स्कीम फॉर फाइनेंशियल असिस्टेंस फॉर वेटरन आर्टिस्ट्स

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द्वारा प्रस्तुत Minakshi on Tue, 27/10/2026 - 15:33
Narendra Modi PM of India
Scheme Open
स्कीम फॉर फाइनेंशियल असिस्टेंस फॉर वेटरन आर्टिस्ट्स
हाइलाइट
  • इस योजना के तहत पात्र बुजुर्ग कलाकारों और विद्वानों को हर महीने ₹6,000 तक की आर्थिक सहायता मिल सकती है।
  • आवेदन करने के लिए आवेदक की उम्र आमतौर पर कम से कम 60 वर्ष होनी चाहिए।
  • आवेदक और उनके जीवनसाथी की कुल सालाना आय निर्धारित नियमों के अनुसार ₹72,000 से अधिक नहीं होनी चाहिए।
  • आवेदक को राज्य या केंद्र शासित प्रदेश से कलाकार पेंशन मिलनी चाहिए या संबंधित जोनल कल्चरल सेंटर (ZCC) से सिफारिश करवानी होगी।
ग्राहक देखभाल फ़ोन नंबर
  • पूछताछ के लिए फोन नंबर: 011-24642165
  • ईमेल: [email protected] / [email protected] (योजना के दिशानिर्देशों में लाभार्थियों के जरूरी दस्तावेजों से संबंधित संपर्क के रूप में दिए गए हैं)
योजना का अवलोकन
योजना का नामस्कीम फॉर फाइनेंशियल असिस्टेंस फॉर वेटरन आर्टिस्ट्स (पहले इसे कलाकारों के लिए पेंशन और चिकित्सा सहायता योजना के नाम से जाना जाता था)
लाभहर महीने अधिकतम ₹6,000 की वित्तीय सहायता
लाभार्थी60 वर्ष या उससे अधिक उम्र के वरिष्ठ कलाकार, लेखक और पारंपरिक विद्वान, जो पात्रता की शर्तें पूरी करते हैं और आर्थिक कठिनाइयों का सामना कर रहे हैं।
नोडल एजेंसीसंस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार
सब्सक्रिप्शनयोजना से जुड़े अपडेट पाने के लिए यहां सब्सक्राइब करें
आवेदन का तरीकाआवेदक की पात्रता के अनुसार संबंधित राज्य/केंद्र शासित प्रदेश के संस्कृति विभाग या संबंधित क्षेत्रीय सांस्कृतिक केंद्र (ZCC) के माध्यम से।

योजना के बारे में

कला, साहित्य, संगीत और पारंपरिक सांस्कृतिक गतिविधियां भारत की विरासत का एक महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। कई कलाकार और विद्वान इन परंपराओं को संभालकर रखने में अपना पूरा जीवन लगा देते हैं, लेकिन उम्र बढ़ने के साथ उन्हें आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। ऐसे लोगों की मदद के लिए भारत सरकार स्कीम फॉर फाइनेंशियल असिस्टेंस फॉर वेटरन आर्टिस्ट्स चलाती है। पहले इस योजना को कलाकारों के लिए पेंशन और चिकित्सा सहायता योजना के नाम से जाना जाता था। इस योजना के तहत कला, साहित्य और संस्कृति के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान देने वाले पात्र वरिष्ठ कलाकारों, लेखकों और पारंपरिक विद्वानों को हर महीने अधिकतम ₹6,000 की वित्तीय सहायता मिल सकती है। इस योजना का उद्देश्य बुढ़ापे में आर्थिक कठिनाइयों का सामना कर रहे कलाकारों की मदद करना है। इसके लिए निर्धारित पात्रता की शर्तें, चयन प्रक्रिया और जरूरी दस्तावेज पूरे करना आवश्यक है।

