उत्तर प्रदेश रूफटॉप गार्डनिंग योजना

author
द्वारा प्रस्तुत Minakshi on Mon, 10/08/2026 - 15:20
उत्तर प्रदेश CM
Scheme Open
उत्तर प्रदेश रूफटॉप गार्डनिंग योजना
हाइलाइट
  • उत्तर प्रदेश रूफटॉप गार्डनिंग योजना  के तहत पात्र शहरी निवासियों को ₹10,000 की बागवानी किट मिलती है, जिसमें ₹500 की रोपण सामग्री और ₹9,500 के बागवानी उपकरण व सामग्री शामिल हैं।
  • पहले चरण में योजना 7 जिलों में लागू है और प्रत्येक जिले में 500 लाभार्थियों का चयन किया जाएगा।
ग्राहक देखभाल फ़ोन नंबर
  • उद्यान विभाग, उत्तर प्रदेश सरकार, ईमेल: [email protected]
  • फोन: 05224044414, 2623277
योजना का सारांश
योजना का नामउत्तर प्रदेश रूफटॉप गार्डनिंग योजना
लाभ₹10,000 मूल्य की बागवानी किट
लाभार्थीकम से कम 100 वर्ग फुट खुली छत की जगह वाले पात्र शहरी निवासी।
कार्यान्वयन विभागउद्यान विभाग, उत्तर प्रदेश सरकार
सब्सक्रिप्शनयोजना से जुड़ी अपडेट पाने के लिए यहां सब्सक्राइब करें।
आवेदन का तरीकाऑनलाइन उत्तर प्रदेश उद्यान विभाग डीबीटी पोर्टल के माध्यम से

योजना परिचय: एक संक्षिप्त विवरण

उत्तर प्रदेश रूफटॉप गार्डनिंग योजना उद्यान विभाग, उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा शुरू की गई है। इसका उद्देश्य शहरों में रहने वाले परिवारों को अपनी खाली छत की जगह पर घर का बगीचा लगाने के लिए प्रोत्साहित करना है। इस योजना के तहत लोग अपनी छत पर सब्जियां, फल, जड़ी-बूटियां और दूसरे पौधे उगा सकते हैं। इससे परिवार को घर पर ही ताजी और साफ-सुथरी सब्जियां, फल व अन्य पौधों की उपज मिल सकती है और शहरों में हरियाली भी बढ़ेगी।

योजना के तहत पात्र लाभार्थियों को छत पर बगीचा लगाने और उसकी देखभाल करने के लिए ₹10,000 की बागवानी किट दी जाती है। इसमें ₹500 की रोपण सामग्री, जैसे बीज और पौधे शामिल हैं। बाकी ₹9,500 में बागवानी के जरूरी सामान दिए जाते हैं। इसमें अलग-अलग आकार के ग्रो बैग, पौधों पर पानी या दवा छिड़कने का स्प्रेयर, पानी देने का कैन, खुरपी, कोकोपीट, वर्मीकम्पोस्ट और नीम का तेल शामिल हैं। इस किट से लाभार्थी अपनी छत पर बागवानी शुरू करने के लिए जरूरी सामान प्राप्त कर सकते हैं।

फिलहाल यह योजना उत्तर प्रदेश के सात जिलों (लखनऊ, वाराणसी, गोरखपुर, गौतम बुद्ध नगर, गाज़ियाबाद, झांसी और बरेली) में लागू की जा रही है। पहले चरण में हर जिले से 500 लाभार्थियों का चयन किया जाएगा।

यह योजना इन जिलों के शहरी क्षेत्रों में रहने वाले पात्र लोगों के लिए है। आवेदन करने वाले व्यक्ति के पास बागवानी के लिए कम से कम 100 वर्ग फुट की खुली और बिना बाधा वाली छत या टैरेस होनी चाहिए। छत की जगह उपलब्ध होने की पुष्टि के लिए आवेदक को आवश्यक शपथ पत्र देना होगा और छत की जियोटैग की गई तस्वीर भी जमा करनी होगी।

योजना के लाभ

पात्र लाभार्थियों को छत पर बगीचा स्थापित करने और उसके रखरखाव के लिए ₹10,000 मूल्य की बागवानी किट मिलती है। इस किट में शामिल हैं:

घटक
राशि/विवरण
रोपण सामग्री
₹500
बागवानी उपकरण और सामग्री
₹9,500
कुल किट मूल्य
₹10,000
  • ₹500 की रोपण सामग्री घटक में बीज और पौधे जैसी वस्तुएं शामिल हैं।
  • शेष ₹9,500 आवश्यक बागवानी सामग्री को कवर करता है, जिसमें शामिल हैं:
    • आयताकार और गोलाकार एचडीपीई ग्रो बैग
    • स्प्रेयर
    • हजारा/पानी देने वाले कैन
    • खुरपी/हाथ की खुरपी
    • कोकोपीट
    • वर्मीकम्पोस्ट
    • नीम का तेल

रूफटॉप गार्डनिंग योजना में शामिल जिले

योजना का पहला चरण निम्नलिखित सात जिलों को कवर करता है:

  • लखनऊ
  • वाराणसी
  • गोरखपुर
  • गौतम बुद्ध नगर
  • गाज़ियाबाद
  • झांसी
  • बरेली

प्रत्येक भाग लेने वाला जिला 500 लाभार्थियों का चयन करेगा, जिससे सातों जिलों में प्रारंभिक जिलेवार लक्ष्य 3,500 लाभार्थी हो जाएगा।

पात्रता की शर्तें

  • यह योजना कार्यान्वयन जिलों के अंतर्गत आने वाले शहरी क्षेत्रों के निवासियों के लिए उपलब्ध है।
  • आवेदक के पास छत पर बागवानी के लिए कम से कम 100 वर्ग फुट खुली और बिना किसी बाधा वाली छत या टैरेस की जगह होनी चाहिए।
  • आवेदक को संबंधित नगर निगम सीमा के भीतर निवास प्रमाण देने में भी सक्षम होना चाहिए और योजना के तहत आवश्यक दस्तावेज़ जमा करने होंगे।

आवश्यक दस्तावेज़

आवेदन करने से पहले आवेदकों को निम्नलिखित दस्तावेज़ तैयार रखने चाहिए:

  • वैध फोटो पहचान प्रमाण जैसे आधार कार्ड, वोटर आईडी या अन्य स्वीकृत पहचान दस्तावेज़।
  • संबंधित नगर निगम सीमा के भीतर निवास प्रमाण।
  • कम से कम 100 वर्ग फुट खुली टैरेस जगह की उपलब्धता की पुष्टि करने वाला हस्ताक्षरित शपथ पत्र।
  • छत की जियोटैग की गई तस्वीर।

आवेदन कैसे करें

पात्र निवासी उत्तर प्रदेश उद्यान विभाग के आधिकारिक डीबीटी पोर्टल के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं।

किसान पंजीकरण

  • आपको पंजीकरण पृष्ठ पर पुनर्निर्देशित किया जाएगा।

पंजीकरण पृष्ठ

  • अपना जिला चुनें और आधार कार्ड के अनुसार अपना नाम, मोबाइल नंबर और आधार नंबर दर्ज करें। पासवर्ड बनाएं और उसकी पुष्टि करें।
  • "Send OTP" पर क्लिक करें और सत्यापन पूरा करने के लिए अपने मोबाइल नंबर पर प्राप्त ओटीपी दर्ज करें।
  • पोर्टल पर मांगे गए विवरण देकर और दस्तावेज़ अपलोड करके पंजीकरण पूरा करें।
  • पंजीकरण के बाद, अपने पंजीकृत विवरण और पासवर्ड का उपयोग करके पोर्टल पर लॉगिन करें।
  • डैशबोर्ड से, "योजना के लिए आवेदन करें (डीबीटी)" पर क्लिक करें और रूफटॉप गार्डनिंग योजना चुनें।
  • रूफटॉप गार्डनिंग योजना का चयन करें

रूफटॉप गार्डनिंग योजना का आवेदन फॉर्म

  • आवश्यक विवरण भरें और आवश्यकतानुसार पहचान प्रमाण, निवास प्रमाण, 100 वर्ग फुट छत की जगह के लिए शपथ पत्र और जियोटैग की गई छत की तस्वीर सहित योजना दस्तावेज़ अपलोड करें।
  • सभी विवरणों की सावधानीपूर्वक जांच करें और आवेदन ऑनलाइन जमा करें। भविष्य के संदर्भ के लिए आवेदन या पावती संख्या सहेज लें।

