एनपीएस स्वास्थ्य पेंशन योजना

द्वारा प्रस्तुत Pradeep on Thu, 15/10/2026 - 17:25
Narendra Modi PM of India
Scheme Open
NPS Swasthya Pension Yojna image
हाइलाइट
  • राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (NPS) के तहत OPD और IPD चिकित्सा खर्चों में सहायता।
  • अनिवार्य सुपर टॉप-अप स्वास्थ्य बीमा — स्वयं, जीवनसाथी और दो बच्चों तक के लिए।
  • न्यूनतम प्रारंभिक अंशदान में पहले वर्ष का प्रीमियम, ₹200 रखरखाव शुल्क और ₹1,000 निवेश शामिल।
  • अंशदान का 25% तक आंशिक निकासी, राशि सीधे अस्पताल को दी जाती है।
  • 1 अक्टूबर 2026 को शुरू; npscentral.in पर ऑनलाइन पंजीकरण खुला है।
ग्राहक देखभाल फ़ोन नंबर
  • एनपीएस स्वास्थ्य पेंशन योजना हेल्पलाइन नंबर:
    • प्रोटियन (एनएसडीएल) सीआरए: 18002100080
    • केफिन टेक्नोलॉजीज सीआरए: 18002081516
    • कैम्स सीआरए: 18005726557
  • एनपीएस टोल फ्री नंबर: 1800110708
  • 56677 पर एसएमएस भेजें: NPS
योजना का अवलोकन
योजना का नामएनपीएस स्वास्थ्य पेंशन योजना
शुरू होने का वर्ष1 अक्टूबर 2026
लाभ
  • बाह्य रोगी (ओपीडी) और अस्पताल में भर्ती होकर इलाज कराने (आईपीडी) के खर्चों के लिए आर्थिक सहायता।
  • अनिवार्य सुपर टॉप-अप स्वास्थ्य बीमा।
  • पात्र चिकित्सा खर्चों के लिए आंशिक निकासी की सुविधा।
  • सदस्य, उसके पति या पत्नी और अधिकतम 2 आश्रित बच्चों के लिए स्वास्थ्य बीमा कवरेज।
  • राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (एनपीएस) के तहत सेवानिवृत्ति के लिए बचत।
लाभार्थीसभी भारतीय नागरिक
नोडल विभागपेंशन निधि विनियामक और विकास प्राधिकरण (पीएफआरडीए)
सब्सक्रिप्शनयोजना की निरंतर जानकारी के लिए यहाँ सब्सक्राइब करे।
आवेदन का तरीकाऑनलाइन

योजना के बारे में

एनपीएस स्वास्थ्य पेंशन योजना राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (एनपीएस) के तहत पेंशन निधि विनियामक और विकास प्राधिकरण (पीएफआरडीए) द्वारा संचालित स्वास्थ्य सेवा से जुड़ी एक पेंशन योजना है। पीएफआरडीए ने 18 सितंबर 2026 को एनपीएस स्वास्थ्य के लिए संचालन संबंधी दिशा-निर्देश जारी किए थे। इन दिशा-निर्देशों में योजना की पात्रता, निवेश खाते की व्यवस्था, अनिवार्य स्वास्थ्य बीमा, अंशदान की शर्तों और स्वास्थ्य संबंधी खर्चों के लिए पैसे निकालने के नियम तय किए गए हैं। यह योजना सेवानिवृत्ति के लिए बचत को एक अलग सुपर टॉप-अप स्वास्थ्य बीमा पॉलिसी के साथ जोड़ती है, ताकि पात्र सदस्य लंबे समय के लिए निवेश राशि तैयार करने के साथ-साथ अपने इलाज का खर्च भी पूरा कर सकें।

राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली में शामिल होने के लिए पात्र कोई भी व्यक्ति लागू दिशा-निर्देशों और बीमा संबंधी शर्तों को पूरा करके एनपीएस स्वास्थ्य पेंशन योजना में शामिल हो सकता है। इसके लिए पहले से एनपीएस खाता होना जरूरी नहीं है। शुरुआती अंशदान में पहले वर्ष का स्वास्थ्य बीमा प्रीमियम, लागू कर सहित, ₹200 का वार्षिक रखरखाव शुल्क और उस पर लागू कर तथा निवेश के लिए कम से कम ₹1,000 शामिल हैं। इसके बाद न्यूनतम अंशदान ₹10 है। निवेश पर मिलने वाला लाभ बाजार के प्रदर्शन पर निर्भर करता है और इसकी गारंटी नहीं है।

एनपीएस स्वास्थ्य में अनिवार्य सुपर टॉप-अप स्वास्थ्य बीमा पॉलिसी शामिल है। इसकी व्यवस्था संबंधित पेंशन निधि द्वारा भारतीय बीमा विनियामक और विकास प्राधिकरण (आईआरडीएआई) में पंजीकृत बीमा कंपनी के माध्यम से की जाती है। इस योजना के तहत स्वास्थ्य बीमा में सदस्य, उसके पति या पत्नी और अधिकतम 2 आश्रित बच्चे एक ही पारिवारिक बीमा योजना के अंतर्गत शामिल होते हैं। सदस्य के माता-पिता इस बीमा में शामिल नहीं हैं। इसमें प्रवेश की आयु 18 से 70 वर्ष है और पॉलिसी को 85 वर्ष की आयु तक नवीनीकृत कराया जा सकता है। सदस्य 4 विकल्पों में से कोई एक चुन सकते हैं। इनमें ₹1 लाख के बीमा कवर के साथ ₹10,000 की कटौती योग्य राशि से लेकर ₹30 लाख के बीमा कवर के साथ ₹3 लाख की कटौती योग्य राशि तक के विकल्प शामिल हैं। इसमें सह-भुगतान की शर्त नहीं है और न ही किसी बीमारी के लिए अलग से खर्च की सीमा तय की गई है। पंजीकरण के 1 कार्यदिवस के भीतर बीमा कवर शुरू हो जाता है। चूंकि यह सुपर टॉप-अप पॉलिसी है, इसलिए यह तभी भुगतान करती है, जब इलाज का खर्च कटौती योग्य राशि से अधिक हो जाता है। इस कारण आयुष्मान भारत पीएम-जेएवाई जैसी मूल स्वास्थ्य बीमा योजना या व्यक्तिगत स्वास्थ्य बीमा पॉलिसी होना भी महत्वपूर्ण है।

एनपीएस स्वास्थ्य पेंशन योजना के तहत पात्र स्वास्थ्य संबंधी खर्चों के लिए सदस्य अपने स्वास्थ्य खाते में जमा अंशदान का अधिकतम 25% हिस्सा आंशिक रूप से निकाल सकते हैं। लागू शर्तों के अनुसार, सदस्य न्यूनतम प्रतीक्षा अवधि के बिना कई बार पैसे निकाल सकते हैं। निकाली जाने वाली पात्र राशि सीधे सदस्य को देने के बजाय संबंधित अस्पताल, स्वास्थ्य सेवा प्रदाता या अन्य पात्र संस्था को दी जाती है। इस योजना में कुछ विशेष परिस्थितियों में समय से पहले खाता बंद करने का भी प्रावधान है। यह सुविधा उन पात्र सदस्यों को मिल सकती है, जिन्हें अस्पताल में भर्ती होकर इलाज कराने की जरूरत हो और जिनका खर्च अनुमत आंशिक निकासी की राशि से अधिक हो।

