- यह योजना अंतरराष्ट्रीय खेल प्रतियोगिताओं में पदक जीतने वाले भारतीय खिलाड़ियों को नकद प्रोत्साहन राशि प्रदान करती है।
- ओलंपिक और पैरालंपिक खेलों में स्वर्ण पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को ₹75 लाख तक की राशि दी जाती है।
- एशियाई खेलों, पैरा एशियाई खेलों और राष्ट्रमंडल खेलों में पदक जीतने पर भी प्रोत्साहन राशि मिलती है।
- इस योजना के तहत पात्र खिलाड़ियों के कोच भी प्रोत्साहन राशि प्राप्त कर सकते हैं।
- खिलाड़ी उपलब्धि हासिल करने के बाद निर्धारित समय सीमा में DBT-MIS पोर्टल के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं।
- खेल विभाग, युवा कार्यक्रम और खेल मंत्रालय
- फोन नंबर: 011-23387432 / 011-23385101
- टोल-फ्री हेल्पडेस्क: 1800-202-5155 / 1800-258-5155
- योजना से जुड़े सवालों के लिए ईमेल: [email protected]
- तकनीकी सवालों के लिए ईमेल: [email protected]
योजना का अवलोकन | |
|---|---|
| योजना का नाम | स्कीम ऑफ कैश इंसेंटिव टू मेडल विनर्स इन इंटरनेशनल स्पोर्ट्स इवेंट्स एंड देयर कोचेज |
| शुरू होने का वर्ष | 1986 |
| लाभ | ओलंपिक या पैरालंपिक में स्वर्ण पदक जीतने पर ₹75 लाख तक का नकद पुरस्कार |
| लाभार्थी | योग्य अंतरराष्ट्रीय खेल प्रतियोगिताओं में पदक जीतने वाले भारतीय खिलाड़ी और उनके कोच |
| नोडल विभाग | खेल विभाग, युवा कार्यक्रम और खेल मंत्रालय |
| सब्सक्रिप्शन | योजना से जुड़ी नई जानकारी पाने के लिए सब्सक्राइब करें |
| आवेदन का तरीका | DBT-MIS पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन करें। आमतौर पर खेल उपलब्धि हासिल करने के छह महीने के अंदर आवेदन करना होता है। |
योजना के बारे में
किसी अंतरराष्ट्रीय खेल प्रतियोगिता में पदक जीतने के लिए खिलाड़ियों को सालों तक मेहनत करनी पड़ती है। इसके लिए अनुशासन, लगन और लगातार अभ्यास की जरूरत होती है। खिलाड़ियों की इन उपलब्धियों को सम्मान देने और उन्हें आगे भी बेहतर प्रदर्शन करने के लिए प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से भारत सरकार स्कीम ऑफ कैश इंसेंटिव टू मेडल विनर्स इन इंटरनेशनल स्पोर्ट्स इवेंट्स एंड देयर कोचेज चलाती है। यह योजना 1986 में शुरू हुई थी। इसके तहत तय अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में पदक जीतने वाले योग्य भारतीय खिलाड़ियों को एक बार नकद पुरस्कार दिया जाता है। उनके कोचों को भी प्रोत्साहन राशि दी जाती है। मौजूदा दिशानिर्देशों के अनुसार, ओलंपिक या पैरालंपिक खेलों में व्यक्तिगत स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीतने वाले खिलाड़ी को ₹75 लाख तक मिल सकते हैं। पुरस्कार की राशि प्रतियोगिता, जीते गए पदक और योजना की अन्य शर्तों पर निर्भर करती है।
