- झारखण्ड राज्य में पशुपालन को बढ़ावा देने के लिए झारखण्ड की राज्य सरकार द्वारा मुख्यमंत्री पशुधन विकास योजना जारी की गयी थी।
- इस योजना के माध्यम से दुधारू गाय खरीदने, पशुशाला निर्माण, गाय बीमा एवं पशुपालन संभंधित उपकरण के लिए 50 प्रतिशत तक की सब्सिड़ी प्रदान की जाएगी।
- बकरी, सूकर एवं बत्त्तख़ चूजा पालन के लिए 100 प्रतिशत तक का अनुदान किया जाएगा।
- मुख्यमंत्री पशुधन विकास योजना के तहत राज्य में दूध, मांस, अंडो का उत्पादन में वृद्धि आएगी तथा राज्य आत्मनिर्भर बनेगा।
- यह योजना केवल झारखण्ड के पशुपालको और किसानो को लाभदाय हैं।
- विस्तृत जानकारी के लिए संबंधित प्रखंड का प्रखंड पशुपालन कार्यालय, जिला पशुपालन पदाधिकारी/जिला गव्य विकास कार्यालय, अथवा पंचायत के मुखिया से संपर्क करे।
योजना का अवलोकन | |
|---|---|
| योजना का नाम | झारखण्ड मुख्यमंत्री पशुधन विकास योजना |
| लाभ |
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| लाभार्थी |
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| नोडल विभाग | कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता विभाग, झारखंड सरकार |
| सब्सक्रिप्शन | योजना की निरंतर जानकारी के लिए यहाँ सब्सक्राइब करे। |
| आवेदन का तरीका | ऑफलाइन माध्यम से। |
योजना के बारे में
मुख्यमंत्री पशुधन विकास योजना झारखंड सरकार की एक महत्वपूर्ण योजना है, जिसका उद्देश्य ग्रामीण किसानों और पशुपालकों की आय बढ़ाना और उन्हें पशुपालन के जरिए रोजगार का अवसर देना है। इस योजना के तहत पात्र लाभार्थियों को गाय, भैंस, बकरी, सूकर, मुर्गी और बत्तख पालन जैसी अलग-अलग पशुपालन गतिविधियों के लिए सरकारी सहायता दी जाती है। योजना का लाभ अलग-अलग जिलों में जारी सरकारी सूचना के अनुसार उपलब्ध कराया जाता है।
योजना के तहत लाभार्थियों को पशु खरीदने और डेयरी या अन्य पशुपालन इकाई शुरू करने के लिए सरकारी अनुदान मिलता है। अलग-अलग योजना घटकों में सरकार की सहायता सामान्य रूप से 50% से 90% तक हो सकती है। अनुदान की वास्तविक दर लाभार्थी की श्रेणी, योजना के घटक और संबंधित वित्तीय वर्ष के प्रावधान के अनुसार तय होती है। अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और कुछ विशेष श्रेणी के लाभार्थियों को कुछ घटकों में अधिक अनुदान मिल सकता है।
मुख्यमंत्री पशुधन विकास योजना में दुधारू पशु वितरण और डेयरी फार्मिंग के साथ पशुपालन से जुड़ी जरूरी सुविधाओं के लिए भी सहायता दी जा सकती है। इनमें चारा कटर, दूध निकालने की मशीन, पनीर और खोया बनाने की इकाई, वर्मी कम्पोस्ट, पानी की सुविधा और अन्य पशुपालन उपकरण शामिल हो सकते हैं। कुछ डेयरी घटकों में पशु शेड बनाने के लिए मनरेगा के साथ मिलकर काम करने का भी प्रावधान है।