इस योजना का संचालन संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार करता है। आवेदन प्रक्रिया के समन्वय का काम दक्षिण मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र (SCZCC), नागपुर करता है। आम तौर पर आवेदक की उम्र कम से कम 60 वर्ष होनी चाहिए और उसकी सालाना आय ₹72,000 से अधिक नहीं होनी चाहिए। इसमें पति या पत्नी की आय भी शामिल होती है, हालांकि योजना के नियमों के अनुसार कुछ आय को इसमें नहीं गिना जाता। आवेदक को अपने कलात्मक योगदान का प्रमाण भी देना होता है। इसके अलावा, उसे या तो अपने राज्य या केंद्र शासित प्रदेश की सरकार से हर महीने कम से कम ₹500 की कलाकार पेंशन मिल रही होनी चाहिए या संबंधित क्षेत्रीय सांस्कृतिक केंद्र (ZCC) से उसके कलात्मक कार्यों की जांच और सिफारिश होनी चाहिए। आवेदक की स्थिति के अनुसार केंद्र सरकार हर महीने पूरी ₹6,000 की सहायता दे सकती है या राज्य/केंद्र शासित प्रदेश की सरकार के साथ मिलकर यह राशि प्रदान कर सकती है।

पात्र कलाकार अपनी स्थिति के अनुसार संबंधित राज्य/केंद्र शासित प्रदेश के संस्कृति विभाग या क्षेत्रीय सांस्कृतिक केंद्र के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं। आवेदन के साथ निर्धारित फॉर्म, उम्र और आय का प्रमाण, आधार कार्ड की जानकारी, बैंक प्राधिकरण पत्र और कलात्मक उपलब्धियों से जुड़े दस्तावेज जमा करने होते हैं। चुने गए लाभार्थियों को वित्तीय सहायता केनरा बैंक के माध्यम से मिलती है। योजना की शर्तों के अनुसार, लाभार्थियों को हर साल डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट और हर पांच साल में एक बार आय प्रमाण पत्र भी जमा करना होता है।

आवेदन की प्रक्रिया, जरूरी दस्तावेजों और लाभार्थियों से जुड़े अपडेट के लिए आवेदक संस्कृति मंत्रालय के आधिकारिक योजना पेज और आधिकारिक सूचनाओं और आदेशों को देख सकते हैं। योजना से जुड़ी किसी जानकारी के लिए मंत्रालय की नवीनतम आधिकारिक सूचनाओं में दिए गए संपर्क विवरण का इस्तेमाल करना चाहिए।

वरिष्ठ कलाकारों के लिए वित्तीय सहायता योजना की जानकारी

योजना के लाभ

स्कीम फॉर फाइनेंशियल असिस्टेंस फॉर वेटरन आर्टिस्ट्स बुढ़ापे में कलाकारों की आर्थिक जरूरतों को पूरा करने में मदद करती है। इस योजना के मुख्य लाभ इस प्रकार हैं:

  • पात्र कलाकारों को केंद्र सरकार की ओर से हर महीने अधिकतम ₹6,000 की वित्तीय सहायता मिल सकती है।
  • योजना की शर्तें पूरी होने और मंजूरी मिलने पर लाभार्थियों को सालाना अधिकतम ₹72,000 तक मिल सकते हैं।
  • जिन कलाकारों को अपने राज्य या केंद्र शासित प्रदेश की सरकार से हर महीने कम से कम ₹500 की कलाकार पेंशन मिलती है, उन्हें दोनों सरकारों से मिलाकर हर महीने अधिकतम ₹6,000 की सहायता मिल सकती है।
  • जिन कलाकारों को राज्य या केंद्र शासित प्रदेश की सरकार से कलाकार पेंशन नहीं मिलती, वे भी संबंधित क्षेत्रीय सांस्कृतिक केंद्र (ZCC) के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं। इसके लिए उनके कलात्मक कार्यों की जांच और सिफारिश जरूरी है।
  • यह योजना उन पात्र वरिष्ठ कलाकारों, लेखकों और पारंपरिक विद्वानों की मदद करती है, जिन्होंने कला, साहित्य और संस्कृति के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दिया है और जो आर्थिक कठिनाइयों का सामना कर रहे हैं।
  • मंजूर की गई वित्तीय सहायता सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में केनरा बैंक के माध्यम से भेजी जाती है।
  • यदि किसी लाभार्थी की मृत्यु हो जाती है, तो उनके पति या पत्नी को जीवनभर वित्तीय सहायता देने पर विचार किया जा सकता है। इसके लिए सरकार की मंजूरी और लाभार्थी की मृत्यु के एक साल के भीतर जरूरी दस्तावेज जमा करना आवश्यक है।

