उत्तर प्रदेश कुष्ठावस्था पेंशन योजना

द्वारा प्रस्तुत vishaka on Fri, 07/08/2026 - 18:01
Yogi Adityanath CM Uttar Pradesh
Scheme Open
उत्तर प्रदेश कुष्ठावस्था पेंशन योजना.
हाइलाइट
  • हर महीने ₹3,000 पेंशन मिलती है
  • दिव्यांगता का प्रतिशत नहीं देखा जाता, बस CMO प्रमाणपत्र चाहिए
  • आयु की कोई सीमा नहीं है
ग्राहक देखभाल फ़ोन नंबर
  • दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग उत्तर प्रदेश सरकार टोल-फ्री हेल्पलाइन: 1800 180 1995 
योजना का सारांश
योजना का नाम
उत्तर प्रदेश कुष्ठावस्था पेंशन योजना
कार्यान्वयन विभागदिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग, उत्तर प्रदेश सरकार
लाभ
मासिक ₹3,000/- पेंशन
लाभार्थी
कुष्ठ रोग के कारण दिव्यांग हुए व्यक्ति
सदस्यता
आवेदन का माध्यम
एसएसपीवाई पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन

योजना का परिचय: संक्षिप्त विवरण

कुष्ठ रोग के कारण स्थायी शारीरिक दिव्यांगता हो सकती है, जिससे प्रभावित व्यक्तियों के लिए स्थायी आजीविका अर्जित करना कठिन हो जाता है। ऐसे व्यक्तियों को वित्तीय सुरक्षा और सामाजिक सहायता प्रदान करने के उद्देश्य से दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग, उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा कुष्ठावस्था (कुष्ठ रोग) पेंशन योजना संचालित की जाती है।

इस योजना के अंतर्गत कुष्ठ रोग के कारण दिव्यांग हुए पात्र व्यक्तियों को ₹3,000 प्रति माह पेंशन प्रदान की जाती है। यह योजना उत्तर प्रदेश के स्थायी निवासियों के लिए है, जिनके परिवार की वार्षिक आय निर्धारित सीमा के भीतर है तथा जो सरकार से किसी अन्य पेंशन का लाभ प्राप्त नहीं कर रहे हैं। अनेक दिव्यांग पेंशन योजनाओं के विपरीत, इस योजना में पात्रता दिव्यांगता प्रमाणपत्र में अंकित दिव्यांगता के प्रतिशत पर आधारित नहीं है, बल्कि मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) द्वारा जारी उस दिव्यांगता प्रमाणपत्र पर आधारित है, जिसमें यह प्रमाणित किया गया हो कि दिव्यांगता कुष्ठ रोग के कारण हुई है।

आवेदन राज्य सामाजिक पेंशन पोर्टल (SSPY-UP) के माध्यम से ऑनलाइन किए जाते हैं। जिला दिव्यांगजन सशक्तीकरण अधिकारी द्वारा आवेदन का सत्यापन किए जाने के बाद पेंशन स्वीकृत की जाती है और लोक वित्तीय प्रबंधन प्रणाली (PFMS) के माध्यम से प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) प्रणाली द्वारा सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में हस्तांतरित कर दी जाती है।

योजना के उद्देश्य

उत्तर प्रदेश कुष्ठावस्था पेंशन योजना का उद्देश्य कुष्ठ रोग के कारण दिव्यांग हुए उन व्यक्तियों को नियमित वित्तीय सहायता प्रदान करना है, जो स्वयं का पर्याप्त रूप से भरण-पोषण करने में असमर्थ हैं। मासिक पेंशन सहायता के माध्यम से सरकार उनकी आर्थिक सुरक्षा को मजबूत करना और उन्हें सम्मानपूर्वक अपनी बुनियादी जीवन आवश्यकताओं को पूरा करने में सक्षम बनाना चाहती है।

योजना के मुख्य उद्देश्य निम्नलिखित हैं:

  • कुष्ठ रोग के कारण दिव्यांग हुए पात्र व्यक्तियों को ₹3,000 प्रति माह पेंशन प्रदान करना।
  • आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों से संबंधित उत्तर प्रदेश के स्थायी निवासियों को वित्तीय सहायता प्रदान करना।
  • यह सुनिश्चित करना कि कुष्ठ रोग से प्रभावित व्यक्तियों को उनकी दैनिक आवश्यकताओं के लिए नियमित सरकारी सहायता प्राप्त हो।
  • मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) द्वारा जारी दिव्यांगता प्रमाणपत्र के आधार पर, दिव्यांगता के प्रतिशत की परवाह किए बिना, पेंशन का लाभ प्रदान करना।
  • लोक वित्तीय प्रबंधन प्रणाली (PFMS) आधारित प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) प्रणाली के माध्यम से लाभार्थियों के बैंक खातों में समय पर और पारदर्शी पेंशन भुगतान सुनिश्चित करना।
  • योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए राज्य सामाजिक पेंशन पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन एवं सत्यापन प्रक्रिया को सुगम बनाना।

योजना के लाभ

  • प्रत्येक पात्र लाभार्थी को ₹3,000 प्रति माह पेंशन प्रदान की जाती है।
  • यह पेंशन कुष्ठ रोग के कारण दिव्यांग हुए व्यक्तियों को प्रदान की जाती है, चाहे दिव्यांगता प्रमाणपत्र में दिव्यांगता का प्रतिशत कुछ भी अंकित हो, बशर्ते प्रमाणपत्र संबंधित जिले के मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) द्वारा जारी किया गया हो।
  • इस योजना में न्यूनतम या अधिकतम आयु सीमा निर्धारित नहीं है, जिससे किसी भी आयु के पात्र लाभार्थी पेंशन सहायता प्राप्त कर सकते हैं।
  • यह योजना प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) प्रणाली का पालन करती है, जिसके अंतर्गत पेंशन की राशि लोक वित्तीय प्रबंधन प्रणाली (PFMS) के माध्यम से सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में जमा की जाती है, जिससे पारदर्शी और समयबद्ध भुगतान सुनिश्चित होता है।

पात्रता आवश्यकताएँ

उत्तर प्रदेश कुष्ठावस्था पेंशन योजना के लिए आवेदन करते समय आवेदकों को निम्नलिखित दस्तावेज तैयार रखने होंगे:

  • मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) द्वारा जारी दिव्यांगता प्रमाणपत्र, जिसमें कुष्ठ रोग के कारण हुई दिव्यांगता का प्रमाण हो (दिव्यांगता का न्यूनतम प्रतिशत आवश्यक नहीं है)।
  • आय प्रमाणपत्र, जिससे यह प्रमाणित हो कि आवेदक के परिवार की आय निर्धारित सीमा के भीतर है।
  • बैंक पासबुक (प्रथम पृष्ठ की प्रति)।

आवश्यक दस्तावेज

ऑनलाइन आवेदन पत्र भरने से पहले आवेदकों को निम्नलिखित दस्तावेज तैयार रखने चाहिए:

  • आधार कार्ड
  • दिव्यांगता प्रमाणपत्र
  • आय प्रमाणपत्र
  • बैंक पासबुक
  • हाल ही का पासपोर्ट आकार का रंगीन फोटो
  • आयु प्रमाण (जन्म प्रमाणपत्र, हाई स्कूल अंकपत्र या परिवार रजिस्टर की प्रति)
  • मोबाइल नंबर
  • यूडीआईडी (UDID) कार्ड (यदि उपलब्ध हो)
  • अतिरिक्त आवश्यकता
    • ग्रामीण क्षेत्र के आवेदक: ग्राम सभा का प्रस्ताव।
    • शहरी क्षेत्र के आवेदक: सत्यापन उप-जिलाधिकारी (SDM) के माध्यम से किया जाता है, इसलिए ग्राम सभा के प्रस्ताव की आवश्यकता नहीं होती।

