- गरीब परिवारों के दिव्यांगजनों को हर महीने केंद्रीय पेंशन देती है।
- 79 वर्ष तक की आयु के लाभार्थियों को ₹375 और 80 वर्ष या उससे अधिक आयु वालों को ₹625 प्रति माह मिलते हैं।
- 40 प्रतिशत बेंचमार्क दिव्यांगता वाले व्यक्ति पात्र हैं, और न्यूनतम आयु की कोई शर्त नहीं है।
- पेंशन सीधे लाभार्थी के बैंक या डाकघर खाते में जमा होती है।
- राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम (एनएसएपी) के संपर्क विवरण
- राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम का ईमेल: [email protected]
योजना का अवलोकन | |
|---|---|
| योजना का नाम | प्रधानमंत्री दिव्यांगजन पेंशन योजना |
| शुरू होने का वर्ष | 2009 (2026 में नाम बदला गया) |
| लाभ |
|
| लाभार्थी | पात्र दिव्यांगजन |
| नोडल विभाग | ग्रामीण विकास मंत्रालय, भारत सरकार |
| सब्सक्रिप्शन | योजना की निरंतर जानकारी के लिए यहाँ सब्सक्राइब करें। |
| आवेदन का तरीका |
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योजना के बारे में
प्रधानमंत्री दिव्यांगजन पेंशन योजना केंद्र सरकार की एक पेंशन योजना है, जिसके तहत आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के पात्र दिव्यांगजनों को हर महीने आर्थिक सहायता दी जाती है। इस योजना का नाम बदलकर इंदिरा गांधी राष्ट्रीय दिव्यांगता पेंशन योजना (आईजीएनडीपीएस) के स्थान पर प्रधानमंत्री दिव्यांगजन पेंशन योजना रखा गया है। यह योजना पहले राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम (एनएसएपी) के तहत चलती थी। 14 अक्टूबर 2026 को केंद्रीय मंत्रिमंडल ने राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम का नाम बदलकर प्रधानमंत्री सामाजिक सहायता योजना करने और इसे 2026-27 से 2030-31 तक 5 वर्षों के लिए जारी रखने की मंजूरी दी। इसके लिए कुल ₹53,428 करोड़ का बजट तय किया गया है।
प्रधानमंत्री दिव्यांगजन पेंशन योजना के तहत 0–79 वर्ष की आयु के पात्र लाभार्थियों को हर महीने ₹375 और 80 वर्ष या उससे अधिक आयु के लाभार्थियों को हर महीने ₹625 की केंद्रीय आर्थिक सहायता मिलेगी। 40% या उससे अधिक दिव्यांगता वाले व्यक्ति तय पात्रता शर्तों को पूरा करने पर पेंशन का लाभ ले सकते हैं। संशोधित नियमों के तहत पात्र दिव्यांगजनों को जन्म से ही आर्थिक सहायता मिल सकती है, क्योंकि अब न्यूनतम आयु की कोई सीमा नहीं है। इन बदलावों का उद्देश्य अधिक दिव्यांगजनों को पेंशन के दायरे में लाना और उन्हें रोजमर्रा के जरूरी खर्च पूरे करने में मदद देना है।
ग्रामीण विकास मंत्रालय राष्ट्रीय सामाजिक सहायता व्यवस्था के तहत इस योजना को चलाता है। वहीं, राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों के प्रशासन लाभार्थियों की पहचान करने, आवेदनों की जांच करने और पेंशन का भुगतान करने की जिम्मेदारी संभालते हैं। पात्र लाभार्थियों को अपने राज्य के लागू नियमों के अनुसार राज्य सरकार से अतिरिक्त पेंशन सहायता भी मिल सकती है।