पात्रताएं

कला, साहित्य और संस्कृति के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान देने वाले कलाकार और विद्वान स्कीम फॉर फाइनेंशियल असिस्टेंस फॉर वेटरन आर्टिस्ट्स के तहत आवेदन कर सकते हैं। हालांकि, हर महीने वित्तीय सहायता पाने के लिए आवेदकों को नीचे दी गई पात्रता की शर्तें पूरी करनी होंगी।

  • उम्र सीमा: आवेदक की उम्र कम से कम 60 वर्ष होनी चाहिए। हालांकि, लाभार्थी की मृत्यु के बाद वित्तीय सहायता अपने नाम पर जारी करवाने के लिए आवेदन करने वाले पति या पत्नी पर उम्र की यह शर्त लागू नहीं होती।
  • महत्वपूर्ण योगदान: आवेदक ने कला, साहित्य या संस्कृति के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दिया हो। पारंपरिक विद्वान अपने काम को प्रकाशित किए बिना भी पात्र हो सकते हैं।
  • सालाना आय: आवेदक की अपनी और उसके पति या पत्नी की कुल आय सालाना ₹72,000 या हर महीने ₹6,000 से अधिक नहीं होनी चाहिए। केंद्र या राज्य/केंद्र शासित प्रदेश की सरकार से पहले से मिल रही पात्र कलाकार पेंशन सहायता को इस आय की गणना में शामिल नहीं किया जाता।
  • राज्य/केंद्र शासित प्रदेश की कलाकार पेंशन या ZCC की सिफारिश: आवेदक को संबंधित राज्य/केंद्र शासित प्रदेश की सरकार से हर महीने कम से कम ₹500 की कलाकार पेंशन मिल रही होनी चाहिए या संबंधित क्षेत्रीय सांस्कृतिक केंद्र (ZCC) ने उसके कलात्मक कार्यों की जांच करके उसकी सिफारिश की होनी चाहिए।
  • संस्कृति मंत्रालय की किसी दूसरी योजना से सहायता नहीं: आवेदक को संस्कृति मंत्रालय की किसी दूसरी योजना, जैसे रेपर्टरी ग्रांट (Repertory Grant), के तहत वित्तीय सहायता नहीं मिल रही होनी चाहिए।

इन शर्तों को पूरा करने का मतलब यह नहीं है कि आवेदन मंजूर हो ही जाएगा। आवेदक को जरूरी दस्तावेजों और सिफारिश के साथ आवेदन जमा करना होगा। पात्र आवेदकों का चयन उनकी योग्यता, आर्थिक स्थिति और निर्धारित मंजूरी प्रक्रिया के आधार पर किया जाता है।

आवश्यक दस्तावेज

स्कीम फॉर फाइनेंशियल असिस्टेंस फॉर वेटरन आर्टिस्ट्स में आवेदन करने से पहले आवेदकों को अपनी उम्र, आय, कलात्मक योगदान और बैंक की जानकारी साबित करने के लिए जरूरी दस्तावेज तैयार रखने चाहिए। आवेदन प्रक्रिया पूरी करने के लिए आम तौर पर नीचे दिए गए दस्तावेजों की जरूरत होती है।