इस योजना को भारत सरकार के युवा कार्यक्रम और खेल मंत्रालय के खेल विभाग द्वारा चलाया जाता है। इसका मुख्य उद्देश्य खिलाड़ियों के शानदार प्रदर्शन को सम्मान देना, उन्हें और बेहतर उपलब्धियां हासिल करने के लिए प्रेरित करना और युवाओं को खेलों से जुड़ने के लिए प्रोत्साहित करना है। इस योजना में ओलंपिक, पैरालंपिक, एशियाई खेल, राष्ट्रमंडल खेल और कुछ चुनी हुई विश्व चैंपियनशिप तथा अन्य अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताएं शामिल हैं। नकद पुरस्कार की राशि प्रतियोगिता की श्रेणी और जीते गए स्वर्ण, रजत या कांस्य पदक के आधार पर तय होती है।
योजना का लाभ लेने के लिए भारतीय खिलाड़ियों को तय पात्रता शर्तें पूरी करनी होती हैं। इसमें ऐसी प्रतियोगिता में हिस्सा लेना भी शामिल है, जिसका नाम मौजूदा दिशानिर्देशों में दिया गया हो। ओलंपिक, पैरालंपिक, एशियाई खेल और राष्ट्रमंडल खेल जैसी बड़ी प्रतियोगिताओं को छोड़कर, ज्यादातर अन्य योग्य प्रतियोगिताओं में भाग लेने वाले देशों की न्यूनतम संख्या से जुड़ी शर्तें भी लागू हो सकती हैं। टीम स्पर्धाओं में पुरस्कार की राशि तय नियमों के अनुसार बांटी जाती है। योग्य कोचों को भी खिलाड़ी के पुरस्कार से जुड़ी प्रोत्साहन राशि मिल सकती है। केवल पदक जीतने से पुरस्कार मिलना तय नहीं होता। खिलाड़ी की उपलब्धि और आवेदन का योजना की शर्तों के अनुसार सही पाया जाना जरूरी है।
योग्य खिलाड़ी आधिकारिक DBT-MIS पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आमतौर पर खेल उपलब्धि हासिल करने के छह महीने के अंदर जरूरी जानकारी और दस्तावेजों के साथ आवेदन जमा करना होता है। पोर्टल पर आवेदन जमा करने और उसकी स्थिति देखने की सुविधा भी उपलब्ध है। योजना या आवेदन से जुड़ी मदद के लिए खिलाड़ी आधिकारिक पोर्टल पर दिए गए संपर्क विवरण देख सकते हैं या खेल विभाग से संपर्क कर सकते हैं।
खिलाड़ी दूसरी तरह की सहायता के लिए पंडित दीनदयाल उपाध्याय राष्ट्रीय खिलाड़ी कल्याण कार्यक्रम जैसी योजनाओं के बारे में भी जान सकते हैं। इस योजना के तहत आर्थिक परेशानी, इलाज की जरूरत या खेल के दौरान लगी चोट जैसी स्थितियों में पात्र खिलाड़ियों को सहायता दी जाती है।
योजना के लाभ
यह योजना योग्य अंतरराष्ट्रीय खेल प्रतियोगिताओं में पदक जीतने वाले भारतीय खिलाड़ियों को नकद पुरस्कार देकर उनकी उपलब्धियों को सम्मानित करती है। योजना के मुख्य लाभ इस प्रकार हैं:
- योग्य ओलंपिक और पैरालंपिक पदक विजेताओं को स्वर्ण पदक के लिए ₹75 लाख, रजत पदक के लिए ₹50 लाख और कांस्य पदक के लिए ₹30 लाख तक मिल सकते हैं।
- एशियाई खेल और राष्ट्रमंडल खेलों में पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को स्वर्ण पदक के लिए ₹30 लाख, रजत पदक के लिए ₹20 लाख और कांस्य पदक के लिए ₹10 लाख तक मिल सकते हैं।
- तय विश्व चैंपियनशिप, विश्व कप और अन्य अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में पदक जीतने वाले योग्य खिलाड़ियों को भी नकद पुरस्कार दिया जा सकता है। इसकी राशि प्रतियोगिता और पदक के आधार पर तय होती है।
- टीम स्पर्धा में हर योग्य खिलाड़ी को उसी प्रतियोगिता में व्यक्तिगत पदक के लिए तय पुरस्कार राशि का 75% मिलता है।
- योग्य कोचों को खिलाड़ी के लागू नकद पुरस्कार का 50% तक प्रोत्साहन राशि दी जा सकती है। इसका बंटवारा योजना के नियमों के अनुसार होता है।