सरकार को उम्मीद है कि जारी रखी गई प्रधानमंत्री सामाजिक सहायता योजना से सभी 36 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में लगभग 3.20 करोड़ लोगों को लाभ मिलेगा। दिव्यांगता पेंशन की संशोधित पात्रता शर्तों, लाभार्थियों के दायरे और सहायता राशि से जुड़े विस्तृत दिशा-निर्देश मंत्रिमंडल की घोषणा के 3 महीने के भीतर जारी करके लागू किए जाने हैं। आवेदकों को पात्रता की नई शर्तों और आवेदन प्रक्रिया की जानकारी के लिए अपने स्थानीय कार्यान्वयन कार्यालय या राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम के आधिकारिक पोर्टल पर जानकारी देखनी चाहिए। रोजगार से जुड़े कौशल सीखने के इच्छुक दिव्यांगजन दिव्यांगजन कौशल योजना के बारे में भी जानकारी ले सकते हैं।

योजना के लाभ
प्रधानमंत्री दिव्यांगजन पेंशन योजना के तहत पात्र दिव्यांगजनों को हर महीने आर्थिक सहायता दी जाती है। सरकार ने पेंशन की राशि और पात्रता से जुड़े निम्नलिखित बदलावों को मंजूरी दी है:
- 0–79 वर्ष की आयु के लाभार्थियों को केंद्र सरकार की ओर से हर महीने ₹375 की आर्थिक सहायता मिलेगी।
- 80 वर्ष या उससे अधिक आयु के लाभार्थियों को केंद्र सरकार की ओर से हर महीने ₹625 की आर्थिक सहायता मिलेगी।
- दिव्यांगता का न्यूनतम प्रतिशत 80% से घटाकर 40% किया जाएगा, जिससे अधिक पात्र व्यक्ति इस योजना का लाभ ले सकेंगे।
- संशोधित दिशा-निर्देशों के अनुसार, पात्र लाभार्थियों को जन्म से ही आर्थिक सहायता मिल सकेगी।
- राज्य सरकारें अपने बजट से अतिरिक्त पेंशन सहायता भी दे सकती हैं।
ध्यान दें: सरकार 14 अक्टूबर 2026 को हुई मंत्रिमंडल की घोषणा के 3 महीने के भीतर पात्रता की संशोधित शर्तों, लाभार्थियों के दायरे और पेंशन की राशि के बारे में विस्तृत दिशा-निर्देश जारी करेगी।
पात्रताएं
प्रधानमंत्री राष्ट्रीय दिव्यांगजन पेंशन योजना का लाभ लेने के लिए आवेदकों को निम्नलिखित शर्तें पूरी करनी होंगी:
- आवेदक में 40% या उससे अधिक की निर्धारित दिव्यांगता होनी चाहिए।
- न्यूनतम आयु की कोई सीमा नहीं है, इसलिए जन्म से ही पात्रता शुरू हो जाती है।
- मौजूदा योजना के नियमों के अनुसार, आवेदक ऐसे परिवार से होना चाहिए जो गरीबी रेखा से नीचे (बीपीएल) की श्रेणी में आता हो।
- आवेदक के पास अधिकृत चिकित्सा प्राधिकरण द्वारा जारी किया गया वैध दिव्यांगता प्रमाणपत्र होना चाहिए।
- आवेदक को संबंधित विभाग द्वारा तय दस्तावेजों की जांच और अन्य जरूरी शर्तें पूरी करनी होंगी।
आवश्यक दस्तावेज
प्रधानमंत्री दिव्यांगजन पेंशन योजना के लिए जरूरी दस्तावेजों की सूची नीचे दी गई है। आपके राज्य में आवेदन के लिए अलग प्रारूप हो सकता है और कुछ अतिरिक्त जानकारी भी मांगी जा सकती है।
- दिव्यांगता का प्रकार और प्रतिशत बताने वाला दिव्यांगता प्रमाणपत्र
- आयु का प्रमाण: जन्म प्रमाणपत्र या स्कूल प्रमाणपत्र
- यदि ये दस्तावेज उपलब्ध नहीं हैं, तो राशन कार्ड या मतदाता पहचान पत्र (ईपीआईसी) पर विचार किया जा सकता है।
- यदि कोई वैध दस्तावेज उपलब्ध नहीं है, तो सरकारी अस्पताल का चिकित्सा अधिकारी आयु प्रमाणपत्र जारी कर सकता है।
- आधार संख्या
