पीएम केयर्स फॉर चिल्ड्रन योजना

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द्वारा प्रस्तुत Minakshi on Thu, 01/10/2026 - 17:33
Narendra Modi PM of India
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पीएम केयर्स फॉर चिल्ड्रन योजना
हाइलाइट
  • कोविड-19 के कारण अपने माता-पिता या निर्धारित देखभाल करने वाले व्यक्ति को खोने वाले बच्चों के लिए सहायता।
  • प्रत्येक पात्र बच्चे के लिए ₹10 लाख का वित्तीय कोष।
  • पीएम-जय के तहत ₹5 लाख का स्वास्थ्य बीमा।
  • कक्षा 1 से 12 तक के बच्चों के लिए ₹20,000 की सालाना छात्रवृत्ति।
  • रिश्तेदारों के साथ रहने वाले पात्र बच्चों के लिए ₹4,000 प्रति माह की सहायता।
ग्राहक देखभाल फ़ोन नंबर
  • पीएम केयर्स फॉर चिल्ड्रन योजना के दिशा-निर्देश से जुड़े सवालों के लिए फोन नंबर: 01123381970
  • पीएम केयर्स फॉर चिल्ड्रन योजना के दिशा-निर्देश से जुड़े सवालों के लिए ईमेल: [email protected]
योजना का अवलोकन
योजना का नामपीएम केयर्स फॉर चिल्ड्रन योजना
शुरू होने की तारीख29 मई 2021
लाभ₹10 लाख का वित्तीय कोष, ₹5 लाख का स्वास्थ्य बीमा, शिक्षा के लिए सहायता और ₹20,000 सालाना छात्रवृत्ति
लाभार्थीवे पात्र बच्चे जिन्होंने कोविड-19 के कारण अपने माता-पिता, जीवित माता या पिता, कानूनी अभिभावक या दत्तक माता-पिता को खो दिया है।
नोडल मंत्रालयमहिला एवं बाल विकास मंत्रालय, भारत सरकार
सब्सक्रिप्शनयोजना से जुड़े अपडेट पाने के लिए यहां सब्सक्राइब करें
आवेदन का तरीकापीएम केयर्स फॉर चिल्ड्रन पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन

योजना के बारे में

कोविड-19 महामारी के दौरान कई बच्चों को अपने माता-पिता या उनकी देखभाल करने वाले अन्य महत्वपूर्ण व्यक्ति को खोने का दुख झेलना पड़ा। ऐसे बच्चों की पढ़ाई, स्वास्थ्य और भविष्य की आर्थिक जरूरतों को ध्यान में रखते हुए भारत सरकार ने 29 मई 2021 को पीएम केयर्स फॉर चिल्ड्रन योजना शुरू की। इस योजना के माध्यम से बच्चों को केवल आर्थिक सहायता ही नहीं, बल्कि उनकी उम्र और जरूरत के अनुसार शिक्षा, स्वास्थ्य, देखभाल और पुनर्वास से जुड़ी मदद भी देने की व्यवस्था की गई है। योजना का संचालन महिला एवं बाल विकास मंत्रालय द्वारा किया जाता है, ताकि प्रभावित बच्चों को बचपन से लेकर वयस्क होने तक जरूरी सहायता मिलती रहे और वे आगे चलकर आत्मनिर्भर जीवन की ओर बढ़ सकें।

इस योजना का एक मुख्य लाभ ₹10 लाख का वित्तीय कोष है। सरकार बच्चे की उम्र के हिसाब से एक तय राशि जमा करती है, ताकि जब बच्चा 18 साल का हो जाए, तब यह कोष ₹10 लाख का हो जाए। बच्चे के 18 साल पूरे होने के बाद इस कोष को इस तरह निवेश किया जाता है कि उसे 18 से 23 साल की उम्र तक हर महीने एक वजीफा मिल सके। जब लाभार्थी 23 साल का हो जाता है, तब उसे ₹10 लाख का कोष एकमुश्त राशि के रूप में दिया जाता है। इससे उसे वयस्क जीवन की शुरुआत में आर्थिक सहारा मिलता है।