- ओलंपिक, पैरालंपिक, एशियाई खेल और पैरा एशियाई खेलों में एक से ज्यादा पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को हर योग्य पदक के लिए पुरस्कार मिल सकता है। अन्य योग्य प्रतियोगिताओं में आमतौर पर केवल सबसे बड़े पुरस्कार वाले पदक के लिए राशि दी जाती है।
- इस योजना में सामान्य खिलाड़ियों, पैरा-खिलाड़ियों और अलग-अलग क्षमताओं वाले खिलाड़ियों की तय अंतरराष्ट्रीय खेल प्रतियोगिताओं में हासिल की गई उपलब्धियों को सम्मान दिया जाता है।
- जांच और मंजूरी के बाद नकद पुरस्कार सीधे लाभ हस्तांतरण (DBT) के माध्यम से दिया जाता है।
अलग-अलग खेल प्रतियोगिताओं में नकद पुरस्कार की राशि
इस योजना के तहत मिलने वाली नकद राशि अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता के प्रकार, जीते गए पदक और प्रतियोगिता कितने समय के अंतराल पर आयोजित होती है, इस पर निर्भर करती है। नीचे दी गई टेबल में 1 फरवरी 2025 से लागू दिशानिर्देशों के अनुसार वरिष्ठ स्तर की योग्य व्यक्तिगत स्पर्धाओं के मुख्य पुरस्कार बताए गए हैं।
अंतरराष्ट्रीय खेल प्रतियोगिता | स्वर्ण पदक | रजत पदक | कांस्य पदक |
|---|---|---|---|
ओलंपिक खेल | ₹75 लाख | ₹50 लाख | ₹30 लाख |
पैरालंपिक खेल | ₹75 लाख | ₹50 लाख | ₹30 लाख |
एशियाई खेल और पैरा एशियाई खेल | ₹30 लाख | ₹20 लाख | ₹10 लाख |
राष्ट्रमंडल खेल | ₹30 लाख | ₹20 लाख | ₹10 लाख |
हर चार साल में होने वाली विश्व चैंपियनशिप / विश्व कप | ₹40 लाख | ₹25 लाख | ₹15 लाख |
हर दो साल में होने वाली विश्व चैंपियनशिप / विश्व कप | ₹20 लाख | ₹14 लाख | ₹8 लाख |
हर साल होने वाली विश्व चैंपियनशिप / विश्व कप | ₹10 लाख | ₹7 लाख | ₹4 लाख |
हर चार साल में होने वाली एशियाई चैंपियनशिप | ₹15 लाख | ₹10 लाख | ₹5 लाख |
हर दो साल में होने वाली एशियाई चैंपियनशिप | ₹7.5 लाख | ₹5 लाख | ₹2.5 लाख |
हर साल होने वाली एशियाई चैंपियनशिप | ₹3.75 लाख | ₹2.5 लाख | ₹1.25 लाख |
विश्व विश्वविद्यालय खेल | ₹3.75 लाख | ₹2.5 लाख | ₹1.25 लाख |
ये पुरस्कार योजना की पात्रता और प्रतियोगिता में भाग लेने से जुड़े नियमों के अधीन हैं। कुछ पैरा-खेलों और अलग-अलग क्षमताओं वाले खिलाड़ियों की प्रतियोगिताओं के लिए पुरस्कार की राशि अलग हो सकती है। सभी प्रतियोगिताओं और उनकी पुरस्कार राशि की पूरी जानकारी के लिए योजना के आधिकारिक दिशानिर्देश देखें।
कोचों के लिए नकद प्रोत्साहन राशि
किसी खिलाड़ी की सफलता के पीछे अक्सर उसके कोच की मेहनत भी होती है। कोच खिलाड़ी को प्रशिक्षण देने, सही मार्गदर्शन करने और लगातार बेहतर प्रदर्शन के लिए तैयार करने में अहम भूमिका निभाते हैं। उनके योगदान को सम्मान देने के लिए इस योजना के तहत पदक जीतने वाले खिलाड़ियों से जुड़े योग्य कोचों को भी आर्थिक प्रोत्साहन दिया जाता है।
कोच को मिलने वाली प्रोत्साहन राशि खिलाड़ी के लागू नकद पुरस्कार का 50% होती है। इसके बाद इस राशि को कोचों की अलग-अलग श्रेणियों और योजना में बताए गए अन्य नियमों के अनुसार बांटा जाता है।
कोचों की प्रोत्साहन राशि का बंटवारा कैसे होता है?