आवेदन करने के चरण

  • चरण 1: SSPY पोर्टल खोलें
    • SSPY (एकीकृत सामाजिक पेंशन पोर्टल) पर जाएँ और पेंशन योजनाओं की सूची में से "दिव्यांग एवं कुष्ठावस्था पेंशन" का चयन करें।
    • योजना के पृष्ठ पर "ऑनलाइन आवेदन करें (Apply Online)" पर क्लिक करके ऑनलाइन आवेदन पत्र खोलें।
  • चरण 2: व्यक्तिगत जानकारी दर्ज करें
    • आवेदक का व्यक्तिगत विवरण भरें, जिसमें नाम, जन्म तिथि, लिंग, सामाजिक श्रेणी, पिता या पति का नाम, जिला, आवासीय क्षेत्र (शहरी या ग्रामीण), पूरा पता तथा संपर्क विवरण शामिल हैं।
    • सुनिश्चित करें कि दी गई जानकारी आधार कार्ड एवं अन्य सहायक दस्तावेजों से मेल खाती हो, ताकि सत्यापन के दौरान किसी प्रकार की समस्या न हो।
  • चरण 3: बैंक खाते का विवरण प्रदान करें
    • उस बैंक खाते का विवरण दर्ज करें, जिसमें पेंशन की राशि जमा की जानी है। आगे बढ़ने से पहले खाता संख्या को सावधानीपूर्वक जाँच लें।
    • बैंक एवं शाखा का चयन करने के बाद पोर्टल संबंधित IFSC कोड स्वतः प्रदर्शित कर देता है।
  • चरण 4: आय प्रमाणपत्र का विवरण भरें
    • जारी किए गए आय प्रमाणपत्र में उल्लिखित आवेदन संख्या एवं प्रमाणपत्र संख्या को ठीक उसी प्रकार दर्ज करें।
    • अगले चरण पर जाने से पहले सभी प्रविष्टियों की सावधानीपूर्वक जाँच करें।
  • चरण 5: दिव्यांगता का विवरण दर्ज करें
    • दिव्यांगता प्रमाणपत्र में उल्लिखित जानकारी दर्ज करें। दिव्यांगता के प्रकार के रूप में कुष्ठ रोग का चयन करें तथा दिव्यांगता का प्रतिशत, प्रमाणपत्र संख्या एवं जारी होने की तिथि दर्ज करें।
    • यदि आवेदक के पास यूनिक डिसेबिलिटी आईडी (UDID) कार्ड है, तो संबंधित विकल्प का चयन करें और UDID संख्या दर्ज करें।
  • चरण 6: आवश्यक दस्तावेज अपलोड करें
    • निर्धारित प्रारूप एवं फ़ाइल आकार के अनुसार सभी अनिवार्य दस्तावेज अपलोड करें।
    • इनमें सामान्यतः आवेदक का पासपोर्ट आकार का फोटो, आधार कार्ड,
    • दिव्यांगता प्रमाणपत्र, आय प्रमाणपत्र, आयु प्रमाण, बैंक पासबुक तथा पोर्टल द्वारा मांगे गए अन्य दस्तावेज शामिल होते हैं।
    • ग्रामीण क्षेत्रों के आवेदकों को ग्राम सभा का प्रस्ताव भी अपलोड करना होगा, जबकि शहरी क्षेत्रों के आवेदकों के लिए यह दस्तावेज आवश्यक नहीं है।
    • सुनिश्चित करें कि सभी स्कैन की गई प्रतियां स्पष्ट एवं पढ़ने योग्य हों।
  • चरण 7: ऑनलाइन आवेदन जमा करें

    • आवेदन पत्र में दर्ज की गई सभी जानकारी की समीक्षा करें।
    • घोषणा को ध्यानपूर्वक पढ़ें, चेकबॉक्स का चयन करके उसे स्वीकार करें, CAPTCHA कोड दर्ज करें और Submit पर क्लिक करें।
    • सफलतापूर्वक आवेदन जमा होने के बाद पोर्टल एक पंजीकरण संख्या (Registration Number) जारी करता है, जिसे एसएमएस के माध्यम से पंजीकृत मोबाइल नंबर पर भी भेजा जाता है।
    • इस संख्या को सुरक्षित रखें, क्योंकि आगे की आवेदन प्रक्रिया के लिए इसकी आवश्यकता होगी।

    चरण 8: आवेदन का अंतिम लॉक (Final Lock) करें

    • केवल ऑनलाइन आवेदन पत्र जमा करने से आवेदन प्रक्रिया पूरी नहीं होती है।
    • पंजीकरण संख्या, पंजीकृत मोबाइल नंबर तथा मोबाइल पर प्राप्त OTP का उपयोग करके SSPY पोर्टल में लॉग इन करें।
    • आवेदन के प्रत्येक अनुभाग की समीक्षा करें, जिसमें व्यक्तिगत विवरण, बैंक विवरण, आय प्रमाणपत्र का विवरण, दिव्यांगता का विवरण तथा अपलोड किए गए दस्तावेज शामिल हैं।
    • यदि किसी प्रकार का संशोधन आवश्यक हो, तो आगे बढ़ने से पहले उसे कर लें।
    • जब सभी जानकारी सही हो जाए, तो घोषणा को स्वीकार करें,
    • CAPTCHA कोड दर्ज करें और Final Submit (Final Lock) पर क्लिक करें। आवेदन के Final Lock होने के बाद उसमें कोई भी परिवर्तन नहीं किया जा सकता।

