प्रधानमंत्री विधवा पेंशन योजना

द्वारा प्रस्तुत Pradeep on Thu, 22/10/2026 - 12:18
Narendra Modi PM of India
Scheme Open
Pradhan Mantri Vidhawa Pension Scheme Image
हाइलाइट
  • गरीब परिवारों की विधवाओं को हर महीने पेंशन राशि।
  • केंद्र सरकार द्वारा वित्तपोषित, और कई राज्य इसमें अपनी ओर से अतिरिक्त राशि जोड़ते हैं।
  • लाभार्थी के अधिक आयु में पहुंचने पर मासिक पेंशन राशि बढ़ा दी जाती है।
  • पेंशन की राशि सीधे लाभार्थी के बैंक या डाकघर खाते में भेजी जाती है, जिसमें किसी बिचौलिये की भूमिका नहीं होती।
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योजना का अवलोकन
योजना का नामप्रधानमंत्री विधवा पेंशन योजना
शुरू होने का वर्ष2007 (पूर्ववर्ती इंदिरा गांधी राष्ट्रीय विधवा पेंशन योजना के तहत)
लाभ
  • 40 से 79 वर्ष की आयु की पात्र विधवा महिलाओं को हर महीने ₹300 की पेंशन।
  • 80 वर्ष या उससे अधिक आयु के पात्र लाभार्थियों को हर महीने ₹500 की पेंशन।
लाभार्थीगरीबी रेखा से नीचे (बीपीएल) रहने वाले परिवारों की पात्र विधवा महिलाएं।
नोडल विभागभारत सरकार का ग्रामीण विकास मंत्रालय
सब्सक्रिप्शनयोजना की निरंतर जानकारी के लिए यहाँ सब्सक्राइब करें।
आवेदन का तरीकाऑनलाइन और ऑफलाइन

योजना के बारे में

प्रधानमंत्री विधवा पेंशन योजना भारत सरकार की एक सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना है। इसके तहत गरीबी रेखा से नीचे (बीपीएल) जीवन बिताने वाले परिवारों की पात्र विधवा महिलाओं को हर महीने आर्थिक सहायता दी जाती है। इस योजना का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की विधवाओं को घर के जरूरी खर्च पूरे करने और अपनी बुनियादी जरूरतों को पूरा करने में आर्थिक सुरक्षा देना है। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 14 अक्टूबर 2026 को इंदिरा गांधी राष्ट्रीय विधवा पेंशन योजना (आईजीएनडब्ल्यूपीएस) का नाम बदलकर प्रधानमंत्री विधवा पेंशन योजना करने की मंजूरी दी। इसलिए, पुरानी योजना के नाम से जानकारी खोजने वाली महिलाओं को सरकारी घोषणाओं और पेंशन से जुड़ी जानकारी के लिए नए नाम वाली योजना देखनी चाहिए।

यह योजना ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा संचालित प्रधानमंत्री सामाजिक सहायता योजना के तहत आती है। इस योजना को पहले राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम (एनएसएपी) के नाम से जाना जाता था। मौजूदा केंद्रीय पेंशन प्रावधानों के अनुसार, 40 से 79 वर्ष की आयु की पात्र विधवा महिलाओं को हर महीने ₹300 मिलते हैं। 80 वर्ष की आयु पूरी होने पर पात्र लाभार्थियों को केंद्र सरकार की ओर से हर महीने ₹500 की सहायता दी जाती है। राज्य सरकारें अपने बजट से अतिरिक्त आर्थिक सहायता भी दे सकती हैं। इसलिए, कुल विधवा पेंशन की राशि लाभार्थी के राज्य के अनुसार अलग-अलग हो सकती है।

विधवा पेंशन योजना के साथ-साथ सरकार ने प्रधानमंत्री सामाजिक सहायता योजना के तहत पहले से चल रही वृद्धावस्था और दिव्यांगता पेंशन योजनाओं के नाम भी बदल दिए हैं। पहले की इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन योजना को अब प्रधानमंत्री वृद्धावस्था पेंशन योजना के नाम से जाना जाता है। वहीं, पहले की इंदिरा गांधी राष्ट्रीय दिव्यांगता पेंशन योजना का नाम बदलकर प्रधानमंत्री दिव्यांगजन पेंशन योजना कर दिया गया है।