आवेदन करने से पहले लोगों को पीएफआरडीए की आधिकारिक वेबसाइट और संबंधित पेंशन निधि के मौजूदा पंजीकरण निर्देशों की जांच करनी चाहिए। पंजीकरण की निर्धारित प्रक्रिया, उपलब्ध सेवा प्रदाताओं के विकल्प, बीमा प्रीमियम और पॉलिसी की शर्तों की पुष्टि आधिकारिक माध्यमों से करने के बाद ही पंजीकरण पूरा करना चाहिए। पीएफआरडीए एनपीएस के तहत अन्य विशेष योजनाएं भी चलाता है, जिनमें लंबे समय के लिए सेवानिवृत्ति बचत करने हेतु एनपीएस संचय और नाबालिग बच्चों के लिए निवेश राशि तैयार करने हेतु माता-पिता के लिए एनपीएस वात्सल्य शामिल हैं।

योजना के लाभ

एनपीएस स्वास्थ्य योजना सेवानिवृत्ति के लिए बचत को स्वास्थ्य संबंधी आर्थिक सहायता और स्वास्थ्य बीमा के साथ जोड़ती है। अंतिम संचालन संबंधी दिशा-निर्देशों में निम्नलिखित लाभ और सुविधाएं दी गई हैं।

  • पात्र बाह्य रोगी (ओपीडी) और अस्पताल में भर्ती होकर इलाज कराने (आईपीडी) के खर्चों के लिए आर्थिक सहायता प्रदान करती है।
  • इसमें एक अनिवार्य सुपर टॉप-अप समूह स्वास्थ्य बीमा पॉलिसी शामिल है, जो सदस्य, उसके पति या पत्नी और अधिकतम 2 आश्रित बच्चों को कवर करती है।
  • पात्र चिकित्सा खर्चों के लिए सदस्य के अपने अंशदान का अधिकतम 25% हिस्सा आंशिक रूप से निकालने की सुविधा देती है।
  • यदि बीमा कंपनी किसी खर्च का भुगतान नहीं करती है, तब भी उस खर्च को पूरा करने के लिए खाते में जमा राशि का उपयोग किया जा सकता है।
  • अस्पताल में भर्ती होकर बड़े इलाज पर होने वाले खर्च के लिए खाते में जमा पूरी राशि का उपयोग करके समय से पहले खाता बंद करने की सुविधा देती है।
  • सदस्य एनपीएस स्वास्थ्य खाते में जमा राशि से हर साल बीमा पॉलिसी के नवीनीकरण का प्रीमियम भर सकते हैं।
  • स्वास्थ्य बीमा के साथ सेवानिवृत्ति के लिए भी राशि तैयार करती है। इसमें निवेश केंद्र सरकार की योजना के निर्धारित तरीके के अनुसार किया जाता है।
  • एनपीएस स्वास्थ्य खाते को सदस्य के किसी अन्य एनपीएस खाते से अलग रखा जाता है।

एनपीएस स्वास्थ्य के तहत स्वास्थ्य बीमा कवरेज

इस योजना की सुविधा देने वाली प्रत्येक पेंशन निधि, भारतीय बीमा विनियामक और विकास प्राधिकरण (आईआरडीएआई) में पंजीकृत बीमा कंपनी के माध्यम से एक मानक सुपर टॉप-अप पॉलिसी की व्यवस्था करती है। पॉलिसी की शर्तें पीएफआरडीए द्वारा तय की जाती हैं और सभी बीमा कंपनियों के लिए समान होती हैं।