योजना का लाभ लेने के लिए पात्र लाभार्थियों का चयन संबंधित जिले में तय प्रक्रिया के अनुसार किया जाता है। कई घटकों में ग्राम सभा या पंचायत स्तर से सिफारिश के बाद प्रखंड और जिला स्तर पर लाभार्थी का चयन किया जाता है। दुधारू पशु वाली योजनाओं में चयनित लाभार्थियों को निर्धारित प्रशिक्षण पूरा करना पड़ सकता है और पशुओं की खरीद सरकार द्वारा तय प्रक्रिया के अनुसार की जाती है। स्वीकृत अनुदान का भुगतान निर्धारित नियमों के अनुसार लाभार्थी के बैंक खाते में DBT के माध्यम से किया जा सकता है।
योजना की पात्रता, अनुदान की दर, उपलब्ध योजना घटक, आवश्यक दस्तावेज और आवेदन की अंतिम तिथि जिले और संबंधित वित्तीय वर्ष की सरकारी सूचना के अनुसार अलग हो सकती है। इसलिए आवेदन करने से पहले लाभार्थियों को अपने जिले की नवीनतम आधिकारिक सूचना जरूर देखनी चाहिए।
आवेदन की अंतिम तिथि: मुख्यमंत्री पशुधन विकास योजना के तहत गढ़वा जिले में वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए आवेदन 20 अगस्त 2026 को शाम 5 बजे तक जमा किए जा सकते हैं। आवेदकों को निर्धारित आवेदन पत्र आवश्यक दस्तावेजों और ग्राम सभा/पंचायत स्तरीय समिति की सिफारिश के साथ संबंधित प्रखंड पशुपालन कार्यालय में जमा करना होगा।

योजना के लाभ
- पात्र लाभार्थियों को दुधारू गाय/भैंस की खरीद के लिए 75% से 90% तक सरकारी अनुदान मिलता है।
- कामधेनु डेयरी फार्मिंग के तहत 5 और 10 दुधारू पशुओं की डेयरी इकाई स्थापित करने के लिए 50% से 75% तक अनुदान मिलता है।
- पात्र पशुपालकों को चारा कटर, मिल्किंग मशीन, पनीर-खोया यूनिट, वर्मी कम्पोस्ट यूनिट, डीप बोरिंग और काउ मैट जैसी सुविधाओं पर अनुदान मिलता है।
- डेयरी पशुओं के लिए पशु शेड निर्माण में मनरेगा के साथ अभिसरण का प्रावधान है।
- स्वीकृत अनुदान राशि का भुगतान लाभार्थी के बैंक खाते में DBT के माध्यम से किया जाता है।
योजना में शामिल प्रमुख गतिविधियां
योजना के अंतर्गत अलग-अलग पशुपालन गतिविधियां शामिल हैं। किसी जिले में उपलब्ध योजना घटक, लाभ की दर और आवेदन की शर्तें संबंधित वित्तीय वर्ष की सरकारी सूचना के अनुसार अलग हो सकती हैं।
- बकरी पालन: उच्च नस्ल की 4 मादा और 1 नर बकरी की एक इकाई का वितरण।
- सूकर पालन: उच्च नस्ल की 4 मादा और 1 नर सूकर की एक इकाई का वितरण।
- बत्तख वितरण: प्रति लाभुक 15 बत्तख चूजों का वितरण।
- दो दुधारू गाय/भैंस वितरण योजना: पात्र ग्रामीण महिलाओं को दो दुधारू गाय/भैंस दो चरणों में, छह माह के अंतराल पर उपलब्ध कराने का प्रावधान है।
- कामधेनु डेयरी फार्मिंग - मिनी डेयरी: दो चरणों में कुल 5 दुधारू गाय/भैंस (पहले चरण में 3, फिर 2)।
- कामधेनु डेयरी फार्मिंग - मिडी डेयरी: दो चरणों में कुल 10 दुधारू गाय/भैंस (हर चरण में 5-5)।
- हस्त एवं विद्युत चालित चैफ कटर वितरण: चारा काटने की मशीन (मैनुअल और इलेक्ट्रिक दोनों) पर अनुदान।
- प्रगतिशील डेयरी कृषकों को सहायता योजना: मिल्किंग मशीन, पनीर-खोवा मेकिंग यूनिट, वर्मी कंपोस्ट यूनिट, डीप बोरिंग और काउ मैट पर अनुदान।