प्रधानमंत्री विधवा पेंशन योजना का लाभ लेने के लिए आमतौर पर आवेदक की आयु 40 वर्ष या उससे अधिक होनी चाहिए और वह पात्र बीपीएल परिवार से संबंधित होनी चाहिए। आवेदकों को अपने राज्य या केंद्र शासित प्रदेश में लागू सत्यापन संबंधी शर्तें भी पूरी करनी होंगी। आवेदन के लिए आयु प्रमाण, पति का मृत्यु प्रमाण पत्र, बीपीएल पात्रता का प्रमाण, निवास संबंधी दस्तावेज और बैंक या डाकघर खाते का विवरण जैसे दस्तावेजों की जरूरत हो सकती है। इन दस्तावेजों को पहले से तैयार रखने से आवेदन प्रक्रिया पूरी करने में आसानी होती है और जानकारी की कमी के कारण होने वाली देरी से बचा जा सकता है।

पात्र विधवा महिलाएं प्रधानमंत्री विधवा पेंशन योजना की आवेदन प्रक्रिया की जानकारी अपनी ग्राम पंचायत, प्रखंड कार्यालय, नगर पालिका या अन्य निर्धारित पेंशन प्राधिकरण से प्राप्त कर सकती हैं। आवेदक के राज्य या केंद्र शासित प्रदेश में उपलब्ध सेवाओं के आधार पर पात्र लाभार्थी उमंग पोर्टल के माध्यम से भी प्रधानमंत्री विधवा पेंशन योजना के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आवेदकों को पोर्टल पर उपलब्ध पेंशन सेवा की जांच करनी चाहिए और संबंधित विभाग द्वारा दिए गए निर्देशों का पालन करना चाहिए। आवेदन जमा करने के बाद, यदि पावती या संदर्भ संख्या दी जाती है, तो उसे संभालकर रखना चाहिए, ताकि आवेदन की स्थिति की जानकारी ली जा सके।

मंत्रिमंडल ने 2026–27 से 2030–31 तक प्रधानमंत्री सामाजिक सहायता योजना को जारी रखने के हिस्से के रूप में इस योजना का नाम बदलने की मंजूरी दी। आधिकारिक घोषणा में पुष्टि की गई कि विधवा पेंशन योजना अपने मौजूदा स्वरूप में जारी रहेगी। इसमें विधवा पेंशन की नई राशि या पात्रता की संशोधित शर्तों की घोषणा नहीं की गई। इसलिए, आवेदकों और मौजूदा लाभार्थियों को योजना के नाम, आवेदन सेवाओं और भुगतान से जुड़ी नई जानकारी के लिए सरकारी पोर्टलों पर नजर रखते हुए लागू पेंशन नियमों का पालन करना चाहिए।

योजना के लाभ

प्रधानमंत्री विधवा पेंशन योजना के तहत आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की पात्र विधवा महिलाओं को हर महीने आर्थिक सहायता दी जाती है। अक्टूबर 2026 में योजना का नाम बदले जाने के बाद भी इसके मौजूदा पेंशन लाभ जारी हैं।

  • 40 से 79 वर्ष की आयु की पात्र विधवा महिलाओं को केंद्र सरकार की ओर से हर महीने ₹300 की सहायता दी जाती है।
  • 80 वर्ष की आयु पूरी करने वाले लाभार्थियों को हर महीने ₹500 मिलते हैं।
  • राज्य सरकारें अपने बजट से पेंशन के लिए अतिरिक्त आर्थिक सहायता दे सकती हैं।
  • लागू भुगतान व्यवस्था के माध्यम से पेंशन की राशि लाभार्थी के बैंक खाते या डाकघर बचत खाते में जमा की जाती है।
  • हर महीने मिलने वाली पेंशन पात्र विधवा महिलाओं को घर के जरूरी खर्च पूरे करने में मदद करती है।
  • इस योजना के तहत ग्रामीण और शहरी, दोनों क्षेत्रों में रहने वाली पात्र विधवा महिलाओं को आर्थिक सहायता दी जाती है।

पात्रताएं

प्रधानमंत्री विधवा पेंशन योजना के तहत आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की पात्र विधवा महिलाओं को केंद्र सरकार की ओर से पेंशन सहायता दी जाती है। नीचे दी गई शर्तें योजना के मौजूदा नियमों के अनुसार हैं। योजना का नाम बदलने की घोषणा में पात्रता के नए नियम लागू नहीं किए गए थे।

  • आवेदक विधवा महिला होनी चाहिए।
  • विधवा महिलाओं के लिए मौजूदा केंद्रीय पेंशन सहायता का लाभ लेने हेतु आवेदक की आयु 40 से 79 वर्ष के बीच होनी चाहिए।
  • आवेदक का परिवार लागू पात्रता मानदंडों के अनुसार गरीबी रेखा से नीचे (बीपीएल) जीवन बिताने वाला होना चाहिए।
  • ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में रहने वाली महिलाएं अपने संबंधित राज्य या केंद्र शासित प्रदेश के नियमों के अनुसार आवेदन कर सकती हैं।
  • आवेदक को संबंधित राज्य या केंद्र शासित प्रदेश द्वारा निर्धारित सत्यापन संबंधी शर्तें और लागू नियम पूरे करने होंगे।