इस योजना के तहत हर बच्चे को हर साल ₹5 लाख का स्वास्थ्य बीमा कवर भी दिया जाता है। यह सुविधा आयुष्मान भारत – प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत मिलती है। पात्र बच्चों को स्कूल की पढ़ाई के लिए भी सहायता मिल सकती है। इसमें लागू सरकारी योजनाओं के माध्यम से प्रवेश और दूसरी शैक्षणिक जरूरतों के लिए सहायता शामिल है। कक्षा 1 से 12 तक पढ़ने वाले बच्चों के लिए अलग से ₹20,000 सालाना छात्रवृत्ति भी दी जाती है, जिससे उनकी पढ़ाई से जुड़े खर्चों में मदद मिल सके।

जिन बच्चों को देखभाल और पुनर्वास की जरूरत होती है, उन्हें मिशन वात्सल्य के माध्यम से सहायता मिल सकती है। रिश्तेदारों के साथ रहने वाले पात्र बच्चों को ₹4,000 प्रति माह की सहायता दी जा सकती है। वहीं, जिन बच्चों को संस्थागत देखभाल की जरूरत होती है, उन्हें लागू नियमों के अनुसार बाल देखभाल संस्थानों के माध्यम से सहायता मिल सकती है। इस योजना के तहत उच्च शिक्षा के लिए भी सहायता के अवसर दिए जाते हैं। इसमें शिक्षा ऋण पर ब्याज सब्सिडी, AICTE स्वनाथ छात्रवृत्ति और पात्र संस्थानों में अतिरिक्त सीटों जैसी सुविधाएं शामिल हैं।

यह योजना उन बच्चों को कवर करती है जिन्होंने कोविड-19 के कारण अपने दोनों माता-पिता, जीवित माता या पिता, कानूनी अभिभावक, दत्तक माता-पिता या किसी एक दत्तक माता या पिता को खो दिया है। मृत्यु 11 मार्च 2020 से 5 मई 2023 के बीच हुई होनी चाहिए। माता-पिता या अभिभावक की मृत्यु की तारीख पर बच्चे की उम्र 18 साल पूरी नहीं हुई होनी चाहिए। यह योजना भारत के सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों तथा देश के सभी जिलों में लागू है।

कुल मिलाकर, पीएम केयर्स फॉर चिल्ड्रन योजना का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोविड-19 के कारण अपने माता-पिता या देखभाल करने वाले व्यक्ति को खोने वाले बच्चों को शिक्षा, स्वास्थ्य, देखभाल और आर्थिक सुरक्षा से जुड़ी सहायता मिलती रहे। यह सहायता बच्चे के बचपन से लेकर शुरुआती वयस्क जीवन के महत्वपूर्ण चरणों तक जारी रखने का उद्देश्य रखती है, ताकि वह आगे चलकर आत्मनिर्भर जीवन की ओर बढ़ सके।

योजना के लाभ

पीएम केयर्स फॉर चिल्ड्रन योजना के तहत पात्र बच्चों को आर्थिक, स्वास्थ्य, शिक्षा और देखभाल से जुड़ी सहायता दी जाती है। इसके मुख्य लाभ इस प्रकार हैं:

  • बच्चे के 18 साल का होने तक उम्र के आधार पर योगदान किया जाता है, जिससे उसके लिए ₹10 लाख का वित्तीय कोष तैयार हो जाता है।
  • बच्चे को 18 से 23 साल की उम्र तक हर महीने वजीफा मिलता है और 23 साल की उम्र पूरी होने पर ₹10 लाख की राशि दी जाती है।
  • बच्चे के 23 साल की उम्र पूरी करने तक आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत ₹5 लाख का स्वास्थ्य बीमा कवर मिलता है।
  • रिश्तेदारों के साथ रहने वाले 18 साल से कम उम्र के पात्र बच्चों को मिशन वात्सल्य के तहत ₹4,000 प्रति माह प्रति बच्चा दिया जाता है। बाल देखभाल संस्थानों में रहने वाले बच्चों को संस्था के माध्यम से लागू नियमों के अनुसार सहायता दी जाती है।
  • पात्र बच्चों को उपयुक्त सरकारी, सरकारी सहायता प्राप्त, केंद्रीय विद्यालय, जवाहर नवोदय विद्यालय, कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय और अन्य पात्र स्कूलों में पढ़ाई और प्रवेश के लिए सहायता दी जाती है। यह सहायता लागू नियमों के अनुसार होती है।
  • कक्षा 1 से 12 तक पढ़ने वाले पात्र बच्चों को ₹20,000 सालाना छात्रवृत्ति दी जाती है।
  • व्यावसायिक पाठ्यक्रम और उच्च शिक्षा के लिए केंद्रीय क्षेत्र ब्याज सब्सिडी योजना के तहत शिक्षा ऋण और लागू ब्याज सब्सिडी की सुविधा मिल सकती है।
  • पात्र तकनीकी शिक्षा पाठ्यक्रमों के लिए AICTE स्वनाथ छात्रवृत्ति के तहत ₹50,000 सालाना दिए जा सकते हैं।
  • पॉलिटेक्निक संस्थानों में हर पाठ्यक्रम और संस्थान में दो अतिरिक्त सीटें और उच्च शिक्षा संस्थानों में लागू नियमों के अनुसार अतिरिक्त सीटों की सुविधा दी जाती है।
  • प्रत्येक मृत माता या पिता के लिए परिवार को लागू प्रावधानों के अनुसार ₹50,000 की एकमुश्त अनुग्रह सहायता दी जाती है।

उम्र के आधार पर जमा की जाने वाली शुरुआती राशि

इस योजना के तहत जमा की जाने वाली राशि उस समय बच्चे की उम्र पर निर्भर करती है, जब उसका खाता खोला जाता है। इस योगदान को इस तरह तय किया गया है कि जब लाभार्थी 18 साल का हो, तब उसका वित्तीय कोष ₹10 लाख हो जाए।

खाता खोलते समय उम्र
परिपक्वता अवधि
शुरुआती एकमुश्त योगदान
1 साल
17 साल
₹2,87,870
2 साल
16 साल
₹3,09,750
3 साल
15 साल
₹3,33,290
4 साल
14 साल
₹3,58,620
5 साल
13 साल
₹3,85,870
6 साल
12 साल
₹4,15,200
7 साल
11 साल
₹4,46,750
8 साल
10 साल
₹4,80,710
9 साल
9 साल
₹5,17,240
10 साल
8 साल
₹5,56,550
11 साल
7 साल
₹5,98,850
12 साल
6 साल
₹6,44,360
13 साल
5 साल
₹6,93,330
14 साल
4 साल
₹7,46,030
15 साल
3 साल
₹8,02,720
16 साल
2 साल
₹8,63,730
17 साल
1 साल
₹9,29,370
18 साल और उससे अधिक
0 साल
₹10,00,000
महत्वपूर्ण नोट: शुरुआती योगदान की गणना करते समय लाभार्थी की उम्र को अगली पूरी उम्र में माना जाता है। उदाहरण के लिए, अगर बच्चा 4 महीने का है, तो उसकी उम्र 1 साल मानी जाएगी। इसी तरह, अगर बच्चा 12 साल और 9 महीने का है, तो उसकी उम्र 13 साल मानी जाएगी।

पात्रताएं

पीएम केयर्स फॉर चिल्ड्रन योजना का लाभ लेने के लिए बच्चे को सरकार द्वारा तय पात्रता की शर्तों को पूरा करना जरूरी है। बच्चे को निम्नलिखित में से लागू शर्त पूरी करनी चाहिए:

  • बच्चे ने कोविड-19 महामारी के कारण अपने दोनों माता-पिता को खोया हो; या
  • बच्चे ने कोविड-19 के कारण अपने जीवित माता या पिता को खोया हो; या
  • बच्चे ने कोविड-19 के कारण अपने कानूनी अभिभावक को खोया हो; या
  • बच्चे ने कोविड-19 के कारण अपने दत्तक माता-पिता या किसी एक दत्तक माता या पिता को खोया हो।
  • माता-पिता, अभिभावक या दत्तक माता-पिता की मृत्यु 11 मार्च 2020 से 5 मई 2023 के बीच हुई होनी चाहिए।
  • माता-पिता की मृत्यु की तारीख पर बच्चे की उम्र 18 साल पूरी नहीं हुई होनी चाहिए।
  • बच्चे की पहचान पीएम केयर्स फॉर चिल्ड्रन योजना के तहत की गई हो और उसे लाभार्थी के रूप में मंजूरी मिली होनी चाहिए।

आवश्यक दस्तावेज

पंजीकरण और सत्यापन के समय मांगे जाने वाले दस्तावेज बच्चे की स्थिति और सत्यापन प्रक्रिया के अनुसार अलग-अलग हो सकते हैं। पंजीकरण और सत्यापन के लिए निम्नलिखित दस्तावेज मांगे जा सकते हैं:

  • बच्चे का आधार कार्ड या कोई अन्य वैध पहचान पत्र
  • मृत माता-पिता, अभिभावक या दत्तक माता-पिता का मृत्यु प्रमाण पत्र, जैसा लागू हो
  • मृत माता-पिता या अभिभावक के साथ संबंध का प्रमाण
  • बच्चे की जन्मतिथि का प्रमाण
  • जरूरत पड़ने पर पता या निवास का प्रमाण
  • बैंक या डाकघर खाते की जानकारी
  • लागू छात्रवृत्ति भुगतान के लिए आधार से जुड़े बैंक खाते की जानकारी
  • स्कूल या शैक्षणिक संस्थान की जानकारी
  • बच्चे और माता-पिता की पासपोर्ट आकार की फोटो
  • जहां लागू हो, देखभाल करने वाले व्यक्ति या अभिभावक की जानकारी
  • बाल कल्याण समिति, जिला मजिस्ट्रेट या संबंधित अधिकारी द्वारा मांगा गया कोई अन्य दस्तावेज

आवेदन प्रक्रिया

पीएम केयर्स फॉर चिल्ड्रन योजना में बच्चे की पहचान, पंजीकरण और सत्यापन की प्रक्रिया सरकार के माध्यम से पूरी की जाती है। पात्र बच्चे या उनके देखभाल करने वाले व्यक्ति इस योजना में सहायता के लिए संबंधित बाल संरक्षण अधिकारियों से संपर्क कर सकते हैं।