व्यक्तिगत स्पर्धाओं में कोचों के लिए तय कुल प्रोत्साहन राशि को तीन श्रेणियों में इस तरह बांटा जाता है:
कोच की श्रेणी | कुल प्रोत्साहन राशि में हिस्सा |
|---|---|
शुरुआती स्तर के कोच (Grassroots-level coaches) | 30% |
खिलाड़ियों को आगे बढ़ाने वाले कोच (Developmental-level coaches) | 30% |
उच्च स्तर के कोच (Elite-level coaches) | 40% |
कोचों की प्रोत्साहन राशि से जुड़े जरूरी नियम
- कोचों के लिए कुल प्रोत्साहन राशि खिलाड़ी को मिलने वाले लागू पुरस्कार का 50% होती है। इस पर योजना के नियम लागू होते हैं।
- अगर एक ही श्रेणी में एक से ज्यादा कोचों के नाम दिए जाते हैं, तो उस श्रेणी का हिस्सा सभी कोचों में बराबर बांटा जाता है।
- टीम स्पर्धाओं में कोच की प्रोत्साहन राशि की गणना योजना के तहत लागू संबंधित पुरस्कार के आधार पर की जाती है।
- तय शर्तें पूरी होने पर खिलाड़ी किसी व्यक्तिगत कोच के बजाय अखाड़े या अकादमी का नाम भी दे सकता है।
- नामित कोच, अखाड़े या अकादमी को मंत्रालय के पंजीकरण और अन्य लागू नियमों को पूरा करना जरूरी है।
कोच की प्रोत्साहन राशि का उदाहरण
मान लीजिए कि कोई खिलाड़ी ओलंपिक में स्वर्ण पदक जीतता है और उसे ₹75 लाख का नकद पुरस्कार मिलता है। ऐसे में कोचों के लिए कुल प्रोत्साहन राशि ₹37.5 लाख होगी, जो खिलाड़ी के पुरस्कार का 50% है।
कोच की श्रेणी | गणना | राशि |
|---|---|---|
शुरुआती स्तर के कोच | ₹37.5 लाख का 30% | ₹11.25 लाख |
खिलाड़ियों को आगे बढ़ाने वाले कोच | ₹37.5 लाख का 30% | ₹11.25 लाख |
उच्च स्तर के कोच | ₹37.5 लाख का 40% | ₹15 लाख |
कोचों के लिए कुल प्रोत्साहन राशि | ₹75 लाख का 50% | ₹37.5 लाख |
ऊपर दिया गया उदाहरण यह समझाने के लिए है कि कोचों की प्रोत्साहन राशि किस तरह बांटी जाती है। असल में कितनी राशि मिलेगी, यह खिलाड़ी के स्वीकृत पुरस्कार, योग्य नामांकन और योजना के आधिकारिक दिशानिर्देशों में दी गई शर्तों पर निर्भर करेगा।
पात्रताएं
स्कीम ऑफ कैश इंसेंटिव टू मेडल विनर्स इन इंटरनेशनल स्पोर्ट्स इवेंट्स एंड देयर कोचेज का लाभ लेने के लिए खिलाड़ियों को भारत सरकार की तय पात्रता शर्तें पूरी करनी होती हैं। मुख्य शर्तें इस प्रकार हैं:
- आवेदक भारतीय खिलाड़ी होना चाहिए और उसने किसी योग्य अंतरराष्ट्रीय खेल प्रतियोगिता में पदक जीता होना चाहिए।
- जिस प्रतियोगिता में खिलाड़ी ने पदक जीता है, वह मौजूदा योजना के दिशानिर्देशों में शामिल होनी चाहिए।
- ज्यादातर व्यक्तिगत स्पर्धाओं में पुरस्कार के लिए कम से कम चार देशों की भागीदारी जरूरी होती है। भाग लेने वाले देशों की संख्या और प्रतियोगिता के नियमों के अनुसार पुरस्कार की राशि तय होती है।
- टीम स्पर्धाओं में भाग लेने वाले देशों या टीमों की न्यूनतम संख्या से जुड़ी शर्तें अलग हो सकती हैं। अगर भागीदारी तय सीमा से कम होती है, तो पुरस्कार की राशि घट सकती है या पुरस्कार नहीं भी मिल सकता है।
- ओलंपिक, पैरालंपिक, एशियाई खेल, पैरा एशियाई खेल और राष्ट्रमंडल खेलों में भागीदारी की न्यूनतम संख्या से जुड़े ये नियम लागू नहीं होते हैं।
- खिलाड़ी को आधिकारिक DBT-MIS पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन करना होता है। आमतौर पर खेल उपलब्धि हासिल करने के छह महीने के अंदर आवेदन जमा करना जरूरी है।