    चरण 9: आधार e-KYC पूरा करें

    • Final Lock के बाद आधार प्रमाणीकरण पूरा करें।
    • स्क्रीन पर प्रदर्शित आवेदक के विवरण का सत्यापन करें, 12 अंकों का आधार नंबर दर्ज करें, आवेदक का लिंग चुनें, CAPTCHA सत्यापन पूरा करें और "Click for Aadhaar Authentication" पर क्लिक करें।
    • यदि प्रमाणीकरण सफल होता है, तो पोर्टल "Aadhaar Seeding Successful" संदेश प्रदर्शित करेगा, जो यह पुष्टि करता है कि आधार सत्यापन प्रक्रिया पूरी हो गई है।

    चरण 10: अंतिम आवेदन पत्र डाउनलोड करें

    • आधार प्रमाणीकरण सफल होने के बाद Final Print पर क्लिक करके पूर्ण आवेदन पत्र डाउनलोड करें।
    • आवेदन पत्र का प्रिंट निकाल लें, क्योंकि इसे आवश्यक सहायक दस्तावेजों के साथ जमा करना अनिवार्य है।

    चरण 11: मुद्रित आवेदन पत्र जमा करें

    • आधार कार्ड, दिव्यांगता प्रमाणपत्र, आय प्रमाणपत्र, बैंक पासबुक, आयु प्रमाण तथा जहाँ लागू हो, ग्राम सभा के प्रस्ताव सहित सभी आवश्यक दस्तावेजों की स्व-प्रमाणित प्रतियां संलग्न करें।
    • पूर्ण आवेदन पत्र जिला दिव्यांगजन सशक्तीकरण कार्यालय (जिला दिव्यांगजन सशक्तीकरण कार्यालय) में जमा करें।
    • विभाग आवेदन, सहायक दस्तावेजों तथा आवेदक की पात्रता का सत्यापन करता है।
    • सत्यापन प्रक्रिया सफलतापूर्वक पूर्ण होने और आवेदन स्वीकृत होने के बाद लाभार्थी को योजना के अंतर्गत शामिल कर लिया जाता है तथा निर्धारित भुगतान प्रणाली के माध्यम से पेंशन की राशि पंजीकृत बैंक खाते में जमा कर दी जाती है।

आवेदन जमा करने के बाद क्या होता है?

ऑनलाइन आवेदन जमा होने के बाद पेंशन स्वीकृत होने से पहले उसका सत्यापन एवं अनुमोदन किया जाता है।

आवेदन के बाद की प्रक्रिया निम्नानुसार है:

  • राज्य सामाजिक पेंशन पोर्टल (SSPY-UP) पर जमा किया गया आवेदन सत्यापन के लिए अग्रेषित किया जाता है।
  • जिला दिव्यांगजन सशक्तीकरण अधिकारी (DDEO) आवेदन, सहायक दस्तावेजों तथा योजना के अंतर्गत आवेदक की पात्रता का सत्यापन करता है।
  • सत्यापन के दौरान संबंधित अधिकारी यह सुनिश्चित करता है कि:
    • आवेदक उत्तर प्रदेश का स्थायी निवासी है।
    • आवेदक के पास मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) द्वारा जारी वैध दिव्यांगता प्रमाणपत्र है, जिसमें यह प्रमाणित हो कि दिव्यांगता कुष्ठ रोग के कारण हुई है।
    • आवेदक के परिवार की वार्षिक आय निर्धारित सीमा के भीतर है।
    • आवेदक किसी अन्य सरकारी पेंशन का लाभ प्राप्त नहीं कर रहा है।
  • सफल सत्यापन के बाद पात्र आवेदकों को योजना के अंतर्गत स्वीकृति प्रदान की जाती है तथा उनकी पेंशन स्वीकृत कर दी जाती है।
  • स्वीकृत पेंशन की राशि लोक वित्तीय प्रबंधन प्रणाली (PFMS) के माध्यम से प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) प्रणाली द्वारा सीधे लाभार्थी के पंजीकृत बैंक खाते में हस्तांतरित की जाती है।

महत्वपूर्ण शर्तें

योजना के लिए आवेदन करते समय आवेदकों को निम्नलिखित शर्तों का ध्यान रखना चाहिए:

  • यह योजना केवल उत्तर प्रदेश के स्थायी निवासियों के लिए उपलब्ध है, जो कुष्ठ रोग के कारण दिव्यांग हुए हैं।
  • आवेदक किसी अन्य सरकारी पेंशन का लाभ प्राप्त नहीं कर रहा होना चाहिए।
  • पात्रता के लिए मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) द्वारा जारी दिव्यांगता प्रमाणपत्र अनिवार्य है तथा दिव्यांगता का कोई न्यूनतम प्रतिशत निर्धारित नहीं किया गया है।
  • आवेदक के परिवार की वार्षिक आय ग्रामीण अथवा शहरी क्षेत्र के लिए निर्धारित सीमा के भीतर होनी चाहिए।
  • पेंशन की राशि केवल PFMS आधारित DBT प्रणाली के माध्यम से लाभार्थी के बैंक खाते में जमा की जाती है। इसलिए आवेदन करते समय सही बैंक खाते का विवरण देना आवश्यक है।

संबंधित लिंक

संपर्क विवरण

दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग उत्तर प्रदेश सरकार

  • टोल-फ्री हेल्पलाइन: 1800 180 1995

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

यह उत्तर प्रदेश सरकार के दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग द्वारा संचालित एक योजना है, जिसके अंतर्गत कुष्ठ रोग के कारण दिव्यांग हुए पात्र व्यक्तियों को हर महीने ₹3,000 पेंशन दी जाती है।
 

पात्र लाभार्थी को प्रति माह ₹3,000 की पेंशन दी जाती है, जो सीधे बैंक खाते में जमा होती है।
 

वे व्यक्ति जो कुष्ठ रोग के कारण दिव्यांग हुए हैं, उत्तर प्रदेश के स्थायी निवासी हैं, जिनके परिवार की वार्षिक आय निर्धारित सीमा के भीतर है, और जो किसी अन्य सरकारी पेंशन का लाभ नहीं ले रहे हैं।
 

नहीं। अधिकांश दिव्यांग पेंशन योजनाओं के विपरीत, इसमें दिव्यांगता के प्रतिशत की कोई शर्त नहीं है — बस मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) द्वारा जारी प्रमाणपत्र में यह प्रमाणित होना चाहिए कि दिव्यांगता कुष्ठ रोग के कारण हुई है।
 

नहीं, इस योजना में न्यूनतम या अधिकतम आयु सीमा निर्धारित नहीं है। किसी भी आयु का पात्र व्यक्ति आवेदन कर सकता है।
 

आधार कार्ड, CMO द्वारा जारी दिव्यांगता प्रमाणपत्र, आय प्रमाणपत्र, बैंक पासबुक, पासपोर्ट आकार का फोटो, आयु प्रमाण, मोबाइल नंबर और उपलब्ध हो तो UDID कार्ड। ग्रामीण क्षेत्र के आवेदकों को ग्राम सभा का प्रस्ताव भी देना होता है।
 

आवेदन राज्य सामाजिक पेंशन पोर्टल (SSPY-UP) के माध्यम से ऑनलाइन किया जाता है। "दिव्यांग एवं कुष्ठावस्था पेंशन" चुनकर आवेदन पत्र भरा जाता है, फिर आधार e-KYC पूरी करके फाइनल लॉक किया जाता है।
 

नहीं। ऑनलाइन आवेदन जमा करने के बाद फाइनल लॉक और आधार प्रमाणीकरण करना जरूरी है। इसके बाद आवेदन पत्र का प्रिंटआउट और सभी दस्तावेजों की स्व-प्रमाणित प्रतियां जिला दिव्यांगजन सशक्तीकरण कार्यालय में जमा करनी होती हैं।
 

जिला दिव्यांगजन सशक्तीकरण अधिकारी (DDEO) आवेदन और दस्तावेजों का सत्यापन करते हैं। स्वीकृति मिलने के बाद पेंशन की राशि लोक वित्तीय प्रबंधन प्रणाली (PFMS) के माध्यम से प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) द्वारा सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में भेजी जाती है।
 

दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग, उत्तर प्रदेश सरकार की टोल-फ्री हेल्पलाइन 1800 180 1995 पर संपर्क किया जा सकता है, या SSPY पोर्टल और विभाग की आधिकारिक वेबसाइट देखी जा सकती है।

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