- गरीबी रेखा से नीचे (बीपीएल) परिवार का विवरण, जिसमें परिवार पहचान संख्या और सदस्य पहचान संख्या शामिल हैं।
- मतदाता पहचान पत्र (ईपीआईसी) संख्या और राशन कार्ड संख्या
- बैंक या डाकघर के खाते का विवरण
- हाल ही में खिंचवाई गई पासपोर्ट आकार की तस्वीर
इंदिरा गांधी राष्ट्रीय दिव्यांगता पेंशन योजना और प्रधानमंत्री दिव्यांगजन पेंशन योजना के बीच अंतर
इंदिरा गांधी राष्ट्रीय दिव्यांगता पेंशन योजना (IGNDPS) का नाम बदलकर संशोधित राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम के तहत प्रधानमंत्री दिव्यांगजन पेंशन योजना रखा गया है। नीचे दी गई तालिका में पुरानी योजना और हाल ही में मंजूर किए गए नए नियमों के बीच मुख्य अंतर बताए गए हैं।
| विवरण | पुरानी योजना (आईजीएनडीपीएस) | प्रधानमंत्री दिव्यांगजन पेंशन योजना |
|---|---|---|
| योजना का नाम | इंदिरा गांधी राष्ट्रीय दिव्यांगता पेंशन योजना | प्रधानमंत्री दिव्यांगजन पेंशन योजना |
| मुख्य कार्यक्रम | राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम (एनएसएपी) | प्रधानमंत्री सामाजिक सहायता योजना |
| मासिक पेंशन (79 वर्ष तक) | ₹300 | ₹375 |
| मासिक पेंशन (80 वर्ष और उससे अधिक) | ₹500 | ₹625 |
| दिव्यांगता की न्यूनतम सीमा | 80% या उससे अधिक दिव्यांगता (गंभीर दिव्यांगता) या एक से अधिक दिव्यांगताएं | 40% की निर्धारित दिव्यांगता |
| न्यूनतम आयु | 18 वर्ष | न्यूनतम आयु की कोई सीमा नहीं (जन्म से पात्रता) |
| कम पेंशन दर के लिए आयु सीमा | 18 से 79 वर्ष | 0 से 79 वर्ष |
| दिव्यांगता के नियमों का कानूनी आधार | दिव्यांगजन अधिनियम, 1995 | दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम, 2016 |
| आय वर्ग | गरीबी रेखा से नीचे रहने वाले परिवार | गरीबी रेखा से नीचे रहने वाले परिवार (कोई बदलाव नहीं) |
| वित्तीय सहायता | 100% केंद्रीय सहायता | 100% केंद्रीय सहायता (कोई बदलाव नहीं) |
| कार्यान्वयन करने वाला मंत्रालय | ग्रामीण विकास मंत्रालय | ग्रामीण विकास मंत्रालय (कोई बदलाव नहीं) |
ध्यान दें: केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 14 अक्टूबर 2026 को इन बदलावों को मंजूरी दी। संशोधित दिशा-निर्देशों में पात्रता और योजना को लागू करने से जुड़ी सभी शर्तों की जानकारी दी जाएगी। राज्य सरकारें अपने बजट से अतिरिक्त पेंशन सहायता भी दे सकती हैं।
आवेदन प्रक्रिया
प्रधानमंत्री दिव्यांगजन पेंशन योजना के लिए आवेदन करने हेतु पात्र दिव्यांगजन अपने स्थानीय कार्यान्वयन कार्यालय से संपर्क कर सकते हैं। आवेदकों को यह जांचना चाहिए कि उनके राज्य या केंद्र शासित प्रदेश में ऑनलाइन आवेदन की सुविधा उपलब्ध है या निर्धारित सरकारी कार्यालयों में ऑफलाइन आवेदन स्वीकार किए जाते हैं। आवेदन करने के दोनों तरीकों की जानकारी नीचे दी गई है।
ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया
- आप प्रधानमंत्री दिव्यांगजन पेंशन योजना के लिए ऑनलाइन आवेदन जमा कर सकते हैं।
- इसके लिए उमंग पोर्टल पर जाएं या उमंग ऐप डाउनलोड करें।