- पदक और प्रतियोगिता में भाग लेने से जुड़ी जानकारी की जांच के लिए जरूरी विवरण और दस्तावेज देने होते हैं।
- कोच भी तभी प्रोत्साहन राशि के पात्र होते हैं, जब वे योजना के दिशानिर्देशों में दी गई शर्तें पूरी करते हैं। उन्हें मिलने वाली राशि की गणना लागू नियमों के अनुसार होती है।
इन शर्तों को पूरा करने का मतलब यह नहीं है कि पुरस्कार मिलना तय है। आवेदन और खेल उपलब्धि की जांच होने के बाद ही योजना के नियमों के अनुसार पुरस्कार को मंजूरी दी जाती है।
योग्य खेल और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताएं
हर अंतरराष्ट्रीय खेल प्रतियोगिता में पदक जीतने पर इस योजना के तहत नकद पुरस्कार नहीं मिलता है। खेल विभाग ने कुछ खास खेलों और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं की सूची तय की है, जिनमें पदक जीतने पर आर्थिक प्रोत्साहन दिया जा सकता है। मौजूदा दिशानिर्देशों के अनुसार, मुख्य श्रेणियां नीचे दी गई हैं।
| श्रेणी | योग्य खेल और प्रतियोगिताएं |
|---|---|
| पारंपरिक ओलंपिक और प्रतिस्पर्धी खेल | तीरंदाजी, एथलेटिक्स, बैडमिंटन, साइकिलिंग, तलवारबाजी, जूडो, रोइंग, तैराकी, शूटिंग, टेबल टेनिस, हॉकी, कुश्ती, भारोत्तोलन, मुक्केबाजी, कयाकिंग और कैनोइंग, हैंडबॉल, बास्केटबॉल, स्पोर्ट क्लाइम्बिंग, ताइक्वांडो, मॉडर्न पेंटाथलॉन, रग्बी, फुटबॉल, ट्रायथलॉन, जिम्नास्टिक और वॉलीबॉल। |
| अन्य मान्यता प्राप्त खेल | सेपकटकरॉ, वुशु, कुराश, नेटबॉल, बेसबॉल, कराटे, कबड्डी, रोलर स्केटिंग, ब्रिज, शतरंज, घुड़सवारी, गोल्फ, नौकायन, सॉफ्ट टेनिस, लॉन बॉल्स, सॉफ्टबॉल, ब्रेकिंग, स्क्वैश, टेनिस, बिलियर्ड्स और स्नूकर, जू-जित्सु, ई-स्पोर्ट्स, खो-खो, योगासन और मल्लखंभ। |
| पैरा-खेल | योग्य पैरा-खेल प्रतियोगिताएं, जिनमें पैरा एथलेटिक्स, पैरा पावरलिफ्टिंग, पैरा स्विमिंग, पैरा शूटिंग और अन्य खेलों की तय पैरा प्रतियोगिताएं शामिल हैं। |
| अलग-अलग क्षमताओं वाले खिलाड़ियों के खेल | IBSA विश्व चैंपियनशिप या विश्व कप, ब्लाइंड क्रिकेट विश्व कप, डेफलंपिक्स, स्पेशल ओलंपिक्स विश्व खेल और बधिर खिलाड़ियों की योग्य विश्व चैंपियनशिप जैसी तय प्रतियोगिताएं। |
| बड़ी बहु-खेल प्रतियोगिताएं | ओलंपिक खेल, पैरालंपिक खेल, एशियाई खेल, पैरा एशियाई खेल, राष्ट्रमंडल खेल और विश्व विश्वविद्यालय खेल। इन पर संबंधित प्रतियोगिता और खेल के नियम लागू होते हैं। |
इस योजना के तहत केवल मौजूदा दिशानिर्देशों में शामिल प्रतियोगिताओं को ही मान्यता दी जाती है। किसी प्रतियोगिता की पात्रता उसके प्रकार, कितने समय के अंतराल पर होने और अन्य शर्तों पर निर्भर कर सकती है। खेल विभाग जरूरत के अनुसार योग्य प्रतियोगिताओं की सूची में बदलाव कर सकता है, जिसमें किसी प्रतियोगिता को जोड़ना, बदलना या हटाना शामिल है।
आवेदन करने से पहले खिलाड़ियों को योजना के आधिकारिक दिशानिर्देश जरूर देखने चाहिए। इससे यह पता चल सकेगा कि उनका खेल और प्रतियोगिता नकद पुरस्कार के लिए योग्य है या नहीं।
प्रतियोगिता में भाग लेने वाले देशों की न्यूनतम संख्या
ज्यादातर योग्य अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में नकद पुरस्कार की राशि इस बात पर भी निर्भर करती है कि कितने देशों ने प्रतियोगिता में हिस्सा लिया है। अगर भाग लेने वाले देशों की संख्या तय सीमा के बराबर या उससे ज्यादा है, तो पूरा पुरस्कार मिल सकता है। देशों की संख्या कम होने पर पुरस्कार घट सकता है। अगर भागीदारी न्यूनतम सीमा से भी कम है, तो पुरस्कार नहीं दिया जाता है।
