इंदिरा गांधी राष्ट्रीय विधवा पेंशन योजना

द्वारा प्रस्तुत Pradeep on Tue, 28/07/2026 - 17:34
Narendra Modi PM of India
Scheme Open
NSAP Indira Gandhi National Widow Pension Scheme Image
हाइलाइट
  • पात्र विधवाओं को ₹300 प्रतिमाह पेंशन।
  • 80 वर्ष की आयु पूर्ण होने पर ₹500 प्रतिमाह पेंशन।
  • 40 वर्ष या उससे अधिक आयु की बीपीएल विधवाओं के लिए उपलब्ध।
योजना का अवलोकन
योजना का नामइंदिरा गांधी राष्ट्रीय विधवा पेंशन योजना (आईजीएनडब्ल्यूपीएस)
लाभ
  • पात्र विधवाओं को ₹300 प्रतिमाह केंद्रीय सहायता।
  • 80 वर्ष की आयु पूर्ण होने पर ₹500 प्रतिमाह पेंशन।
  • संबंधित राज्य सरकार द्वारा अतिरिक्त पेंशन भी प्रदान की जा सकती है।
  • पेंशन की राशि सीधे बैंक या डाकघर बचत खाते में जमा की जाती है।
लाभार्थी40 वर्ष या उससे अधिक आयु की गरीबी रेखा से नीचे (बीपीएल) परिवार की विधवाएं।
नोडल विभागग्रामीण विकास मंत्रालय, भारत सरकार
सब्सक्रिप्शनयोजना की निरंतर जानकारी के लिए यहाँ सब्सक्राइब करे।
आवेदन का तरीका
  • उमंग पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन
  • ग्राम पंचायत, विकास खंड कार्यालय या नगर पालिका के माध्यम से ऑफलाइन

योजना के बारे में

इंदिरा गांधी राष्ट्रीय विधवा पेंशन योजना (आईजीएनडब्ल्यूपीएस) भारत सरकार की एक सामाजिक सुरक्षा योजना है, जिसके अंतर्गत गरीबी रेखा से नीचे (बीपीएल) जीवन-यापन करने वाली पात्र विधवाओं को प्रतिमाह आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। इस योजना का संचालन ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम (एनएसएपी) के अंतर्गत राज्य सरकारों एवं केंद्र शासित प्रदेशों के सहयोग से किया जाता है। इस योजना के अलावा, राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम के अंतर्गत इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन योजना तथा इंदिरा गांधी राष्ट्रीय दिव्यांग पेंशन योजना जैसी अन्य सामाजिक सुरक्षा योजनाएं भी संचालित की जाती हैं। इस योजना का मुख्य उद्देश्य पात्र विधवाओं को नियमित आर्थिक सहायता उपलब्ध कराकर उनके दैनिक जीवन-यापन में सहयोग करना तथा उन्हें सामाजिक एवं आर्थिक सुरक्षा प्रदान करना है।

राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम के अंतर्गत पात्र लाभार्थियों को ₹300 प्रतिमाह केंद्रीय सहायता के रूप में पेंशन प्रदान की जाती है। लाभार्थी के 80 वर्ष की आयु पूर्ण होने पर पेंशन राशि बढ़ाकर ₹500 प्रतिमाह कर दी जाती है। इसके अतिरिक्त, अनेक राज्य सरकारें अपने स्तर पर अतिरिक्त पेंशन भी प्रदान करती हैं, जिससे लाभार्थियों को अपने राज्य के नियमों के अनुसार अधिक मासिक पेंशन प्राप्त हो सकती है। पेंशन की राशि प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) के माध्यम से सीधे लाभार्थी के बैंक खाते या डाकघर बचत खाते में जमा की जाती है।

इंदिरा गांधी राष्ट्रीय विधवा पेंशन योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए आवेदिका का 40 से 79 वर्ष आयु वर्ग की विधवा होना तथा गरीबी रेखा से नीचे (बीपीएल) परिवार से संबंधित होना आवश्यक है। यह योजना ग्रामीण एवं शहरी दोनों क्षेत्रों में लागू है तथा इसका लाभ संबंधित राज्य सरकार द्वारा निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुसार दिया जाता है। आवेदन के लिए सामान्यतः विधवा प्रमाण पत्र, आयु प्रमाण पत्र, पति का मृत्यु प्रमाण पत्र, बीपीएल प्रमाण, आधार कार्ड (यदि उपलब्ध हो), निवास प्रमाण पत्र तथा बैंक या डाकघर खाते का विवरण प्रस्तुत करना होता है। दस्तावेजों एवं पात्रता के सत्यापन के बाद योग्य आवेदिकाओं का नाम लाभार्थी सूची में शामिल किया जाता है और उन्हें प्रतिमाह पेंशन प्रदान की जाती है।