- जांच करें कि आपके राज्य या केंद्र शासित प्रदेश के लिए प्रधानमंत्री दिव्यांगजन पेंशन योजना की आवेदन सेवा उपलब्ध है या नहीं।
- अपने मोबाइल नंबर और ओटीपी की मदद से लॉग इन करें। नए उपयोगकर्ताओं को पहले पंजीकरण करना होगा।
- "NSAP" खोजें और राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम की सेवा खोलें।
- ऑनलाइन आवेदन करें के विकल्प पर क्लिक करें।
- सूची में से दिव्यांगता पेंशन योजना चुनें। पोर्टल पर अभी भी इसका पुराना नाम, इंदिरा गांधी राष्ट्रीय दिव्यांगता पेंशन योजना, दिखाई दे सकता है।
- अपनी व्यक्तिगत जानकारी, आधार संख्या, दिव्यांगता से जुड़ी जानकारी और बैंक खाते का विवरण भरें।
- अपना दिव्यांगता प्रमाणपत्र, अन्य जरूरी दस्तावेज और हाल ही में खिंचवाई गई तस्वीर अपलोड करें।
- सभी जानकारी जांचें और आवेदन जमा करें।
- उमंग पोर्टल पर अपने आवेदन और पेंशन की स्थिति देखें।
ऑफलाइन आवेदन प्रक्रिया
- ग्रामीण क्षेत्रों में अपनी ग्राम पंचायत और शहरी क्षेत्रों में नगर पालिका या शहरी स्थानीय निकाय के कार्यालय में जाएं।
- प्रधानमंत्री दिव्यांगजन पेंशन योजना का आवेदन फॉर्म प्राप्त करें। यह फॉर्म निःशुल्क उपलब्ध है।
- फॉर्म में मांगी गई जानकारी भरें। स्थानीय अधिकारी इसमें आपकी मदद कर सकते हैं।
- दिव्यांगता प्रमाणपत्र सहित सभी जरूरी दस्तावेज फॉर्म के साथ लगाएं। यदि आपके पास दिव्यांगता प्रमाणपत्र नहीं है, तो नजदीकी दिव्यांगता प्रमाणपत्र शिविर के बारे में जानकारी लें।
- भरा हुआ फॉर्म और जरूरी दस्तावेज निर्धारित अधिकारी के पास जमा करें।
- भविष्य में जानकारी के लिए, यदि आवेदन जमा करने की रसीद या पावती दी जाती है, तो उसे संभालकर रखें।
- आवेदन की स्थिति, दस्तावेजों की जांच और पेंशन की मंजूरी के बारे में जानने के लिए संबंधित कार्यालय से संपर्क करें।
महत्वपूर्ण लिंक
- उमंग पोर्टल पर पंजीकरण
- उमंग पोर्टल पर लॉग इन करें
- प्रधानमंत्री दिव्यांगजन पेंशन योजना से जुड़ी पीआईबी की सूचना
- प्रधानमंत्री दिव्यांगजन पेंशन योजना (पुरानी आईजीएनडीपीएस के दिशा-निर्देश)
- राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम की आधिकारिक वेबसाइट
- उमंग की आधिकारिक वेबसाइट
- उमंग मोबाइल ऐप डाउनलोड करें (एंड्रॉइड)
- उमंग मोबाइल ऐप डाउनलोड करें (आईओएस)
संपर्क जानकारी
- राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम (एनएसएपी) के संपर्क विवरण
- राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम का ईमेल: [email protected]
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
प्रधानमंत्री दिव्यांगजन पेंशन योजना पात्र दिव्यांगजनों के लिए केंद्र सरकार की एक पेंशन योजना है। यह पहले की इंदिरा गांधी राष्ट्रीय दिव्यांगता पेंशन योजना (IGNDPS) का नया नाम है। यह योजना अब प्रधानमंत्री सामाजिक सहायता योजना के तहत चलाई जाती है।
14 अक्टूबर 2026 को मंजूर किए गए संशोधित नियमों के तहत 0 से 79 वर्ष की आयु के पात्र लाभार्थियों को हर महीने ₹375 मिलेंगे। वहीं, 80 वर्ष या उससे अधिक आयु के लाभार्थियों को केंद्र सरकार की ओर से हर महीने ₹625 की आर्थिक सहायता मिलेगी।