टीम स्पर्धाओं में भागीदारी | व्यक्तिगत स्पर्धाओं में भागीदारी | मिलने वाला पुरस्कार |
|---|---|---|
12 या उससे ज्यादा देश भाग लें | 16 या उससे ज्यादा देश भाग लें | पूरा पुरस्कार |
6 से 11 देश भाग लें | 8 से 15 देश भाग लें | पुरस्कार की आधी राशि |
4 से 5 देश भाग लें | 4 से 7 देश भाग लें | पुरस्कार की एक-तिहाई राशि |
4 से कम टीमें भाग लें | 4 से कम देश भाग लें | कोई पुरस्कार नहीं |
अगर प्रतियोगिता के नियमों के अनुसार भाग लेने वाले खिलाड़ियों या टीमों की अधिकतम संख्या, पूरा पुरस्कार पाने के लिए तय सामान्य संख्या से कम है, तो पूरी राशि देने के लिए उसी कम संख्या को आधार माना जाता है।
भागीदारी की ये शर्तें ओलंपिक, पैरालंपिक, एशियाई खेल, पैरा एशियाई खेल और राष्ट्रमंडल खेलों पर लागू नहीं होती हैं।
आवश्यक दस्तावेज
इस योजना के तहत नकद पुरस्कार के लिए आवेदन करते समय खिलाड़ियों को जरूरी जानकारी और दस्तावेज तैयार रखने चाहिए, ताकि उनके आवेदन की जांच की जा सके। इनमें ये दस्तावेज शामिल हो सकते हैं:
- जीते गए पदक का प्रमाण, जैसे आधिकारिक परिणाम, पदक प्रमाणपत्र या प्रतियोगिता के नतीजों से जुड़ा दस्तावेज।
- आधार कार्ड या पहचान से जुड़ी अन्य जरूरी जानकारी।
- बैंक खाते की जानकारी, जिसमें खाता नंबर और IFSC कोड शामिल हो, ताकि नकद पुरस्कार सीधे बैंक खाते में DBT के माध्यम से भेजा जा सके।
- अंतरराष्ट्रीय खेल प्रतियोगिता का विवरण, जैसे प्रतियोगिता का नाम, तारीख, स्थान और जीता गया पदक।
- जहां लागू हो, टीम में भाग लेने से जुड़ी जानकारी।
- अगर किसी कोच को प्रोत्साहन राशि के लिए नामित किया जा रहा है, तो उससे जुड़ी जानकारी।
आवेदन और उसकी जांच के दौरान मांगे जाने वाले दस्तावेज अलग-अलग हो सकते हैं। आवेदन जमा करने से पहले खिलाड़ियों को आधिकारिक DBT-MIS पोर्टल पर दस्तावेजों से जुड़ी नई जानकारी देख लेनी चाहिए।
आवेदन प्रक्रिया
योग्य अंतरराष्ट्रीय खेल प्रतियोगिताओं में पदक जीतने वाले खिलाड़ी नकद पुरस्कार के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आवेदन की प्रक्रिया खेल विभाग के DBT-MIS पोर्टल के माध्यम से पूरी की जाती है। आमतौर पर प्रतियोगिता खत्म होने के छह महीने के अंदर आवेदन जमा करना होता है। आवेदन करने के लिए नीचे दिए गए चरणों का पालन करें:
- खेल विभाग के आधिकारिक DBT-MIS पोर्टल पर जाएं।
- अगर आप पहली बार आवेदन कर रहे हैं, तो होमपेज पर Registration विकल्प पर क्लिक करके अपना अकाउंट बनाएं। रजिस्ट्रेशन पूरा करने के लिए मांगी गई जानकारी भरें।
- अगर आपका अकाउंट पहले से बना हुआ है, तो Sportsperson Login विकल्प चुनें और अपने रजिस्टर्ड लॉगिन विवरण से साइन इन करें।
- लॉगिन करने के बाद स्कीम ऑफ कैश इंसेंटिव टू मेडल विनर्स इन इंटरनेशनल स्पोर्ट्स इवेंट्स एंड देयर कोचेज का विकल्प खोजें और उसे चुनें।
- आवेदन फॉर्म में अपनी व्यक्तिगत जानकारी, बैंक खाते का विवरण और उस अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता की जानकारी भरें, जिसमें आपने पदक जीता है।
- जहां जरूरी हो, वहां अपने पदक, टीम और कोच से जुड़ी जानकारी दें। पोर्टल पर मांगे गए सहायक दस्तावेज अपलोड करें।