- पशु शेड निर्माण सहायता: दुधारू पशुओं के शेड निर्माण में मनरेगा की उपलब्ध निधि के अभिसरण के तहत सहायता।
अनुदान की विस्तृत दरें
दुधारू गाय/भैंस, डेयरी यूनिट, चारा काटने की मशीन और डेयरी उपकरणों की सटीक अनुदान दर नीचे दी गई है, जो कि गढ़वा जिले में वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए लागू प्रावधानों के अनुसार हैं। अन्य जिलों में अनुदान की दर, योजना घटक और लाभार्थी की शर्तें अलग हो सकते हैं।
दो दुधारू गाय/भैंस वितरण योजना
| श्रेणी | सरकारी अनुदान | लाभुक अंशदान |
|---|---|---|
| सामान्य ग्रामीण महिला लाभुक | 75% | 25% |
| दिव्यांग/आपदा-प्रभावित/अग्निकांड-प्रभावित/सड़क दुर्घटना-प्रभावित/परित्यक्ता महिला | 90% | 10% |
कामधेनु डेयरी फार्मिंग, मिनी डेयरी (5 गाय/भैंस) एवं मिडी डेयरी (10 गाय/भैंस)
| श्रेणी | सरकारी अनुदान | बैंक ऋण/लाभुक अंशदान |
|---|---|---|
| अनुसूचित जाति/जनजाति के लाभुक अथवा दुग्ध सहकारी समिति के सदस्य | 75% | 25% |
| अन्य सभी जातियों के लाभुक | 50% | 50% |
हाथ एवं बिजली से चलने वाली चैफ कटर
| उपकरण | इकाई लागत | अनुसूचित जाति/जनजाति/दुग्ध सहकारी समिति | अन्य सभी जातियां |
|---|---|---|---|
| हस्त चालित चैफ कटर | ₹12,000 | 90% अनुदान | 75% अनुदान |
| विद्युत चालित चैफ कटर | ₹26,000 | 90% अनुदान | 75% अनुदान |
प्रगतिशील डेयरी कृषकों को सहायता योजना
| उपकरण/सामग्री | इकाई लागत | अनुसूचित जाति/जनजाति/दुग्ध सहकारी समिति | अन्य सभी जातियां |
|---|---|---|---|
| मिल्किंग मशीन (4 बकेट) | ₹1,20,000 | 90% (₹1,08,000) | 75% (₹90,000) |
| पनीर एवं खोवा मेकिंग यूनिट (1 सेट) | ₹1,00,000 | 90% (₹90,000) | 75% (₹75,000) |
| वर्मी कंपोस्ट यूनिट (3मी×2मी×1मी) | ₹25,000 | 90% (₹22,500) | 75% (₹18,750) |
| डीप बोरिंग (1.5 एचपी सबमर्सिबल पंप सहित) | ₹1,00,000 | 90% (₹90,000) | 75% (₹75,000) |
| काउ मैट (6.5 फीट × 4 फीट) | ₹5,200 | 90% (₹4,680) | 75% (₹3,900) |
पात्रताएं
- आवेदक झारखंड राज्य का किसान या पशुपालक होना चाहिए
- आवेदक को संबंधित योजना के लिए निर्धारित पशुपालन संबंधी आधारभूत सुविधा उपलब्ध होनी चाहिए।
- दुधारू पशु योजना के लिए निर्धारित पशु शेड उपलब्ध होना चाहिए और शेड से संबंधित भूमि का विवरण एवं दस्तावेज प्रस्तुत करना होगा।
- 5 एवं 10 दुधारू पशुओं वाली डेयरी योजना के लिए आवेदक के पास योजना के अनुसार आवश्यक संख्या में उन्नत या संकर नस्ल के दुधारू पशु और आवश्यक आधारभूत सुविधा होनी चाहिए।
- प्रगतिशील डेयरी किसानों को सहायता योजना के लिए कम से कम 5 दुधारू गाय/भैंस और आवश्यक आधारभूत सुविधा उपलब्ध होनी चाहिए।
- हाथ से चलने वाले चारा कटर के लिए कम से कम 5 और विद्युत चालित चारा कटर के लिए कम से कम 10 दुधारू गाय/भैंस उपलब्ध होना आवश्यक है।
- 02 दुधारू गाय/भैंस योजना के विशेष श्रेणी के लाभार्थियों को संबंधित श्रेणी का प्रमाण प्रस्तुत करना होगा। इसमें आपदा, आगजनी, सड़क दुर्घटना से प्रभावित परिवार, परित्यक्ता महिला और दिव्यांग महिला जैसी श्रेणियां शामिल हैं।