संशोधित नियमों के तहत निर्धारित दिव्यांगता की न्यूनतम सीमा 80% से घटाकर 40% कर दी गई है। आवेदकों को योजना के दिशा-निर्देशों के अनुसार दिव्यांगता प्रमाणपत्र से जुड़ी शर्तें पूरी करनी होंगी।
संशोधित नियमों के तहत न्यूनतम आयु की सीमा हटा दी गई है। इससे पात्र दिव्यांगजन जन्म से ही इस योजना का लाभ लेने के योग्य हो सकते हैं। हालांकि, आवेदकों को दिशा-निर्देशों में दी गई अन्य पात्रता शर्तें भी पूरी करनी होंगी।
नहीं। संशोधित नियमों के तहत न्यूनतम आयु सीमा हटा दी गई है। योजना की लागू शर्तें पूरी करने वाले पात्र दिव्यांगजन जन्म से ही इसका लाभ लेने के योग्य हो सकते हैं।
हाँ। प्रधानमंत्री दिव्यांगजन पेंशन योजना, इंदिरा गांधी राष्ट्रीय दिव्यांगता पेंशन योजना (IGNDPS) का नया नाम है। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 14 अक्टूबर 2026 को मुख्य राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम (NSAP) का नाम बदलकर प्रधानमंत्री सामाजिक सहायता योजना करने की मंजूरी दी थी।
मंत्रिमंडल की घोषणा में योजना का नाम बदलने की जानकारी दी गई है, नए सिरे से आवेदन करने की नहीं। अभी तक दोबारा आवेदन करने की कोई अनिवार्यता घोषित नहीं की गई है।
40% दिव्यांगता की नई सीमा संशोधित दिशा-निर्देश लागू होने के बाद प्रभावी होगी। तब तक केंद्र सरकार की पेंशन योजना के तहत दिव्यांगता की न्यूनतम सीमा 80% लागू है। हालांकि, कुछ राज्य सरकारें अलग-अलग नियमों के तहत अपनी दिव्यांगता पेंशन योजनाएं चलाती हैं।
हाँ, संशोधित पात्रता नियम लागू होने के बाद दिव्यांग बच्चे भी इस योजना का लाभ ले सकते हैं, क्योंकि न्यूनतम आयु की शर्त हटा दी गई है। हालांकि, नाबालिग बच्चे की ओर से कौन आवेदन कर सकता है, इस बारे में अभी दिशा-निर्देश जारी नहीं किए गए हैं।
आवेदन प्रक्रिया की जानकारी लेने के लिए आवेदकों को अपनी ग्राम पंचायत, नगर पालिका, खंड कार्यालय या राज्य अथवा केंद्र शासित प्रदेश के निर्धारित विभाग से संपर्क करना चाहिए। वे उपलब्ध जानकारी के लिए उमंग और राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम (एनएसएपी) के पोर्टल भी देख सकते हैं। आवेदन की प्रक्रिया अलग-अलग राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में अलग हो सकती है।
अगर योजनाओं के बारे में आपका कोई सवाल है, तो उसे योजना के फोरम में सबमिट करें और जवाब पाएँ:
बेझिझक लिंक पर क्लिक करें और चर्चा में शामिल हों!
यह फोरम निम्न कामों के लिए एक बेहतरीन जगह है:
- सवाल पूछें: अगर आपके मन में योजना से जुड़ा कोई सवाल है या आप इस विषय के किसी पहलू के बारे में और जानकारी चाहते हैं।
- योजना से जुडी अपनी बातें साझा करें: अपनी जानकारी और अनुभव शेयर करें।
- दूसरों से जुड़ें: कम्युनिटी से जुड़ें और दूसरों से सीखें।
हम आपको इस फ़ोरम में सक्रिय रूप से भाग लेने और इस बेहतरीन रिसोर्स का पूरा फ़ायदा उठाने के लिए प्रोत्साहित करते है।
| लाभार्थी व्यक्ति का प्रकार | योजना का प्रकार | सरकार |
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