  • इसमें सदस्य, उसके पति या पत्नी और अधिकतम 2 आश्रित बच्चे एक ही पारिवारिक बीमा योजना के तहत शामिल होते हैं। माता-पिता को इसमें शामिल नहीं किया जाता है।
  • प्रवेश की आयु 18 से 70 वर्ष है और पॉलिसी को 85 वर्ष की आयु तक नवीनीकृत कराया जा सकता है।
  • सफल पंजीकरण और न्यूनतम शुरुआती अंशदान प्राप्त होने के बाद बीमा कवर अधिकतम 1 कार्यदिवस (टी+1) के भीतर शुरू हो जाता है।
  • हर पॉलिसी वर्ष में परिवार के सभी पात्र चिकित्सा खर्चों पर सालाना कुल कटौती योग्य राशि लागू होती है। यह राशि हर दावे पर अलग-अलग लागू नहीं होती है।
  • इसमें सह-भुगतान की कोई शर्त नहीं है और न ही किसी बीमारी के लिए अलग से खर्च की सीमा तय की गई है।
  • पॉलिसी की शर्तों के अनुसार, इसमें डे-केयर प्रक्रियाओं, अस्पताल में भर्ती होकर इलाज, घर पर अस्पताल जैसी चिकित्सा सुविधा, आयुष उपचार और अंगदाता से जुड़े खर्चों को कवर किया जाता है।
  • सदस्य को एक निजी कमरे की सुविधा मिलती है, जबकि गहन चिकित्सा इकाई (आईसीयू) का खर्च वास्तविक राशि के अनुसार कवर किया जाता है।
  • पॉलिसी के नवीनीकरण के समय दोबारा स्वास्थ्य संबंधी जांच की जरूरत नहीं होती, जब तक बीमा राशि में बढ़ोतरी नहीं की जाती।

मानक पॉलिसी में सालाना कुल कटौती योग्य राशि और पूरे परिवार के बीमा कवर की राशि के 4 विकल्प उपलब्ध हैं।

सालाना कुल कटौती योग्य राशिपूरे परिवार के लिए बीमा राशि
₹10,000₹1 लाख
₹50,000₹5 लाख
₹1 लाख₹10 लाख
₹3 लाख₹30 लाख

ध्यान दें: सुपर टॉप-अप पॉलिसी में कटौती योग्य राशि की सीमा पार होने के बाद ही बीमा कंपनी भुगतान करना शुरू करती है। इस कटौती योग्य राशि का भुगतान सदस्य अपनी जेब से, किसी दूसरी स्वास्थ्य बीमा पॉलिसी से, एनपीएस स्वास्थ्य खाते में जमा राशि से या इन सभी तरीकों को मिलाकर कर सकते हैं।

पात्रताएं

एनपीएस स्वास्थ्य में शामिल होने के लिए व्यक्ति का राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली में शामिल होने के योग्य होना जरूरी है। पंजीकरण के लिए अनिवार्य सुपर टॉप-अप स्वास्थ्य बीमा पॉलिसी लेना और लागू शुरुआती अंशदान का भुगतान करना भी आवश्यक है।

  • भारत का कोई भी नागरिक, जो एनपीएस में शामिल होने के योग्य है, एनपीएस स्वास्थ्य पेंशन योजना में भी शामिल हो सकता है।
  • यह योजना राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (एनपीएस) के तहत स्वेच्छा से उपलब्ध है।
  • पंजीकरण के लिए पहले से एनपीएस खाता होना जरूरी नहीं है।
  • जिन आवेदकों के पास पहले से एनपीएस खाता नहीं है, उनके लिए एनपीएस स्वास्थ्य खाते के साथ एक एनपीएस खाता भी खोला जाता है।
  • पंजीकरण के लिए सुपर टॉप-अप स्वास्थ्य बीमा पॉलिसी लेना अनिवार्य है।
  • बीमा में प्रवेश की आयु 18 से 70 वर्ष है और पॉलिसी को 85 वर्ष की आयु तक नवीनीकृत कराया जा सकता है।
  • पारिवारिक बीमा कवर में सदस्य, उसके पति या पत्नी और अधिकतम 2 आश्रित बच्चे शामिल होते हैं। माता-पिता को इसमें शामिल नहीं किया जा सकता।
  • सभी नागरिक मॉडल के तहत पहले से एनपीएस खाता रखने वाले सदस्य अपने एनपीएस स्वास्थ्य खाते में राशि स्थानांतरित कर सकते हैं। यह राशि बीमा पॉलिसी के तहत लागू कटौती योग्य राशि की जरूरत पूरी करने के लिए आवश्यक सीमा तक ही हो सकती है।