- सभी जानकारी ध्यान से जांचें और आवेदन जमा कर दें। बाद में आवेदन की जानकारी देखने के लिए अपना आवेदन नंबर या पावती सुरक्षित रख लें।
- आवेदन की स्थिति देखने के लिए पोर्टल पर लॉगिन करें और मेन्यू में Application Status विकल्प चुनें। अपना आवेदन नंबर डालकर ताजा स्थिति देखें।
पोर्टल के माध्यम से आवेदन जमा करने के लिए कोई सेवा शुल्क नहीं लिया जाता है। रजिस्ट्रेशन या आवेदन करने में मदद चाहिए, तो आप 1800-202-5155 या 1800-258-5155 पर आधिकारिक हेल्पडेस्क से संपर्क कर सकते हैं। हेल्पडेस्क सोमवार से शुक्रवार सुबह 8 बजे से रात 8 बजे तक उपलब्ध है।
टीम स्पर्धाओं और एक से ज्यादा पदक जीतने के नियम
इस योजना में टीम प्रतियोगिताओं और एक अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में एक से ज्यादा पदक जीतने वाले खिलाड़ियों के लिए अलग नियम हैं। इन नियमों के आधार पर तय होता है कि नकद पुरस्कार की गणना कैसे होगी और खिलाड़ी को हर पदक के लिए पुरस्कार मिल सकता है या नहीं।
- योग्य टीम स्पर्धा में हर सदस्य को उसी पदक, स्तर और भागीदारी श्रेणी की व्यक्तिगत स्पर्धा के लिए तय पुरस्कार राशि का 75% मिलता है।
- योजना की शर्तें पूरी होने पर टीम में शामिल योग्य खिलाड़ियों को पुरस्कार दिया जा सकता है। इसमें बेंच पर रहने वाले और रिजर्व खिलाड़ी भी शामिल हो सकते हैं।
- उदाहरण के लिए, अगर किसी व्यक्तिगत स्पर्धा में कांस्य पदक जीतने पर ₹30 लाख का पुरस्कार तय है, तो उसी पदक को जीतने वाली टीम के हर योग्य सदस्य को योजना के नियमों के अधीन ₹22.5 लाख मिल सकते हैं।
- ओलंपिक, पैरालंपिक, एशियाई खेल और पैरा एशियाई खेलों में योग्य खिलाड़ी व्यक्तिगत या टीम स्पर्धाओं में जीते गए हर पदक के लिए नकद पुरस्कार पा सकते हैं।
- अन्य योग्य अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में अगर कोई खिलाड़ी एक से ज्यादा पदक जीतता है, तो आमतौर पर उसे उस प्रतियोगिता में सबसे ऊंचे स्तर के पदक के लिए ही पुरस्कार मिलता है।
- जहां न्यूनतम भागीदारी की शर्तें लागू होती हैं, वहां सभी पुरस्कार उन्हीं शर्तों के अधीन दिए जाते हैं।
महत्वपूर्ण लिंक
- खेल विभाग, युवा कार्यक्रम और खेल मंत्रालय – आधिकारिक वेबसाइट
- ऑनलाइन आवेदन के लिए DBT-MIS पोर्टल
- खिलाड़ियों और उनके कोचों के लिए संशोधित नकद पुरस्कार योजना के दिशानिर्देश
- योजना में ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करने की यूजर मैनुअल
- अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
संपर्क जानकारी
स्कीम ऑफ कैश इंसेंटिव टू मेडल विनर्स इन इंटरनेशनल स्पोर्ट्स इवेंट्स एंड देयर कोचेज से जुड़ा कोई सवाल होने पर आवेदक भारत सरकार के युवा कार्यक्रम और खेल मंत्रालय के खेल विभाग से संपर्क कर सकते हैं।
खेल विभाग, युवा कार्यक्रम और खेल मंत्रालय
- फोन नंबर: 011-23387432 / 011-23385101
- टोल-फ्री हेल्पडेस्क: 1800-202-5155 / 1800-258-5155
- योजना से जुड़े सवालों के लिए ईमेल: [email protected]
- तकनीकी सवालों के लिए ईमेल: [email protected]
- पता: खेल विभाग, युवा कार्यक्रम और खेल मंत्रालय, शास्त्री भवन, नई दिल्ली – 110001
- कार्यालय का समय: सोमवार से शुक्रवार, सुबह 9 बजे से शाम 5:30 बजे तक। सार्वजनिक छुट्टियों पर कार्यालय बंद रहता है।