- चयनित लाभार्थियों को निर्धारित प्रशिक्षण पूरा करना होगा। प्रशिक्षण प्रमाण पत्र के बिना संबंधित दुधारू पशु खरीदने की पात्रता नहीं मिलेगी।
- लाभार्थी का चयन ग्राम सभा/पंचायत स्तरीय समिति की सिफारिश, प्रखंड स्तरीय प्रक्रिया और जिला स्तरीय समिति के माध्यम से किया जाएगा।
ग्रामीण महिलाओं के लिए विशेष पात्रता
02 दुधारू गाय/भैंस योजना के लिए ग्रामीण महिलाओं को अलग स्व-प्रमाणित घोषणा पत्र भरना होगा। इस घोषणा पत्र में महिला आवेदक को अपनी संबंधित श्रेणी का चयन करना होगा,
- स्थानीय।
- परित्यक्ता महिला।
- आपदा से प्रभावित।
- दिव्यांग।
- आगलगी से प्रभावित परिवार।
- लघु/सीमांत कृषक परिवार।
- सड़क दुर्घटना से प्रभावित परिवार।
विशेष श्रेणी के तहत आवेदन करने वाली महिला को संबंधित श्रेणी का प्रमाण प्रस्तुत करना होगा। योजना के तहत निर्धारित 90% अनुदान का लाभ पाने के लिए संबंधित विशेष श्रेणी की शर्तों को पूरा करना आवश्यक है।
अपात्रता
- जिन लाभार्थियों को पिछले 5 वर्षों में समान राज्य या केंद्र सरकार की योजना का लाभ मिल चुका है, वे संबंधित योजना के लिए पात्र नहीं होंगे।
- 02 दुधारू गाय/भैंस योजना के लिए जिस परिवार का कोई सदस्य संस्थागत भूमि धारक है, वह पात्र नहीं होगा।
- जिस परिवार का कोई सदस्य निर्धारित संवैधानिक पद पर वर्तमान या पूर्व में रहा है, वह 02 दुधारू गाय/भैंस योजना के लिए पात्र नहीं होगा।
- जिस परिवार का कोई सदस्य केंद्र या राज्य सरकार, लोक उपक्रम या सरकारी स्वायत्तशासी संस्था में निर्धारित श्रेणी से बाहर आने वाला कर्मचारी है, वह पात्र नहीं होगा।
- जिस परिवार का कोई सदस्य ₹10,000 या उससे अधिक मासिक पेंशन प्राप्त करता है, वह निर्धारित शर्तों के अनुसार पात्र नहीं होगा।
- जिस परिवार के किसी सदस्य ने पिछले मूल्यांकन वर्ष में आयकर का भुगतान किया है, वह 02 दुधारू गाय/भैंस योजना के लिए पात्र नहीं होगा।
- जिस परिवार का कोई सदस्य चिकित्सक, अभियंता, वकील, चार्टर्ड अकाउंटेंट या आर्किटेक्ट जैसे निर्धारित पंजीकृत पेशे में है, वह संबंधित योजना के लिए पात्र नहीं होगा।
- अपूर्ण या निर्धारित समय सीमा के बाद जमा किए गए आवेदन स्वीकार नहीं किए जाएंगे।
आवश्यक दस्तावेज
- निर्धारित आवेदन पत्र, जिसे सही जानकारी के साथ भरकर हस्ताक्षर करना होगा।
- स्थानीय निवास प्रमाण पत्र।
- आधार कार्ड की छायाप्रति।
- अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति के आवेदकों के लिए जाति प्रमाण पत्र।
- पशु शेड निर्माण के लिए भूमि की रसीद या संबंधित भूमि दस्तावेज की स्पष्ट छायाप्रति।
- ग्राम सभा/पंचायत स्तरीय समिति की बैठक में पारित प्रस्ताव और सिफारिश की छायाप्रति, जिस पर आवश्यक हस्ताक्षर एवं मुहर हो।
- विशेष श्रेणी के लाभार्थियों के लिए संबंधित प्रमाण पत्र, जैसे आपदा, आगजनी, सड़क दुर्घटना, परित्यक्ता या दिव्यांगता से संबंधित प्रमाण।