चूंकि चयन पहले आओ, पहले पाओ के आधार पर होता है, इसलिए जितनी जल्दी हो सके आवेदन करें। चयन पात्रता शर्तों को पूरा करने और उपलब्ध लाभार्थी सीमा पर भी निर्भर करेगा।

चयन प्रक्रिया और जरूरी शर्तें

  • योजना में लाभार्थियों का चयन पहले आओ, पहले पाओ के आधार पर किया जाता है।
  • आवेदन तभी मान्य होगा जब आवेदक योजना की सभी पात्रता शर्तें पूरी करता हो।
  • आवेदक के पास कम से कम 100 वर्ग फुट की खुली छत होनी चाहिए और इसके प्रमाण के लिए शपथ पत्र व जियोटैग वाली छत की फोटो देनी होगी।
  • पहले चरण में योजना लखनऊ, वाराणसी, गोरखपुर, गौतम बुद्ध नगर, गाज़ियाबाद, झांसी और बरेली में लागू है।
  • प्रत्येक जिले के लिए 500 लाभार्थियों का लक्ष्य तय किया गया है, इसलिए पात्र आवेदकों को आवेदन शुरू होने के बाद समय पर अपना आवेदन जमा करना चाहिए।

संबंधित लिंक

संपर्क जानकारी

उद्यान विभाग, उत्तर प्रदेश सरकार

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

यह उद्यान विभाग, उत्तर प्रदेश सरकार की योजना है, जिसके तहत शहरी निवासियों को घर की छत पर बागवानी करने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है।

पात्र लाभार्थियों को ₹10,000 मूल्य की बागवानी किट दी जाती है।

किट में ₹500 की रोपण सामग्री तथा ₹9,500 के बागवानी उपकरण और सामग्री शामिल हैं। इसमें ग्रो बैग, स्प्रेयर, हजारा, खुरपी, कोकोपीट, वर्मीकम्पोस्ट और नीम का तेल आदि शामिल हैं।

आवेदक के पास कम से कम 100 वर्ग फुट खुली और बिना बाधा वाली छत या टैरेस की जगह होनी चाहिए।

पहले चरण में लखनऊ, वाराणसी, गोरखपुर, गौतम बुद्ध नगर, गाज़ियाबाद, झांसी और बरेली शामिल हैं।

प्रत्येक जिले में 500 लाभार्थियों का चयन किया जाएगा।

चयन पहले आओ, पहले पाओ के आधार पर किया जाएगा। इसके साथ आवेदक को योजना की पात्रता शर्तें भी पूरी करनी होंगी।

आवेदन उत्तर प्रदेश उद्यान विभाग के डीबीटी पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन किया जा सकता है।

आवेदक को पहचान प्रमाण, संबंधित नगर निगम सीमा का निवास प्रमाण, 100 वर्ग फुट खुली छत की उपलब्धता का हस्ताक्षरित शपथ पत्र और छत की जियोटैग की गई तस्वीर देनी होगी।

हां। नए उपयोगकर्ता को पोर्टल पर “किसान पंजीकरण” के माध्यम से पंजीकरण करना होगा। पहले से पंजीकृत आवेदक सीधे लॉगिन करके योजना के लिए आवेदन कर सकते हैं।

अगर योजनाओं के बारे में आपका कोई सवाल है, तो उसे योजना के फोरम में सबमिट करें और जवाब पाएँ:

बेझिझक लिंक पर क्लिक करें और चर्चा में शामिल हों!

यह फोरम निम्न कामों के लिए एक बेहतरीन जगह है:

  • सवाल पूछें: अगर आपके मन में योजना से जुड़ा कोई सवाल है या आप इस विषय के किसी पहलू के बारे में और जानकारी चाहते हैं।
  • योजना से जुडी अपनी बातें साझा करें: अपनी जानकारी और अनुभव शेयर करें।
  • दूसरों से जुड़ें: कम्युनिटी से जुड़ें और दूसरों से सीखें।

हम आपको इस फ़ोरम में सक्रिय रूप से भाग लेने और इस बेहतरीन रिसोर्स का पूरा फ़ायदा उठाने के लिए प्रोत्साहित करते है।

नई टिप्पणी जोड़ें

सादा टेक्स्ट

  • No HTML tags allowed.
  • लाइन और पैराग्राफ स्वतः भंजन