  • योजना के तहत सहायता के लिए अपने नजदीकी संबंधित बाल कल्याण समिति, जिला बाल संरक्षण इकाई या जिला मजिस्ट्रेट से संपर्क करें।
  • पहचान और सत्यापन के लिए बच्चे की जानकारी और जरूरी दस्तावेज उपलब्ध कराएं।
  • बाल कल्याण समिति, जिला बाल संरक्षण इकाई की सहायता से बच्चे की जानकारी और उसकी स्थिति का सत्यापन करती है।
  • बाल कल्याण समिति अपनी सिफारिश जिला मजिस्ट्रेट को भेजती है।
  • जिला मजिस्ट्रेट मामले की जांच करता है और यह तय करता है कि बच्चा योजना के लिए पात्र है या नहीं।
  • मंजूरी मिलने के बाद बच्चे का पीएम केयर्स फॉर चिल्ड्रन डाकघर खाता खोलने के लिए प्रपत्र-1 का इस्तेमाल किया जाता है।
  • खाता खोलने और उसे सत्यापित करने के लिए जरूरी जानकारी और दस्तावेज डाकघर में जमा करें।
  • खाता सत्यापित होने के बाद पात्र आर्थिक सहायता खाते में जमा की जाती है।
  • इसके बाद बच्चे को लागू शिक्षा, स्वास्थ्य, बाल संरक्षण और दूसरी सरकारी सहायता से जोड़ा जाता है।
महत्वपूर्ण नोट: पीएम केयर्स फॉर चिल्ड्रन पोर्टल पर अभी सार्वजनिक पंजीकरण का विकल्प दिखाई नहीं देता है। पात्र बच्चों या उनके देखभाल करने वाले व्यक्ति को पंजीकरण और सत्यापन में सहायता के लिए संबंधित बाल कल्याण समिति, जिला बाल संरक्षण इकाई या जिला मजिस्ट्रेट से संपर्क करना चाहिए।

नियम और शर्तें

  • बच्चे को पीएम केयर्स फॉर चिल्ड्रन योजना के तहत तय पात्रता की सभी शर्तों को पूरा करना जरूरी है।
  • माता-पिता, अभिभावक या दत्तक माता-पिता की मृत्यु सरकार द्वारा तय कोविड-19 की आधिकारिक अवधि के अंदर हुई होनी चाहिए।
  • माता-पिता की मृत्यु की तारीख पर बच्चे की उम्र 18 साल पूरी नहीं हुई होनी चाहिए।
  • योजना के लाभ बच्चे की पहचान होने और उसे योजना के तहत मंजूरी मिलने के बाद ही दिए जाते हैं।
  • ₹10 लाख की आर्थिक सहायता एक वित्तीय कोष के रूप में तैयार की जाती है। यह किसी नाबालिग बच्चे को तुरंत नकद भुगतान के रूप में नहीं दी जाती है।
  • मासिक वजीफा लाभार्थी के 18 साल की उम्र पूरी करने के बाद दिया जाता है।
  • योजना के प्रावधानों के अनुसार ₹10 लाख की राशि लाभार्थी को 23 साल की उम्र पूरी होने पर दी जाती है।
  • शिक्षा छात्रवृत्ति और दूसरी शैक्षणिक सुविधाएं संबंधित सहायता योजनाओं की पात्रता शर्तों के अनुसार दी जाती हैं।
  • स्वास्थ्य बीमा प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत लागू योजना नियमों के अनुसार दिया जाता है।
  • पीएम केयर्स फॉर चिल्ड्रन योजना के उस साल तक जारी रहने की उम्मीद है, जब तक इसके तहत पहचाने गए सभी लाभार्थी 23 साल की उम्र पूरी नहीं कर लेते।

महत्वपूर्ण लिंक

संपर्क जानकारी

महिला एवं बाल विकास मंत्रालय, भारत सरकार के संपर्क विवरण

  • पीएम केयर्स फॉर चिल्ड्रन योजना के दिशा-निर्देश से जुड़े सवालों के लिए फोन नंबर: 01123381970
  • पीएम केयर्स फॉर चिल्ड्रन योजना से जुड़े तकनीकी सवालों के लिए फोन नंबर: 01123388074
  • पीएम केयर्स फॉर चिल्ड्रन योजना के दिशा-निर्देश से जुड़े सवालों के लिए ईमेल: [email protected]
  • पीएम केयर्स फॉर चिल्ड्रन योजना से जुड़े तकनीकी सवालों के लिए ईमेल: [email protected]

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पीएम केयर्स फॉर चिल्ड्रन योजना कोविड-19 के कारण अपने माता-पिता या अन्य निर्धारित देखभाल करने वाले व्यक्ति को खोने वाले पात्र बच्चों को शिक्षा, स्वास्थ्य, देखभाल और आर्थिक सहायता देने के लिए शुरू की गई योजना है।
 