  • पिछले छह महीनों के भीतर खिंचवाई गई साफ रंगीन पासपोर्ट साइज फोटो।
  • आवेदक की जन्मतिथि या उम्र साबित करने वाला वैध दस्तावेज।
  • आवेदक के वर्तमान निवास का पता बताने वाला दस्तावेज।
  • आवेदक के आधार कार्ड की कॉपी।
  • संबंधित सक्षम अधिकारी द्वारा निर्धारित प्रारूप में जारी आय प्रमाण पत्र।
  • कला, साहित्य या संस्कृति के क्षेत्र में आवेदक की उपलब्धियों, पुरस्कारों, पहचान या योगदान को साबित करने वाले दस्तावेज।
  • यदि आवेदक राज्य/केंद्र शासित प्रदेश की कलाकार पेंशन के आधार पर आवेदन कर रहा है, तो हर महीने कम से कम ₹500 की पेंशन मिलने का प्रमाण।
  • जहां लागू हो, संबंधित क्षेत्रीय सांस्कृतिक केंद्र (ZCC) की सिफारिश।
  • निर्धारित बैंक प्राधिकरण फॉर्म, जिसे आवेदक ने पूरा करके हस्ताक्षर किया हो और बैंक ने सत्यापित किया हो।

आवेदकों को आवेदन जमा करने से पहले यह सुनिश्चित करना चाहिए कि सभी दस्तावेज पूरे और वैध हों। दस्तावेज हिंदी या अंग्रेजी में होने चाहिए। यदि कोई दस्तावेज किसी दूसरी भाषा में है, तो उसके साथ अंग्रेजी में टाइप किया हुआ अनुवाद लगाना चाहिए। आवेदक की स्थिति के अनुसार कुछ अतिरिक्त दस्तावेज भी मांगे जा सकते हैं। इसलिए नवीनतम आवश्यकताओं के लिए संस्कृति मंत्रालय के आधिकारिक योजना दिशानिर्देश और आवेदन फॉर्म देखें।

महत्वपूर्ण: आवेदकों को आवेदन जमा करने से पहले यह सुनिश्चित करना चाहिए कि सभी दस्तावेज पूरे और वैध हों। दस्तावेज हिंदी या अंग्रेजी में होने चाहिए। यदि कोई दस्तावेज किसी दूसरी भाषा में है, तो उसके साथ अंग्रेजी में टाइप किया हुआ अनुवाद लगाना चाहिए। आवेदक की स्थिति के अनुसार कुछ अतिरिक्त दस्तावेज भी मांगे जा सकते हैं। इसलिए नवीनतम आवश्यकताओं के लिए संस्कृति मंत्रालय के आधिकारिक योजना दिशानिर्देश और आवेदन फॉर्म देखें।

आवेदन प्रक्रिया

पात्रता की शर्तें पूरी करने वाले कलाकार जरूरी दस्तावेजों और सिफारिश के साथ निर्धारित आवेदन फॉर्म जमा करके वित्तीय सहायता के लिए आवेदन कर सकते हैं। आवेदन कहां जमा करना है, यह इस बात पर निर्भर करता है कि आवेदक को पहले से अपने राज्य या केंद्र शासित प्रदेश की सरकार से कलाकार पेंशन मिल रही है या नहीं।