आवश्यक दस्तावेज

  • आधार कार्ड
  • पैन कार्ड
  • पहचान का प्रमाण
  • पते का प्रमाण
  • हाल ही में खिंचवाई गई पासपोर्ट आकार की फोटो
  • बैंक खाते का विवरण
  • मोबाइल नंबर
  • ईमेल आईडी
  • स्थायी सेवानिवृत्ति खाता संख्या (पीआरएएन), यदि पहले से एनपीएस में पंजीकृत हैं
  • अच्छे स्वास्थ्य की घोषणा, जिसमें सदस्य, उसके पति या पत्नी और आश्रित बच्चों की जानकारी शामिल हो
  • संबंधित पेंशन निधि या बीमा कंपनी द्वारा मांगे जाने पर अतिरिक्त दस्तावेज

ध्यान दें: पीएफआरडीए ने एनपीएस स्वास्थ्य पेंशन योजना के लिए अभी तक योजना से संबंधित दस्तावेजों की कोई अलग सूची अधिसूचित नहीं की है।

आवेदन प्रक्रिया

आवेदक एनपीएस स्वास्थ्य पेंशन योजना के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। पीएफआरडीए ने पंजीकरण के लिए npscentral.in को आधिकारिक मंच के रूप में निर्धारित किया है। एनपीएस स्वास्थ्य के लिए ऑनलाइन आवेदन करने की प्रक्रिया नीचे दी गई है।

  • एनपीएस स्वास्थ्य पेंशन योजना के लिए आवेदन करने हेतु आधिकारिक एनपीएस सेंट्रल पोर्टल npscentral.in पर जाएं।
  • योजना में शामिल होने के लिए आवेदकों को पहले साइन अप की प्रक्रिया पूरी करनी होगी। पहले से पंजीकृत आवेदक इसके बजाय साइन इन बटन पर क्लिक करके आगे बढ़ सकते हैं।
  • शुरुआत करने के लिए अपना मोबाइल नंबर और जन्म तिथि दर्ज करें।
  • अपने मोबाइल नंबर पर प्राप्त एक बार इस्तेमाल होने वाला सत्यापन कोड दर्ज करें।
  • सत्यापन पूरा होने के बाद एनपीएस स्वास्थ्य में शामिल होने की प्रक्रिया शुरू करें।
  • वर्तमान में एनपीएस स्वास्थ्य की सुविधा देने वाली किसी पेंशन निधि का चयन करें।
  • अपने ग्राहक को जानें (केवाईसी) की प्रक्रिया पूरी करें। इसके लिए पहले से एनपीएस खाता होना जरूरी नहीं है। यदि आपके पास स्थायी सेवानिवृत्ति खाता संख्या (पीआरएएन) नहीं है, तो एनपीएस स्वास्थ्य खाते के साथ यह संख्या भी जारी की जाएगी।
  • कटौती योग्य राशि और बीमा राशि के 4 मानक विकल्पों में से अपनी पसंद का बीमा विकल्प चुनें।
  • सभी जरूरी जानकारियों और शर्तों को ध्यान से पढ़ें। पंजीकरण से पहले पेंशन निधि को आपको बीमा राशि, कटौती योग्य राशि, बीमा में शामिल न होने वाली स्थितियों, प्रतीक्षा अवधि, प्रीमियम, नवीनीकरण की शर्तों, दावा करने की प्रक्रिया और सभी लागू शुल्कों की जानकारी देनी होगी।
  • अपने और बीमा में शामिल परिवार के सदस्यों के लिए अच्छे स्वास्थ्य की घोषणा जमा करें।
  • न्यूनतम शुरुआती अंशदान का भुगतान करें। इसमें पहले वर्ष का बीमा प्रीमियम और उस पर लागू कर, ₹200 का वार्षिक रखरखाव शुल्क और उस पर लागू कर तथा निवेश के लिए ₹1,000 शामिल हैं।
  • अपना पीआरएएन कार्ड, बीमा प्रमाणपत्र, ग्राहक सूचना पत्र और स्वास्थ्य लाभ प्रशासक, बीमा कंपनी तथा तृतीय पक्ष प्रशासक (टीपीए) का विवरण प्राप्त करें।