- हालिया पासपोर्ट साइज फोटो।
- जहां लागू हो, पशुओं और पशु शेड की जियो-टैग फोटो।
चयन प्रक्रिया
- सबसे पहले संबंधित पंचायत की ग्राम सभा/पंचायत स्तरीय समिति पात्र आवेदकों की सूची की सिफारिश करती है।
- यह सिफारिश संबंधित प्रखंड स्तरीय समिति के पास भेजी जाती है।
- अंतिम चयन उपायुक्त की अध्यक्षता में गठित जिला स्तरीय समिति द्वारा किया जाता है।
- दुधारू पशु की सिफारिश के साथ-साथ पशु शेड की सिफारिश करना भी अनिवार्य है।
- चयन की सूचना मिलने के 1 माह के भीतर लाभुक को अपना अंशदान एस्क्रो खाते में जमा करना अनिवार्य है, अन्यथा उनके स्थान पर प्रतीक्षा सूची से अगले लाभुक का चयन कर लिया जाता है।
- दुधारू पशु की खरीद गव्य विकास निदेशालय से निबंधित/सूचीबद्ध पशु विक्रेता से की जाएगी। पशु की लगातार तीन बार दुहाई और पूर्ण संतुष्टि के बाद खरीद की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
आवेदन प्रक्रिया
मुख्यमंत्री पशुधन विकास योजना के लिए लाभार्थी ऑफलाइन माध्यम से आवेदन कर सकते हैं। आवेदन प्रक्रिया जिले की नवीनतम सरकारी सूचना के अनुसार पूरी करनी होगी,
- आवेदक को निर्धारित आवेदन पत्र प्राप्त करके उसमें मांगी गई सभी जानकारी सही-सही भरनी होगी।
- आवेदक को आवेदन पत्र के साथ आवश्यक दस्तावेजों और संबंधित प्रमाण पत्रों की स्पष्ट छायाप्रति संलग्न करनी होगी।
- आवेदक को ग्राम सभा या पंचायत स्तरीय समिति की बैठक में पारित प्रस्ताव और सिफारिश की हस्ताक्षरित एवं मुहर लगी छायाप्रति आवेदन के साथ लगानी होगी।
- पूरा आवेदन पत्र संबंधित प्रखंड के प्रखंड पशुपालन कार्यालय में निर्धारित समय सीमा के भीतर जमा करना होगा।
- ग्राम सभा/पंचायत की सिफारिश के बाद आवेदन की प्रखंड स्तर पर जांच और सिफारिश की जाएगी तथा जिला स्तरीय समिति अंतिम लाभार्थियों का चयन करेगी।
- 2, 5 और 10 दुधारू पशु वाली डेयरी योजनाओं के चयनित लाभार्थियों को निर्धारित प्रशिक्षण पूरा करना होगा।
- अंतिम चयन के बाद लाभार्थी को अपना निर्धारित अंशदान एक महीने के भीतर Escrow Account में जमा करना होगा।
- आवश्यक प्रक्रिया और प्रशिक्षण पूरा होने के बाद लाभार्थी निर्धारित पंजीकृत या सूचीबद्ध पशु विक्रेता से दुधारू पशु खरीद सकेगा।
- अधूरे या निर्धारित समय सीमा के बाद प्राप्त आवेदन पर विचार नहीं किया जाएगा।
- लाभार्थी योजना के आवेदन जिलेवार उसकी अंतिम तिथि से पहले अवश्य जमा कर दें।
महत्वपूर्ण पत्र
महत्वपूर्ण लिंक
- झारखण्ड मुख्यमंत्री पशुधन विकास योजना विवरण।
- झारखण्ड मुख्यमंत्री पशुधन विकास योजना दिशानिर्देश।
- झारखण्ड मुख्यमंत्री पशुधन विकास योजना गढ़वा जिला दिशानिर्देश।
- पशुपालन निदेशालय, कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता विभाग, झारखंड सरकार
संपर्क जानकारी