ध्यान दें: 80 वर्ष की आयु पूरी करने वाली लाभार्थियां सामाजिक सहायता कार्यक्रम के तहत केंद्र सरकार की अधिक पेंशन सहायता वाली मौजूदा श्रेणी में आती हैं। आवेदकों को पात्रता और सत्यापन से जुड़े मौजूदा नियमों की पुष्टि अपने स्थानीय पेंशन प्राधिकरण से कर लेनी चाहिए।

आवश्यक दस्तावेज

आवेदकों को अपनी पहचान, आयु, विधवा होने की स्थिति, निवास और पेंशन सहायता के लिए पात्रता साबित करने वाले जरूरी दस्तावेज तैयार रखने चाहिए। आवश्यक दस्तावेजों की सटीक सूची और स्वीकार किए जाने वाले वैकल्पिक दस्तावेज राज्य या केंद्र शासित प्रदेश के अनुसार अलग-अलग हो सकते हैं। मौजूदा योजना की आवेदन सूची में निम्नलिखित दस्तावेज शामिल हैं:

  • हाल ही में खिंचवाई गई पासपोर्ट आकार की फोटो।
  • आधार कार्ड, यदि आपके पास है।
  • आयु का प्रमाण। आमतौर पर निम्नलिखित में से कोई एक दस्तावेज स्वीकार किया जाता है:
    • जन्म प्रमाण पत्र
    • स्कूल प्रमाण पत्र
    • राशन कार्ड, यदि ऊपर दिए गए दोनों दस्तावेज उपलब्ध नहीं हैं
    • मतदाता पहचान पत्र (ईपीआईसी), यदि ऊपर दिए गए दोनों दस्तावेज उपलब्ध नहीं हैं
    • यदि अन्य कोई दस्तावेज उपलब्ध नहीं है, तो अंतिम विकल्प के रूप में सरकारी चिकित्सा अधिकारी द्वारा जारी आयु प्रमाण पत्र
  • वैवाहिक स्थिति की पुष्टि करने वाला विधवा प्रमाण पत्र।
  • आपके दिवंगत पति का मृत्यु प्रमाण पत्र।
  • इस बात का प्रमाण कि आपका परिवार गरीबी रेखा से नीचे (बीपीएल) श्रेणी में आता है।
  • आपके वर्तमान निवास का प्रमाण।
  • पेंशन की राशि जमा करने के लिए बैंक खाते या डाकघर बचत खाते का विवरण।
  • राशन कार्ड, यदि आपके पास है।
  • मतदाता पहचान पत्र (ईपीआईसी), यदि आपके पास है।

आवेदन प्रक्रिया

पात्र विधवा महिलाएं प्रधानमंत्री विधवा पेंशन योजना के लिए निर्धारित स्थानीय प्राधिकरण या उपलब्ध होने पर ऑनलाइन सेवा के माध्यम से आवेदन कर सकती हैं। आवेदन की प्रक्रिया राज्य या केंद्र शासित प्रदेश के अनुसार अलग-अलग हो सकती है, क्योंकि लाभार्थियों का सत्यापन और योजना को लागू करने की जिम्मेदारी संबंधित प्रशासन की होती है। आवेदकों को अपने क्षेत्र में लागू प्रक्रिया का पालन करना चाहिए।

ऑनलाइन आवेदन के माध्यम से

  • उमंग पोर्टल पर जाएं या उमंग मोबाइल ऐप खोलें।
  • अपने पंजीकृत मोबाइल नंबर का उपयोग करके लॉग इन करें या जरूरी पंजीकरण पूरा करें।
  • राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम (एनएसएपी) या अपने राज्य अथवा केंद्र शासित प्रदेश में उपलब्ध विधवा पेंशन सेवाओं को खोजें।
  • यदि यह सेवा उपलब्ध है, तो संबंधित विधवा पेंशन सेवा चुनें और जांचें कि उसका नाम बदलकर नई योजना के नाम के अनुसार अपडेट किया गया है या नहीं।
  • आवेदन पत्र में अपनी व्यक्तिगत जानकारी, आयु, निवास, बैंक खाते और अन्य जरूरी विवरण भरें।
  • जरूरत के अनुसार आयु, विधवा होने की स्थिति और परिवार की पात्रता के प्रमाण सहित जरूरी दस्तावेज अपलोड करें।
  • भरी गई जानकारी की जांच करें और आवेदन जमा करें।
  • यदि आवेदन संदर्भ संख्या दी जाती है, तो उसे सुरक्षित रखें, ताकि बाद में आवेदन की स्थिति जांच सकें।

