचालन पहले की तरह मौजूदा एनएसएपी पोर्टल (nsap.nic.in) और एनएसएपी-एमआईएस प्रणाली के माध्यम से किया जा रहा है।
इस योजना के तहत सभी 36 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में लगभग 3.20 करोड़ लाभार्थियों को सहायता दी जाती है।
अगर योजनाओं के बारे में आपका कोई सवाल है, तो उसे योजना के फोरम में सबमिट करें और जवाब पाएँ:
बेझिझक लिंक पर क्लिक करें और चर्चा में शामिल हों!
यह फोरम निम्न कामों के लिए एक बेहतरीन जगह है:
- सवाल पूछें: अगर आपके मन में योजना से जुड़ा कोई सवाल है या आप इस विषय के किसी पहलू के बारे में और जानकारी चाहते हैं।
- योजना से जुडी अपनी बातें साझा करें: अपनी जानकारी और अनुभव शेयर करें।
- दूसरों से जुड़ें: कम्युनिटी से जुड़ें और दूसरों से सीखें।
हम आपको इस फ़ोरम में सक्रिय रूप से भाग लेने और इस बेहतरीन रिसोर्स का पूरा फ़ायदा उठाने के लिए प्रोत्साहित करते है।
| लाभार्थी व्यक्ति का प्रकार | योजना का प्रकार | सरकार |
|---|---|---|
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