- विस्तृत जानकारी के लिए संबंधित प्रखंड का प्रखंड पशुपालन कार्यालय, जिला पशुपालन पदाधिकारी/जिला गव्य विकास कार्यालय, अथवा पंचायत के मुखिया से संपर्क करे।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
यह झारखंड सरकार की योजना है, जिसके तहत पात्र किसानों और पशुपालकों को पशुपालन तथा डेयरी गतिविधियों के लिए सरकारी अनुदान दिया जाता है।
पात्र ग्रामीण किसान, पशुपालक, ग्रामीण महिलाएं, अनुसूचित जाति/जनजाति के लाभार्थी, पात्र दुग्ध सहकारी समिति के सदस्य और योजना के अनुसार अन्य पात्र लाभार्थी लाभ ले सकते हैं।
अनुदान की दर योजना घटक और लाभार्थी की श्रेणी के अनुसार अलग होती है। वित्तीय वर्ष 2026-27 के प्रावधानों में कुछ घटकों के लिए 50%, 75% और 90% तक अनुदान दिया गया है।
हाँ, निर्धारित विशेष श्रेणी की ग्रामीण महिलाओं को 90% और सामान्य ग्रामीण महिला लाभुकों को 75% सरकारी अनुदान दिया जाता है।
हां। कामधेनु डेयरी फार्मिंग के तहत मिनी डेयरी में 5 और मिडी डेयरी में 10 दुधारू गाय/भैंस की इकाई का प्रावधान है। पशुओं की उपलब्धता चरणबद्ध तरीके से की जाती है।
आवेदन संबंधित जिले की सरकारी सूचना के अनुसार निर्धारित आवेदन पत्र के माध्यम से करना होता है। गढ़वा में 2026-27 के लिए आवेदन संबंधित प्रखंड पशुपालन कार्यालय में ऑफलाइन जमा करना है।
हां। संबंधित प्रक्रिया में ग्राम सभा/पंचायत स्तरीय समिति की सिफारिश के बाद प्रखंड और जिला स्तर पर लाभार्थी का चयन किया जाता है।
हां। 2, 5 और 10 दुधारू पशु वाली डेयरी योजनाओं के चयनित लाभार्थियों को निर्धारित प्रशिक्षण पूरा करना होता है।
चयन हो जाने के बाद लाभार्थी को अपनी श्रेणी के अनुसार एक महीने के भीतर एस्क्रो खाते में जमा करना होता है।
हां। योजना के विभिन्न घटकों में बकरी, सूकर और बत्तख पालन जैसी गतिविधियां भी शामिल हैं। हालांकि, किसी जिले में उपलब्ध घटक और उनकी शर्तें संबंधित वित्तीय वर्ष की सरकारी सूचना पर निर्भर करती हैं।
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हम आपको इस फ़ोरम में सक्रिय रूप से भाग लेने और इस बेहतरीन रिसोर्स का पूरा फ़ायदा उठाने के लिए प्रोत्साहित करते है।
| जाति | लाभार्थी व्यक्ति का प्रकार | योजना का प्रकार | सरकार |
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टिप्पणियाँ
Pashudhan yojna ka labh
Main pashudhan yojna ka labh lena chahta hun
Pashupalan
Interested hai
Pashupalan
Ranchi jharkhand
Bakri palan ke sambandh mein
Main mojim ansari pashupalan ke liye jismein bakri palan karna chahta hun ki hamen adhyak avashyakta Dhanu Rashi ka madad Karen
Work
Kam karna
Bakri palan
Mera Naam Prahlad Kumar Ram he me phuphundi Bandiyabad Giridih ka niwashi hu mujhe bakri palan ka bahot jarurat he jisse me me thoda bahot labh le saku or apne pariwar ko sukhi rakh saku mera jharkhand sarkar se namar nivedan he mera sahayata kare me aapka sada aabhaari rahunga .