ध्यान दें: उमंग सेवा में खोज के परिणामों में अभी भी राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम (एनएसएपी) का नाम दिखाई देता है और आवेदन पत्र में पेंशन का विकल्प भी "विधवा पेंशन" के नाम से उपलब्ध है। ऐसा इसलिए है क्योंकि मंत्रिमंडल द्वारा मंजूर किए गए नाम परिवर्तन को अभी तक आवेदन पोर्टलों पर लागू नहीं किया गया है। फिलहाल, आवेदकों को "एनएसएपी" खोजकर "विधवा पेंशन" का विकल्प चुनना चाहिए। पोर्टलों के अपडेट होने के बाद यह सेवा नए नाम, प्रधानमंत्री सामाजिक सहायता योजना, के तहत दिखाई देने की उम्मीद है। इसमें विधवा पेंशन का विकल्प प्रधानमंत्री विधवा पेंशन योजना के नाम से दिख सकता है।

ऑफलाइन आवेदन के माध्यम से

  • अपने क्षेत्र की ग्राम पंचायत, प्रखंड कार्यालय, नगर पालिका या निर्धारित पेंशन कार्यालय में जाएं।
  • संबंधित अधिकारी से विधवा पेंशन योजना का आवेदन पत्र मांगें, जिसे अब प्रधानमंत्री विधवा पेंशन योजना के नाम से जाना जाता है।
  • आवेदन पत्र में अपनी व्यक्तिगत जानकारी और बैंक खाते का जरूरी विवरण भरें।
  • जरूरत के अनुसार आयु प्रमाण, पति का मृत्यु प्रमाण पत्र, विधवा होने का प्रमाण, बीपीएल पात्रता प्रमाण और निवास प्रमाण सहित जरूरी दस्तावेज संलग्न करें।
  • भरा हुआ आवेदन पत्र और जरूरी दस्तावेज निर्धारित प्राधिकरण के पास जमा करें।
  • भविष्य में जानकारी लेने के लिए, यदि पावती या आवेदन संदर्भ संख्या दी जाती है, तो उसे सुरक्षित रखें।
  • संबंधित अधिकारी द्वारा आपके आवेदन और दस्तावेजों के सत्यापन की प्रतीक्षा करें।
  • आवेदन स्वीकृत होने के बाद संबंधित राज्य या केंद्र शासित प्रदेश के पोर्टल अथवा निर्धारित स्थानीय कार्यालय के माध्यम से पेंशन भुगतान की स्थिति जांचें।

महत्वपूर्ण लिंक

संपर्क जानकारी

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्रधानमंत्री विधवा पेंशन योजना केंद्र सरकार की एक पेंशन योजना है, जिसके तहत गरीबी रेखा से नीचे (बीपीएल) जीवन बिताने वाले परिवारों की पात्र विधवा महिलाओं को हर महीने आर्थिक सहायता दी जाती है। इसे पहले इंदिरा गांधी राष्ट्रीय विधवा पेंशन योजना (आईजीएनडब्ल्यूपीएस) के नाम से जाना जाता था।

मौजूदा केंद्रीय सहायता प्रावधानों के अनुसार, 40 से 79 वर्ष की आयु की पात्र विधवा महिलाओं को हर महीने ₹300 मिलते हैं, जबकि 80 वर्ष या उससे अधिक आयु के लाभार्थियों को हर महीने ₹500 मिलते हैं। राज्य सरकारें अपनी ओर से अतिरिक्त पेंशन सहायता भी दे सकती हैं।

आमतौर पर 40 वर्ष या उससे अधिक आयु की वे विधवा महिलाएं इस योजना के लिए पात्र हो सकती हैं, जो पात्र बीपीएल परिवारों से संबंधित हैं। इसके लिए उन्हें संबंधित राज्य या केंद्र शासित प्रदेश में लागू शर्तें भी पूरी करनी होंगी।

पात्र आवेदक अपनी ग्राम पंचायत, प्रखंड कार्यालय, नगर पालिका या निर्धारित पेंशन प्राधिकरण से संपर्क कर सकती हैं। उनके राज्य या केंद्र शासित प्रदेश में उपलब्ध सेवाओं के आधार पर उमंग पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन की सुविधा भी मिल सकती है।

नहीं। 14 अक्टूबर 2026 को केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा योजना का नाम बदलने के फैसले में विधवा पेंशन की राशि बढ़ाने की घोषणा नहीं की गई थी। आधिकारिक घोषणा में पुष्टि की गई कि विधवा पेंशन योजना अपने मौजूदा स्वरूप में जारी रहेगी।

यह पेंशन विशेष रूप से विधवा महिलाओं के लिए है। इसलिए, दोबारा शादी करने पर पेंशन मिलना बंद हो जाता है।

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