पात्र विधवाएं इंदिरा गांधी राष्ट्रीय विधवा पेंशन योजना के लिए ऑनलाइन माध्यम से उमंग पोर्टल (जहां यह सुविधा उपलब्ध हो) अथवा ऑफलाइन माध्यम से ग्राम पंचायत, नगर पालिका, विकास खंड कार्यालय या राज्य सरकार द्वारा नामित अन्य कार्यालय में आवेदन कर सकती हैं। राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम के आधिकारिक दिशा-निर्देशों के अनुसार, आवेदन का सफल सत्यापन होने के बाद सामान्यतः 60 दिनों के भीतर उसका निस्तारण किया जाना चाहिए। चूंकि योजना का क्रियान्वयन राज्य सरकारों एवं केंद्र शासित प्रदेशों द्वारा किया जाता है, इसलिए अतिरिक्त आर्थिक सहायता, आवेदन प्रक्रिया तथा अन्य सुविधाएं संबंधित राज्य सरकार के नियमों के अनुसार अलग-अलग हो सकती हैं।

योजना के लाभ

  • पात्र विधवाओं को केंद्रीय सहायता के रूप में ₹300 प्रतिमाह पेंशन प्रदान की जाती है।
  • 80 वर्ष की आयु पूर्ण होने पर लाभार्थी को ₹500 प्रतिमाह पेंशन प्रदान की जाती है।
  • पेंशन की राशि सीधे लाभार्थी के बैंक खाते या डाकघर बचत खाते में जमा की जाती है।
  • अनेक राज्य सरकारें अपने स्तर पर अतिरिक्त पेंशन भी प्रदान करती हैं, जिससे लाभार्थियों को अधिक मासिक पेंशन प्राप्त हो सकती है।
  • यह योजना पात्र विधवाओं को नियमित आर्थिक सहायता प्रदान कर उनके दैनिक जीवन-यापन में सहयोग करती है।

पात्रताएं

  • आवेदिका विधवा होनी चाहिए।
  • आवेदिका की आयु 40 से 79 वर्ष के बीच होनी चाहिए।
    • 80 वर्ष की आयु पूर्ण होने पर लाभार्थी को अधिक पेंशन राशि प्रदान की जाती है।
  • आवेदिका गरीबी रेखा से नीचे (बीपीएल) परिवार से संबंधित होनी चाहिए।
  • आवेदिका ग्रामीण या शहरी क्षेत्र की निवासी हो सकती है।
  • आवेदिका को संबंधित राज्य सरकार द्वारा निर्धारित अन्य पात्रता शर्तों को भी पूरा करना होगा।

आवश्यक दस्तावेज

  • पासपोर्ट आकार का फोटो।
  • आधार कार्ड (यदि उपलब्ध हो)।
  • आयु प्रमाण पत्र (निम्न में से कोई एक):
    • जन्म प्रमाण पत्र
    • विद्यालय का प्रमाण पत्र
    • राशन कार्ड (यदि जन्म प्रमाण पत्र या विद्यालय का प्रमाण पत्र उपलब्ध न हो)
    • मतदाता पहचान पत्र (ईपीआईसी) (यदि जन्म प्रमाण पत्र या विद्यालय का प्रमाण पत्र उपलब्ध न हो)
    • सरकारी चिकित्सा अधिकारी द्वारा जारी आयु प्रमाण पत्र (यदि अन्य कोई आयु प्रमाण उपलब्ध न हो)
  • विधवा प्रमाण पत्र।
  • पति का मृत्यु प्रमाण पत्र।
  • गरीबी रेखा से नीचे (बीपीएल) होने का प्रमाण या बीपीएल परिवार की पहचान संबंधी विवरण।
  • निवास प्रमाण पत्र।
  • बैंक खाते या डाकघर बचत खाते का विवरण।
  • राशन कार्ड (यदि उपलब्ध हो)।
  • मतदाता पहचान पत्र (ईपीआईसी) (यदि उपलब्ध हो)।

आवेदन प्रक्रिया

इंदिरा गांधी राष्ट्रीय विधवा पेंशन योजना का क्रियान्वयन राज्य सरकारों एवं केंद्र शासित प्रदेशों द्वारा किया जाता है। पात्र विधवाएं उमंग पोर्टल (जहां यह सुविधा उपलब्ध हो) के माध्यम से ऑनलाइन अथवा ग्राम पंचायत, नगर पालिका, विकास खंड कार्यालय या राज्य सरकार द्वारा नामित अन्य कार्यालय के माध्यम से ऑफलाइन आवेदन कर सकती हैं।

ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया (उमंग पोर्टल)

  • उमंग पोर्टल पर जाएं या उमंग मोबाइल ऐप खोलें।
  • अपने पंजीकृत मोबाइल नंबर से प्रवेश करें।
  • राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम (एनएसएपी) या अपने राज्य की पेंशन सेवा खोजें।
  • इंदिरा गांधी राष्ट्रीय विधवा पेंशन योजना का चयन करें।
  • ऑनलाइन आवेदन पत्र भरें और आवश्यक दस्तावेज अपलोड करें।
  • आवेदन जमा करें तथा भविष्य के लिए आवेदन संदर्भ संख्या सुरक्षित रखें।