Bakri
Kb mil skta hai mere ko
Kishan
Main bakri palan ke sahayeta se lab uthana chata hu
Pasupalan
Pasupalan ka rojgar karna chahte h
Pashu palan related
10 गए और शेड योजना तहत जानकारी।
आवेदन कैसे करे
Pasudhan yojna ka labh kaise le
Mai 2 cow pasudhan yojna ke dwara lena chahta hu kaise lu
Pashupaln
Pashupaln
Pashudhan yojna ka labh
2 cow pasudhan yojna se lena chahata hu kaise le
Pashupalan
Humko pashupalan karna hai aur ham yah Chahte Hain Ki sarkar Hamari sahayata Karen aur mujhe kuchh loan De jisse main pashupalan mein Kuchh Achcha kar paaun aur pashupalan ka Seva karo dhanyvad
दो गाय लेने हेतु
झारखंड राज्य मे हजारीबाग का रहने वाला हु। मुझे दो गाय चाहिए थीं
Shukr paln
Shukr paln ka tarynig liya hai shuru karne ke liye sahyog chahiye
pashupalan karna chahta hu…
pashupalan karna chahta hu sarkaar ki madad chahiye kitni subsidy mil skti hai jharkhand pashudhan yojana me
Kishan
Bakri palan
हम गरीब है और बकरी पालन का बिजनेस करना चाहते हैं
बकरी पालन मैं रुचि है बहुत ही सोक से पालन करना चाहती हुं आप से अनुरोध है कि योजना दे
Bakri palan
Bakri palan karna chate hai
Goat
Bakri palan karna hai
Bakari palan
हम बकरी पालन करना चाहते है लेकिन मेरे पास पैसा नहीं होने के कारण हम नहीं कर सकते है हम चाहते है कि मेरा झारखण्ड सरकार हमारी बकरी पालन सेठ हमे देने के कम करे
बकरी पालन में मादा
सर में बकरी पालन करना चाहता हूं मेरे पास बजट नहीं हो पा रहा है कृपया करके मुझे सहायता करें सर मैं एक गरीब वर्ग से हूं लेकिन बकरी पालन में रुचि रखता हूं कृपया मुझे सहायता करें धन्यवाद
Pasupalan yojna ka labh
Thanks
Cow buy
Cow buy
(कोई विषय नहीं)
(कोई विषय नहीं)
Quality Content
आपने पशुपालन योजना के बारे में बहुत ही अच्छी information दी है ऐसी information मुझे किसी और ब्लॉग से नहीं मिली। Bing News की तरफ से आपको धन्यवाद</a>
subsidy hetu
subsidy hetu
Boiler
List m naam
पशुपालन विभाग से कुकुट पालन हेतु सहायता राशि चाहिए
योग्य लाभुक को नजर अंदाज कर अयोग्य व्यक्ति को योजना का लाभ देने का काम हमारे कसमार ब्लॉक में होता हैं।
Pasuplan
Pig farm
Pig farm
Mujhe pig kharidna hai
Murgi farm
Jharkhand Sarkar our kendar sarkar ki acchi pahal hai lakho log apna business kar raha hai pashupalan se
बकरी लेने की संबंध में
Jharkhand sarkar or kendra sarkar ki achhi fisla hai lakho log apna business kar raha hai pashupalan se
Bakri palan
Bakri palan karna chahta hun
Bakre paln
Bakre pal
9
Mujhe bhi bakri palan karna hai
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