ध्यान दें: आपका पंजीकरण सफल होने और न्यूनतम शुरुआती अंशदान प्राप्त होने की तारीख से अधिकतम 1 कार्यदिवस (टी+1) के भीतर बीमा कवर शुरू हो जाता है।

बीमा पॉलिसी के तहत प्रतीक्षा अवधि

  • शुरुआत में 30 दिनों की प्रतीक्षा अवधि लागू होती है। दुर्घटनाओं के मामले में यह लागू नहीं होती।
  • पहले से मौजूद बीमारियों के लिए 12 महीने की प्रतीक्षा अवधि है।
  • निर्धारित बीमारियों या चिकित्सा प्रक्रियाओं के लिए 12 महीने की प्रतीक्षा अवधि है।
  • यदि स्वास्थ्य संबंधी घोषणा के आधार पर अतिरिक्त जांच की जरूरत नहीं पड़ती है, तो नियंत्रित टाइप 2 मधुमेह, उच्च रक्तचाप, खून में वसा का अधिक स्तर और अस्थमा जैसी बीमारियों को 12 महीने बाद बीमा कवर मिलता है।

आंशिक निकासी के नियम

  • निकासी की सीमा सदस्य द्वारा जमा किए गए कुल अंशदान का 25% है, न कि खाते में जमा राशि के मौजूदा बाजार मूल्य का 25%।
  • आंशिक निकासी की संख्या पर कोई सीमा नहीं है।
  • पहली या उसके बाद की किसी भी निकासी के लिए न्यूनतम प्रतीक्षा अवधि लागू नहीं होती।
  • निकाली जाने वाली राशि का भुगतान सीधे अस्पताल या स्वास्थ्य सेवा प्रदाता को किया जाता है। यह राशि सदस्य को कभी सीधे नहीं दी जाती।
  • आंशिक निकासी बाह्य रोगी और अस्पताल में भर्ती होकर इलाज कराने, दोनों तरह के खर्चों के लिए की जा सकती है। यह केवल अस्पताल में भर्ती होने तक सीमित नहीं है।
  • धोखाधड़ी या फर्जी जानकारी के आधार पर किए गए अनुरोध के लिए खाते में जमा राशि से भुगतान नहीं किया जाता।

समय से पहले खाता बंद करना और खाता समाप्त करना

  • यदि अस्पताल में भर्ती होकर कराए गए किसी एक पात्र इलाज का खर्च अनुमत आंशिक निकासी की राशि से अधिक हो जाता है, तो समय से पहले खाता बंद करने की सुविधा उपलब्ध है।
  • सबसे पहले खाते में जमा राशि का उपयोग उस इलाज के खर्च के लिए किया जाता है। इसके बाद बची हुई राशि को सभी नागरिक मॉडल के तहत एनपीएस योजना में स्थानांतरित कर दिया जाता है।
  • पहले से चालू बीमा पॉलिसी अपनी शेष अवधि तक जारी रहती है।
  • खाता सामान्य रूप से बंद होने, सदस्य की मृत्यु होने या बीमा नवीनीकरण के लिए पर्याप्त राशि उपलब्ध न होने पर भी खाता बंद कर दिया जाता है।
  • एनपीएस स्वास्थ्य खाता बंद होने से सदस्य के किसी अन्य एनपीएस खाते पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता।

महत्वपूर्ण लिंक

संपर्क जानकारी

  • एनपीएस स्वास्थ्य पेंशन योजना हेल्पलाइन नंबर:
    • प्रोटियन (एनएसडीएल) सीआरए: 18002100080
    • केफिन टेक्नोलॉजीज सीआरए: 18002081516
    • कैम्स सीआरए: 18005726557
  • एनपीएस टोल फ्री नंबर: 1800110708
  • 56677 पर एसएमएस भेजें: NPS