ऑफलाइन आवेदन प्रक्रिया

  • अपने क्षेत्र की ग्राम पंचायत, नगर पालिका, विकास खंड कार्यालय या योजना के लिए नामित कार्यालय में जाएं।
  • इंदिरा गांधी राष्ट्रीय विधवा पेंशन योजना का आवेदन पत्र निःशुल्क प्राप्त करें।
  • आवेदन पत्र में मांगी गई सभी आवश्यक जानकारी भरें।
  • आयु प्रमाण पत्र, विधवा प्रमाण पत्र, पति का मृत्यु प्रमाण पत्र, बीपीएल प्रमाण, निवास प्रमाण पत्र, पासपोर्ट आकार का फोटो तथा बैंक या डाकघर खाते का विवरण सहित आवश्यक दस्तावेज संलग्न करें।
  • पूर्ण रूप से भरा हुआ आवेदन पत्र संबंधित अधिकारी के पास जमा करें।
  • संबंधित अधिकारी आवेदन एवं दस्तावेजों का सत्यापन करेगा।
  • आवेदन स्वीकृत होने पर पेंशन की राशि सीधे लाभार्थी के बैंक खाते या डाकघर बचत खाते में जमा कर दी जाएगी।

नोट: राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम के दिशा-निर्देशों के अनुसार, सफल सत्यापन के बाद सामान्यतः आवेदन का निस्तारण 60 दिनों के भीतर किया जाना चाहिए। उमंग पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन की सुविधा राज्य या केंद्र शासित प्रदेश के अनुसार उपलब्ध हो सकती है।

महत्वपूर्ण लिंक

संपर्क जानकारी

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

इंदिरा गांधी राष्ट्रीय विधवा पेंशन योजना (आईजीएनडब्ल्यूपीएस) राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम (एनएसएपी) के अंतर्गत संचालित एक सामाजिक सुरक्षा योजना है, जिसके तहत गरीबी रेखा से नीचे (बीपीएल) जीवन-यापन करने वाली पात्र विधवाओं को प्रतिमाह आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है।

गरीबी रेखा से नीचे (बीपीएल) परिवार की 40 वर्ष या उससे अधिक आयु की विधवाएं इस योजना के लिए आवेदन कर सकती हैं, बशर्ते वे संबंधित राज्य सरकार द्वारा निर्धारित पात्रता शर्तों को पूरा करती हों।

पात्र लाभार्थियों को केंद्रीय सहायता के रूप में ₹300 प्रतिमाह पेंशन प्रदान की जाती है। 80 वर्ष की आयु पूर्ण होने पर यह राशि बढ़कर ₹500 प्रतिमाह हो जाती है। इसके अतिरिक्त, कई राज्य सरकारें अपने स्तर पर अतिरिक्त पेंशन भी प्रदान करती हैं।

हां। जिन राज्यों में यह सुविधा उपलब्ध है, वहां उमंग पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन किया जा सकता है। इसके अलावा संबंधित राज्य सरकार द्वारा नामित कार्यालय में ऑफलाइन आवेदन भी किया जा सकता है।

राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम के दिशा-निर्देशों के अनुसार, केवल आधार कार्ड न होने के कारण किसी पात्र लाभार्थी को पेंशन से वंचित नहीं किया जा सकता। हालांकि, राज्य सरकारें पहचान एवं प्रत्यक्ष लाभ अंतरण के लिए आधार की मांग कर सकती हैं।

हां। यह योजना ग्रामीण एवं शहरी दोनों क्षेत्रों की पात्र विधवाओं के लिए उपलब्ध है।

नहीं। केंद्र सरकार राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम (एनएसएपी) के अंतर्गत निर्धारित केंद्रीय सहायता प्रदान करती है, जबकि कई राज्य सरकारें अपने स्तर पर अतिरिक्त पेंशन भी देती हैं। इसलिए विभिन्न राज्यों में लाभार्थियों को मिलने वाली कुल पेंशन राशि अलग-अलग हो सकती है।

80 वर्ष की आयु पूर्ण होने पर लाभार्थी ₹500 प्रतिमाह पेंशन प्राप्त करने की पात्र हो जाती है।

अगर योजनाओं के बारे में आपका कोई सवाल है, तो उसे योजना के फोरम में सबमिट करें और जवाब पाएँ:

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लाभार्थी व्यक्ति का प्रकार योजना का प्रकार सरकार

टिप्पणियाँ

Widow Pention 5 months nahi mil rahi hai

आपका नाम
Kanta
टिप्पणी

मेरा नाम कानता और नजफगढ़ तुड़ा मंडी आती है परंतु ५ महीने से मेरी विधवा पेंशन नहीं आ रही है ।

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