  1. संस्कृति मंत्रालय के योजना पेज को खोलें। उपलब्ध दस्तावेजों में से "स्कीम फॉर फाइनेंशियल असिस्टेंस फॉर वेटरन आर्टिस्ट्स का आवेदन फॉर्म" चुनें और उसे डाउनलोड करें। निर्देशों को ध्यान से पढ़ें और फॉर्म में मांगी गई सभी जानकारियां साफ-साफ भरें।
  2. आवेदन के साथ अपनी हाल की फोटो, उम्र और पते का प्रमाण, आधार कार्ड, निर्धारित आय प्रमाण पत्र, बैंक प्राधिकरण पत्र और कला, साहित्य या संस्कृति में अपने योगदान से जुड़े दस्तावेज लगाएं। फॉर्म जमा करने से पहले यह सुनिश्चित कर लें कि आवेदन पूरा है।
  3. सही आवेदन प्रक्रिया चुनें:
    • यदि आपको अपने राज्य/केंद्र शासित प्रदेश की सरकार से हर महीने कम से कम ₹500 की कलाकार पेंशन मिलती है: जरूरी सिफारिश के साथ संबंधित राज्य/केंद्र शासित प्रदेश की सरकार या उसके संस्कृति विभाग के माध्यम से आवेदन जमा करें।
    • यदि आपको राज्य/केंद्र शासित प्रदेश की कलाकार पेंशन नहीं मिलती है: अपने कलात्मक कार्यों की जांच और सिफारिश के लिए संस्कृति मंत्रालय के संबंधित क्षेत्रीय सांस्कृतिक केंद्र (ZCC) में आवेदन जमा करें।
  4. संबंधित राज्य/केंद्र शासित प्रदेश के अधिकारी या ZCC द्वारा बताए गए तरीके से आवेदन जमा करें। आवेदन के साथ सही सिफारिश और जरूरी दस्तावेज लगाना अनिवार्य है। मंत्रालय के प्रकाशित आवेदन फॉर्म में कल्चर स्कीम मॉनिटरिंग सिस्टम (CSMS) के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन की सुविधा का भी उल्लेख है। हालांकि, इसमें यह भी बताया गया है कि पूरी ऑनलाइन प्रक्रिया उपलब्ध होने तक आवेदन की हार्ड कॉपी जमा करना जरूरी हो सकता है। आवेदन करने से पहले संबंधित अधिकारी से मौजूदा प्रक्रिया की पुष्टि कर लें।
  5. संबंधित अधिकारी आवेदन और दस्तावेजों की जांच करेंगे। पात्रता की शर्तें पूरी करने वाले आवेदनों पर विशेषज्ञ समिति विचार करती है। समिति आवेदक की योग्यता, आर्थिक स्थिति और कला में योगदान सहित अन्य जरूरी बातों का मूल्यांकन करती है। अंतिम मंजूरी निर्धारित प्रक्रिया और उपलब्ध धनराशि पर निर्भर करती है।
  6. यदि आपका आवेदन मंजूर हो जाता है, तो वित्तीय सहायता केनरा बैंक के माध्यम से सीधे आपके बैंक खाते में भेजी जाएगी। सहायता पाने और उसे आगे जारी रखने के लिए आपको जरूरी दस्तावेज भी जमा करने होंगे।

महत्वपूर्ण: मंत्रालय के दिशानिर्देशों में क्षेत्रीय सांस्कृतिक केंद्रों के माध्यम से आवेदन जमा करने के लिए सामान्य वार्षिक समय-सारणी बताई गई है। आवेदन से जुड़ी मौजूदा प्रक्रिया और समय-सारणी जानने के लिए योजना की नवीनतम सूचनाएं और निर्देश देखें। अधूरे आवेदन या जरूरी सिफारिश के बिना जमा किए गए आवेदन पर विचार नहीं किया जा सकता है।

लाभार्थी की मृत्यु होने पर क्या होगा?

यदि स्कीम फॉर फाइनेंशियल असिस्टेंस फॉर वेटरन आर्टिस्ट्स के तहत सहायता पाने वाले किसी लाभार्थी की मृत्यु हो जाती है, तो उनके पति या पत्नी को जीवनभर के लिए वित्तीय सहायता मिलने पर विचार किया जा सकता है। हालांकि, सहायता अपने आप उनके नाम पर शुरू नहीं होती। इसके लिए केंद्र सरकार की मंजूरी जरूरी है।

जीवित पति या पत्नी को लाभार्थी की मृत्यु के एक साल के भीतर संस्कृति मंत्रालय में सहायता अपने नाम पर जारी करने के लिए आवेदन देना होगा। यदि इस अवधि के भीतर आवेदन जमा नहीं किया जाता है, तो योजना के दिशानिर्देशों के अनुसार सहायता अपने नाम पर जारी करवाने का दावा समाप्त हो जाता है।

सहायता अपने नाम पर जारी करवाने के लिए पति या पत्नी को आम तौर पर नीचे दिए गए दस्तावेज जमा करने होते हैं:

  • मृत लाभार्थी का मृत्यु प्रमाण पत्र।
  • इस बात का प्रमाण कि मृत व्यक्ति को इस योजना के तहत वित्तीय सहायता मिल रही थी।
  • जीवित पति या पत्नी का आधार कार्ड और पते का प्रमाण।
  • निर्धारित प्रारूप में जीवित पति या पत्नी का आय प्रमाण पत्र।
  • जीवित पति या पत्नी का डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट।
  • बैंक प्राधिकरण पत्र और संबंधित बैंक की जानकारी।
  • दिशानिर्देशों के अनुसार कानूनी वारिस प्रमाण पत्र और निर्धारित शपथ पत्र।
  • एक लिखित घोषणा कि पति या पत्नी को इसी उद्देश्य के लिए किसी दूसरी संबंधित योजना के तहत वित्तीय सहायता नहीं मिल रही है।

आवेदन मिलने के बाद संबंधित अधिकारी दस्तावेजों की जांच करते हैं और निर्णय लेने से पहले भौतिक सत्यापन भी कर सकते हैं। यदि सहायता अपने नाम पर जारी करने की मंजूरी मिल जाती है, तो योजना के दिशानिर्देशों के अनुसार जीवित पति या पत्नी को वित्तीय सहायता मंजूरी मिलने के अगले महीने से मिलनी शुरू होती है।

निर्धारित प्रक्रिया और जरूरी दस्तावेजों की जानकारी के लिए स्कीम फॉर फाइनेंशियल असिस्टेंस फॉर वेटरन आर्टिस्ट्स के आधिकारिक दिशानिर्देश देखें।

महत्वपूर्ण लिंक

संपर्क जानकारी

संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार – कलाकार पेंशन अनुभाग

  • पूछताछ के लिए फोन नंबर: 011-24642165
  • ईमेल: [email protected] / [email protected] (योजना के दिशानिर्देशों में लाभार्थियों के जरूरी दस्तावेजों से संबंधित संपर्क के रूप में दिए गए हैं)
  • लाभार्थियों के दस्तावेज जमा करने का पता: अवर सचिव, कलाकार पेंशन अनुभाग, संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार, कमरा नंबर 208, दूसरी मंजिल, पुरातत्व भवन, डी-ब्लॉक, आईएनए, नई दिल्ली – 110023।

ध्यान दें: पुराने नोटिसों में ईमेल पते और कमरा नंबर अलग-अलग दिए गए हो सकते हैं। व्यक्तिगत दस्तावेज या नया आवेदन भेजने से पहले मंत्रालय की वर्तमान संपर्क सूची और योजना की नवीनतम सूचनाओं के माध्यम से सही संपर्क विवरण और आवेदन जमा करने के तरीके की पुष्टि कर लें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

स्कीम फॉर फाइनेंशियल असिस्टेंस फॉर वेटरन आर्टिस्ट्स भारत सरकार की एक योजना है। इसके तहत कला, साहित्य और संस्कृति के क्षेत्र में योगदान देने वाले पात्र बुजुर्ग कलाकारों, लेखकों और पारंपरिक विद्वानों को आर्थिक सहायता दी जाती है, जो आर्थिक परेशानी का सामना कर रहे हैं। इस योजना का पुराना नाम स्कीम फॉर पेंशन एंड मेडिकल एड टू आर्टिस्ट्स था।
 

इस योजना के तहत पात्र लाभार्थियों को हर महीने ₹6,000 तक की आर्थिक सहायता मिल सकती है। यानी सालाना ₹72,000 तक की सहायता दी जा सकती है। यह राशि योजना की पात्रता शर्तों और मंजूरी पर निर्भर करती है।
 

आवेदक की उम्र आमतौर पर कम से कम 60 वर्ष होनी चाहिए। उन्हें कला, साहित्य या संस्कृति के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दिया होना चाहिए और निर्धारित आय सीमा की शर्त पूरी करनी चाहिए। इसके अलावा, उन्हें राज्य या केंद्र शासित प्रदेश से कलाकार पेंशन मिलनी चाहिए या संबंधित जोनल कल्चरल सेंटर (ZCC) से उनके योगदान की जांच और सिफारिश करवानी होगी।
 