इस योजना को भारत सरकार ने 29 मई 2021 को शुरू किया था।
 

बच्चे की उम्र के आधार पर सरकार एक तय राशि जमा करती है, ताकि उसके 18 साल का होने तक ₹10 लाख का वित्तीय कोष तैयार हो जाए। 18 से 23 साल की उम्र के बीच इस कोष से मासिक वजीफा मिलता है और 23 साल की उम्र पूरी होने पर ₹10 लाख की राशि दी जाती है।
 

पात्र बच्चे को प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत हर साल ₹5 लाख का स्वास्थ्य बीमा कवर मिलता है, जो बच्चे के 23 साल की उम्र पूरी करने तक उपलब्ध रहता है।
 

कक्षा 1 से 12 तक पढ़ने वाले पात्र बच्चों को ₹20,000 सालाना छात्रवृत्ति दी जाती है।
 

वे बच्चे पात्र हो सकते हैं जिन्होंने कोविड-19 के कारण अपने दोनों माता-पिता, जीवित माता या पिता, कानूनी अभिभावक, दत्तक माता-पिता या किसी एक दत्तक माता या पिता को खोया हो। मृत्यु 11 मार्च 2020 से 5 मई 2023 के बीच हुई होनी चाहिए और मृत्यु की तारीख पर बच्चे की उम्र 18 साल पूरी नहीं हुई होनी चाहिए।
 

पात्र बच्चे या उनके देखभाल करने वाले व्यक्ति को संबंधित बाल कल्याण समिति, जिला बाल संरक्षण इकाई या जिला मजिस्ट्रेट से संपर्क करना होता है। इसके बाद बच्चे की पहचान और दस्तावेजों का सत्यापन किया जाता है।
 

बच्चे का आधार कार्ड या अन्य पहचान पत्र, मृत्यु प्रमाण पत्र, संबंध का प्रमाण, जन्मतिथि का प्रमाण, पता या निवास का प्रमाण, बैंक या डाकघर खाते की जानकारी, स्कूल की जानकारी, फोटो और अभिभावक या देखभाल करने वाले व्यक्ति की जानकारी जैसे दस्तावेज मांगे जा सकते हैं।
 

दिए गए स्रोत के अनुसार, पोर्टल पर अभी सार्वजनिक पंजीकरण का विकल्प दिखाई नहीं देता है। पात्र बच्चों या उनके देखभाल करने वाले व्यक्ति को पंजीकरण और सत्यापन के लिए संबंधित बाल कल्याण समिति, जिला बाल संरक्षण इकाई या जिला मजिस्ट्रेट से संपर्क करना चाहिए।
 

दिए गए विवरण के अनुसार, यह योजना उस साल तक जारी रहने की उम्मीद है, जब तक इसके तहत पहचाने गए सभी लाभार्थी 23 साल की उम्र पूरी नहीं कर लेते।    Pasted text
 

पात्र बच्चों को उच्च शिक्षा और व्यावसायिक पाठ्यक्रमों के लिए शिक्षा ऋण पर ब्याज सहायता, एआईसीटीई स्वनाथ छात्रवृत्ति और कुछ संस्थानों में अतिरिक्त सीटों जैसी सुविधाएं मिल सकती हैं।
 

मिशन वात्सल्य के तहत पात्र 18 साल से कम उम्र के बच्चों को रिश्तेदारों के साथ रहने पर ₹4,000 प्रति माह की सहायता दी जा सकती है।
 

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टिप्पणियाँ

State se report lag Nahin Baki Hai

आपका नाम
SHAHANSHAH
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State se report Nahin lag rahi hai lagbhag 4 mahine se upar ho chuka hai

Sincence

आपका नाम
Prince tandan
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Mammy nahi rahe

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