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

एनपीएस स्वास्थ्य पेंशन योजना, राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (एनपीएस) के अंतर्गत पीएफआरडीए द्वारा शुरू की गई एक स्वैच्छिक पेंशन योजना है। इसका उद्देश्य पात्र ओपीडी और अस्पताल में भर्ती (आईपीडी) के चिकित्सा खर्चों के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करते हुए सेवानिवृत्ति के लिए बचत करने में मदद करना है।

भारत का कोई भी नागरिक स्वैच्छिक आधार पर एनपीएस स्वास्थ्य पेंशन योजना में शामिल हो सकता है। यदि आवेदक के पास पहले से एनपीएस कॉमन स्कीम खाता नहीं है, तो उसे एनपीएस स्वास्थ्य पेंशन योजना खाते के साथ इसे भी खोलना होगा।

न्यूनतम शुरुआती अंशदान में लागू कर सहित पहले वर्ष का स्वास्थ्य बीमा प्रीमियम, ₹200 का वार्षिक रखरखाव शुल्क और उस पर लागू कर तथा निवेश के लिए ₹1,000 शामिल हैं। इसके बाद ₹10 से अंशदान किया जा सकता है।

हाँ। सदस्य पात्र चिकित्सा खर्चों के लिए एनपीएस स्वास्थ्य खाते में अपने द्वारा जमा किए गए अंशदान का अधिकतम 25% हिस्सा निकाल सकते हैं। योजना की शर्तों के अनुसार, कई बार निकासी की अनुमति है। स्वीकृत राशि सीधे संबंधित अस्पताल या स्वास्थ्य सेवा प्रदाता को दी जाती है।

हाँ। एनपीएस स्वास्थ्य पेंशन योजना में एक अनिवार्य सुपर टॉप-अप स्वास्थ्य बीमा पॉलिसी शामिल है। पॉलिसी की शर्तों के अनुसार, इसमें सदस्य, उसके पति या पत्नी और अधिकतम 2 आश्रित बच्चों को स्वास्थ्य बीमा का लाभ मिलता है।

हाँ। 40 वर्ष से अधिक आयु के पात्र सब्सक्राइबर (सरकारी क्षेत्र और सरकारी स्वामित्व वाली कंपनियों के कर्मचारियों को छोड़कर) अपने कॉमन स्कीम खाते से पात्र अंशदान का अधिकतम 30% एनपीएस स्वास्थ्य पेंशन योजना खाते में स्थानांतरित कर सकते हैं।

हाँ, इच्छुक लाभार्थी अब इस योजना के लिए पंजीकरण कर सकते हैं।

हाँ। यदि अस्पताल में भर्ती होकर कराए गए किसी एक इलाज का खर्च आपकी आंशिक निकासी की सीमा से अधिक है, तो आप समय से पहले खाता बंद करने का विकल्प चुनकर खाते में जमा पूरी राशि का उपयोग उस इलाज के लिए कर सकते हैं। इसके बाद बची हुई राशि को सभी नागरिक मॉडल के तहत एनपीएस योजना में स्थानांतरित कर दिया जाता है और एनपीएस स्वास्थ्य खाता बंद हो जाता है।

नहीं। पीएफआरडीए ने पुष्टि की है कि इसके लिए पहले से एनपीएस खाता होना जरूरी नहीं है। यदि आपके पास पहले से स्थायी सेवानिवृत्ति खाता संख्या (पीआरएएन) नहीं है, तो एनपीएस स्वास्थ्य में पंजीकरण करते समय आपके लिए यह संख्या जारी की जाएगी।

नहीं। इस योजना के मानक पारिवारिक बीमा कवर में केवल सदस्य, उसके पति या पत्नी और अधिकतम 2 आश्रित बच्चे शामिल होते हैं। माता-पिता को इस पॉलिसी से बाहर रखा गया है।