- ऑनलाइन आवेदन हेल्पडेस्क का समय: सोमवार से शुक्रवार, सुबह 8 बजे से रात 8 बजे तक।
आवेदन से जुड़ी मदद के लिए आवेदक आधिकारिक Contact Us पेज भी देख सकते हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
यह भारत सरकार की योजना है, जिसके तहत अंतरराष्ट्रीय खेल प्रतियोगिताओं में पदक जीतने वाले पात्र खिलाड़ियों को नकद प्रोत्साहन राशि दी जाती है। इसके अंतर्गत पात्र कोचों को भी प्रोत्साहन राशि मिल सकती है।
यह योजना वर्ष 1986 में शुरू की गई थी।
ओलंपिक या पैरालंपिक खेलों में स्वर्ण पदक जीतने वाले पात्र खिलाड़ी को ₹75 लाख तक की नकद प्रोत्साहन राशि दी जाती है।
इन प्रतियोगिताओं में पात्र खिलाड़ियों को स्वर्ण पदक के लिए ₹30 लाख, रजत पदक के लिए ₹20 लाख और कांस्य पदक के लिए ₹10 लाख तक की राशि दी जाती है।
हाँ, पात्र खिलाड़ियों के कोचों को भी प्रोत्साहन राशि दी जाती है। कोचों के लिए निर्धारित राशि खिलाड़ी को मिलने वाली पुरस्कार राशि के 50% तक हो सकती है। इसका वितरण कोचों की श्रेणियों के अनुसार किया जाता है।
पात्र खिलाड़ी DBT-MIS पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आवेदन करते समय संबंधित खेल उपलब्धि के आवश्यक दस्तावेज जमा करने होते हैं।
आमतौर पर खेल उपलब्धि हासिल करने के छह महीने के भीतर आवेदन करना होता है। आवेदन करने से पहले संबंधित दिशा-निर्देशों की जाँच करना उचित है।
इस योजना का संचालन युवा कार्यक्रम और खेल मंत्रालय के अंतर्गत खेल विभाग द्वारा किया जाता है।
इस योजना के तहत ओलंपिक, पैरालंपिक, एशियाई खेल, पैरा एशियाई खेल और राष्ट्रमंडल खेलों सहित निर्धारित अंतरराष्ट्रीय खेल प्रतियोगिताओं में पदक जीतने पर प्रोत्साहन राशि दी जाती है। कुछ विश्व चैंपियनशिप और विश्व कप प्रतियोगिताएँ भी इसके अंतर्गत शामिल हैं।
हाँ, पात्र टीम स्पर्धाओं में पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को भी योजना के नियमों के अनुसार प्रोत्साहन राशि मिल सकती है।
हाँ, निर्धारित विश्व चैंपियनशिप और विश्व कप प्रतियोगिताओं में पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को प्रोत्साहन राशि मिल सकती है। इसकी पात्रता प्रतियोगिता की श्रेणी और निर्धारित नियमों पर निर्भर करती है।
नहीं, हर अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता इस योजना के अंतर्गत शामिल नहीं होती। प्रतियोगिता और पदक की पात्रता संबंधित सरकारी दिशा-निर्देशों के अनुसार तय की जाती है।
यह योजना अंतरराष्ट्रीय खेल प्रतियोगिताओं में भारत का प्रतिनिधित्व करने वाले पात्र भारतीय खिलाड़ियों के लिए है। लाभ प्राप्त करने के लिए निर्धारित शर्तों को पूरा करना आवश्यक है।
हाँ, खिलाड़ियों को निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार आवेदन करना होता है। इसके लिए खेल उपलब्धि से संबंधित जानकारी और आवश्यक दस्तावेज जमा करने पड़ सकते हैं।
आवेदन के लिए पदक जीतने का प्रमाणपत्र, प्रतियोगिता से संबंधित विवरण, पहचान और बैंक खाते से जुड़ी जानकारी जैसे दस्तावेज माँगे जा सकते हैं। दस्तावेजों की सटीक सूची के लिए आधिकारिक दिशा-निर्देश देखें।
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| जाति | योजना का प्रकार | सरकार |
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