आवेदक और उनके जीवनसाथी की कुल सालाना आय ₹72,000 से अधिक नहीं होनी चाहिए। हालांकि, योजना के नियमों के अनुसार केंद्र या राज्य सरकार से मिलने वाली पात्र कलाकार पेंशन को आय की गणना में शामिल नहीं किया जाता है।
 

हाँ, जो कलाकार अपने राज्य या केंद्र शासित प्रदेश की सरकार से कलाकार पेंशन नहीं लेते हैं, वे संबंधित जोनल कल्चरल सेंटर (ZCC) के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं। इसके लिए उनके कला, साहित्य या संस्कृति के क्षेत्र में किए गए योगदान की जांच और सिफारिश जरूरी होती है।
 

आवेदन के लिए आमतौर पर हाल की फोटो, उम्र का प्रमाण, पते का प्रमाण, आधार कार्ड, निर्धारित आय प्रमाणपत्र, कला या संस्कृति के क्षेत्र में किए गए योगदान का प्रमाण और बैंक ऑथराइजेशन फॉर्म की जरूरत होती है। इसके अलावा, आवेदन के तरीके के अनुसार राज्य या केंद्र शासित प्रदेश से मिलने वाली कलाकार पेंशन का प्रमाण या ZCC की सिफारिश भी जरूरी हो सकती है।
 

सबसे पहले, संस्कृति मंत्रालय की आधिकारिक वेबसाइट से आवेदन फॉर्म डाउनलोड करें और उसे सही तरीके से भरें। इसके बाद सभी जरूरी दस्तावेज संलग्न करें। आवेदन को अपनी पात्रता के अनुसार संबंधित राज्य या केंद्र शासित प्रदेश के संस्कृति विभाग या जोनल कल्चरल सेंटर (ZCC) में जमा करें। आवेदन जमा करने से पहले संबंधित विभाग से मौजूदा प्रक्रिया की जानकारी जरूर लें।
 

आवेदन मंजूर होने के बाद आर्थिक सहायता कैनरा बैंक के माध्यम से सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में भेजी जाती है। इसके लिए जरूरी दस्तावेजों की जांच और भुगतान से जुड़ी औपचारिकताएं पूरी करनी होती हैं।
 

हाँ, लाभार्थियों को हर साल डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट जमा करना होता है। इसके अलावा, हर पांच साल में आय प्रमाणपत्र जमा करना जरूरी है। सहायता जारी रखने के लिए संस्कृति मंत्रालय के नए निर्देशों का पालन भी करना चाहिए।
 

हाँ, लाभार्थी की मृत्यु होने पर उनके पति या पत्नी को जीवनभर आर्थिक सहायता देने पर विचार किया जा सकता है। इसके लिए केंद्र सरकार की मंजूरी जरूरी है। जीवनसाथी को लाभार्थी की मृत्यु के एक साल के भीतर संस्कृति मंत्रालय में आवेदन करना होगा और मृत्यु प्रमाणपत्र, आय प्रमाणपत्र, आधार कार्ड तथा बैंक खाते से जुड़े जरूरी दस्तावेज जमा करने होंगे।
 

नहीं, जो आवेदक संस्कृति मंत्रालय की किसी दूसरी योजना, जैसे रेपर्टरी ग्रांट (Repertory Grant), के तहत आर्थिक सहायता प्राप्त कर रहे हैं, वे इस योजना के लिए पात्र नहीं हैं।
 

लाभार्थी की मृत्यु के बाद उनके पति या पत्नी को आर्थिक सहायता जारी रखने के लिए एक साल के भीतर संस्कृति मंत्रालय में आवेदन करना होगा। इसके साथ जरूरी दस्तावेज जमा करने होंगे। सहायता जारी रखने का फैसला सरकार की मंजूरी के बाद लिया जाता है।
 

अगर योजनाओं के बारे में आपका कोई सवाल है, तो उसे योजना के फोरम में सबमिट करें और जवाब पाएँ:

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