नहीं। आंशिक निकासी की राशि सदस्य को सीधे नहीं दी जाती है। स्वीकृत राशि का भुगतान चिकित्सा खर्चों के लिए सीधे अस्पताल, स्वास्थ्य सेवा प्रदाता या अन्य पात्र संस्था को किया जाता है।

यह सीमा आपके अंशदान पर तय होती है। आप एनपीएस स्वास्थ्य खाते में वास्तव में जमा किए गए कुल अंशदान का अधिकतम 25% हिस्सा निकाल सकते हैं, न कि खाते के मौजूदा बाजार मूल्य का 25%। इसलिए निवेश के बाजार मूल्य में बढ़ोतरी होने से निकासी की सीमा नहीं बढ़ती है।

आंशिक निकासी की संख्या पर कोई सीमा नहीं है। पहली या उसके बाद की किसी भी निकासी से पहले न्यूनतम प्रतीक्षा अवधि भी लागू नहीं होती है। हालांकि, सभी निकासियां आपके कुल अंशदान के 25% की निर्धारित सीमा के भीतर ही होनी चाहिए।

नहीं। बीमा में पंजीकरण के लिए अच्छे स्वास्थ्य की घोषणा देनी होती है, जिसमें 15 निर्धारित स्वास्थ्य स्थितियों से जुड़े सवाल शामिल होते हैं। आपको अपने और बीमा में शामिल परिवार के सदस्यों के लिए इनका जवाब देना होता है। यदि इस घोषणा के आधार पर बीमा कंपनी को अतिरिक्त जोखिम जांच की जरूरत लगती है, तो वह चिकित्सा रिपोर्ट मांगने के बजाय दी गई जानकारी के आधार पर प्रीमियम बढ़ा सकती है।

नहीं। सभी नागरिक मॉडल के तहत पहले से मौजूद एनपीएस खाते से राशि स्थानांतरित करने की अनुमति है, लेकिन यह राशि आपकी बीमा पॉलिसी के तहत लागू कटौती योग्य राशि की जरूरत पूरी करने के लिए आवश्यक सीमा तक ही हो सकती है। यह स्थानांतरण वैकल्पिक है, अनिवार्य नहीं।

नियामक सैंडबॉक्स के तहत शुरू की गई एनपीएस स्वास्थ्य योजनाएं बंद कर दी गई हैं। प्रायोगिक योजना से जुड़े मौजूदा सदस्यों को 2026 के दिशा-निर्देशों के तहत उपलब्ध योजना में जाने या अपनी जमा राशि को सभी नागरिक मॉडल के तहत एनपीएस योजना में मिलाने का विकल्प दिया जाता है। इस प्रक्रिया के दौरान उनके रिकॉर्ड, लाभ और बीमा कवर जारी रहते हैं।

नहीं। ₹25,000 की राशि नियामक सैंडबॉक्स ढांचे के तहत चलाई गई योजना के शुरुआती प्रायोगिक संस्करण में लागू थी। 18 सितंबर 2026 को जारी संचालन संबंधी दिशा-निर्देशों के अनुसार, न्यूनतम शुरुआती अंशदान में पहले वर्ष का बीमा प्रीमियम और उस पर लागू कर, ₹200 का वार्षिक रखरखाव शुल्क और उस पर लागू कर तथा एनपीएस स्वास्थ्य खाते में निवेश के लिए ₹1,000 शामिल हैं। इसके बाद प्रत्येक अंशदान कम से कम ₹10 का हो सकता है।

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  • सवाल पूछें: अगर आपके मन में योजना से जुड़ा कोई सवाल है या आप इस विषय के किसी पहलू के बारे में और जानकारी चाहते हैं।
  • योजना से जुडी अपनी बातें साझा करें: अपनी जानकारी और अनुभव शेयर करें।
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